गौचर-कर्णप्रयाग-चमोली में पार्किंग परियोजनाओं का सचिव आवास ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर चारधाम यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में आवास विभाग के सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने जनपद चमोली के गौचर, कर्णप्रयाग और चमोली में निर्माणाधीन तथा प्रस्तावित पार्किंग परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता के अनुरूप चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

*गौचर में पार्किंग निर्माण पूरा, संचालन जल्द*
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सचिव डॉ आर राजेश कुमार को बताया कि गौचर में पार्किंग का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इस पार्किंग की वाहन क्षमता 27 वाहनों की है और इसका निर्माण उत्तराखंड पेयजल एवं निर्माण निगम द्वारा कराया गया है। सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पार्किंग को जल्द से जल्द संचालन के लिए तैयार किया जाए ताकि स्थानीय लोगों और यात्रियों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान ऐसे छोटे लेकिन महत्वपूर्ण पार्किंग स्थल यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

*नंदा राजजात यात्रा से पहले कर्णप्रयाग पार्किंग पूरी करने के निर्देश*
इसके बाद सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कर्णप्रयाग में निर्माणाधीन पार्किंग परियोजना का निरीक्षण किया। इस पार्किंग का निर्माण जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, चमोली द्वारा कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने निर्माण कार्यों की गति तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि आगामी नंदा राजजात यात्रा से पहले इस पार्किंग का निर्माण हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और उस समय यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था बेहद जरूरी है।

*चमोली में दो नई पार्किंग से मिलेगी राहत*
इसी क्रम में सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने चमोली में टैक्सी स्टैंड के समीप स्थित पार्किंग और खड्ड साइड स्थित पार्किंग स्थल का भी निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि टैक्सी स्टैंड के पास बनने वाली पार्किंग की क्षमता 21 वाहनों की है, जबकि खड्ड साइड स्थित पार्किंग की क्षमता 82 वाहनों की होगी। इन दोनों पार्किंग स्थलों का निर्माण ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है। सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए ताकि आगामी चारधाम यात्रा से पहले इन पार्किंग स्थलों को श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के लिए संचालित किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने चारधाम यात्रा मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाए जहां अक्सर जाम की समस्या उत्पन्न होती है। उन स्थानों के समीप उपयुक्त भूमि का चयन कर नई पार्किंग विकसित की जाए ताकि भविष्य में चारधाम यात्रा मार्ग पर लगने वाले जाम की समस्या का प्रभावी समाधान किया जा सके।

*आवास सचिव डॉ आर राजेश कुमार का बयान*
आवास सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में चारधाम यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं, ऐसे में पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था बेहद जरूरी हो जाती है। डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि गौचर, कर्णप्रयाग और चमोली में विकसित की जा रही पार्किंग परियोजनाएं स्थानीय यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आगामी चारधाम यात्रा और नंदा राजजात जैसे बड़े आयोजनों के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम मार्ग पर ऐसे स्थानों की पहचान की जाए जहां जाम की समस्या अधिक रहती है और वहां नई पार्किंग विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। इससे भविष्य में यातायात प्रबंधन को और अधिक सुगम बनाया जा सकेगा।

सीएम ने कन्याओं के साथ मनाया फूलदेई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में सपरिवार लोकपर्व फूलदेई मनाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को फूलदेई की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री आवास में लोकपर्व फूलदेई, हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। पारंपरिक परिधान पहनकर आए बच्चों ने घर की देहरी पर फूल व चावल अर्पित किए और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। बच्चों ने “फूल देई-छम्मा देई, जतुके दियाला- उतुके सई” जैसे लोकगीत गाए। मुख्यमंत्री ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें उपहार भेंट किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकपर्व फूलदेई राज्य की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति सम्मान के भाव को बनाए रखने का त्योहार है। उन्होंने कहा यह त्योहार बसंत ऋतु के आगमन के साथ प्रकृति की सुंदरता और जीवन में नई ऊर्जा का संदेश देता है। यह त्योहार दर्शाता है कि जीवन में हमेशा प्रकृति का आभार व्यक्त करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा हमने अपने लोक त्योहारों को धूमधाम से मनाना चाहिए जिससे कि यह त्यौहार आने वाली पीढ़ी तक पहुंचे और हमारी लोक संस्कृति हमेशा अमर रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, बसंत के स्वागत और हमारी लोकसंस्कृति के संरक्षण का संदेश देने वाला फूलदेई पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और आने वाली पीढ़ियों को इन अमूल्य परंपराओं से परिचित कराने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी भी मौजूद रहीं।

उत्तराखंड के किसानों की फसल बचाने को केंद्र से मिले 25 करोड़

जंगली जानवरों से किसानों की फसल बचाने के लिए राज्य सरकार के प्रयास रंग लाए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बातचीत के बाद घेर-बाड़ योजना के लिए केंद्रीय मदद एक बार फिर से मिलनी शुरू हो गई है। इस क्रम में केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 25 करोड़ रूपये की सहायता उत्तराखंड के लिए मंजूर की है।

उत्तराखंड में जंगली जानवरों से किसानों की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। इसकी रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने घेर बाड़ योजना शुरू की है। तीन वर्ष पहले तक राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर आर्थिक सहयोग किया जा रहा था। मगर बाद में केंद्रीय सहायता बंद हो गई। किसानों की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला योजना से घेर बाड़ के लिए मदद उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस योजना में केंद्रीय मदद प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत थे।

विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को कृषि मंत्री गणेश जोशी ने घेर बाड़ योजना के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय से 25 करोड़ की स्वीकृति मिलने की जानकारी सदन में दी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों गौचर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने सरकार ने इस विषय को रखा था। अब इस संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर 25 करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस संबंध में मंत्रालय का पत्र विभाग को प्राप्त हो गया है।

*तीन वर्षों में 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर बाड़*
राज्य सरकार ने सदन में जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में जिला योजना से 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर बाड़ कराई गई है। इस क्रम में 44 हजार 429 किसान लाभान्वित हुए हैं। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में संवेदनशीलता दिखाई है। इस बार के बजट में घेर बाड़ योजना के लिए दस करोड़ का प्रावधान किया गया है।

योग महोत्सव में पहुंचे सीएम ने योग को बताया विश्व शांति और आत्मिक संतुलन का सार्वभौमिक विज्ञान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज योग नगरी ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में आयोजित 38वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से पधारे योग साधकों, योगाचार्यों एवं महानुभावों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत एवं अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनका परम सौभाग्य है कि उन्हें इस भव्य अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ गंगा की दिव्य आरती में सहभागी बनना तथा विश्वकल्याण हेतु आयोजित पवित्र यज्ञ में आहुति अर्पित करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की पुण्य भूमि से निकली प्राचीन और महान विधा है, जिसे आज विश्वभर के करोड़ों लोग अपने जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाला सार्वभौमिक विज्ञान है, जो आत्मिक शांति प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि आज जब विश्व तनाव, अवसाद और जीवनशैली जनित रोगों से जूझ रहा है, ऐसे समय में योग एक “नेचुरल हीलिंग सिस्टम” के रूप में आत्मिक शांति और संतुलन प्रदान कर रहा है। योगासन और प्राणायाम के माध्यम से शरीर और मन को तनावमुक्त किया जा सकता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता और एकाग्रता में वृद्धि होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने जाति, भाषा, धर्म और भूगोल की सीमाओं को पार कर मानव समाज को जोड़ने का कार्य किया है तथा “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के संदेश को विश्वभर में पहुंचाया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र में रखा गया, जिसके परिणामस्वरूप आज 180 से अधिक देशों में योग का व्यापक अभ्यास हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योग और अध्यात्म की भूमि भी है। राज्य की नैसर्गिक सुंदरता और शुद्ध वातावरण योग साधना के लिए अत्यंत अनुकूल है। इसी दृष्टि से राज्य सरकार ने उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी बनाने हेतु देश की पहली “योग नीति 2025” लागू की है।

उन्होंने बताया कि योग एवं ध्यान केंद्र विकसित करने के लिए 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा शोध कार्यों के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। साथ ही पाँच नए योग हब स्थापित किए जा रहे हैं तथा सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष वेलनेस सेंटर एवं नेचुरोपैथी केंद्रों को भी निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित हैं तथा प्रत्येक जनपद में 50 एवं 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा आयुष परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘उत्तराखंड आयुष नीति’ के माध्यम से औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध एवं औषधीय पौधों के संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडलों में एक-एक ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’ की स्थापना हेतु बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस महोत्सव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित योगाचार्य अपने ज्ञान एवं अनुभव साझा कर रहे हैं तथा हठ योग, राज योग, कर्म योग एवं भक्ति योग के साथ ध्यान, प्राणायाम एवं प्राकृतिक चिकित्सा संबंधी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि परमार्थ निकेतन पिछले 80 वर्षों से भारतीय संस्कृति, योग और अध्यात्म के माध्यम से विश्व को जोड़ने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में यह महोत्सव योग, प्राणायाम और आध्यात्म के माध्यम से मानवता को शांति एवं सद्भाव के मार्ग पर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन से स्वामी चिदानन्द सरस्वती एवं साध्वी भगवती सरस्वती, गायक कैलाश खेर, विभिन्न देशों से आए योगाचार्य, योग प्रशिक्षक तथा पर्यटक उपस्थित रहे।

सदन में सीएम ने की घोषणा, अल्मोड़ा में खुलेगा लेंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर

विदेशी भाषाएं सीखकर विभिन्न देशों में नौकरी करने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत वर्तमान में सिर्फ एक सेंटर है। यह सेंटर वर्ष 2023 से देहरादून में संचालित है। अल्मोड़ा में सेंटर खुलने के बाद इस तरह के सेंटरों की प्रदेश में संख्या दो हो जाएगी।

राज्य सरकार ने वर्ष 2023 से मुख्यमंत्री कौशल उन्ययन एवं वैश्विक रोजगार योजना को शुरू किया है। इसके अंतर्गत देहरादून में पहला लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोला गया है, जिसमें विभिन्न भाषाओं का बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और यहीं से उनकी नौकरी की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि इन सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए। ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इसका लाभ मिल सके। शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सरकार की ओर से अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की।

*बच्चों की ट्रेनिंग पर सीएम गंभीर, बजट बढ़ाया*
इस योजना में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को लाभ पहुंचाने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काफी गंभीर है। यही वजह है कि इस योजना में ट्रेनिंग का जो बजट सिर्फ 75 लाख रूपये का था, उसे इस बार 3.3 करोड़ रूपये कर दिया गया है। कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच के चलते अब और ज्यादा बच्चों को ट्रेनिंग का लाभ मिल पाएगा।

कौशल विकासः व्यवस्था और अवसर

147
बच्चों को अभी तक दिया गया विदेशी भाषा का प्रशिक्षण
92
बच्चों की विभिन्न देशों में अभी तक लग चुकी है नौकरी
08
से 10 माह का बच्चों को दिया जाता है सेंटर में प्रशिक्षण
16
अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से दिया जा रहा है प्रशिक्षण
10
और बच्चों के लिए सऊदी अरब में है नौकरी का प्र्रस्ताव

*सऊदी अरब में सेवारत 30 बच्चे सुरक्षित*
पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात के बीच राज्य सरकार उन लोगों की भी पूरी चिंता कर रही है, जिन्हें इस योजना के माध्यम से विदेशों में नौकरी मिली है। सदन में कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि सऊदी अरब में सेवारत लोगों से बात हुई है और वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

शाबासी: उत्तराखंड को मिली वित्तीय प्रबंधन पर सराहना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में कहा कि उत्तराखण्ड को हाल के वर्षों में वित्तीय प्रबंधन, राजकोषीय अनुशासन तथा सुशासन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी वित्तीय नीतियों, संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टि के साथ किए गए कार्यों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

भराङीसैण (गैरसैण) में विधानसभा सत्र में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में नीति आयोग द्वारा प्रकाशित फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 (रिपोर्ट 2023-24) में उत्तराखण्ड के वित्तीय प्रबंधन की सराहना की गई है। इस रिपोर्ट में उत्तराखण्ड को उत्तर-पूर्वी एवं हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि राज्य की राजस्व वृद्धि, व्यय की गुणवत्ता में सुधार, घाटा प्रबंधन तथा ऋण प्रबंधन में अपनाई गई सुदृढ़ नीतियों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय अनुशासन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड ने निरंतर बेहतर प्रदर्शन किया है। अरुण जेटली फाइनेंशियल मैनेजमेंट रिपोर्ट में भी उत्तराखण्ड को विशेष दर्जा प्राप्त हिमालयी राज्यों में अरुणाचल प्रदेश के बाद दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, जो राज्य की मजबूत वित्तीय व्यवस्था और उत्तरदायी शासन प्रणाली को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि Comptroller and Auditor General of India (महालेखाकार) से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड सरकार ने Fiscal Responsibility and Budget Management Act (FRBM) में निर्धारित मानकों का पूर्णतः पालन किया है। राज्य ने राजस्व अधिशेष (Revenue Surplus) की स्थिति को बनाए रखा है तथा राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) भी सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की निर्धारित सीमा के भीतर रखा गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाते हुए विकास की गति को तेज करना है। इसके लिए सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ बुनियादी ढांचे, सामाजिक क्षेत्र तथा रोजगार सृजन से जुड़े क्षेत्रों में संतुलित निवेश कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए उत्तराखण्ड को आर्थिक रूप से सुदृढ़, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

सीएम धामी के निर्देश पर इकबालपुर चौकी के सभी पुलिसकर्मी निलंबित

राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। अवैध खनन से संबंधित एक ऑडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हरिद्वार जनपद की इकबालपुर पुलिस चौकी में तैनात पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इकबालपुर क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा तत्काल निर्णय लेते हुए चौकी प्रभारी सहित पूरी चौकी के छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है तथा मामले की विस्तृत जांच एसपी देहात को सौंप दी गई है।

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान (चौकी प्रभारी इकबालपुर), हेड कांस्टेबल विरेन्द्र शर्मा, हेड कांस्टेबल हरेन्द्र, कांस्टेबल विपिन कुमार, कांस्टेबल देवेश सिंह तथा कांस्टेबल प्रदीप शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि राज्य में अवैध खनन, भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, यदि वही अपने कर्तव्यों में लापरवाही या अनुचित गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

हर माह एक सप्ताह का मिलावटी के खिलाफ विशेष अभियान चलेगा, स्टाफ की कमी भी होगी दूर

जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर धामी सरकार का शिकंजा अब और कसेगा। त्योहारों के समय ही नहीं, बल्कि हर माह में एक सप्ताह खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलेगा। इसके अलावा, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशाासन विभाग में स्टाफ की कमी को भी दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कतई बख्शा न जाए।

*हर महीने अभियान, हाट-मेलों पर खास ध्यान*
विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को सरकार ने साफ किया कि खाद्य पदार्थों की जांच का काम तेजी से चल रहा है। इसकी गति और तेज की जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि हाट-मेलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को खास तौर पर चेक किया जाएगा।

*खाद्य पदार्थों की जांच-दो वर्ष का हिसाब*

वर्ष 2023-24
-इस वर्ष में खाद्य पदार्थों के कुल 1627 नमूने लिए गए, जिसमें से 171 फेल हुए। इसके आधार पर 171 वाद पंजीकृत कराए गए।
वर्ष 2024-25
-इस वर्ष में खाद्य पदार्थों के 1684 नमूने लिए गए, जिसमें से 159 फेल हुए। इस आधार पर 159 वाद दायर किए गए।

प्रदेश में वर्तमान में 28 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कमी है। इन पदों पर नियुक्ति के लिए सरकार ने लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा है। सरकार का कहना है कि आयोग से भर्ती प्रक्रिया में यदि देर होती है, तो प्रतिनियुक्ति के जरिये भी इन पदों को भरने का प्रयास किया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के खाली पदों को जल्द से जल्द भरने के लिए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि देहरादून में टेस्टिंग लैब का कार्य 31 मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा।

एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर अब सीधे जेल, डीएम दून ने दिए निर्देश

जिलाधिकारी सविन बसंल ने ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेट में जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के संबंध में आयल कंपनियों के पदाधिकारियों एवं गैस एजेंसी के संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में घरेलू एवं व्यवसायिक गैस आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला पूर्ति अधिकारी प्रतिदिन आपदा कन्ट्रोलरूम में आयल कम्पनियों के प्रतिनिधियों सहित प्रतिदिन 1 घंटा बैठकर वितरण/स्टॉक बैकलॉग की सूचना तथा एलपीजी गैस सम्बन्धी प्राप्त शिकायतों का निस्तारण करेंगे।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एलपीजी गैस वितरण में प्रथम प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाए, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि घरेलू गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी ओटीपी आधारित प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। साथ ही निर्देशित किया कि आनलाईन साफ्टवेयर पर बुकिंग में व्यवधान आने पर गैस एजेंसी अपना सम्पर्क नम्बर तथा एजेंसी में मैन्यूवल बुकिंग करना सुनिश्चित करेंगे। एजेंसी संचालकों द्वारा बताया गया कि एक बार बुकिंग होने पर अगली बुकिंग 25 दिन के उपरान्त ही होगी। इसपर जिलाधिकारी ने कम्पनिंयों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं को बल्क एसएमएस के माध्यम से तथा एजेसियों पर सूचना हेतु जागरूकता फ्लैक्सी चस्पा करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में प्राकृतिक गैस/एलपीजी सिलेंडर से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या, सूचना अथवा शिकायत के त्वरित समाधान हेतु आपदा कन्ट्रोरूम में नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है। नागरिकों की सुविधा तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के उद्देश्य से यह कंट्रोल रूम सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। यदि किसी नागरिक को प्राकृतिक गैस या एलपीजी सिलेंडर से संबंधित कोई समस्या, सूचना अथवा शिकायत दर्ज करानी हो तो वह कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 1077, 0135-2626066 एवं 0135-2726066 एवं वाट्सएप्प नम्बर 7534826066 पर संपर्क कर सकता है। प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा अनावश्यक रूप से चिंतित न हों। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है तथा ईंधन का समझदारी से प्रयोग करें। जिला प्रशासन स्थिति पर निरंतर निगरानी बनाए हुए है। 72 के 72 गैस एजेंसियों के गोदाम अब जिला प्रशासन के रडार पर हैं।

जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारियों संग अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत अवस्थित गैस एजेंसियों का रेंडमली स्टॉक, वितरण, बैकलॉग की जांच करेंगे। एजेसियों पर गैस वितरण में अनियमितता एवं अवैध संग्रहण एवं बाहरी लोगों की संलिप्तता, अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर सम्बन्धित गैस एजेंसियों को सील करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए सभी उप जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत होटल, व्यवसायिक संस्थानों के साथ बैठक कर लें। साथ ही निर्देशित किया कि घरेलू गैस का व्यवसायिक उपयोग पाए जाने पर जब्तीकरण की कार्यवाही करते हुए सम्बन्धित के विरूद्ध सख्त एक्शन लिया जाए।

उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों तथा जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए नियमित छापेमारी अभियान चलाया जाए। यदि कहीं भी घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाया जाता है तो संबंधित सिलेंडर तत्काल जब्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा बीएनएस के अंतर्गत निर्धारित प्राविधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि व्यवसायिक गैस सिलेंडरों के वितरण में चिकित्सालयों तथा छात्रावासों को प्राथमिकता प्रदान की जाए, ताकि आवश्यक सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। साथ ही गैस आपूर्ति कंपनियों को निर्देश दिए गए कि जनपद की गैस एजेंसियों को मांग के अनुरूप समय पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद में वर्तमान में कुल 72 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनके माध्यम से लगभग 7.81 लाख घरेलू उपभोक्ताओं तथा 19,624 व्यवसायिक उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति की जाती है। जनपद में गैस की आपूर्ति एचपीसीएल को भगवानपुर, बीपीसीएल को लंढौरा तथा इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन को बादराबाद एवं लोनी गाजियाबाद से की जाती है।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, नगर मजिस्टेªट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन, इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन लि0, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड तथा गैस एजेंसी एसोसिएशन के अध्यक्ष चमनलाल सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में अभी तक 21 हजार से ज्यादा बच्चों को मिल चुका है छात्रवृत्ति योजना का लाभ

प्रदेश के मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए धामी सरकार संवेदनशीलता से काम कर रही है। यही वजह है कि अभी तक प्रदेश के 21 हजार 743 बच्चों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। इसमें मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना में सबसे ज्यादा 17 हजार 852 मेधावी बच्चे लाभान्वित हुए हैं। धामी सरकार ने समस्त छात्रवृत्ति योजनाओं के पात्र मेधावी बच्चों में अभी तक 17 करोड़ 67 लाख 77 हजार तीन सौ की धनराशि वितरित की है।

प्रदेश में मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के साथ ही डॉ शिवानंद नौटियाल स्मृति छात्रवृत्ति योजना, श्रीदेव सुमन राज्य योग्यता छात्रवृत्ति योजना, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कोर छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है। इसके अलावा, प्रदेश से बाहर के सैनिक स्कूल में पढ़ रहे मेधावी छात्रों को भी धामी सरकार छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान कर रही है।
विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने सदन में बताया कि मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना में छह से 12 वीं तक के मेधावी बच्चों को 600 से लेकर 1200 रूपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। श्रीदेव सुमन राज्य योग्यता छात्रवृत्ति योजना में अभी तक 3289 मेधावी बच्चें लाभान्वित हुए हैं, जबकि डॉ शिवानंद नौटियाल स्मृति छात्रवृत्ति योजना में अभी तक 527 बच्चों को छात्रवृत्ति मिली हैं।