सांस अभियान का हुआ शुभारंभ, हर बच्चे की सेहत से जुड़ा है अभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के अंतर्गत संचालित ‘सांस अभियान 2025 व 26’ का राज्य स्तरीय शुभारंभ विश्व निमोनिया दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) डोईवाला, देहरादून में किया गया। यह कार्यक्रम बाल स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को निमोनिया से बचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अनुराधा पाल (आईएएस), कार्यवाहक मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रहीं। उनके साथ मंच पर डॉ. आर. सी. पंत (निदेशक, डीजी हेल्थ सर्विसेज), डॉ. रश्मि पंत (निदेशक, एनएचएम), डॉ. मनोज शर्मा (मुख्य चिकित्साधिकारी, देहरादून) और डॉ. के. एस. भंडारी (सीएमएस, सीएचसी डोईवाला) उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में सांस अभियान के शुभारंभ पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड के किसी भी बच्चे की जान ऐसी बीमारियों से न जाए जिन्हें रोका जा सकता है। निमोनिया से बचाव के लिए जागरूकता, समय पर पहचान और उपचार ही सबसे प्रभावी उपाय हैं। हमारी सरकार हर माँ-बाप को यह भरोसा दिलाती है कि बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में किसी भी संसाधन की कमी नहीं रहने दी जाएगी। हर बच्चे की सुरक्षित सांस ही सशक्त उत्तराखंड का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत-सशक्त भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार सुधार के प्रयास कर रही है।

जागरूकता ही सबसे प्रभावी टीका
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यवाहक मिशन निदेशक अनुराधा पाल के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि “निमोनिया से हर वर्ष हजारों बच्चों की जान जाती है, जबकि यह बीमारी समय पर पहचान और उपचार से पूरी तरह रोकी जा सकती है।” उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों का समय पर टीकाकरण कराएं और किसी भी लक्षण की स्थिति में चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें। डॉ. रश्मि पंत, निदेशक, एनएचएम ने कहा कि “शिशु देखभाल की सही जानकारी ही निमोनिया से सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।” उन्होंने माताओं को केवल स्तनपान कराने, समय पर पूरक आहार देने, स्वच्छता बनाए रखने और पीसीवी टीकाकरण की अनिवार्यता पर बल दिया। अभियान के तहत कार्यक्रम में उपस्थित पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को पोषण किट वितरित की गईं, जिससे उनकी प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ सके और समग्र विकास सुनिश्चित हो।

“हर स्तर पर जागरूकता से ही बदलेगी तस्वीर”- डॉ. आर. राजेश कुमार
राज्य के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि बाल स्वास्थ्य को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। निमोनिया जैसी बीमारियों से बच्चों की सुरक्षा के लिए सांस अभियान एक जन-आंदोलन की तरह चलाया जा रहा है। आशा, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित कर घर-घर तक संदेश पहुँचाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि अगले एक वर्ष में पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में निमोनिया से मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सभी ज़िले अपने-अपने स्तर पर इस अभियान को जनसहभागिता के साथ क्रियान्वित करेंगे ताकि हर बच्चे को समय पर उपचार और सुरक्षा मिल सके।

सामुदायिक सहभागिता से बाल स्वास्थ्य की दिशा में सशक्त कदम
डॉ. आर. सी. पंत (निदेशक, डीजी हेल्थ सर्विसेज) ने कहा कि निमोनिया की रोकथाम में समुदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले में इस अभियान के माध्यम से जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। डॉ. त्रिप्ती बहुगुणा, सलाहकार, राज्य स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केन्द्र (एसएचएसआरसी) ने कहा कि निमोनिया से लड़ाई केवल चिकित्सा क्षेत्र की नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने आशा, एएनएम और माता-पिता की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया। डॉ. मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी, देहरादून ने कहा कि निमोनिया जैसी बीमारियों से निपटने के लिए प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाया जा रहा है। इस अवसर पर डॉ. उमा रावत (सहायक निदेशक, बाल स्वास्थ्य), आईईसी टीम, बाल स्वास्थ्य प्रकोष्ठ, सीएचसी डोईवाला के चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

हर घर तक पहुँचेगी ‘सांस’ की सुरक्षा
कार्यक्रम के समापन पर यह घोषणा की गई कि सांस अभियान 2025-26 को 12 नवम्बर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक पूरे राज्य में संचालित किया जाएगा। इस अवधि में प्रत्येक जिले में निमोनिया से बचाव हेतु विशेष जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, घर-घर आशा और एएनएम का भ्रमण, बच्चों में खतरे के लक्षणों की पहचान और सक्रिय मामलों की खोज जैसी गतिविधियाँ की जाएंगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में निमोनिया से होने वाली मृत्यु दर को कम करना है। इसके चार प्रमुख स्तंभ हैं जागरूकता, शीघ्र पहचान, समय पर उपचार और टीकाकरण।

हर सांस की सुरक्षा, हर बच्चे का अधिकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह संकल्प दोहराया है कि उत्तराखंड का कोई भी बच्चा निमोनिया जैसी रोकी जा सकने वाली बीमारी से अपनी सांसें न खोए। सांस अभियान 2025-26 केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी की दिशा में उठाया गया सशक्त कदम है ताकि हर बच्चे की सांसें सुरक्षित रहें और उत्तराखंड स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़े।

मुख्यमंत्री ने स्नेह राणा को दी बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की गौरव, क्रिकेटर स्नेह राणा ने शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने स्नेह राणा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शानदार जीत पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे देश और उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि स्नेह राणा ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और संघर्षशीलता से देश और प्रदेश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नेह राणा जैसी खिलाड़ी उत्तराखंड की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। खेल नीति के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, नौकरी और आर्थिक सहायता जैसी सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।

स्नेह राणा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से खिलाड़ियों को जो सहयोग मिल रहा है, उससे राज्य में खेलों का वातावरण और अधिक सशक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी।

मुख्यमंत्री धामी ने स्नेह राणा को आगे की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी यह उपलब्धि उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के लिए एक नया प्रेरक अध्याय है।

वर्चुअल रजिस्ट्री के पंजीकरण से समय की बचत होगीः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में परिसंपत्तियों यथा भूमि के क्रय-विक्रय का वर्चुअल रजिस्ट्रेशन करने के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों से वर्चुअल रजिस्ट्रेशन के कार्यों की प्रगति का स्टेटस लेते हुए निर्धारित टाइमलाइन में इसका क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि भूमि के क्रय-विक्रय का वर्चुअल रजिस्ट्रेशन पूर्ण करने के लिए सभी संबंधित हितधारकों से समन्वय स्थापित किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित एप्लीकेशन/पोर्टल में इस तरह का प्रावधान किया जाए कि भूमि के क्रय – विक्रय से संबंधित जितने भी दस्तावेज विभिन्न हितधारकों, विभागों, निकायों और एजेंसियों के बीच शेयर करने होते हैं वे सभी दस्तावेज ऑटो मोड पर और पेपरलेस प्रक्रिया से त्वरित गति से शेयर हो जाए।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तैयार होने से भूमि के क्रय- विक्रय में पारदर्शिता आएगी, विभिन्न विभागों, निकायों, एजेंसियों और हितधारकों के मध्य भूमि का एक जैसा और सही रिकॉर्ड साझा हो सकेगा तथा इससे भूमि के क्रय- विक्रय से जुड़े विवादों में भी कमी आएगी।

इस दौरान अधिकारियों ने अवगत कराया कि संबंधित एप्लीकेशन बन चुकी है तथा इस संबंध में आज प्राप्त हुए मार्गदर्शन के अनुसार इसका थोड़ा मॉडिफिकेशन किया जाएगा। उसके पश्चात इसके इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए टेंडरिंग प्रोसेस प्रारंभ की जाएगी।

अवगत कराया कि इस एप्लीकेशन /पोर्टल में भूमि के क्रय-विक्रय के संबंध में तीन तरह के विकल्प उपलब्ध रहेंगे।

पहले विकल्प के तहत भौतिक रूप से दस्तावेज सहित रजिस्ट्रेशन के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थित होना होगा। दूसरे विकल्प के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कार्यालय में बिना किसी दस्तावेज़ के (पेपरलेस) उपस्थित होकर रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा।

तीसरे विकल्प के अंतर्गत बिना किसी मीडिएटर के वर्चुअल (ऑनलाइन) माध्यम से भूमि की रजिस्ट्री की जा सकेगी।

कहा कि इस परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में लागू करने के प्रयास किए जाएंगे।

इस दौरान बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव सोनीका व आलोक कुमार पांडेय, सहायक महानिरीक्षक निबंधक अतुल शर्मा, उपसचिव सुनील सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मध्य क्षेत्रीय परिषद समिति की आगामी बैठक में प्रस्तुत करने हेतु एजेंडे को तत्काल तैयार करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आगामी मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्य की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले बिंदुओं का एजेंडा तैयार करने के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने ऐसे सभी विभागों जिनका अभी तक मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थाई समिति में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रकरणों का एजेंडा अप्राप्त हैं को निर्देशित किया कि राज्य की ओर से विभागों द्वारा मध्य क्षेत्रीय परिषद समिति की आगामी बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले एजेंडे को तत्काल तैयार कर प्रस्तुत करें।

उन्होंने निर्देशित किया कि एजेंडे में उन सभी पक्षों का स्पष्ट और संक्षिप्त विवरण हो जिसमें भारत सरकार से जिस स्तर का सहयोग अथवा संशोधन अपेक्षित हो।

मुख्य सचिव ने समाज कल्याण विभाग को जौनसारी/जेनसारी शब्द विषयक प्रकरण के संबंध में निर्देश दिए कि उक्त प्रकरण को अनुसूचित जनजाति मंत्रालय को उनके पोर्टल में शब्द की स्पेलिंग को संशोधन करने का अनुरोध तैयार करें। साथ ही कहा कि इस संबंध में यदि विधायिका स्तर का संशोधन भी अपेक्षित हो तो उसका भी लीगल मार्गदर्शन प्राप्त कर लें। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि भोटिया और राजी जनजाति हेतु जनपद पिथौरागढ़ में एक एकलव्य आदर्श विद्यालय की स्थापना तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी से संबंधित विषय का एजेंडा भी तैयार करें।

मुख्य सचिव ने ग्राम्य विकास विभाग को एसईसीसी (सोशियो इकोनॉमिक एंड कास्ट सेंसस) डाटा के स्थान पर अन्य मानक/ विकल्प बनाए जाने पर विचार करने का अनुरोध तैयार करने को कहा ताकि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संबंध में आसानी से कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, पेयजल और सिंचाई विभाग को आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के मानक में संशोधन करते हुए धनराशि में बढ़ोतरी विषयक एजेंडा तैयार करने, परिवहन विभाग को आरआरटीएस ( रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को मोदीनगर, मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारीकरण किए जाने हेतु अनुरोध तैयार करने तथा टनकपुर- बागेश्वर एवं ऋषिकेश- उत्तरकाशी रेल परियोजना में सड़क निर्माण के प्रावधान का भी उल्लेख का एजेंडा तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग को मंडी शुल्क से संबंधित प्रकरण का एजेंडा भी तैयार करने के निर्देश दिए।

इस दौरान बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनोद कुमार सुमन, वीवीआर पुरुषोत्तम, बृजेश संत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने जनता मिलन कार्यक्रम में सुनी जन समस्याएं, किया मौके पर निस्तारण

राज्य रजत जयंती वर्ष उत्सव आयोजन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसंवाद तेज कर दिया है। इसी क्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त शिकायतों एवं मांगों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ ही नियमित फीडबैक भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस अवसर को हमें प्रशासन को जनता के और करीब ले जाने के रूप में इस्तेमाल करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जन समस्याओं का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण करना है। इसके लिए प्रत्येक विभाग को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करते हुए जन अपेक्षाओं के अनुरूप सक्रिय और संवेदनशील व्यवहार अपनाना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए और शिकायत निवारण की प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी व तकनीकी माध्यमों से सुलभ बनाया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य की रजत जयंती वर्ष जनभागीदारी और संवाद का अवसर है। इस दौरान जनता से प्राप्त सुझावों और मांगों को नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के हर नागरिक को विकास योजनाओं का सीधा लाभ जनता को जल्दी मिले। उन्होंने जनता से भी राज्यहित में रचनात्मक सुझाव देने और जनसेवा के प्रयासों में सहभागी बनने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्रत्येक नीति और निर्णय का मूल उद्देश्य जनता का हित और प्रदेश का समग्र विकास है।

एवरेस्ट फतह करने वाले 16 वर्ष के सचिन कुमार को सीएम ने दी बधाई, बताया नई पीढ़ी का प्रेरणा स्रोत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में आज मई 2025 में माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले 16 वर्षीय बालक सचिन कुमार ने शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने सचिन कुमार को उनके इस अद्भुत और साहसिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इतनी कम उम्र में एवरेस्ट जैसी विश्व की सबसे ऊँची चोटी को फतह करना साहस, दृढ़ निश्चय और परिश्रम का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सचिन कुमार ने न केवल अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा स्थापित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि वीरता और पराक्रम की भूमि है, और प्रदेश के युवा लगातार विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम ऊँचा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल, साहसिक गतिविधियों और पर्वतारोहण के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने सचिन कुमार को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली युवाओं को हरसंभव सहयोग और प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सचिन कुमार ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलकर अत्यंत प्रेरणा मिली है और वे आगे भी देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
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सीएम ने दिये वन विभाग के आरोपित अधिकारियों के विरूद्ध पुनः जांच एवं अभियोजन का अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आरोपित अधिकारी एच०के० सिंह भा०व० से० से०नि० को राजाजी राष्ट्रीय पार्क में वन आरक्षी (सामयिक मजदूरों से भर्ती) परीक्षा-2013 में हुई अनियमितताओं की पुनः जांच के दृष्टिगत् रंजन कुमार मिश्र, प्रमुख वन संरक्षक/मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखण्ड को जांच अधिकारी एवं वैभव कुमार उप वन संरक्षक, चकराता वन प्रभाग को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नामित किये जाने तथा प्रवर्तन निदेशालय द्वारा धन संशोधन निवारण अधिनियम, 2002 के अन्तर्गत धन शोधन सम्बन्धित मामले में आरोपित लोक सेवकों के सम्बन्ध में कार्यवाही के क्रम में अखिलेश तिवारी (अ०प्रा०-आई.एफ.एस.) तत्कालीन उप-वन संरक्षक/प्रभागीय वनाधिकारी, कालागढ़ टाईगर रिजर्व, लैन्सडाऊन के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने दी राज्य सरकार और राज्य सरकार के स्वायत्तशासी निकायों/उपक्रमों के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार और राज्य सरकार के स्वायत्तशासी निकायों/उपक्रमों के कर्मचारियों जो पांचवें एवं छठवें वेतनमान में वेतन आहरित कर रहे हैं, को महंगाई भत्ते की दर 01 जुलाई, 2025 से क्रमशः पांचवें वेतनमान में 466 प्रतिशत से बढ़ाकर 474 प्रतिशत एवं छठवें वेतनमान में 252 प्रतिशत से बढ़ाकर 257 प्रतिशत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने दी राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित किये जाने की स्वीकृति, नगर पंचायत गैरसैंण (ग्रीष्मकालीन राजधानी) भी इसमें शामिल

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित किये जाने हेतु प्रथम चरण में नगर निगम पिथौरागढ़, नगर पालिका परिषद बाड़ाहाट, उत्तरकाशी (पर्यटक स्थल) तथा नगर पंचायत गैरसैंण (ग्रीष्मकालीन राजधानी) को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने दी विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की 39.68 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री ने शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत 17 नगर निकायों में देवभूमि रजत जयंती पार्क के निर्माण हेतु 13.46 करोड, जनपद देहरादून की उत्तर शाखा के अन्तर्गत गंगोत्री विहार में नलकूप खनन, राईजिग-मेन एवं तत्संबंधी कार्यों के निर्माण हेतु 2.22 करोड़ की धनराशि स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर एसएएससीआई के अन्तर्गत प्रस्तावित जोन प्रथम शिवालिक नगर पम्पिंग जलापूर्ति योजना का पुनर्गठन योजना के तहत 6.81 करोड की योजना की योजना की स्वीकृति, अमृत 2.0 स्टेट वाटर एक्शन प्लान-2 के अन्तर्गत 05 योजनाओं हेतु 3.25 करोड, जनपद देहरादून की केन्द्रीय भण्डार शाखा के अन्तर्गत नगरीय पेयजल योजनओं के अघरेलू जल संयोजनों पर एएमआर वाटर मीटर अधिष्ठापन के कार्यों हेतु 10.00 करोड के साथ ही मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत मे बनबसा के ग्रामीण क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग की आन्तरिक 10 किमी० सड़कों का सुधारीकरण कार्य हेतु 3.94 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

दिल्ली विस्फोट की घटना का संज्ञान लेकर सीएम धामी ने डीजीपी को हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में हुए विस्फोट की घटना को अत्यंत दुखद बताया है और इसमें हताहत एवं घायल हुए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद एवं चिंता का विषय है।

मुख्यमंत्री ने इस घटना के मद्देनज़र राज्य के पुलिस महानिदेशक को पुलिस को हाई अलर्ट पर रहने, पूरी सतर्कता बरतने और राज्य की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए तथा हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीएस की अध्यक्षता में पीएम के संबोधन में दिए गए सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई को विचार विमर्श हुआ

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में 25 वें उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री के संबोधन में सुझाए गए प्रमुख बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई हेतु विचार- विमर्श किया गया।

विचार-विमर्श में सभी अधिकारियों से अगले 25 वर्षों में उत्तराखंड के लक्ष्यों और उसके अनुरूप रोडमैप बनाने तथा रजत जयंती व उसके उपलक्ष्य में नवंबर माह में आयोजित किए गए विभिन्न आयोजनों व कार्यक्रमों यथा प्रवासी सम्मेलन, युवा सम्मेलन, सांस्कृतिक उत्सव, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के आगमन इत्यादि में सामने आए अनुभव, फीडबैक और सुझावों को साझा किया गया।

मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को उक्त अवधि के सुझावों, प्रयासों और अनुभवों का डॉक्यूमेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सचिव प्रोटोकॉल को उक्त सभी सुझावों को कंपाइल करते हुए उसकी सूची तैयार करने को निर्देशित किया।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री द्वारा राज्य के सर्वांगीण विकास से संबंधित जो भी बिंदु सुझाए हैं उनका भी डॉक्यूमेंटेशन करें ताकि राज्य के समेकित विकास एवं नीति निर्माण में उन बिंदुओं को शामिल किया जा सके।

ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के समेकित विकास के लिए महत्वपूर्ण बिंदु सुझाए।

प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखंड को स्पिरिचुअल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड के रूप में स्थापित करते हुए उसे ग्लोबल नेटवर्क से जोड़ने, उत्तराखंड की प्रत्येक विधानसभा में योग केंद्र, आयुर्वेदिक केंद्र, नेचुरोपैथी संस्थान, होमस्टे इत्यादि से युक्त एक कंप्लीट पैकेज तैयार करने, हर वाइब्रेंट विलेज खुद में एक छोटा पर्यटन केंद्र बन सके इसके लिए होम स्टे, स्थानीय भोजन और संस्कृति को बढ़ावा मिले ऐसे प्रयास करने को कहा।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के स्थानीय मेलों और पर्वों को वर्ल्ड मैप पर लाने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेला जैसा अभियान चलाने को कहा। उन्होंने राज्य के पहाड़ी जनपदों को हार्टिकल्चर सेंटर बनाने पर फोकस करने, ब्लू बेरी, कीवी, हर्बल मेडिसिन प्लांट जैसी भविष्य की खेती तथा फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प, ऑर्गेनिक प्रोडक्ट इन सबके लिए एमएसएमईएस को नए सिरे से सशक्त बनाने पर बल देने को कहा।

प्रधानमंत्री ने तीर्थाटन, बारहमासी पर्यटन, ईको टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाओं को और व्यापक और प्रबंधनीय तरीके से संपादित करने, राज्य को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में कन्वर्ट करने के लिए पांच से सात बड़े डेस्टिनेशन तैयार करके उन्हें विकसित करने की बात कही। उन्होंने उत्तराखंड के जीआई टैग प्राप्त कृषि उत्पादों तथा प्रोडक्ट को देश के घर-घर पहुंचाने का भी आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के तहत ग्लोबल मार्किट में उत्पादों को प्रतिस्पर्धा बनाने तथा उनके डिलीवरी मैकेनिज्म पर बेहतर तरीके से कार्य करने को भी कहा।

इस अवसर पर बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, एल एल फैनई व आर मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव रंजीत सिन्हा सहित विभिन्न सचिव व अपर सचिव उपस्थित थे।

सीएम से मिला एलआईसी के अधिकारियों का दल, राहत कोष में दिए एक करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर निगम की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु ₹1 करोड़ (एक करोड़ रुपये) की धनराशि का चेक मुख्यमंत्री को भेंट किया गया।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर भारतीय जीवन बीमा निगम के इस सामाजिक उत्तरदायित्व से प्रेरित कदम की सराहना करते हुए कहा कि, “राज्य में संकट की घड़ी में जब भी जरूरत होती है, एलआईसी जैसी संस्थाएँ आगे बढ़कर सहयोग का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। यह राशि आपदा प्रभावितों और जरूरतमंदों की सहायता में सार्थक योगदान देगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का सहयोग न केवल सरकार के प्रयासों को बल देता है, बल्कि समाज में साझेदारी और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है।

एलआईसी के अधिकारियों ने कहा कि संस्था हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही है और आगे भी उत्तराखंड राज्य के विकास एवं आपदा प्रबंधन कार्यों में हरसंभव योगदान देती रहेगी।

इस अवसर पर अपर सचिव मनमोहन मैनाली, जोनल मैनेजर एलआईसी पीएस नेगी, एसडीएम एलआईसी एसबी यादव व महेश सिंह मेहरा उपस्थित थे।

सीएम धामी ने पीएम के सुझावों पर कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए सुझावों को राज्य सरकार ने आगामी 25 वर्षों के विकास रोडमैप की आधारशिला मानते हुए, उन पर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रधानमंत्री के सुझावों के अनुरूप ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए विचार उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास का स्पष्ट मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की आत्मा अध्यात्म, पर्यटन और प्राकृतिक संपदा में निहित है, उत्तराखण्ड को “स्पिरिचुअल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड” बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में योग केंद्र, आयुर्वेद केंद्र, नेचुरोपैथी संस्थान और होम-स्टे को मिलाकर एक संपूर्ण पर्यटन एवं वेलनेस पैकेज तैयार किया जाए।

प्रत्येक वाइब्रेंट विलेज को छोटे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहाँ स्थानीय भोजन, संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जा सके।

राज्य के स्थानीय मेलों और पर्वों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए “वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल” अभियान शुरू किया जाए।

पहाड़ी जिलों को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाए, जहाँ ब्लूबेरी, कीवी, हर्बल और औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित किया जाए।

फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक उत्पादों से जुड़े एमएसएमई को सशक्त बनाकर स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएं।

तीर्थाटन, इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और बारहमासी पर्यटन को समेकित विकास नीति के तहत आगे बढ़ाया जाए। उत्तराखण्ड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विश्व स्तर पर स्थापित करने हेतु 5-7 प्रमुख स्थलों को विकसित करने की रूपरेखा बनाई जाए।

जीआई टैग प्राप्त उत्पादों और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के तहत राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने की ठोस रणनीति बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का विज़न 2047 के ‘विकसित भारत’ के अनुरूप है, और उत्तराखण्ड इस दिशा में अग्रणी राज्य बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से विस्तृत रोडमैप और टाइमलाइन आधारित एक्शन प्लान तैयार करें, ताकि इन सुझावों को धरातल पर उतारा जा सके।