सीएम धामी ने 13 जिलों के उत्कृष्ट होम स्टे संचालकों को पुरस्कृत किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, गढ़ी कैण्ट, देहरादून में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड @25 रोमांच, अध्यात्म और अनोखी संस्कृति का उत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति में आयोजित होने वाले अल्ट्रा मैराथन रेस के लोगो का अनावरण एवं पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई थ्रोन आफ द गॉड्स कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने 13 जिलों के उत्कृष्ट होम स्टे संचालकों को भी पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने राज्यभर के एस्ट्रो टूर गाइड एवं टूर मैनेजर को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने काला नाग चोटी का सफल आरोहण करने वाले पर्यटन विभाग की ओर से चयनित पर्वतारोहियों और आईटीबीपी के 13 सदस्यीय दल को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि सभी लोगों की कड़ी मेहनत से प्रदेशभर में रजत जयंती पर्व के सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुए। उन्होंने कहा 25 वर्ष पूर्व राज्य निर्माण के बाद इस नवोदित राज्य ने तेजी से उन्नति की है। यह तरक्की आंदोलनकारियों की तपस्या का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। राज्य में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल औऱ कनेक्टिविटी सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा जहाँ कभी सड़कें बनना मुश्किल था, आज उस स्थान पर ऑल-वेदर रोड का निर्माण किया जा रहा है। जहाँ कभी संचार एक सपना हुआ करता था, वहाँ अब डिजिटल उत्तराखंड आकार ले रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा गांव घरों में स्टार्टअप्स और स्वरोजगार के काम प्रारंभ किए जा रहे हैं। प्रदेश में पर्यटन विभाग की अनेक योजनाओं से लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होमस्टे) योजना से हजारों युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता प्राप्त हुई है। पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से 8,000 से अधिक युवक-युवतियों को प्रशिक्षित प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा टूर गाइड, नैचुरलिस्ट, टूर मैनेजर, स्ट्रीट फूड वेंडर जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। नई पर्यटन नीति बनने के बाद राज्य में 207 से अधिक निवेशकों की ₹ 5,500 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शीतकालीन चारधाम यात्रा और उच्च हिमालयी क्षेत्रों, जादूंग, दारमा घाटी, पंचाचुली बेस कैम्प में भी गतिविधियाँ प्रारंभ की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड, तीर्थाटन के साथ एडवेंचर टूरिज्म का भी केंद्र बन रहा है। चमोली से टिहरी झील तक, मसूरी से मुनस्यारी तक, प्रत्येक घाटी में रोमांच का नया संसार बस रहा है। पैराग्लाइडिंग, ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, माउंटेन बाइकिंग जैसे रोमांचक खेलों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए साहसिक खेलों के क्षेत्र में नए अवसर खोले गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एस्ट्रो टूरिज्म, वेड-इन-उत्तराखंड और स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन डेवलपमेंट राज्य के पर्यटन को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा रविवार को प्रधानमंत्री ने कहा उत्तराखंड की शक्ति इसकी आध्यात्मिक शक्ति है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, ऋषिकेश आदि धार्मिक स्थान उत्तराखंड के साथ भारत की आस्था और ऊर्जा के भी केंद्र भी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में एक जनपद, दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। बीते साढ़े चार वर्षों में प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में हो रही निरंतर प्रगति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। वर्ष 2023 और 2024 में जखोल, हर्षिल, सुपी और गुंजी जैसे गाँवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित किया गया। वर्ष 2024-25 में इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिस्पांसिबल टूरिज्म द्वारा, स्किल डेवलपमेंट इन रिस्पांसिबल टूरिज्म श्रेणी में उत्तराखंड को विशेष सम्मान प्राप्त किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए उत्तराखंड को आगामी 25 वर्षों का रोडमैप तय करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा हर उत्तराखंडी अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ योगदान देगा तो उत्तराखंड को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य अवश्य बनेगा।

जनपद स्तर पर सर्वश्रेष्ठ होमस्टे में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अल्मोड़ा जिले से हरेंद्र सिंह बिष्ट, बागेश्वर से मोहन चंद्र कांडपाल, चमोली से सरिता देवी, देहरादून से नीलम चौहान, हरिद्वार से सुनीता सिंह, चंपावत से नीरज जोशी, रुद्रप्रयाग से कैलाश पुष्पवाण, पौड़ी से त्रिभुवन उनियाल, पिथौरागढ़ से मथुरा दत्त कालोनी, नैनीताल से उमंग वासुदेव, टिहरी से जितेंद्र सिंह, उत्तरकाशी से अखिल पंत, उधम सिंह नगर से दीपक चतुर्वेदी हैं।

इस अवसर विधायक खजान दास सविता कपूर, बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव अभिषेक रुहेला एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री पहुंचे गैरसैंण, किया 142.25 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद की 142.25 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया, जिनमें 43.63 करोड़ की 27 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 98.62 करोड़ रुपये की 33 विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। खेल, शिक्षा, कृषि और अन्य क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी, आईआरबी, नागरिक पुलिस, होमगार्ड, महिला आरक्षी, नागरिक पुलिस/फायर सर्विस तथा एनसीसी महिला दस्ते ने 46वीं वाहिनी पीएसी के बैंड की धुन पर शानदार रैतिक परेड का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने रैतिक परेड का निरीक्षण भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यवासियों को उत्तराखण्ड स्थापना की रजत जयंती की बधाई देते हुए देश की रक्षा में सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों तथा उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी अमर बलिदानियों और राज्य आंदोलनकारियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के मुख्य कार्यक्रम में शिरकत कर राज्य का मान बढ़ाने का कार्य किया है। इस दौरान उन्होंने राज्य को 8,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी है और राज्य के विकास के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में तीर्थाटन विकास के लिए केदारखण्ड और मानसखण्ड में स्थित पौराणिक मंदिरों का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का भी भावपूर्ण स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने हमें नया राज्य देने के साथ ही विशेष औद्योगिक पैकेज प्रदान कर राज्य को नई दिशा और मजबूती दी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गैरसैंण के विकास के लिए विभिन्न विकास योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। सारकोट गांव को गोद लेकर ग्रामीणों और विभागों के समन्वय से गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही राज्य के समग्र विकास के लिए नई नीतियों और योजनाओं का नियोजन कर राज्य को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि उत्तराखण्ड राज्य आज देश की अनेक योजनाओं में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जा रहा है। राज्य की विकास दर में तेजी से वृद्धि हुई है और कृषकों की आय में बढ़ोतरी हो रही है। राज्य में बेरोजगारी में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। सतत विकास सूचकांक में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान तथा मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवार्ड भी मिला है। केंद्र सरकार के सहयोग से बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर माला मिशन, एक जिला एक मेला योजना और साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहन देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। भू-कानून लागू कर भू-माफिया पर अंकुश लगाया गया है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के “लोकल टू ग्लोबल” मंत्र को साकार करने में राज्य ने अग्रणी भूमिका निभाई है। इस दौरान उन्होंने गैरसैंण एवं आसपास के क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए मास्टर प्लान की डीपीआर तैयार कर कार्य करने की बात कही। साथ ही उन्होंने चौखुटिया, ज्योतिर्मठ और घनशाली को उड़ान योजना से जोड़ने की घोषणा की।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री एवं चमोली जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष बीकेटीसी ऋषि प्रसाद सती, राज्यमंत्री रामचंद्र गौड़, हरक सिंह नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह, संदीप रावत, ब्लॉक प्रमुख गैरसैंण दुर्गा देवी, ग्राम प्रधान सारकोट प्रियंका नेगी, पूर्व कर्णप्रयाग विधायक एवं राज्य आंदोलनकारी सुरेंद्र सिंह, भाजपा महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

सीएम घोषणाओं की पूर्ण और गतिमान घोषणाओं का वित्तीय और भौतिक अपडेट प्रस्तुत करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव ने संबंधित सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को पूर्ण हो चुकी, गतिमान और किसी विशेष इश्यू के चलते अभी तक प्रारंभ नहीं की जा सकी ऐसी सभी सीएम घोषणाओं तथा गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस तथा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर की गई सभी घोषणाओं का पृथक- पृथक विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने गतिमान घोषणाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति का अपडेट तीन दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

ऐसी घोषणाएं जिनको किसी भी प्रकार के इश्यू के चलते अभी तक प्रारंभ नहीं किया जा सका उनका विवरण कार्य प्रारंभ न करने का कारण बताते हुए सात दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राज्य स्थापना दिवस पर की गई मुख्यमंत्री घोषणाओं की सूची अलग से तैयार करें तथा उनको उच्च प्राथमिकता में लेते हुए अग्रिम कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को कहा कि ऐसी घोषणाऐं जिनको तत्काल प्रारंभ करने में कोई इशू नहीं है उनके तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जिन घोषणाओं को प्रारंभ करने में कोई इशू है उनकी समस्या की प्रकृति बताते हुए उचित निराकरण हेतु प्रथम बार विभागीय सचिव स्तर से निस्तारित कराएं यदि सचिव स्तर पर निस्तारण नहीं हो पाता तो उन्होंने उनके स्तर पर निराकरण हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सचिव एस एन पांडेय को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति तेजी से पूरी हो इसके लिए निगरानी का प्रभावी मेकैनिज्म बनाएं तथा जिन विभागों की जिस घोषणा में प्रगति संतोषजनक न हो उनको व्यक्तिगत अथवा दैनिक रूटीन से अवगत कराते हुए उसकी प्रगति बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री की कुल 3575 घोषणाओं में से 2215 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 777 पर कार्रवाई गतिमान है तथा 583 घोषणाएं अपूर्ण हैं।

बैठक में अपर सचिव नवनीत पांडेय व जगदीश कांडपाल, उपसचिव हीरा सिंह बसेड़ा, आर सी शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

डेढ़ लाख से अधिक लोग राज्य स्थापना के जश्न में हुए शामिल, पीएम मोदी को सुनकर ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी बने

देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष पर एफ.आर.आई, देहरादून में आयोजित मुख्य समारोह में राज्य भर से आए करीब 1 लाख 50 हज़ार से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुना। करीब 1 कि.मी तक कार्यक्रम स्थल में पंडाल की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त एक किलोमीटर क्षेत्र में लगाए गए एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी लोग इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी बने। उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार किसी कार्यक्रम में करीब डेढ़ लाख से अधिक लोगों ने एक साथ प्रतिभाग किया।

राज्य के इतिहास में किसी कार्यक्रम में पहली बार डेढ़ लाख से अधिक लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। राज्य भर से आए लोगों में रजत जयंती वर्ष के मुख्य कार्यक्रम के लेकर खासा उत्साह नजर आया। इसके साथ यह आयोजन राज्य की 25 वर्ष की यात्रा को नई दिशा देने वाला, उत्तराखंड की एकता, जनसहभागिता का प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री के आग्रह पर डेढ़ लाख से अधिक लोगों का एक स्थान पर एकत्र होना जनता का सरकार के प्रति विश्वास को दिखाता है।

प्रदेश की 8260.72 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास कर पीएम मोदी ने दी राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने की बधाई

सिंचाई विभाग- सौंग बांध पेयजल परियोजना – 2491.96 करोड़

देहरादून और टिहरी जनपद में प्रस्तावित सौंग बांध पेयजल परियोजना से देहरादून जनपद में 150 एमएलडी पेयजल आपूर्ति होगी। परियोजना में 130 मीटर ऊंचा बांध बनाया जाएगा। इससे देहरादून शहर की जलापूर्ति में सुधार होगी।

जमरानी बांध पेयजल परियोजना – 2584.10 करोड़

नैनीताल जनपद में प्रस्तावित जमरानी बांध परियोजना, एक बहुउद्देशीय परियोजना है। इससे पेयजल, सिंचाई की आवश्यकता पूरी करने के साथ ही विद्युत उत्पादन भी किया जाएगा। परियोजना से 57065 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई होने के साथ 14 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन होगा।

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अन्य परियोजनाएं
Toe Protuction and Landslide Stablization work along left bank of Alaknanda River at Jyotirmath in Distt. Chamoli uttrakhand – 100.53 करोड़

जनपद पिथौरागढ के धारचूला में कालीनदी के दांये पार्श्व में स्थित विभिन्न स्थलों पर बाढ़ सुरक्षा योजनां कार्य – 140.22 करोड़

ऊर्जा (पिटकुल) – जनपद चमोली के पीपलकोटी में 400 के०वी० पीपलकोटी स्वीचिंग उपसंस्थान एवं सम्बन्धित पारेषण लाईन (1.0 सर्किट किमी) – 340.29 करोड़

जनपद टिहरी के घनसाली में 220 के0वी0 उपसंस्थान (60 एमवीए) (राज्य पोषित)- 277.23 करोड़

ऊर्जा (उरेडा) – समस्त जनपदों में शासकीय भवनों में सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना- 129.37 करोड़

चम्पावत के बनबसा में 220 के0वी0 उपसंस्थान (100 एमवीए) एवं संबंधित पारेषण लाइन (0.3 सर्किट किमी)(राज्य पोषित)- 223.71 करोड़

खेल विभाग-जनपद. चम्पावत के लोहाघाट में “महिला खिलाड़ियों के खेल कौशल विकास हेतु जनपद्. चम्पावत में महिला स्पोर्टस कॉलेज स्थापित किया जायेगा“ – 256.96 करोड़

लोक निर्माण विभाग – केन्द्रीय सडक अवस्थापना निधि के अन्तर्गत 08 विभिन्न योजनाओं तथा राज्य योजना के अन्तर्गत 02 विभिन्न योजनाओं का निर्माण कार्य- 127.43 करोड़

वन विभाग/वन्य जीव परिरक्षण संगठन/ (राजाजी टाइगर रिजर्व) उत्तराखण्ड पौडी जनपद – जनपद पौडी के यमकेश्वर में गौहरी रेंज के अन्तर्गत चौरासी कुटिया का पुनरोद्धार कार्य – 100.89 करोड़

प्राविधिक शिक्षा- राजकीय पॉलीटैक्निक लोहाघाट, सल्ट, दन्या, गरूड़, द्वाराहाट तथा पोखरी में भवन निर्माण कार्य -100.67 करोड़

पर्यटन- जनपद टिहरी तथा देहरादून के पर्यटन विकास कार्य – 58.21 करोड़

चिकित्सा शिक्षा -देहरादून एवं हल्द्वानी में भर्ती मरीजों के तीमारदार के ठहरने हेतु रैन बसेरा – 55.00 करोड़

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तराखण्ड।- उप जिला चिकित्सालय खानपुर का भवन निर्माण।- 39.42 करोड़

शहरी विकास – कपकोट तथा कर्णप्रयाग में पम्पिंग पेयजल योजना एवं नानकमत्ता में पेयजल योजना पुर्नगठन – 79.83 करोड़

डेयरी विकास – जनपद नैनीताल के लालकुआं में दुग्ध संघ में 1.50 लाख ली०/दिन की अत्याधुनिक दुग्धशाला की स्थापना – 80.77 करोड़

पेयजल – जनपद पौड़ी में पेयजल योजना- 15.16 करोड़

कृषि – वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार पौड़ी गढ़वाल में चैनलिंक फेन्सिग कार्य – 11.48 करोड़

लोकार्पण की जाने वाली योजनाएं(₹931.65 करोड़ की लागत 12 योजनाएं)

ऊर्जा (पिटकुल) – जनपद पिथौरागढ के धारचूला में 220/33 के०वी० (50 एम०वी०ए०) बरम, उपसंस्थान एवं सम्बन्धित पारेषण लाईन (25.12 सर्किट किमी) – 161.98 करोड़

जनपद देहरादून के मसूरी, कैन्ट एवं राजपुर रोड में 132 के० वी० बिंदाल-पुरकुल पारेशण लाईन – 38.71 करोड़
ऊर्जा (उरेडा) – राज्य के समस्त जनपदों में शासकीय भवनों में सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना – 32.61 करोड़

शहरी विकास – जनपद देहरादून के धर्मपुर, रायपुर, मसूरी एवं कैन्ट मैं अमृत 1.0 कार्यक्रम अन्तर्गत देहरादून जलापूर्ति की 23 जोन आच्छादन की योजना – 128.56 करोड़

प्राविधिक शिक्षा विभाग – राजकीय पालीटेक्निक चम्पावत, टनकपुर, ताकुला, बाडेछीना, चिन्यालीसौण, कुल्सारी में भवनों का निर्माण कार्य – 126.27 करोड़

लोक निर्माण विभाग – राज्य योजना के अन्तर्गत 03 विभिन्न योजनायें तथा केन्द्रीय अवस्थापना निधि के अन्तर्गत 07 विभिन्न योजनाओं का निर्माण कार्य – 110.03 करोड़

पेयजल विभाग- जनपद पिथौरागढ़ में गंगोलीहाट, बागेश्वर में बागेश्वर नगर तथा जनपद पौडी गढवाल एवं श्रीनगर में पम्पिंग पेयजल योजना – 80.81 करोड़

जनपद पिथौरागढ के गंगोलीहाट में बेलपट्टी ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना-
57.50 करोड़

सिंचाई- जनपद पिथौरागढ़ के विकासखण्ड धारचूला के अन्तर्गत ग्वालगांव भूस्खलन के उपचारात्मक कार्य – 84.09 करोड़

जनपद पिथौरागढ एवं देहरादून में बाढ सुरक्षात्मक कार्य – 66.57 करोड़

कौशल विकास एवं सेवायोजन – Precision Manufacturing की कार्यशाला का निर्माण कार्य – 25.91 करोड़

खेल विभाग- नैनीताल के हल्द्वानी स्टेडियम का निर्माण कार्य में हॉकी ग्राउंड (एस्ट्रोट्रफ) का निर्माण कार्य – 18.61 करोड़

उत्तराखंड रजतोत्सवः पीएम मोदी ने एफआरआई से जारी किया विशेष डाक टिकट

उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज देहरादून आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड डाक परिमंडल द्वारा राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों एवं सांस्कृतिक प्रतीकों पर आधारित विशेष डाक टिकट श्रृंखला का विमोचन किया। इस विशेष डाक टिकट श्रृंखला के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान की गई है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत राज्य के 28,000 से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹62 करोड़ से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से जारी की। इस पहल से राज्य के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल क्षति से सुरक्षा का लाभ प्राप्त होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ पर आधारित एक विशेष प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

पहाड़ी बोली और टोपी पहन पीएम मोदी ने जनता से किया सीधा संवाद, उत्तराखंड रजतोत्सव कार्यक्रम में पहुंचे पीएम

सिर पर पहाड़ी टोपी और भाषण में जगह-जगह गढ़वाली कुमाऊनी बोली। उत्तराखंड के रजत जयंती के मुख्य कार्यक्रम में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर अंदाज पहाड़ीपन से घुला-मिला दिखा। उन्होंने गढ़वाली कुमाऊनी के कई-कई वाक्य बोले। वो भी कई बार। अक्सर प्रधानमंत्री उत्तराखंड के कार्यक्रमों में पहाड़ी बोली-भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं, मगर आज के भाषण में उन्होंने जितनी गढ़वाली कुमाऊनी बोली, उतनी कभी नहीं बोली थी। ये ही वजह रही, कि उत्तराखंड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस बार और भी गहरा कनेक्ट महसूस किया।

प्रधानमंत्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में भाषण की शुरूआत की और कहा-देवभूमि उत्तराखंड का मेरा भै बंधु, दीदी, भुलियों, दाना सयानो, आप सबू तई म्यारू नमस्कार। पैलाग, सैंवा सौंली। अपने भाषण के बीच में प्रधानमंत्री ने जब फिर से गढ़वाली में बोलना शुरू किया, तो इसने लोगों को और रोमांचित कर दिया। प्रधानमंत्री बोले-पैली पहाडू कू चढ़ाई, विकास की बाट कैल रोक दी छै। अब वखि बटि नई बाट खुलण लग ली।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण मे पहाड़ के लोक पर्वों, लोक परंपराओं और महत्वपूर्ण आयोजनों को भी शामिल किया। इस क्रम में उन्होंने हरेला, फुलदेई, भिटोली, नंदादेवी, जौलजीबी, देवीधुरा मेले से लेकर दयारा बुग्याल के बटर फेस्टिवल तक का जिक्र किया।

पीएम मोदी 9 नवंबर को उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती कार्यक्रम में करेंगे भागीदारी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 9 नवम्बर को उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती पर एफआरआई देहरादून में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री एक स्मारक डाक टिकट जारी करेंगे तथा समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे।

राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के इस अवसर पर प्रधानमंत्री ₹8260 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएं पेयजल, सिंचाई, तकनीकी शिक्षा, ऊर्जा, शहरी विकास, खेल और कौशल विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित हैं।

प्रधानमंत्री जिन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उनमें अमृत योजना के अंतर्गत देहरादून जलापूर्ति कवरेज, पिथौरागढ़ में विद्युत सबस्टेशन, सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र, तथा हल्द्वानी स्टेडियम (नैनीताल) में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान प्रमुख हैं।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री दो महत्वपूर्ण पेयजल परियोजनाओं-सोंग बांध पेयजल परियोजना (देहरादून) और जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना (नैनीताल) का शिलान्यास करेंगे। सोंग बांध परियोजना देहरादून को प्रतिदिन 150 एमएलडी पेयजल उपलब्ध कराएगी, जबकि जमरानी परियोजना सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और बिजली उत्पादन में सहायक होगी।

इसके अतिरिक्त जिन अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, उनमें चंपावत में महिला खेल महाविद्यालय की स्थापना, नैनीताल में अत्याधुनिक डेयरी संयंत्र, तथा विद्युत सबस्टेशन परियोजनाएं शामिल हैं।

राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों की बढ़ी पेंशन, सीएम ने स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित शहीद स्थल कचहरी परिसर में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन में आयोजित राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह में राज्य आंदोलनकारियों और शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिवारजनों को सम्मानित किया। कचहरी परिसर शहीद स्थल और पुलिस लाइन देहरादून में इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण केवल राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि देवभूमि के लाखों लोगों के बलिदान, संघर्ष और तप का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के दौरान खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा जैसी दर्दनाक घटनाएं हमारे इतिहास के अमर अध्याय हैं। राज्य निर्माण में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात बलिदानियों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के सम्मान को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती रही है और देती रहेगी। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के लिए संचालित पेंशन एवं अन्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल सहायता नहीं, बल्कि हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री घोषणा
1.शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर उनके क्षेत्र की मुख्य अवस्थापना सुविधाओं का नामकरण किया जायेगा।

2 उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान 7 दिन जेल गये अथवा राज्य आन्दोलन के दौरान घायल हुये आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 6 हजार रुपए से बढ़ाकर 7 हजार रुपए प्रतिमाह की जाएगी।

3 उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान जेल गये या घायल श्रेणी से भिन्न अन्य राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 4500 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए प्रतिमाह की जाएगी।

4 उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान विकलांग होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त हुए राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 20,000 हजार रूपए से बढ़ाकर 30,000 हजार रुपए की जाएगी और उनकी देखभाल के लिए मेडिकल अटेंडेंड की व्यवस्था भी की जाएगी।

5 उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान शहीद हुये राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन प्रतिमाह 3000 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए की जाएगी।

6 उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु वर्ष 2021 तक जिलाधिकारी कार्यालय में प्राप्त लम्बित आवेदन पत्रों के निस्तारण हेतु छः माह का समय विस्तार प्रदान किया जायेगा।

7 समस्त शहीद स्मारकों का सौंदर्यीकरण किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के योगदान को सदैव सम्मान पूर्वक याद रखेगी और उनकी भावना को प्रत्येक नीति एवं निर्णय में स्थान देगी। उन्होंने अपील की कि राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेशवासी अपने घरों में पाँच दीपक राज्य आंदोलनकारियों की स्मृति में अवश्य जलाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य आंदोलन की भावना ही हमारी प्रेरणा है। उन्होंने सभी से इस प्रयास में सहभागिता का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, उपाध्यक्ष राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद सुभाष बड़थ्वाल, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह एवं राज्य आंदोलनकारी मौजूद थे।

सीएम ने हिमालय निनाद उत्सव का शुभारंभ कर प्रदेश में संस्कृति के उत्थान और कलाकारों के हित में की चार घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर हिमालयन संस्कृति केंद्र गढ़ी कैंट देहरादून में आयोजित हिमालय निनाद उत्सव- 2025 में प्रतिभाग करते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया तथा संस्कृति के उत्थान और कलाकारों के हित में चार घोषणाएं की।

उन्होंने वृद्ध एवं आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों तथा लेखकों को जिन्होंने अपना पूरा जीवन कला एवं संस्कृति तथा साहित्य की आराधना में लगा दिया परंतु वृद्धावस्था व खराब स्वास्थ्य के कारण वह अपने जीविकोपार्जन में असमर्थ हो गए हैं, को देय मासिक पेंशन ₹3000 में वृद्धि करते हुए 6000 रुपए मासिक करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग के अंतर्गत सूचीबद्ध सांस्कृतिक दलों के कलाकारों का मानदेय एवं अन्य व्यवस्थाएं भारत सरकार के उपक्रम नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर की तर्ज पर दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने प्रदेश के समस्त जनपद स्तर पर प्रेक्षागृह का निर्माण करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण व प्रदर्शन हेतु प्रदेश में एक राज्य स्तरीय संग्रहालय एवं कुमाऊं व गढ़वाल मंडल में एक-एक मंडल स्तरीय संग्रहालय का निर्माण किए जाने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने हिमालय निनाद महोत्सव- 2025 के अवसर पर सभी को राज्य के रजत उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उत्सव मात्र एक सांस्कृतिक समारोह नहीं है बल्कि हिमालय की आत्मा, उसकी विविध परंपराओं, लोक धुनों और साझा चेतना का उत्सव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की स्थापना के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं, यह हमारे राज्य के विकास, संघर्ष और स्वाभिमान का रजत जयंती वर्ष है। यह केवल उत्सव का नहीं बल्कि आत्ममंथन और नए संकल्प का भी अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मंच के माध्यम से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे हिमालय क्षेत्र की विविध संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोया गया है। तिब्बत की आध्यात्मिक परंपराओं, अरुणाचल और मणिपुर के जनजातीय गीत, हिमाचल का खोड़ा नृत्य, असम का बिहू, लद्दाख का जोब्रा नृत्य सबने इस मंच को जीवंत बना दिया है। उन्होंने कहा कि यह सांस्कृतिक संगम इस बात का भी प्रमाण है की भौगोलिक सीमाएं हमें बांट नहीं सकती, हम सब एक साझा विरासत और एक साझा हिमालय की चेतना से जुड़े हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निनाद- 2025 में आयोजित परिचर्चा सत्रों ने इस आयोजन को और भी अर्थपूर्ण बना दिया है। हिमालय में रंगमंच, उत्तराखंड का सिनेमा और समाज, लोक भाषा और संस्कृति, नंदा राजजात और हिमालय में खानपान, विरासत और उत्तराधिकार जैसे विषयों पर हुई चर्चाओं ने यह स्पष्ट किया है कि हमारी संस्कृति केवल परंपरा में नहीं बल्कि रचनात्मक विमर्श और नवाचार में भी जीवित है।

उन्होंने कहा कि मैं इस अवसर पर उन महान आत्माओं को नमन करता हूं जिन्होंने उत्तराखंड राज्य के लिए संघर्ष किया। उनकी स्मृति हमें याद दिलाती है कि यह राज्य हमें कितनी कठिनाइयों, बलिदानों और जन समर्पण के बाद मिला है। उनकी यादों को संजोना और नई पीढ़ी को उस संघर्ष की प्रेरणा देना हम सबका कर्तव्य बनता है।

इस अवसर पर निनाद उत्सव- 2025 में राज्यसभा सांसद और पद्म विभूषण शास्त्रीय नृत्यांगना सोनल मानसिंह, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, उपाध्यक्ष संस्कृत साहित्य एवं कला परिषद मधु भट्ट, संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत सहित संबंधित लोग उपस्थित थे।