उत्तराखंड में धामी सरकार में मेडिकल एजुकेशन का हब बना उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन व कुशल नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड अब मेडिकल एजूकेशन हब के तौर पर उभर रहा है। मुख्यमंत्री धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और कुशल प्रबंधन के तहत प्रदेश में हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जल्द ही रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में भी मेडिकल कॉलेज की शुरुआत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के साथ-साथ मेडिकल एजूकेशन को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।
वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड राज्य बना, तो प्रदेश चिकित्सा शिक्षा के मामले में बेहद पिछड़ा हुआ था। राज्य गठन के बाद वर्षों तक यहां कोई भी सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं था। डॉक्टर बनने के इच्छुक युवाओं को पड़ोसी राज्यों की ओर रुख करना पड़ता था। लेकिन आज, पच्चीस वर्षों के भीतर उत्तराखंड ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे पूरे देश के लिए उदाहरण बन गई हैं।

पांच सरकारी और 4 निजी मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार मौजूदा समय में उत्तराखंड में पांच सरकारी और 4 निजी मेडिकल कॉलेज हैं। मेडिकल कॉलेज श्रीनगर (गढ़वाल), हल्द्वानी, देहरादून, अल्मोड़ा और हरिद्वार उच्च स्वास्थ्य शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इन कॉलेजों में हर साल 625 एमबीबीएस छात्रों को प्रवेश दिया जाता है और 238 से अधिक पीजी (पोस्टग्रेजुएट) सीटें उपलब्ध हैं। राज्य गठन के समय जब यह संख्या शून्य थी, तब यह वृद्धि ऐतिहासिक कही जा सकती है।

राज्य में एमबीबीएस की 1325 सीटें
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान, श्रीनगर में एमबीबीएस की 150 सीटें और 51 पीजी सीटें संचालित हैं। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में 125 एमबीबीएस और 69 पीजी सीटें हैं, जबकि दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून में 150 एमबीबीएस और 70 पीजी (पोस्टग्रेजुएट) सीटें हैं। वहीं, अल्मोड़ा और हरिद्वार के नए कॉलेजों में 100-100 एमबीबीएस सीटें शुरू की गई हैं। स्वास्थ्य सचिव के मुताबिक यह सब मुख्यमंत्री धामी की उस नीति का परिणाम है जिसके तहत उनका लक्ष्य हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करना है।

सरकारी कॉलेजों के साथ निजी क्षेत्र का विस्तार
देहरादून स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज प्रत्येक में 250 एमबीबीएस सीटें हैं। हाल ही में स्थापित ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में 150 सीटें और गौतम बुद्ध मेडिकल कॉलेज में 150 सीटें हैं। आज सरकारी और निजी कॉलेजों को मिलाकर राज्य में लगभग 1325 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं, जो कुछ ही वर्षों में 130 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती हैं।

मानव संसाधन भी हुआ मजबूत
सरकार ने केवल इमारतें नहीं बनाई, बल्कि मानव संसाधन को भी मज़बूत किया है। मार्च 2025 में मुख्यमंत्री धामी ने 1,232 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। पिछले तीन वर्षों में स्वास्थ्य विभाग ने 173 सहायक प्रोफेसर, 56 वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य और 185 तकनीकी कर्मचारी नियुक्त किए हैं, जिससे 22,000 से अधिक नई सरकारी नौकरियाँ सृजित हुई हैं। डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि विभाग चिकित्सा शिक्षा को मज़बूती देने के लिए संकल्पबद्ध है और प्रत्येक कॉलेज की सीट संख्या के अनुसार शिक्षकों व स्टाफ की भर्ती की जा रही है।

नर्सिंग और पैरामेडिकल एजूकेशन में भी वृद्धि
प्रदेश में अब 12 सरकारी और 80 से अधिक निजी नर्सिंग संस्थान हैं, जिनमें कुल 4,700 बी.एससी. नर्सिंग सीटें, 463 एम.एससी. नर्सिंग सीटें और 4,000 से अधिक सहयोगी स्वास्थ्य पाठ्यक्रमों की सीटें उपलब्ध हैं। पैरामेडिकल क्षेत्र में भी निजी संस्थानों के माध्यम से 12,000 से अधिक सीटें उपलब्ध हैं, जिससे हजारों युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा मिल रही है।

दुर्गम इलाकों तक पहुँची स्वास्थ्य सेवाएँ
मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य ने हेली-एंबुलेंस सेवा जैसी पहलें शुरू की हैं ताकि दुर्गम इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँच सकें। साथ ही, पिथौरागढ़ और रुद्रपुर में नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण जारी है, जिससे “हर जिले में मेडिकल कॉलेज” का सपना साकार होता दिख रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। हमारी प्राथमिकता हर जिले में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है ताकि युवाओं को बाहर न जाना पड़े और प्रदेश आत्मनिर्भर बने। हमने मेडिकल कॉलेजों के साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया है। हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड न केवल डॉक्टर तैयार करे, बल्कि पूरे उत्तर भारत को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने वाला अग्रणी राज्य बने।

सीएम धामी की चंपावत को बड़ी सौगात, जिले में खुलेगा पैरामेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने चंपावत दौरे के दौरान जनपद को एक और बड़ी सौगात दी है। उन्होंने जिले में पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा करते हुए कहा कि यह संस्थान न केवल जनपद में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ करेगा, बल्कि क्षेत्र के युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार और प्रशिक्षण के नए अवसर भी प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना से चंपावत और आस-पास के जिलों को कुशल तकनीकी स्वास्थ्य कर्मी उपलब्ध होंगे, जिससे प्राथमिक और माध्यमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जनस्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई है और चंपावत को आदर्श जिला बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि कॉलेज के लिए भूमि चयन और आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा “राज्य सरकार का लक्ष्य है कि पहाड़ी जिलों के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के अवसर प्राप्त हों। चंपावत में पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना इसी दिशा में एक ठोस कदम है।”

मुख्यमंत्री धामी ने सहकारिता मेले का शुभारंभ कर दिया ग्रामीण उद्यमिता को नया प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी टनकपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025’ के उपलक्ष्य में सहकारिता विभाग उत्तराखंड द्वारा आयोजित “सहकारिता मेला” का विधिवत शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान, टनकपुर में फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया और विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि आपसी सहयोग, सामाजिक समरसता और सामूहिक विकास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “सहकारिता आंदोलन राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ है, जिससे किसान, युवा और महिलाएँ आत्मनिर्भर बन सकते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सहकारिता की भावना को ग्राम्य जीवन से लेकर शहरी समाज तक पहुँचाने की दिशा में अत्यंत सराहनीय पहल हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहकारिता विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के कृषकों को प्रोत्साहन स्वरूप चार कास्तकारों को प्रत्येक को ₹1-1 लाख के चेक वितरित किए। दूधारू पशु पालन हेतु यह प्रोत्साहन राशि पान सिंह, किशन सिंह, संदीप सिंह सहित चार लाभार्थियों को प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आगे बढ़कर अन्य किसानों के लिए उदाहरण बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने जनपद चंपावत को ₹8810.90 लाख (लगभग ₹88.11 करोड़) की कुल 08 विकास योजनाओं की सौगात दी-जिनमें 03 योजनाओं का लोकार्पण और 05 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

लोकार्पण -कुल 03 योजनाएँ, लागत ₹2478.56 लाख
1. नायकगोठ-हनुमानगढ़ी मोटर मार्ग पर आर्च मोटर सेतु (₹1377.14 लाख)
विधानसभा क्षेत्र चंपावत के ग्राम नायकगोठ से हनुमानगढ़ी खेतखेड़ा थ्वालखेड़ा मोटर मार्ग पर निर्मित 125 मीटर स्पान आर्च मोटर सेतु का लोकार्पण किया गया, जिससे स्थानीय संपर्कता को नया बल मिलेगा।
2. चंपावत के आंतरिक संपर्क मार्गों का हॉट मिक्स द्वारा सुधार (₹992.12 लाख)
प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग द्वारा चंपावत के आंतरिक मार्गों को सुदृढ़ करने का कार्य पूर्ण किया गया।
3. कलेक्ट्रेट भवन का कुमाऊँनी शैली में पुनर्निर्माण (₹109.30 लाख)
ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा पारंपरिक स्थापत्य शैली में कलेक्ट्रेट भवन का पुनर्निर्माण कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया गया।

शिलान्यास-कुल 05 योजनाएँ, लागत ₹6332.34 लाख
1. तहसील कार्यालय चंपावत भवन का निर्माण (₹1385.68 लाख)
उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, लोहाघाट द्वारा प्रस्तावित इस भवन से प्रशासनिक कार्यक्षमता को मजबूती मिलेगी।
2. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत तीन वाटरशेड विकास परियोजनाओं का शुभारम्भ
Champawa/WDC/PMKSY 20/4/2021-22 &1092-56 yk[k

Champawat/WDC/PMKSY 20/11/2021-22 —1332.24 लाख

Champawat/WDC/PMKSY 20/11/2021-22 —1563.52 लाख

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “इन परियोजनाओं से चंपावत के समग्र और संतुलित विकास को नई दिशा मिलेगी। इससे ग्रामीण आजीविका सशक्त होगी, क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा।”

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश महामंत्री निर्मल महरा, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, पूरन महरा, हिमेश कलखुड़िया, शिवराज कठायत, गुंजन सुखेजा, सतीश पांडे, पुष्पा विश्वकर्मा, केदार बृजवाल, विकास शाह सहित जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, मंगला त्रिपाठी संयुक्त निदेशक सहकारिता विभाग साहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

सीएम धामी की टनकपुर में ‘एकता पदयात्रा’, युवाओं को स्वदेशी व नशा मुक्त भारत के लिए किया प्रेरित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने एक दिवसीय चंपावत भ्रमण कार्यक्रम के तहत को टनकपुर पहुँचे। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘एकता पदयात्रा’ में प्रतिभाग किया।

यह पदयात्रा डिग्री कॉलेज टनकपुर से प्रारंभ होकर गांधी मैदान तक सम्पन्न हुई। मुख्यमंत्री ने पैदल चलकर जनसमूह को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और स्वावलंबन का संदेश दिया।

डिग्री कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि “सरदार वल्लभभाई पटेल भारत की एकता, अखंडता और दृढ़ संकल्प के प्रतीक हैं। स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान और देश की रियासतों के एकीकरण में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी, जो नवजवानों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल के जीवन से हमें राष्ट्रहित में समर्पण, अनुशासन और एकता का प्रेरणादायक संदेश मिलता है। उन्होंने इस अवसर पर सभी को ‘नशा मुक्त भारत निर्माण’ का सामूहिक संकल्प भी दिलाया।

एकता मार्च में टनकपुर के युवाओं का विशेष उत्साह देखने को मिला। एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक, स्थानीय छात्र-छात्राएँ, नौजवानों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ साथ स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। युवाओं ने ‘नशा मुक्त भारत’ और ‘स्वदेशी अपनाओ’ के नारों के साथ एकता और देशभक्ति का सन्देश दिया।

मुख्यमंत्री के आह्वान पर जनसमूह में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का वातावरण व्याप्त हो गया, जिससे राष्ट्रीय एकता के इस पर्व को और भी अधिक गरिमामय बना दिया गया।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश महामंत्री निर्मल महरा, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, पूरन महरा, हिमेश कलखुड़िया, शिवराज कठायत, गुंजन सुखेजा, सतीश पांडे, पुष्पा विश्वकर्मा, श्री केदार बृजवाल, विकास शाह सहित जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, मंगला त्रिपाठी संयुक्त निदेशक सहकारिता विभाग साहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

अब उत्तराखंड में रहने वाले परिवारों की पहचान और वास्तविक संख्या आएगी सामने

उत्तराखंड में निवासरत सभी परिवारों को अब विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। इसके साथ ही राज्य में लागू विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को इस संख्या से एकीकृत किया जाएगा। धामी कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में इसके लिए नियोजन विभाग के अंतर्गत देवभूमि परिवार योजना लागू करने को सैद्धांतिक सहमति दे दी गई। इससे जहां राज्य में रहने वालेे परिवारों की पहचान और वास्तविक संख्या सामने आएगी, वहीं जनोपयोगी योजनाओं में पात्र लाभार्थी कितनी योजनाओं का लाभ ले चुके हैं और कितनी का लाभ प्राप्त करना शेष हे, इसे लेकर भी तस्वीर साफ होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में 12 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लगाई गई। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि देवभूमि परिवार योजना के तहत राज्य में रहने वाले प्रत्येक परिवार का डाटा बेस तैयार कर उन्हें विशिष्ट परिवार पहचान संख्या दी जाएगी। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी परिवारों को इस संख्या से संबद्ध किया जाएगा। यही नहीं, लाभार्थी परिवारों को समस्त योजनाएं एक क्लिक पर दिखाई देंगी, जिसके लिए वे पात्र हैं।

ये होंगे लाभ
नागरिकों व परिवारों की समग्र एवं व्यापक प्रोफाइल होगी तैयार, जिसमें सामाजिक, आर्थिक व जनसंख्यायिकी विवरण भी शामिल होगा।
अपात्र लाभार्थियों के चिह्नीकरण एवं ऐसे प्रकरणों के निदान में मदद डाटा बेस के आधार पर पात्र लाभार्थी को मिलेगी सूचना।
विभिन्न योजनाओं व सेवाओं के लिए आवेदन के समय दस्तावेजों के फिर से प्रस्तुतीकरण का उन्मूलन।
योजनाओं व सेवाओं के माध्यम से सरकार सीधे नागरिकों से स्थापित कर सकेगी संवाद।
विभिन्न विभागों की जनहित की नीतियों, योजनाओं को अधिक सक्षम व प्रभावी बनाने में मदद।
नागरिकों, विशेष रूप से वंचित वर्गों तक योजनाओं की सुनिश्चित हो सकेगी पहुंच।
आपदा की स्थिति में सीधे नागरिकों व परिवारों से संवाद स्थापित कर राहत वितरण में मिलेगी मदद।

उत्तराखंडः यूसीसी नियमों में कई बदलाव, जानिए…

उत्तराखंड समान नागरिक संहिता में कई बदलाव किये गए हैं। जिसके तहत अब लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले युगलों की गोपनीयता और गोपनीय किया गया है। नए बदलाव के अनुसार अब लिव इन में रहने वाले युगलों को अपने संबंधों की जानकारी माता-पिता को देने की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। पुलिस को भी इनकी सूचना केवल जानकारी के लिए ही दी जाएगी।

लिव इन संबंधों की समाप्ति पर युवती के गर्भवती होने अथवा बच्चे होने की सूचना देना अनिवार्य नहीं होगा। लिव इन में रहने वालों को मकान मालिक से प्रमाण पत्र लेना भी जरूरी नहीं होगा। साथ ही नियमावली से अब वैवाहिक पंजीकरण के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता को हटा दिया गया है।

प्रदेश में इस वर्ष फरवरी से समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है। इसके क्रियान्वयन के लिए नियमावली भी बनाई गई है। इस नियमावली के कई प्रविधानों पर निजता के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा था। इस पर कई व्यक्तियों ने हाईकोर्ट में दस्तक दी थी। हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में गृह विभाग ने अब इस नियमावली में संशोधन कर दिया है। इसे समान नागरिक संहिता चतुर्थ संशोधन नियमावली नाम दिया गया है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसमें विवाह पंजीकरण व लिव इन संबंधी कई अहम संशोधन किए गए हैं।

लिव इन के लिए किए गए संशोधन

– 21 वर्ष से कम उम्र वाले बालिगों के माता-पिता या अभिभावकों को सूचना देना जरूरी नहीं।

– विवाह पंजीकरण के बाद किए गए धर्म परिवर्तन की सूचना देना जरूरी नहीं

– लिव इन में धर्म परिवर्तन की जानकारी देना आवश्यक

– लिव इन में अब पांच दिनों के स्थान पर पंजीकरण अधिकारी 24 घंटे में मांगेगे वांछित जानकारी

– लिव इन में आने के लिए मृतक पत्नी अथवा पूर्व सहवासी के बारे में जानकारी देना स्वैच्छिक

– लिव इन के दौरान अपनी जातियों से संबंधित जानकारी देना ऐच्छिक

– लिव इन में धर्म गुरूओं से प्रमाण पत्र लेने की बाध्यता नहीं

– लिव इन में पंजीकरण के लिए आधार नंबर के ओटीपी को भरने की अनिवार्यता भी समाप्त

– लिव इन में पुलिस द्वारा जांच की व्यवस्था की व्यवस्था समाप्त

अब विवाह पंजीकरण पर ये दस्तावेज भी मान्य

अब विवाह पंजीकरण के लिए आधार कार्ड के साथ ही पासपोर्ट, वोटर आइडी, राशन कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस व केंद्र या राज्य सरकारी जारी वैध अन्य पहचान पत्रों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके लिए नियमावली में संशोधन कर दिया गया है।

ऊखीमठ नगर पंचायत, मदमहेश्वर मेला समिति ने किया सीएम धामी का आभार

उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती उत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ की प्रतिकृति स्मृति चिह्न के रूप में भेंट किए जाने पर ऊखीमठ नगर पंचायत, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों तथा नगर पंचायत मदमहेश्वर मेला समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

अपने आभार पत्र में ऊखीमठ नगर पंचायत द्वारा कहा गया कि मुख्यमंत्री धामी द्वारा केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ की प्रतिकृति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया गया। इस पहल से उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के महात्म्य और ऐतिहासिक महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार भी होगा।

नगर पंचायत अध्यक्ष, जनप्रतिनिधियों तथा मदमहेश्वर मेला समिति के सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस भावनात्मक पहल से क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाइयाँ मिली हैं। इससे श्रद्धालु एवं पर्यटक ओंकारेश्वर मंदिर के प्रति अधिक आकर्षित होंगे, जिससे स्थानीय पर्यटन एवं अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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सीएम ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 81.52 करोड की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मिसिंग लिंक फंडिंग कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद चमोली के गोपीनाथ मंदिर मार्ग का स्थानीय शैली के माध्यम से निर्माण किये जाने हेतु ₹ 9.79 करोड़, पंचम राज्य वित्त आयोग में पूंजीगत परिसम्पत्तियों के सृजन मद से नगर पंचायत, गूलरभोज क्षेत्रान्तर्गत मछली बाजार में दुकानों के निर्माण हेतु ₹ 54.37 लाख, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के अन्तर्गत नगर निगम, कोटद्वार स्थित लीगेसी वेस्ट के निस्तारण हेतु भारत सरकार द्वारा स्वीकृत लागत ₹ 92.40 लाख के सापेक्ष केन्द्रांश के रूप में 40 प्रतिशत धनराशि ₹ 33.26 लाख स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजनान्तर्गत जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ में जवाग्वाड के पास धौली नदी पर 120 मी० स्पान पैदल झूला पुल के निर्माण कार्य हेतु ₹ 9.98 करोड, जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र धनोल्टी के अन्तर्गत थत्यूड-मराड मोटर मार्ग हेतु ₹ 3.34 करोड़, जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र सल्ट के अन्तर्गत तल्ली चम्याड़ी से रणतखाल मोटर गार्ग के अवशेष के निर्माण कार्य हेतु ₹ 5.64 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस लाईन रेसकोर्स देहरादून में टाईप द्वितीय (ब्लॉक-बी) के 120 आवासों के निर्माण हेतु ₹ 50.79 करोड, क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विकासखण्ड भीमताल के नौकुचियाताल (सिलोटीपन्त) के हैलीपैड में ऑफिस के निर्माण एवं यात्री विश्राम स्थल का निर्माण कार्य तथा हैलीपैड स्थल की सतह पर पैन्टिंग कार्य हेतु ₹ 24.68 लाख के साथ ही राजकीय मुद्रणालय, रुड़की के प्रयोगार्थ कलर्ड मल्टीफंग्शन मुद्रण मशीन, डिजीटल मुद्रण मशीन तथा डाक्यूमेंट डुप्लीकेटर मुद्रण मशीन क्रय किये जाने हेतु ₹ 85.69 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

वन खेलकूद प्रतियोगिता में 42 टीमों के 3390 खिलाड़ी, 700 महिला प्रतिभागियों को सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर (देहरादून) में आयोजित अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल एवं कल्पना सैनी, तथा विधायक उमेश शर्मा ‘काउ’, खजान दास, सविता कपूर, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

देवभूमि में खिलाड़ियों और वन अधिकारियों का स्वागत
मुख्यमंत्री ने मंच से देश के विभिन्न राज्यों से पधारे वन अधिकारियों, खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि 28वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता की मेजबानी का सौभाग्य उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है।
उन्होंने इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार व्यक्त किया तथा वन विभाग और आयोजकों को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।

3390 खिलाड़ी, 42 टीमें, 700 से अधिक महिला प्रतिभागी
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष प्रतियोगिता में देशभर के 42 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 3390 खिलाड़ी, जिनमें 700 से अधिक महिला खिलाड़ी, भाग ले रही हैं।
उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “खेल केवल शारीरिक तंदुरुस्ती का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण का भी आधार हैं।”

खेल संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के दोहरे संकल्प पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल व्यक्ति में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि वन कर्मियों का फिट रहना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि वही वन और पर्यावरण की रक्षा के असली प्रहरी हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ वन संपदा के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी सतत प्रयासरत है।

स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान और खिलाड़ियों को सम्मान
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां, एक राज्य खेल विश्वविद्यालय, और महिलाओं के लिए महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को हमारी सरकार ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति दे रही है और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान कर रही है।”

मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की बेटी स्नेहा राणा को 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की गई है।

ग्रीन गेम्स और खेल वन की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में संपन्न 38वें राष्ट्रीय खेलों को उत्तराखंड ने ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित किया, जहाँ सभी सामग्री ई-वेस्ट और रिसाइकल्ड मटेरियल से तैयार की गई।
उन्होंने बताया कि 2.77 हेक्टेयर भूमि पर ‘खेल वन’ विकसित किया गया है, जहाँ पदक विजेताओं के नाम पर 1600 से अधिक रुद्राक्ष वृक्ष लगाए गए हैं। “यह स्थल खेल उत्कृष्टता के साथ हरित चेतना का प्रतीक बनेगा।”

वन्यजीव संरक्षण में आधुनिक तकनीक का प्रयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लगभग 71 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो इसे देश का ‘ऑक्सीजन बैंक’ और ‘वाटर टॉवर’ बनाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6 राष्ट्रीय उद्यान, 7 वन्यजीव विहार और 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र हैं- जो पूरे देश के औसत से कहीं अधिक है।
उन्होंने बताया कि वन्यजीव संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने जीपीएस ट्रैकिंग, ड्रोन सर्विलांस, डॉग स्क्वॉड जैसी आधुनिक तकनीकें लागू की हैं।

साथ ही, मानव-वन्यजीव संघर्ष में मुआवजा राशि को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।

सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना और इको-टूरिज्म
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में “सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना” के तहत युवाओं को नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ट्रेकिंग गाइड और इको-टूरिज्म उद्यमी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही, “कैन्टर राइड” जैसी पहलों से स्थानीय समुदायों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन से जोड़कर उनकी आजीविका सशक्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट में ‘वन्यजीवों का एम्स’ कहे जाने योग्य आधुनिक रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से से हल्द्वानी जू सफारी परियोजना और उत्तरकाशी में प्रस्तावित स्नो लेपर्ड कंज़र्वेशन सेंटर की स्वीकृति हेतु सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा “ये दोनों परियोजनाएं राज्य के पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों से आग्रह किया कि “यदि आप इस स्टेडियम परिसर में अपनी माता के नाम एक पौधा लगाएंगे, तो यह माँ के प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक होगा और इस आयोजन को यादगार बनाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि देशभर से आए वन अधिकारी और खिलाड़ी अपनी अनुशासन, परिश्रम और खेल भावना से न केवल खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे, बल्कि वन संपदा के संरक्षण और हरित उत्तराखंड निर्माण के संकल्प को भी साकार करेंगे। “आप सभी अपने परिश्रम से न केवल राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित, स्वस्थ और सशक्त उत्तराखंड का निर्माण कर रहे हैं।”

धामी कैबिनेट हुए संपन्न, 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर, कमर्शियल संपत्ति पर केस टू केस निर्णय होगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य स्थापना रजत जयंती (राज्योत्सव) के विशेष अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य को दिए गए मार्गदर्शन के लिए मंत्रिमंडल ने आभार व्यक्त किया।

वहीं कैबिनेट ने संविदा कर्मचारियों के विनियमितीकरण के विषय में कट आफ डेट वर्ष 2018 तय कर दी है। वर्ष 2018 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को किया विनियमित किया जाएगा।

कैबिनेट ने अपने आभार में कहा कि राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी मार्गदर्शन से उत्तराखंड राज्य को सतत विकास, लोक कल्याण और नवाचार के पथ पर आगे बढ़ाने की दिशा में संकल्प और भी सुदृढ़ हुआ है।

मंत्रिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में मिले इन प्रेरक संदेशों से प्रदेश गठन के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार निरंतर तत्पर रहेगी। साथ ही, कैबिनेट द्वारा समस्त कर्मचारियों व जनता का सहयोग एवं सहभागिता सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया गया है। इस दौरान 12 प्रस्ताव कैबिनेट बैठक में आए।

इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
शहरी विकास विभाग के प्रस्ताव पर मुहर।
शहरी विभाग निदेशालय पीएमयूके गठन को मंजूरी, 4 पद हुए स्वीकृत।
वित्त विभाग में टेंडर प्रक्रिया में इंश्योरेंस के तहत बीमा की भी होगी गारंटी।
कार्मिक विभाग के तहत दैनिक वेतन,संविदा कर्मियों के लिए नियमतिकरण के लिए कटऑफ डेट तय। वर्ष 2018 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को किया जाएगा विनियमित।
आपदा प्रबंधन पुनर्वास के तहत उत्तरकाशी के धराली में जो आपदा आयी थी साथ प्रदेश में जो आपदा आयी थी। उसमें मृत व्यक्तियों के परिजनों को 5 लाख देने पर सहमति, पक्के मकान के 5 लाख देने पर भी सहमति।
कमर्शियल संम्पति पर केस टू केस निर्णय लिया जाएगा।
नियोजन विभाग के तहत उत्तराखंड में निवासरत परिवारों के लिए बनेगी आईडी, देवभूमि परिवार योजना के तहत बनेगी आईडी।
उपनल कर्मचारियों की मांग पर कैबिनेट ने बनाई समिति। कैबिनेट की बनाई गई उपसमिति दो महीने के भीतर कमेटी देगी रिपार्ट।
उपनल अब विदेशों में भी कर्मचारियों के लिए करेगा नियुक्ति। भारत विदेश मंत्रालय में उपनल करेगा रजिस्ट्रेशन।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन पर उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्राप्त मार्गदर्शन-शुभकामनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया गया।

कैबिनेट ने अपने आभार संदेश में कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी मार्गदर्शन से उत्तराखंड को सतत विकास, लोककल्याण और नवाचार के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार का संकल्प और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
बैठक में मंत्रिमंडल ने यह विश्वास भी व्यक्त किया कि राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में मिले इन प्रेरक संदेशों से प्रदेश के गठन के मूल लक्ष्यों की प्राप्ति और सर्वांगीण विकास की दिशा में नई ऊर्जा प्राप्त होगी। साथ ही, कैबिनेट ने प्रदेशवासियों और राज्य कर्मियों से सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड को माडल राज्य बनाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

सीएम ने औद्योगिक विकास व विभिन्न उद्यम विभाग के द्वितीय संकलन पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड की रजत जयंती वर्ष में औद्योगिक विकास तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा शासनादेशों का द्वितीय संकलन पुस्तक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास एवं रोजगार संवर्द्धन में औद्योगिक विकास विभाग एवं एमएसएमई की नीतियों की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस संकलन से नीति निर्माण की प्रक्रिया में सरलता आयेगी। यह पुस्तक भविष्य के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होने के साथ-साथ राज्य में निवेश प्रस्तावों व इन्वेस्टर्स मीट आदि आयोजनों के लिए भी शासनादेशों का यह संकलन अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगा। औद्योगिक विकास विभाग द्वारा दूसरी बार संकलन का प्रकाशन किया जाना, निःसंदेह प्रशंसनीय कार्य है।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राज्य में निवासरत युवाओं/युवतियों को स्वरोजगार अपनाने के लिए भी यह पुस्तक अत्यन्त लाभकारी सिद्ध होगी तथा अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करने में मददगार साबित होगी।

इस अवसर पर सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय एवं महानिदेशक उद्योग सौरव गहरवार के साथ ही विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।