हवाई हादसा, बोइ्रंग विमान में सवार 170 यात्रियों की मौत

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच तेहरान में यूक्रेन का एक यात्री विमान बोइंग 737 दुर्घटना का शिकार हो गया। इस विमान में सवार कुल 170 यात्रियों की मौत हो गई है। ईरानी मीडिया के हवाले से कहा जा रहा है कि यह दुर्घटना तकनीकी खामी के कारण हुआ है।
विमान ने तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से यूक्रेन की राजधानी कीव के बोर्यस्पिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे लिए उड़ान भरी थी। बताया जा रहा है कि दुर्घटना का कारण तकनीकी खामी हो सकती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रवक्ता रजा जाफरजादेह ने बताया कि यह विमान तेहरान के दक्षिण पश्चिमी इलाके में दुर्घटना का शिकार हुआ है। जांचदल और बचाव कर्मी दुर्घटनास्थल पर पहुंचें हालांकि उन्हें कोई भी जिंदा नहीं मिला।
वहीं, ताजा हमले के बाद अमेरिका ने तत्काल प्रभाव से ईरान और इराक के ऊपर से किसी भी अमेरिकी फ्लाइट के गुजरने पर पाबंदी लगा दी है। अमेरिका को आशंका है कि ईरान समर्थित विद्रोही संगठन अमेरिकी हवाई जहाजों को निशाना बना सकते हैं। कुछ दिनों पहले भी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि विद्रोहियों के पास विमान को मार गिराने वाली मिसाइलें हैं।
बता दें कि अमेरिकी एयर स्ट्राइक में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या किए जाने के बाद बुधवार को जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने इराक में मौजूद अमेरिका के अल-असद एयरबेस पर कई रॉकेट दागे। पेंटागन के अनुसार उसके एयरबेस पर एक दर्जन से ज्यादा मिसाइलें दागी गई हैं। इस एयरबेस पर अमेरिका के साथ गठबंधन सेनाएं तैनात हैं। इस हमले में अमेरिकी गठबंधन सेना को कितना नुकसान हुआ है इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल सकी है।

सर्वे ऑफ़ इंडिया के सहयोग से चकबंदी में मिलेगी मदद

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में कृषि भूमि की चकबंदी के लिए सरकार थ्री डी मैपिंग कराने जा रही है। इससे कृषि भूमि के खसरा नंबर की वास्तविक स्थिति का पता लग सकेगा। राजस्व विभाग सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से थ्री डी मैप तैयार करवा रहा है। पहाड़ों में चकबंदी न होने के कारण सरकार की अनुबंध खेती की योजना परवान नही चढ़ पा रही है। पौड़ी जनपद के पांच गांवों में भी अभी तक चकबंदी नहीं हो पाई है। अब निर्णय लिया गया है कि इन गांवों में ड्रोन के जरिये एरियल सर्वे कराया जाएगा।
पर्वतीय क्षेत्रों में बिखरी कृषि जोत होने से किसानों को मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है और खेती से मुनाफा कम होने के चलते लोगों का कृषि से रुझान कम हो रहा है। गौरतलब है कि सरकार ने पहाड़ों के लिए आंशिक और स्वैच्छिक चकबंदी को कानूनी रूप से मान्य किया है। लेकिन अभी तक पर्वतीय क्षेत्रों में एक भी गांव में चकबंदी नहीं हो पाई है। सरकार ने पौड़ी जनपद के पांच गांवों से आंशिक व स्वैच्छिक चकबंदी की शुरुआत की है।
इनमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गांव खैरासैंण, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गांव पंचूर, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का गांव औणी समेत दो अन्य गांव शामिल हैं। इन गांवों में कृषि भूमि अभिलेखों का डाटा तैयार कर लिया है। अब ड्रोन से एरियल सर्वे किया जाएगा। प्रदेश में भूमि बंदोबस्त न होने के कारण चकबंदी करने में सबसे बड़ी समस्या आ रही है। एक ही जमीन के गोल खाते में कई हिस्सेदार हैं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं है कि उनकी जमीन कहां पर है। अब सरकार चकबंदी को बढ़ावा देने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में थ्री डी मैपिंग करेगी।
वहीं, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जनपद में अनिवार्य चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें हरिद्वार में 108 और ऊधमसिंह नगर में 50 गांव शामिल हैं। जबकि पर्वतीय जनपद पौड़ी के मात्र पांच गांवों में चकबंदी हो रही है। मैदानी जनपदों की तुलना में पहाड़ों में चकबंदी करना मुश्किल है।
अपर सचिव एवं आयुक्त, चकबंदी, बीएम मिश्र ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में चकबंदी के लिए सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से थ्री डी मैप तैयार किया जाएगा। इससे पहाड़ों में गोल खातों व बिखरी कृषि जोत की वास्तविक स्थिति सामने आने से चकबंदी में आसानी होगी।

पहाड़ों में बर्फबार से बढ़ी परेशानी, पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराना बना चुनौती

मौसम विभाग ने आज देहरादून सहित राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ ओले और भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को सतर्क कर दिया है।
प्रदेश भर में आज सुबह से ही अधिकांश जगह बादल छाये रहने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके बाद दून में बूंबाबांदी शुरू हो गई। वहीं, बर्फबारी के बाद अब पहाड़ी इलाकों में खून जमाने वाली ठंड पड़ रही है। कुमाऊं में आज काशीपुर, रामनगर में धूप खिली है। पंतनगर, अल्मोड़ा, लोहाघाट, चंपावत और रुद्रपुर में बादल छाए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग की मानें तो मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के हिसाब से जिले में सभी विभागों को सतर्क कर दिया है। इसके लिए यदि किसी विभाग के पास संसाधनों की कमी है तो वह जिला प्रशासन से संपर्क कर सकता है। लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान आदि विभागों के कर्मचारियों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जेसीबी, चूना और नमक आदि के साथ तैनात रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
लोनिवि और राजमार्ग को बर्फबारी वाले स्थानों पर जेसीबी की तैनाती, चूना आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये है। वैकल्पिक मार्गों से यातायात सुचारु कराना। अपने-अपने विभागीय गेस्ट हाउस को अलर्ट मोड पर रखना जिससे किसी भी स्थिति में पर्यटकों और स्थानीय जनता को इनमें शिफ्ट करने में दिक्कत न हो।
जल संस्थान व पेयजल निगम को बर्फबारी के कारण पानी जमने और पाईप लाइन क्षतिग्रस्त होने की दशा में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विद्युत विभाग से विद्युत आपूर्ति बाधित होने के तत्काल बाद स्थिति को सामान्य बनाने काम प्रमुख रूप से करने के निर्देश दिये गये है।
गौरतलब है कि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद रविवार को मौसम साफ हुआ तो बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए ऊंची चोटियों पर पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में पर्यटकों ने लोखंडी, धारना धार, देववन, बुधेर पहुंच बर्फबारी का लुत्फ उठाया। दिनभर ऊंची चोटियां पर्यटकों से गुलजार नजर आई हालांकि, शाम चार बजे बाद चलने वाली ठंडी हवाओं ने लोगों को सिहरन का एहसास करा दिया।
शाम को चली ठंडी हवाओं के चलते तापमान माइनस में चला गया। रविवार को चकराता का अधिकतम तापमान छह डिग्री और न्यूनतम -01 डिग्री रहा। शाम ढलते ही लोगों के घरों और दुकानों में अलाव जल उठे।बर्फबारी के चलते होटल मभी फुल हो गए। सोमवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटकों के चकराता और आसपास की ऊंची चोटियों का रुख करने का अनुमान है।
गोपेश्वर जिले में हो रही बर्फबारी ने दूरस्थ गांव के लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। जिले में 30 से अधिक गांवों में इस समय बर्फ की चादर बिछी हुई है। अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में घरों के ऊपर तक कई फीट बर्फ जमी हुई है।
चारों तरफ बर्फ पड़ने से मवेशियों के लिए चारा पत्ती की समस्या आ गई है। ठंड के कारण नलों में पानी जम रहा है, जिससे लोग प्राकृतिक स्रोत का सहारा ले रहे हैं। पाणा गांव की बीना देवी, शांति देवी, सीमा देवी, अनीता देवी सहित अन्य लोगों ने बताया कि पिछले बर्फबारी से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। बर्फबारी का नजारा देखने के लिए रविवार को पर्यटन नगरी धनोल्टी और काणाताला क्षेत्र बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे, लेकिन पर्यटकों को चंबा-धनोल्टी मार्ग पर सुबह से लेकर अपराह्न तक जाम की समस्या से जूझना पड़ा। बर्फ के ऊपर पाला गिरने से वाहन रपटने के कारण बार-बार मार्ग पर जाम लगता रहा। जाम को देखते हुए पुलिस प्रशासन को बुरांशखंडा और कद्दूखाल में बैरियर लगाकर वाहनों को रोकना पड़ा।

7 जनवरी को देहरादून में रहेगा रुट डायवर्ट, जानकारी रखें और असुविधा से बचे

उत्तराखंड विधानसभा के सात जनवरी को होने वाले विशेष सत्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस कड़ी में सोमवार को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई है। विशेष सत्र में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए अगले 10 साल तक आरक्षण बढ़ाने के केंद्र सरकार के निर्णय के मद्देनजर अनुसमर्थन प्रस्ताव पारित किया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा संविधान में दी गई व्यवस्था के अनुसार अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए अगले 10 साल के लिए आरक्षण की अवधि को बढ़ाया गया है। अब राष्ट्रपति से इसे अनुमोदन मिलना है। इससे पहले सभी राज्यों की विधानसभाओं में यह प्रस्ताव पारित कराया जाना जरूरी है। इसी के दृष्टिगत उत्तराखंड विधानसभा का भी विशेष सत्र सात जनवरी को आहूत किया गया है। राजभवन की मंजूरी के बाद विशेष सत्र की अधिसूचना जारी की जा चुकी है।
अब सत्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस कड़ी में सोमवार को विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेेमचंद अग्रवाल ने बताया कि कार्यमंत्रणा में सत्र के सफल संचालन के लिए विधिवत कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी। सात जनवरी को होने वाले एकदिवसीय विधानसभा विशेष सत्र के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। सत्र के दौरान यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस ने रूट प्लान जारी कर दिया है। इसके साथ ही धरना-प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रगति विहार, शास्त्री नगर, बाईपास और डिफेंस कॉलोनी पर बैरियर स्थापित किए गए हैं।
रूट प्लान देखकर निकले
सभी भारी वाहनों को कारगी चैक व डोईवाला से दूधली रोड की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
देहरादून से हरिद्वार, ऋषिकेश, टिहरी, चमोली जाने वाले वाहन ईसी रोड से नेहरू कॉलोनी, फव्वारा चैक से छह नंबर पुलिया से रायपुर थानो होते हुए जाएंगे।
धर्मपुर चैक से आइएसबीटी की ओर जाने वाला यातायात माता मंदिर रोड होते हुए पुरानी बाईपास चैकी से आइएसबीटी की ओर जाएगा।
मोहकमपुर की ओर से मसूरी जाने वाले वाहन जोगीवाला, रिंग रोड, लाडपुर, सहस्रधारा क्रॉसिंग, आइटी पार्क से मसूरी मार्ग की ओर जाएगा।
मोहकमपुर से देहरादून शहर की ओर आने वाले वाहन जोगीवाला, छह नंबर पुलिया, नेहरू कॉलोनी, आराघर, ईसी रोड होते हुए देहरादून आएंगे।
प्रत्येक संभावित जुलूस अनुमति प्राप्त करने के बाद केवल बन्नू स्कूल से निकलेंगे और इनके वाहन भी बन्नू स्कूल में पार्क किए जाएंगे।
डोईवाला से देहरादून की ओर आने वाली सिटी बसें जोगीवाला से डायवर्ट की जाएंगी जो कि कैलाश अस्पताल से यू-टर्न लेंगी।
डिफेंस कॉलोनी जाने वाले व्यावसायिक वाहनों को नेहरू कॉलोनी थाना कट से पुरानी चैकी बाईपास की ओर डायवर्ट किया जाएगा। स्थानीय निवासियों के व्यक्तिगत वाहनों को विशेष परिस्थितियों मे ही डायवर्ट किया जाएगा।
आइएसबीटी से ऋषिकेश, हरिद्वार की ओर जाने वाले समस्त भारी वाहन, परिवहन निगम की रोडवेज बसें कारगी चैक से दूधली होते हुए भेजी जाएंगी।
सामान्य स्थिति में व्यक्तिगत वाहनों को डायवर्ट नहीं किया जाएगा, लेकिन व्यावसायिक वाहनों को लगातार डायवर्ट किया जाएगा। वे किसी भी दशा में विधानसभा की ओर नही जाएंगे।

बर्खास्त सिपाही करवाता था वाहन की चोरी, पुलिस की दबिश में हुआ खुलासा

एएसपी राजीव मोहन, सीओ सिटी विजय थापा ने पत्रकारों को बताया कि तीन दिसंबर को मुक्तेश्वर के आर्चेड रिसॉर्ट व हाल तल्लीताल निवासी विक्रम बिष्ट की तल्लीताल क्षेत्र में पार्क स्कार्पियो यूके-04 वी, 1177 चोरी हो गई थी। यह वाहन बरामद नहीं हुआ था कि 17 दिसंबर को पूर्व पुलिस अधीक्षक आरएस नयाल निवासी सिपाहीधारा की यूके-04 एए, 4256 आई-20 कार चोरी हो गई। चोरी के इन मामलों के खुलासे के लिए एसएसपी के निर्देश पर एएसपी राजीव मोहन द्वारा सीओ के नेतृत्व में एसओजी का गठन किया। एसओजी की टीमों को वाहनों की सुरागकशी के लिए उत्तर प्रदेश के बरेली, शाहजहांपुर, कानपुर, झांसी रवाना किया गया।
एसओजी प्रभारी अबुल कलाम, एसआइ दिलीप कुमार की टीम ने परवेज अहमद (45) पुत्र सलीम अहमद निवासी शिया मस्जिद के पास नई बस्ती, कोतवाली झांसी तथा रियासत अली पुत्र आले मोहम्मद निवासी 101 सूर्यनगर, एचएमटी जीटर ट्रैकर कंपनी के पीछे पोस्ट उरई थाना कोतवाली जिला जालौन उत्तर प्रदेश को शनिवार को बरेली से गिरफ्तार किया है। इनके पास से नैनीताल निवासी पूर्व पुलिस अधीक्षक आरएस नयाल की यूके-04 एए, 4256 आई-20 कार बरामद हुई है। पकड़े गए गिरोह की निशानदेही पर ही नैनीताल, झांसी तथा कानपुर से चोरी कई स्कार्पियो भी बरामद की गई हैं। यह स्कार्पियो किसकी हैं, नंबरों के आधार पर उनका पता लगाया जा रहा है। पकड़े गए आरोपितों में कुछ और लोग भी शामिल हैं, पुलिस इनसे पूछताछ कर उनकी तलाश कर रही है। कार चोर गिरोह का मास्टर माइंड परवेज है। इसने पुलिस को पूछताछ में बताया कि विभिन्न राज्यों से वाहन चोरी कर नेपाल में बेचते थे। अभियुक्त परवेज उत्तर प्रदेश पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। नैनीताल से चोरी दोनों वाहनों को फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उपयोग में लाया जा रहा था।
अपराध के दलदल में फंस चुके उत्तर प्रदेश पुलिस का बर्खास्त सिपाही वाहन चोर गिरोह का मास्टर माइंड बन गया। बर्खास्त सिपाही पर हत्या के दो, हत्या के प्रयास के चार मुकदमे दर्ज हैं। चोर गिरोह घटना को अंजाम देने से पहले वाहन का बोनट खोलते थे, उसके बाद स्टेङ्क्षरग का लॉक तोड़ते थे। यहीं नहीं गाड़ी के बैक लाइट तोड़कर पूरी गाड़ी की लाइटिंग सिस्टम को ध्वस्त कर अपना सॉफ्टवेयर स्टॉल कर देते थे। फिर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेरोकटोक ले जाते थे। दरअसल गिरोह का सरगना परवेज निवासी नई बस्ती, कोतवाली झांसी 1995 बैच का सिपाही था। राज्य बनने के बाद 2000 से 2009 तक नैनीताल पुलिस लाइन में टेलीफोन ड्यूटी पर तैनात रहा, फिर उत्तर प्रदेश के लिए रिलीव हो गया। आपराधिक घटनाओं में शामिल होने की वजह से परवेज को उप्र में नौकरी से बर्खास्त कर दिया। परवेज पर झांसी कोतवाली में हत्या के दो व हत्या के प्रयास के चार मुकदमे दर्ज हैं। हाल ही में उसने वाहनों को उड़ाने का गिरोह बना लिया। सूत्रों के अनुसार नैनीताल में सेवारत रहने के दौरान उसे शहर का पूरा अनुभव था। पहले उसने तल्लीताल क्षेत्र से स्कार्पियो उड़ाई, फिर सिपाहीधारा में अक्सर पार्क रहने वाली आइ-20 उसके निशाने पर थी। उसे भी उड़ा लिया। आरोपित परवेज ने पूछताछ में बताया कि गाड़ी का सिस्टम 15 मिनट में बदल देते थे। नेपाल में गाड़ी को 80-85 हजार में बेच देते थे। पुलिस गिरफ्त में आया परवेज नैनीताल में पुलिस ड्यूटी के दौरान खुद के कारनामे भी गिनाता रहा।

मानव बम से मिली दुर्गा मंदिर को उड़ाने की धमकी, डीआईजी ने कहा जो भी होगा कार्रवाई होगी

ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्रांतर्गत श्री दुर्गा मंदिर को मानव बम से उड़ा देने की धमकी मिली है। इस मामले में पर्वतीय सांस्कृतिक एवं जन कल्याण समिति के नेतृत्व में मंदिर के पुजारी और श्रद्धालुओं ने एसडीएम से मिलने के बाद अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है।

इस पर डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने शरारत करने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार की सुबह श्री दुर्गा मंदिर के पुजारी भूपेंद्र बडोनी रोजाना की तरह मंदिर के कपाट खोलने पहुंचे।

कपाट खोलकर देखा तो वहां एक पत्र पड़ा हुआ मिला। पुजारी ने पत्र उठाकर देखा तो उसमें दुर्गा मंदिर को मानव बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। तीन लाइन के पत्र के बीच आईएसआईएस लिखा हुआ है।

पुजारी ने तत्काल सूचना मंदिर समिति के अन्य पदाधिकारियों और पार्षद विपिन पंत को दी। सूचना पाकर सभी मंदिर पहुंचे और पत्र पढ़ा। इसके बाद सभी उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एसडीएम प्रेमलाल को मामले में संज्ञान लेकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

पार्षद विपिन पंत ने कहा कि इस तरह से धमकी देने का मामला पूर्व में कभी नहीं हुआ है। डीआईजी अरूण मोहन जोशी ने कहा कि पत्र डालने के पीछे किसकी शरारत है। पुलिस को ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। इस घटना में जो भी संदिग्ध व्यक्ति मिलेंगे, उनका हस्तलेख मिलान किया जायेगा।

वर्ष 2018 में रोपे गए पौधे सही सलामत मिलने पर सीएम हुए खुश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को रिस्पना के उद्गम क्षेत्र कैरवान गांव का भ्रमण किया। उन्होंने गत वर्ष इस क्षेत्र में किये गये बृहद पौधरोपण के तहत लगाये गये पौधों की स्थलीय जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रिस्पना को ऋषिपर्णा नदी के स्वरूप में लाने के लिये कैरवान गांव व इसके आस-पास के क्षेत्र को ऐतिहासिक स्थल बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में रोपे गये अधिकांश पौधे सही सलामत होने की उन्हें हार्दिक खुशी है। उन्होंने कहा कि 2018 में इस क्षेत्र में सघन पौधरोपण कर 75 हजार से अधिक विभिन्न प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया था। उनमें से 90 प्रतिशत पौधों का जीवित होना सुखद अहसास दिलाता है। इन पौधों से उनका लगाव है, इसीलिये इस साल के अंतिम दिन आज उन्हें देखने इस क्षेत्र में आये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रयास वन से जुड़े लोगों को सीखने का भी अवसर है। यह क्षेत्र एक बेहतर डेस्टिनेशन बनने के साथ ही पानी के स्त्रोत को विकसित करने में मददगार होगा। उन्होंने इन पौधों की देखभाल में लगे लोगों व स्वयंसेवी संस्थाओं की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को इस क्षेत्र में एक पट्टी में खस की रोपाई करने को कहा, उन्होंने कहा कि खस की जड़ें गहराई तक जमीन के अन्दर रहती हैं जिससे जल संचय में भी मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक चरण में रिस्पना एवं कोसी नदी को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अन्य नदियों को भी पुनर्जीवित किया जायेगा। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखने के लिए जल संरक्षण की दिशा में विशेष प्रयासों की उन्होंने जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि ‘‘मेरा वृक्ष मेरी याद’’ के भाव से अपने घरों या उसके आसपास एक वृक्ष अवश्य लगाएं। जल संरक्षण के लिए पौधरोपण करना जरूरी है। सूखे जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना हम सबका दायित्व है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर क्षेत्र के बच्चों से भी मुलाकात की तथा उन्हें पौधरोपण के महत्व के बारे में बताया।

पारंपरिक खाद्यान्नों का अपना विशिष्ट स्वादः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को मसूरी विंटर लाइन कार्निवाल 2019 के अंतर्गत उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा आयोजित उत्तराखंड फूड फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने मसूरी कार्निवाल में शामिल पर्यटकों व अन्य लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि फूड फेस्टिवल के माध्यम से राज्य के व्यंजनों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने होटल व्यवसायियों से अपने मैन्यू में स्थानीय व्यंजनों को शामिल करने को कहा। उन्होंने कहा कि हमें अपनी लोक संस्कृति, परंपरा एवं खानपान पर गर्व होना चाहिए। हमारे उत्पाद देश व दुनिया में अपनी पहचान बनाये इसके भी प्रयास होने चाहिए। हमारे पारंपरिक खाद्यान्न पौष्टिकता से भरपूर हैं, इनका अपना विशिष्ट स्वाद है, इसकी बेहतर ब्रांडिंग के जरिये हम इनकी पहचान बनाने में सफल हुए तो इससे इनके उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण आर्थिकी को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर पर श्रेष्ठ व्यंजन बनाने वालों को पुरस्कृत भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य का प्राकृतिक सौंदर्य बेजोड़ है, यह प्रकृति का हमें अनमोल उपहार है, उन्होंने कहा कि राज्य में नये पर्यटन स्थलों के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। मसूरी एवं नैनीताल जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल आज जैसे हैं, उन्हें इस स्वरूप में आने में लगभग 200 साल लगे हैं। किसी स्थान को विकसित होने में समय लगता है। राज्य सरकार पर्यटन को बढावा देने के लिए 13 जिलों में 13 नये गंतव्यों को विकसित कर रही है। आल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन एवं एयर कनेक्टिविटी के विस्तार से संबंधित कार्य तेजी से चल रहे हैं।

राज्य में फिल्मांकन को प्रोत्साहन देने के लिए भी अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, इसके लिए आरामदायक उत्तम श्रेणी के बड़े होटलों की स्थापना एवं फिल्मांकन के अनुकूल स्थलों की पहचान पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देहरादून-मसूरी रोपवे के निर्माण से पर्यटकों को आवागमन में सुविधा होगी, इस दिशा में कार्यवाही गतिमान है। मसूरी में पार्किंग समस्या के समाधान की दिशा में भी कारगर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगाये गये विभिन्न स्टालों का भी अवलोकन किया तथा उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।

अच्छे लोगों को राजनीति से जुड़ना चाहिएः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. नित्यानन्द स्वामी को स्वच्छ राजनीति का पुरोधा एवं सामाजिक बुराइयों के विरूद्ध संघर्ष करने वाला व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, ईमानदार एवं पारदर्शी प्रशासन तथा भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए किए जाने वाले प्रयासों के लिये ऐसे व्यक्ति प्रेरणा व शक्ति प्रदान करते हैं। स्वामी को विनम्रता व दृढ़ता का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज हित के लिये किये जाने वाले कार्यों के लिये हमें सदैव विनम्रता पूर्वक तत्पर रहना चाहिए। विनम्रता कमजोरी नहीं होती है।

शुक्रवार को राजभवन सभागार में श्री नित्यानन्द स्वामी जन सेवा समिति की ओर से स्वामी की 91वीं जयन्ती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि अच्छे लोगों को राजनीति से जुड़ना चाहिए। स्थानीय निकाय चुनावों से ही इसकी शुरूआत होनी चाहिए। यदि पढ़े लिखे लोग अपना वोट देंगे तो निश्चित रूप से राजनीति में अच्छे व इमानदार लोग आगे आयेंगे। इसके तभी सार्थक परिणाम मिल सकेंगे जब हम इसके लिये इमानदारी से प्रयास करेंगे। उन्होंने राजनीति में आ रही गिरावट को रोकने के लिये गहराई के साथ चिन्तन की भी जरूरत बतायी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सांसद अजय भट्ट को स्वच्छ राजनीतिज्ञ पुरस्कार, स्वामी सुन्दरानन्द को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान, डॉ. सुनील सैनी को चिकित्सा सेवा अलंकरण सम्मान, पदमश्री प्रीतम भरतवाण को संगीत अलंकरण सम्मान, देवेन्द्र कुमार अग्रवाल को उद्योग अलंकार सम्मान, अद्धैत क्षेत्री एवं प्रेम माधववाली को युवा अलंकरण सम्मान तथा शिक्षाविद सम्मान पद्मिनी एस शिवम को प्रदान किया। सांसद अजय भट्ट को दिया जाने वाला पुरस्कार उनकी धर्मपत्नी पुष्पा भट्ट ने ग्रहण किया।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने कहा कि स्वामी का जीवन संघर्षमय रहा। वे सभी का सम्मान करते थे। शिष्टाचार व सदाचार की वे मिशाल रहे। उनका व्यक्तित्व व कृतत्व महान था। केबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि स्वामी जी राजनैतिक शुचिता के प्रतीक थे। सांसद माला राजलक्ष्मी शाह ने स्वामी को सरल स्वभाव वाला सबको साथ लेकर चलने वाला व्यक्ति बताया।

उत्तराखंड विश्वकर्मा शिल्पकार मंच की संस्थापक पर सीएए के समर्थन में जुलूस निकालने पर मुकदमा

दून पुलिस ने बिना अनुमति लिए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में रैली निकालने पर उत्तराखंड विश्वकर्मा शिल्पकार मंच की संस्थापक रीना गोयल समेत 120 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है। गोयल के अलावा 13 अन्य लोग नामजद हैं। इंस्पेक्टर की तरफ से कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने कई दिन पहले कानून व्यवस्था के मद्देनजर बिना अनुमति के जुलूस और प्रदर्शन न करने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि अनुमति के लिए कम से कम एक सप्ताह पहले आवेदन होना चाहिए, ताकि पुलिस समुचित व्यवस्था कर सके।

इसके विपरीत उत्तराखंड विश्वकर्मा शिल्पकार मंच की संस्थापक रीना गोयल के नेतृत्व में पुरुषों और महिलाओं ने सीएए के समर्थन में नगर निगम से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला। आयोजक पुलिस के मांगने पर किसी तरह की अनुमति नहीं दिखा सके।
शहर कोतवाली निरीक्षक शिशुपाल नेगी ने बिना अनुमति के जुलूस निकालने और यातायात बाधित करने के आरोप में रीना गोयल समेत 120 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।

रीना गोयल के अलावा मुकदमे में अमन सिंह चौहान निवासी ओल्ड कनॉट पैलेस, पूनम वर्मा निवासी नहरवाली गली मोती बाजार, गौर सिंह नेगी, दीवान सिंह बिष्ट, कृष्णा दास, विक्रम सिंह बिष्ट, अमन चौहान वकील, आदित्य वर्मा, संजय, विरेन्द्र, मनीषा स्वामी, सुमन और फूल कुमार को आरोपी बनाया गया है।