श्राइन बोर्ड के गठन से नाराज लेकर तीर्थ पुरोहितों ने आंदोलन शुरु किया

चार धाम सहित 51 मंदिरों को श्राइन बोर्ड के अधीन करने संबंधी सरकार के निर्णय का विरोध अब धीरे-धीरे बड़ा आकार लेने लगा है। गंगोत्री के तीर्थ पुरोहितों ने श्राइन बोर्ड की आड़ में धामों औरं मंदिरों के अधिग्रहण की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने इस निर्णय का विरोध करते हुए कलक्ट्रेट परिसर में धरना आंदोलन शुरू कर दिया है। साथ ही उन्होंने श्राइन बोर्ड का प्रस्ताव निरस्त नहीं करने पर आगामी यात्रा सीजन में कपाटोद्धाटन के दिन शीतकालीन प्रवास स्थलों से देव डोलियों को धामों तक नहीं ले जाने का भी एलान किया है।
शनिवार को गंगोत्री के तीर्थ पुरोहित जिला मुख्यालय पर एकत्र हुए और उन्होंने कलक्ट्रेट में क्रमिक धरना आंदोलन शुरू कर दिया। धरना स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए तीर्थ पुरोहितों ने सरकार पर श्राइन बोर्ड की आड़ में हिंदुओं की आस्था के केंद्रों का अधिग्रहण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार यात्रा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए श्राइन बोर्ड के गठन की बात कह रही है, जबकि यह कार्य चार धाम विकास परिषद के माध्यम से भी किया जा सकता है। लेकिन एक दशक से भी ज्यादा समय पहले गठित परिषद को अभी तक अधिकार संपन्न नहीं बनाया गया।
तीर्थ पुरोहितों ंने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि श्राइन बोर्ड एक्ट से तीर्थ पुरोहितों के हक हकूक प्रभावित नहीं होंगे, जबकि हकीकत यह है कि तीर्थ पुरोहितों को श्राइन बोर्ड के बारे बताया ही नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार पहाड़ से पलायन रोकने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर श्राइन बोर्ड का गठन कर तीर्थ पुरोहितों एवं पुजारियों को भी पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है।
तीर्थ पुरोहितों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र श्राइन बोर्ड का प्रस्ताव वापस नहीं लिया, तो अगले यात्रा सीजन में वे शीतकालीन प्रवास स्थलों से देव डोलियों को धामों तक नहीं ले जाएंगे। श्राइन बोर्ड के विरोध में 18 दिसंबर को जिला मुख्यालय पर महारैली का आयोजन किया जाएगा।
गंगोत्री के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, पालिकाध्यक्ष रमेश सेमवाल, पूर्व राज्य मंत्री घनानंद नौटियाल, व्यापार मंडल महामंत्री अंकित उप्पल आदि लोगों ने धरना स्थल पर पहुंचकर तीर्थ पुरोहितों की मांग को जायज बताते हुए समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों में मंदिर समिति के सचिव दीपक सेमवाल, अरुण सेमवाल, कृपाराम सेमवाल, राजेश सेमवाल, हरीश सेमवाल, प्रकाश सेमवाल, धर्मानंद सेमवाल, रमेश सेमवाल, गणेश सेमवाल, पवन सेमवाल, कमलनयन, राकेश सेमवाल सहित कई तीर्थ पुरोहित मौजूद थे।

बेकार तेल अब फेंके नही, घर में बुलाएं और बनाए बायोडीजल

भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आइआइपी) को बड़ी सफलता मिली है। आइआइपी ने इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल से बायोडीजल बनाया शुरू कर दिया है। सुभाष रोड स्थित एक होटल में खाद तेल से बायोडीजल बनने की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। वहीं पहली रिपर्पज यूज्ड कुकिंग आयल (रुको) एक्सप्रेस को झडी दिखाकर आइआइपी में लगाए गए प्लाट के लिए रवाना भी किया गया।
आइआइपी, खाद्य सुरक्षा विभाग और गति फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में रुको एक्सप्रेस को हरी झडी दिखाकर खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. पंकज पाडेय और आइआइपी के निदेशक डॉ. अंजन रे ने रवाना किया। आइआइपी में इस्तेमाल खाद्य तेल से बायोफ्यूल बनाने के लिए 50 लीटर का प्लाट लगा हुआ है, जहां शहर भर से इस्तेमाल खाद्य तेल को बायोफ्यूल में तब्दील किया जा सकेगा। यहां पर कोई आमजन भी 20 रुपये प्रति लीटर की दर से अपने घर में इस्तेमाल खाद्य तेल बेच सकता है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. पंकज पाडेय ने कहा कि खाद्य तेल का जितनी बार इस्तेमाल किया जाता है, वह स्वास्थ्य के लिए उतना ही खतरनाक होता जाता है और इससे कैंसर जैसे गंभीर रोगों को भी खतरा बना रहता है।
50 लीटर तक के इस्तेमाल खाद्य तेल से बॉयोफ्यूल बनाने का प्लाट एक ट्रक में लगाया जा सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग दून के व्यापारियों के लिए संपर्क नंबर जारी करेगा, जिस पर कॉल करके इस मोबाइल प्लांट को अपने कार्यस्थल पर ही बुलाकर बायोफ्यूल पैदा कर सकते हैं। अक्सर व्यापारियों को इस्तेमाल खाद्य तेल फेंकना पड़ता है। लेकिन इस तेल से बायोफ्यूल बनने से व्यापारियों को लाभ पहुंचेगा। भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के निदेशक डॉ. रंजन रे ने बताया कि तीन बार इस्तेमाल हो चुके खाद्य तेल से बायो डीजल भी बनाया जा सकता है और जेट फ्यूल भी। आइआइपी का उद्देश्य है कि देश के कम से कम 10 प्रतिशत गावों में इस्तेमाल किए जा चुके खाद्य तेल से बायोडीजल बनाने का प्लाट लगाया जाए। आइआइपी 20 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से इस्तेमाल तेल खरीदेगा। इस तेल का 90 प्रतिशत हिस्सा बायोडीजल बनाया जा सकेगा। आइआइपी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नीरज आत्रे ने इस मौके पर तेल से बायोडीजल बनाने का प्रयोग करके भी दिखाया।
फाउंडेशन के अनूप नौटियाल ने बताया कि हर व्यक्ति एक महीने में लगभग डेढ़ लीटर खाद्य तेल इस्तेमाल करता है। वर्ष 2017 में देश में कुल 2,300 करोड़ टन इस्तेमाल किया गया था और 2030 तक इसके 3,400 टन प्रतिवर्ष पहुंचने की संभावना है। हर व्यक्ति के हिस्से का इस्तेमाल खाद्य तेल जमा किया जाए तो देश बायो डीजल के उत्पादन में काफी हद तक आत्मनिर्भर हो जाएगा।

कहा बोले रक्षा मंत्री-हमारा पड़ौसी है कि सुधरता ही नही

देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना में शामिल हुए युवा सैन्य अधिकारियों से सेवा एवं शांति का संदेश दुनिया तक ले जाने को कहा। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत की कभी भी अतिरिक्त क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं नहीं रही हैं। भारत ने आज तक न तो दुनिया के किसी देश पर कभी आक्रमण किया है और न किसी की एक इंच भूमि पर कब्जा किया है। न ही हम किसी अन्य देश के मामले में दखल देते हैं। इसके बावजूद सीमाओं पर ऐसे खतरे मंडराते रहते हैं जहां आपको वीरता ही नहीं विवेक की भी जरूरत पड़ती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर हमलावर होते हुए कहा कि वह विचित्र पड़ोसी है, सुधार के रास्ते पर चलते को तैयार नहीं है। कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी राष्ट्र नीति बना लिया है। पाकिस्तान में चरमंपथी तत्व इतने मजबूत हैं कि राजनीति के केंद्र में बैठे लोग उनके हाथों की कठपुतलियों से ज्यादा कुछ नहीं लगते। यही कारण है कि भारतीय सुरक्षाबलों को पाकिस्तान के खिलाफ अधिक चैकन्ना रहने की जरूरत है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने हमारे साथ चार लड़ाइयां लड़ीं, पर हर बार उसे हार मिली। पर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आता। इसलिए हमें पाकिस्तान जैसे पड़ोसी से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ एक मल्टी प्रोम्प्ट स्ट्रेटेजी अपनाई हुई है। जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद आतंकवाद के खतरे के प्रति हमेशा सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद दुनिया के लिए कितना बड़ा खतरा है यह आज बताने की जरूरत नहीं है। क्योंकि हमने अपनी आंखों के सामने 9/11 और 26/11 की घटना देखी है। आज किसी भी सभ्य देश की आतंकवाद के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है। दुनिया यह जानती है कि 26/11 को अंजाम देने वाले संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लोग पाकिस्तान में बैठे हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि मुम्बई हमले में जो 166 बेगुनाह लोग मारे गए, उन्हें और उनके परिवार को उस दिन न्याय मिलेगा जिस दिन 26/11 को अंजाम देने वालों को उनके अंतिम अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और चीन की क्षेत्रीय अवधारणाएं एक-दूसरे से अलग हो सकती हैं लेकिन चीन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बाकी दुनिया के साथ खड़ा है। सीमांकन कार्य लंबे समय से लंबित होने के कारण चीन के साथ सीमा को लेकर कुछ मतभेद जरूर हैं। इस स्थिति में उत्तरी और पूर्वी सीमा पर सेना को अक्सर वीरता के साथ ही विवेक से भी काम लेना पड़ता है। इसका परिचय भारतीय सेना ने पिछले कुछ वर्षों में कई बार दिया है।

प्रकृति संरक्षण में सहायक है नमामि गंगेः किंग कार्ल-16 गुस्ताफ

बृहस्पतिवार को स्वीडन के किंग कार्ल-16 गुस्ताफ, क्वीन सिल्विया, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत व उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने हरिद्वार के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन किया। बता दें कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नमामि गंगे के अंतर्गत 14 एमएलडी क्षमता का है तथा इसकी लागत 41.40 करोड़ रूपए है।

किंग कार्ल 16 गुस्ताफ ने कहा कि उन्हें यहां आकर बहुत ही प्रसन्नता हो रही है। भारत एवं भारत के लोगों में बहुत सी सम्भावनाएं हैं। उन्होंने गंगा नदी के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिये किये जा रहे प्रयासों को सराहनीय बताते हुए नमामि गंगे प्रोजेक्ट की सफलता की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत में प्रकृति और वन्यजीवन के संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों से प्रकृति के संरक्षण में सहायता मिलेगी।

गंगा की निर्मलता के लिए गम्भीरता से प्रयास किए जा रहे हैं
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्वीडन के किंग कार्ल 16 गुस्ताफ का उत्तराखण्ड आगमन पर स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गंगा की निर्मलता एवं अविरलता के क्षेत्र में ठोस पहल हुई। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार जलीय जीवों के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है, जिसके अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं।

रसायनों के प्रयोग को कम करने की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने कम समय में गंगा की निर्मलता के लिए सराहनीय कार्य हुए हैं। खेतों में प्रयोग किए जाने वाले रसायन का गंगा के प्रदूषण में महत्वपूर्ण भाग है, जिसे रोकने की जरूरत है। गंगा की निर्मलता को बनाये रखने के लिए औद्योगिक कचरे के उपचार की नितान्त आवश्यकता है। साथ ही, कृषि में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के प्रयोग को अत्यधित न्यून करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने अपने आस-पास के नदी-नालों को स्वच्छ रखने में आमजन के सहयोग की अपील करते हुए कहा कि हमें सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को बंद करके अपने प्रदेश के साथ ही देश को स्वच्छ बनाने में अपना सहयोग देना चाहिए।

उत्तराखण्ड में सीवेज ट्रीटमेंट प्लान के 34 प्रोजेक्ट्स में 23 प्रोजेक्ट्स पूर्ण
केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने स्वीडन के किंग कार्ल 16 गुस्ताफ एवं क्वीन सिल्वा का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए कहा कि यह देवभूमि विश्व प्रसिद्ध पावन नदी गंगा का उद्गम स्थल भी है। उन्होंने कहा कि गंगा नदी भारत के 32 प्रतिशत भूभाग को सिंचित करती है और भारत की लगभग 42 प्रतिशत जनसंख्या को आजीविका का साधन उपलब्ध कराती है।

केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि गंगा नदी के संरक्षण के साथ ही स्वच्छ एवं अविरल बनाये रखने के लिए भारत सरकार द्वारा नमामि गंगे प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस अभियान के अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। पृथ्वी की ईकोलॉजी एवं स्वस्थ नागरिक जीवन के लिए प्रोपर वेस्ट मैनेजमेंट की बहुत ही आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सीवेज ट्रीटमेंट प्लान के 34 प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं, जिनमें से 23 प्रोजेक्ट्स पूर्ण हो चुके हैं।

इससे पूर्व स्वीडन के किंग कार्ल-16 गुस्ताफ, क्वीन सिल्विया का जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट, देहरादून पहुंचने पर राज्य के प्रोटोकॉल मंत्री धनसिंह रावत ने स्वागत किया। यहां से किंग कार्ल-16 गुस्ताफ और क्वीन सिल्विया ऋषिकेश गए जहां उन्होंने प्रसिद्ध रामझूला पुल, गंगा माता मंदिर व स्नान घाट का भ्रमण किया एवं पूजा अर्चना भी की।

एमडीडीए और रेलवे लैंड डेवलपमेंट प्राधिकरण के मध्य किया गया एमओयू

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण एवं रेलवे लैंड डेवेलपमेंट प्राधिकरण के मध्य देहरादून रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना हेतु समझौता ज्ञापन हस्तारक्षित किया गया। एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव एवं रेलवे लैंड डेवेलपमेंट प्राधिकरण के उपाध्यक्ष वेदप्रकाश ने उक्त समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक पल है। यह पहला ऐसा पीपीपी मॉडल है जिसे देश में उदाहरण के तौर पर अपनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट निर्धारित समय सीमा के अन्दर पूरा कर लिया जाएगा। उत्तराखण्ड में एक अच्छी परम्परा शुरू हो रही है। प्रदेश के विकास के लिए शुरू किए गए विभिन्न प्रोजेक्ट्स अपनी निर्धारित समय सीमा से पूर्व ही पूर्ण किए गए हैं। इससे जहां एक ओर प्रोजेक्ट की उपयोगिता बनी रहती है, वहीं दूसरी ओर प्रोजेक्ट्स में आर्थिक रूप से बचत भी होती है।

एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अब देहरादून रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के कार्य को प्रारंभ कर दिया जाएगा। परियोजना के लिए फीजिबिलिटी स्टडी, डिटेलड मास्टर प्लानिंग, अर्बन प्लानिंग व डीपीआर इत्यादि से संबंधित कार्य कर लिया गया है। लगभग 507 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत से निर्मित होने वाले इस प्रोजेक्ट को तीन वर्षों में पूर्ण कर लिया जाएगा। रेलवे स्टेशन का निर्माण उत्तराखण्ड की वास्तुकला के आधार पर किया जाएगा। इसमें बजट एवं स्टार होटल, कमर्शियल स्पेस, पार्किंग, किड्स जोन, दिव्यांग लोगों के लिए विशेष प्रोविजन, रेलवे स्टेशन हेतु मेन रोड पर मुख्य द्वार का निर्माण, ओल्ड टेहरी की तर्ज पर क्लॉक टावर का निर्माण, पैदल यात्री प्लाजा, अंडर पास, यातायात के सुगम प्रबंधन एवं यात्रियों की सुविधाओं हेतु रेलवे स्टेशन पर आवागमन हेतु दूसरे छोर (भण्डारी बाग) की ओर से भी द्वार बनाया जाएगा, स्टेशन पर आने एवं निकासी के लिए पृथक व्यवस्था की जायेगी।

पलायन रोकने को हो चुका सर्वे, भविष्य की कार्ययोजना भी तैयार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग उत्तराखण्ड द्वारा जनपद पिथौरागढ़ का विशलेषण कर पलायन को कम करने से सम्बन्धित रिपोर्ट का विमोचन किया। इस रिपोर्ट में जनपद पिथौरागढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने एवं पलायन के कम करने के उपायों पर सुझाव दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन को रोकने के लिए जिन जनपदों का सर्वे हो चुका है। उन जनपदों के भविष्य की कार्ययोजना भी तैयार किया जाए। पलायन को किस प्रकार नियंत्रित कर रिवर्स माईग्रेशन की संभावनाओं के लिए सुनियोजित आधार तैयार किये जाएं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आयोग द्वारा जनपदवार किये जा रहे विशलेषण एवं अर्थव्यवस्था, आजीविका सुधार तथा स्वरोजगार सृजन के अवसरों से सम्बन्धित सुझाव निश्चित रूप से सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि पलायन प्रभावित जनपदों के विकास हेतु विभिन्न विभागों को संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए इन क्षेत्रों को किस प्रकार विकसित किया जा सकता है इस पर भी गहन अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने व रिवर्स माइग्रेशन के लिए विशेषज्ञों व विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले बुद्धिजीवी वर्ग से भी सुझाव लिये जाने चाहिए।

ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी ने कहा कि सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने व पलायन को कम करने के लिए राज्य के विभिन्न जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर विशेषज्ञों व स्थानीय लोगों के साथ विचार विमर्श किया गया। विभिन्न विश्वविद्यालयों व संस्थानों पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन पर अंकुश लगाने के लिए विषय विशेषज्ञों व छात्रों के भी सुझाव लिये गये। शासन स्तर पर भी बैठकें आयोजित की गई।

कॉरपोरेट और सरकार के मध्य गैप को कम करेगा ‘सहयोग’ पोर्टल

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पोर्टल ‘‘सहयोग‘‘ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘सहयोग‘‘ पोर्टल के माध्यम से राज्य सरकार एवं उद्योग जगत से जुड़े लोगों के मध्य आपसी सामंजस्य बढ़ेगा, साथ ही सरकार एवं उद्योग जगत के मध्य गैप को कम करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी पूर्ण पारदर्शिता के साथ उद्योग जगत के समक्ष उपलब्ध होगी, साथ ही साथ, सी.एसआर के अंतर्गत पोर्टल के माध्यम से उद्योगों को राज्य के विकास में अपनी इच्छा के अनुरूप कार्यक्षेत्र चुनने का भी अवसर होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में सीएसआर फंड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस सी.एस.आर. फंड के सही उपयोग करने के लिये इंडस्ट्रीज को सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी होना आवश्यक है। इसके लिए विभागों द्वारा प्रयास किये जाने चाहिए ताकि पोर्टल पर समस्त प्रकार की जानकारी उपलब्ध हो सके। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर कराये जाए वाले कार्यों की जानकारी पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने उद्योग जगत से सरकार की प्राथमिकताओं एवं विजन-2020 के अनुरूप विकास कार्यों में अपना सहयोग देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से हर सम्भव सहायता उपलब्ध करायी जाएगी। साथ ही अच्छे प्रोजेक्ट्स को सम्मानित भी किया जाएगा।

सचिव राधिका झा बताया कि कॉरपोरेट एवं सरकार के मध्य गैप को कम करने हेतु तैयार इस पोर्टल के माध्यम से विभागाध्यक्ष अपने ऐसे प्रोजेक्ट्स, जिन्हें वे अपने संसाधनों से नहीं कर पा रहे हैं, को प्राथमिकता के आधार पर अपलोड करेंगे। इससे कॉरपोरेट जगत को ऐसे प्रोजेक्ट्स या क्षेत्रों की जानकारी मिल जाएगी जिन क्षेत्रों में उनका सहयोग अपेक्षित है। सचिव ने बताया कि पोर्टल में कॉरपोरेट को सेक्टर और जनपद चयन करने का भी विकल्प होगा। इन प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग भी सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से लगातार की जाएगी।

मां के काम पर जाने के बाद रखना पड़ता था भाई का ध्यान, सो कर दी भाई की हत्या

हरिद्वार जिले के ज्वालापुर क्षेत्र में दो बहनों ने दो साल के मासूम भाई को इसलिए मौत के घाट उतार दिया, क्योंकि मां के काम पर जाने के बाद उन्हें भाई का ध्यान रखना पड़ता था। बहनों का मानना था कि भाई के कारण मां उन्हें तवोज्जों नहीं देती है। बहनों ने हत्या के बाद शव को गंगनहर में फेंक दिया। सीसीटीवी में वारदात के कैद होने के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया तो दोनों ने अपना जुर्म कुबुल कर लिया।

कोतवाली ज्वालापुर कैंपस में एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि मासूम के गायब होने की जांच में जुटी ज्वालापुर पुलिस ने जब सीसीटीवी कैमरे चेक किए तब एक कैमरे में मासूम की 14 वर्षीय बहन अपनी 12 वर्षीय चचेरी बहन के साथ घटना के दिन अलसुबह एक सफेद रंग का बैग ले जाते हुए दिखाई दी। परिजनों को विश्वास में लेकर जब किशोरियों से पूछताछ की गई तब उन्होंने अपना गुनाह कुबूल लिया।

बकौल एसएसपी मासूम की मां घरों में साफ-सफाई का कार्य करती है। जब वह काम पर जाती थी, तब भाई के लालन पालन की जिम्मेदारी 14 साल की बहन को संभालती पड़ती थी। साथ ही भाई की वजह से अभिभावक अब उसे ज्यादा तवज्जो भी नहीं देते थे। बस यही बात बड़ी बहन को अंदर ही अंदर इस कदर खल रही थी। इसी के चलते उसने 12 वर्षीय चचेरी बहन के साथ मिलकर भाई की हत्या करने की ठान ली।

देर रात मासूम से बड़ा भाई शौच के लिए गया था, इसलिए परिजन मुख्य दरवाजा खुला होने के कारण बेटे को उठाकर ले जाने का आरोप ताई पर जड़ रहे थे। सीसीटीवी कैमरे में दोनों बहनें आते जाते हुए दिखाई दीं तो मामला साफ हो गया। एसएसपी के मुताबिक दोनों नाबालिग हैं, इसलिए इन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।

कभी क्राइम से अलर्ट रहने की देता था सीख अब खुद ही दे डाली फर्जी लूट की सूचना

देहरादून पुलिस ने लूट की झूठी सूचना देकर दहशत मचाने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक पूर्व में सावधान इंडिया टीवी सीरियल में इंस्पेक्टर का रोल प्ले कर चुका है।

क्लेमेंटटाउन थाने की लेन नंबर-13 निवासी आकाश शर्मा ने दोपहर में पुलिस को सूचना दी कि टर्नर रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक से उन्होंने 45 हजार रुपये निकाले थे। रकम लेकर वह बैंक से बाहर आए तो लाल रंग की अपाचे बाइक पर हेलमेट पहनकर पहुंचे दो युवकों ने उससे कैश छीन लिया। विरोध पर बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने किसी चीज से उनके हाथ पर वार किया। जिससे वह नीचे गिर गए। इस दौरान उसे चोटें भी आई हैं।

सरेआम लूट की खबर से पुलिस में अफरातफरी मच गई। एसओ नरोत्तम बिष्ट के साथ सीओ अनुज कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नगर पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तो आकाश की बातों में विरोधाभास पाया गया। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई। लेकिन किसी ने इस तरह घटना की जानकारी होने से इनकार किया।

शक पर पुलिस ने आसपास की दुकानों और मकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इस पर सारी असलियत सामने आ गई। उसके बाद शिकायतकर्ता आकाश शर्मा की कार की सघनता से तलाशी ली तो डिग्गी में स्टपनी के नीचे से 45 हजार रुपये बरामद किए। इसके बाद आरोपी अपनी गलती पर माफी मांगने लगा।

एसपी चौबे ने बताया कि आकाश शर्मा मुंबई में पहले टीवी सीरियल में काम करता था। आकाश ने सावधान इंडिया की एक घटना से यह आइडिया लिया था। थायरायड होने के कारण आकाश अब सीरियलों में काम नहीं कर पा रहा है। लूट की झूठी सूचना देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर आकाश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।

ऋषिकेश नगर निगम के एक वर्ष पर संकल्प से शिखर की ओर शीर्षक पुस्तक का सीएम ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सोमवार को श्रीभरत मन्दिर इण्टर कॉलेज, ऋषिकेश में नगर निगम ऋषिकेश के एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम ऋषिकेश के अन्तर्गत लगभग 3 करोड़ 80 लाख रूपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने खाण्ड गांव बाईपास रोड एवं कृष्णा नगर कालोनी को नगर निगम ऋषिकेश में शामिल किये जाने, भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज को फर्नीचर के लिए 10 लाख रूपये प्रदान करने। ऋषिकेश में लोक निर्माण विभाग के भवन का पुनरूद्धार कर एक अतिथि गृह बनाये जाने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम ऋषिकेश के लिए 10 कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया एवं नगर निगम की विकास पुस्तिका ‘संकल्प से शिखर की ओर’ का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि ऋषिकेश नगर निगम में पिछले एक साल में विकास के अनेक कार्य हुए। 2021 में हरिद्वार में भव्य महाकुंभ का आयोजन किया जायेगा। इस महाकुंभ में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आयेंगे। इस दृष्टि से हमें सुनियोजित तरीके व तेजी से कार्य करने होंगे। ऋषिकेश में जो सीवरेज ओर पाईपलाईन का कार्य चल रहा है, उनमें और तेजी लाने के निर्देश उन्होंने दिये। विश्व में देवभूमि के रूप में उत्तराखण्ड की पहचान है। सरकार का प्रयास है कि धार्मिक स्थलों का नियोजित विकास हो। उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। इस वर्ष 36 लाख 50 हजार से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आये। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधायुक्त तथा सुरक्षित कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के सुनियोजित विकास के लिए चारधाम श्राइन बोर्ड का गठन किया जा रहा है। यह श्राइन बोर्ड हमारी भविष्य की जरूरत है। इससे सभी के हितों को संरक्षित रखने का प्रयास किया जायेगा। देश के अनेक बड़े मन्दिरों के लिए श्राइन बोर्ड की व्यवस्था है। राज्य में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिगत चारधाम श्राइन बोर्ड का गठन राज्य सरकार का अहम सुधारवादी कदम है। ऋषिकेश में स्वछता, सीवरेज, पेयजल व अन्य कार्यो के लिए 2100 करोड़ रूपये की योजना बनायी गई है। हमारा प्रयास है कि आगामी कुम्भ स्वच्छ एवं ग्रीन कुंभ के रूप में आयोजित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वच्छता में सबको अपना योगदान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 24 हजार खाली पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। युवा सरकारी सेवाओं में जाने के लिए पूरी लगन से पढ़ाई करें।

मेयर ऋषिकेश अनिता ममगाईं ने कहा कि पिछले एक साल में नगर निगम ऋषिकेश के विकास के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। स्वच्छता, पथ प्रकाश, सीवरेज, पेयजल एवं निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। पिछले एक साल में 09 करोड़ से अधिक के कार्य किये गये एवं 07 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं।