पुलिस इंस्पेक्टर की युवक को बचाने के चक्कर में हुई मौत

काठगोदाम बैराज में डूबते हुए युवक को बचाने के चक्कर मे सब इंस्पेक्टर की दुःखद मृत्यु हो गई। काठगोदाम चौकी इंचार्ज मृतक सब इंस्पेक्टर अमरपाल सिंह ड्यूटी पर तैनात थे। अपना बलिदान देने से पहले दारोगा अमरपाल बैराज में डूब रहे युवक को बचाने में कामयाब रहे।

दरअसल एसआई अमरपाल की जल पुलिस टीम बैराज की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात थी। इस दौरान उन्हें सूचना मिली कि बैराज में नहाने गया दीपक कोरंगा नाम का युवक डूब गया है। एसआई अमरपाल अपने साथी के साथ युवक की जान बचाने बैराज में कूद गए। दोनों ने युवक की इयान बचाई । लेकिन जैसे ही वे बैराज से बाहर आ रहे थे, अचानक अमरपाल भंवर में फंसकर डूबने लगे।

दारोगा अमरपाल तेजी से बैराज के चौनल में फंसते गए। उनके साथियों ने बैराज के गेट को खुलवाकर बाहर निकाला और उन्हें बृजलाल हॉस्पिटल लाया गया, जहा डॉ० ने दारोगा अमरपाल को मृत घोषित कर दिया। इस घटना पर पुलिस विभाग ने शोक जताया है वहीं एसआई अमरपाल के परोपकार की सराहना भी की है।

उत्तराखंडः मतदान केंद्रों पर विशेष सुरक्षा के साथ पुलिसकर्मी तैनात

उत्तराखंड में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने के लिए पुलिस तैयार है। विभिन्न जिलों में 145 संभावित विवाद वाले मतदान केंद्रों पर विशेष सुरक्षा के साथ ही सीसीटीवी की निगरानी में रहेंगे। राज्य में 8624 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के लिए करीब 50 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।

विवाद वाले केंद्रों में वायरलैस व मोबाइल नेटवर्क के जरिए पल-पल की जानकारी ली जाएगी। इनमें एक-एक सेक्शन फोर्स भी तैनात रहेगा। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि सुरक्षा के लिए 110 कंपनी केंद्रीय अर्धसैनिक बल, 26 कंपनी पीएसी, राज्य से 4604 व दूसरे राज्यों से 13200 होमगार्ड जवान, 4178 पीआरडी और 26 कंपनी वन रक्षकों की सुरक्षा में तैनाती की गई है।

उन्होंने बताया कि विवाद वाले सबसे सबसे मतदान केंद्र हरिद्वार में 51, देहरादून में 40, नैनीताल में 20, यूएसनगर में 17, अल्मोड़ा में 14, पौड़ी में दो और रुद्रप्रयाग में एक शामिल हैं। इन सभी केंद्रों पर 11 कंपनी अतिरिक्त फोर्स की तैनाती रिजर्व के तौर पर की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल से सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने को लगाया जा सकें। उत्तराखंड में 145 स्पेशल ट्रबल वाले मतदान केंद्र चिह्नित किए गए हैं । हालांकि इन सभी में स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। लेकिन एहतियात के तौर पर वहां अन्य मतदान केंद्रों से ज्यादा फोर्स की तैनाती की गई है। शांति और निष्पक्ष मतदान के लिए वहां सभी राजनीतिक दलों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी पूरी तरह से पुलिस प्रशासन ने संपर्क कर लिया है।

चंपावत के राइंका सूखढांग में भोजन माता प्रकरण की जांच करे डीआईजी कुमांयूः सीएम


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीआईजी कुमांयू डॉ. नीलेश आनन्द भरणे को निर्देश दिये कि चम्पावत जनपद के राजकीय इण्टर कॉलेज सूखीढ़ांग में भोजन माता प्रकरण की जाँच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाई करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में दुष्प्रचार करने वालों पर भी निगरानी रखी जाय। डीआईजी कुमांयू द्वारा मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच की जायेगी।

बता दें कि जीआईसी सूखीढांग में भोजनमाता के रिटायरमेंट के बाद नवंबर माह में एक भोजन माता की नियुक्ति हुई थी। ज्वाइनिंग से पहले उसे हटा दिया और विद्यालय प्रशासन ने दिसंबर माह के पहले हफ्ते दूसरी नियुक्त कर दी। इस बीच कुछ अवांछनीय तत्व सक्रिय हो गए और कुछ बच्चों ने स्कूल में मिड डे मिल का बना खाना छोड़ दिया।

सीएम धामी ने डीआईजी कुमाऊं नीलेश आनंद भरणे को मौके पर जाकर इस मामले की जांच के निर्देश दिए। कहा कि जो भी तत्व माहौल खराब कर रहे हैं, उन पर निगरानी रख कार्रवाई की जाए। उधर, डीआईजी भरणे ने बताया कि तीन-तीन भोजन माताओं की नियुक्ति से यह भ्रांति पैदा हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है।

डीजीपी के निर्देश, सभी पुलिसकर्मियों का होगा कोविड एंटीजन टेस्ट

ऋषिकेश में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की वीआईपी ड्यूटी में लगे सात पुलिसकर्मियों के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। डीजीपी अशोक कुमार ने सोमवार को प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों के कोविड एंटीजन टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड में एक बार फिर से कोरोना के मामले सामने आने लगे हैं। राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी और 12 अन्य विभागों के कार्मिक पॉजिटिव पाए गए। जिसके बाद डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि प्रदेश के सभी पुलिस कर्मियों के कोरोना टेस्ट कराए जाएंगे। डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि कोरोना को देखते हुए सभी लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत है। राज्य सरकार जो भी गाइड लाइन जारी करेगी उसे फॉलो किया जाएगा।
आपको बता दें डीजीपी अशोक कुमार ने कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु सभी जनपद प्रभारियों एवं शाखा/इकाई प्रभारियों को उनके अधिनस्थ नियुक्त समस्त पुलिस कार्मिकों का रैपिड एन्टीजन टेस्ट कराये जाने के निर्देश दिए। जिससे पॉजिटिव पाए जाने वाले कार्मिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा सके। साथ ही अन्य कार्मिकों/परिजनों में संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और कोरोना संक्रमित क्षेत्रों का भी पता लगाया जा सके।

जनरल बीसी जोशी कोविड अस्पताल में संक्रमित की मौत
कु़माऊं के जनरल बीसी जोशी कोविड अस्पताल में भर्ती नैनीताल निवासी 70 वर्षीय एक कोविड संक्रमित मरीज की मौत हो गई। मरीज 15 नवंबर को अस्पताल में भर्ती हुआ था। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ अरुण जोशी के अनुसार, मरीज की भर्ती के समय से ही स्थिति गंभीर बनी हुई थी। निमोनिया, सांस व अन्य दिक्कतें भी थीं। अस्पताल में करीब तीन महीने बाद किसी की कोविड संक्रमित की मौत हुई है।

एफआरआई के सभी अधिकारी पूरी तरह स्वस्थ
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में प्रशिक्षण लेने आए बिहार, झारखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों के कोरोना संक्रमित आईएफएस अधिकारियों को मंगलवार को उनके मूल कैडर वाले राज्यों को भेज दिया जाएगा। जिलाधिकारी डॉक्टर आर राजेश कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अगुवाई में टीम ने रविवार को अकादमी में जाकर कोरोना संक्रमित आईएफएस अधिकारियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। एकेडमी के एडिशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी ने बताया कि फिलहाल सभी अधिकारी पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं है। लिहाजा उनके बेहतर स्वास्थ्य को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी अधिकारियों को 12 मंगलवार तक उनके मूल कैडर वाले राज्यों में भेजने की इजाजत दे दी है। एडीशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी के मुताबिक सभी आईएफएस अधिकारियों को मंगलवार को उनके मूल कैडर वाले राज्यों को भेज दिया जाएगा।
बता दें कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में देश के सभी राज्यों के 48 आईएफएस अधिकारी मिड टर्म प्रशिक्षण के लिए आए थे। इन अधिकारियों को आईआईएम लखनऊ और नईदिल्ली में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। लेकिन जब नईदिल्ली में अधिकारियों का कोरोना टेस्ट कराया गया तो 11 अधिकारी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। जिसमें से तीन कोरोना संक्रमित अधिकारी तो नईदिल्ली से ही अपनी मूल कैडर वाले वाले राज्यों में भेज दिए गए थे। जबकि आठ अधिकारियों को देहरादून भेजकर अकादमी में क्वारेंटीन कर दिया गया था।

रायवाला में 453 नशीले इंजेक्शन के साथ दो अरेस्ट

कम उम्र के बच्चों में सप्लाई होने आ रहे 453 नशीले इंजेक्शन को रायवाला थाना पुलिस ने दो आरोपी के साथ बरामद किया है। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त कार सीज कर दोनों आरोपियों पर पुलिस ने एनडीपीएस ऐक्ट में केस दर्ज कर लिया है। 

बीती शनिवार रात को पुलिस मादक पदार्थ व  की अवैध तस्करी पर रोकथाम को लेकर विभिन्न स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान कर रही थी। इसीबीच छिद्दरवाला के पास चेकिंग के लिए नेपाली फार्म तिराहे की तरफ आ रही कार के अंदर से मोहित आले पुत्र हरि सिंह आले  निवासी बहादुरपुर, सेलाकुई से  213 नशीले इंजेक्शन और शाहनवाज पुत्र लियाकत अली निवासी  जनमपुर, सेलाकुई के पास से प्रतिबंधित 240 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। 

थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी ने बताया कि आरोपियों से इंजेक्शनों को रखने का लाइसेंस तलब किया, लेकिन वे लाइसेंस नहीं दिखा पाए। जिस पर पुलिस ने दोनों आरोपियों पर एनडीपीएस ऐक्ट में केस दर्ज कर लिया। 

पुलिस पूछताछ में कबूला

पुलिस के अनुसार मोहित ने बताया वह नशीले इंजेक्शन को सेलाकुई व ज्वालापुर में आदि स्थानों पर चोरी- छिपे लाते हैं। यहां पर कम उम्र के लड़कों को महंगे दाम पर  इंजेक्शन मुहैया कराते हैं। वहीं शाहनवाजा ने बताया की वह  नशीले इंजेक्शन का आदी है। इससे पहले देहरादून के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती रह चुका है।

सीएम की घोषणा-पुलिस में खेल कोटे में भर्ती जल्द शुरु

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस मुख्यालय देहरादून में पुलिस विभाग द्वारा तैयार की गई ‘‘पब्लिक आई एप’’ तथा महिला सुरक्षा हेतु ‘‘मिशन गौरा शक्ति’’ एप का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ द्वारा पर्यावरण संरक्षण, कोविड जागरूकता, हानिकारक कूड़े के निस्तारण व जोखिम पूर्ण स्थानों के चिन्हीकरण के लिए चलाये जा रहे माउण्ट गंगोत्री-1 पर्वतारोहण अभियान का फ्लैग ऑफ भी किया। इंस्पेक्टर एसडीआरएफ अनीता गैरोला के नेतृत्व में 9 सितम्बर से 30 सितम्बर तक चलाया जायेगा। अभियोगों की विवेचना में गुणात्मक सुधार तथा सफल अनावरण हेतु मुख्यमंत्री द्वारा विवेचकों को स्मार्ट एविडेंस टूलकिट टेबलेट प्रदान किये गये।

जल्द बनेगी एंटी ड्रग पालिसी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पुलिस की समीक्षा बैठक भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस में खेल कोटे की भर्ती शुरू की जायेगी। पीएसी के जवानों को बसों की व्यवस्था की जायेगी। उत्तराखण्ड में शीघ्र एंटी ड्रग पॉलिसी बनायी जायेगी। पुलिस विभाग में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की जायेगी। पुलिस विभाग के आरक्षियों के ग्रेड पे के संबंध में कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया गया है। इसमें जल्द उचित समाधान निकाला जायेगा।

अपराधियों को पकड़ने हेतु पुरस्कार राशि बढ़ायेगी सरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2018 को और सख्त बनाया जायेगा। बाहरी राज्यों से उत्तराखण्ड में आने वाले लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था किसी भी राज्य की सुरक्षा एवं समृद्धि का एक आवश्यक अंग है। उत्तराखंड पुलिस द्वारा राज्य में अच्छा कार्य किया जा रहा है।
इनामी अपराधियों को पकड़ने हेतु पुरस्कार राशि बढ़ायी जाएगी। कोरोना काल में पुलिस द्वारा मिशन हौंसला के तहत सराहनीय कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट पुलिस बनाने का जो विजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का है। उसको पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उत्तराखण्ड पुलिस को आधुनिक बनाने में जो भी आवश्यकता होगी उसे पूरा करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर एवं इंस्पेक्टर को कोविड-19 में उनके द्वारा किये जा रहे सराहनीय कार्यों एवं सेवाओं 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि जल्द दी जायेगी।

साइबर क्राइम को रोकने के लिये ठोस रणनीति बनाएं
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि साइबर क्राइम को रोकने के लिए लिए ठोस रणनीति बनाई जाय। यातायात के नियमों, रोड सेफ्टी के प्रति लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाय। ट्रैफिक लाइट एवं सीसीटीवी निगरानी की समुचित व्यवस्था की जाय। कार्यों के प्रति प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। थाना या चौकी स्तर के मामले जिले स्तर पर न आए। जिला स्तर के मामले मुख्यालय स्तर एवं शासन स्तर पर न आये। जिसकी जो जिम्मेदारी है, अपने स्तर पर शीघ्र उसका समाधान करें। महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, नशा मुक्ति एवं साइबर क्राइम जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाय।

मिशन गौरा शक्ति अभियान
महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सजग एवं प्रभावी पहल के लिए उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा मिशन गौरा शक्ति अभियान चलाया जायेगा। इसके तहत छेड़खानी जैसी घटनाओं में प्रभावी कार्यवाही, बालिकाओं को आत्मरक्षा हेतु प्रशिक्षण एवं शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जायेगा। इसके तहत पीड़िता इमरजेंसी की स्थिति में डायल कर तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकती है। ऑनलाईन ऑडियो, वीडियो एवं टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकती हैं। आपात स्थिति में 112 पर कॉल कर सकते हैं। अपनी शिकायत पर संबंधित पर हुई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त कर सकती है। एप के माध्यम से पुलिस के अन्य ऑफिसियल सोशल मीडिया अकाउंट पर भी संपर्क कर सकती हैं।

पब्लिक आई एप
उत्तराखण्ड प्रदेश की जनता अपनी शिकायतों के साथ-साथ आसपास घटित हो रहे आपराधिक या विधि का उल्लंघन करने वाले कृत्यों की फोटो या वीडियो बनाकर पुलिस को भेज सकते हैं। शिकायतकर्ता अपने द्वारा पूर्व में की गई शिकायत व उस पर हुई कार्यवाही की प्रगति के बारे में जान सकते हैं। साइबर क्राइम के बारे में शिकायत दर्ज की जा सकती है। किसी भी प्रकार की ट्रेफिक समस्या या सड़क दुर्घटना के संबंध में फोटो या वीडियो बनाकर कार्यवाही हेतु अपलोड किया जा सकता है। आपात स्थिति में 112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, अरविन्द सिंह ह्यांकी एवं पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

डीजीपी ने कार्य के प्रति लापरवाही न बरतने के दिए निर्देश

अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड द्वारा पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में समस्त जनपद प्रभारियों, परिक्षेत्र प्रभारियों, सेनानायकों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित होने वाली आगामी विधानसभा सत्र एवं प्रदेश की कानून व्यवस्था के सम्बन्ध में बैठक ली गयी। इस दौरान विधानसभा सत्र को शान्तिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए जरुरी दिशा-निर्देश दिये गये।
1. दिनांक 23 अगस्त 2021 से शुरु होने वाले विधानसभा-सत्र को देखते हुए, जनपद प्रभारियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। सत्र के दौरान जुलुस एवं अन्य प्रदर्शनों में शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु आवश्यकतानुसार पुलिस बल लगया जाये। सत्र हेतु सभी तैयारियों समय से करना सुनिश्चित करें।
2. आगामी रक्षाबंधन के त्यौहार को देखते हुए यातायात में ड्यूटी समय से लगाने के निर्देश दिये गये।
3. उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया की चारधाम में आने वाले यात्रियों को प्रवेश राज्य सरकार एंव केन्द्र सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन के अनुसार सुनिश्चित करवाये।
4. जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया की साईबर हेल्प लाईन के नम्बर को भी सभी थाना/चौकी प्रभारी अपने-अपने थाना/चौकी के बोर्ड पर दर्शायें।
5. सोशल मीडिया एवं सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सैल के साथ-साथ सोशल मीडिया इंटरवेंशन सेल को भी एक्टीवेट करें तथा सोशल मीडिया से प्राप्त इनपुट पर प्रभावी कार्यवाही की जा सके।
6. साईबर क्राईम, महिला सुरक्षा एवं ड्रग्स पर जनपद प्रभारियों को और अधिक कार्यदक्षता बढाने के लिए निर्देशित दिये गये।
7. जनपद स्तर पर एडीटीएफ सक्रिय नही है, इसको प्रभावीरुप से सक्रिय किये जाने की आवश्यकता है। जिसके लिए सभी सर्व सम्बन्धित मॉनेट्रिंग करना सुनिश्चित करेंगे तथा इस तैनात कर्मियों को रोटेट किये जाने की भी आवश्यकता है।
8. विगत में यातायात व्यवस्थाओं में विफल रहने पर यातायात प्रभारी राजपुर रोड़, देहरादून को यातायात ड्यूटी से हटा कर उनके मूल तैनाती पर वापस करने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को निर्देशित किया गया।
उपरोक्त समीक्षा बैठक में पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरूगेशन, पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना एंव सुरक्षा संजय गुन्ज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक पुष्पक ज्योति, पुलिस उपमहानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढवाल परिक्षेत्र नीरू गर्ग, एसएसपी एसटीएफ अजय सिह, पुलिस अधीक्षक अपराध श्वेता चौबे के अतिरिक्त अन्य अधिकारियों द्वारा ऑनलाईन प्रतिभाग किया गया।

नाबालिग से दुष्कर्म का इनामी आरोपित गिरफ्तार

एसओजी व पटेलनगर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने मुंबई जाकर नाबालिग से दुष्कर्म के इनामी आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित 2017 में जेल से जमानत पर छूटने के बाद फरार हो गया था और पुलिस से बचने के लिए नाम बदलकर पंजाब व महाराष्ट्र में रह रहा था। रविवार को पत्रकारों से वार्ता में एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पटेलनगर कोतवाली में दर्ज एक दुष्कर्म के मामले में आरोपित मुनाजिर निवासी ग्राम बलवा महलगांव अररिया बिहार 2017 से जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद फरार चल रहा था।

न्यायालय में पेश न होने के कारण अदालत ने इसी वर्ष आरोपित को भगोड़ा घोषित किया था। आइजी गढ़वाल ने 2020 में आरोपित पर पांच हजार रुपये इनाम घोषित किया। आरोपित की तलाश में पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था। पुलिस को सूचना मिली कि मुनाजिर ठाणे (मुंबई) में है। 27 जुलाई को एसओजी की एक टीम को मुंबई भेजा गया तो पता लगा कि आरोपित अंजार नाम से पठानवाड़ी में रहकर मजदूरी कर रहा है। 29 जुलाई को पुलिस ने ठाणे में आरोपित को दहिसर चेक नाका, होटल सागर के सामने से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को पुलिस दो दिन का ट्रांजिट रिमांड लेकर शनिवार रात को देहरादून पहुंची।

एसएसपी ने बताया कि वर्ष 2015 में मुनाजिर बंजारावाला से 12 साल की बच्ची को बहला-फुसलाकर बिहार ले गया। वहां आरोपित ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। कुछ दिन बाद पुलिस ने बच्ची को पानीपत हरियाणा से बरामद करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

नाबालिग लड़की से जबरन दुष्कर्म का आरोप, मुकदमा दर्ज, आरोपी अरेस्ट


कोतवाली ऋषिकेश ने एक पिता की शिकायत पर युवक को गिरफ्तार किया है। युवक पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता की नाबालिग लड़की के साथ कार के अंदर जबरन रेप किया। पुलिस ने आरोपी पर पोक्सो अधिनियम में मुकदमा भी दर्ज किया है।

दरअसल, ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। बताया कि एक लड़का पिछले कुछ माह से उनकी नाबालिग बेटी को परेशान कर रहा है तथा आवागमन के दौरान जबरन परेशान भी कर रहा है। बताया कि बीती 23 अप्रैल को उनकी बेटी दुकान से घर लौट रही थी। तभी उक्त युवक ने एक कार के अंदर बात करने के बहाने बैठा दिया और सुनसान इलाका लक्कड़ घाट की ओर लेकर गया। आरोप है कि यहां युवक ने डरा धमका कर कार में ही उनकी नाबालिग बेटी के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए और 18 जुलाई को दोबारा अपने साथ चलने को कहा। शिकायतकर्ता की बेटी ने जब मना किया तो आरोपी युवक ने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी।

कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि आरोपी पर पोक्सो अधिनियम में मुकदमा पंजीकृत कर गिरफ्तार किया है। उन्होंने आरोपी की पहचान क्राशुं चैहान पुत्र समर पाल सिंह निवासी गली नंबर 8, गुमानीवाला श्यामपुर ऋषिकेश के रूप में कराई है।