पुलिस जवानों की ग्रेड पे की समस्या पर सीएम गंभीर, हेड कांस्टेबल और एडिशनल एसआई के लिए निकाली भर्ती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पुलिस जवानों की ग्रेड पे की समस्या का एक अच्छा समाधान किया गया है। पुलिस विभाग में कांस्टेबलों के 17500 पद हैं और हेड कांस्टेबल के 3440 पद हैं और एडिशनल एसआई का एक भी पद नहीं है।

पुलिस जवानों को समय से प्रोन्नति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हेड कांस्टेबल रैंक के 1750 नए पद सृजित करने तथा एडिशनल एसआई का नया रैंक सृजित करते हुए 1750 नए पद स्वीकृत करने के आदेश जारी किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनका ग्रेड पे 4200 होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा विश्वास है कि इससे जवानों को प्रोन्नति के ज्यादा अवसर प्राप्त होंगे।

ट्रक चोरी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

नुन्नावाला से ट्रक चोरी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि उनका एक साथी अभी फरार चल रहा है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
डोईवाला कोतवाली पुलिस के मुताबिक सतवीर सिंह निवासी नुन्नावाला, भानियावाला ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके भाई गुरदेव सिंह का ट्रक 15 अगस्त को घर के बाहर खड़ा था। इसके बाद ट्रक मौके से गायब मिला। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान घटनास्थल से लंढौरा, हरिद्वार तक करीब 83 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से चेक की गई। सीसीटीवी कैमरे की मदद से ट्रक समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जौलीग्रांट चौकी प्रभारी उत्तम रमोला ने आरोपियों की पहचान इशरार पुत्र सराजू निवासी ग्राम जौरासी, नाजिम पुत्र अजीज निवासी मोहितपुर, थाना भगवानपुर, नदीम पुत्र शमीम उर्फ निवासी लंढौरा थाना मंगलौर जिला हरिद्वार के रूप में हुई है। जबकि मामले में आसिफ पुत्र हसन निवासी ग्राम सिकारपुर, मंगलौर, हरिद्वार फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास पुलिस ने तेज कर दिए हैं। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।

उत्तराखण्ड पुलिस एप और ई.एफ.आई.आर सेवा का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित सभागार में उत्तराखण्ड पुलिस एप तथा ई-एफआईआर सेवा का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड पुलिस की 5 विभिन्न ऑनलाईन सेवा का एकीकरण कर नया पुलिस एप तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस एप के माध्यम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने इसे सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण के मंत्र के साथ जन सेवा के लिये किया गया बेहतर प्रयास बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्मार्ट पुलिसिंग के विचार को धरातल पर उतारने की भी यह सराहनीय पहल है।
मुख्यमंत्री ने इस एप का व्यापक प्रचार प्रसार किये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि नशामुक्त उत्तराखण्ड बनाने तथा चारधाम के साथ ही नये पर्यटन गंतव्यों को बढ़ावा देने की भी इसके माध्यम से प्रभावी व्यवस्था हो। उन्होंने आम जनता की सुविधा के लिये पुलिस विभाग के अलावा अन्य विभागों को भी अपनी ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से प्रयास किये जाने चाहिए। जनता को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना हमारा उद्देश्य होना चाहिए।
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड पुलिस एप के माध्यम से उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा आम-जनता के लिये संचालित की जा रही सभी ऑनलाईन सुविधाओं का एक साथ एकीकरण किया गया है, जिसमें उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा संचालित ऑनलाईन एप्प-गौरा शक्ति (महिला सम्बन्धी प्रकरणों में जनपद के किसी भी अधिकारी की शिकायत), ट्रैफिक आई (किसी भी व्यक्ति द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन की जानकारी), पब्लिक आई (किसी भी सुरक्षा सम्बन्धी कानून नियम का उल्लंघन), मेरी यात्रा (उत्तराखण्ड चार धाम से सम्बन्धित जानकारी और पर्यटन संबंधी) एवं लक्ष्य नशा मुक्त उत्तराखण्ड (नशे से बचाव व उससे संबंधित जानकारी) जैसी सभी महत्वपूर्ण ऑनलाईन एप्प को एक ही एप्प उत्तराखण्ड पुलिस एप्प के नाम से प्रारम्भ कर आम जनता को सुविधा प्रदान की गयी हैं। उत्तराखण्ड पुलिस एप्प में आम-जनता को आपातकालीन नम्बर 112 व अपनी साथ हुयी साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करने हेतु साइबर हैल्प लाईन नम्बर 1930 को भी जोडा गया है ।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखण्ड पुलिस एप के माध्यम से अब आम जन नागरिक वेब पोर्टल (नागरिक पोर्टल) या मोबाइल फोन का उपयोग कर अपने चोरी हुये वाहनों/गुमशुदा दस्तावेजों की ऑनलाइन रिपोर्ट उत्तराखण्ड राज्य के किसी भी जनपद से घर बैठे ही करा सकेंगे। वाहन चोरी/दस्तावेज गुमशुदा सम्बन्धी रिपोर्ट दिये गये विवरण के अनुसार भरनी होगी, जनता द्वारा दी गयी जानकारी तुरन्त ही सीधे ई.एफ.आई.आर. पंजीकरण हेतु प्राधिकृत साइबर थाना देहरादून को ऑनलाइन प्राप्त होगी जिस पर साइबर थाना देहरादून द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुये प्राप्त शिकायत का देखकर उस पर ई.एफ.आई.आर. की जायेगी।

कांवड़ मेला को लेकर पुलिस उच्चाधिकारियों ने ली पुलिसकर्मियों की बैठक

कांवड़ मेला को देखते हुए आज पुलिस पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और पुलिस अधीक्षक यातायात ने पुलिस बल को ब्रीफ किया। उन्होंने बताया कि कांवड़ मेले में नियुक्त ऋषिकेश सर्किल के पुलिस बल 36 उप निरीक्षक एवं 150 कांस्टेबल रहेंगे।

कहा कि कांवड़ मेले में ड्यूटी के दौरान साफ-सुथरी एवं नियमानुसार वर्दी पहन ड्यूटी स्थल पर समय से पहुंचे। कहा कि बारिश होने पर अपने साथ रेन कोट या छाता रखें। इसके साथ ही मृदुल व्यवहार रखते हुए कांवड़ियों का मार्गदर्शन किया जाए। बताया कि कांवड़ मेले के रूट प्लान के अनुसार यातायात व्यवस्था बनाएं।

ब्रीफिंग में बताया कि कांवड़ मेले के दृष्टिगत चिन्हित किए गए पार्किंग स्थलों की जानकारी देकर पार्किंग व्यवस्था को सुचारू रूप से चलायमान रखा जाए।

राज्य सरकार पुलिस कल्याण के लिए अनेकों कार्य कर रही-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को पुलिस लाईन रेस कोर्स, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रशासनिक भवन, क्वार्टर गार्द एवं बैरक का शिलान्यास किया। साथ ही हीरो मोटोकॉर्प लि. द्वारा सीएसआर मद से उत्तराखण्ड पुलिस को प्रदान की गई 150 चीता मोबाइल बाइक का फ्लैग ऑफ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासनिक भवन, कार्ग क्वार्टरगार्द एवं बैरक का शिलान्यास पर पुलिस प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा आज शिलान्यास के साथ ही पुलिस विभाग द्वारा की जा रही लंबे समय से एक मांग पूरी हुई है। राज्य सरकार का यह संकल्प है कि किसी भी कार्य योजना का शिलान्यास यदि हमारी सरकार में हुआ है तो उसका लोकार्पण भी हमारी सरकार में होगा। इस निर्माण कार्य के पूर्ण होते ही पुलिस जवानों को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा, अच्छे रहन-सहन के साथ अच्छी सेवाएं हमारे जवान इस राज्य को दें ऐसी अपेक्षा करता हूं। इस पुलिस लाईन के कार्मिकों के लिए काफी महत्वपूर्ण एवं सुविधायुक्त होगा। उन्होंने कार्यदायी संस्था व पुलिस विभाग से कहा कि नवीन आधुनिक भवन समस्त आधारभूत सुविधाओं से युक्त होना चाहिए। उन्होंने निर्माण के दौरान गुणवत्ता को लेकर विशेष तौर पर ध्यान रखने की बात कही साथ ही निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा की जनपद देहरादून में राज्य स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम होते रहते हैं, जिसके लिए राज्य की पुलिस लाईन में उच्च कोटि के प्रशासनिक भवन की आवश्यकता होती है, राज्य में कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु अत्यधिक पुलिस बल एवं पीएसी व्यवस्थापन होने के कारण पुलिस लाइन, देहरादून में पुलिस बल का अत्यधिक दबाव बना रहता है, जिसके लिए अतिरिक्त बैरक के निर्माण किया जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोरोना काल के दौरान पुलिस द्वारा किए गए कार्यों की जितनी सराहना की जाए उतनी कम है। वर्तमान में चल रही चार धाम यात्रा में पुलिस प्रशासन की अहम भूमिका है। पुलिस पूर्ण रूप से अपना सहयोग दे रही है, साथ ही मसूरी, नैनीताल जैसे पर्यटक स्थल जहां भारी संख्या में लोग आते हैं वहां पर कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम पुलिस बखूबी निभाती है।
इस दौरान सरकार द्वारा पुलिस कल्याण हेतु किए गए विभिन्न कार्यों के बारे में अवगत करवाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस के आधुनिकीकरण हेतु भारत सरकार के गृहमंत्री जी के द्वारा आकस्मिकता निधि के अन्तर्गत केन्द्र सरकार की ओर से रू0 5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करायी गयी है। वाहनों के क्रय हेतु भी रू0 3 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गयी है। चीता पुलिस को आधुनिक बनाने हेतु लगभग रू० 3 करोड़ के स्मॉल आर्मस् क्रय किये गये है। कोविड के दौरान सरकार द्वारा फ्रन्ट लाईन वॉरियर होने के कारण प्रत्येक पुलिस कर्मी को रू 10 हजार प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया। कर्मचारियों के कल्याण हेतु रू0 2.5 करोड़ का भी बजट में प्रावधान किया गया है। अपराधियों को दण्डित/गिरफ्तारी हेतु भी पुलिस कर्मियों को दिये जाने वाले पुरस्कार की धनराशि में भी बढ़ोतरी की गयी है। उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में नियुक्त हेड कानि० / कानि० एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को वर्दी किट के स्थान पर क्रमशः रू. 2250 व रू. 1500 प्रति वर्ष वर्दी भत्ता स्वीकृत किया गया है। जिसमें शीघ्र ही और वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा जीवन रक्षक निधि के अन्तर्गत 10 सेवारत पुलिस कार्मिकों एवं उनके आश्रित सदस्यों को उपचार हेतु रु 30.40 लाख अग्रिम धनराशि स्वीकृत की गई। पुलिस शहीद कोष के अन्तर्गत कुल 14 मृतक पुलिस कर्मियों के आश्रितों को रु० 1-1 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्मिकों की पदोन्नति एवं भर्ती कार्य के संबंध में अवगत करवाया की मृतक आश्रित में 13 अभ्यर्थियों को सेवायोजन प्रदान किया गया। मुख्य आरक्षी ना०पु०/अभिसूचना/पीएसी/स०पु० के रिक्त 723 पदों पर विभागीय पदोन्नति परीक्षा के माध्यम से चयन किया गया है। पुलिस लिपिक संवर्ग के कार्मिकों को पदोन्नति प्रदान की गयी है। उप निरीक्षक ना०पु०/अभिसूचना/पीएसी एवं फायर सर्विस द्वितीय अधिकारी के 221 पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी की गयी। इसके साथ ही उत्तराखण्ड के बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के दृष्टिगत आरक्षी ना०पु०/अभिसूचना/पीएसी/फायर सर्विस के 1521 पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी की गयी तथा इस हेतु 17 भर्ती केन्द्रों पर शारीरिक दक्षता परीक्षा की कार्यवाही प्रचलित है। उन्होंने बताया मुख्य आरक्षी, पुलिस दूरसंचार के रिक्त 272 पदों पर सीधी भर्ती हेतु की गयी विज्ञप्ति पर लिखित परीक्षा इस माह जुलाई-2022 में प्रस्तावित है। इन सभी परीक्षाओं के आयोजन का दायित्व उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड पुलिस को स्मार्ट पुलिस बनाने की ओर अग्रसर है। पुलिस को ज्यादा सख्त एवं संवेदनशील, तकनीकी एवं सचल, सतर्क एवं जवाबदेह, विश्वसनीय एवं प्रतिक्रियाशील, तकनीकी रूप से कुशल एवं दक्ष बनाना चाहती है, इसके लिए सरकार द्वारा यथासंभव प्रयास किये जा रहें हैं। इस दौरान उन्होंने भविष्य में निर्माणाधीन बहुद्देशीय कार्यालय भवन के एलिवेशन को पर्वतीय वास्तुशिल्प के अनुसार बनाया जाने की बात कही।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड मित्र पुलिस निरंतर आगे बढ़े इसके लिए सरकार कंधे से कंधा मिलाकर पुलिस प्रशासन के साथ खड़ी है उन्होंने कहा जनता एवं पुलिस अधिकारियों के बीच दूरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा पुलिस का व्यवहार ही समाज में सरकार के व्यवहार को दर्शाता है। उन्होंने पुलिस सेवा के दौरान सरल, मिलनसार एवं मित्रता का भाव अपनाने की बात कही।
डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि आने वाले समय में इस तरह के प्रशासनिक भवन को उत्तराखंड शैली में विकसित किया जाएगा उन्होंने कहा पौड़ी चमोली एवं पिथौरागढ़ में भी जवानों की सुविधा अनुसार भवनों को अपग्रेड करने की योजना बनाई जा रही है। इस दौरान उन्होंने अवगत करवाया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों अनुसार बाहरी लोगों का सत्यापन उत्तराखंड पुलिस द्वारा बड़े स्तर पर जारी है एवं शहरों में लगे अवैध लाउडस्पीकर जिनसे ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा मिलता है ऐसे अवैध स्पीकर को हटाने का कार्य भी जारी है। उन्होंने कहा उत्तराखंड पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाने हेतु हम सरकार से समन्वय बनाकर लगातार कार्य कर रहे हैं।

गृह और पुलिस विभाग की समीक्षा में सरलतम तरीके अपनाने पर सीएम ने दिया जोर

प्रदेशवासियों को जल्द ही ई-एफआईआर की सुविधा मिलेगी। इसमें घर बैठे ही एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। प्रारम्भ में वाहन चोरी और गुमशुदा वस्तुओं के संबंध में ई-एफआईआर कराई जा सकेगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में गृह और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री के समक्ष सीसीटीएनएस के अंतर्गत बनाए जा रहे ई-एफआईआर पोर्टल का प्रस्तुतिकरण दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि सरकार का मूल मंत्र है। सिस्टम इस प्रकार का होना चाहिए जिससे जनता सरलतम तरीके से अपनी शिकायतों का समाधान करा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-एफआईआर से आम जन को बहुत सुविधा होगी। व्यक्ति को एफआईआर दर्ज कराने के लिये परेशान नहीं होना पड़ेगा। ई-एफआईआर में उच्चाधिकारियों द्वारा नियमित रूप से समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाये जाने की जरूरत है। ड्रोन टेक्नोलोजी का भी उपयोग किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशिक्षण, आधुनिकीकरण और पुलिस सुधार से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर बैठक आयोजित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि झूठी एफआईआर को रोकने के लिये जरूरी प्राविधान किये जाने की आवश्यकता है। इस संबंध में सुझाव देने के लिये एक समिति बनाई जाए।
बताया गया कि ई-एफआईआर के लिये अभी अधिसूचना जारी की जानी है। शुरुआत में इसमें वाहन चोरी व गुमशुदा मोबाईल व वस्तुओं के संबंध में एफआईआर को शामिल किया जाएगा। ई-एफआईआर में वर्चुअल थाना स्थापित किया जाएगा। जो भी ई-एफआईआर की जाएगी, वह इस वर्चुअल थाने में जाएगी। शिकायत करने वाले को इसकी पावती मिल जाएगी। यहां इसका परीक्षण कर संबंधित थाने में आवश्यक कार्यवाही के लिए अग्रसारित की जाएगी। ई-एफआईआर पोर्टल को देवभूमि मोबाईल एप से भी जोड़ा जाएगा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, एडीजी वी मुरूगेशन, आईजी बिमला गुन्ज्याल, अपर सचिव रिद्धिम अग्रवाल, सहित गृह व पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

हुड़दंग मचा रहे पर्यटकों को पुलिस ने सिखाया सबक

लक्ष्मणझूला क्षेत्र के राधेश्याम घाट पर नशे में हुड़दंग मचा रहे छह पर्यटकों को पुलिस ने पकड़ा। पुलिस ऐक्ट में चालान के बाद सबक सिखाने के लिए उनसे घाटों की सफाई भी करवाई। पुलिस के इस अनूठे कार्य को स्थानीय लोगों ने सराहा।
मिशन मर्यादा के तहत पुलिस टीम गंगा घाटों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर गश्त कर रही थी। इसी बीच राधेश्याम घाट पर नशे में धुत्त कुछ युवक उत्पात मचाते नजर आए। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को पकड़ लिया। पुलिस ऐक्ट में चालान कर अनुशासन का पाठ पढ़ाया।
पुलिस ने हत्थे चढ़े हिमांशु पुत्र दिवाकर, एलन पुत्र मैथ्यू, अभिषेक पुत्र मुकेश, आशीष पुत्र रामकुमार निवासी शामली, उत्तर प्रदेश, मोहित कुमार पुत्र नरेश कुमार, सोमबीर पुत्र धनवीर निवासी ग्राम नूरपुर, पानीपत, हरियाणा से क्षेत्र के घाटों की सफाई कराई। थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह कुंवर ने बताया कि पुलिस टीम में कांस्टेबल दीपक, बीरेंद्र कुमार, अनुराग, भवानंद आदि शामिल रहे।

मासूम का फिसला पैर, गंगा के तेज बहाव में बही, लापता

मुनिकीरेती के शीशमझाड़ी क्षेत्र में एक आश्रम के घाट के पास पांच साल की मासूम बच्ची गंगा के तेज बहाव में बह गई। सूचना पर एसडीआरएफ की टीम मौके पहुंची और बच्ची की तलाश को गंगा में सर्च ऑपरेशन चलाया। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया।
कैलाश गेट चौकी प्रभारी योगेश पांडेय ने बताया कि रविवार सुबह दिल्ली का एक परिवार वेदांत आश्रम घाट पर स्नान कर रहा था। इस दौरान परिवार की पांच वर्षीय बच्ची आशी पुत्री अमरनाथ निवासी अशोक नगर, दिल्ली का अचानक पैर फिसला और वह पानी के तेज बहाव में बह गई। जब तक उसे बचाने का प्रयास करते देखते ही देखते वह गंगा की तेज लहरों में ओझल हो गई। घटना के बाद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस दी। सूचना पाकर एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया। लेकिन मासूम बच्ची का कहीं पता नहीं चल पाया। एसडीआरएफ उपनिरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि सोमवार को फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।

दून पुलिस ने 185 मॉडिफाई साइलेंसर को रोलर चलाकर किया नष्ट

देहरादून पुलिस ने एक नई पहल की शुरूआत की है। पुलिस ने मॉडिफाई साइलेंसर लगाकर मोटरसाइकिल को शहर में घुमाने वालों को सबक सिखाया है।

दून पुलिस ने मॉडिफाई साइलेंसर’ के विरुद्ध चलाए गए अभियान में 461 वाहन चालकों के विरुद्ध कार्यवाही की और 57 वाहन सीज किए।

दून पुलिस ने चालानी कारवाही में यातायात पुलिस जनपद देहरादून द्वारा ’185’ वाहनों के साइलेंसर उतारकर यातायात कार्यालय में दाखिल किए। उन्हें यातायात कार्यालय के बाहर रोड पर रोलर के माध्यम से नष्ट किया गया।

लक्ष्मणझूला पुलिस ने गंगा तट पर शराब का सेवन करने पर सात लोगों का काटा चालान

लक्ष्मणझूला पुलिस ने मिशन मर्यादा का उल्लंघन करने पर संतसेवा घाट तथा राधेश्याम घाट से सात पर्यटकों का चालान किया है।

पुलिस के मुताबिक, पुलिस टीम को गस्त व चेकिंग के दौरान संत सेवाघाट तथा राधेश्याम घाट पर शराब पीकर हुड़दंग कर रहे सात व्यक्तियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध पुलिस अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की गई।

पुलिस ने आरोपियों के नाम मनोज कुमार निवासी साहपुर थाना पिसावा जिला अलीगढ़ उत्तर प्रदेश, सुभाष निवासी ग्राम जलालपुर थाना पिसावा जिला अलीगढ़ उत्तर प्रदेश, उमेश कुमार निवासी बुलंदशहर जिला बुलंदशहर, मौला वर्मा निवासी ग्राम पिसावा थाना पिसावा जिला अलीगढ़ उत्तर प्रदेश, भारत सिंह निवासी सरोजिनी नगर दिल्ली, भुवन निवासी हुमायूंपुर दिल्ली और जॉनी निवासी हुमायूंपुर दिल्ली के रूप में कराई है।