सीएम की घोषणा-पुलिस में खेल कोटे में भर्ती जल्द शुरु

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस मुख्यालय देहरादून में पुलिस विभाग द्वारा तैयार की गई ‘‘पब्लिक आई एप’’ तथा महिला सुरक्षा हेतु ‘‘मिशन गौरा शक्ति’’ एप का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ द्वारा पर्यावरण संरक्षण, कोविड जागरूकता, हानिकारक कूड़े के निस्तारण व जोखिम पूर्ण स्थानों के चिन्हीकरण के लिए चलाये जा रहे माउण्ट गंगोत्री-1 पर्वतारोहण अभियान का फ्लैग ऑफ भी किया। इंस्पेक्टर एसडीआरएफ अनीता गैरोला के नेतृत्व में 9 सितम्बर से 30 सितम्बर तक चलाया जायेगा। अभियोगों की विवेचना में गुणात्मक सुधार तथा सफल अनावरण हेतु मुख्यमंत्री द्वारा विवेचकों को स्मार्ट एविडेंस टूलकिट टेबलेट प्रदान किये गये।

जल्द बनेगी एंटी ड्रग पालिसी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पुलिस की समीक्षा बैठक भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस में खेल कोटे की भर्ती शुरू की जायेगी। पीएसी के जवानों को बसों की व्यवस्था की जायेगी। उत्तराखण्ड में शीघ्र एंटी ड्रग पॉलिसी बनायी जायेगी। पुलिस विभाग में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की जायेगी। पुलिस विभाग के आरक्षियों के ग्रेड पे के संबंध में कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया गया है। इसमें जल्द उचित समाधान निकाला जायेगा।

अपराधियों को पकड़ने हेतु पुरस्कार राशि बढ़ायेगी सरकार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2018 को और सख्त बनाया जायेगा। बाहरी राज्यों से उत्तराखण्ड में आने वाले लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था किसी भी राज्य की सुरक्षा एवं समृद्धि का एक आवश्यक अंग है। उत्तराखंड पुलिस द्वारा राज्य में अच्छा कार्य किया जा रहा है।
इनामी अपराधियों को पकड़ने हेतु पुरस्कार राशि बढ़ायी जाएगी। कोरोना काल में पुलिस द्वारा मिशन हौंसला के तहत सराहनीय कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट पुलिस बनाने का जो विजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का है। उसको पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उत्तराखण्ड पुलिस को आधुनिक बनाने में जो भी आवश्यकता होगी उसे पूरा करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर एवं इंस्पेक्टर को कोविड-19 में उनके द्वारा किये जा रहे सराहनीय कार्यों एवं सेवाओं 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि जल्द दी जायेगी।

साइबर क्राइम को रोकने के लिये ठोस रणनीति बनाएं
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि साइबर क्राइम को रोकने के लिए लिए ठोस रणनीति बनाई जाय। यातायात के नियमों, रोड सेफ्टी के प्रति लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाय। ट्रैफिक लाइट एवं सीसीटीवी निगरानी की समुचित व्यवस्था की जाय। कार्यों के प्रति प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। थाना या चौकी स्तर के मामले जिले स्तर पर न आए। जिला स्तर के मामले मुख्यालय स्तर एवं शासन स्तर पर न आये। जिसकी जो जिम्मेदारी है, अपने स्तर पर शीघ्र उसका समाधान करें। महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, नशा मुक्ति एवं साइबर क्राइम जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाय।

मिशन गौरा शक्ति अभियान
महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सजग एवं प्रभावी पहल के लिए उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा मिशन गौरा शक्ति अभियान चलाया जायेगा। इसके तहत छेड़खानी जैसी घटनाओं में प्रभावी कार्यवाही, बालिकाओं को आत्मरक्षा हेतु प्रशिक्षण एवं शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जायेगा। इसके तहत पीड़िता इमरजेंसी की स्थिति में डायल कर तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकती है। ऑनलाईन ऑडियो, वीडियो एवं टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकती हैं। आपात स्थिति में 112 पर कॉल कर सकते हैं। अपनी शिकायत पर संबंधित पर हुई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त कर सकती है। एप के माध्यम से पुलिस के अन्य ऑफिसियल सोशल मीडिया अकाउंट पर भी संपर्क कर सकती हैं।

पब्लिक आई एप
उत्तराखण्ड प्रदेश की जनता अपनी शिकायतों के साथ-साथ आसपास घटित हो रहे आपराधिक या विधि का उल्लंघन करने वाले कृत्यों की फोटो या वीडियो बनाकर पुलिस को भेज सकते हैं। शिकायतकर्ता अपने द्वारा पूर्व में की गई शिकायत व उस पर हुई कार्यवाही की प्रगति के बारे में जान सकते हैं। साइबर क्राइम के बारे में शिकायत दर्ज की जा सकती है। किसी भी प्रकार की ट्रेफिक समस्या या सड़क दुर्घटना के संबंध में फोटो या वीडियो बनाकर कार्यवाही हेतु अपलोड किया जा सकता है। आपात स्थिति में 112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, अरविन्द सिंह ह्यांकी एवं पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

डीजीपी ने कार्य के प्रति लापरवाही न बरतने के दिए निर्देश

अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड द्वारा पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में समस्त जनपद प्रभारियों, परिक्षेत्र प्रभारियों, सेनानायकों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित होने वाली आगामी विधानसभा सत्र एवं प्रदेश की कानून व्यवस्था के सम्बन्ध में बैठक ली गयी। इस दौरान विधानसभा सत्र को शान्तिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए जरुरी दिशा-निर्देश दिये गये।
1. दिनांक 23 अगस्त 2021 से शुरु होने वाले विधानसभा-सत्र को देखते हुए, जनपद प्रभारियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। सत्र के दौरान जुलुस एवं अन्य प्रदर्शनों में शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु आवश्यकतानुसार पुलिस बल लगया जाये। सत्र हेतु सभी तैयारियों समय से करना सुनिश्चित करें।
2. आगामी रक्षाबंधन के त्यौहार को देखते हुए यातायात में ड्यूटी समय से लगाने के निर्देश दिये गये।
3. उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया की चारधाम में आने वाले यात्रियों को प्रवेश राज्य सरकार एंव केन्द्र सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन के अनुसार सुनिश्चित करवाये।
4. जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया की साईबर हेल्प लाईन के नम्बर को भी सभी थाना/चौकी प्रभारी अपने-अपने थाना/चौकी के बोर्ड पर दर्शायें।
5. सोशल मीडिया एवं सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सैल के साथ-साथ सोशल मीडिया इंटरवेंशन सेल को भी एक्टीवेट करें तथा सोशल मीडिया से प्राप्त इनपुट पर प्रभावी कार्यवाही की जा सके।
6. साईबर क्राईम, महिला सुरक्षा एवं ड्रग्स पर जनपद प्रभारियों को और अधिक कार्यदक्षता बढाने के लिए निर्देशित दिये गये।
7. जनपद स्तर पर एडीटीएफ सक्रिय नही है, इसको प्रभावीरुप से सक्रिय किये जाने की आवश्यकता है। जिसके लिए सभी सर्व सम्बन्धित मॉनेट्रिंग करना सुनिश्चित करेंगे तथा इस तैनात कर्मियों को रोटेट किये जाने की भी आवश्यकता है।
8. विगत में यातायात व्यवस्थाओं में विफल रहने पर यातायात प्रभारी राजपुर रोड़, देहरादून को यातायात ड्यूटी से हटा कर उनके मूल तैनाती पर वापस करने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को निर्देशित किया गया।
उपरोक्त समीक्षा बैठक में पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुरूगेशन, पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना एंव सुरक्षा संजय गुन्ज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक पुष्पक ज्योति, पुलिस उपमहानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढवाल परिक्षेत्र नीरू गर्ग, एसएसपी एसटीएफ अजय सिह, पुलिस अधीक्षक अपराध श्वेता चौबे के अतिरिक्त अन्य अधिकारियों द्वारा ऑनलाईन प्रतिभाग किया गया।

नाबालिग से दुष्कर्म का इनामी आरोपित गिरफ्तार

एसओजी व पटेलनगर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने मुंबई जाकर नाबालिग से दुष्कर्म के इनामी आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित 2017 में जेल से जमानत पर छूटने के बाद फरार हो गया था और पुलिस से बचने के लिए नाम बदलकर पंजाब व महाराष्ट्र में रह रहा था। रविवार को पत्रकारों से वार्ता में एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पटेलनगर कोतवाली में दर्ज एक दुष्कर्म के मामले में आरोपित मुनाजिर निवासी ग्राम बलवा महलगांव अररिया बिहार 2017 से जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद फरार चल रहा था।

न्यायालय में पेश न होने के कारण अदालत ने इसी वर्ष आरोपित को भगोड़ा घोषित किया था। आइजी गढ़वाल ने 2020 में आरोपित पर पांच हजार रुपये इनाम घोषित किया। आरोपित की तलाश में पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था। पुलिस को सूचना मिली कि मुनाजिर ठाणे (मुंबई) में है। 27 जुलाई को एसओजी की एक टीम को मुंबई भेजा गया तो पता लगा कि आरोपित अंजार नाम से पठानवाड़ी में रहकर मजदूरी कर रहा है। 29 जुलाई को पुलिस ने ठाणे में आरोपित को दहिसर चेक नाका, होटल सागर के सामने से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को पुलिस दो दिन का ट्रांजिट रिमांड लेकर शनिवार रात को देहरादून पहुंची।

एसएसपी ने बताया कि वर्ष 2015 में मुनाजिर बंजारावाला से 12 साल की बच्ची को बहला-फुसलाकर बिहार ले गया। वहां आरोपित ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। कुछ दिन बाद पुलिस ने बच्ची को पानीपत हरियाणा से बरामद करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

नाबालिग लड़की से जबरन दुष्कर्म का आरोप, मुकदमा दर्ज, आरोपी अरेस्ट


कोतवाली ऋषिकेश ने एक पिता की शिकायत पर युवक को गिरफ्तार किया है। युवक पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता की नाबालिग लड़की के साथ कार के अंदर जबरन रेप किया। पुलिस ने आरोपी पर पोक्सो अधिनियम में मुकदमा भी दर्ज किया है।

दरअसल, ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। बताया कि एक लड़का पिछले कुछ माह से उनकी नाबालिग बेटी को परेशान कर रहा है तथा आवागमन के दौरान जबरन परेशान भी कर रहा है। बताया कि बीती 23 अप्रैल को उनकी बेटी दुकान से घर लौट रही थी। तभी उक्त युवक ने एक कार के अंदर बात करने के बहाने बैठा दिया और सुनसान इलाका लक्कड़ घाट की ओर लेकर गया। आरोप है कि यहां युवक ने डरा धमका कर कार में ही उनकी नाबालिग बेटी के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए और 18 जुलाई को दोबारा अपने साथ चलने को कहा। शिकायतकर्ता की बेटी ने जब मना किया तो आरोपी युवक ने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी।

कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि आरोपी पर पोक्सो अधिनियम में मुकदमा पंजीकृत कर गिरफ्तार किया है। उन्होंने आरोपी की पहचान क्राशुं चैहान पुत्र समर पाल सिंह निवासी गली नंबर 8, गुमानीवाला श्यामपुर ऋषिकेश के रूप में कराई है।

पीटीसी नरेंद्र नगर से 17 पुलिस उपाधीक्षकों ने पास किया प्रशिक्षण, उत्तराखंड पुलिस में हुए शामिल

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पीटीसी नरेन्द्र नगर में पुलिस उपाधीक्षक आधारभूत प्रशिक्षण दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षणरत पुलिस उपाधीक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने पर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री द्वारा जिन पुलिस उपाधीक्षकों को सम्मानित किया गया उनमें रीना राठोर, नताशा सिंह, अभिनय चैधरी, स्वप्निल मुयाल, सुमित पाण्डे शामिल हुए। इस बार 17 पुलिस उपाधीक्षकों ने पीटीसी नरेन्द्र नगर से अपना प्रशिक्षण पूरा किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पी.टी.सी में आडिटोरियम का निर्माण किया जायेगा। साइबर क्राइम को रोकने हेतु कोर्सेज शुरू किये जायेंगे। पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण भत्ता दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रशिक्षण के उपरांत पास आउट होने वाले सभी पुलिस उपाधीक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि किसी विशेष उद्देश्य की प्राप्ति के लिए दी जाने वाली शिक्षा ही प्रशिक्षण है। प्रशिक्षण कोई एक दिन में पूर्ण होने वाला वन टाइम टास्क नहीं है, अपितु उसके अनुरूप खुद को बदलना पड़ता है। प्रशिक्षण ही वह माध्यम है जिसके द्वारा हम अपने पेशेवर कार्यों को तेजी व दक्षता से करने में सक्षम होते हैं। उन्होंने कहा कि पी.टी.सी प्रशिक्षुओं को कानूनों की जानकारी के अलावा शस्त्र संचालन आदि अनेक प्रकार के जरूरी कौशल का प्रशिक्षण भी दिया गया होगा, परंतु क्षमताओं का वास्तविक आकलन तो तभी होगा जब हम अपने सीखे हुए ज्ञान एवं कौशल को अपने व्यवहारिक जीवन सही व सहज तरीके से प्रयोग करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की कई विविधताएं हैं, कठिन भौगोलिक परिस्थिति एक सबसे बड़ी चुनौती है जहां – बाढ़, बादल फटना, भू-स्खलन, भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदाओं के अतिरिक्त सड़क दुर्घटनाओं का यदा-कदा सामना करना पड़ता है, ऐसे में हमारी राज्य पुलिस की भूमिका अन्य राज्यों की तुलना में और भी चुनौतीपूर्ण होजाती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक पर्यटक एवं धार्मिक स्थल बहुल राज्य है, यहां बाहर से प्रतिवर्ष उसकी कुल आबादी दोगुने से भी अधिक पर्यटक एवं श्रद्धालु आते हैं। पर्यटन उद्योग राज्य की आय का प्रमुख स्रोत भी है, ऐसे में राज्य पुलिस की भूमिका अत्यन्त ही महत्वपूर्ण हो जाती है। पुलिस को न केवल पर्यटकों के आवागमन को सुदृढ़ एवं सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभानी है, अपितु पर्यटकों को सुरक्षित भी महसूस करवाना होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में साईबर एवं डिजिटल तकनीकी के माध्यम से होने वाले आर्थिक अपराधों, साईबर अपराधों एवं सामाजिक अपराधों से निपटना पुलिस के लिए प्रमुख चुनौती है। इसको भी ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण के दौरान साइबर अपराधों से निपटने की भी जानकारी उन्हें दी गई होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पुलिस अन्य अपराधों के अलावा साइबर और संगठित अपराधों पर रोक लगाकर राज्य में चैतरफा सुरक्षा का माहौल तैयार करेंगे। कोरोना संकट के इस दौर में उत्तराखण्ड पुलिस ने कई नई-नई चुनौतियों का सामना किया है।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि पुलिस के सामने अनैक चुनौतियां हैं। पुलिस को नई-नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए यह कठिन प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस में जन सेवक के गुण होने बहुत जरूरी हैं। हमारा मकसद पीड़ित केन्द्रित होना चाहिए। हमारा प्रयास होना चाहिए कि समाज के ऐसे लोगों को न्याय दिलाया जाए जो सुविधाओं से वंचित हैं। पुलिस के पास यूनिफार्म के साथ ही कानूनी अधिकार भी है।

इस अवसर पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, अपर पुलिस महानिदेशक, डॉ. पीवीके प्रसाद, पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण पूरन सिंह रावत, निदेशक पी०टी०सी० राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी टिहरी ईवा आशीष श्रीवास्तव, एसएसपी टिहरी तृप्ति भट्ट आदि उपस्थित थे।

ऋषिकेश पुलिस ने मृतक बुजुर्ग का किया अंतिम संस्कार


ऋषिकेश पुलिस ने एक बार पुनः कोरोना पीड़ित बुजुर्ग की मौत होने पर पुत्र धर्म निभाया है। पुलिस ने 91 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद उनका चंद्रेश्वर नगर स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया।

बता दें कि 91 वर्षीय बुजुर्ग मोहन सिंह रावत पुत्र शमशेर सिंह रावत निवासी प्रेम विहार, श्यामपुर की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। पुलिस को सूचना मिलने पर पता चला कि मृतक की तीन बेटियां और उनकी पत्नी है। फिलहाल बुजुर्ग दंपति ही ऋषिकेश में अकेले रह रहे थे। एक बेटी आशा रावत देहरादून में हैं। परिवार के लोग आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण अंतिम संस्कार कर पाने में असमर्थ थे। पुलिस ने चंद्रेश्वरनगर स्थित श्मशान में शनिवार को विधि विधान से बुर्जुग को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।

कोविड कर्फ्यू के दौरान चेकिंग में ट्यूशन पढ़ा रहा टीचर अरेस्ट

तीर्थनगरी में कोविड कर्फ्यू के दौरान एक कोचिंग संस्थान में टीचर को बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना भारी पड़ गया। कोतवाली पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर कर आरोपी को गिरफ्तार किया है।

कोतवाली पुलिस के मुताबिक बुधवार को कोविड कर्फ्यू के दौरान चेकिंग पर थे। इसी बीच श्यामपुर क्षेत्र में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट खुला मिला। इसमें 25 से 30 छात्र मौजूद थे। पुलिस ने कोचिंग संस्थान के टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि आशीष कुमार पुत्र स्व. राम लखन निवासी बंदरामऊ, राही थाना मिल एरिया, जिला बरेली, यूपी पर आपदा प्रबंधन अधिनियम का उल्लंघन करने पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

मिशन हौसला के जरिए पुलिस के जज्बे को सलाम, लोगों की मदद में अद्भुत योगदान

कोरोना महामारी की इस दूसरी लहर में तमाम लोगों के समक्ष कई परेशानियां देखने को मिल रही है, किसी परिवार में सभी संक्रमित है, तो दवाई कौन लाकर दें, तो कहीं आक्सीजन की कमी से जूझता परिवार, इसके अलावा राशन की समस्या। ऐसे में ऋषिकेश पुलिस मिशन हौसला अभियान के जरिए इन जरूरतमंदों को आवश्यक सामग्री पहुंचा रही है। ऋषिकेश पुलिस के लिए एक सलाम तो बनता है।
बीते रोज के कुछ मामले-

1. रेलवे रोड निवासी अशोक माथुर ने पुलिस को कॉल कर बताया कि आदर्शनगर निवासी 78 वर्षीय विनोद कुमार की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। उनके साथ फिलहाल उनकी बहू रहती है। जो ऑक्सीजन सिलेंडर लाने और ले जाने में असमर्थ है। पुलिस ने तत्काल ऑक्सीजन सिलेंडर का प्रबंध कर बुजुर्ग के घर तक पहुंचाया।

2. गोविंदनगर निवासी देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि उनकी 80 वर्षीय पत्नी को तेज बुखार आ रहा है। वे दोनों घर पर अकेले रहते हैं। अधिक उम्र होने के कारण दवाई लाने में असमर्थ है। पुलिस ने उनके घर पहुंचकर दवाई उपलब्ध कराई।
3. शांतिनगर निवासी सोनू ठाकुर ने पुलिस को बताया कि उनके 65 वर्षीय पिता कोरोना संक्रमित हैं। वे घर पर ही आइसोलेट हो गए है। रात को उनका ऑक्सीजन लेवल 70 तक गिर गया। इससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। एक प्राइवेट नर्सिंग होम में उन्हें ले जाया गया। लेकिन यहां अस्पताल ने भर्ती करने से मना कर दिया है। पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस के जरिए बुजुर्ग को एम्स में पहुंचाया।
4. नजीबाबाद अदब सिटी हरिद्वार रोड जिला बिजनौर यूपी से काॅलर महबूब अहमद ने काॅल कर बताया कि उनकी पत्नी का इलाज एम्स से चल रहा है। मगर, प्रतिबंध के बीच वह दवाई लाने में असमर्थ है, ऐसे में पुलिस आरक्षी कमल जोशी ने हरिद्वार बस स्टाॅप पहुंचकर रोडवेज बस के जरिए दवाई पहुंचाई।
5. भट्टोवाला श्यामपुर निवासी राजेंद्र रावत ने काॅल कर ऋषिकेश कोतवाली में सूचना दी। बताया कि वह पांच दिन से पाॅजीटिव है, सांस लेने में तकलीफ है और आक्सीजन की आवश्यकता है, पुलिस ने तत्काल उन्हें आक्सीजन मुहैया करवाई।

कोविड कर्फ्यू में बिना वजह घूम रहे 27 वाहन सीज

ऋषिकेश में कोविड कर्फ्यू का पालन करवाते हुए दोपहर दो बजे अनावश्यक घूमने वाले 27 वाहन को पुलिस ने सीज किया है।

कोतवाल रितेश शाह के मुताबिक, दोपहर दो बजे अनावश्यक रूप से घूमने वाली 27 गाड़ी, स्कूटी, मोटरसाइकिल चालकों के वाहनों को सीज किया गया है।

परिजनों की दूरी बनाने पर पुलिस ने रायवाला में किया अंतिम संस्कार

रायवाला पुलिस ने एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के बाद न सिर्फ उसे कंधा दिया, बल्कि परिजनों की भूमिका निभाकर उसे मुखाग्नि भी दी। हिंदू रिति रिवाज से अंतिम संस्कार संपन्न कराया। कोरोना महामारी के इस दौर में अंतिम संस्कार में परिजनों का साथ न मिलने पर पुलिस ने हर वह भूमिका निभाई, जिसे परिजनों को निभानी चाहिए।

थानाध्यक्ष रायवाला अमरजीत सिंह रावत ने बताया कि राजेश अग्रवाल पुत्र बंशीधर अग्रवाल निवासी उमा विहार कॉलोनी हरिपुरकलां थाना रायवाला के द्वारा सूचना मिली। बताया कि उनके पड़ोस में आकाश लांबा पुत्र विजय कुमार लांबा की मृत्यु हो गयी है। उसके माता-पिता और अन्य परिजन दिल्ली में रहते हैं, बुजुर्ग होने व कोविड-19 के संक्रमण के कारण अंतिम संस्कार करने के लिए नहीं आ पा रहे हैं। जिस कारण उक्त व्यक्ति का अन्तिम संस्कार नहीं हो पा रहा है। उक्त सूचना पर ’थाना रायवाला के चीता कर्मचारी गणो के द्वारा अपने स्वास्थ्य की परवाह किये बिना कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मृतक व्यक्ति का हिन्दू रीति रिवाज से स्वयं अन्तिम संस्कार किया गया।

पुलिस की इस मदद से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने न सिर्फ प्रशंसा की हैं, बल्कि पुलिस को सैल्यूट भी किया।