मुख्य सचिव ने फर्जी बिल लगाने वाले अस्पतालों पर शिकंजा कसने के दिये निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण, उत्तराखण्ड की द्वितीय शासकीय सभा की बैठक आयोजित हुयी। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि आयुष्मान भारत, अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के अंतर्गत 100 प्रतिशत सैचुरेशन किया जाए। राशन कार्ड न होने के कारण जिनके आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे हैं, उनके लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड आदि सरकारी पहचान पत्रों को अनुमन्य किया जाए। उन्होंने इसके लिए जनता की शिकायतों के निवारण के लिए प्रभावी प्रणाली तैयार करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने फर्जी बिल लगाने वाले अस्पतालों पर लगातार जुर्माना लगाने और अस्पतालों की सूचीबद्धता समाप्त किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन अस्पतालों की सूचीबद्धता समाप्त की जा रही है, उन अस्पतालों की सूची समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचारित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को ओपीडी को पूर्ण कम्प्यूटरीकृत किए जाने के भी निर्देश दिए। साथ ही, कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में अस्पतालों को बढ़ावा देने हेतु पॉलिसी तैयार की जाए।
इस अवसर पर अध्यक्ष राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण डी. के. कोटिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने की केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री से भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी से भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री से ‘‘मिनी प्रसाद योजना’’ एवं ‘‘स्वदेश दर्शन 2.0’’ के अन्तर्गत विभिन्न प्रस्तावों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने मिनी प्रसाद योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 7 प्रस्तावों एवं ‘‘स्वदेश दर्शन 2.0’’ के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ़ के आदि कैलाश, गुंजी, दत्तु तथा मुनस्यारी, जनपद चम्पावत के अन्तर्गत चम्पावत तथा चुखा, जनपद उत्तरकाशी के जादौंग, जनपद पौड़ी गढ़वाल में कण्वआश्रम की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य पर्यटन प्रदेश के रूप में विकसित किये जाने हेतु राज्य सरकार प्रयत्नशील है। उन्होंने कहा कि मिनी प्रसाद योजना के अन्तर्गत जनपद अल्मोडा दूनागिरी (लागत 3.35 करोड़), जनपद चम्पावत गोरखनाथ मन्दिर (लागत 2.15 करोड़), जनपद पिथौरागढ़ श्री 1008 बालेश्वर महादेव प्राचीन शिव मन्दिर समूह थल (लागत 2.00 करोड़), जनपद पिथौरागढ पाताल भुवनेश्वर मन्दिर गंगोलीहाट (लागत 1.20 करोड़), जनपद चम्पावत बालेश्वर मन्दिर (लागत 1.41 करोड़), जनपद नैनीताल कैंचीधाम (लागत 4.98 करोड़), जनपद चमोली टिमरसैंण (लागत 4.10 करोड़) का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ के आदि कैलाश, गुजी, दत्तु तथा मुनस्यारी जनपद चम्पावत के अन्तर्गत चम्पावत तथा चुखा, जनपद उत्तरकाशी के जादौंग जनपद पौडी गढवाल में कण्वआश्रम के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति होनी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री से उक्त प्रस्तावों की स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम तथा सचिन कुर्वे भी उपस्थित रहे।

सड़कों के पैचवर्क का काम जल्द पूरा हो-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में लोक निर्माण विभाग, एनएच और बीआरओ के प्रदेश में निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मानसखण्ड कोरिडोर को राज्य सरकार का फ्लैगशिप कार्यक्रम बताते हुए इसमें प्रस्तावित कामों में तेजी लाने के निर्देश दिये। बजरंग सेतु को तय समय सीमा दिसम्बर 2022 तक पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी निर्णय लेने हैं उन पर बैठक में अंतिम रूप से तय कर लिया जाए। बैठकों का आउटपुट दिखना चाहिए।

डार्क स्पॉट का सर्वेक्षण कर जरूरी कदम उठाए जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जितने भी पुल और फ्लाईओवर हैं, वहां गति सीमा के बोर्ड लगाए जाएं। वहां ड्रैनेज की पूरी व्यवस्था हो। दुर्घटनाओं की दृष्टि से प्रदेश में डार्क स्पॉट का सर्वेक्षण कर जरूरी कदम उठाए जाएं। चारधाम यात्रा मार्ग और अन्य मार्गों पर सुरक्षा मानकों के अनुरूप क्रेश बैरियर में कुछ प्रगति हुई है, इसमें और तेजी लाई जाए। सड़कों के पैच वर्क का काम शीघ्रता से किया जाए।

लैंडस्लाइड जोन के ट्रीटमेंट प्लान पर गम्भीरता से काम हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंडस्लाइड जोन के ट्रीटमेंट प्लान पर गम्भीरता से काम किया जाए। जहां सम्भव हो, आपदा प्रबंधन के मिटीगेशन फंड से प्रस्ताव बनाया जाए। वर्षाकालीन में मलबा आने वाले स्थानों का स्थाई समाधान हो।

केंद्रीय योजनाओं की राज्य स्तर से जरूरी प्रक्रियाओं को समयबद्धता से पूर्ण करना सुनिश्चित हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के स्तर से संबंधित सभी प्रकरणों पर विस्तृत विवरण बना लिया जाए। केन्द्रीय मंत्रालय के साथ बैठक से पहले हमारी पूरी तैयारी होनी चाहिए। राज्य स्तर से जरूरी प्रक्रियाओं को समयबद्धता से पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए।

बेस्ट प्रेक्टीसेज काम में ली जाएं
गढवाल-कुमाऊँ कनेक्टीवीटी के लिए ज्योलिकोट से कर्णप्रयाग मार्ग में तेजी लाई जाए। कैंचीधाम में बाईपास निर्माण के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। शहरों में सङको की स्थिति के बारे में शहरी विकास, आवास और लोक निर्माण विभाग की बैठक आयोजित कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम की गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो और सरलीकरण भी हो। बेस्ट प्रेक्टीसेज को प्रयोग में लाया जाए।

निर्माण कार्याे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एसओपी निर्गत की जा रही
बैठक में बताया गया कि निर्माण कार्याे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एसओपी निर्गत की जा रही है। मोबाइल लैब की व्यवस्था की कार्यवाही गतिमान है। ऑनलाइन एनआईएस लागू की गई है। ई ऑफिस से पत्रावलियों का निस्तारण किया जा रहा है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम सहित लोक निर्माण विभाग, एनएच, बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिये समेकित प्रयासों की जरूरत-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित बोधिसत्व विचार श्रृंखला-बिन पानी सब सून विचार संगोष्ठी को सम्बोधित किया। संगोष्ठी में प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल रूप से विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोधिसत्व विचार श्रृंखला के अंतर्गत बिन पानी सब सून के रूप में विचार श्रृंखला की यह 8वीं संगोष्ठी है। उन्होंने कहा कि पानी जीवन का आधार है। जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में समेकित प्रयासों की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र से जुडे विषय विशेषज्ञों एवं बुद्धिजीवियों के विचारों एवं सुझावों को राज्यहित में उपयोगी एवं व्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि जल के महत्व, संवर्धन एवं संरक्षण से सम्बन्धित संगोष्ठी के मंथन से निकलने वाला अमृत राज्य की लगभग 17 छोटी-बड़ी नदियों का जल स्तर बढ़ाने के प्रयासों को फलीभूत करने वाला होगा।
मुख्यमंत्री नेे कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर और अधिक विषय विशेषज्ञों के सुझावों का लाभ लेने के लिये राज्य स्तर पर एक फोरम का गठन किया जायेगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को जन जन का कार्यक्रम बनाने पर बल देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों की सफलता के लिये सरकार के साथ सभी को सहयोगी बनना होगा। ऐसे कार्यक्रमों का ज्ञान विज्ञान एवं अनुसंधान के माध्यम से आगे बढ़ाना होगा तभी हम अपनी विरासत को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ने में भी सफल हो पायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन संवर्धन की दिशा में राज्य में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में प्रति जनपद 75 अमृत सरोवर बनाये जा रहे हैं। इस प्रकार प्रदेश में कुल 1275 अमृत सरोवर तैयार किये जायेंगे।
संगोष्ठी में विषय विशेषज्ञों द्वारा दिये गये सुझावों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बांज के जंगलों के विस्तार, बंजर जमीन को उपजाऊ बनाये जाने तथा चीड के प्रबंधन पर ध्यान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जल का बेहतर प्रबंधन से ही हम जल को बचा पायेंगे तथा नदियों के जल स्तर को बढ़ाने में सफल हो पायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की बैठक में उन्होंने हिमालयी राज्यों के लिये अलग नीति बनाये जाने की बात रखी है। राज्य की इकोनॉमी एवं इकोलॉजी का बेहतर समन्वय कर हम संसाधनों का बेहतर उपयोग कर पायेंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने व्यवहार में पानी बचाने की प्रवृत्ति को अपनाना होगा। प्रदेश में जल स्त्रोतों के चिन्हीकरण के साथ ही ग्राम इकाइयों को इससे जोड़ने का प्रयास किया जायेगा।
इस अवसर पर पद्म कल्याण सिंह रावत ने गैर हिमानी नदियों को बचाने के लिये बांज व चौड़ी पत्ती के वृक्षों के रोपण पर ध्यान देने के साथ ही चीड़ का वैज्ञानिक प्रबंधन पर बल दिया। उनका सुझाव था कि होम स्टे योजना के तहत पहाड़ी शैली के भवनों के निर्माण के लिये चीड़ के पेड़ों के दोहन की व्यवस्था हो। बंजर खेतों को आबाद करने तथा बुग्यालों को बचाने की दिशा में भी पहल किये जाने का उनका सुझाव था।
पानी राखो आंदोलन के प्रणेता डॉ. सच्चिदानंद भारती ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में जल तलैया बनाने तथा धारे नोले के पुनर्जीवीकरण के लिये सरल व टिकाऊ तकनीकि पर ध्यान दिया जाए, जो लोगों को सहजता से जोड़ने का भी कार्य करें। उनका कहना था क धारे बचेंगे तो नदियां भी बचेंगी।
पर्यावरणविद राजेन्द्र सिंह बिष्ट ने सुझाव दिया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पानी के स्त्रोतों का चिन्हीकरण तथा जल संरक्षण के लिये ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी दी जाए। हेस्को के डॉ. विनोद खाती का कहना था कि खेत बंजर होने के कारण पहाड़ों में भूजल संरक्षण में कठिनाई आ रही है।
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ वाटर मैनेजमेंट भुवनेश्वर के डॉ. अशोक नायक, रिमोट सेंसिंग के डॉ प्रवीन, सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के निदेशक डॉ. प्रशांत राय, जल विज्ञान केन्द्र की सुश्री भक्ति देवी, डॉ रीमा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी के डॉ. राजेश कुमार सिंह, नौला के श्री बिशन सिंह, कंसल्टेंट श्री भुवन जोशी, वाडिया इंस्टीट्यूट के डॉ. के. सी. सैन, एचएनबी गढ़वाल केन्द्रीय विश्व विद्यालय के प्रो. मोहन सिंह पंवार आदि ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इस अवसर पर श्री भुपेन्द्र बसेड़ा द्वारा पानी के महत्व को दर्शाने वाली कैच द वाटर-कैच द रेन गीत की भी प्रस्तुति दी गयी।
इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री आर. मीनाक्षी सुंदरम भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने किया।

चक जोगीवाला और साहब नगर के नदी किनारे बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने चक जोगीवाला, साहब नगर के नदी किनारे बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण किया। इस मौके पर मानसून से पूर्व सौंग और जाखन नदी के जल को गांव की उपजाऊ भूमि तक आने से रोकने के लिए चैनललाइजेशन के साथ जीआई वायरक्रेट लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही मौके पर निदेशक राजाजी नेशनल पार्क से दूरभाष पर वार्ता भी की।
सोमवार को मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल चक जोगीवाला और साहबनगर के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचे। डा. अग्रवाल ने कहा कि ग्राम चक जोगीवाला और साहबनगर आबादी क्षेत्र में फैला हुआ है। वर्षाकाल के दौरान सौंग और जाखन नदी की बाढ़ से यहां की आबादी प्रभावित होती है।
बताया कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद से नदी का बहाव किसानों की उपजाऊ भूमि की ओर हो गया। जिसके चलते गांव में निवासरत लोगों को खेती बाड़ी का खतरा पैदा हो जाता है।
डा. अग्रवाल ने बताया कि इस क्षेत्र में 450 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण होना है, जो बाढ़ सुरक्षा का कार्य करेगी और उपजाऊ क्षेत्र में नदी का बहाव को आने से रोकेगी। बताया कि यह कार्य मानसून के बाद प्रारंभ किया जाएगा।
बताया कि वर्तमान में मानसून से पूर्व इस वर्ष बाढ़ से निपटने को चैनललाइजेशन के साथ जीआई वायरक्रेट लगाई जा रही है, जो नदी से बायें तट की सुरक्षा करेगी। उन्होंने अधिकारियों को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही मौके पर निदेशक राजाजी नेशनल पार्क से दूरभाष पर वार्ता भी की।
डा. अग्रवाल ने बताया कि नदी के बहाव को किनारे से दूसरी दिशा में परिवर्तित करने के लिए सीसी पर स्पर बनाये जाएंगे। बताया कि यह कार्य 493.37 लाख की लागत से नाबार्ड के द्वारा किया जायेगा।
इस मौके पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीसी उनियाल, सहायक अभियंता अनुभव नौटियाल, कनिष्ठ अभियंता दिनेश कुमार, ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी, प्रधान साहबनगर सोबन सिंह कैंतुरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, अम्बर गुरुंग, माया राम पैन्यूली, शैलेन्द्र रांगड़, धनेश नेगी, धर्म सिंह चौहान सहित ग्रामीण आदि उपस्थित रहे।

कल जारी होंगे उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा के परिणाम

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट 6 जून 2022 को घोषित किया जायेगा। जिसे परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया जायेगा। हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर में राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत की उपस्थिति में घोषित किये जायेंगे।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की सचिव डॉ नीता तिवारी ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि 6 जून को अपराह्न 4 बजे उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम जारी कर दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर में इस वर्ष के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत की गरिमामयी उपस्थिति में घोषित किये जायेंगे। डॉ तिवारी ने बताया कि परीक्षाफल घोषित होने के उपरांत परिषद कार्यालय रामनगर की आधिकारिक वेबसाइट www-ubse-uk-gov-inwww-uaresults-nic-in पर रिजल्ट जारी किये जायेंगे, जहाँ परीक्षार्थी अपना परीक्षाफल देख सकेंगे। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा बोर्ड परीक्षाएं 28 मार्च 2022 से 19 अप्रैल 2022 के मध्य आयोजित की गई थी जो कि 1333 परीक्षा केन्द्रों में सफलतापूर्वक सम्पादित की गई। इस वर्ष संपादित बोर्ड परीक्षाओं के अंतर्गत हाईस्कूल में कुल 129778 एवं इंटरमीडिएट में कुल 113164 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के उपरांत दिनांक 25 अप्रैल 2022 से 9 मई 2022 के मध्य उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। विद्यालयी परिषद की सचिव ने बताया कि शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देश पर पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम तैयार किये गये हैं। सोमवार को रामनगर में शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत एवं परिषद के सभापति व निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ आरके कुंवर सहित विभागीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षाफल घोषित कर दिये जायेंगे।

1 जून से 6 जुलाई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा

महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड बंशीधर तिवारी ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2022-23 में 1 जून, 2022 से 6 जुलाई, 2022 तक समस्त प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में ग्रीष्म अवकाश रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि दिनांक 31 मई, 2022 को अंतर्राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस पर कक्षा 6 से 12 तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं समस्त शिक्षकों द्वारा तम्बाकू निषेध सम्बन्धी शपथ भी ली जायेगी। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड बंशीधर तिवारी ने बताया कि 31 मई, 2022 तक सभी विद्यालय विधिवत संचालित होंगे।

चंपावत के विकास के लिए सीएम ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को चंपावत विधानसभा क्षेत्र में आयोजित रोड शो और जनसभा में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें मां पूर्णागिरि और मां शारदा का बुलावा आया है। उन्होंने बड़ी संख्या में जनसभा में पहुंची चंपावत विधानसभा क्षेत्र की जनता का आभार प्रकट प्रकट किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चंपावत को कृषि, बगवानी एवं चाय की उन्नत खेती के लिए विकसित किया जाएगा। आने वाले समय में चंपावत जिला विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। उनके मार्गदर्शन में राज्य में अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित हो रही है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 60 लाख लोगों को उत्तराखंड मुफ़्त राशन दी जा रही है। आने वाले समय में चंपावत से महज डेढ़ घंटे की दूरी पर एम्स का सेटेलाइट सेंटर स्थापित होगा। टनकपुर- बागेश्वर रेल लाइन के सर्वे के लिए भी 29 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है। खटीमा बाईपास बनने से चंपावत पिथौरागढ़ के लोगों का समय भी बचेगा और सफर भी सुगम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल्द समान नागरिक संहिता लागू करने हेतु ड्राफ़्ट तैयार किया जाएगा। गरीब परिवारों को साल में तीन मुफ़्त गैस सिलेंडर दिए जाएँगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने 1064 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। राज्य सरकार जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मंत्र पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने दूसरे कार्यकाल में सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन और पर्यावरण मित्रों का मानदेय बढ़ाने का काम किया है। जनता से किए हर वायदे को पूरा करने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि जनपद चंपावत के विभिन्न क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फ़सल को हुए नुकसान की भरपाई आपदा मद से की जाएगी। चंपावत विधनसभा के अंतर्गत टनकपुर में शारदा नदी के दाएं व बाएं पार्श्व पर स्थित ग्राम कठौल एवं किचौल में बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जायेगा। उचौलीगूठ से गैडाख्याली न0 1 तक शारदा नदी की मुख्य धारा में चेनेलाइजेशन का कार्य किया जायेगा। तहसील टनकपुर में हुड्डी नदी के बाएँ ओर पर स्थित ग्राम बमनपुरी एवं ग्राम चंदनी की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना बनाई जाएगी। टनकपुर के अन्तर्गत शारदा नदी के दाएं पार्श्व पर स्थित ग्राम गैडाख्याली की सुरक्षा हेतु बार्ड सुरक्षा योजना बनाई जाएगी। सूखीढांग से डांडा मिनार मोटर मार्ग का पुर्ननिर्माण एवं डामरीकण किया जाएगा। दुयूरी चल्थी मोटर मार्ग का नव निर्माण कार्य किया जाएगा। जिला अस्पताल चंपावत के लोअर ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग निर्माण, प्रथम एवं द्वितीय तल में डायग्नोस्टिक्स विंग एवं ऑपरेशन थिएटर का निर्माण किया जाएगा। चंपावत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिले में जिम कार्बेट ट्रेल का निर्माण करवाया जायेगा। जनपद चंपावत के टीआरसीएस का निर्माण एवं नगर पंचायत बनबसा के क्षेत्रान्तर्गत वार्ड नं0-4 के निकट खाली पड़ी भूमि पर पार्क का निर्माण कार्य किया जायेगा।’
कार्यक्रम में सांसद अल्मोड़ा अजय टम्टा, चम्पावत के निवर्तमान विधायक कैलाश गहतोड़ी, विधायक राम सिंह क़ैड़ा, शिव अरोड़ा समेत बड़ी संख्या में स्थानीय जनता मौजूद रहीं।

एसबीएम इंटर कॉलेज में निशुल्क पुस्तकों का वितरण

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर विद्यालय शिक्षा उत्तराखंड द्वारा निशुल्क दी जाने वाली पुस्तकों को आज छात्र छात्राओं मे वितरित किया गया।
श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर उत्तराखंड सरकार के विद्यालय शिक्षा के अंतर्गत निशुल्क दी जाने वाली पुस्तकों को विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं नगर निगम के पार्षदों के द्वारा छात्र-छात्राओं को वितरित की गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा में पुस्तकों का बहुत बड़ा योगदान होता है। पुस्तकों से मिलने वाला ज्ञान हमारे व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। सरकार के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए प्राचार्य ने कहा कि लोक कल्याणकारी सरकार छात्र छात्राओं को निशुल्क रूप से पुस्तक देकर उन्हें ज्ञान के क्षेत्र में तो आगे बढ़ा ही रही है। साथ ही निर्धन परिवारों के लिए इस समय एक बहुत बड़ा लाभ का काम कर रही है। जो अपने जीविकोपार्जन की क्रिया को पूरा करने के लिए निरंतर संघर्षशील है और ऐसे समय में जब पुस्तकों पर भारी-भरकम खर्च होता है। उस समय यह पुस्तकें देना उन परिवारों के लिए काफी लाभदायक सिद्ध हो रही हैं।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर निगम के पार्षद शिव कुमार गौतम, विशिष्ट अतिथि सुमित पंवार ने भी छात्र छात्राओं को पुस्तकें वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सभी छात्र छात्राएं इनका सही रूप से सदुपयोग करेंगे और अपनी ज्ञानात्मक दृष्टिकोण को शिखर तक बढ़ने के लिए प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता यमुना प्रसाद त्रिपाठी, रंजन अंथवाल, सुनीता कोहली, निधि पांडे आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में चल रहे विकास कार्यों से अवगत हुए प्रधानमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री को राज्य में संचालित विकास कार्यों के बारे में अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से उत्तराखण्ड राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए जीएसटी प्रतिकर अवधि को बढ़ाए जाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने उत्तराखण्ड में नवीनतम तकनीक व वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने के लिये भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आई.आई.एस.ई.आर.) की स्थापना और फार्मास्यूटिकल उद्योग के विकास के लिये नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एण्ड रिसर्च (एन.आई.पी.ई.आर.) की स्थापना का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में बागवानी की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए प्रधानमंत्री से कश्मीर तर्ज पर रूपये 2000 करोड़ का बागवानी पैकेज दिये जाने का अनुरोध किया। टीएचडीसी इण्डिया लिमिटेड की अंशधारिता में उत्तर प्रदेश के अंश का उत्तराखण्ड को हस्तांतरित करने के लिये माननीय न्यायालय से बाहर सौहार्दपूर्ण समाधान के लिये केंद्र सरकार की विशेष पहल का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने चारधाम की तर्ज पर कुमाऊं मण्डल के पौराणिक स्थलों व मंदिरों को तीर्थाटन से जोड़ने के लिये ‘मानसखण्ड मंदिर माला मिशन’ की स्वीकृति दिये जाने और पिथौरागढ़ एयरस्ट्रिप से हवाई सेवाओं के संचालन की अनुमति का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रेल मंत्रालय द्वारा ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाईन के निर्माण के लिये फाईनल लोकेशन सर्वे के उपरांत डी.पी.आर तैयार कर ली गई है। उन्होंने ऋषिकेश-डोईवाला रेलवे ट्रेक के निर्माण और देहरादून रेलवे स्टेशन को हर्रावाला स्थानांतरित किये जाने की अनुमति दिये जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, योग व आयुर्वेदिक चिकित्सा में प्रसिद्ध है। यहां अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से आयुष पद्धति को बढ़ावा मिलेगा और यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलिंगकांग के मध्य 05 किमी टनल और वेदांग से गो व सिपु तक 20 किमी सड़क मार्ग का निर्माण किये जाने तवाघाट से बेदांग तक का मार्ग कनेक्ट हो जाएगा। यह जौलींगकांग एवं बेदांग की दूरी 161 किमी कम कर देगा। इसी प्रकार सिपु से तोला के मध्य लगभग 22 किमी लम्बाई की टनल के निर्माण से दारमा वैली और जोहर वैली एक दूसरे से जुड़ जाएंगी। मिलम से लप्थल तक 30 किमी टनल के निर्माण से जनपद पिथौरागढ़ की जोहार घाटभ् व जनपद चमोली का लप्थल सड़क मार्ग से जोड़ा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने उक्त तीनों टनलों के निर्माण को स्वीकृति दिये जाने का भी अनुरोध किया।