शहरी विकास विभाग ने की समीक्षा, दिए स्वच्छता और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शहरी विकास विभाग की समीक्षा की। कहा कि राज्य के स्थानीय निकायों में स्वच्छता प्रबंधन और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। नगर निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की आवश्यकता है। चार धाम यात्रा मार्ग में स्थित निकायों में शौचालय की अच्छी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों में रैनबसेरों में स्वच्छता का ध्यान रखा जाए। यथासंभव इनकी संख्या बढाई जाए। अमृत योजना में स्वीकृत कार्यों में तेजी लाई जाए। इन्हें लक्ष्य के अनुरूप समय पर पूरा किया जाए। केवल पानी के कनेक्शन देना ही नहीं बल्कि दिये गये कनेक्शनों में पानी की उपलब्धता भी हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर भी फोकस किया जाए। मलिन बस्तियों के सुधार और शहरों में पार्किग की सुविधा पर भी मुख्यमंत्री ने बल दिया। शहरों में स्वच्छता के कार्यों की लगातार मानिटरिंग की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर योजना में पात्र लोगों को लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए बैंकों से समन्वय बहुत जरूरी है। जनसेवाओं को जितना सम्भव हो, ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाए। स्मार्ट सिटी देहरादून के कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित किया जाए। बैठक में उत्तराखंड एकीकृत शहरी विकास परियोजना और देहरादून स्मार्ट सिटी पर भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।

बैठक में प्रभारी सचिव सुरेंद्र नारायण पाण्डेय, नगर आयुक्त देहरादून नगर निगम विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव विनोद कुमार सुमन, जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष एमडीडीए रणबीर सिंह चैहान आदि उपस्थित थे।

सीएम ने पंचायतीराज निदेशालय में किया स्मार्ट एवं ईको फ्रेंडली ई-आफिस का लोकार्पण


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सहस्त्रधारा रोड स्थित पंचायतीराज निदेशालय में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अन्तर्गत स्मार्ट और इको फ्रेंडली ई-आफिस के रूप में नवीनीकृत निदेशालय पंचायतीराज के भवन और राज्य पंचायत संसाधन केंद्र के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया।

सीएम ने वचुअर्ल रूप से 662 कॉमन सर्विस सेन्टर व जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय व जिला पंचायत कार्यालय व खण्ड विकास कार्यालय व पंचायती राज, महिला सशक्तिकरण व ग्राम्य विकास के फील्ड स्टाफ तथा त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित किया।

कहा कि पंचायतों को बदलते जमाने के अनुरूप बनाने के लिए उन्हें सूचना व संचार तकनीक से जोड़ा जाना अत्यन्त आवश्यक है। इसी के क्रम में आज राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत निदेशालय पंचायतीराज के भवन को स्मार्ट और इको फ्रेंडली ई-आफिस के रूप में नवीनीकृत किया गया है। साथ ही राज्य पंचायत संसाधन केंद्र के नवनिर्मित भवन का भी लोकार्पण किया गया है।

उन्होंने कहा कि पंचायत के दायित्वों एवं कर्तव्यों के क्रियान्वयन में होने वाली समस्याओं के निदान हेतु डैस्क प्रणाली तैयार की गई है। इसके लिए टोल फ्री न0 18004190444 जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत गांवों में बसता है। देश तभी समृद्ध होगा जब हमारे गांव समृद्ध होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने गांधी के ग्राम स्वराज की दिशा में उल्लेखनीय काम किए हैं और निरन्तर करते जा रहे हैं। 24 अप्रैल 2018 को राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान की शुरूआत की गई। इसका उद्देश्य पंचायतों और ग्राम सभाओं की क्षमतावृद्धि कर उन्हें मजबूत करना और उनमें जनसहभागिता सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग तीन वर्षों में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत पंचायतों को मजबूत करने के लिए काफी काम किया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण द्वारा उनकी क्षमताओं में वृद्धि की गई है। ग्राम पंचायतों में बुनियादी ढांचे का विकास किया गया है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का एक और बड़ा काम है जिसका परिणाम आने वाले समय में देखने को मिलेगा। देश के लाखों गांवों में स्वामित्व योजना शुरू की गई है। इसे युगांतरकारी योजना कहा जा सकता है। इसमें ड्रोन का उपयोग कर लोगों की भूमि सम्पत्ति का वैरीफिकेशन किया जाता है। इससे गांवों में सही भूमि अभिलेख तैयार करने में मदद मिलेगी। विवादों में कमी आएगी। वैध रिकार्ड उपलब्ध होने से ग्रामीण अपनी सम्पत्ति पर ऋण भी ले सकेंगे। मोदी सरकार के कार्यकाल में ही पंचायतों को ऑप्टिअकल फाईबर नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इससे हमारी पंचायतें तकनीकी रूप से दक्ष बन रही हैं और ई-पंचायत की परिकल्पना साकार हो रही हैं। इससे डिजीटल भारत में पंचायतों की भूमिका भी सुनिश्चित हो रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल का आह्वान किया है। भारत आत्मनिर्भर तभी होगा जबकि हमारे गांव आत्मनिर्भर बनें। इसके लिए हम काम भी कर रहे हैं। स्थानीय उत्पादों के माध्यम से गांव समृद्धि के केंद्र बन सकते हैं। इसके लिए वोकल फॉर लोकल बहुत जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा विश्व कोरोना से जूझ रहा है, पिछले वर्ष हमने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सफलतापूर्वक कोरोना से लड़ाई लड़ी। इसमें हमारे पंचायत प्रतिनिधियों, आशा कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और ग्राम स्तर पर काम कर रहे हमारे लोगों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही। अब जब कोरोना दुबारा से फैल रहा है तो हमें फिर से उसी जज्बे से काम करना है और इसमें हमारी पंचायत राज संस्थाओं को सक्रिय भूमिका निभानी है।

इस अवसर पर विधायक रायपुर उमेश शर्मा ‘‘काऊ‘‘, सचिव पंचायती राज एचसी सेमवाल आदि उपस्थित थे।

19 निरीक्षकों के हुए तबादले, 10 पहाड़ चढ़े तो 09 उतरे मैदान

पुलिस विभाग से बड़ी खबर है, 19 निरीक्षकों के तबादले किए गए है, जिनमें 10 को पहाड़ चढ़ाया गया है तो 09 को मैदान उतारा गया है। आज डीआइजी गढ़वाल रेंज नीरू गर्ग ने तबादलों की सूची जारी की है।

शहर कोतवाल शिशुपाल नेगी का ट्रांसफर टिहरी गढ़वाल, डोईवाला कोतवाली में तैनात निरीक्षक सूर्यभूषण नेगी को टिहरी गढ़वाल, डालनवाला कोतवाली के निरीक्षक मणिभूषण श्रीवास्तव को पौड़ी गढ़वाल, एसएसपी आफिस में तैनात निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी को चमोली, नेहरू कॉलोनी में तैनात राकेश गुसांई को चमोली, विकासनगर में तैनात निरीक्षक राजीव रौथाण को उत्तरकाशी, एसएसपी कार्यालय में तैनात निरीक्षक भावना कैंथोला व नदीम अतहर को टिहरी गढ़वाल व हरिद्वार जिले में कनखल थाने में तैनात निरीक्षक कमल कुमार लुंठी को उत्तरकाशी और रानीपुर कोतवाली प्रभारी योगेश सिंह देव का ट्रांसफर पौड़ी गढ़वाल किया गया है।

वहीं, उत्तरकाशी में तैनात निरीक्षक दिग्पाल सिंह कोहली, टिहरी गढ़वाल में तैनात रविंदर कुमार, चमोली थाने में तैनात गिरीश चंद्र शर्मा व महेश कुमार लखेड़ा, रुद्रप्रयाग थाने में तैनात निरीक्षक होशियार सिंह पंखोली, पौड़ी गढ़वाल में तैनात संर्पूणानंद गैरोला को जिला देहरादून और टिहरी गढ़वाल में तैनात निरीक्षक रामकिशोर सकलानी व मनीष उपाध्याय, पौड़ी गढ़वाल में तैनात प्रमोद कुमार उनियाल को हरिद्वार जिले में भेजा गया है।

सरकारी कार्यालयों में होगी 100 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य में कोविड-19 के संक्रमण के मामलों में आई कमी को देखते हुए राज्य सचिवालय समेत सभी सरकारी कार्यालयों में समस्त समूह के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति 100 फीसदी किए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

पिछले साल कोविड-19 महामारी को देखते हुए शासन ने समय-समय पर सचिवालय समेत सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में कमी कर दी थी। सरकारी कार्यालयों में कुछ विभागों में अधिकारियों के साथ ही सभी समूह के कर्मचारियों की वर्तमान में उपस्थिति 75 फीसदी तक सीमित की गई थी। अब सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री के समक्ष सचिवालय समेत सभी सरकारी विभागों में समस्त समूहों के अधिकारी-कर्मचारियों की 100 फीसदी उपस्थिति का प्रस्ताव भेजा गया। इस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अनुमोदन दे दिया है।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित गांव रैणी एवं लाता में स्थिति का जायजा लिया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आपदा प्रभावित सीमांत गांव रैणी एवं लाता जाकर वहां की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को हर सम्भव सहायता के प्रति आश्वस्त किया। उन्होंने जिलाधिकारी चमोली को निर्देश दिए कि कनेक्टीवीटी से कट गए गांवों में आवश्यक वस्तुओं की कमी न रहे। रविवार को तपोवन क्षेत्र में हुई भीषण त्रासदी में जोशीमठ ब्लॉक के लगभग 1 दर्जन गांवों का सड़क से सम्पर्क टूट गया था।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने जोशीमठ में आईटीबीपी अस्पताल में आपदा में घायल हुए लोगों से मिलकर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से घायलों के ईलाज के बारे में जानकारी प्राप्त की।

गौरतलब है कि सोमवार देर सांय मुख्यमंत्री तपोवन जोशीमठ पहुंचे थे। वहां उन्होंने आपदा राहत कार्यों का जायजा लिया और राहत कार्यों में लगे सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस के जवानों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने सोमवार को ही देर सांय विभिन्न अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे रेस्क्यू आपरेशन की समीक्षा की थी। मुख्यमंत्री ने तपोवन, जोशीमठ में ही रात्रि प्रवास किया था।

मंगलवार को भी सर्च व रेस्क्यू आपरेशन जारी रहा
चमोली जिले में रविवार को आयी आपदा के तीसरे दिन भी रेस्क्यू आपरेशन पूरे दिनभर जारी रहा। आपदा मे सडक पुल बह जाने के कारण नीति वैली के जिन 13 गांवों से संपर्क टूट गया है उन गांवों में जिला प्रशासन चमोली द्वारा हैलीकॉप्टर के माध्यम से राशन, मेडिकल एवं रोजमर्रा की चीजें पहुंचायी जा रही है। गांवों मे फसे लोगो को राशन किट के साथ 5 किलो चावल, 5 किग्रा आटा, चीनी, दाल, तेल, नमक, मसाले, चायपत्ती, साबुन, मिल्क पाउडर, मोमबत्ती, माचिस आदि राहत सामग्री हैली से भेजी जा रही हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र के साथ ही अलकनन्दा नदी तटों पर जिला प्रशासन की टीम लापता लोगों की खोजबीन में जुटी हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी (अपराह्न 12 बजे तक की रिपोर्ट) के अनुसार घटना के बाद 31 शव मिल गए हैं जबकि 175 लोग अभी लापता हैं। प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ के 190, एनडीआरएफ के 176, आईटीबीपी के 425 जवान एसएसबी की 1 टीम, आर्मी के 124 जवान, आर्मी की 02 मेडिकल टीम, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखण्ड की 04 मेडिकल टीमें और फायर विभाग के 16 फायरमैन, लगाए गए हैं। राजस्व विभाग, पुलिस दूरसंचार और सिविल पुलिस के कार्मिक भी कार्यरत हैं। बीआरओ द्वारा 2 जेसीबी, 1 व्हील लोडर, 2 हाईड्रो एक्सकेवेटर, आदि मशीनें लगाई गई हैं। एक हेलीकाप्टर द्वारा एनडीआरएफ की टीम औश्र 03 वैज्ञानिकों को भेजा गया है। स्टैंडबाई के तौर पर आईबीपी के 400, आर्मी के 220 जवान, स्वास्थ्य विभाग की 4 मेडिकल टीमें और फायर विभाग के 39 फायरमैन रखे गए हैं। आर्मी के 03 हेलीकाप्टर जोशीमठ में रखे गए हैं।

आपदा से 05 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। 13 गांवों में बिजली प्रभावित हुई थी, इनमें से 11 गांवों में बिजली बहाल कर दी गई है। शेष 2 गांवों में अभी लाईन क्षतिग्रस्त है। इसी प्रकार 11 गांवों में पेयजल लाईन क्षतिग्रस्त हुई थीं, इनमें से 8 गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी गई है। शेष 03 पर भी काम चल रहा है।

एक फरवरी से उत्तराखंड में भी केजरीवाल अभियान शुरू करने जा रही आम आदमी पार्टी

आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में एक फरवरी से प्रदेश की सभी 70 विधानसभाओं में ‘‘उत्तराखंड में भी केजरीवाल’’ अभियान शुरू करने जा रही है। जिसमें 70 वीडियो वैन के माध्‍यम से सभी विधानसभाओं में पार्टी की नीतियों के साथ प्रदेश की मुख्य समस्याएं व उनके समाधान भी बताए जाएंगे।

पार्टी के संगठन मंत्री दिनेश असवाल ने बताया कि एक फरवरी को आप के वरिष्ठ नेता दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया देहरादून से अभियान की शुरुआत करेंगे।अभियान की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह कंपेन 45 दिन तक चलेगा। इसमें वीडियो वैन सभी विधानसभाओं में नुक्कड़ मीटिंग व 6500 जनसभाएं करेंगे। उन्‍होंने बताया कि मिशन 2022 के लिए पार्टी उत्तराखंड में सदस्यता अभियान शुरू करेगी। 45 दिनों तक चलने वाले सदस्‍यता अभियान में 10 लाख घरों में जाकर एक लाख सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्‍होंने बताया कि पार्टी के साथ लगातार कार्यकर्त्‍ता जुड़ रहे हैं और वह भी इस अभियान को चलाने में सहयोग करेंगे। इस मौके पर समाजसेवी डॉ राजे सिंह नेगी, अमित बिश्नोई, दिनेश कुलियाल, धनपाल रावत, चंद्रमोहन भट्ट, गणेश बिजल्वाण, जगदीश कोहली, अमन नोटियाल, उमंग देवरानी, लालमणि रतूड़ी, जयप्रकाश भट्ट, योगेश जखमोला उपस्थित थे।

राजपथ पर केदारखंड झांकी ने बनाया देश में तीसरा स्थान

गणतंत्र दिवस पर विभिन्न राज्यों की झांकियों में उत्तराखण्ड की ’केदारखण्ड’ झांकी को तीसरे स्थान के लिये पुरस्कृत किया गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में केंद्रीय राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने यह पुरस्कार प्रदान किया। उत्तराखण्ड के प्रतिनिधि और टीम लीडर केएस चैहान ने राज्य की ओर से पुरस्कार प्राप्त किया। राज्य गठन के बाद उत्तराखण्ड द्वारा अनेक बार प्रतिभाग किया गया परंतु यह पहला अवसर है जब उत्तराखण्ड की झांकी को पुरस्कार के लिए चुना गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर इसे पहले से भी अधिक भव्य रूप प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए सचिव सूचना दिलीप जावलकर, सूचना महानिदेशक डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, टीम लीडर व उपनिदेशक सूचना केएस चैहान और झांकी बनाने वाले कलाकारों तथा झांकी में सम्मलित सभी कलाकारों को बधाई दी है।

गौरतलब है कि राजपथ, नई दिल्ली गणतंत्र दिवस समारोह में उत्तराखण्ड राज्य की ओर से “केदारखंड” की झांकी प्रदर्शित की गई थी।

उत्तराखण्ड सूचना विभाग के उपनिदेशक-झांकी के टीम लीडर केएस चैहान के नेतृत्व में 12 कलाकारों के दल ने भी झांकी में अपना प्रदर्शन किया। झांकी का थीम सांग “जय जय केदारा” था।

गणतंत्र दिवस परेड-2021 समारोह में उत्तराखण्ड राज्य की झांकी में सम्मिलित होने वाले कलाकारों में झांकी निर्माता सविना जेटली, मोहन चन्द्र पाण्डेय, विशाल कुमार, दीपक सिंह, देवेश पन्त, वरूण कुमार, अजय कुमार, रेनू, नीरू बोरा, दिव्या, नीलम और अंकिता नेगी शामिल थे।

फ्लैग आफ कर सीएम ने राज्य का प्रतिनिधित्व करने पर श्रुति रावत को दिया डेढ़ लाख का चेक

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में प्रथम महिला ट्रांस हिमालय साईक्लिंग अभियान के लिए उत्तराखण्ड राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाली श्रुति रावत एवं बिहार राज्य की ओर से प्रतिनिधित्व कर रही सबिता मेहतो को शुभकामनांए दी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में इस अभियान का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस अभियान के लिए श्रुति रावत को डेढ़ लाख रूपये का चेक भी प्रदान किया।

05 हजार किमी. का यह साईक्लिंग अभियान लगभग 80 दिन तक चलेगा। उत्तराखण्ड एवं बिहार की ये बेटियां इस अभियान के माध्यम से ‘‘अखण्ड हिमालय, स्वच्छ हिमालय, कर्तव्य गंगा व महिला सुरक्षा’’ का संदेश देंगी। ट्रांस हिमालय साईक्लिंग अभियान की शुरूआत 02 फरवरी 2021 को बाघा बॉर्डर से शुरू होगी। इसके बाद पंजाब, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, नेपाल, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम एवं नेपाल होते हुए अरूणांचल प्रदेश के टीजू में अपनी यात्रा पूर्ण करेंगे। इस अवसर पर पर्वतारोही अवधेश भट्ट भी उपस्थित थे।

अटल उत्कृष्ट विद्यालय खोलने का शासनादेश हुआ जारी

प्रदेश में शिक्षा, शिक्षण एवं शैक्षणिक कार्यों के उच्च मापदंड स्थापित करने हेतु अटल उत्कृष्ट योजना के अंतर्गत सीबीएसई बोर्ड से सम्बद्ध 190 विद्यालयों (प्रत्येक विकासखंड में दो) को खोलने का शासनादेश हो गए हैं।

देश के भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित यह 190 ’अटल उत्कृष्ट विद्यालय’ आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ किये जायेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि भविष्य में उक्त योजना, प्रदेश में शिक्षा, शैक्षणिक कार्यों एवं शिक्षा व्यवस्थाओं को नए उच्च आयाम प्रदान करेगी। साथ ही कोरोना महामारी से उत्पन्न परिथितियों के दृष्टिगत पलायन को रोकने, नवीन रोजगारों के सृजन हेतु सहायक सिद्ध होगी। राज्य सरकार, प्रदेश में शिक्षा के उन्नयन हेतु कृतसंकल्पित है।

ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से कार्यों में आएगी पारदर्शिता-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने सचिवालय में ई-ऑफिस की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि 25 दिसम्बर, 2020 से सचिवालय के सभी अनुभागों को ई-ऑफिस सिस्टम से जोड़ा जाना है। इसके लिए सभी विभाग अपनी ओर से सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण कर लें।
मुख्य सचिव ने कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से कार्य में पारदर्शिता आएगी इसके साथ ही कार्यों की गति भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए लगातार प्रशिक्षण कराया जा रहा है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुभागों के निरीक्षण की भी व्यवस्था की जाए। विभागों एवं अनुभागों से फीडबैक लेते हुए उनकी समस्याओं के निराकरण की व्यवस्था भी की जाए।
बैठक में सचिव आर.के. सुधांशु ने बताया कि ई-ऑफिस सिस्टम की दिशा में आईटीडीए, जिलाधिकारी देहरादून कार्यालय, शहरी विकास एवं वन विभाग का पीसीसीएफ ऑफिस ने 100 प्रतिशत ई-ऑफिस सिस्टम लागू कर लिया है। बाकी विभाग भी तेजी से ई-ऑफिस पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सचिवालय में इस सम्बन्ध में लगातार प्रशिक्षण कराया जा रहा है। जिस भी अनुभाग में कोई समस्या आ रही है। 20 मिनट के अन्दर हमारी टीम वहां पहुंच कर उन्हें आवश्यक जानकारी देते हुए उनकी समस्या का निराकरण कर रही है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, सौजन्या, निदेशक आईटीडीए, अमित सिन्हा सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।