उत्तराखंड में फिल्म सिटी बनाने में अभिनेत्री भाग्यश्री ने जताई इच्छा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में फिल्म अभिनेत्री भाग्यश्री एवं उनके पति हिमालय दासानी ने भेंट की। उन्होंने उत्तराखण्ड में फिल्म सिटी के क्षेत्र में कार्य करने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मी हस्तियों का रूझान बढ़ा है। राज्य में युवाओं को फिल्म के क्षेत्र में विभिन्न प्रशिक्षण दिये जाय तो युवा इस क्षेत्र में अच्छा करियर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म क्षेत्र के साथ ही आर्गेनिक उत्पादों के क्षेत्र में भी उत्तराखण्ड में काफी सम्भावनाएं हैं। उत्तराखण्ड में ऑर्गनिक नेचर को बढ़ावा देना जरूरी है। ऑर्गेनिक उत्पादों की डिमांड बहुत अधिक है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्म सिटी बनाने के लिए भूमि तलाशी जा रही है। फिल्म सिटी के लिए भूमि अधिक चाहिए एवं इसके लिए स्थान भी एयरपोर्ट से कम दूरी पर तलाशने के प्रयास किये जा रहे हैं। उत्तराखण्ड के युवाओं को सही दिशा देने की जरूरत है। यदि उन्हें यहां पर फिल्म के क्षेत्र में प्रशिक्षण मिलता है, तो वे इस क्षेत्र में अच्छा भविष्य बना सकते हैं। उत्तराखण्ड में फिल्म सिटी बनने से लोगों की आर्थिकी में भी सुधार होगा। इस अवसर पर विधायक गोपाल रावत, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव आशीष चैहान आदि मौजूद रहे।

सितारगंज जेल के तीन कोरोना कैदी जिला अस्पताल से भागे

देहरादून और हरिद्वार की अस्थाई जेल से कैदियों की भागने की घटना के बाद अब तीसरी घटना सितारगंज के जिला अस्पताल की है। सितारगंज जेल के तीन कैदी उधमसिंह नगर के जिला अस्पताल से भाग गए हैं। हैरानी वाली बात यह है कि यह तीनों कैदी ही कोरोना पाॅजीटिव है। पुलिस अब सीसीटीवी खंगालने में जुट गई है।

उत्तराखंड में कोरोना वायरस का संक्रमण जेलों में भी पहुंच चुका है। उधमसिंह नगर जिले की सितारजंग जेल में 35 से अधिक कैदी कोरोना पॉजिटिव आये थे। इस पर उनको उपचार के लिए जिला अस्पताल में बने आइसोलेट वार्ड में भर्ती कराया गया था। इन कैदियों की निगरानी में पुलिस भी तैनात थी। फिर भी वे पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। फरार कैदी हत्या सहित अलग-अलग मालों में सजा काट रहे थे।

हत्या सहित अन्य वारदात में शामिल आनंद, गौरव पाल ओर देवेंद्र दानू अस्पताल से फरार हो गए। कुछ देर बाद जब तीन कैदी कम मिले तो पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना पर एसपी क्राइम प्रमोद कुमार, एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा, सीओ अमित कुमार, थानाध्यक्ष पंतनगर मदन मोहन जोशी और सिडकुल चैकी इंचार्ज अनिल उपध्याय पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और जानकारी ली। साथ ही फरार सजायाफ्ता कैदियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

आनलाइन पढ़ाई से वंचित करने पर सरकार गंभीर, जिले में नोडल अधिकारी किया नियुक्त

राज्य में आनलाइन पढ़ाई के नाम पर फीस के लिए मानसिक उत्पीड़न करने वाले स्कूलों के खिलाफ जिला स्तर पर नोडल अफसर नियुक्त किया गया है। अभिभावक तत्काल सीईओ से शिकायत कर सकते हैं। हाल में कुछ स्कूलों द्वारा फीस न चुकाने पर छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई से ब्लॉक करने की शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लिया है।

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि कोरोनाकाल में पढ़ाई को सुचारु रखने को ऑनलाइन व्यवस्था की गई है और इसी आधार पर स्कूलों को फीस लेने का हक दिया है। यदि इसमें लापरवाही बरती जाती है तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी संबंध में प्रत्येक जिले में मुख्य शिक्षा अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। बता दें कि मार्च माह से राज्य के शैक्षणिक संस्थान बंद हैं।

सीएम ओएसडी ऊर्बा दत्त की पत्नी की कोरोना के चलते मौत, ओएसडी भी पाॅजीटिव

बहुत ही दुखःद! उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के ओएसडी ऊर्बा दत्त भट्ट अपने पूरे परिवार के साथ कोरोना पाॅजीटिव पाए गए है, वहीं, ओएसडी की पत्नी वर्षा भट्ट की कोरोना से जुझते हुए मौत हो गई है। ओएसडी भट्ट के साथ उनकी बेटी और साली भी पाॅजीटिव हैं। ओएसडी को दून के महंत इंद्रेश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह वाकई उत्तराखंड के लिए दुखःद खबर हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि सीएम के दो अन्य ओएसडी में भी कोरोना की पुष्टि हो चुकी है।

बीते मंगलवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के ओएसडी उर्बा दत्त भट्ट ने स्वयं इसकी पुष्टि की थी। उनकी पत्नी वर्षा भट्ट भी कोरोना पॉजिटिव पाई गईं थी। वर्षा निमोनिया से भी पीड़ित थीं। निमोनिया की वजह से उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। बुधवार शाम को उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। तब उन्हें महंत इंद्रेश हॉस्पिटल ले जाया गया। वर्षा भट्ट को आईसीयू में भर्ती कराया गया। जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने उनके निधन की पुष्टि की है।

दूरस्थ क्षेत्रों में लैब तक सैपंल भेजने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद लेः सीएम

कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अस्पतालों में आवश्यक संसाधन बढ़ाये जाय। टेस्टिंग और अधिक बढ़ाने की जरूरत है। दूरस्थ क्षेत्रों से टेस्टिंग लैब में सैंपल भेजने में देरी हो रही है, हेलीकॉप्टर से भी भेज सकते हैं। यह सुनिश्चित किया जाय की टेस्टिंग में देरी न हो। सर्विलांस सिस्टम मजबूत किया जाय। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग एवं जिलाधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कोरोना योद्धाओं के लिए बनाये गये ‘चिकित्सा सेतु’ मोबाईल एप्प लांच किया। इस मोबाईल एप्प को डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स, सुरक्षा कर्मी पुलिस तथा कोरोना ड्यूटी में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इस अवसर पर होम आइसोलेशन पर बनाये गये एप्प आरोग्य रक्षक के बारे में प्रस्तुतीकरण भी दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के कारण काफी लोग बेरोजगार हुए हैं। राज्य में बेरोजगारों के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं। इन योजनाओं की लोगों को पूरी जानकारी हो इसका जनपद स्तर पर व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाय। जिलाधिकारी सरकार की विभिन्न योजनाओं को जनप्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संस्थाओं एवं विभागीय अधिकारियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचायें। योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाय। सीएम सोलर स्वरोजगार योजना जल्द शुरू की जायेगी। 10 हजार लोगों को इस योजना के तहत रोजगार दिया जायेगा। मोटर, बाईक, टैक्सी योजना भी राज्य में जल्द शुरू की जायेगी। पाईन निडिल पॉलिसी में पाईन निडिल से बिजली पैदा करने एवं चारकोल पैदा करने के अच्छे प्रोजक्ट हैं, इनके बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाय। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जिलाधिकारी बैंकर्स के साथ बैठकर सुनियोजित योजना बनाये। जल्द ही राज्य स्तर पर बैंकर्स के साथ बैठक की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड का प्रभाव कब तक रहता है, इसकी कोई निश्चित समयावधि नहीं है। उत्तराखण्ड के जो लोग बाहर के राज्यों से आये हैं, उनमें से अधिकांश लोग प्रदेश में ही काम करना चाहेंगे। हमें रोजगार एवं स्वरोजगार के विकल्प तलाशने होंगे। लोगों को काम मिले इसके लिए जिला योजना एवं राज्य सेक्टर में फण्ड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रवासियों को भी उपनल के माध्यम से सेवायोजित करने की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों को निर्देश दिये कि लोगों के फोन कॉल अवश्य रिसीव करें। किसी कार्य या मीटिंग में व्यस्त होने पर भी लोगों को इसकी जानकारी दे दें, और उसके बाद उन्हें वापस कॉल करें। यह सुनिश्चित किया जाय कि लोगों को फोन कॉल्स का रिस्पांस मिले। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि डेंगू से बचाव के लिए नियमित जागरूकता के साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाय। किसी भी स्थान या लोगों के घरों में साफ पानी जमा न हो इसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाय।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि कोरोना को कम्यूनिटी स्प्रेड से रोकना जरूरी है। देहरादून, हरिद्वार,, ऊधमसिंहनगर एवं नैनीताल जनपद में विशेष सतर्कता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी नैनीताल ने जो जीआईएस मैपिंग बेस्ड सॉफ्टवेयर तैयार किया है, यह सॉफ्टवेयर बहुत उपयोगी है। एनआईसी द्वारा इस सॉफ्टवेयर को परिस्कृत किया जाय। चारों मैदानी जनपदों में जल्द इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाय। कन्टनमेंट जोन बनाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि हाई रिस्क क्षेत्र से आने वाले लोगों, माइग्रेन्टर, को-मॉर्बिड की शत प्रतिशत सैंपलिंग की जाय। सर्विलांस की एक्टिविटी पर गंभीरता से ध्यान दिया जाय। आईसीयू, आक्सीजन सपोर्ट बैड एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की पूर्ण उपलब्धता रखी जाय। जिलाधिकारी कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल भी चिन्हित कर लें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर इन अस्पतालों में टेंस्टिंग की जा सके और लोगों का ईलाज हो। प्रत्येक जनपद में एक ऐसा सेंटर बनाया जाय जहां पर हाई रिस्क क्षेत्र एवं बाहर से आने वालों की सैंपलिंग हो सके। कोविड केयर सेंटर में खाने, रहने एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। पेशेंट को हॉस्पिटल लाने के लिए एम्बुलेंस एवं अन्य संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाय।

कोविड के चलते अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मुख्यमंत्री ने वर्चुअल बात की

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि कोरोना संक्रमितों के उपचार मे लगे चिकित्सकों का काम तपस्या की भांति है। जिस तरह से कठिन परिस्थितियों में मरीजों के बीच में रहकर उनका ईलाज कर रहे हैं, इसे एक बड़ी तपस्या ही कहा जा सकता है। धैर्य और तत्परता से चिकित्सक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नेे कहा कि चिकित्सक जिस मनोयोग से कार्य कर रहे हैं, विश्वास है कि हम कोविड-19 से लड़ाई में हमारी जीत अवश्य होगी। जो मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, वे जल्द स्वस्थ होकर अपने घर जायेंगे। मुख्यमंत्री ने सीएम आवास से वर्चुअल कांफ्रेंस के माध्यम से कोविड अस्पतालों में तैनात चिकित्सा अधिकारियों एवं उपचाराधीन मरीजों से बात की।
मुख्यमंत्री ने दून, हल्द्वानी, श्रीनगर मेडिकल काॅलेज एवं जिला अस्पतालों में तैनात डाक्टर्स एवं मरीजों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से मरीजों की स्थिति, वंेटिलेटर, आईसीयू, आक्सीजन बैड, कोविड से निपटने के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोविड पर नियंत्रण के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। डाॅक्टरों द्वारा अतुलनीय योगदान दिया जा रहा है। मरीजों से बातचीत कर जिस तरह से उन्होंने अस्पतालों की व्यवस्थाओं से वे संतुष्ट हैं, इसके लिए सभी अस्पताल बधाई के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए डाॅक्टरों द्वारा कठिन परिस्थितियों में पूरे सेवाभाव से मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पतालों में भर्ती कोरोना के मरीजों से मुख्यमंत्री ने इलाज, रहने एवं खाने के बारे में जानकारी ली। सभी मरीजों ने अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री ने दून मेडिकल काॅलेज के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष सयाना से दून मेडिकल काॅलेज की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डाॅ. सयाना कहा कि दून मेडिकल काॅलेज आगे की चुनौतियों का समाना करने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। आईसीयू बैड की संख्या बढ़ा दी गई है। 33 पेसेंट अभी आईसीयू में हैं। पीपीई किट्स, मास्क, आक्सीजन सपोर्ट सिस्टम एवं अन्य आवश्यक सामग्री की उचित व्यवस्था है। अस्पताल में भर्ती मरीजों द्वारा भी काफी सपोर्ट दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दून अस्पताल में भर्ती कोविड के मरीज बलजीत सिंह एवं महावीर कण्डारी से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने बताया की उनका उपचार चिकित्सकों की देखरेख में सही तरीके से हो रहा है। खानपान एवं रहने की भी उचित व्यवस्था है।
मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी मेडिकल काॅलेज में डाॅ. परमजीत सिंह से वहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में प्लाज्मा थेरेपी पर भी कार्य किया जा रहा है। लोगों से प्लाज्मा डोनेट करने के लिए अपील की जा रही है। जिससे मरीज जल्द रिकवर हो जाय। मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में उपचार करा रहे जगजीवन वर्मा, धूम सिंह, नीरज, उदय सिंह से बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इन मरीजों ने बताया कि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। डाॅक्टर्स द्वारा काफी अच्छी केयर की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने श्रीनगर मेडिकल काॅलेज में डाॅ. कलम सिंह बुटोला, कोटद्वार बेस अस्पताल में डाॅ. वी.सी. काला, मेला अस्पताल हरिद्वार में डाॅ. राजेश गुप्ता एवं डाॅ. देवेन्द्र रावत एवं चमोली में डाॅ. अमित जैन से बातचीत कर इन जनपदों में कोविड की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डाॅक्टरों द्वारा जानकारी दी गई कि व्यवस्थाएं सभी अस्पतालों में ठीक है। को-माॅर्बिड पेशेंट को हायर सेंटर रैफर किया जा रहा है।
सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि लोगों को अच्छा ट्रीटमेंट मिले। इसमें और जितनी सुधार की गुंजाइश होगी वह किया जायेगा। सैंपल टैस्टिंग को और बढ़ाया जायेगा। हमारे डाॅक्टर्स कोरोना से जिस तरह से जंग लड़ रहे हैं, निश्चित रूप से सभी डाॅक्टरों के प्रयास सराहनीय है।

कोरोना संक्रमण कम होने के बाद रूद्रपुर में खुल सकता है राज्य का पहला आर्थिक अपराध अनुसंधान थाना

उत्तराखंड में जमीन हड़पने और बेनामी संपत्ति के मामलों की जांच अन्य राज्यों को भेजनी पड़ती थी। मगर, अब कुमाऊं में पहले आर्थिक अपराध अनुसंधान (ईओडब्ल्यू) थाने के खुलने की आस जगी है। रूद्रपुर में थाना बनाने के लिए एसटीएफ की ओर से पुलिस मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है।

सरकारी या निजी संपत्ति का दुरुपयोग आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में आर्थिक अपराध की श्रेणी के हिसाब से केस दर्ज किया जाता है। दूसरे अपराधों की तरह आर्थिक अपराध की जांच भी कई एजेंसियां करती हैं। एक करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी या हेराफेरी के मामले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा करती है। यह किसी भी बड़े आर्थिक अपराध में अपने आप केस दर्ज कर सकती है।

कुमाऊं में इस तरह के अपराध होने पर यहां की पुलिस देहरादून में गठित आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा को जांच ट्रांसफर करती है। कुमाऊं में आर्थिक अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए यहां थाना खोलने की तैयारी लंबे समय से चल रही थी। एसटीएफ की ओर से रुद्रपुर में इसका थाना खोलने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेज दिया गया है। उम्मीद है कि कोरोना संक्रमण कम होने पर इसे हरी झंडी मिल सकती है।

रूड़की में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित के लिए कार्य शुरू न होने पर सीएम हुए नाराज

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को सचिवालय में नगर निगम रूड़की में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित किये जाने के संबंध में बैठक ली। यह वेस्ट टू एनर्जी प्लांट शहरी विकास विभाग द्वारा बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस प्लांट के लिए 05 सितम्बर तक बिड प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिये। इसके बाद देहरादून एवं उधमसिंह नगर में भी वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि पॉलिसी के हिसाब से ऊर्जा विभाग की सहमति लेकर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।

रूड़की में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित करने के लिए 2015-16 में सिडकुल को कार्यदाई संस्था बनाई गया था, लेकिन इस प्लांट पर कार्य शुरू नहीं हुआ। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने शहरी विकास विभाग के माध्यम से प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिये।

इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, मेयर रूड़की गौरव गोयल, विधायक रूड़की प्रदीप बत्रा, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, सचिव शैलेश बगोली, एसए मुरूगेशन, अपर सचिव विनोद कुमार सुमन, कैप्टन आलोक शेखर तिवारी, नगर आयुक्त रूड़की नुपुर वर्मा आदि उपस्थित रहे।

आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया फरार गैंगस्टर

थानाध्यक्ष रानीपोखरी दीपक धारीवाल ने बताया कि डोईवाला कोतवाली में 50 वर्षीय मनजीत सिंह पुत्र खेम सिंह निवासी मिस्सरवाला थाना डोईवाला, शकील अहमद पुत्र फकीर मौहम्मद निवासी बाजावाला डोईवाला देहरादून और बलवीर सिंह पुत्र सरदार भगवान सिंह निवासी खैरी प्रथम मारखमग्राण्ट कोतवाली डोईवाला के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस संबंध में शकील अहमद और बलवीर को पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि शकील वर्तमान में जेल में ही कैद है, जबकि बलवीर अभी जमानत पर बाहर आया हुआ है। बताया कि गैंग का लीडर मनजीत सिंह पिछले सात माह से फरार चल रहा था। जिसे शनिवार को मुखबिर की सूचना पर रानीपोखरी पुलिस टीम ने मिलन विहार देहरादून से गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी पर चार मुकदमें डोईवाला कोतवाली में दर्ज है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष रानीपोखरी दीपक धारीवाल, कांस्टेबल वीर सिंह, अमित, ललित और प्रमोद शामिल रहे।

यूटयूब में वेस्ट मेटिरियल से उपयोगी वस्तुएं बनाना सीखा और जीत लिया राष्ट्रीय पुरस्कार

केशव भट्ट (वरिष्ठ पत्रकार)
आज के वक्त में कोई भी चीज बेकार नहीं होती हैं, घर के पुराने वेस्ट मेटिरियल हों या पुराने अखबार। इनसे भी घर को नया लुक दिया जा सकता है, बशर्ते उसका बखूबी इस्तेमाल करने का हुनर आपके पास हो। इस बात को सच साबित करने में लगी है बागेश्वर जिले के मेलाडुंगरी गांव की अर्चना भंडारी। लॉकडाउन में ऑनलाइन शिल्पकला के अपने हुनर से अर्चना ने न केवल राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिल्पकला प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया, बल्कि अब वो स्वयं शिल्पकला में अभिनव प्रयोग करने के साथ 20 अन्य बालिकाओं को भी पुराने अखबार, गत्ते व अन्य वैस्ट मैटीरियल का सदुपयोग कर उपयोगी सामान बनाने का प्रशिक्षण देने में जुटी पड़ी है।
कोरोना काल के लॉकडाउन में अर्चना की प्रतिभा निखर कर सामने आई। शुरूआत में उसने कोरोना वायरस से बचाव के लिए घर में ही मॉस्क बनाकर बांटने शुरू कर दिए। समय था तो उसने यूटयूब से वेस्ट मेटिरियल से उपयोगी वस्तुएं बनाना भी सीखना शुरू कर दिया और ऑनलाइन शिल्पकला में राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में द्वितीय पुरूष्कार भी हांसिल कर लिया। इससे उसके सांथियों ने भी शिल्पकला सीखने की बात कही तो अब वो 20 बालिकाओं को भी पुराने अखबार, गत्ते व अन्य वैस्ट मैटीरियल का सदुपयोग कर उपयोगी सामान बनाने का प्रशिक्षण देने में लगी है। अर्चना, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के सांथ ही स्वरोजगार अभियान को लेकर काफी जागरूक है। कई नुक्कड़ नाटकों में प्रतिभाग कर वो इसका संदेश भी दे चुकी हैं। अभी रक्षाबंधन के त्यौहार पर उन्हें पांच सौ राखियों की डिमांड मिली है तो वो सभी राखियां बनाने में जुटी पड़ी हैं।

हर दिन सुबह आठ से दस बजे तक के प्रशिक्षण में हाईस्कूल, ग्रेजुएशन कर रहे छात्राओं के सांथ ही नौकरीपेशा भी अर्चना से कलमदान, पेन स्टैंड, न्यूज पेपर होल्डर, फोटो फ्रेम, ज्यूलरी बॉक्स समेत राखी बनाना सीख रहे हैं। लगातार अभ्यास से वो अब पारंगत होते जा रहे हैं और अभी तक उन्होंने तीन हजार से भी ज्यादा सजावटी सामान बना दिए हैं। गुजरात सूरत के एक स्कूल में सुपरवाईजर पोस्ट पर तैनात भावना नयाल लॉकडाउन में स्कूल बंद होने पर गांव आ गई और अब वो भी यहां शिल्पकला का प्रशिक्षण ले खुश हैं।
अर्चना की इस पाठशाला में हर कोई अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए पूरी मेहनत से जुटे हैं। वहीं अर्चना भी उनका उत्साहवर्धन कर बेटियों की प्रतिभा को सामने लाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को सच साबित कर समाज को नया संदेश देने में लगी है।