रायवाला।
रेलवे स्टेशन के पास हाइवे किनारे युवक का शव पडा मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो आसपास के लोगों ने बताया कि यह आदमी बहुत देर से शराब पी रहा था। तलाशी लेने पर युवक की जेब से मोबाइल फोन बरामद हुआ। जिससे उसके परिजनों को सूचना दी गई। पुलिस ने 108 एम्बुलेंस की सहायता से उसे राजकीय चिकित्सालय भेजा। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
युवक की शिनाख्त अल्मोडा रानीखेत निवासी 45 वर्षीय जगत प्रकाश सिंह पुत्र नारायण सिंह खाती के रूप में हुई। थानाध्यक्ष नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि युवक बीमार व बेरोजगार था। वह इलाज कराने अपने माता पिता के पास हरिपुरकलां आया हुआ था। वहीं से वह शराब पीने रायवाला आ जाता था। सम्भवतया अधिक शराब पीने से युवक की मौत हो गई। शव का पंचनामा भरकर पीएम के लिए भेज दिया है।
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बैंक से लौट रहे आठ ग्रामीणों की हादसे में मौत
पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक में गैंडखाल के पास खाई में गिरी जीप
पुराने नोट बदलने और पैसे निकाले गैंडखाल में बैंक आए थे ग्रामीण
ऋषिकेश।
यमकेश्वर के तहसीलदार सुनील कुमार राज ने बताया कि गैंडखाल से आमसैंण की ओर जा रही यह जीप (मैक्स) मंगलवार अपराह्न साढ़े तीन बजे राशन गोदाम के पास गहरी खाई में जा गिरी। घायलों के अनुसार मोड़ काटते समय ड्राइवर के नियंत्रण खो देने के कारण हादसा हुआ। ऋषिकेश अस्पताल में भर्ती घायलों ने बताया कि वह सभी लोग गैंडखाल बैंक में हजार और पांच सौ के नोट जमा करने और बदलवाने के बाद घर लौट रहे थे।

दो घंटे बाद घायल अस्पताल पहुंचे
हादसे के बाद पुलिस और एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने घायलों को खाई से निकाल लिया। घटना के दो घंटे बाद घायल ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल पहुंचाए गए। डीएम पौड़ी चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि मृतकों के परिजनों को तुरंत 50 हजार, घायलों को 25 और सामान्य को 25 हजार रुपये तुरंत आर्थिक मदद जा रही है। शवों का पोस्टमार्टम बुधवार को गैंडखाल में ही किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जा रही है।

इनकी हुई मौत
सतेश्वरी देवी (56) सत्यपाल सिंह, भरपूर, सतनाव आमसैंण, कांता देवी (45) पत्नी गौतम सिह निवासी आमसैंण, कांति देवी (60) पत्नी प्रेम सिंह निवासी आमसैंण, जमोत्री देवी (65) पत्नी नारायण सिंह निवासी जसकोट, कुमारी ज्योति (19) पुत्री उमेश सिंह निवासी सतनाव भरपूर,आमसैंण, अंजू देवी (36) पत्नी किशनपाल निवासी श्रीकोट आमसैंण, सतेन्द्रपाल सिंह (50) पुत्र इंद्रसेन निवासी श्रीकोट, चालक गोविंद सिंह (43) पुत्र दयाल सिंह निवासी श्रीकोट।
ये हुए घायल
पवन सिंह (16) पुत्र राजेन्द्र सिंह, निवासी श्रीकोट, गैंडखाल, रोशनी देवी (45) पत्नी छोटू सिंह, निवासी आमसैण, शकुंतला देवी (42) पत्नी धमेन्द्र सिंह, श्रीकोट, कबूतरी देवी (50) पत्नी सतनाम भरपूर, आमसैंण (यमकेश्वर)।
रास्ते में ही दगा दे गई 108 एंबुलेंस
दो टायर एक साथ पंचर हुए, दूसरी एंबुलेंस पहुंचने में लगा समय
ऋषिकेश।
बड़े हादसे के वक्त 108 एंबुलेंस सेवा एक बार फिर दगा दे गई। गैंडखाल और आमसैंण के बीच खाई में जीप गिरने की सूचना पर पहले तो नजदीक की दोनों एंबुलेंस नहीं मिल सकी। वहीं ऋषिकेश से भेजी गई 108 एंबुलेंस के गड्डूघाट में दोनों टायर एक साथ पंचर हो गए। एंबुलेंस के इंतजार में वक्त गंवाए बगैर स्थानीय लोगों ने निजी वाहनों से घायलों को ऋषिकेश अस्पताल में भर्ती कराया।
गैंडखाल और आमसैंण के बीच जीप के खाई में गिरने पर प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत इसकी सूचना 108 एंबुलेंस को दी। घटनास्थल के समीप बिनक और लक्ष्मणझूला में एंबुलेंस रहती हैं, लेकिन हादसे के वक्त को दोनों एंबुलेंस दूसरे केस में लगी हुई थीं। ऐसे में ऋषिकेश से 108 एंबुलेंस को मौके के लिए रवाना किया गया, लेकिन गड्डूघाट में एबुलेंस के टायर पंचर हो गए। दोनों टायर पंचर होने से एकमात्र अतिरिक्त टायर भी काम नहीं आया। इससे एंबुलेंस समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी। घायलों की हालत देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्राइवेट वाहनों से घायलों को ऋषिकेश अस्पताल पहुंचाया।
ऋषिकेश की टायर पंचर होने की सूचना पर कंट्रोल रूम ने व्यासी गूलर की एंबुलेंस को घटनास्थल के लिए रवाना किया। गूलर की एंबुलेंस किसी केस को लेकर ऋषिकेश आयी हुई थी। जब तक गूलर की एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंची। तब तक ज्यादातर घायलों को अस्पताल पहुंचाया पहुंचाया जा चुका था। एक घायल को लेकर 108 एंबुलेंस ऋषिकेश पहुंची। उधर, सीएमओ पौड़ी डॉ. मनीष अग्रवाल का कहना है कि 108 एंबुलेंस के टायर पंचर होने की सूचना पर लक्ष्मणझूला अस्पताल की गाड़ी भी मौके पर भेजा गया। व्यासी से दूसरी 108 एंबुलेंस भी मौके पर भेजी गई।
पर्यटकों के लिए खुले राजाजी पार्क के द्वार
मोतीचूर रेंज का गेट खुलते ही टाइगर रिजर्व पर्यटकों से गुलजार
पहले दिन 45 देशी-विदेशी पर्यटकों ने किया वन्यजीवों का दीदार
ऋषिकेश।
विधिवत पूजा के बाद मंगलवार को वार्डन प्रदीप कुमार, ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख शिवा गिरी और रेंजर महेंद्र गिरी गोस्वामी ने रेंज के गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए। पहले दिन कुल 42 देशी-विदेशी पर्यटकों ने पार्क क्षेत्र का भ्रमण कर वन्यजीवों का नजदीक से दीदार किया। प्रतिवर्ष देशी-विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में यहां घूमने आते हैं। इस वर्ष किराये नहीं बढ़ाया गया है। स्वदेशी पर्यटकों के लिए प्रति व्यक्ति डेढ़ सौ रुपये और ढाई सौ रुपये वाहन का शुल्क निर्धारित है। जबकि विदेशियों के लिए छह सौ रुपये प्रति व्यक्ति और पांच सौ रुपये वाहन का किराया तय है। पार्क भ्रमण के लिए सुबह साढ़े छह से साढ़े नौ और शाम दो बजे से साढ़े तीन बजे तक का समय निर्धारित है। इस मौके पर गोविंद सिंह खाती, विजय सिंह, देवी प्रसाद सुयाल, नरेंद्र पाल सिंह, सुरेंद्र जोशी, अमीरचंद्र आदि उपस्थित रहे।

मोतीचूर रेंज की खासियत
मोतीचूर रेंज में हाथियों के अलावा हिरन, सांभर, गुलदार, मोर, सुअर बहुतायत में पाए जाते हैं। इसके अलावा पार्क की अन्य रेंजों की अपेक्षा यहां घना जंगल है। पर्यटकों को घुमाने के लिए सूखी नदी के किनारे से होते हुए कुल 22 किमी का ट्रैक तैयार है। पर्यटकों के लिए गेट पर गाड़ियां भी उपलब्ध रहती हैं।
नोटबंदी से तहसील के सब रजिस्ट्री दफ्तर में भी पसरा सन्नाटा
ऋषिकेश।
पांच और हजार रुपये के नोट बंद होने का प्रॉपर्टी कारोबार पर व्यापक असर देखने को मिल रहा है। इनदिनों तहसील के सब रजिस्ट्री दफ्तर में सन्नाटा पसरा हुआ है। अनुमान है कि इससे जमीन, मकान और फ्लैट के रेट में गिरावट आ सकती है।
ऋषिकेश तहसील स्थित सब रजिस्ट्री दफ्तर में हररोज 40 से 50 रजिस्ट्री होती हैं। इनदिनों महज पांच से छह भूमि, मकान या फ्लैट की रजिस्ट्री ही हो पा रही हैं। मंदी का असर भूमि की खरीद-फरोख्त पर पड़ता दिख रहा है। एक अनुमान के अनुसार जमीन के रेट में 20 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है। यहीं हाल आवासीय कांम्पलेक्स बनाने वाले बिल्डरों का भी है। फ्लैट के रेट भी 15 से 20 प्रतिशत गिरावट का अनुमान है। उत्तराखंड बनने के बाद से प्रॉपर्टी कारोबार बूम पर था। प्रॉपर्टी कारोबार मंद पड़ने से बिल्डर खासे परेशान हैं।

सब रजिस्ट्री दफ्तर को 69 करोड़ का लक्ष्य
सब रजिस्ट्री दफ्तर के सब रजिस्ट्रार जितेन्द्र कुमार बताते हैं कि ऋषिकेश में हररोज 40 से 50 रजिस्ट्री होती हैं। इनदिनों बेहद कम रजिस्ट्री हो रही है। राज्य को रजिस्ट्री से बीते वर्ष 880 करोड़ का राजस्व मिला था। जबकि इस वर्ष 1200 करोड़ का लक्ष्य दिया गया है। ऋषिकेश को 69 करोड़ का लक्ष्य दिया गया है। मंदी के चलते इस वर्ष लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद कम है।
कांग्रेस बेघर प्रकोष्ठ ने केंद्र सरकार के फैसले को गरीब विरोधी बताया
ऋषिकेश।
कांग्रेस करीब बेघर जन प्रकोष्ठ ने मंगलवार को विरोध मार्च निकाला। उन्होंने तहसील में केंद्र सरकार के खिलाफ जकर नारेबाजी की। प्रकोष्ठ के संयोजक विजयपाल रावत ने कहा कि नोटबंदी के तुगलकी फरमान से आम जनता परेशान है। इससे लोग आवश्यक खाद्य सामग्री तक नहीं ले पा रहे हैं। इन दिनों शादी-विवाह का लग्न है। नोट बदलने में फजीहत झेलनी पड़ी है। बाजार में मंदी के चलते मजदूरवर्ग परेशान है।
आम आदमी काम छोड़कर नोट बदलने को कतार में लग रहा है। प्रदर्शनकारियों में सोहन सिंह, सुमित चौधरी, निर्मला देवी, अंजलि देवी, किरन देवी, कुसुमनाथ, रामेश्वरी देवी, बबीता देवी, सतपाल सिंह, छोटेलाल आदि शामिल थे।
तहसील में भी नोट बंदी का असर
ज्यादातर काउंटरों पर नजर आ रहे इक्कादुक्का लोग
ऋषिकेश।
500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने का असर तहसील के कामकाज पर भी पड़ता नजर आ रहा है। ऋषिकेश में मंगलवार को खाता खतौनी कक्ष के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं प्रमाणपत्र आवेदन को भी गिनती के लोग तहसील पहुंचे। खुले पैसे के अभाव में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ऋषिकेश तहसील के खाता खतौनी कक्ष के बाहर जहां लोगों की भीड़ जुटी रहती थी। वहां बड़े नोटों पर पाबंदी के बाद से सन्नाटा पसरा रहा। रोजाना कम्प्यूटर कक्ष से 150 खतौनी की नकल जारी होती हैं, इन दिनों यह संख्या 20 से 40 तक आकर सिमट गई है।
इससे रोजाना राजस्व घाटा हो रहा है। यही हाल जनाधार केंद्र का भी है, जहां एक दिन में 100 से अधिक लोग निवास, आय और जाति के अलावा अन्य प्रमाण पत्रों आवेदन आते थे। इनदिनों इक्कादुक्का लोग ही प्रमाणपत्र बनाने पहुंच रहे हैं।
ऋषिकेश एम्स की सिक्योरिटी एजेंसी कर्मचारियों को पुराने नोट देते धरी
ऋषिकेश।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के सिक्योरिटी बूथ में 12 लाख 81 हजार रुपये के 1000 और 500 के प्रतिबंधित नोट के साथ पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार रविवार को दिल्ली नंबर की एक कार से दो लोग एम्स परिसर पहुंचे। वहां वे गेट नंबर तीन पर बने बूथ में सिक्योरिटी कर्मियों को प्रतिबंधित नोट बांटने लगे। सूचना पर कोतवाल वीएस गुसाई और आइडीपीएल चौकी प्रभारी प्रकाश पोखरियाल ने मौके पर पहुंचकर कार को कब्जे में लिया। साथ ही दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मामले की सूचना आयकर विभाग के अधिकारियों को दी। रात करीब साढ़े नौ बजे आयकर विभाग के निरक्षक देवेंद्र कुमार और विपिन भट्ट ने पुलिस के सामने कार की तलाशी ली तो उसमें 1000 और 500 के पुराने नोट 12 लाख रुपये मिले।
पुलिस ने बताया कि कार सवार लोग खुद को सिक्योरिटी एजेंसी के अधिकारी बता रहे हैं। उनका कहना है कि वह एम्स में तैनात करीब ढाई सौ सुरक्षा कर्मियों को वेतन देने आए थे। पुलिस उपाधीक्षक चक्रधर प्रसाद अंथवाल ने बताया कि संबंधित एजेंसी से जुड़े कुंदन कुमार सिंह और अजय कुमार सिंह से पूछताछ की गई है, दोनों के बयान दर्ज किए गए हैं। इस मामले में आयकर अधिकारियों की जाच रिपोर्ट मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिलहाल दोनों लोगों को कार सहित छोड़ दिया है।
वहीं एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि उपाधीक्षक को मामले की गहनता से जांच के निर्देश दिए गए हैं। इस बारे में संपर्क करने पर एम्स के लेखा विभागाध्यक्ष कृष्णकांत ने बताया कि एजेंसी कर्मियों को वेतन बांटने का जिम्मा एजेंसी का है। जिसमें एम्स का कोई हस्तक्षेप नहीं है।

कहीं काला धन सफेद तो नहीं हो रहा
एम्स ऋषिकेश में वर्तमान में उक्त सिक्योरिटी एजेंसी के अधीन ढाई सौ कर्मचारी कार्यरत हैं। सामान्यतया माह के प्रथम सप्ताह में सिक्योरिटी कर्मचारियों को वेतन वितरण किया जाता है। इस बारे दूसरे सप्ताह के अंत में वेतन बांटने का तर्क भी सवाल खड़े कर रहा है।
काले धन पर मोदी सरकार की बड़ी कार्रवाई : रामदेव
स्वामी राम के महासमाधि वार्षिक समारोह में बोले योगगुरु
महाराष्ट्र की डॉ. विभा गुप्ता को दिया गया स्वामी राम मानवता पुरस्कार
डोईवाला।
जौलीग्रांट में रविवार को एचआईएचटी के संस्थापक स्वामी राम की महासमाधि की 20वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम के दूसरे दिन पतंजलि योगपीठ के संस्थापक बाबा रामदेव ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में योग पुरुष स्वामी राम और प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। बाबा रामदेव ने कहा कि स्वामी राम ने प्रेम, सेवा और समर्पण की मूल भावना के उद्देश्य से हिमालयन इंस्टीट्यूट की स्थापना की। इसी भावना से संस्थान काम कर रहा है। आज भारतीय शिक्षा पद्धति को अपनाने जरूरत है। देश में ऐसे संस्थानों की खुलने चाहिए, जिससे हमारे छात्र विदेश न जाएं और विदेशी छात्र यहां पढ़ने आएं। कहा कि स्वामी राम योग पुरुष हैं। राजनीतिज्ञ पूर्व हो सकता है, लेकिन योगी कभी पूर्व नहीं होते। वह शरीर छोड़ते हैं, किन्तु उनके कार्य दुनिया में विराजमान रहते हैं। दुनिया सोती है और योगी जागता है। उधर, स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने ट्रस्ट के इतिहास पर प्रकाश डाला। महाराष्ट्र की मगन संग्राहलय समिति की अध्यक्ष डॉ. विभा गुप्ता को स्वामी राम मानवता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें गोल्ड मेडल, प्रशस्ति पत्र और पांच लाख रुपये दिए गए। संस्थान सहित प्रदेश भर के 500 मेधावी छात्र-छात्राओं को करीब सवा एक करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी गई। ट्रस्ट से जुड़े 23 कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान विक्रम सिंह, प्रो. शिव राम, डॉ. सुनील सैनी, डॉ. प्रकाश केशवया, डॉ. रेनू धस्माना, मेयर हरिद्वार मनोज गर्ग, नगर पालिका अध्यक्ष ऋषिकेश दीप शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष कोटद्वार रश्मि राणा आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्योति द्विवेदी ने किया। वोट ऑफ थैंक्स डॉ. विजेंद्र चौहान ने प्रस्तुत किया।

स्वामी राम पर लिखी पुस्तक का विमोचन
स्वामी राम साधक ग्राम आश्रम के प्रमुख आध्यात्मिक निर्देशक स्वामी ऋतुवान भारती सहित अतिथियों ने कुलाधिपति डॉ. मोहन स्वामी द्वारा लिखित ‘जर्नी विद ए हिमालयन मास्टर स्वामी राम’ पुस्तक और वार्षिक कैलेंडर 2017 का विमोचन किया। दोपहर में आयोजित भंडारे में करीब लोगों ने शिरकत की।
मुसीबत लेकर आया दो हजार का नोट
बाजार में दुकानदार नया नोट लेने से कर रहे इनकार
खुले का संकट होने के कारण जता रहे हैं असमर्थता
ऋषिकेश।
ऋषिकेश के बैंकों में रविवार को दो हजार रुपये के नोट दिए। नया नोट हाथ में देखकर लोग खुश तो हुए, लेकिन जैसे ही वे शॉपिंग करने बाजार गए उन्हें बड़ा झटका लगा। दुकानदार ने ये कहते हुए नोट लेने से इनकार करते रहे कि खुले पैसे नहीं हैं। कारोबारियों का कहना है कि सौ-सौ के नोट की कमी है। ऐसे में दो हजार का नोट कैसे लें। इस तरह से दो हजार का नोट भी 500 और 1000 के पुराने नोटों की तरह होकर रह गया है। पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने के कारण रोजमर्रा के सामान खरीदने की पहले से ही समस्या थी। एक उम्मीद जगी थी कि नयी करेंसी आने से समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन नई करेंसी में केवल दो हजार के ही नोट आए हैं। दुकानदारों के पास खुले पैसे नहीं होने के कारण लोग रोजमर्रा की चीजों के लिए परेशान होते नजर आ रहे हैं। खासतौर पर दूध, फल, सब्जी और दवाइयों के लिए। लोग अपनी जरूरत की चीजें भी 2000 के नोट होते हुए नहीं खरीद पा रहे हैं। बच्चों के लिए कॉपियां और पेंसिल तक खरीदने में लोगों को परेशानी हो रही है। पचास-सौ रुपये के सामान के बदले दुकानदार 2000 रुपये के नोट नहीं ले रहा है। वहीं राशन की दुकानों का हाल भी बेहाल है। 200-500 तक का सामान लेने पर दुकानदार बाकी के पैसे खुले देने में असमर्थ हो रहे हैं। ऐसे में लोगों के पास दो ही विकल्प बच रहे हैं या तो बिना सामना घर लौट जाएं या फिर पूरे 2000 रुपये का सामान लेकर अपना बजट बिगाड़ लें। यानी 2000 रुपये का नोट लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है।

सेल्फी लेने तक सिमटा नया नोट
2000 रुपये का नया नोट हाथों में आते ही लोग उसके साथ सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर डालने लगे। अब जब 2000 रुपये का नोट नहीं चल रहा है तो लोग बदहाल व्यवस्था को कोस रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर जमकर सवाल दागे जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि दो हजार का नोट सिर्फ सेल्फी लेने तक सिमट गया है।
नए नोट पर लोगों का भरोसा कम
ऋषिकेश में रविवार को दो हजार के नोट कई हाथों में नजर आए, लेकिन खरीदारी के दौरान दो हजार के नोटों की विश्वसनीयता कम देखने को मिली। दीपक जोशी ने बताया कि उनके पास दो हजार का नोट है, लेकिन उन्हें अलग-अलग दुकानों से सामान खरीदना है। कोई भी दुकानदार दो हजार का नोट लेने को तैयारी नहीं है। सभी खुले पैसे मांग रहे हैं। ऐसे में सामान नहीं खरीद पा रहे हैं। आवास विकास से ललित जोशी ने बताया कि पुराने नोट की आदत होने के कारण दुकानदार अभी नए नोट लेने में हिचक रहे हैं।

छुट्टी का दिन भी लाइन पर बीता
ऋषिकेश में रविवार को भी बैंकों की भीड़ उमड़ी। सर्वर में आ रही दिक्कत से एटीएम ने लोगों को धोखा दिया। कई बैंकों के एटीएम बंद रहे। वहीं, बैंकों में जमा और निकासी को लेकर लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। खाता धारकों को कैश कम होने के कारण कई बैंकों ने मात्र हजार रुपये ही दिए। कुछ बैंकों में जमा और निकासी के एक ही काउंटर होने से लोगों को दो से तीन घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। उधर, बाजारों में रविवार को चहल-कदमी रही। बाजार अपने निर्धारित समय पर खुले। तीन दिनों से चले आ रहे गतिरोध के बाद लोगों के हाथों में नकदी रही। इससे उन्होंने अपनी जरूरत का सामान खरीदा। हालांकि अभी बाजार को रफ्तार पकड़ने में वक्त लगेगा।
