हादसे के तीन दिन बाद छात्र का शव मिला

ऋषिकेश।
लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र के राधेश्याम घाट पर गंगा में नहाते समय बहे बीटेक के छात्र का शव गुरुवार को बैराज में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। छात्र के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
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थाना प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि 18 सितंबर रविवार को अनुज (20) पुत्र जयकिशोर निवासी रेलवे कॉलोनी लखीसराय (बिहार) अपने साथियों के साथ लक्ष्मणझूला क्षेत्र में घूमने आया था। वह हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र था। राधेश्याम घाट पर गंगा में नहाने के दौरान छात्र बह गया था। पुलिस घटना के दिन से रेस्क्यू चला रही थी। उन्होंने बताया कि पुलिस और एसडीआरएफ का रेस्क्यू अभियान जारी था। इसी बीच गुरुवार को बैराज में एक युवक का शव बरामद किया गया। इसकी शिनाख्त अनुज के रूप में की गई। हादसे के तीन दिन बाद छात्र का शव मिला है।

एनडीआरएफ ने टापू में फंसे 25 लोगों की जान बचाई

जल प्रलय से उफनाई गंगा का पानी गंगा के तटीय इलाकों में घुसा
एनडीआरएफ की अगुवाई में ऋषिकेश के दो इलाकों में आपदा (जल प्रलय) को लेकर मॉक ड्रिल
ऋषिकेश। पहाड़ में मूसलाधार बारिश से गंगा उफना गई। गंगा का पानी तटीय इलाकों में घुस गया। जान बचाने लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गये। 25 लोग पानी के बहाव के कारण गंगा के एक टापू में फंस गये। मौके पर एनडीआरएफ की टीम ने रेसक्यू अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया। गुरूवार को एनडीआरएफ ने एक दर्जन विभागों के साथ मिलकर ऋषिनगरी में मॉकड्रिल की।
गुरुवार को जैसे ही तटीय इलाकों में जल प्रलय से उफनाई गंगा का पानी लोगों के घरों में घुसा। तो लोगों को समझने में देर नही लगी। केदारनाथ आपदा की यादें उनके जेहन में ताजा हो गयी। जो जिस हाल में रहा वह अपनी जान बचाकर भागने लगा। टिहरी बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ने पर गंगा के पानी ने तो जैसे तबाही ही मचा दी। पानी के बहाव में 25 लोग बह गये। मौके पर एनडीआरएफ की टीम ने रेसक्यू अभियान चलाकर न सिर्फ लोगों की जान बचाई, बल्कि घायलों का उपचार भी किया। टीम ने गंभीर घायलों को अस्पताल भी पहुंचाया। आईडीपीएल के कम्युनिटी सेंटर में आपदा प्रभावितों के रहने व खाने की व्यवस्था भी की। एनडीआरएफ के जवानों ने मुनादी कर अन्य लोगों को भी गंगा के पानी बढ़ने की सूचना दी। उन्होंने गंगा के तटीय इलाकों को फौरन खाली करने के निर्देश दिये।
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आपसी तालमेल की कमी
गुरुवार को एनडीआरएफ की अगुवाई में ऋषिकेश के दो इलाकों में आपदा (जल प्रलय) को लेकर मॉक ड्रिल की गई। सुबह आठ बजे से संयुक्त राज्य बस अड्डे व हर्बल गार्डन ढालवाला पर दो यूनिट मॉक ड्रिल को लेकर मुस्तैद रही। अभियान चार घंटे लेट रहा। सुबह 12 बजे सूचना फ्लैश हुई कि गंगा के तटीय इलाकों में पानी बढ़ गया है। मौके पर एनडीआरएफ की टीम, स्थानीय प्रशासन के साथ अलग-अलग इलाकों के लिए रवाना हुई। लेकिन रेसक्यू अभियान में एनडीआरएफ के साथ स्थानीय प्रशासन का तालमेल देखने को नही मिला।
गंगा के टापू में फंसे 25 लोगों को बचाने में भी एनडीआरएफ के जवान ही भाग दौड़ करते नजर आये। स्थानीय प्रशासन के लोग एनडीआरएफ के साथ कहीं भी सहयोग करते नजर नही आये। पुलिस के जवान भी व्यवस्था बनाने में नाकाम रहे। मॉक ड्रिल में नगर के लगभग दर्जनभर विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। लेकिन रेस्क्यू अभियान में किसी ने भी राफ्ट तक पकड़ने की जहमत नही उठाई। टीएचडीसी में कंट्रोल रुम की स्थापना की गई थी। एनडीआरएफ की समीक्षा में भी समन्वय, तालमेल व सूचना आदान प्रदान की कमी को महसूस किया गया।

मेरे नंबर पर व्हाट्सअप नही
आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले विभाग आपदा प्रबंधन के अधिकारी यह कहें कि मेरे नंबर पर व्हाट्सअप नही है तो आप समझ सकते है कि आपदा प्रबंधन विभाग कितना संवेदनशील है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. दीप शिखा रावत के मोबाइल पर व्हाट्सअप ही नही है।

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समय दर समय घटनाक्रम
सुबह 12 बजे रेसक्यू को एनडीआरएफ की टीम रवाना
सुबह 12.08 नाव घाट में टीम पहुंची
सुबह 12.20 एनडीआरएफ ने पहली बोट तैयार की
सुबह 12.20 एसडीआरएफ की टीम पहुंची
सुबह 12.18 कमांड पोस्ट का टेंट तैयार
सुबह 12.22 मेडिकल का टेंट तैयार, डॉक्टर ने मोर्चा संभाला
सुबह 12.22 एसडीआरएफ की पहली बोट तैयार
सुबह 12.26 एनडीआरएफ का दूर संचार विभाग ने काम करना शुरु किया
सुबह 12.28 दूसरी बोट तैयार, गंगा में उतारी
सुबह 12.35 तीसरी बोट तैयार, गंगा में उतारी
सुबह 12.36 एसडीआरएफ की दूसरी बोट तैयार
दोपहर 1.25 रेसक्यू टीम ने टापू से लोगों का निकालना शुरु किया
दोपहर 1.33 घायलों को अस्पताल पहुंचाया

एसडीआरएफ के पास सामान ही नही
आपदा में रेस्क्यू करने पहुंची एसडीआरएफ की टीम के पास सामान ही नही था। रेस्क्यू टीम में शामिल पुलिस के कुछ जवान बिना हेलमेट के ही बोट में सवार हो गये। रेस्क्यू अभियान में आपसी तालमेल व सामंजस्य की कमी देखने को मिली।

ये रहे मौजूद …
आपदा प्रबंधन उप सचिव संतोष बड़ोनी, अधिशासी निदेशक पीयूष रौतेला, एडीएम टिहरी जगदीश लाल, एसडीएम कुश्म चौहान, एसडीएम लक्ष्मीराज चौहान, एसडीएम गोपालराम, अधिशासी निदेशक टीएचडीसी एचएल अरोड़ा, एजीएम एएस वर्मा, अतुल कुमार सिंह, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट रोशन सिंह असवाल, इंस्पेक्टर जितेन्द्र सिंह, चंदन कुमार, सीओ चक्रधर अंथवाल, सीओ राजेन्द्र डोभाल, एफएसओ रोशनलाल शर्मा, नगर पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा व शिवमूर्ति कंडवाल के अतिरिक्त एनसीसी, रेडक्रॉस, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, डीएमएमसी, यूपीसीएल, पेयजल निगम, आपूर्ति विभाग, नगर पालिका ऋषिकेश व मुनिकीरेती आदि विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

उरी में हुए आतंकी हमले के खिलाफ जताया आक्रोश

ऋषिकेश। जम्मू कश्मीर के उरी में आतंकी हमले में शहीद सैनिकों को जहां श्रद्धांजलि दी गई, वहीं पाक के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया गया। गुरुवार को दिनभर शहीद सैनिकों के लिए श्रद्धांजलि सभा और पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए गए।
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स्कूली बच्चों ने पौधरोपण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी
चंद्रेश्वरनगर स्थित उड़ान स्कूल के बच्चों ने गुरुवार को शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए स्कूल परिसर में पौधरोपण किया। निदेशक डॉ. राजे नेगी ने कहा कि पाकिस्तान की इस हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तम असवाल, राज ढींगरा, हर्षित गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
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शहीदों को दी श्रद्धांजलि, पाक के खिलाफ प्रदर्शन
पाकिस्तान के खिलाफ श्यामपुर में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि केंद्र सरकार पाकिस्तान को मुंहतोड़ जबाव नहीं दे पा रही है। केंद्र को जल्द पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई कर उनकी करतूत का जबाव देना होगा। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला, मानवेंद्र कंडारी, कोमल सिंह नेगी, राकेश सिंह, विनोद पोखरियाल, शंकर, विनोद कुमार, देवेंद्र दत्त आदि उपस्थित रहे।

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पाक के खिलाफ कार्रवाई में केंद्र को विफल बताया
कांग्रेस गरीब बेघर जन प्रकोष्ठ ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि पाकिस्तान को जवाब देने में केंद्र सरकार विफल साबित हो रही है। प्रकोष्ठ के संयोजक विजयपाल सिंह रावत, शोभा बहुगुणा, धुपा देवी, गीतांजलि देवी, बिजली देवी, भगवान देवी, सुमित चौधरी, ऋषि कश्यप, छोटे लाल, देवेंद्र, कुसुमनाथ, अंजली सैनी, सतपाल आदि मौजूद रहे।

खुद के नियंत्रण पर ध्यान देने की सीख

ऋषिकेश।
ऑटोनॉमस कॉलेज के कांफ्रेंस हॉल में ‘अल्टीमेट इन क्वालिटी’ विषय पर बांबे आईटी के प्रोफेसर केआर सुब्रमण्यम ने व्याखान दिया। गणित विभाग की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
व्याख्यान कार्यक्रम का प्राचार्य डॉ. डीसी नैनवाल ने शुभारंभ किया। प्रो. केआर सुब्रमण्यम ने छात्रों को आत्म उन्नति के लिए योग सूत्र की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। खासकर गणित और विज्ञान के छात्रों के लिए योग की व्याख्या की। उन्होंने छात्रों को कामयाबी के लिए खुद के नियंत्रण पर ध्यान देने की सीख दी।104
गुरुकल कांगड़ी विश्वविद्यालय के गणित विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. एसएल सिंह ने परिचय और व्याख्यान विषय को स्पष्ट किया। पूर्व प्रभारी प्राचार्य एसके डबराल ने योग सूत्र को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। संचालन डॉ. दयाधर दीक्षित ने किया। इस मौके पर डॉ. प्रीतपाल, डॉ. सविता वर्मा, डॉ. अंजना श्रीवास्तव, डॉ. सुजाता आदि उपस्थित रहे।

महिला लोक अदालत में दो मामले निस्तारित

5 मामले की जांच एसएसपी को सौंपी
2 अन्य मामलों में केस दर्ज करने के निर्देश
ऋषिकेश।
गुरुवार को नगर पालिका ऋषिकेश के स्वर्ण जयंती सभागार में उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष सरोजनी कैंतुरा ने महिला लोक अदालत में घरेलू हिंसा के सात मामले की सुनवाई की। दो मामलों को मौके पर ही निस्तारित किया। पांच मामले एसएसपी देहरादून को जांच के लिए सौंपे। इस दौरान दो नए मामले घरेलू हिंसा के सामने आये, जिसमें केस दर्ज नही किया जा रहा था। आयोग अध्यक्ष सरोजनी कैंतुरा ने महिला हेल्प लाइन को घरेलु हिंसा के तहत मामला दर्ज करने के निर्देश दिये। 106
महिला आयोग के द्वारा घरेलू हिंसा के मामले महिला हेल्प लाईन 181 व 190 पर भी दर्ज कराने को लेकर जागरुक किया गया। आयोग अध्यक्ष ने आंगनबाडी कार्यकत्रियों को निर्देशित किया कि सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करे, जिससे कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर चलाई जा रही योजनाओं की भी जानकारी महिला लोक अदालत में दी गयी। मौके पर राज्य महिला आयोग की सदस्य कृष्णा खत्री, विधिक अधिकारी वीआर सिंह, सचिव रविन्द्री मंद्रवाल सहित समाज कल्याण विभाग, बाल विकास, पुलिस विभाग, जल संस्थान सहित आंगनबाड़ी केन्द्रो की कार्यकत्रियां मौजूद रही।

प्रशासन के हस्तक्षेप से पालिका सड़कों पर

नियमित दवा छिड़काव व फागिंग नही करने को लेकर प्रशासन ने पालिका को लगाई थी फटकार
अब स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर पालिका प्रशासन ने शुरु किया अभियान
ऋषिकेश।
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद पालिका ऋषिकेश नगर की सड़कों पर दिखने लगी है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर पालिका ने दवा छिड़काव करना भी शुरु कर दिया है। सफाई निरीक्षक की मानें तो पालिका घरों में दवा छिड़काव का आवेदन करने पर भी विचार कर रही है।
बुधवार को नगर पालिका ऋषिकेश के सफाई निरीक्षक सचिन रावत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर बंगाली बस्ती, सर्वहारानगर, मायाकुंड, बनखंडी व शांतिनगर के क्षेत्रों में दवा छिड़काव व फागिंग की गई। कई स्थानों में ब्लीचिंग पाउडर भी डाला गया। गौरतलब है कि नगर में मच्छर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पालिका की शिकायत दर्ज कराई थी।
एसडीएम ने पालिका प्रशासन को दवा छिड़काव को लेकर व्यवस्थाएं दुरस्त करने को कहा था। जिससे पालिका प्रशासन ने आनन-फानन में बैठकर कर अभियान में स्वास्थ्य विभाग को भी शामिल किया। बुधवार को दो टीमें बनाकर दवा छिड़काव व फागिंग कराई गयी। नगर संक्रामक रोग नियंत्रक एसएस यादव ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या क्षेत्रवार देखते हुए दवा छिड़काव को कहा जा रहा है।
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पालिका को सहयोग देगी रियल एस्टेट
ऋषिकेश रियल एस्टेट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश कोठारी ने बताया कि पालिका प्रशासन को एक समय की दवा छिड़काव का सहयोग दिया जायेगा। उनका कहना है कि नगर में मच्छर जनित रोग का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। इस संदर्भ में उन्होंने पालिका से सहमति बनने की बात भी कही।करीब सवा लाख रूपये की दवा खरीदी गई है।

15 ओर कर्मचारी होंगे भर्ती
यात्रा सीजन के सफाई कर्मचारियों को समय से पहले हटाने के कारण नगर में सफाई व्यवस्था पर असर पड़ा है। अभी पिछले दिनों इसकी भरपाई के लिए पालिका प्रशासन ने 20 कर्मचारियों की भर्ती की है। बताया जा रहा कि कर्मचारियों की कमी के चलते व पूर्व की भर्तियों में सफाई नायकों की नाराजगी के चलते 15 अन्य सफाई कर्मचारी भर्ती किये जायेंगे। जो सिर्फ दवा छिड़काव व फागिंग को लेकर कार्य करेंगे।

डेंगू व चिकनगुनिया की चपेट में तीर्थनगरी

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ऋषिकेश।
तीर्थनगरी व आस-पास के क्षेत्र डेंगू व चिकनगुनिया से प्रभावित हो रहे है। वायरल पीड़ितों में मलेरिया व टाइफाइड की भी पुष्टि हो रही है। एम्स, सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में वायरल पीड़ित बड़ी संख्या में ब्लड जांच करवा रहे है। बुधवार को सरकारी अस्पताल में एक व प्राइवेट अस्पताल में दो लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है।
बुधवार को डेंगू व चिकनगुनिया के चलते नगर के अस्पतालों में मरीजों की अत्यधिक भीड़ रही। एम्स की ओपीडी में 1450 मरीजों ने पंजीकरण कराया। 424 मरीज वायरल पीड़ित रहे। डेंगू की आशंका के चलते यहां 60 मरीजों के ब्लड की जांच की गई। वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने जानकारी दी कि पिछले 15 दिनों में 300 मरीजों के डेंगू की आंशका के चलते जांच हुई है, जिसमें 16 मरीजों में डेंगू पॉजीटिव मिला है।
सरकारी अस्पताल में 51 मरीजों की डेंगू जांच करने पर एक मरीज पॉजीटिव मिला। 98 मरीजों की मलेरिया व टाइफाइड जांच करने पर क्रमश: दो और अट्ठारह मरीजों में मलेरिया व टाइफाइड की पुष्टि हुई। यहां ओपीडी में 640 लोगों ने पंजीकरण कराया। बुधवार को सिर्फ एक ही फिजिशियन डॉ. महेश सैनी ने वायरल पीड़ित मरीजों का उपचार किया। फिजिशियन डॉ. ऋचा रतूड़ी डे ऑफ पर रही।
वहीं, प्राइेवट अस्पतालों की ओपीडी पन्द्रह सौ के पार पहुंची। प्राइवेट अस्पतालों में उपचार करा रहे वायरल पीड़ित दो मरीजों में डेंगू पॉजीटिव मिला है। नगर के संक्रामक रोग नियंत्रक एसएस यादव ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया मच्छर जनित रोग है। उन्होंने नगर के लोगों से स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने की अपील भी की।
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तहसील में दहशत
ऋषिकेश तहसील में कार्यरत एक संग्रह अमीन के बेटे को डेंगू पॉजीटिव आने से अन्य कर्मचारियों में दहशत है। तहसील कॉलोनी में रह रहे कर्मचारी आस-पास पानी जमा होने व झाड़ियां काटने की मांग कर रहे है। उनका कहना है कि लंबे समय से यहां पानी का जमाव व झाड़ियां होने के कारण डर लगने लगा है।

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष को भी डेंगू
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार अरुण शर्मा भी डेंगू की चपेट में आ गये है। प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सक उनका उपचार कर रहे है। बुधवार जांच के बाद उनकी प्लेट्लेटस सताईस हजार के करीब पहुंच गई थी।

अध्यात्मिकता और शांति से मिलती है सफलता

अंर्तराष्ट्रीय उद्बोधन श्रृखंला के अंर्तगत विश्व शांति दिवस के उपलक्ष्य में एक दिवसीय विचार गोष्ठी का आयोजन
शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी मुख्य वक्ता रहे
ऋषिकेश।
बुधवार को ज्योति विशेष विद्यालय में आध्यात्मिक और शांति विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार रखें। शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ बाजपेयी ने आध्यात्म और शांति को परिभाषित किया। कहा कि जीवन में सफलता पाने का सूत्रधार आध्यात्म है, और आध्यात्म से ही शांति मिलती है। जीवन में शांति पाने के लिए आज लोग करोड़ों रुपये खर्च कर रहे है, लेकिन आध्यात्म की ओर किसी का ध्यान नही है। लोग अध्यात्मिकता और शांति को एक निश्चित उम्र का पैमाना मानते है। 103
कार्यक्रम में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित, हमीरपुर उत्तरप्रदेश के विधायक युवराज सिंह, श्री भरत मंदिर ऋषिकेश के महंत अशोक प्रपन्नाचार्य, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, एडवोकट अश्वनी दुबे ने भी अपने विचार रखें। कार्यक्रम संयोजक लक्ष्मी नारायण जोशी ने अतिथियों का धन्यवाद दिया। प्रो. पीयूषकांत दीक्षित, प्रो. निशांत सिंह देवल व प्रो. ईश्वर दास को आजीवन उपलिब्ध सम्मान से नवाजा गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रकाश पंत ने किया। मौके पर पूर्व दर्जाधारी ऊषा रावत, मदन मोहन शर्मा, ज्योति सजवाण, इन्द्र कुमार गोदवानी, रवि कुमार जैन, चेतन शर्मा, डीबीएस रावत, कुसुम जोशी, कमला नेगी, सभासद हरीश तिवाड़ी, राकेश पारछा, विवेक तिवारी, अमित गांधी आदि मौजूद थे।

मुनिकीरेती क्षेत्र में बिजली कटौती पर फूटा गुस्सा

ऋषिकेश।
मुनिकीरेती क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। बुधवार को कटौती से गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने एसडीओ का घेराव किया। जल्द बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।1231-bjp-logo-1
भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश सिंह सेंगर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एसडीओ कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि क्षेत्र में बिजली कटौती होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऊर्जा निगम पर मरम्मत का हवाला देकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। इस मौके अजीज कुरैशी, विमल रावत, सतीश गुप्ता, गौरव गौड़, कान सिंह रावत, दीपक भट्ट, मीनाक्षी जोशी, सुनीता खंडूड़ी, बृजेश गिरी, विजय असवाल, अनिल बडोला, मनीष कुकरेती आदि उपस्थित रहे।

एम्स मे हिंदी सप्ताह समारोह का आयोजन

ऋषिकेश।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान ऋषिकेश में हिन्दी सप्ताह समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें निबंध, भाषण, अनुवाद आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। 106गुरूवार को कार्यक्रम का शुभारंभ संकायाध्यक्ष प्रो सुरेखा किशोर एवं चिकित्सा अधीक्षक प्रो मुकेश त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया। समारोह में प्रतियोगिता में स्वरचित काव्यपाठ का आयोजन किया गया। जिसमें प्रतिभागियों ने काव्य पाठ किया। राजभाषा अधिकारी डीपी लखेड़ा ने राजभाषा हिंदी के महत्व को बताया कि आज आवश्यकता है कि सरकारी कामकाज की भाषा हिंदी एवं हिंदीकी स्वीकार्यता को विभन्न साधनों से बढाया जाय। इस अवसर पर डा. एसके मित्तल, डा. सुनीता मित्तल, डा. बलराम, सतीश रवि, डा. वंदना ढींगरा, डा. अंकुर जोशी, डा. मोनिका पठानिया, डा. नेहा सिंह, नीरा तिवाड़ी आदि उपस्थित रहे।