चारधामों के कपाट बंद होने के तिथि की हुई घोषणा

चारधाम यात्रा के लिए अब कम समय बचा है। अगले माह चारों धामों के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। बदरीनाथ धाम के कपाट आगामी 20 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसकी औपचारिक घोषणा शुक्रवार को विजयादशमी पर हो गई है। केदारनाथ व यमुनोत्री धाम के कपाट छह नवंबर को भैया दूज के दिन बंद होंगे। वहीं, गंगोत्री धाम के कपाट पांच नवंबर को गोवर्धन पूजा के दिन बंद होंगे।

यह रहेगा दिन और समय
उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि शीतकाल के लिए बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि विजयदशमी के दिन शुक्रवार को घोषित की गई। बदरीनाथ धाम के कपाट आगामी 20 नवंबर को शाम 6:45 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूठ के पावन पर्व पर पांच नवंबर को सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर बंद होंगे। वहीं यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज पर छह नवंबर को दोपहर साढ़े बारह बजे बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद शीतकाल में गंगा मां की भोग मूर्ति के दर्शन उनके मायके ग्राम मुखबा और मां यमुना के दर्शन खरशाली स्थित उनके शीतकालीन मंदिरों में होंगे।
 
तुंगनाथ के कपाट 30 अक्टूबर व मद्महेश्व के कपाट 22 नवंबर को होंगें बंद
द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट शीतकाल के लिए 22 नवंबर को प्रातरू साढे आठ बजे वृश्चिक लग्न में बंद हो जाएगे। जबकि डोली आगमन पर मद्महेश्वर मेला 25 नवंबर को आयोजित होगा। तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट शनिवार 30 अक्टूबर को दोपहर एक बजे शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे।

17 अक्तूबर को बंद होंगे चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट
मध्य हिमालय में चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात भगवान रुद्रनाथ के कपाट 17 अक्तूबर को कार्तिक संक्रांति के पावन पर्व पर ब्रह्ममुहूर्त में अभिषेक पूजा के बाद शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष अनसूया प्रसाद भट्ट, रुद्रनाथ के पुजारी धर्मेंद्र तिवाड़ी, गोपीनाथ-रुद्रनाथ मंदिर के प्रबंधक आशुतोष भट्ट और हक-हकूकधारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि उसी दिन भगवान की उत्सव डोली पनार बुग्याल और सगर गांव से होते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में विराजमान हो जाएगी।

अब तक सवा लाख यात्रियों ने किए चारधामों के दर्शन
त्योहारी सीजन में विश्व प्रसिद्ध चारधामों के दर्शन के लिए तीर्थ यात्रियों की तादाद लगातार बढ़ रही है। अब तक सवा लाख यात्रियों ने बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम के दर्शन किए हैं। बाबा केदार के दर्शन के लिए 8354 यात्री हेली सेवा से पहुंचे हैं। 

प्रदेश में अगले महीने चारधामों के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने से यात्रा भी स्थगित हो जाएगी। यात्रा के अंतिम दिनों में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम में दर्शनों के लिए तीर्थ यात्रियों की तादाद बढ़ रही है। उत्तराखंड देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुताबिक गुरुवार को चारधामों में 7823 यात्रियों ने दर्शन किए। अब तक चारधामों में 1,14,195 तीर्थ यात्री दर्शन कर चुके हैं। 
देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मीडिया प्रभारी हरीश गौड़ ने बताया कि 18 सितंबर से चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। अब तक चारधामों में दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या एक लाख पार हो चुकी है। ई-पास की व्यवस्था समाप्त होने से चारधाम यात्रा में आने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए बस टर्मिनल ऋषिकेश में निशुल्क कोविड जांच केंद्र स्थापित किया गया है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चारधामों में नियमों का पालन करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मेरा और मेरी पार्टी का एजेंडा राज्य का विकास करना है-धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को छोड़कर राज्य में अन्य सभी पार्टियों का एजेंडा केवल चुनाव है और वह प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए ईमानदारी से काम कर रहे हैं। धामी ने एक न्युज एजेंसी को दिए साक्षात्कार कहा, भाजपा को छोड़कर सभी पार्टियां उत्तराखंड में चुनाव के लिए काम कर रही हैं। ये साढ़े चार साल गायब रहती हैं और अंत में चुनाव के समय आकर अपनी घोषणाएं करना शुरू कर देती हैं, इसलिए उनका एजेंडा केवल चुनाव है। उन्होंने कहा, हमारा एजेंडा केवल चुनाव नहीं है। हम प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए ईमानदारी से काम कर रहे हैं। (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी जी ने हमें विजन-2025 दिया है। जब 2025 में राज्य 25 वर्ष का होगा, तब यह हर क्षेत्र में आगे होगा और हिंदुस्तान का एक आदर्श राज्य होगा। उन्होंने (मोदी ने) स्वयं कहा है और वह इसके लिए प्रयासरत हैं। हम इसे साकार बनाने के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए हम सभी का आशीर्वाद चाहते हैं, जो मिल भी रहा है।
दलित नेता यशपाल आर्य के भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जाने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे भाजपा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, हमारी पार्टी एक लोकतांत्रिक और संगठन आधारित पार्टी है। हमारी पार्टी देश प्रथम, पार्टी द्वितीय और व्यक्ति अंतिम के सिद्धांत पर काम करती है और हमारा लक्ष्य प्रदेश को आगे बढाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता इस आधार पर काम नहीं करते कि कौन आता है और कौन जाता है तथा वे इस आधार पर काम करते हैं कि देश और प्रदेश के लिए क्या अच्छा है।
कांग्रेस के दल-बदल को बढ़ावा नहीं देने, लेकिन भाजपा की ऐसी गतिविधियों का जवाब देने से न चूकने संबंधी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए धामी ने कहा, श्श्एक तरफ हरीश रावत कहते हैं कि हम दल-बदल को बढ़ावा नहीं देंगे और दूसरी तरफ वह ऐसा कर भी रहे हैं। कांग्रेस महासचिव रावत ने कहा था कि कांग्रेस दल-बदल को बढ़ावा नहीं देती और उत्तराखंड के लिए इसे अशुभ मानती है लेकिन अगर भाजपा दल-बदल की गेंद से हमारे साथ खेलेगी, तो हम भी चूकेंगे नहीं।
धामी ने कहा, यदि लोग उनकी पसंद के हैं तो वे कहते हैं कि आ जाइए और पसंद के नहीं हैं तो उनके लिए अपने मानक बना देते हैं। किसान आंदोलन के कारण चुनावों में भाजपा को नुकसान पहुंचने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर धामी ने सीधा जवाब नहीं दिया और कहा कि वह एक सैनिक परिवार के होने के साथ ही स्वयं एक किसान भी हैं। उन्होंने कहा, सभी किसान हमारे भाई हैं और हम आपस में मिलते-जुलते और बात करते रहते हैं। हम एक परिवार है। चुनाव एक अलग विषय है। मैं उनके बीच से हूं और मुझे लगता है कि वे ऐसा सोचेंगे भी नहीं।
चारधाम प्रबंधन देवस्थानम बोर्ड को भंग किए जाने को लेकर पुरोहितों के आंदोलन के बारे में धामी ने कहा कि वह स्वयं सबसे बात कर रहे हैं और इस संबंध में वरिष्ठ भाजपा नेता मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में बनी समिति सभी पक्षों को सुनकर नवंबर तक अपनी रिपोर्ट दे देगी। पलायन के मुददे पर धामी ने कहा कि वन अनुसंधान संस्थान के पूर्व निदेशक एस एस नेगी की अध्यक्षता में बने पलायन आयोग ने इस पर काम किया है और कई रिपोर्ट तैयार की हैं। उन्होंने कहा, हम पलायन रोकने के लिए स्वरोजगार जैसी योजनाएं लाकर नए सिरे से काम कर रहे हैं ताकि लोगों को काम मिले, उनकी आजीविका चल सके।
अपने 100 दिन के कार्यकाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी कोशिश रही है कि नौकरशाही सही से काम करे और लोगों की समस्याओं का निस्तारण हो। उन्होंने कहा कि घोषणाएं करने से पहले उन्होंने संबंधित विभागों से आकलन कराया और उसके बाद वित्त विभाग से परामर्श लिया, जिससे उनके लाभ लोगों को जल्द मिलने लगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से ज्यादा प्रभावित हुए पर्यटन, स्वास्थ्य, परिवहन और सांस्कृतिक क्षेत्रों के लिए उन्होंने पैकेज घोषित किए।
धामी ने भरोसा जताया कि चुनाव के परिणाम भाजपा के अनुकूल रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के केंद्र में आने के बाद से उत्तराखंड के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, चारधाम आल वेदर रोड, हवाई संपर्क, भारत माला परियोजना और भव्य केदारपुरी निर्माण, 250 करोड़ रुपए के बदरीनाथ मास्टर प्लान सहित चारों धामों के लिए 700 करोड़ रुपए से ज्यादा के काम समेत कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं और इसका लाभ भाजपा को मिलेगा।

सिंघु बॉर्डर पर युवक की हत्या होने पर जांच को गई पुलिस को रोका

सिंघु बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन स्थल के पास एक युवक लखबीर सिंह की निर्मम हत्या कर शव बैरिकेड्स से लटकाने की घटना की संयुक्त किसान मोर्चा (ैज्ञड) ने निंदा करते हुए इसे एक बड़ी साजिश बताया है। किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने शुक्रवार को कहा कि हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस घटना के दोनों पक्षों, निहंग समूह और मृतक का एसकेएम के साथ कोई संबंध नहीं है। मोर्चा किसी भी धर्म और प्रतीक की बेअदबी के खिलाफ है। किसान नेता ने कहा कि मोर्चा को धार्मिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है, यह एक साजिश लगती है, इसकी जांच होनी चाहिए। दल्लेवाल ने कहा कि जब हम मौके पर पहुंचे तो कुछ लोग कह रहे थे कि मृतक (लखबीर सिंह) ने मरने से पहले स्वीकार किया था कि उसे किसी ने भेजा है और 30 हजार रुपये दिए हैं। इसका वीडियो प्रूफ मेरे पास नहीं है। सरकार को इस मामले की गहनता से जांच करनी चाहिए।
बताया जा रहा है कि मृतक की पहचान पंजाब के तरनतारन जिले के चीमा खुर्द गांव निवासी लखबीर सिंह (35 वर्षीय) के रूप में हुई है। पेशे मजदूर लखबीर अनुसूचित जाति से संबंध रखता था। एडीजीपी (रोहतक) संदीप खिरवार ने कहा कि लखबीर सिंह की हत्या के मामले में हमने आईपीसी की धारा 302/34 के तहत एफआईआर दर्ज की है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच कर ली है, मृतक का पोस्टमॉर्टम शुरू हो गया है। हम इंटेलिजेंस इनपुट भी इकट्ठा कर रहे हैं और हमारे पास कुछ संदिग्धों के नाम भी हैं। जल्द ही आगे की कार्रवाई करेंगे।

बेरहमी से मारा, बैरिकेड से बांधा
सोनीपत जिले के कुंडली में किसानों के प्रदर्शन स्थल के पास शुक्रवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव बैरिकेड से बंधा हुआ मिला। शव का एक हाथ कटा हुआ था। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक वीडियो क्लिप में कुछ निहंगों को जमीन पर खून से लथपथ पड़े एक व्यक्ति के पास खड़े हुए देखा गया और उसका बायां हाथ कटा हुआ था। निहंगों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मृतक को सिखों की पवित्र किताब गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के लिए सजा दी गई है।
पुलिस ने बताया कि मृतक लखबीर सिंह को पंजाब के तरण तारण का एक मजदूर बताया गया है और उसकी आयु 35 वर्ष के आसपास है। उसका शव एक बैरिकेड से बंधा हुआ मिला जो केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 10 महीनों से आंदोलन कर रहे किसानों द्वारा बनाए एक मंच के पास स्थित है। किसानों का प्रदर्शन स्थल सिंघु में दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास स्थित है।
सोनीपत पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कुंडली पुलिस थाने को सुबह पांच बजे सूचना मिली कि किसानों के प्रदर्शन स्थल के पास एक शव मिला है। उन्होंने बताया कि मृतक के शरीर पर केवल पायजामा था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सोनीपत सिविल अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और दोषियों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। पुलिस घटना के संबंध में प्रदर्शन स्थल के पास लोगों से पूछताछ करने की कोशिश की है। शुरुआत में कुछ लोगों ने इलाके में पुलिस के प्रवेश का विरोध किया और पुलिस के साथ सहयोग नहीं किया।

सीएम ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आंगनवाड़ी की प्रदेश अध्यक्षा रेखा नेगी, महामंत्री सुमति थपलियाल एवं मीनाक्षी रावत ने भेंट की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के हित में शीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी की बहनों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा की राज्य में सीमित संसाधन होने के बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा सबके हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं।

भाजपा सरकार की गलत नीतियों से बढ़ रही महंगाई-रमोला

ग्रामसभा गुमानीवाला के रूषाफार्म में एआईसीसी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र बूथ स्तर पर महिलाओं व बुजुर्गों के साथ संवाद करते हुए भाजपा सरकार के विफल कार्यकाल और कांग्रेस द्वारा किये गये विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की मज़बूती को लेकर कार्य करने के लिए लोगों को प्रेरित किया।
जयेन्द्र रमोला ने कहा कि आज महंगाई ने आमजन की कमर तोड़ दी है और महंगाई से सबसे ज्यादा परेशान घर की महिलाएं है। खाद्य पदार्थों से लेकर गैसे के दाम आज आसमान छू रहे है। भाजपा सरकार की गलत नीतियों से आम जनमानस का जीना दुसवार हो गया है।
रमोला ने कहा कि अब समय आ गया है मातृ शक्ति को जागना पड़ेगा और सबको एकजुट होकर भाजपा को 2022 में प्रदेश और 2024 में देश से उखाड़ फेंकने का काम करना पड़ेगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम में बूथ जिला प्रभारी गजेन्द्र विक्रम शाही, ब्लॉक महिला कांग्रेस अध्यक्ष अंशुल त्यागी, जितेन्द्र त्यागी, सरोजिनी देवी, बसंती देवी, मीना कंडियाल, रोशनी देवी, दर्शनी रावत, शकुंतला देवी आदि बड़ी संख्या में महिलायें उपस्थित रही।

स्व. बहुगुणा के पद्चिन्हों पर चलकर ही होगी पर्यावरण की सुरक्षा

हरिपुर कलां पहुंचने पर विश्व विख्यात पर्यावरणविद स्व. सुंदर लाल बहुगुणा के बेटे वरिष्ठ पत्रकार राजीव नयन बहुगुणा को महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज और आप नेता राजे सिह नेगी ने पुष्पगुच्छ भेंटकर एवं रुद्राक्ष की माला पहनाकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर अपनी लेखनी के जरिए सामाजिक व्यवस्थाओं और ज्वलंत मुद्दों पर निष्पक्षता के साथ अपनी बात रखने वाले बहुगुणा ने कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है। उत्तराखंड राज्य भी राजनीतिक दृष्टिकोण से परिवर्तन की राह पर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण जिन सपनों और अपेक्षाओं के साथ किया गया था, उसमें दो दशक बीतने के बावजूद अब तक सफलता नहीं मिली है। जिसकी वजह से राज्य आंदोलनकारियों सहित उत्तराखंड की मातृ एवं युवा शक्ति नए विकल्प की तलाश में है। इस दौरान आम आदमी पार्टी के ऋषिकेश विधानसभा प्रभारी राजे सिंह नेगी ने कहा कि विश्व विख्यात पर्यावरणविद् स्वर्गीय सुंदर लाल बहुगुणा के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर ही उन्होंने जनसेवा के साथ पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने का संकल्प लिया था। पर्यावरण सुरक्षा को लेकर उनके उत्कृष्ट कार्याे के लिए उन्हें सदैव याद किया जाता रहेगा। इस मौके पर समाजसेवी सच्चिदानंद पोखरियाल, यमन डबराल, विक्रांत भारद्वाज, मनमोहन नेगी, प्रभात झा, किशन लाल, अश्वनी सिंह उपस्थित थे।

युवा सरकार के निर्णय से मिलने लगा रोजगार, बेराजगारी दर में दर्ज की गई गिरावट

उत्तराखंड में पिछले एक महीने में बेरोजगारी की दर में कमी आई है। सितंबर माह में राज्य की बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल इसी महीने बेरोजगारी दर 22.3 प्रतिशत थी। बेरोजगारी दर के मामले में उत्तराखंड देश में नौंवे स्थान पर है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी प्रा लि (सीएमआईई) के सर्वे में यह खुलासा हुआ है।
सर्वे के ऑनलाइन आंकड़ों के मुताबिक, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा समेत 17 राज्यों में बेरोजगारी उत्तराखंड से अधिक है। उत्तराखंड में पिछले महीने की तुलना में सितंबर माह में बेरोजगारी दर में 2.1 प्रतिशत की गिरावट रही है। 

आर्थिक गतिविधियों में तेजी का असर
कोविड की दूसरी लहर के तकरीबन थम जाने के बाद आर्थिक गतिविधियों में आई तेजी बेरोजगारी दर में गिरावट की एक प्रमुख वजह मानी जा रही है। जानकारों के मुताबिक, पिछले दो महीनों के दौरान राज्य में पूरी तरह से अनलॉक हो गया है। बाहरी राज्यों के लोगों के राज्य में प्रवेश की बंदिश में ढील, अंतरराज्यीय परिवहन के संचालन और व्यावसायिक गतिविधियों को खोलने से आजीविका और रोजगार के अवसर खुले हैं।
 
सितंबर 2020 में थी 22 फीसदी से ज्यादा बेरोजगारी दर
कोरोनाकाल के दौरान सितंबर 2020 में उत्तराखंड की बेरोजगारी दर पिछले आठ महीनों में सबसे अधिक 22.3 फीसदी थी। जनवरी 2021 की तुलना में 2020 में बेरोजगारी दर केवल एक फीसदी कम थी। सितंबर 2020 में बेरोजगारी दर बढ़कर 22.3 फीसदी तक पहुंच गई।
 
कुछ प्रमुख राज्यों में बेरोजगारी दर 
प्रदेश-बेरोजगारी दर
उत्तरप्रदेश-5.0
हिमाचल-8.7
जम्मू कश्मीर-21.6
हरियाणा-20.3
गुजरात-1.3
दिल्ली-16.8
पंजाब-9.3
राजस्थान-17.9
असम-3.5
स्रोत-सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी (सीएमआई) प्रा. लि.

आज नैनीताल में 9 और देहरादून में 6 नए मरीज मिले

प्रदेश में कोरोना के 28 नए मरीज मिले है। आज प्रदेशभर में चार मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज किए गए है। नैनीताल जिले में सर्वाधिक नौ और देहरादून में छह नए मरीज मिले। जबकि देहरादून जिले में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा एक बार फिर सौ के पार पहुंच गया है।
स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार गुरुवार को चमोली में एक, चम्पावत में चार, हरिद्वार में दो, पौड़ी में एक, पिथौरागढ़ में तीन, रुद्रप्रयाग में दो नए मरीज मिले। जबकि अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी, यूएस नगर और उत्तरकाशी जिले में एक भी नया मरीज नहीं मिला। गुरुवार को राज्य में संक्रमण की दर 0.18 प्रतिशत रही जबकि मरीजों के ठीक होने की दर 96 प्रतिशत से अधिक रही। राज्य भर के अस्पतालों से कुल 12 हजार के करीब सैंपल जांच के लिए भेजे गए जबकि 14 हजार से अधिक सैंपलों की रिपोर्ट आई। राज्य में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 175 हो गई है। सर्वाधिक 101 एक्टिव मरीज देहरादून जिले में हैं। जबकि टिहरी और उत्तरकाशी में एक भी एक्टिव मरीज नहीं हैं। राज्य भर में गुरुवार को 29 हजार से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली व दूसरी डोज दी गई है।

फिल्म निर्माण के लिए 24 गांवों को होगा कायाकल्प

उत्तराखंड में पलायन के कारण खाली हो रहे नैनीताल जिले के वीरान गांवों में होम स्टे विकसित किए जा रहे हैं। अहमदाबाद की एक फर्म के साथ मिलकर उत्तराखंड के पर्यटन विभाग ने यह योजना शुरू की है। इसके तहत विभाग ने नैनीताल के पास कुंजखड़क गांव के आसपास के इलाकों को चिह्नित किया है, जहां कम्युनिटी बेस होम स्टे शुरू करने की तैयारी है। विभाग इन गांवों में खंडहर हो चुके मकानों को ठीक कर पर्यटकों को ठहरने की सुविधा देगा। योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटन विकास के साथ ही खाली गांवों का इस्तेमाल फिल्म निर्माण के लिए करने की भी योजना है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, इस योजना के तहत नैनीताल जिले में करीब 24 गांव चिह्नित किए हैं। इनमें कुछ की पौराणिक व रोचक कहानियां हैं। कुछ बेहद अच्छी लोकेशंस पर स्थित हैं। फिल्म निर्माण के लिए भी योजना अच्छी साबित हो सकती है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। पर्यटन विभाग ऐसे गांवों को स्थानीय लोगों के साथ ही निवेशकों की मदद से विकसित करेगा।

इटली के गांवों को देख कर बनाई योजना
उत्तराखंड पर्यटन विभाग को यह विचार विदेशों में इस तरह की पहल को देखकर आया है। इटली में कई पुराने खाली हो चुके गांवों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। जहां प्रतिवर्ष विश्वभर से बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने जाते हैं। इसी तर्ज पर पर्यटन विभाग ने प्रदेश के ऐसे कुछ गांवों को चिह्नित करना शुरू किया है। उत्तरकाशी की नेलांग घाटी के जादूंग गांव और गर्तातोली की सीढ़ियों को इसी तर्ज पर विकसित किया गया है। यह गांव 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद खाली करा दिए गए थे।
वहीं, नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने बताया कि पलायन रोकने को होम स्टे योजना काफी कारगर है। खाली हो चुके कई गांव बहुत अच्छी लोकेशन्स और इलाकों में स्थित हैं। इन्हें सही तरीके से विकसित किया जाए तो यह राज्य की आर्थिकी के साथ स्वरोजगार का सबसे अच्छा माध्यम बन सकते हैं। इस तरह लोग उत्तराखंड की कला संस्कृति से भी जुड़ पाएंगे।

सीएम धामी की घोषणा का शासनादेश जारी

युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के अन्तर्गत युवक मंगल दल एवं महिला मंगल दल को स्वावलम्बन के लिए छः माह आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के अन्तर्गत युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों को स्वावलम्बन के लिए 22 करोड़ 24 लाख 50 हजार रूपये की स्वीकृति का शासनादेश जारी कर दिया गया है। इस राशि से प्रदेश के युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों को छः माह आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों के सराहनीय कार्य को देखते हुए छः माह आर्थिक सहायता की घोषणा की थी।