साल के 365 दिनों में होना चाहिए कन्या पूजन

भाजपा महिला मोर्चा द्वारा उत्तराखंड के संगठनात्मक 14 जिलों के 252 मंडलों में भव्य कन्या पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में ऋषिकेश मंडल में महिला मोर्चा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं द्वारा आवास विकास क्षेत्र में कन्या पूजा कार्यक्रम के दौरान मेहंदी प्रतियोगिता सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए।
ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ऋषिकेश मंडल में आवास विकास स्थित मंडल उपाध्यक्ष भावना भट्ट के आवास पर आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम के दौरान विधिवत रूप से शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष उषा जोशी ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य भाजपा सरकार द्वारा संचालित योजना एवं कार्यों को अधिक से अधिक सक्रिय होकर जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन करके बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को और अधिक शक्तिशाली बनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष के प्रतिनिधि के तौर पर उपस्थित सहायक जनसंपर्क अधिकारी कौशल बिजलवान ने कहा कि कन्या पूजन के माध्यम से पूरे भारतवर्ष को यह विश्वास दिलाया जा रहा है कि सिर्फ 9 दिन ही कन्याओं का सम्मान नहीं करना चाहिए। अपितु देवी स्वरूप कन्या का 365 दिन सम्मान होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान छोटी-छोटी कन्याओं का पूजन किया गया एवं मेहंदी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर माधवी गुप्ता, सिमरन गाबा, पुष्पा नेगी, भावना किशोर गौड़, कंचन बंसल, शमिष्टा पटेल, पूर्णिमा तायल, उषा अरोड़ा, मेघा शर्मा, शारदा शर्मा, मण्डल उपाध्यक्ष अंकित पाण्डेय, सुमित सेठी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

हरक को जिम्मेदारी, एक तीर से दो निशाने साधने की रणनीति

शनिवार को कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ ने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। उनके दिल्ली दौरे के बाद उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। इस मुलाकात में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी भी मौजूद रहे।
आज इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे है। यह चर्चा भी हो रही है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व हरक सिंह को अहम जिम्मेदारी सौंप सकता है और इसीलिए शनिवार को उन्हें विधायक उमेश शर्मा काऊ के साथ दिल्ली बुलाया गया है। वहीं चर्चाएं ये भी हैं कि हरक सिंह रावत ने दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर विधायक काऊ को मंत्री बनाए जाने की पैरवी की है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि नड्डा और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी से शिष्टाचार भेंट थी। पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे के कांग्रेस में जाने के बाद बदली राजनीतिक परिस्थितियों पर राष्ट्रीय अध्यक्ष से बातचीत हुई। रावत के मुताबिक, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल की एक-एक सीट पर चर्चा हुई और अगले दो महीनों के दौरान पार्टी की क्या रणनीति हो सकती है, इस पर विचार हुआ। भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष या चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी देने की संभावना से उन्होंने इंकार किया है।

सूत्र-ये सिर्फ एक मुलाकात नही
जब से हरक सिंह रावत ने राज्य की 40 विधानसभा क्षेत्रों में प्रभाव होने और अगला चुनाव नही लड़ने की बात कही है। तब से भाजपा हाईकमान गंभीर हो गया है। सूत्रों की मानें तो भाजपा शीर्ष नेतृत्व धामी की राह आसान बनाना चाहता है। इस लिए चुनाव में आक्रामक भमिका निभाने वाला नेता की तलाश हो रही है। जब से कांग्रेस से आए नेताओं की घर वापसी शुरु हुई है तो भाजपा हाईकमान सतर्क हो गया है और उसे हरक सिंह रावत के रुप में एक दमदार नेता दिखने लगा है। बरहाल भाजपा और हरक सिंह एक दूसरे की मजबूरी भी है। एक ओर हरीश रावत अपनी वीटो लगाकर बागी नेताओं की घर वापसी रोकना चाहते है वहीं, हरक भी राष्ट्रीय राजनीति में जाना चाहते है।
अब भाजपा हाईकमान को हरक सिंह के रुप में कांग्रेस से आए नेताओं को रोकने में सक्षम चेहरा नजर आ रहा है तो वहीं, हरीश रावत की काठ के रुप में भी दमदार चेहरा नजर आ रहा है। भाजपा हाईकमान फिर से एक बार चौकंाने वाला फैसला लेकर हरक सिंह को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकता है।

छात्र जीवन में तो कई बार लेकिन आज मुख्यसेवक बनकर आया हुं अयोध्या-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को अयोध्या पहुंचकर रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन कर उत्तराखण्ड राज्य की खुशहाली की प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर निर्माण कार्य का अवलोकन किया और साधू संतों का आशीर्वाद भी लिया। राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने के बाद पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अयोध्या 2 दिन के दौरे पर हैं। अपराह्न लगभग 3 बजे मुख्यमंत्री अयोध्या के नाका एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उन्हें उत्तरप्रदेश पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद वह नया घाट स्थित यात्री निवास सरयू होटल पहुंचकर उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। शाम को 4ः30 बजे नया घाट से चलकर हनुमानगढ़ी राम जन्मभूमि तक जाने वाली राम बारात में शामिल होते हुए पुष्कर सिंह धामी हनुमानगढ़ी पहुंचे। हनुमानगढ़ी में उन्होंने विधिविधान के साथ दर्शन पूजन किया। हनुमानगढ़ी पीठ के महंत राजूदास की अगुवाई में पूजन कार्यक्रम संपन्न किया गया। इसके बाद वह सीधे रामलला के दरबार में पहुंचे। उन्होंने पहले रामजन्म भूमि में रामलला की पूजा अर्चना की और फिर उस स्थान को देखने गए जहां रामलला का भव्य और दिव्य राम मंदिर निर्माण हो रहा है। इससे पहले यात्री निवास में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने उच्च शिक्षा लखनऊ से ग्रहण की है। छात्र जीवन में कई बार उनका अयोध्या आना हुआ, लेकिन उत्तराखण्ड के मुख्यसेवक के रूप में पहली बार उन्हें अयोध्या आने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड महादेव की भूमि है और उत्तर प्रदेश भगवान श्रीराम की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत देश तेजी से विकास कर रहा है और दुनिया में हमारे देश का मान सम्मान बढ़ा है। उनके दिशा निर्देशन में उत्तर प्रदेश की तरह उत्तराखण्ड में भी विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। कर्णप्रयाग ऋषिकेश रेलवे लाइन, चारधाम ऑल वेदर, केदारनाथ पुनर्निर्माण, बदरीनाथ सौंदर्यीकरण महायोजना समेत तमाम परियोजनाओं को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा जा रहा है। इस दौरान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल भी मौजूद रहे।

रविवार को धर्मशाला के भूमि पूजन में शामिल होंगे धामी
रविवार की सुबह 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री दिल्ली सेवा धाम ट्रस्ट की धर्मशाला के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान यज्ञ में बैठ कर वह आहुति देंगे। मुख्यमंत्री ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मणिराम छावनी में मुलाकात करेंगे। इसके बाद सुबह 11ः30 बजे वह अयोध्या के नाका एयरपोर्ट से देहरादून रवाना होंगे।

द हंस फाउण्डेशन का उत्तराखंड को मिल रहा सहयोग-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोहकमपुर देहरादून में द हंस फाउण्डेशन डायलिसिस केन्द्र का लोकार्पण किया। माता मंगला जी के जन्मोत्सव के अवसर पर हंस फाउण्डेशन के संस्थापक श्री भोले जी महाराज और माता मंगला जी ने प्रदेश को 14 डायलिसिस केन्द्रों एवं 13 सचल चिकित्सालयों की सौगात दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माता मंगला जी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि माता मंगला और भोले महाराज ने अपना पूरा जीवन परमार्थ के लिए लिए समर्पित किया है। उनके लिए नर सेवा ही नारायण सेवा है। उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण देश में उनके द्वारा जन सेवा के लिए अनेक कार्य किये जा रहे हैं। माता मंगला जी के जन्मोत्सव के अवसर पर हंस फाउण्डेशन द्वारा उत्तराखण्ड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी गई है। इसके लिए उन्होंने भोले महाराज एवं माता मंगला का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के दौरान माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी ने हंस फाउण्डेशन के माध्यम से अनेक सेवा के कार्य किये। स्वास्थ्य सुविधाओं एवं खाद्यान्न वितरण कर जन सेवा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने माता मंगला जी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज एवं माता मंगला ने उत्तराखण्ड के लिए समय-समय पर अनेक सौगात दी हैं। आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने डायलिसिस केन्द्रों एवं सचल चिकित्सालयों की बड़ी सौगात दी है। 12 दूरस्थ डिग्री कॉलेजों के लिए भी उन्होंने एक लाख किताबें दी हैं।
माता मंगला जी ने कहा, मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मुझे जितना भी समय मिले, मैं जन सेवा कर सकूं। जन समस्याओं के समाधान के लिए हम सभी को प्रयास करने होंगे। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक-एक आदमी की मदद भी करता है तो यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि होगी। जिन बच्चों की आज हम सेवा कर रहे हैं, कल वे अपने पैरो पर खड़े होंगे। यह आत्म सन्तुष्टि का भाव है।
इस अवसर पर हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, हंस फाउण्डेशन के पदाधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।

सबके विकास से ही प्रदेश का समग्र विकास संभव-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में उत्तराखण्ड जन विकास समिति के ‘‘पहल 2021’’ अधिवेशन का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड जन विकास समिति द्वारा राज्य में अनेक पहल की जा रही है, यह सराहनीय प्रयास है। समितियों एवं संस्थाओं के माध्यम से अनेक कार्य किये जा सकते हैं। समिति द्वारा समूह में कार्य करने वाले अनेक लोगों को अपने साथ जोड़ा है, यह एक अच्छा प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश के समग्र विकास के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए कार्य किये जा रहे हैं। अंतिम पंक्ति पर खड़े लोगों तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाने के प्रयास किये जा रहे हैं। सबके विकास से ही प्रदेश का समग्र विकास संभव है। कोविड के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अनेक लोगों को कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ा। विभिन्न क्षत्रों में प्रभावित होने वाले लोगों को राज्य सरकार द्वारा राहत पैकेज दिये गये हैं। स्वास्थ्य, पर्यटन एवं परिवहन और स्वयं सहायता समूहों के लिए आर्थिक पैकेज दिये गये हैं। कोरोना काल में फ्रन्टलाईन वर्कर को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड को 2025 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य दिया है। इस दिशा में राज्य सरकार तेजी से प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वैश्विक स्तर पर अलग पहचान मिली है। केन्द्र सरकार से उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में मदद मिल रही है। सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ी है।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड जन विकास समिति के अध्यक्ष संजय उनियाल, दिग्विजय सिंह भण्डारी, जगदीश भट्ट, तारादत्त शर्मा, गिर्राज किशोर पांडेय एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

संजय झील से पर्यटन की अपार संभावनाएं, युवाओं को मिलेगा रोजगार-अग्रवाल

हरिद्वार मार्ग पर काले की ढाल के समीप प्रस्तावित संजय झील के सौंदर्यीकरण को लेकर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान अग्रवाल ने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वन क्षेत्र से सटे संपर्क मार्गों का कैंपा योजना के माध्यम से निर्माण किए जाने के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
शनिवार को बैराज स्थित विधानसभा अध्यक्ष के कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में अग्रवाल ने अधिकारियों से संजय झील के सौंदर्यीकरण एवं विस्तारीकरण के संबंध में बनाई गई कार्ययोजना के संबंध में प्रगति आख्या ली।इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों पर नाराजगी भी व्यक्त करते हुए कहा कि संजय झील के सौंदर्यीकरण के संबंध में पहले भी अधिकारियों को इस पर शीघ्रता से कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया था।
इस अवसर पर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी ने विधानसभा अध्यक्ष को बताया कि उनके द्वारा संजय झील का निरीक्षण किया गया है साथ ही कई कार्य मौके पर प्रारंभ कर दिए गए हैं। उन्होंने अवगत किया कि संजय झील में प्रारंभिक कार्यों हेतु राज्य सेक्टर योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपए की धनराशि प्रभाग को प्राप्त हो गई है जिससे झील के आसपास उगी खरपतवार को साफ किया जा चुका है ट्रेल का निर्माण कार्य, प्रवेश गेट का निर्माण, फेंसिंग कार्य प्रारंभ कराए जा रहे हैं।वर्तमान समय में संजय झील में वर्ड वाचिंग के कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए जा चुके हैं।
इस अवसर पर डीएफओ राजीव धीमान ने विधानसभा अध्यक्ष को अवगत किया कि संजय झील के सौंदर्यीकरण कार्य हेतु तकनीकी विशेषज्ञता को देखते हुए विस्तृत प्राकल्लन/आगणन तथा कार्ययोजना तैयार करने हेतु विशेषज्ञों की सेवाएं ली जानी प्रस्तावित है जिस पर 10 लाख रुपए की धनराशि का व्यय भी प्रस्तावित है। डीएफओ ने बताया कि 5 लाख रुपये की धनराशि प्रभाग को प्राप्त हो चुकी है इस धनराशि से संजय झील के सौंदर्यीकरण कार्य के लिए डीपीआर तैयार करने की कार्यवाही गतिमान है शीघ्र ही डीपीआर तैयार कर इसका प्रस्तुतिकरण किया जाना है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संजय झील प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है व शहर के बीच में इस प्रकार के स्थान को विकसित करने से तीर्थाटन एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही अध्यात्म के साथ-साथ पर्यटक भी इस स्थान का लुफ्त उठा सकेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शीघ्र ही संजय झील के सौंदर्यकरण का कार्य प्रारंभ किया जाए जिससे लंबित इस योजना का लाभ स्थानीय लोगों को मिल सके। इस दौरान अग्रवाल ने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वन क्षेत्र से सटे संपर्क मार्गों का कैंपा योजना के माध्यम से निर्माण किए जाने के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। अग्रवाल ने कहा कि वन क्षेत्र से सटे इन सभी संपर्क मार्गों का पक्का निर्माण करना अति आवश्यक है, क्योंकि संपर्क मार्ग पक्के ना होने के कारण स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में वन विभाग के प्रमुख मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी, राजाजी नेशनल पार्क के निदेशक डीके सिंह, डीएफओ राजीव धीमान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

ई-रिक्शाओं संचालकों पर परमिट के आधार पर संचालन नही करने का आरोप

विक्रम युनियन कार्यालय ऋषिकेश में समस्त विक्रम, टैक्सी, थ्रीविलर की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। जिसमें नगर में संचालित हो रहे ई-रिक्शाओं से लग रहे जाम से निजात दिलाने के लिए देहरादून की तरह ऋषिकेश में भी संचालित करने की मांग की गई। बैठक की अध्यक्षता विक्रम टैम्पो महासंघ उत्तराखंड के अध्यक्ष मंहत विनय सारस्वत ने की।
बैठक में तय किया गया कि 21 अक्टूबर को नेपाली फार्म, छिदरवाला, डोईवाला, ऋषिकेश, मुनिकीरेती, लक्ष्मण झूला क्षेत्र से सम्बंधित विक्रम एवं आटो वाहन अपने वाहनों का चक्का जाम कर ऋषिकेश आरटीओ कार्यालय पर प्रर्दशन कर ज्ञापन सौंपेंगे।
बैठक मे सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वर्तमान मे ई रिक्शाओ को परमिट फ्री करने के कारण क्षैत्र मे इनकी संख्या अनियंत्रित हो गयी है, जिसके चलते हुए नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति बनी हुयी है। विनय सारस्वत ने कहा कि ई रिक्शा के पंजीकरण पर रोक लगाने के साथ ही पूर्व मे इनके परमिटो पर दिये गये ग्रामीण क्षैत्रो मे ई-रिक्शाओ का संचालन देहरादून की भांति किये जाने की मांग की जायेगी।
बैठक मे विजयपाल सिंह रावत अध्यक्ष टैक्सी युनियन, त्रिलोक भंण्डारी अध्यक्ष लक्ष्मण झूला युनियन, सुनील शर्मा अध्यक्ष मुनिकिरेती, वीरेंद्र सिंह सजवाण उपाध्यक्ष, हरिमोहन कोषाध्यक्ष, पंकज वर्मा महासचिव, जगवाणी पूर्व अध्यक्ष रामझूला, राजेन्द्र लाम्बा अध्यक्ष थ्रीविलर ऋषिकेश, प्रवीण नौटियाल, बचन गुप्ता आदि मौजूद रहे।

टेली हेल्थ कंसल्टेशन से स्वास्थ्य सुविधाओं को बनाया जायेगा और बेहतर

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश के सोशल आउटरीच सेल एवं आईआईटी रुड़की के संयुक्त तत्वावधान में उड़ान एक आउटरीच “टेली हेल्थ कंसल्टेशन” बनाया गया है, जिसे शनिवार को लांच किया गया। बताया गया ​कि इसका उद्देश्य सुदूर क्षेत्रों में जरुरतमंद लोगों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। गौरतलब है कि अभी कोविड-19 महामारी पूर्णरूप से खत्म नहीं हुई है, लिहाजा कोविड महामारी को ध्यान में रखते हुए निकट भविष्य में आने वाली स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के दृष्टिगत एम्स की ओर से इस ऐप को तैयार किया गया है,जिसके माध्यम से अति दुर्गम स्थानों के लोग एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञों से ​चिकित्सकीय परामर्श ले सकेंगे। इस ऐप की खाशियत यह है कि जिन सुदूरवर्ती क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा नहीं हो, ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी इस ऐप के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधा व चिकित्सकीय परामर्श ले सकते हैं।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर अजीत चतुर्वेदी व एम्स ऋषिकेश के संकायाध्यक्ष (शैक्षणिक) प्रो. मनोज गुप्ता ने उड़ान मॉडल का संयुक्तरूप से वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य की चिंता एवं उसके निराकरण के लिए एम्स ऋषिकेश और आईआईटी रुड़की का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि बहुत जल्दी ही वह विशेषज्ञों के साथ इस विषय पर विस्तृत चर्चा करेंगे। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर अजीत चतुर्वेदी ने कहा कि स्वास्थ्य लाभ को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए तैयार उड़ान मॉडल आईआईटी रुड़की और एम्स ऋषिकेश की पहल सराहनीय है। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कोने-कोने तक जनमानस को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है और इसके लिए आईआईटी हर कदम पर एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों के साथ है।
एम्स के संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने कहा कि टेलीमेडिसिन ने स्वास्थ्य जगत में अनोखा आयाम प्रस्तुत किया है, उन्होंने उम्मीद जताई कि एम्स ऋषिकेश के सोशल आउटरीच सेल एवं आईआईटी रुड़की के संयुक्त तत्वावधान द्वारा तैयार किया गया यह मॉडल उत्तराखंड के दूरस्थ इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य को लेकर एक नया मोड़ लाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सोशल आउटरीच सेल उत्तराखंड के सुदूर क्षेत्रों में अब तक एक लाख से अधिक मरीजों के स्वास्थ्य की देखभाल करने के अलावा सैकड़ों स्वास्थ्य शिविर, जनजागरुक एवं अन्य सामाजिक विषयों पर शिविर आयोजित कर चुका है।
एम्स के सोशल आउटरीच सेल के नोडल ऑफिसर डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि कोविड-19 की दूसरी लहर के अनुभवों से यह ऐप बनने की प्रेरणा मिली है, अपने अनुभव साझा करते हुए डा. संतोष ने बताया कि जब उन्होंने देखा कि सुदूरवर्ती व दुर्गम क्षेत्रों में संपर्क साधना बहुत ही मुश्किल हो रहा है, जिससे कि ग्रामीणों को स्वास्थ के संबंध में समय पर उचित चिकित्सकीय परामर्श नहीं मिल पा रहा है, तो इसी के मद्देनजर इस मॉडल को तैयार करने का विचार आया है। उन्होंने बताया कि उड़ान मॉडल द्वारा हम ऐसे क्षेत्रों में पहुंच पाएंगे, जहां इंटरनेट नहीं है, यह ऐप 5 चरणों में कार्य करेगा। जिसमें सर्वाधिक बीमारी वाले गांवों को चिह्नित करके संस्थान के द्वारा उक्त गांवों में बीमारियों से बचाव के लिए ठोस रूपरेखा तैयार की जाएगी। उद्घाटन कार्यक्रम में संस्थान के डीएचए प्रोफेसर यूपी मिश्रा, सीएफएम विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वर्तिका सक्सेना, प्रोफेसर ब्रिजेंद्र सिंह, डा. मोहित ढींगरा, प्रो. डी. के. त्रिपाठी, डॉ. कुमार सतीश रवि, डॉ. योगेश के अलावा रजिस्ट्रार राजीव चौधरी, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शशिकांत, वरिष्ठ पुस्तकालयाध्यक्ष संदीप सिंह, विधि अधिकारी प्रदीप पांडेय आदि मौजूद थे।

नगर निगम ऋषिकेश सीएम के आदेश को ही नही मान रहा-रमोला

नगर निगम ऋषिकेश की टीम चन्द्रभागा पुल के नीचे बनी झोपड़ियों को बिना नोटिस के तोड़ने पहुंची। टीम के साथ जेसीबी मशीन व भारी पुलिस बल मौजूद रहा। जिसका एआईसीसी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने विरोध किया, मौके पर विरोध बढ़ता देख नगर निगम की टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
कांग्रेस नेता जयेन्द्र रमोला ने आरोप लगाया कि बार-बार नगर निगम प्रभावशाली व्यक्तियों के प्रभाव में आकर गरीब लोगों को उजाड़ने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम गुप चुप तरीक़े से कुछ लोगों के घरों को तोड़ने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने टीम से इस बाबत सवाल जवाब किये और अतिक्रमण के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान का आदेश दिखाने को कहा। जिस पर टीम के सदस्य बगले झांकते नजर आये। उन्होंने कहा कि एक तरफ़ मुख्यमंत्री बयान देते हैं कि 2024 किसी भी गरीब को नहीं उजाड़ा जायेगा। वहीं दूसरी ओर नगर निगम में भाजपा के ही सत्तारुढ नेता अपने ही सीएम की धज्जियां उड़ाते है। रमोला ने कहा कि अगर निगम प्रशासन या कोई और विभाग बिना आदेश के इस तरह ग़रीबों को उजाड़ने का काम करेगा तो हम उसका विरोध करेंगे। मौक़े पर विरोध बढ़ता देख निगम निगम की टीम व पुलिस बल वापस चला गया।

प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मामले अब 179

प्रदेशभर में बीते 24 घंटे में 10 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। जबकि पांच मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर अब 179 पहुंच गई है। जबकि गुरुवार को प्रदेश में 175 सक्रिय मरीज थे। 
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार को 11709 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। आठ जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, टिहरी ,ऊधमसिंह नगर और उत्तरकाशी में एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वहीं, चमोली व रुद्रप्रयाग में एक-एक, चंपावत में दो, देहरादून और पौड़ी में तीन-तीन संक्रमित मिले हैं। प्रदेश की रिकवरी दर 96.01 प्रतिशत और संक्रमण दर 0.09 प्रतिशत दर्ज की गई है।