धामी सरकार अपने वायदे के लिए कर रही मेहनत, आज कैबिनेट के फैसले जानिए

धामी सरकार ने उपनल कर्मचारियों, आशा कार्यकत्रियों और ग्राम प्रधानों को दिपावली का तोहफा दिया है। उपनल कर्मचारियों के मानदेय को लेकर दो फार्मूले बनाए गए हैं। दस साल से ज्यादा समय से काम कर रहे कर्मचारियों के तीन हजार तो अन्य के दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया गया। वहीं, आशा कार्यकत्रियों को अब अनिवार्य रूप से 6500 तो ग्राम प्रधानों को 3500 रुपये मानदेय मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। कैबिनेट मंत्री व सरकारी प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि कुल 29 प्रस्तावों में 26 पर मुहर लगी। उपनल कर्मचारियों के मानदेय बढ़ाने को लेकर गठित कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिश के बाद सरकार ने मानदेय बढ़ाने की सिफारिश की है। इसके साथ ही अब भविष्य में हर साल उपनल कर्मचारियों का मानदेय नियमित रूप से भी बढ़ेगा। इसके लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनियाल ने बताया कि आशा कार्यकत्रियों को अभी तक अधिकतम प्रतिमाह 4500 रुपये मानदेय मिलता है। अब इन्हें 6000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसमें 1000 रुपये मानदेय व पांच सौ रुपये प्रोत्साहन राशि होगी। वहीं, ग्राम प्रधानों को अभी तक 1500 रुपये मानदेय मिल रहा था, जिसे सरकार ने 3500 रुपये प्रतिमाह कर दिया है।

छात्र-छात्राओं को मिलेंगे टेबलेट
कैबिनेट में माध्यमिक शिक्षा में 10 वीं व 12 वीं के साथ ही सभी सरकारी डिग्री कालेजों के छात्र-छात्राओं को मुफ्त टेबलेट देने की मंजूरी कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने पिछले दिनों सदन में यह ऐलान भी किया था। इससे लगभग ढ़ाई लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।

500 ग्राम सभाओं को मिलेगा पंचायत भवन
प्रदेश के सभी ग्राम सभाओं के अब अपने पंचायत भवन होंगे। सरकार ने ऐसे सभी गांवों में पंचायत भवन बनाने का निर्णय लिया है, जिनमें अभी तक ये नहीं है। पहले चरण में इसके लिए 500 ग्राम सभाएं चिन्हित की गई हैं। इनके निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये रिलीज करने की मंजूरी भी दे दी है।

प्रमुख फैसले
-एक जनपद दो उत्पाद योजना को मंजूरी
-औद्योगिक विकास (खनन) विभाग में भूतत्व खनिकर्म इकाई का ढांचा संशोधित
-आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व परिचालन केंद्र के ढांचा पुनगर्ठित
– सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं के भाड़े का मिलेगा भुगतान
– सोमेश्वर अस्पताल 100 बेड में उच्चीकृत होगा
– विधायक निधि से प्रशासनिक मद में अब फीसदी कटेगा
– धान की खरीद नीति तय, कॉमन धान का मूल्य 1940 और ग्रेड ए का मूल्य 1960 रुपये तय
– राज्य में 500 पंचायत भवनों को बनाने के लिए 20 करोड़ की मंजूरी
– माध्यमिक के 10 वीं 12 वीं और डिग्री कालेजों के छात्र-छात्राओं में मिलेंगे टेबलेट
-न्यायालयों में आशुलिपिक, स्टेनोग्राफर और वैयक्तिक सहायक के पद आउटसोर्स से भरने की मंजूरी
– स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य पर्यवेक्षक नियमावली की स्वीकृति
– दून मेडिकल कॉलेज की बर्न यूनिट के लिए 35 अस्थायी पदों की मंजूरी
– गलवानिया इस्पात उद्योग काशीपुर का 1 करोड़ 13 लाख का बिजली विलंब शुल्क माफ
– सचिवालय, विधानसभा में कार्यरत जीएमवीएन के नौ कर्मचारियों का संविलयन
– हल्द्वानी एवं दून राजकीय मेडिकल कॉलेज में बॉड भरने पर छात्रों की फीस कम करने पर सैद्धांतिक सहमति

सस्ती पढ़ाई के लिए शर्त रखकर सरकार डॉक्टरों की कमी करेगी पूरा

उत्तराखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र छात्राओं को धामी सरकार बड़ी राहत देने जा रही है। धामी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में बांड प्रक्रिया को एक बार फिर शुरू करें। इसके तहत तमाम बच्चे बांड के तहत प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं वह बांड भरकर कम फीस में पढ़ाई कर सकते हैं। लेकिन जो बांड नहीं भरना चाहते उनके लिए पुरानी व्यवस्था ही जारी रहेगी यानी उन्हें महंगी फीस ही देनी होगी।
आपको बता दें खंडूरी सरकार के द्वारा यह फैसला लिया गया था कि प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई बांड भरकर कराई जाएगी जिसके तहत डॉक्टरों को पढ़ाई के बाद पहाड़ी इलाकों में अपनी सेवाएं देनी होगी। लेकिन मेडिकल कॉलेजों में ज्यादातर पढ़ाई करने वाले छात्र छात्राओं ने बांड को तोड़ डाला और सरकार को इससे काफी नुकसान हुआ, इसके बाद देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया था।
लेकिन हाल में देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में बच्चों द्वारा लगातार नाराजगी जताते हुए फीस कम करने की मांग की गई थी जिसको लेकर आज कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग को अलग से इसको लेकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद अब हल्द्वानी और देहरादून मेडिकल कॉलेजों में बांड के तहत सस्ती मेडिकल की पढ़ाई भी हो सकेगी। इसके साथ ही राज्य में डॉक्टरों की कमी भी पूरी हो सकेगी।

पर्यटन को बढ़ावा दे रही सरकार, सीएम ने किया मिनी झील का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को निरंजनपुर देहरादून में विश्व स्तरीय मिनी झील का शिलान्यास किया एवं झील के सौंदर्यीकरण एवं भव्य निर्माण हेतु सरकार द्वारा हर संभव मदद की घोषणा की।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज सरकार ने कैबिनेट बैठक के दौरान लंबे समय से चली आ रही आशा कार्यकत्रियों की मांग को पूरा करते हुए उनके मानदेय के अन्तर्गत रूपये 1000 और प्रोत्साहन राशि के रूप में रूपये 500 बढ़ा दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी गल्ला विक्रेताओं का लंबित पड़ा भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपनल से सम्बन्धित कार्मिकों के मानदेय में 10 वर्ष से कम के कार्मिकों को रूपये 2000 प्रतिमाह और 10 वर्ष से ऊपर कार्मिकों को रूपये 3000 प्रतिमाह मानदेय के रूप में वृद्धि की जायेगी। उन्होंने कहा मुख्य सेवक के रूप में 101 दिन में करीब 330 से ज्यादा फैसले ले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कोरोना काल में पर्यटन से जुड़े होटल कारोबारियों, टैक्सी चालकों जैसे अनेक प्रभावित लोगों के लिए सरकार द्वारा 200 करोड़ का राहत पैकेज घोषित किया गया। उन्होंने कहा हमारी सरकार युवाओं को रोजगार देने पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा विभिन्न विभागों में रिक्त चल रहे 24000 पदों पर भर्ती एवं युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रत्येक जिले में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ऋण वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा मलिन बस्तियों को आने वाले 3 साल में मालिकाना हक मिले इस पर सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा हमारी सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक मदद पहुंचाने का कार्य कर रही है। साथ ही जनता की सेवा में समर्पित है। उन्होंने कहा जनता की मांग को देखते हुए सरकार आगे भी कई फैसले लेगी।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। साथ ही विश्व में शक्तिशाली भारत, आत्मनिर्भर भारत के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा हम आने वाले समय में उत्तराखंड को देश का नंबर वन राज्य बनाएंगे साथ ही उत्तराखंड को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी बनाने पर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा उत्तराखंड का विकास हम सभी के सामूहिक विकास से संभव है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक हरबंस कपूर, मेयर सुनील उनियाल गामा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने वायदा निभाया, 33297 आंगनवाड़ी कर्मियों को दी प्रोत्साहन राशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से आंगनवाड़ी कर्मियों को प्रदान की जा रही प्रोत्साहन राशि का डीबीटी के माध्यम से शुभारम्भ किया। इससे 33297 आंगनवाड़ी कर्मियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेजी गई। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में 33297 आंगनवाड़ी कर्मियों को कुल 40 करोड़ रूपये की धनराशि दी जा रही है।
मुख्यमंत्री घोषणा के अनुसार 33297 आगनवाड़ी कर्मियों द्वारा समर्पित भाव में किये गए कर्तव्य पालन के लिए की गयी प्रोत्साहन राशि 1 हजार रूपये प्रति कर्मी, रक्षाबंधन के अवसर पर दी जाने वाली 1 हजार रूपये प्रति कर्मी डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री की घोषणा 5 माह तक 2 हजार रूपये प्रति कर्मी की प्रोत्साहन राशि के क्रम में सितम्बर की प्रोत्साहन राशि 2 हजार रूपए प्रति आंगनबाङी कर्मी को ट्रांसफर की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोविड-19 के दौरान आंगनवाड़ी की बहनों ने जान जोखिम में डालकर कार्य किया। कोविड के दौरान सराहनीय कार्यों के लिए उन्हें पारितोषिक दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के हितों के लिए बड़ा निर्णय लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 दिन पूर्व मुझे प्रदेश के मुख्य सेवक की जिम्मेदारी मिली। इन 100 दिनों में 300 से अधिक महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। अन्तिम पंक्ति के लोगों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे इसके लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जायेंगे।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी बहनों के साथ किया वायदा निभाया है। आज डीबीटी के माध्यम से आंगनवाड़ी बहनों के खाते में धनराशि भेजी जा रही है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक कार्य किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास हरि चन्द्र सेमवाल, उप निदेशक डॉ एस के सिंह, राज्य परियोजना अधिकारी डॉ अखिलेश कुमार मिश्र, इंडसइंड बैंक के स्टेट हेड संदीप सेमवाल उपस्थित थे।

कला, साहित्य एवं संस्कृति मानव जीवन के अभिन्न अंग-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज स्नेहिल संस्था द्वारा आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव राष्ट्रीय कला यात्रा के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्नेहिल स्मारिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत स्नेहिल संस्था द्वारा शहीदों एवं क्रांतिकारियों का कला एवं साहित्यिक गतिविधियों द्वारा स्मरण किया जा रहा है, यह एक सराहनीय प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कला, साहित्य एवं संस्कृति मानव जीवन के अभिन्न अंग हैं। हमारे क्रान्तिकारियों, बलिदानियों एवं देश की आजादी के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वालों की याद में देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के इन सपूतों के कृत्यों और गाथाओं की जानकारी युवा पीढ़ी को होना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत शक्तिशाली, वैभवशाली और आत्मनिर्भर बन रहा है। प्रधानमंत्री जी ने वैश्विक पटल पर भारत को एक अलग पहचान दिलाई है। देश में हर वर्ग को ध्यान में रखकर केन्द्र सरकार द्वारा जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। देश तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 जुलाई को उत्तराखण्ड का मुख्य सेवक बनने के बाद से मेरा प्रयास रहा है कि हमारे आन्दोलनकारियों एवं शहीदों के सपनों के अनुरूप प्रदेश का विकास हो। इन 100 दिनों में प्रत्येक क्षण का सदुपयोग कर प्रदेशवासियों की सेवा करने के लिए हर संभव प्रयास किये हैं। समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया है। समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर एवं जन भावनाओं के हिसाब से राज्य सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य का विकास मेरी अकेली यात्रा नहीं है, यह सामूहिक यात्रा है जिसमें सभी की सहभागिता जरूरी है। सरकार जनता के साथ साझीदार के रूप में कार्य कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानन्द, महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चन्द्र बोस, खुदीराम बोस, सरदार पटेल, रानी लक्ष्मीबाई, सावित्री बाई फुले, कनकलता बरुआ जैसे अनेक आंदोलनकारियों एवं क्रांतिकारियों की पेंटिंग का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, भाजपा नेता बलजीत सोनी, स्नेहिल संस्था के संरक्षक डॉ. आर.बी. सिंह, चौधरी अवधेश कुमार, स्नेहिल संस्था की अध्यक्ष डॉ. ममता सिंह, शशि, डॉ राशि झा, डॉ रामवीर सिंह, मंजुला सिंह, डॉ चेतना पोखरियाल, डॉ अलका मोहन शर्मा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम पहुंचे श्हीद विपिन सिंह गुसाईं के घर, दी श्रद्धाजंली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सियाचिन में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए शहीद हुए ग्राम धारकोट, पौड़ी निवासी, 57 बंगाल इंजीनियरिंग के जवान विपिन सिंह गुसाईं के घर पर जाकर उनकी देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति व शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा की शहीद के परिजनों को राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि शहीद के गांव जाने वाला मोटर मार्ग धारकोट-इठूड का नाम तथा राजकीय इंटर कॉलेज चम्पेश्वर का नाम शहीद विपिन सिंह गुसाईं के नाम पर की जाएगी।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिलाधिकारी पौड़ी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने शहीद जवान विपिन सिंह को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

राज्यभर के मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में पहुंचेंगे एम्स ट्रामा के विशेषज्ञ

उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान होने वाली मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से एम्स ऋषिकेश द्वारा ट्रॉमा रथ को रवाना किया गया। यह रथ सप्ताहभर तक राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में जाकर हेल्थ केयर वर्करों को आघात चिकित्सा के प्रति जागरुक कर दुर्घटनाओं में घायल लोगों के उपचार को लेकर उन्हें प्रक्षिक्षित भी करेगा।
विषम भौगोलिक परिस्थिति वाले पहाड़ी राज्य में आपदाओं के अलावा सड़क दुर्घटनाएं साल दर सल बढ़ रही हैं। इन सड़क दुर्घनाओं में प्रति वर्ष बड़ी संख्या में लोगों की जान चली जाती हैं। ट्रॉमा विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटना के दौरान घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए पहले 3 घंटे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आम लोगों सहित हेल्थ केयर वर्करों को दुर्घटना के दौरान घायल व्यक्ति की जान बचाने और समय रहते उपचार की गहन तकनीक का पर्याप्त अनुभव होना चाहिए। इन्हीं उद्देश्यों को लेकर एम्स ऋषिकेश ने सप्ताहभर का एक राज्यस्तरीय वृहद कार्यक्रम आयोजित किया है।
सप्ताहभर के इस राज्यस्तरीय अभियान के तहत एम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रोफेसर अश्वनी कुमार दलाल, ट्रॉमा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. कमर आजम और गायनी विभाग की हेड प्रोफेसर जया चतुर्वेदी ने संयुक्तरूप से हरी झंडी दिखाकर एम्स के ’ट्रॉमा रथ’ को रवाना किया। गौरतलब है कि 17 अक्टूबर को ’वर्ल्ड ट्रॉमा डे’ है। प्रत्येक वर्ष विश्वस्तर पर मनाए जाने वाले इस दिवस पर दुर्घटनाओं को रोकने और आघात चिकित्सा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है।
इस बाबत ट्रॉमा रथ के प्रभारी और एम्स के ट्रॉमा सर्जन डॉ. अजय कुमार एवं डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि यह कार्यक्रम एम्स ऋषिकेश और राज्य सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्तरूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस दौरान ट्रॉमा रथ में मौजूद ट्रॉमा विशेषज्ञ व चिकित्सक राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में पहुंचकर हेल्थ केयर वर्करों तथा मेडिकल स्टूडेंट्स को ट्रॉमा के प्रति जागरुक कर उन्हें आघात चिकित्सा का प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश की पहल पर इस विषय पर राज्यभर के मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा संस्थान एक ही मंच पर आए हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान होने वाली मृत्यु दर को कम करना है। ’डिस्बिलिटी एडजस्टेड लाइफ इयर’ (डेली) पर फोकस यह कार्यक्रम 17 अक्टूबर को वर्ल्ड ट्रॉमा डे पर समाप्त होगा।

सपा ने युवाओं को रोजगार देने की मांग की

समाजवादी पार्टी उत्तराखण्ड की ऋषिकेश इकाई द्वारा आज डॉ राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर राज्यपाल को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में राज्य में लगातार बढ़ रहे बेरोजगारों लेकर चिंता जताते हुए युवाओं को रोजगार देने की मांग की गयी। इसके साथ ही उत्तराखण्ड मे अन्य पिछड़ा वर्ग का 14 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने की भी मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश सचिव व प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट अतुल यादव, प्रदेश सचिव राजपाल यादव, नगर अध्यक्ष अशोक ग्रोवर शामिल रहे।

सांस्कृतिक टोलियों का भी संरक्षण करे सरकार-रमोला

प्रतीत नगर ग्रामसभा में स्थित प्राचीन बनखंडी महादेव मन्दिर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने गढ़वाल महासभा (गढ़ भूमि सांस्कृतिक विकास चेरिटेबल ट्रस्ट) सार्वजनिक एवं सांस्कृतिक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कीर्तन मंडली को दरी भेंट की। साथ ही आगे भी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर जयेन्द्र रमोला ने कहा कि हम सबको हमारी संस्कृति व धर्म से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिये और ऐसे कार्यक्रमों में हर संभव मदद के प्रयास करने चाहिये। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यों व कीर्तन से जुड़े लोगों के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को हमारी संस्कृति व धर्म के विषय में जानकारी मिलती रहती है। यह अच्छा प्रयास है कि समय समय पर यहां की समिति व कीर्तन मंडली के माध्यम आस पास के क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिलता है।
रमोला ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में भजन-कीर्तन तथा पौराणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से संबंधित मंडलियां होती हैं, जो रामलीला, कृष्णलीला, त्योहारों, उत्सवों, मेलों एवं सांस्कृतिक आयोजनों में स्वयं के संसाधनों से प्रस्तुति देती हैं। धीरे-धीरे ये मंडलियां विलुप्त होती जा रही हैं। इनके उत्साहवर्धन के लिए हमें इनकी मदद करती रहनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार हर पौराणिक मन्दिरों को चिन्हित करें और इन मन्दिरों का जीर्णाेधार कर इनको सुंदर व भव्य बनाने के साथ साथ कीर्तन मंडलियों की मदद के लिये भी प्रयास करें।
कार्यक्रम में मोहन कण्डवाल, सतीश रावत, रवीन्द्र बिजल्वाण, दर्शन नेगी, गीता देवी, लता, राजमती पंवार, बबली देवी, रेखा थपलियाल, अंजू बडोला, संगीत उनियाल, देवकी देवी, सुधा नेगी, सावित्री, शोभा, अजय तड़ियाल, शुरवीर सिंह पंवार आदि लोग उपस्थित रहें।

खरोला ने की, मृत किसानों की आत्मा शांति को प्रार्थना

उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने आज त्रिवेणी घाट पर मां गंगा से लखीमपुर हिंसा में मारे गए चार किसानों और कृषि क़ानून को रद करने के लिए हो रहे आंदोलन के दौरान मृत हुए किसानों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर खरोला ने कहा कि लखीमपुर में प्रदर्शन कर रहे किसानो पर केंद्रीय मंत्री के बेटे ने गाड़ी से चढ़ाकर उनकी हत्या की हैं। ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर अभी तक कोई कार्रवाई होती नही दिख रही है। खरोला ने कहा कि जो किसान देश को खाना खिलाता है, भाजपा उन्ही को गाडियों से रौंद रही है। वहीं, घटना में मारे गये किसानों के परिवार से मिलने जाने के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेताओं पर कार्रवाई की जा रही है।
खरोला ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की हत्यारी है। उन्होंने कहा कि कृषि क़ानून को रद करने के लिए अभी तक 600 से अधिक किसानो की मौत हो चुकी है, जो पसीना खेतो में फसलो को उगाने में लगता था आज वो पसीना कृषि कानून को रद करने के लिए सड़कों में बह रहा है। कहा कि हर एक कांग्रेस का कार्यकर्ता किसान भाइयों के साथ है।