सीएम ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए धनराशि की स्वीकृति


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की हैं। राज्य योजना के तहत विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के बरसोली से ग्वाण्ड कुण्ड भरपूरखाल बगडवालधार मोटर मार्ग का नवनिर्माण (द्वितीय चरण स्टेज 1) लागत 88.15 लाख रूपए की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में ही विकासखण्ड कीर्तिनगर में सौडू जाखी ग्वाणा से ग्वाड ओला मोटर मार्ग के नवनिर्माण (द्वितीय चरण स्टेज 1) लागत 128.17 लाख रूपए की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के जामणीखाल मार्ग के ग्राम भल्डियाना के प्राथमिक विद्यालय तक मोटर मार्ग निर्माण कार्य (प्रथम चरण) के लिए 19.84 लाख रूपए की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के अंतर्गत क्वीली से मछियारी होते हुए नैखरी तक एवं विकासखण्ड कीर्तिनगर के अंतर्गत सुपाणा धारी मोटर मार्ग से भ्यूपाणी तक मोटर मार्ग का नवनिर्माण हेतु 244.27 लाख रूपए की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र खानपुर में विभिन्न 25 कार्यों के लिए 555.08 लाख रूपए की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा के अंतर्गत शीतलाखेत से बोरा स्टेट होते हुए स्याहीदेवी मंदिर तक मोटर मार्ग का विस्तार किए जाने के लिए 85.08 लाख रूपए की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में लोहाघाट डिग्री कालेज से गंगनौला-नसखोला होते हुए पोखरीबोरा मोटरमार्ग का पुनः निर्माण एवं सुधार कार्य के लिए 128.58 लाख रूपए की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

विधानसभा क्षेत्र धनोल्टी में साटागाड़ बैण्ड से फेडी किमोडी मोटर मार्ग का निर्माण के लिए 76.89 लाख रूपए की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

कुमाऊं विश्वविद्यालय के कृष्णापुर स्थित सम्पत्ति में लाईटवेट स्ट्रक्चर, कक्षा-कक्ष, साईट डेवलपमेंट एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 191.34 लाख रूपए की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

विधानसभा क्षेत्र चकराता में पुरोडी-रावना-डामटा मोटर मार्ग के किमी 11 में ग्राम पाटी में पक्की नाली व स्कपर निर्माण कार्य के लिए 8.97 लाख रूपए की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

इसी प्रकार जनपद अल्मोड़ा में विधानसभा चुनाव के बाद आचार संहिता समाप्त होने के बाद जिला योजना में प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष 37.38 करोड़ रूपए की राशि अवमुक्त करने को भी स्वीकृति दी है।

पीएम मोदी के मार्गदर्शन में आपदा के बाद पुनर्निमाण के कार्य अब अंतिम चरण मेंः तीरथ सिहं रावत

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत व केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में श्री केदारनाथ उत्थान ट्रस्ट व तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की पब्लिक सेक्टर कंपनियों के मध्य श्री बद्रीनाथ धाम को स्मार्ट स्प्रीचवल टाउन के रूप में विकसित करने को लेकर लगभग 100 करोड़ के कार्यों के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। समझौता पत्र पर पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से सचिव तन्नू कपूर व उत्तराखंड की ओर से पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने हस्ताक्षर किए।

सचिवालय में वर्चुअल रूप से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा व मार्गदर्शन में वर्ष 2013 में आई आपदा के बाद पुनर्निर्माण के कार्य शुरू हुए थे जो कि अब अपने अंतिम चरणों में हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ने बदरीनाथ धाम के कायाकल्प का भी निर्णय लिया। यहां आगामी 100 वर्षों की आवश्यकताओं के मद्देनजर सुविधाओं का विकास कुल 85 हेक्टेयर भूमि में चरणबद्ध तरीके से कार्य किये जाने हैं। बदरीनाथ धाम में यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

इसी के साथ यहां पर व्यास गुफा, गणेश गुफा व चरण पादुका आदि का भी पुनर्विकास किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम के विकास में तेल कंपनियों का योगदान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का फोकस क्षेत्र में होमस्टे को बढ़ावा देने पर है ताकि श्रद्धालुओं को यहां आने पर सस्ती सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी तीन वर्षों में बदरीनाथ धाम के कायाकल्प के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने बदरीनाथ धाम में किये जा रहे कार्यों के लिए विशेष तौर पर प्रधानमंत्री जी व पेट्रोलियम मंत्री का विशेष आभार जताया।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उत्तराखण्ड के चार धामों का विशेष महत्त्व है। बदरीनाथ धाम के कायाकल्प को लेकर तेल कंपनियां प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बदरीनाथ व केदारनाथ धामों की भांति ही उत्तरकाशी में गंगोत्री व यमनोत्री धामों के लिए भी कुछ कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम को प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप स्मार्ट स्प्रीचवल टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां पर अलकनंदा नदी के तटबंध कार्यों के अलावा प्लाजा, जल निकासी, सीवेज, लाइट, सीसीटीवी, पीए सिस्टम, शौचालय, पुल आदि के सौंदर्यीकरण व पुनर्निर्माण के कार्य होने प्रस्तावित हैं।

प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम का धार्मिक के साथ ही आर्थिक महत्व भी है। यहां से हजारों लोगों को रोजगार भी मिलता है। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण कार्यो के दौरान हमें इस बात का भी ध्यान रखना है कि यहां पर पर्यावरण को नुकसान न पहुँचे। प्रथम चरण में यहां पर अस्पताल के विस्तारीकरण का कार्य प्रस्तावित है। इसके अलावा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, तटबंधों में सुदृढ़ीकरण, लैंड सकेपिंग, भीड़ होने पर होल्डिंग एरिया, पुलों की रेट्रोफिटिंग आदि कार्य होने हैं। मौके पर मुख्य सचिव ओमप्रकाश भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से एक वीडियो भी दिखाया गया जिसमें यहां होने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में बताया गया।

स्वास्थ्य समाचारः वायरल फीवर के लक्षण समझ हल्के में न लें लोग, अधिक पढ़ें…

यदि आपको बुखार और गले में खराश की शिकायत है तो, सतर्क रहें। इस तरह के लक्षणों को वायरल फीवर समझकर इसे हल्के में लेना आपके लिए घातक हो सकता है। वजह यह है कि यह कोरोना संक्रमण के प्रमुख लक्षणों में शामिल है। ऐसे में आपको तत्काल बिना विलंब किए कोविड जांच कराने की आवश्यकता है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश ने 20 से 50 वर्ष आयुवर्ग के लोगों को खासतौर से यह सुझाव दिया है कि इन हालातों में वह ’वर्क फ्राॅम होम’ नीति को अपनाएं और सुरक्षित रहें।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में कुछ लक्षण विशेषरूप से उभर कर आ रहे हैं। एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि मरीज को स्वाद और गन्ध का पता नहीं चलने के अलावा बुखार, गले में खराश व दर्द होना भी कोविड के प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि इस बार युवा वर्ग पर कोरोना का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। लिहाजा इससे बचने के लिए 20 से 50 वर्ष की उम्र के लोगों को खासतौर से सतर्क रहने की आवश्यकता है। सामुदायिक स्तर पर संक्रमण की दर कम करने के लिए जरूरी है कि लोग अपने घरों में ही रहें और बिना किसी ठोस वजह के घर से बाहर हरगिज नहीं निकलें।
एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए कोविड वैक्सीन विशेष लाभकारी है। ​ऐसे में 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोग जल्द से जल्द व अनिवार्यरूप से कोविड वैक्सीन लगवाएं। उनका सुझाव है कि समय रहते वैक्सीन लग जाने से शरीर में वायरस का असर कम होगा और लोग सुरक्षित रहेंगे।

एम्स में कोविड स्क्रीनिंग ओपीडी के प्रभारी और सीएफएम विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. योगेश बहुरूपी का कहना है कि कोविड परीक्षण हेतु एम्स, ऋषिकेश पहुंचने वाले लोगों में बुखार और गले में खराश की शिकायत के मामले प्रमुखता से आ रहे हैं। इसके अलावा लोग यह भी शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें स्वाद और गन्ध का पता नहीं चल रहा है। उन्होंने बताया कि मौसम बदलने के कारण कुछ लोग बुखार-खांसी को सामान्यरूप से ले रहे हैं। लेकिन कोविडकाल में ऐसा करना बिल्कुल सही नहीं है। लिहाजा ऐसे में इस तरह के मामलों को सामान्य रोग के लक्षण मानकर कोविड जांच न कराना घातक हो सकता है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कोई भी लक्षण होने पर मरीज को तत्काल कोविड जांच करानी चाहिए। उनके अनुसार अप्रैल महीने में एम्स की कोविड स्क्रीनिंग ओपीडी में 5,287 लोगों ने जांच हेतु कोविड सैंपल दिए थे। जिनमें अधिकांश लोग 20 से 50 आयुवर्ग के ही थे।

उन्होंने बताया कि कोविड के लक्षणों में इनके अलावा सांस लेने में तकलीफ, बुखार और खांसी के लक्षण वाले रोगी भी बड़ी संख्या में एम्स पहुंच रहे हैं। डा. योगेश बहुरूपी ने बताया कि 20 से 50 वर्ष की उम्र के ज्यादातर लोग नौकरी पेशा वाले हैं। जिन्हें आजीविका और रोजगार के लिए दैनिकरूप से घर से बाहर निकलना पड़ता है। उन्होंने सलाह दी है कि ऐसी स्थिति में बहुत जरूरी नहीं हो तो घर से बाहर नहीं निकला जाए।

20 से 50 आयुवर्ग के लोगों को नौकरी पेशे के लिए हररोज घर से बाहर निकलना पड़ता है। लिहाजा इस उम्र के लोगों में संक्रमण की ज्यादा शिकायत मिल रही है। इस मामले में एम्स ने सुझाव दिया है कि संक्रमण से बचाव के लिए इस उम्र के लोगों को ’वर्क फ्राॅम होम’ की नीति पर काम करने की आवश्यकता है। सीएफएम विभाग के डाॅ. योगेश बहुरूपी ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर का यह समय बेहद जोखिम वाला समय है। युवा वर्ग को उनकी सलाह दी कि बिना किसी ठोस वजह से घर से बाहर नहीं निकलें। जीवन को सुरक्षित रखने के लिए बहुत जरूरी है कि सब लोग घर में रहें और सुरक्षित रहें।

ड्रग इंस्पेक्टर व एसटीएफ का एम्स के मेडिकल स्टोर्स पर छापा

एम्स के भीतर संचालित हो रहे मेडिकल स्टोर्स में दवाईयों की कमी के चलते तीमारदारों में गुस्सा लाजिमी है, मगर ऐसे संकट के दौर में इन मेडिकल स्टोर्स का स्टाफ मरीजों के तीमारदारों से अच्छा व्यवहार भी नहीं अपना रहा है। इसके चलते वहां तनातनी भी सुनने में आई। आज ड्रग इंस्पेक्टर ने शिकायत मिलने के बाद एम्स के भीतर मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया तो बात सही पाई गई। इसके लिए उन्होंने मेडिकल संचालकों को सख्त चेतावनी दी है।

दरअसल, इन मेडिकल स्टोर्स में दवाइयां नहीं मिलने की वजह से मरीजों के तीमारदार और संचालकों के बीच में झगड़े हो रहे है। हालांकि ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर संचालकों को और संबंधित सप्लाई करने वाली दवा निर्माता के एजेंटों को जल्द से जल्द दवाओं की कमी पूरी करने के लिए निर्देश दिए हैं। ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर संचालक को किसी प्रकार की ओवर रेटिंग और स्टॉप नहीं करने के बाबत चेतावनी जारी की है। वहीं मेडिकल स्टोर पर दवाइयों की कमी होने से तीमारदारों को बाहर के मेडिकल स्टोरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

ड्रग इंस्पेक्टर अनिता भारती ने बताया कि एम्स के मेडिकल स्टोर में दवाईयों की कमी पाई गईं है। इसी के कारण लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि मरीजों के तीमारदारों और मेडिकल संचालकों के बीच तनातनी का माहौल देखा गया। बताया कि मेडिकल संचालकों को साफ तौर पर कहा गया है कि संकट के समय में तीमारदारों के समक्ष दवाई को लेकर दिक्कत नहीं आनी चाहिए। इसके लिए सर्वप्रथम मेडिकल स्टोर्स तीमारदारों के साथ अच्छा व्यवहार अपनाएं। उन्होंने कहा कि यदि आगे से अच्छा व्यवहार न अपनाने की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एसटीएफ से प्रियंका भारद्वाज और स्थानीय पुलिस मौजूद रही।

उद्योग पतियों से सीएम ने किया मेडिकल इक्वीपमेंट देने का अनुरोध

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्य में कोविड के खिलाफ लङाई में उद्योगों से सहयोग लेने के लिये देश के जाने माने उद्योगपतियों से वार्ता की है। उन्होंने अडाणी ग्रुप के गौतम अडाणी और आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार आदित्य बिड़ला से बात कर देवभूमि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थिति से अवगत कराया। साथ ही कोविड 19 संक्रमण के तेजी से बढ़ते प्रभाव से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सीएसआर में कोविड से संबंधित मेडिकल इक्वीपमेंट देने का अनुरोध किया। दोनों उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री को हर सम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।
इसी क्रम में महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महेंद्रा और पेटीएम के विजय शेखर शर्मा के साथ वर्चुअल मीटिंग करते हुए प्रदेश में कोविड से लङाई में सीएसआर के तहत राज्य सरकार का सहयोग करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने सहायता मेडिकल उपकरणों के रूप में दिये जाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि सीधे आवश्यक मेडिकल इक्वीपमेंट देने से राज्य सरकार को सरकारी औपचारिकताएं नहीं करनी पङेंगी और अनावश्यक विलम्ब नहीं होगा।

आनंद महिंद्रा के साथ वार्ता में मुख्यमंत्री ने 1000 आक्सीजन सिलेंडर, 1000 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स, एमआरई मशीन, 10 मेडिकल ऑक्सिजन जेनरेटर (छोटा अक्सीजन प्लांट) 500 बी.आइ.पी.ए.पी 500 सी.पीए.पी, मॉनिटर इत्यादि सहित करोना संक्रमण से बचाव के अन्य उपकरण उपलब्ध कराने का आग्रह किया। आनंद महिंद्रा ने हर सम्भव सहयोग देने के प्रति मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया। वर्चुअल मीटिंग मे महेंद्रा ग्रूप के वरिष्ठ अधिकारी अनीश शाह, मनोज, श्रुति, कवींद्र सिंह व उज्बेक ईरानी मौजूद थे।

एक अन्य वर्चूअल मीटिंग में पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वार्ता की। मुख्यमंत्री ने उन्हें भी राज्य की आवश्यकताओं से अवगत कराया। पेटीएम के सीईओ ने 100 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स उत्तराखण्ड को शीघ्र उपलब्ध कराने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने आनंद महिंद्रा और विजय शेखर शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से कोविड से लड़ाई में अवश्य जीत हासिल करेंगे। वर्चुअल मीटिंग में उद्योग जगत से समन्वय हेतु नोडल अधिकारी नीरज खैरवाल भी उपस्थित थे।

जिला देहरादूनः कोरोना कर्फ्यू अब 10 मई सुबह पांच बजे तक प्रभावी

उत्तराखंड से आज की सबसे बड़ी खबर मंत्रियों के साथ औपचारिक बैठक में नहीं बन पाई। प्रदेश में पूर्ण लॉकडाउन पर बात अब देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर के पूरे जिले में लगेगा।

पूर्ण कोरोना कर्फ्यू शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि अभी तक इन जिलों में कुछ इलाकों में ही कोरोना का कर्फ्यू लगाया गया था, लेकिन अब पूरे जिले में कोरोना कर्फ्यू लगाया जाएगा। वही तमाम नगर निगम में भी पूर्ण कोरोना कर्फ्यू होगा। वही उनके अनुसार जिलाधिकारी अपने हिसाब से स्थिति को देखते हुए फैसला लेंगे कि उन्हें जिले में किस तरीके की और सख्ती करनी अनिवार्य है। वही परचून की दुकानों को अब हर रोज नहीं खोला जा सकेगा। इसके लिए अल्टरनेट डेज की व्यवस्था बनाई जाएगी साफ है प्रदेश की तीरथ सिंह रावत सरकार अभी लॉकडाउन लगाने का हौसला नहीं जुटा पा रही है। देहरादून हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिले में 10 मई तक कोरोना कर्फ्यू बढ़ चुका है। इसके अलावा चमोली, पौड़ी नैनीताल और टिहरी के प्रभावित जिलों के लिए भी आदेश जिला अधिकारियों द्वारा जारी किए जा चुके हैं।

स्पीकर ने पंचायतों में टीकाकरण केंद्र खोलने को लेकर की बैठक

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने तहसीलदार अमृता शर्मा को ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सभी 16 ग्राम पंचायतों में कोरोना वैक्सीन हेतु टीकाकरण केंद्र खोलने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान भी मौजूद थे।

स्पीकर ने कोरोना की दूसरी लहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ऋषिकेश में दबाव कम करने के लिए सभी 16 ग्राम पंचायतों में टीकाकरण केंद्र खोले जाने संबंधित विषय पर तहसीलदार एवं प्रधानों के साथ संयुक्त बैठक की।

अवगत करा दें कि विगत दिनों विधानसभा अध्यक्ष द्वारा देहरादून जिलाधिकारी को भी ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण केंद्र खोलने की बात कही गई थी।
स्पीकर ने बैठक के दौरान तहसीलदार को निर्देशित किया कि राजकीय चिकित्सालय एवं ग्राम प्रधानों के साथ सामंजस्य बनाकर सभी ग्राम पंचायतों में टीकाकरण केंद्र खोले जाएं। जिससे स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिल सके। स्पीकर ने कहा कि पंचायत स्तर पर टीकाकरण केंद्र खोलने से ऋषिकेश में दबाव कम होगा एवं अनावश्यक भीड़ से कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम होगा। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष के साथ ही सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन का टीका लग सके इसके लिए सभी एकजुट होकर कार्य करें।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि तहसीलदार शीघ्र ही संबंधित पंचायत के प्रधानों के साथ संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर टीकाकरण केंद्रों को चिन्हित करें। उन्होंने कहा कि पंचायतों में सरकारी स्कूल व पंचायतघरों को टीकाकरण केंद्र के रूप में चिन्हित किया जा सकता है। कहा कि केंद्र इस प्रकार से हो कि जहां पर स्थानीय लोग सुविधा पूर्वक आ सके। उन्होंने प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षाकर्मी भी रखे जाने के निर्देश दिए जिससे कि टीकाकरण केंद्र पर किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न ना हो सके।

विधानसभा अध्यक्ष ने इस दौरान ग्राम प्रधानों से आह्वान किया कि कोरोना महामारी के इस मुश्किल समय पर स्वयं को बचाते हुए जनता को भी बचाना है एवं कोरोना संबंधित आवश्यक दिशा निर्देशों का पालन करवाना हमारी एक बड़ी जिम्मेवारी होगी।उन्होंने प्रधानों से अपने-अपने क्षेत्रों को संभालने की बात कही।

वहीं तहसीलदार ने विधानसभा अध्यक्ष से शीघ्र ही पटवारियों एवं ग्राम प्रधानों की मदद से टीकाकरण केंद्र को चिन्हित करने की बात कही एवं जल्द ही टीकाकरण केंद्र खोलकर 18 वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्तियों को कोरोना वैक्सिन का टीका लगवाये जाने के लिए आश्वस्त किया।

इस अवसर पर गुमानीवाला के उपप्रधान राजेश व्यास, भट्टोवाला प्रधान दीपा राणा, खैरी कला प्रधान चंद्रमोहन पोखरियाल, जोगीवालामाफी के प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा, चक जोगीवाला प्रधान भगवान सिंह महर, मंडल महामंत्री रवि शर्मा, लाला बलविंदर सिंह आदि उपस्थित थे।

सीएम को सेवा इंटरनेशनल संस्था की ओर से दिए गए पांच आक्सीजन कंसेंट्रेटर्स

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को आज सेवा इंटरनेशनल संस्था की ओर से 5 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स भेंट किए गये। इन ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स का उपयोग महंत इन्द्रेश अस्पताल द्वारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुश्किल का समय है। हम सभी को मिलकर काम करना है। सरकार कोविड को लेकर युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। महंत इन्द्रेश अस्पताल के डॉ यशवीर दीवान ने बताया कि इन कंसेंट्रेटर्स का उपयोग अस्पताल में मरीजों के इलाज में किया जाएगा। इस अवसर पर सेवा इंटरनेशनल के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक तनुज पुंडीर, शशांक नेगी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने 100 आक्सीजन सिलेंडर देने पर ऑक नार्थ कम्पनी के सीईओ ऋषि खोसला का भी आभार व्यक्त किया है।

बंगाल में हिंदू परिवारों को ही क्यों बनाया जा रहा निशानाः नरेश बंसल

पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र की हत्या के विरोध में आज राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने धरना दिया। बंसल ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर जो प्रहार हो रहा है हम सभी इस विपत्ति काल में बंगाल के कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होकर प्रजातात्रिंक तरीके से लड़ने के लिए कृतसंकल्प है। बंगाल मे क्यों हिन्दू परिवारो को निशाना बनाया जा रहा है। उनकी हत्या हो रही है मां बहनों के साथ दुष्कर्म व दुर्व्यवहार हो रहा है। सैकड़ों कार्यकर्ताओं को घर से बाहर रहना पड़ रहा है ।सासंद बंसल ने कहा कि क्या यहीं पश्चिम बंगाल का लोकतंत्र है ,जहां एक महिला मुख्यमंत्री है?

क्यो तथाकथित सेकुलर गिरोह शांत है? क्यो सुप्रिम कोर्ट संज्ञान नही ले रही ,चुनाव आयोग व सुप्रीम कोर्ट ने जब कहा कोई चुनावी जश्न नहीं होगा तो पश्चिम बंगाल में कैसे हो रहा है? राष्ट्रपतिं जी से बंगाल मे राष्ट्रपति शासन की मांग की।

उन्होंने कहा कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के साथ है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नडडा तुरंत बंगाल पहुंचे है, उनके धरने का मंच तोड़ दिया गया। यह बहुत चिंता जनक है।
सासंद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आराजकता चरम पर है तुरंत लोकतंत्र स्थापित हो। कार्यकर्ताओं की शहादत को शत-शत नमन करते हुए कहा कि वह व्यर्थ नहीं जाएगी, हम उनकी विचारधारा की लड़ाई निर्णायक मोड़ तक पहुंचाएंगे।

सासंद ने कहा कि गृह मंत्री माननीय अमित शाह ने तुरंत संज्ञान लेते हुए राज्यपाल व चीफ सेक्रेटरी से रिपोर्ट मांगी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार देश मे कही भी आराजकता नही फैलाने देगी। कोरोना संकट काल में टीएमसी कार्यकर्ताओं का यह व्यवहार घोर निन्दनीय है, ममता बनर्जी को तुरंत इस पर लगाम लगा पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र स्थापित करना होगा।

सासंद बंसल ने पुछा कि ममता दीदी, क्या बंगाल की जनता ने आपको सत्ता इसलिए सौंपी है कि आप गरीब जनता पर ऐसा अत्याचार करें? क्या बंगाल में सिर्फ टीएमसी कार्यकर्ता रह सकते हैं?

90 करोड 24 लाख की किश्त का 20 फीसदी कोविड संक्रमण से बचाव में खर्च करेगी पंचायतें

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा कैंप कार्यालय में पीएफएमएस के माध्यम से त्रिस्तरीय पंचायतों को राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत वर्ष (2021-22) प्रथम त्रैमासिक किस्त (अप्रैल-मई-जून) का डिजिटल हस्तांतरण किया गया। इसके तहत प्रदेश के ग्राम पंचायतों हेतु 27 करोड़ 20 लाख प्रदेश के क्षेत्र पंचायतों हेतु 20 करोड़ 40 लाख जबकि जिला पंचायतों हेतु 42 करोड़ 64 लाख 84 हजार रुपए की धनराशि हस्तांतरित की गई। राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत वर्ष 2021-22 की प्रथम त्रैमासिक किश्त के रूप में कुल 90 करोड़ 24 लाख 84 हजार रुपए है।

सीएम ने कहा कि उक्त अनुदान की धनराशि सभी पंचायतों को पीएएफएमएस द्वारा एकसाथ डिजिटल हस्तान्तरण के माध्यम से अनुदान की राशि हस्तान्तरित की जा रही है, ताकि यह धनराशि बिना विलम्ब के सम्बन्धित पंचायतों के खाते में हस्तांतरित हो सके तथा उन्हें अपनी विकासपरक योजनाओं के साथ-साथ कोरोना वायरस महामारी संक्रमण से ग्रामवासियों के बचाव हेतु आवश्यक उपायों और बाहर से आये नागरिकों के संस्थागत क्वारेंटीन सम्बन्धी व्यवस्था हेतु सामुदायिक भवनों ( विद्यालय, पंचायत भवन, अन्य सामुदायिक भवन आदि) की साफ-सफाई, विद्युत, पेयजल, शौचालय व्यवस्था, तथा सैनिटाईजेशन आदि कार्यो को पूर्ण करने में सहायता मिल सके। ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण की जा रही धनराशि के सापेक्ष 20 प्रतिशत धनराशि कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव हेतु प्रचार-प्रसार, सेनेटाईजेशन व महामारी से सम्बन्धित अन्य कार्यों पर व्यय की जा सकेगी।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान कोरोनाकाल की परिस्थितियों में सभी सम्मानित पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ ग्राम वासियों द्वारा सराहनीय प्रयासों से हम कोरोना संक्रमण को रोकने में अवश्य सफलता प्राप्त करेंगे। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना डिजिटल इंडिया का उद्देश्य सरकारी सेवाओं की जानकारी जन सामान्य को ऑनलाइन पहुँचाने, तथा ग्राम पंचायत स्तर पर ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए समस्त ग्राम पंचायतो को ब्रॉडबेंड इंटरनेट से जोडना है, इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु उत्तराखण्ड सरकार के दिशा-निर्देशानुसार में पंचायतीराज विभाग उत्तराखण्ड द्वारा समस्त ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायतों एवं जिला पंचायतों के बैंक खातों को भारत सरकार द्वारा लागू ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से पी.एफ.एम.एस.-प्रिआ सॉफ्ट इंटरफेस के साथ जोडा गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सलाहकार डॉ. आरबीएस रावत, मुख्यमंत्री के विशेष कार्यअधिकारी जे सुंद्रयाल, सचिव एवं निदेशक पंचायतीराज हरिचन्द्र सेमवाल, जफर खान, दीपक पटवाल आदि उपस्थित रहे।