अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नेरन्द्र गिरी की मौत, पुलिस जांच में जुटी

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का सोमवार को निधन हो गया है। नरेंद्र गिरि का शव प्रयागराज के उनके बाघंबरी मठ में ही फांसी के फंदे से लटकता मिला। उस कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो उनका शव फंदे से लटका था। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सूत्रों के मुताबिक इस सुसाइड नोट में शिष्य आनंद गिरि पर मानसिक तौर पर परेशान करने का आरोप लगाया गया है। जिसके बाद हरिद्वार पुलिस ने आनंद गिरि को हिरासत में ले लिया है।
जानकारी के मुताबिक, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि बाघंबरी मठ में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। पुलिस के मुताबिक अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और बाघंबरी मठ में फांसी के फंदे से लटकता मिला। पुलिस के मुताबिक बाघंबरी मठ में जहां महंत नरेंद्र गिरि का शव फंदे से लटकता मिला, वहां चारो तरफ से गेट बंद मिला। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर इसे आत्महत्या बताया है।
गौरतलब है कि आचार्य नरेंद्र गिरि का पिछले दिनों अपने ही शिष्य आनंद गिरि के साथ विवाद हो गया था। हाल ही में इस विवाद का पटाक्षेप हुआ था। महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्वामी सव्विदानंद सरस्वती ने इसे साजिश करार दिया। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरि ने आत्महत्या की है, नहीं मान सकती। उन्होंने इसे लेकर और कुछ कहने से इनकार करते हुए कहा कि ये जांच का विषय है।
प्रयागराज के आईजी केपी सिंह ने बताया कि सात पन्नों का सुसाइड नोट मिला है जिसे वसीयत की तरह लिखा गया है। इस सुसाइड नोट में आनंद गिरि का भी नाम है। उन्होंने कहा कि महंत नरेंद्र गिरि को जानने वाले लोग ये बता रहे हैं कि हैंड राइटिंग उन्हीं की है। हम फॉरेंसिक जांच के बाद लेटर जारी करेंगे। आनंद गिरि ने आईजी की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए कहा कि ये बड़ी साजिश है. उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की सरकार से निवेदन करता हूं कि निष्पक्ष जांच हो। इसमें बड़े लोग शामिल हैं। दोषी हूं तो सजा पाने को तैयार हूं।
यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा है कि आनंद गिरि को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने बताया कि आनंद गिरि को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया। इस संबंध में उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि यूपी पुलिस की ओर से फोन कॉल आने के बाद आनंद गिरि को हरिद्वार आश्रम में ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। यूपी पुलिस के करीब 10 पुलिसकर्मी हरिद्वार पहुंच गए हैं। वहीं, प्रयागराज में लेटे हनुमानजी के मुख्य पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को भी यूपी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सुसाइड नोट में इनके भी नाम थे।

बांध परियोजनाओं की समीक्षा, सीएस बोले-विस्थापन कार्यों को तेजी से निपटाये अधिकारी

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने सोमवार को सचिवालय में जमरानी बाँध पेयजल बहुद्देश्यीय परियोजना एवं सौंग बाँध पेयजल बहुद्देश्यीय परियोजना की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने दोनों परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने दोनों परियोजनाओं के पूर्ण किए जाने हेतु प्रत्येक कार्य के लिए टाईमलाईन निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के सभी कार्यों एवं समस्याओं के निस्तारण को प्राथमिकता पर लेते हुए परियोजनाओं का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
मुख्य सचिव ने जमरानी बाँध एवं सौंग बाँध पेयजल बहुद्देश्यीय परियोजना के विस्थापन एवं पुनर्वास कार्यों हेतु तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सौंग बाँध हेतु फॉरेस्ट क्लीयरेंस, एनवायरमेंट क्लीयरेंस एवं वन्यजीव क्लीयरेंस आदि के लिए लगातार प्रयास किए जाएं, साथ ही, जमरानी बाँध हेतु फॉरेस्ट स्टेज-2 क्लीयरेंस एवं नेशनल टाइगर कन्जर्वेशन अथॉरिटी से क्लीयरेंस के कार्य में भी तेजी लाई जाए।
बैठक में बताया गया कि जमरानी बाँध के फेज-1 का कार्य, जिसमें गोला बैराज का निर्माण एवं 40 किमी लम्बी नहरों का निर्माण शामिल है, वर्ष 1981 में पूर्ण हो गया था। फेज-2 में 150.6 मी हाई रोलर कॉम्पैक्टेड कॉन्क्रीट डैम प्रस्तावित है, जिससे 117 एमएलडी पेयजल के साथ ही 14 मेगावॉट विद्युत उत्पादित होगी। परियोजना हेतु सेंट्रल वाटर कमिशन, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी एवं जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय सहित फॉरेस्ट स्टेज-1 की स्वीकृति और पर्यावरणीय स्वीकृतियां ले ली गयी हैं। फॉरेस्ट स्टेज-2 क्लीयरेंस एवं नेशनल टाइगर कन्जर्वेशन अथॉरिटी से क्लीयरेंस शीघ्र ही प्राप्त की ली जाएगी।
बताया गया कि सौंग बाँध पेयजल बहुद्देश्यीय परियोजना के द्वारा देहरादून शहर और आसपास के क्षेत्र की 10 लाख की आबादी को गुरुत्व आधारित 150 एमएलडी पेयजल आपूर्ति की जा सकेगी। इस परियोजना से 3.5 किमी लंबी झील बनाएगी, जो पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण होगी। परियोजना हेतु हाईड्रोलॉजी क्लीयरेंस, भूवैज्ञानिक रिपोर्ट, जल परिवहन प्रणाली डिजाइन, फाउंडेशन इंजीनियरिंग और भूकंपीय पहलू सहित अन्य रिपोर्ट्स प्राप्त कर ली गयी हैं। परियोजना हेतु फॉरेस्ट क्लीयरेंस, एनवायरमेंट क्लीयरेंस एवं वन्यजीव क्लीयरेंस प्राप्त की जानी शेष हैं, जो शीघ्र प्राप्त कर ली जाएंगी।
इस अवसर पर सचिव हरि चन्द्र सेमवाल सहित मुख्य अभियंता सिंचाई मुकेश मोहन सही अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने किया, ग्रामीण क्षेत्रों में एटीम युक्त वित्तीय साक्षरता वाहन रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में नाबार्ड द्वारा वित्तपोषित उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक की एटीएम युक्त 5 वित्तीय साक्षरता वाहनों का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक के नवम् वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वित्तीय समावेशन एवं डिजिटल इंडिया मिशन को अधिक सुदृढ बनाने की दिशा में यह सराहनीय प्रयास है। इन वाहनों का उपयोग राज्य की आम जनता को वित्तीय साक्षर बनाने एवं एटीएम के माध्यम से लेन देन कर डिजीटलीकरण को बढ़ावा देने में किया जायेगा। ग्रामीण बैंक की मोबाइल एटीएम वैन द्वारा राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के निवासियों को एटीएम के माध्यम से लेन देन के साथ-साथ वित्तीय साक्षरता हेतु जागरुकता भी प्रदान की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को ऋण लेने की सुविधा आसानी से हो, इसके लिए प्रत्येक जनपद में कैंप लगाये जा रहे हैं। उन्होंने उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इन कैंपों में अधिक से अधिक लोगों को ऋण वितरित किए जाएं।
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबन्धक डॉ ज्ञानेन्द्र मणि ने बताया कि राज्य के आर्थिक विकास में बैंकों की अहम भूमिका है तथा वित्तीय समावेशन में बैंकों की साझेदारी को अधिक करने हेतु वित्तीय समावेशन निधि के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के वित्तीय सहयोग नाबार्ड द्वारा निरन्तर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की समस्त जनता को बैंकिंग सेवाएं प्रदान करना नाबार्ड की प्राथमिकता है।
ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष राकेश तेजी ने कहा कि नाबार्ड द्वारा राज्य की जनता हेतु वित्तीय समावेशन निधि के अन्तर्गत प्रदत्त की जा रही विभिन्न सेवाओं का बैंक द्वारा अधिकाधिक उपयोग कर राज्य के आर्थिक विकास में सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नाबार्ड के सहयोग से पूर्व में प्रदत्त एक वित्तीय साक्षरता वाहन का उपयोग अल्मोड़ा जनपद में किया जा रहा है।
इस अवसर पर नाबार्ड के मुख्य महाप्रबन्धक एपी दास, ग्रामीण बैंक के समस्त महाप्रबन्धक तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।

सरकार हर वर्ग के लिए कार्य कर रही-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद हरिद्वार में संत रविदास मंदिर भगवानपुर से मक्खनपुर तक जन आशीर्वाद रैली में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भगवानपुर क्षेत्र में ग्राम डांडा पट्टी से झींवरहेड़ी तक सड़क को इंटर लॉकिंग टाइल्स के द्वारा निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्राम खेलड़ी से ग्राम सिकरोड़ा रोड तक सड़क का निर्माण किया जाएगा। ग्राम सुग्गनपुर हाइवे से ग्राम सुग्गनपुर के अन्दर तक सड़क निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्राम चुड़ियाला में मेन रोड से संजय त्यागी के घर तक निर्माण कार्य कराया जाएगा। नेशनल हाईवे के अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण किये जायेंगे तथा उनको सर्विस रोड से जोड़ा जायेगा, लोगों को उनकी भूमि का मुआवजा भी दिलाया जायेगा। नगर पंचायत भगवानपुर के अंतर्गत सीवर लाइन के जो प्रस्ताव होंगे, उन पर कार्यवाही की जाएगी। भगवानपुर में कार्यरत सफाई कर्मियों आदि के वेतन भत्तों को बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। वर्तमान में नगर पंचायत भगवानपुर के जो प्रस्ताव शासन में लम्बित हैं, उनको स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

समाज के अन्तिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुचाना हमारा उदे्श्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जन समस्याओं के सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के साथ सबकी सन्तुष्टि के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। हमारी सरकार ने महिलाओं की समस्या को देखते हुए मुफ्त रसोई गैस उपलब्ध कराई, शौचालयों का निर्माण किया गया, जोकि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है। सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत आम जनता को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराये गये हैं, जिसका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग को मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लोगों को आवास उपलब्ध कराकर जरूरतमंदों के आवास का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत वर्ष 2022 तक हर घर को नल से जल उपलब्ध कराया जाएगा।

भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं का होगा समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब का सपना था कि सबको विकास का समान अधिकार एवं अवसर मिलें। राज्य सरकार इसी के तहत कार्य कर रही है। प्रत्येक सरकारी कार्यालयों में प्रातः 10 से 12 बजे तक अधिकारियों को जन सुनवाई करने के निर्देश दिये गये हैं। इस कार्य में यदि कोई ढिलाई करता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दो दिन पहले ही उद्योगपतियों के साथ विचार-विमर्श किया एवं उनकी समस्याओं को सुना, जिससे उद्योगों का विकास हो और अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिले। भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में होने वाली जलभराव की समस्या का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही इस समस्या का निराकरण कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी उद्योग घरानों से अपेक्षा है कि वे उद्योगों में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करायें।

युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार को जोड़ने के किये जा रहे प्रयास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। सभी प्रक्रियायें जल्द ही पूर्ण की जायेंगी। 31 मार्च, 2022 तक जो भी भर्ती की परीक्षायें होंगी, उनमें कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार लाखों लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रही है। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है, जिसके लिए जगह-जगह कैम्प लगाये जा रहे हैं।

उत्तराखण्ड को आदर्श एवं विकसित राज्य बनाना हमारा उद्देश्य
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज इस रैली में आप लोगों ने जिस उत्साह एवं उमंग से हमें अपना आशीर्वाद दिया है, उससे मैं अभिभूत हूं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड प्रत्येक क्षेत्र-उद्योग, वानिकी, कृषि, शिक्षा, बागवानी, स्वास्थ्य आदि में नम्बर-एक रहेगा। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में उत्तराखण्ड को आगे ले जाने के लिये कार्य करेंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, विधायक झबरेड़ा देशराज कर्णवाल, विधायक रूड़की प्रदीप बत्रा, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, लक्सर विधायक संजय गुप्ता, सुबोध राकेश, संयोजक कुलदीप कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चौहान आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विकास तिवारी ने किया।

एम्स ऋषिकेश के नए प्रभारी निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने संभाला कार्यभार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में सोमवार को नए निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इस दौरान संस्थान के अधिकारियों, फैकल्टी सदस्यों, चिकित्सकों ने उनका स्वागत किया।
सोमवार को एम्स रायबरेली के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने ऋषिकेश एम्स का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इस दौरान उन्होंने संस्थान के अधिकारियों, चिकित्सकों, फैकल्टी सदस्यों से मुलाकात की और उनसे एम्स ऋषिकेश के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रोफेसर अरविंद राजवंशी ने 1977 में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला (हिमाचल प्रदेश) से एमबीबीएस किया। उन्होंने 1981 में पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर), चंडीगढ़ से एमडी पैथोलॉजी और 1994 में रॉयल कॉलेज लंदन से एमआरसी पैथोलॉजी की डिग्री हासिल की। राजवंशी ने पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ से अपना सीनियर रेजीडेंसी किया।
साथ ही प्रो. राजवंशी वर्ष 2007 से 2019 तक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज, पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के प्रभारी प्रोफेसर भी थे। इसके अलावा वह 23 मार्च 2020 तक पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के डीन (अनुसंधान) और डीन (अकादमिक) भी रहे हैं। उन्हें 23 मार्च 2020 को एम्स रायबरेली का कार्यकारी निदेशक और सीईओ नियुक्त किया गया और अब उन्होंने सोमवार (20 सितंबर) को एम्स ऋषिकेश का अतिरिक्त कार्यभार संभाला है। गौरतलब है कि एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत बीती 13 सितंबर को 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो गए थे। उनके स्थान पर प्रो. राजवंशी ने निदेशक का पदभार ग्रहण किया है।
इस अवसर पर संस्थान के संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता एवं अन्य संकाय सदस्य तथा अधिकारी मौजूद थे।

मुनिकीरेती पालिका ने अनिवार्य किया दुकानदारों का ट्रेड लाइसेंस, जल्दी बनवायें

शासन के निर्देश पर नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला में दुकानदारों से ट्रेड लाइसेंस बनवाए जा रहे हैं। पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने क्षेत्र के समस्त दुकानदारों से इस लाइसेंस को शीघ्र बनवाने की अपील की है।
अधिशासी अधिकारी बीपी भट्ट ने बताया कि शासन की ओर से जारी निर्देशों के क्रम में प्रत्येक दुकानदारों को ट्रेड लाइसेंस बनवाना आवश्यक है। निकाय में आवेदन करके या ऑनलाइन माध्यम से इस लाइसेंस को बनवाया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन की वेबसाइट nagar.uk.gov.in है। लाइसेंस के लिए प्रत्येक व्यापारी को वार्षिक शुल्क अदा करना होगा। प्रत्येक वर्ष अप्रैल माह में ट्रेड लाइसेंस का नवीनीकरण होगा, इसमें प्रत्येक ट्रेड के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित होगा। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए पालिका कार्यालय में कर निरीक्षक अधिकारी से संपर्क कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

आप नेता का दावा, सरकार आने पर रिवर्स पलायन कर रोजगार देंगे

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को चित्त करने के लिए आम आदमी पार्टी ने मुफ्त बिजली की घोषणा के बाद अब हर घर में रोजगार का ऐलान कर सियासी माहौल को गर्मा के रख दिया है। पार्टी के सुप्रीमो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रोजगार को लेकर प्रदेश की जनता से कई बड़े वादे किए हैं। आप की सरकार बनने के बाद 6 महीने में 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
पार्टी के नेता डॉ राजे सिंह नेगी के अनुसार, रोजगार के मामले में दोनों राष्ट्रीय दल उत्तराखंड में फिसड्डी साबित हुए हैं। शिक्षित बेरोजगारी उत्तराखंड में पलायन की एक बड़ी वजह रही है जिसके लिए पार्टी ने रोड़ मैप तैयार कर लिया है। सरकार बनेगी तो उत्तराखंड के सभी बेरोजगार के लिए रोजगार मुहैया कराया जाएगा। इससे रिर्वस पलायन में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के 6 महीने के अंदर 1 लाख सरकारी नौकरियां तैयार की जाएगी। उत्तराखंड के बच्चों के लिए एक जॉब पोर्टल बनाया जाएगा और यहां के लोगों के लिए रोजगार और पलायन मंत्रालय बनाया जाएगा। तब तक हर परिवार से एक युवा को 5,000 रुपए महीना दिया जाएगा। इसके अलावा सरकारी और निजी क्षेत्र में 80 प्रतिशत नौकरियां उत्तराखंड के बच्चों के लिए रिजर्व की जाएंगी।

चारधाम यात्रा, 42 हजार तीर्थ यात्रियों ने किया रजिस्ट्रेशन

उत्तराखंड में चार धाम शुरु हो गई है। यात्रा प्रारम्भ होने से प्रदेश में चार धाम से जुड़े व्यवसायों की उम्मीद बढ़ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों से चार धाम यात्रा शुरू होने से कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद बंद पड़े कारोबार को संजीवनी मिलेगी। चार धामों में अब तक लगभग साढ़े पांच हजार लोग दर्शन कर चुके हैं जबकि अब तक 42 हजार से अधिक लोगों को ई-पास जारी किये जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि कोविड संक्रमण के चलते आर्थिक मंदी से जूझ रहे चारधाम यात्रा और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज जारी कर संजीवनी देने का काम किया। जिसकी बदौलत चारों धाम के होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी संचालक आदि के साथ ही पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए एकमुश्त सहायता राशि सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गई है। पर्यटन विभाग की ओर से अब तक लगभग 15 हजार लोगों को 7 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है। यह धनराशि लाभार्थियों के खाते में सीधे जमा कराये जा रही है। मुख्यमंत्री इस बात का साफ संकेत दे चुके हैं कि यात्रा से जुड़े व्यवसाइयों, तीर्थ पुरोहितों की परेशानियों को दूर करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जिसका असर धरातल पर दिखने लगा है।

तीर्थ पुरोहितों का आंदोलन हुआ स्थगित
मुख्यमंत्री ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर तीर्थ पुरोहितों के मन में उठ रहे संशय को दूर करते हुए यह स्पष्ट किया कि चारधाम से जुड़े लोगों के हक-हकूक को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होने दिया जायेगा। देवस्थानम बोर्ड के तहत बनाई गई उच्च स्तरीय समिति द्वारा चारधाम से जुड़े तीर्थ पुरोहित की बात सुनकर सरकार के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। कमेटी में चारों धामों से दो-दो तीर्थ पुरोहितों को भी शामिल किया जायेगा। मुख्यमंत्री की कार्यपद्धति से प्रभावित होकर तीर्थ पुरोहितों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।

समाज की निस्वार्थ सेवा है सिख समाज की पहचान-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देर सायं रायपुर स्थित प्रसिद्ध गुरुद्वारे नानक सर में मत्था टेककर गुरु का आशीर्वाद लिया तथा प्रदेश की खुशहाली की कामना की। गुरुद्वारे पहुंचने पर मुख्य सेवादार सरदार सतनाम सिंह व राकेश चुंग ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज हमेशा से अपनी निस्वार्थ सेवा के लिए जाना जाता है। सिख समाज के गुरुओं ने जिस प्रकार धर्म की रक्षा के लिए अपने व अपने परिवारों का बलिदान दिया उसे भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा की राज्य सरकार सिख समाज के सहयोग के लिये निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा की गुरुद्वारों में सेवा करने का अवसर मिलने से वे स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। आशीर्वाद लेने के पश्चात मुख्यमंत्री ने संगत के साथ बैठकर लंगर भी ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री के साथ विधायक रायपुर उमेश शर्मा काऊ, भाजपा नेता बलजीत सोनी, नानकसर के मुख्य सेवादार सरदार सतनाम सिंह, गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष गुरबक्श सिंह, रेसकोर्स गुरुद्वारा के अध्यक्ष बलबीर सिंह आदि उपस्थित थे।

भारतीय साहित्य संगम ने ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का किया आयोजन

भारतीय सहित्य संगम के तत्वावधान में गूगल मीट पर ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेएमसी शासकीय महिला महाविद्यालय मंडला मध्य प्रदेश के प्राचार्य प्रोफेसर शरद नारायण खरे, विशिष्ट अतिथि शंखनाद वेब न्यूज़ उत्तराखंड के संपादक भारतेंदु शंकर पांडे तथा अध्यक्षता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद की संयुक्त सचिव मंजू पांडे ’महक जौनपुरी’ ने की।
देशभर से जुटे कवियों ने काव्य धारा बहाते हुए समसामयिक विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत की।
भारतीय साहित्य संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक डॉ धीरेंद्र रांगड़ ने शब्दों का कारवां की 110वीं श्रंखला पर साहित्य मनीषियों को स्वागत किया तथा हिन्दी पखवाड़ा की शुभकामनाएं प्रेषित की। कार्यक्रम में अरुणा वशिष्ठ द्वारा सुमधुर वाणी में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।

आमन्त्रित रचनाकारों ने राष्ट्र भाषा हिंदी की महत्वता पर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत की। इस अवसर पर कवि डॉ अशोक गुलशन ने हिन्दी भाषा है सभी भाषाओं की जान, इसको पढ़ करके हुये, तुलसी-सूर महान। शम्भु प्रसाद भट्ट स्नेहिल ने भारतीयता की पहिचान, हिंदी बिना अधूरी है। इसीलिए हिंदी की शिक्षा, सबके लिए जरूरी है। डॉक्टर धीरेंद्र रांगड़ ने मैं दीवाना हिंदी का और तू दीवाना हिंदी का, ये जग दीवाना हिंदी का वो रब दीवाना हिंदी का की शानदार प्रस्तुति दी। महक जौनपुरी ने ग़ैर के ग़म से जो बाख़बर हो गया, जग में सच है वो आला बशर हो गया, मनोज कुमार गुप्ता आचार्य मनुश्री ने साहित्य से कैसी ढिढोली हो रही है, जिसे देख मेरी कलम रो रही है, राजेश डोभाल राज ने सब्र करता रहा मुद्दतों से यूं ही कागज, सब्र टूटा तो सरे बाजार फट गया कागज, अरुण कुमार शास्त्री ने कितनी हंसी है ये जिन्दगी के जबसे, तुमने ये कहा है तेरे होने से सब कुछ यहां है। कवि उमेश पटेल श्रीश ने खड़े हैं बीच चौराहे पर अपनी मंजिल की राह भूलकर, सोचते हैं इन राहों में से कोई राह मेरी मंजिल की भी होगी रचनाये प्रस्तुत की।
इसके अतिरिक्त आमंत्रित कविगणों में डॉ. बालकृष्ण पांडेय, प्रयागराज, डॉ वर्षा पुनवटकर, वर्धा महाराष्ट्र, बबिता शर्मा, कोटा, राजस्थान, डॉ. सत्यानन्द बडोनी, देहरादून, शिवकुमार चंदन, रामपुर उ.प्र., डॉ देवीदीन अविनाशी, हमीरपुर, नवीन डिमरी बादल, कर्णप्रयाग, शिव प्रसाद बहुगुणा आदि ने भी शानदार प्रस्तुति दी। कवि सम्मेलन का संचालन शंभू प्रसाद भट्ट ने किया।