रायवाला में चोरी के सामान के साथ तीन शातिर अरेस्ट

रायवाला में बीते 24 घंटे पूर्व एक मकान में चोरी हुई। पीडित पक्ष ने पुलिस को सूचना दी, तो पुलिस ने त्वरित कार्रवाई के साथ 24 घंटे में आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है। साथ ही चोरी हुए समस्त सामान को भी बरामद किया है।

बीते रोज हरिपुरकलां निवासी राजपाल सिंह पुत्र पुरण सिंह ने थाना रायवाला में तहरीर दी। बताया कि उनके घर से अज्ञात लोगों ने 2 सिलेंडर (इंडेन कंपनी) एक एलईडी टीवी (माइक्रोमैक्स कंपनी) तथा दो मोबाइल फोन (विवो व सैमसंग कंपनी) चोरी कर लिये है। सूचना पर थाना प्रभारी अमरजीत सिंह रावत ने टीम का गठन किया।

टीम ने मौके के 50 सीसीटीवी कैमरो को खंगालने के साथ ही पूर्व में चोरी की घटना में शामिल लोगों से पूछताछ की। साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया। थाना प्रभारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर तीन आरोपियों को शत प्रतिशत सामान के साथ व एक कार के साथ प्राइमरी स्कूल हरिपुर कला के पास से गिरफ्तार किया है।

थाना प्रभारी ने आरोपियों की पहचान राजकुमार, सचिन शर्मा और प्रकाश कश्यप तीनों निवासी गंगा सूरजपुर कॉलोनी हरिपुरकला थाना रायवाला जनपद देहरादून के रूप में कराई है।

पुलिस टीम में थाना प्रभारी अमरजीत सिंह रावत, उ0नि0 प्रेम सिंह नेगी, कांस्टेबल सचिन सैनी, कांस्टेबल प्रदीप गिरी, कांस्टेबल राकेश पंवार शामिल रहे।

’डीआरडीओ की मदद से गढ़वाल और कुमाऊ में जल्द तैयार होंगे 1400 ऑक्सिजन बेड और आईसीयू’

प्रदेश में कोरोना संक्रमण को लेकर राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार ने दो दिनों में 7 मिड लेवल अस्पतालों की अतिरिक्त व्यवस्था की हैं जिसके बाद राज्य में 700 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, 39 आईसीयू और दो वेंटीलेटर अतिरिक्त बढ़ गए हैं। सचिव स्वास्थ्य पंकज कुमार पांडेय ने मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि बीते राज्य सरकार के पास वर्तमान में 12 कोविड अस्पताल, 62 डीसीएससी और 385 कोविड केयर सेंटर काम कर रहे हैं। सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि राज्य में 17 हजार के करीब अस्पतालों में बेड हैं जबकि 5500 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, 1302 आईसीयू बेड, 774 वेंटिलेटर कोविड के लिए इस्तमाल किए जा रहे हैं।

बनेंगे दो अस्थाई अस्पताल’

’सचिव पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा भारत सरकार को अनुरोध किया गया था जिसके बाद डीआरडीओ की मदद से दो अस्थाई अस्पताल बनने जा रहे हैं। कुमाऊ क्षेत्र के लिए यह अस्पताल हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज कैम्पस में बनेगा जिसे सुशीला तिवारी अस्पताल हाई संचालित करेगा। इसके अलावा गढ़वाल क्षेत्र के लिए अस्थाई अस्पताल आईडीपीएल ऋषिकेश में बनेगा जिसे एम्स ऋषिकेश संचालित करेगा। इन दोनों अस्थाई अस्पतालों में 500 -500 बैड की क्षमता होगी। हल्द्वानी में बनने वाले अस्थाई अस्पताल में 400 ऑक्सीजन बेड एवं 100 आईसीयू बेड बनाए जाएंगे, जबकि आईडीपीएल ऋषिकेश में 500 बेड ऑक्सीजन सपोर्टेड बनेंगे तथा राज्य सरकार की मदद से एम्स ऋषिकेश में 100 आईसीयू बेड अलग से बनाए जाएंगे। इसके अलावा हिमालय अस्पताल जौलीग्रांट में डीआरडीओ की मदद से ऑक्सीजन सपोर्टेड 400 बेड तैयार किए जाएंगे। सचिव पंकज पांडे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों के भीतर डीआरडीओ की मदद से ऑक्सीजन और आईसीयू सपोर्टेड 1400 नए बेड तैयार हो जाएँगे।’

सचिव स्वास्थ्य पंकज कुमार पाण्डेय ने यह भी बताया कि प्रदेश में रिमिडीसिवर इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है। राज्य सरकार द्वारा केंद्र को पत्र लिखते हुए अतिरिक्त इंजेक्शन की मांग की गई है।

’दवाओं की कालाबाजारी के लिए बनाया गया कंट्रोल रूम’
सचिव पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि रिमिडीसिवर इंजेक्शन के रेट तय करते हुए अस्पतालों को उसी दामों पर इंजेक्शन देने के लिए निर्देशित किया गया है।उन्होंने बताया कि इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी हेतु कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। आम जनता काला बाजारी हेतु इन नम्बरों 0135 2656202, 9412029536 इन नंबरों के जरिए आम आदमी दवाओं की कालाबाजारी शिकायत कर सकते हैं।

’300 रुपए की गई रैपिड एंटीजन टेस्ट की दर’

इसके अलावा सचिव स्वास्थ्य पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि सरकार ने कोविड सम्बंधी जरूरी व्यवस्थाओं हेतु अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी देते हुए नोडल अधिकारी तैनात किया गया है, जिनसे रोजाना कार्य प्रगति रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार द्वारा ली जाती है। यह भी बताया कि प्रदेश के नर्सिंग छात्रों को जिलेवार मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से तैनाती दी जा रही है। इसके अलावा राज्य सरकार ने रैपिड एंटीजन टेस्ट की दर को भी कम करते हुए अब मात्र 300 कर दिया गया है।

चारधाम के पट नियमित समय पर ही खुलेंगे, नहीं चलेगी यात्रा

देहरादून। राज्य में कोविड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को स्थगित करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धामों के कपाट निर्धारित समय पर ही खुलेंगे और तीर्थ-पुरोहित मंदिरों में नियमित रूप से पूजा-पाठ करेंगे। लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर चारधाम यात्रा को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है।

गढ़ी कैंट स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि चार धामों में केवल तीर्थ पुरोहितों को ही नियमित पूजा पाठ की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा की किसी को अनुमति नहीं होगी, केवल तीर्थ-पुरोहित ही पूजा करेंगे। स्थानीय जिले के निवासी भी मंदिरों में पूजा-पाठ के लिए नहीं जा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि नियमित समय पर ही चारधाम के पट खुलेंगे और तीर्थ-पुरोहित ही पूजा करेंगे बाकी देश के लोगों के लिए चारधाम यात्रा अभी बंद है। कहा कि पूरे देश में इस समय कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। उत्तराखण्ड में भी लगातार कोविड के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे समय में सरकार पूरी तरह से सजग है और इसी क्रम में तय हुआ है कि अभी चारधाम यात्रा को स्थगित रखा जाए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। राज्य सरकार की ओर से कोविड-19 से लड़ाई में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

सीएम ने 108 सेवा के 132 वाहनों को जनता को किया समर्पित

देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने 108 सेवा के 132 वाहनों को विभिन्न जनपदों के लिए रवाना किया।

प्रदेश सरकार द्वारा यूडीआरपी-एफ के माध्यम से 132 एम्बुलेन्स को स्वास्थ्य महानिदेशालय को फरवरी एवं मार्च माह में उपलब्ध कराया गया था। सरकार द्वारा इन 132 नवीन एम्बुलेंस को 108 के बेड़े में शामिल कर कुंभ मेला 2021 में संचालित किया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय से इन वाहनों को झंडी दिखाकर 13 जनपदों के लिए रवाना किया। इन 132 एम्बुलेंस में 36 एडवांस लाइफ सपोर्ट एवं 96 बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस हैं। इनमें अल्मोड़ा को 10, बागेश्वर को 5, चमोली को 9, चंपावत को 5, देहरादून को 13, हरिद्वार को 20, नैनीताल को 10, पौड़ी को 11, पिथौरागढ़ को 9, रुद्रप्रयाग को 5, टिहरी को 9, उधमसिंहनगर को 17 व उत्तरकाशी को 9 एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को चाहिए कि वे कोविड गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करें। मास्क लगाने के साथ ही दो गज की दूरी का पालन करें और समय-समय पर हाथों को साबुन से धोते रहें। उन्होंने कहा कि बीमारी के लक्षण आते ही सजग रहने की जरूरत है और कोविड अनुरूप व्यवहार अपनाकर अपना इलाज कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। जिस किसी अस्पताल को ऑक्सीजन की आवश्यक्ता हो रही है वहां तत्काल ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए नोडल अधिकारी भी नामित कर दिए गए हैं। जनता को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को दो दिन पहले 7500 रेमिडीसीवीर इंजेक्शन की आपूर्ति हो चुकी है और इससे पहले भी 3500 रेमिडीसीवीर इंजेक्शन की आपूर्ति हुई थी। सरकार पूरी तरह से हालातों पर नजर बनाए हुए है। मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद रहे।

सरकारी कार्यालय एक मई तक बंद का आदेश निरस्त, कल से खुलेंगे

देहरादून में आज की सबसे बड़ी खबर आ रही है अब कल से खुलेंगे सरकारी कार्यालय 1 मई तक सरकारी कार्यालय बंद करने के आदेश को मुख्यमंत्री ने अभी निरस्त कर दिया है, अब प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में समूह क, ख, ग , घ कार्मिकों की उपस्थिति के संबंध में नया आदेश जारी किया गया है

इसके तहत शासकीय कार्यालयों में कार्मिकों की उपस्थिति शत प्रतिशत रहेगी तथा समूह ग और घ के कार्मिकों की उपस्थिति को 50ः तक रोटेशन के आधार पर सीमित रखा जाएगा ऐसी महिला कार्मिक जो गर्भावस्था में हो अथवा जिनके संतान 10 वर्ष से कम उम्र की हो वह 55 वर्ष से अधिक आयु तक गंभीर बीमारी से ग्रसित कार्मिक घर से ही अपरिहार्य परिस्थितियों में ही इनको कार्यालय बुलाया जाएगा राजकीय शासकीय कार्यालयों में कार्यरत दिव्यांग कार्मिकों को कार्यालय में उपस्थित छूट रहेगी शासकीय कार्यों में आवश्यकता पड़ने पर किसी भी कार्मिक को कार्यालय बुलाया जा सकेगा जहां तक संभव हो बैठकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही की जाए इसके अतिरिक्त पूर्व में निर्गत 20 अप्रैल में कार्यालय में सावधानियों बचाव हेतु दिए गए दिशानिर्देश यथावत लागू रहेंगे

तीर्थनगरी में अनावश्यक बाहर घूम रहे छह वाहन हुए सीज

कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने अनावश्यक घर से बाहर घूमने पर छह वाहनों को सीज किया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना वजह घर से बाहर ने निकलिए। सरकार की कोविड को लेकर दी हुई गाइडलाइन का पालन कीजिए।

कोतवाल रितेश शाह ने अपनी टीम से साथ क्षेत्र का भ्रमण किया। दोपहिया और चैपहिया वाहन को रोककर पूछताछ की गई। साथ ही यह जांचा गया कि कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है या नहीं। कोतवाल रितेश शाह ने नेतृत्व में टीम ने छह वाहनों को सीज किया है। पुलिस की यह कार्रवाई प्रत्येक रोज रहेगी।

बेकाबू कार ने स्कूटर सवार दंपत्ति को मारी टक्कर, महिला की मौत


ऋषिकेश कोतवाली के आईडीपीएल क्षेत्र में एक कार की टक्कर लगने से एम्स में कार्यरत महिला कर्मी की मौत हो गई। वहीं, पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेजा है।

दरअसल, एम्स में सुरक्षाकर्मी के पद पर तैनात दीपा नामक महिला रोज की तरह पति सूरज सती के साथ घर से ड्यूटी के लिए जा रही थी। श्यामपुर निवासी दंपत्ति के दोपहिया वाहन को एक तेज गति से आ रही कार ने जोरदार टक्कर मार दी। इसमें महिला की मौत हो गई, जबकि पति एम्स में भर्ती है। फिलहाल पुलिस ने कार चालक को हिरासत में लिया है, उक्त मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से कोई मामला अभी दर्ज नहीं कराया गया है।

वैष्णवी संप्रदाय के संतों ने कुंभ के सफल आयोजन पर जताया सीएम का आभार

देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से वैष्णव संप्रदाय के संतों ने मुलाकात की। पद्म विभूषण जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य के नेतृत्व में आए संतो ने कुंभ के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बहुत ही कम समय में कुंभ मेले के आयोजन के लिए जो व्यवस्था की गई, वह सराहनीय है और प्रेरणादाई भी। साथ ही उन्होंने मेला क्षेत्र में वैष्णव संप्रदाय के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष उठाई।

मुख्यमंत्री ने संतों का आशीर्वाद लिया और कुंभ मेले के सफल आयोजन में सहयोग के लिए सभी संतो का आभार जताया। कहा कि कुंभ मेले में संतो ने जिस श्रद्धा, आस्था भाव और सहयोग का परिचय दिया है वह सराहनीय है। कोविड गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए संत समाज ने मेले संपन्न करवाने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने संतो को भरोसा दिया कि कहा कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा।

राज्य के विधायक एक करोड़ तक के कोविड कार्य करा सकेंगे

उत्तराखंड में बढते कोविड संक्रमण के देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्यहित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विधायक निधि से 1 करोड़ रुपए तक के कोविड कार्यो को करवाने हेतु स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद अब प्रदेश के सभी विधायकगण अपनी विधायक निधि से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में कोविड रोकथाम सम्बंधी जरुरी व्यवस्थाओं पर एक करोड़ रुपए तक खर्च कर सकते हैं। वर्तमान में कोविड की परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने यह निर्णय लिया है। ’मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी विधायकगणों से अपेक्षा की है, कि वे तत्काल अपने-अपने क्षेत्रों में कोविड की रोकथाम के लिए हर सम्भव प्रयास करेंगे और विशेषकर सूदूरवर्ती इलाकों में रह रहे लोगों को कोविड की जंग जीतने में मदद करेंगे।’

सरकार के शासकीय प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के विधायक अपनी विधायक निधि से 1 करोड़ रुपए तक खर्चा कर सकते हैं जिसके जरिए आईसीयू वार्ड, आक्सीजन सिलेंडर, वेन्टीलेटर जैसी जरुरतों को पूरा करने के लिए विधायकगण, जिलाधिकारी और सीएमओ से विचार विमर्श करने के बाद जारी कर सकते हैं। बताया कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से सूदूरवर्ती गांवों के जो प्रथामिक केद्र एंव अन्य स्वास्थ्य केंद्र हैं, वहां भी वो सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी जो बडे अस्पतालों में कराई जा रही हैं। कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि कोरोना के इस संकटकाल में इस निर्णय का फायदा निस्संदेह इस विषम भौगोलिक परस्थितियों वाले राज्य के दूरस्थ क्षेत्र के हर एक व्यक्ति को मिल सकेगा।

उत्तराखंड में बढते कोविड संक्रमण के देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्यहित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विधायक निधि से 1 करोड़ रुपए तक के कोविड कार्यो को करवाने हेतु स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद अब प्रदेश के सभी विधायकगण अपनी विधायक निधि से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में कोविड रोकथाम सम्बंधी जरुरी व्यवस्थाओं पर एक करोड़ रुपए तक खर्च कर सकते हैं। वर्तमान में कोविड की परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने यह निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी विधायकगणों से अपेक्षा की है, कि वे तत्काल अपने-अपने क्षेत्रों में कोविड की रोकथाम के लिए हर सम्भव प्रयास करेंगे और विशेषकर सूदूरवर्ती इलाकों में रह रहे लोगों को कोविड की जंग जीतने में मदद करेंगे।

सरकार के शासकीय प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के विधायक अपनी विधायक निधि से 1 करोड़ रुपए तक खर्चा कर सकते हैं जिसके जरिए आईसीयू वार्ड, आक्सीजन सिलेंडर, वेन्टीलेटर जैसी जरुरतों को पूरा करने के लिए विधायकगण, जिलाधिकारी और सीएमओ से विचार विमर्श करने के बाद जारी कर सकते हैं। शासकीय प्रवक्ता उनियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से सूदूरवर्ती गांवों के जो प्रथामिक केद्र एंव अन्य स्वास्थ्य केंद्र हैं, वहां भी वो सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी जो बडे अस्पतालों में कराई जा रही हैं। कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि कोरोना के इस संकटकाल में इस निर्णय का फायदा निस्संदेह इस विषम भौगोलिक परस्थितियों वाले राज्य के दूरस्थ क्षेत्र के हर एक व्यक्ति को मिल सकेगा।

ऊर्जा निगमों ने 76,491,752 रुपए का चेक सीएम तीरथ को सौंपा

देहरादून। मुख्यमंत्री आवास में आज ऊर्जा सचिव राधिका झा के नेतृत्व में यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल एवं यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक नीरज खैरवाल ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को अपनी सामाजिक दायित्व निर्वहन (Corporate Social Response) योजना के अंतर्गत राज्य में कोविड एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने हेतु कुल रुपए 76,491,752 (सात करोड़ चौंसठ लाख इक्यानवे हजार सात सौ बावन रुपए) के चेक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नाम से भेंट किए गए।

राधिका झा ने बताया कि उक्त धनराशि में रुपए 57518291 का चेक यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा तथा रुपए 18973461 का चेक यूपीसीएल द्वारा दिया गया है। उक्त धनराशि राज्य को आपदाओं से बेहतर तरीके से निबटने में मददगार होगी। इससे पूर्व भी यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा फरवरी माह में वित्तीय वर्ष 2019-20 में अर्जित लाभ के अनुरूप राज्य सरकार को रुपए 40.01 करोड़ लाभांश के रूप में दिया गया था।

इस संबंध में जानकारी देते हुए यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा निर्धारित लक्ष्य 4822 मिलियन यूनिट के सापेक्ष 5088.88 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया गया था। साथ ही संपूर्ण कोविडकाल में भी निगम के समस्त विद्युत गृहों की मशीनें चौबीसों घंटे उत्पादन के लिए तैयार रखी गई थी। संदीप सिंघल ने बताया कि भविष्य में भी हमारी योजना अधिक से अधिक ऊर्जा उत्पादन कर राज्य सरकार की आर्थिक एवं ऊर्जा आवश्यकताओं में सहयोग की रहेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा सामाजिक हित में निगमों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऊर्जा निगम के कार्मिकों द्वारा अपनी मेहनत से न केवल प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति की जा रही है, बल्कि समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का भी बखूबी निर्वहन किया जा रहा है।