सरकारी अस्पताल की दुर्दशा पर कांग्रेस नेता ने आंदोलन को चेताया

उत्त्ताराखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड सरकार ने पहली व दूसरी कोरोना की लहर के दौरान खस्ता स्वास्थ्य सुविधाओं से गयी लाखो लोगो की जान से अभी तक सबक नहीं लिया और इसका सीधा प्रमाण इस बात से लगाया जा सकता है की जो 21 वेंटीलेटर ऋषिकेश के एक मात्र सरकारी अस्पताल मे कोरोना की दूसरी लहर के दौरान शोपीस बने हुए थे, वैसे ही आजतक बने हुए है।
खरोला ने बताया कि उत्तराखंड सरकार जो सरकारी अस्पताल मे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं पर विज्ञापनों से अपनी पीठ थपथपा रही है। उसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही बया कर रही है। अस्पतालों के पास न उपकरण चलाने के लिए विशेषज्ञ है और ना ही प्रशिक्षित स्टाफ।
खरोला ने कहा कि भाजपा सरकार को आगामी विधानसभा चुनावों की चिंता है बस परन्तु कोरोना की तीसरी लहर की तैय्यारियो पर सरकार मौन है।
खरोला ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्राइवेट अस्पतालों की लूट को समर्थन और सरकार की प्राइवेट अस्पतालों के साथ सांठ-गांठ के चलते उत्तराखंड सरकार सरकारी अस्पतालों के प्रति गंभीर नहीं है।
खरोला ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा के जनता के प्रति संवेदनशील मुद्दों पर सरकार असंवेदनशीलता दिखायेगी तो कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करेगी और जल्द ही अगर ऋषिकेश के वेंटीलेटरो को शुरू नहीं किया गया तो जनता के साथ कांग्रेस की आवाज ऋषिकेश से देहरादून तक सुनाई देगी ।

बच्चों में प्रतिभा का भंडार, उन्हें निखारने की जरुरत-प्रेमचन्द अग्रवाल

ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हरिचंद्र गुप्ता आदर्श कन्या इंटर कॉलेज के प्रवेशोत्सव समारोह के दौरान उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारे बच्चों में अपार शक्तियों का भंडार है, दृढ़ संकल्प और मेहनत से दुनिया में छा सकते है। बच्चों में ढेर सारी प्रतिभाएं छिपी होती हैं, उनकी प्रतिभा को सामने लाने के अवसर मिलने चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह पर विद्यालय प्रबंधन सहित सभी छात्र-छात्राओं एवं अध्यापक गणों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए हिंदी दिवस की भी शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर इंटरमीडिएट में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाली गुनगुन दिवाकर, रवीना टंडन, काजल शर्मा एवं हाई स्कूल में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाली प्रिया प्रजापति, वैभवी दिवाकर, तनीषा अरोड़ा को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छात्रों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विधानसभा अध्यक्ष ने 37 छात्राओं को अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुति देने के लिए प्रत्येक को दो- दो हज़ार रुपए देने की घोषणा की।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति से भी सुनिश्चित होती है, इसलिए अपने सांस्कृतिक मूल्यों को संजोए रखने के लिए हमें हर संभव प्रयास करने चाहिए। अग्रवाल ने छात्राओं से कहा कि हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए, ताकि देश और प्रदेश की प्रगति के लिए कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सके।उन्होंने कहा कि सभी बच्चे हमारे कल के कर्णधार हैं, अच्छा पढ़-लिखकर भारत के सहयोगी नागरिक बनें। उन्होंने अध्यापिकाओं से भी आह्वान किया कि पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्त्तव्य का निर्वहन करें।
इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य डीबीपीएस रावत, हरिचंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पूनम शर्मा, भरत मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य गोविंद सिंह रावत, पंजाब सिंध क्षेत्र के प्रधानाचार्य ललित मोहन शर्मा, रूबी सैनी, शशि प्रजापति, मंजू गिरी, नेहा शर्मा, पूनम बिष्ट, विनीता, संध्या गुप्ता, मोनिका चौहान, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के नर्सिंग स्टाफ को एम्स दे रहा प्रशिक्षण

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में स्त्री रोग विभाग की ओर से नर्सिंग ऑफिसरों के लिए महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर स्क्रिनिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम विधिवत शुरू किया गया। जिसमें एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सक प्रशिक्षण देंगे। 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात नर्सिंग ऑफिसर प्रशिक्षण ले रहे हैं।
मंगलवार को मुख्य अतिथि एम्स के संकायाध्यक्ष शैक्षणिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रो. जया चतुर्वेदी की देखरेख में आयोजित दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महिलाओं में सर्वाधिक पाया जाने वाला सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए उनकी नियमिततौर पर स्क्रिनिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा ​कि राज्य सरकार को महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी इस बीमारी को इंगित कर इसके उपचार व रोकथाम को प्राथमिकता देनी चाहिए। संकायाध्यक्ष प्रो. मनोज गुप्ता ने कहा कि तब तक इस तरह की प्रशिक्षण कार्यशालाओं से कोई लाभ नहीं होगा जब तक राज्य सरकार प्रशिक्षित नर्सिंग आफिसरों को अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराती। लिहाजा उत्तराखंड सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करने और इसे धरातल पर उतारने की जरुरत है। उन्होंने बताया कि राज्य के चिकित्सकों व नर्सेस को प्रशिक्षित कर दक्ष बनाना एम्स का कर्तव्य है,जिसका निर्वहन संस्थान भली प्रकार से कर रहा है, मगर राज्य सरकार को चाहिए कि वह कार्मिकों की दक्षता का लाभ आम जनमानस तक पहुंचाने की दिशा में कार्य करे। उन्होंने राज्य में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम व उपचार के लिए उत्तराखंड में गायनी ओंकोलॉजिस्ट की तैनाती को नितांत आवश्यक बताया। जिससे ग्रसित मरीजों का राज्य के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही उपचार हो सके। उन्होंने बताया कि सर्विक्स कैंसर महिलाओं में सर्वाधिक पाया जाने वाला दूसरे नंबर का कैंसर है,लिहाजा इस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रो. जया चतुर्वेदी ने प्रशिक्षणार्थियों को महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड की निदेशक डा. सरोज नैथानी ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से मरीजों को राज्य सरकार के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही इलाज संभव हो पाता है। उन्होंने महिलाओं से अपने परिवार के साथ साथ अपने स्वास्थ्य के प्रति भी जागरुक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य में जनसामान्य के स्वास्थ्य को लेकर और अधिक जिम्मेदारी से कार्य करने की आवश्यकता है। डा. सरोज नैथानी ने समय समय पर राज्य के चिकित्सकों व नर्सिंग आफिसरों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाओं के आयोजन के लिए एम्स प्रशासन का आभार जताया। सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सैना ने बताया कि महिलाओं को बच्चेदानी के कैंसर की रोकथाम के लिए स्वयं जागरुक होने व दूसरों को भी जागरुक करने की जरुरत है। उन्होंने बताया कि दुनियाभर में लगभग 1.5 लाख महिलाएं प्रतिवर्ष इस कैंसर से ग्रसित हो जाती हैं, जागरुकता की कमी, समय पर उपचार नहीं मिलने अथवा किन्हीं अन्य वजहों से इनमें से करीब 40 फीसदी महिलाओं की मृत्यु हो जाती है। उन्होंने ऐसे मामलों को कम करने के लिए महिलाओं से नियमिततौर पर अपनी स्क्रिनिंग कराने को कहा है, साथ ही नर्सिंग आफिसरों से समुदाय को इस कैंसर को लेकर जागरुक करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण कार्यशाला की समन्वयक व एम्स के स्त्री रोग विभाग की कैंसर शल्य चिकित्सक डा. शालिनी राजाराम ने महिलाओं से बच्चेदानी के कैंसर की रोकथाम के लिए समय समय पर अपना स्वास्थ परीक्षण कराने व इसके लिए उपलब्ध वैक्सीन की डोज लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की जागरुकता से ही सर्विक्स कैंसर का खात्मा हो सकता है। इस अवसर पर गायनी विभाग की डा. रूबी गुप्ता, डा. कविता खोईवाल, डा. लतिका चावला, सीएफएम विभाग के डा. अजीत भदौरिया, अस्पताल प्रशासन से डा. पूजा भदौरिया, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य जैवियर वैल्सियाल, एएनएस कमलेश चंद्र आदि मौजूद थे।

कर्नाटक मूल के एम्स में डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थिति में मौत

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में स्नातकोत्तर के तृतीय वर्ष के एक चिकित्सक की मौत हो गई है एम्स के लॉ ऑफिसर प्रदीप पांडे ने बताया कि चिकित्सक ने हॉस्टल के कमरे के अंदर सुसाइड कर लिया है वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है अप पुलिस मौत के कारणों की जांच में जुट गई है।।

कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि 26 वर्षीय शिवानंद बोन पुत्र बच कांत बोर्न निवासी गंगा कॉलोनी बसवा कल्याण जिला बिदार कर्नाटक हाल निवासी जूनियर रेजिडेंट ऐम्स ऋषिकेश में रहता था। सोमवार की रात उसकी डयूटी थी। मगर डयूटी पर न आने और फ़ोन भी न उठाने पर जब हॉस्टल के कमरे में गये तो कमरा भीतर से बंद था। मौके पर पुलिस की मौजूदगी में कमरा खोला तो शिवानंद मृत मिला। उसके कमरे से पुलिस को कुछ दवाइयां और इंजेक्शन मिले हैं हत्या के कारणों की अभी जानकारी नहीं मिल पाई है फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

ज्ञान करतार स्कूल के सफलतम तीन वर्ष

निर्धन बच्चों को शिक्षा देने में नई इबारत लिख रहा ज्ञान करतार स्कूल ने हिंदी दिवस के अवसर पर अपने सफलतम तीन वर्ष पूरे किए।

संस्थान के संथापक गुरविंदर सलूजा ने बताया कि 14 सितंबर 2018 को इस संस्थान की स्थापना की गई। जिसका मुख्य उद्देश्य ऐसे निर्धन परिवारों के बच्चों को शिक्षा देना था जो अपने बच्चों को शिक्षा दिला पाने में असमर्थ हैं। इसी लक्ष्य के साथ स्थापना हुई और इसमें हम सफल भी रहे है। बताया कि 37 बच्चों के साथ इसकी स्थापना हुई। जिसमें बच्चों को निशुल्क शिक्षा के साथ, किताब, ड्रेस और मील फ्री दिया जाता है। वर्तमान में यहाँ 123 बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। वर्तमान में चार कक्षाएं यहाँ संचालित हो रही है। बताया कि यह संस्था हर साल 50 स्टूडेंट्स को एडमिशन देती है।

लाइन लॉस को कम करने के लिये तय की जाय जिम्मेदारी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में उर्जा एवं वैकल्पिक उर्जा विभाग की समीक्षा की। उन्होंने उर्जा निगमों में कार्यों की गुणवत्ता एवं सुधारों के प्रति ध्यान देने के साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाये जाने के लिये सामुहिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यों की धीमी प्रगति के लिये अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित कर की परफारमेंस इंडिकेशन से इसे जोड़ा जाय।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि उर्जा निगमों के कार्यकलापों में तेजी लाये जाने तथा गुणात्मक सुधार के लिये टेक्निकल परफारमेंस आदि में व्यवस्था बनायी जाय। उन्होंने उर्जा निगमों के स्तर पर संचालित परियोजनाओं एवं योजनाओं में टेक्निकल परफारमेंस आडिट की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने, संचालित विद्युत परियोजनाओं का पर्यवेक्षण के साथ एसओपी तैयार किये जाने, पुरानी विद्युत परियोजनाओं का अनुरक्षण एवं मरम्मत पर हुए व्यय तथा इससे उपलब्ध विद्युत क्षमता विकास का विवरण तैयार किये जाने के भी निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने शहरों के विस्तारीकरण के साथ पावर स्टेशनों की स्थापना के लिये भूमि की उपलब्धता आदि का मास्टर प्लान भी तैयार किये जाने, तथा प्रदेश के सामग्र इनर्जी प्लान के साथ लाइन लॉस को कम करने के लिये कारगर प्रयासों की भी जरूरत बतायी। उन्होंने इसके लिये अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विद्युत बिलों में गडबडी की शिकायतों को दूर करने के लिये 15 सितम्बर से 30 सितम्बर तक शिविर लगाकर बिजली बिलों के सम्बन्ध में जनता की शिकायतों का निराकरण करने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने विद्युत योजनाओं से सम्बंधित कार्यों की टेण्डर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाये जाने पर भी ध्यान देने को कहा ताकि अधिक से अधिक प्रतिभागी इसमें भागीदारी कर सके। मुख्यमंत्री ने विद्युत स्टेशनों की स्थापना विद्युत लाइनों आदि से सम्बन्धित वन भूमि हस्तान्तरण के प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाये जाने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि प्रदेश में उद्योगों को बिजली कटौती का सामना न करना पडे इसकी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने अण्डर ग्राउण्ड केबलिंग एवं स्मार्ट मीटर योजना के क्रियान्वयन में भी तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार के स्तर पर लम्बित योजनाओं का विवरण तैयार करने के साथ ही लखवाड व्यासी जमरानी आदि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी लाये जाने के निर्देश दिये। इस सम्बन्ध में यदि आवश्यकता हुई तो केन्द्रीय उर्जा एवं सिंचाई मंत्रियों से भी मुख्यमंत्री द्वारा वार्ता की जायेगी।
सचिव उर्जा ने व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उर्जा के तीनों निगमों तथा उरेडा की कार्य प्रगति, संचालित परियोजनाओं एवं योजनाओं की स्थिति विद्युत उत्पादन खपत भावी योजनाओं तथा आय व्ययक से सम्बन्धित जानकारी दी गई।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.सन्धु, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्धन, अपर सचिव इकबाल अहमद, प्रबन्ध निदेशक दीपक रावत के साथ ही उर्जा निगमों एवं उरेडा, विद्युत सुरक्षा से सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय लोक अदालत का मिला लाभ, 7630 वादों का निस्तारण

उच्च न्यायालय नैनीताल सहित राज्य के विभिन्न न्यायालयों में शनिवार को देर रात्रि तक आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 7630 वादों का निस्तारण किया गया तथा 978854657 रुपये की समझौता धनराशि जमा की गई।
यह जानकारी देते हुए उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के सदस्य-सचिव/ जिला जज आर.के. खुल्बे द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल के तत्वाधान में मा0 उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, नैनीताल एवं समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा दिनांक 11 सितम्बर, 2021 को माननीय उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल, उत्तराखण्ड राज्य के 13 जनपदों के जनपद न्यायालयों, पारिवारिक न्यायालयों एवं वाह्य न्यायालयों, श्रम न्यायालयों, ऋण वसूली न्यायाधिकरण,देहरादून एवं राज्य/जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के सदस्य-सचिव/जिला जज आर.के. खुल्बे द्वारा बताया गया कि मा0 उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु मा0 न्यायमूर्ति आर.सी. खुल्बे जी एवं मा0 न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी की दो खण्डपीठ गठित की गयी थी। उपरोक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित वादों का विवरण निम्नवत है।
मा0 उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल नियत वाद 366, निस्तारित वाद 51 वाद समझौता धनराशि 2,59,99,887 न्यायालय अल्मोडा द्वारा नियत वाद 149 निस्तारित वाद 81 समझौता धनराशि 1,23,85,079, न्यायालय बागेश्वर द्वारा नियत वाद 114 निस्तारित वाद 62 समझौता धनराशि 42,61,442, न्यायाल चमोली द्वारा नियत वाद 187 निस्तारित वाद160 समझौता धनराशि 7,46,27,341 न्यायालय चम्पावत द्वारा नियत वाद 78 निस्तारित वाद 45 समझौता धनराशि 6,75,000 न्यायालय देहरादून नियत वाद1475 निस्तारित वाद 1305 समझौता धनराशि 45,82,26,193, न्यायालय हरिद्वार द्वारा नियतवाद 1949 निस्तारित वाद 1277 समझौता धनराशि 3,32,24,222,न्यायालय नैनीताल नियतवाद1181 निस्तारित वाद 1010 समझौता धनराशि 4,79,11,562 न्यायालय पौड़ी गढ़वाल द्वारा नियतवाद 329 निस्तारित वाद समझौता धनराशि 289 81,67,288, न्यायालय पिथौरागढ द्वारा नियत वाद़ 226 निस्तारित वाद 196 समझौता धनराशि 2,67,99,229, न्यायालय रूद्रप्रयाग द्वारा नियत वाद 56 निस्तारित वाद 51 समझौता धनराशि 42,51,617, न्यायालय टिहरी गढ़वाल नियत वाद 354 निस्तारित वाद 194 समझौता धनराशि 2,65,54,196, न्यायालय ऊधम सिंह नगर नियत वाद 1820 निस्तारित वाद 1150 समझौता धनराशि 5,33,15,422, न्यायालय उत्तरकाशी नियत वाद 188 निस्तारित वाद 150 समझौता धनराशि 1,11,96,223,15 ऋण वसूली न्यायाधीकरण, न्यायालय देहरादून नियतवाद 248 निस्तारित वाद 11 समझौता धनराशि 3,74,54,000 एवं 16 उपभोक्ता न्यायालय द्वारा नियतवाद 106 निस्तारित वाद 56 समझौता धनराशि 51,42,848, 17 श्रम न्यायालय द्वारा नियत वाद 28 निस्तारित वाद 14 समझौता धनराशि 22,44,981 तथा 18 प्री-लिटिगेशन वाद (जो अभी न्यायालय में नहीं गये हैं) 6497 1528 14,64,18,127 तथा उत्तराखण्ड के कुल न्यायालयों द्वारा नियत वाद 15351 निस्तारित वाद 7630 वाद समझौता धनराशि 97,88,54,657 जमा की गई।

शहीद सम्मान यात्रा को लेकर सीएम ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास स्थित कैंप कार्यालय में सैन्यधाम के संबंध में उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैन्यधाम के निर्माण के लिए कार्यों की चरणबद्ध कार्य योजना बनाई जाय। सैन्यधाम भव्य एवं दिव्य बनाया जायेगा। अन्य राज्यों में बने शहीद स्मारकों का भ्रमण भी किया जाय। उत्तराखण्ड में बनने वाले सैन्यधाम की भव्यता के लिए क्या किया जा सकता है, इसके लिए पूरी योजना बनाई जाय। मुख्यमंत्री ने शहीद सम्मान यात्रा के दौरान शहीद सैनिकों के आंगन की मिट्टी सैन्यधाम के निर्माण के लिए लाई जायेगी। सैन्यधाम का स्वरूप ऐसा होगा कि यह राष्ट्रभक्ति एवं सैनिकों के शौर्य और पराक्रम का प्रतीक होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सम्मान यात्रा के आयोजन के लिए सभी तैयारियां जल्द पूर्ण की जाय। शहीद सम्मान यात्रा की शुरुआत अक्टूबर 2021 के प्रथम सप्ताह से प्रस्तावित है। यात्रा का पूरा रूट चार्ट जल्द तैयार किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सैनिक बहुल प्रदेश है। हमारे जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व दिया। शहीदों के सम्मान में यह भव्य आयोजन होगा। इस कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने के लिए जन सहयोग लिया जायेगा। किसी भी आयोजन को सफल बनाने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल.फैनई, सचिव अमित नेगी, वी.षणमुगम, मेजर जनरल सम्मी सभरवाल (अ.प्रा.), जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर. राजेश कुमार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम घोषणाओं को तय समय पर पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सीएम घोषणाओं की क्रियान्विति की उच्च स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सीएम घोषणाओं के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में बजट की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। इसके लिए अनुपूरक के माध्यम से विभागों को बजट आवंटित किया गया है और घोषणा प्रकोष्ठ के मद में भी समुचित बजट की व्यवस्था की गई है। कोविड राहत पैकेज संबंधी घोषणाओं में लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। जल्द ही सभी लाभार्थियों को राहत राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन कार्यों/घोषणाओं में शिलान्यास किया जाएगा, उनमें अनिवार्य रूप से लोकार्पण भी किया जाएगा। सभी विभागों को मुख्यमंत्री घोषणाओं का क्रियान्वयन, समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 455 घोषणाएं की गई हैं। विभागों द्वारा घोषणाओं के आगणन गठन की कार्यवाही की जा रही है। बहुत सी घोषणाओं के आगणन गठित भी कर लिए गए हैं। इस क्रम में शासनादेश निर्गत करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री द्वारा कोविड-19 से संबंधित विभिन्न राहत पैकेजों की घोषणा की गई थी। इससे प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, परिवहन, चिकित्सा, स्वास्थ्य, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार से जुड़े लाखों लोग लाभान्वित होंगे।
सार्वजनिक सेवायानों के चालकों, परिचालकों, क्लीनर्स को 6 माह तक प्रतिमाह 2-2 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जानी है। कुल 1 लाख 3 हजार 238 लोग इससे लाभान्वित होंगे। डीबीटी द्वारा लाभार्थियों को सहायता राशि ट्रांसफर करने के लिए एनआईसी के सहयोग से पोर्टल तैयार किया गया है। इस पर लाभार्थी अपना पंजीकरण करवा रहे हैं। पोर्टल पर पंजीकृत लाभार्थियों को राहत राशि हस्तांतरण के लिए अभी तक 3 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का शासनादेश निर्गत किया जा चुका है।
इसी प्रकार पर्यटन विभाग व अन्य विभागों में पंजीकृत पर्यटन व्यवसायी की विभिन्न गतिविधियों के संचालन में संलग्न व्यक्तियों को 2-2 हजार रूपए प्रतिमाह की दर से आर्थिक सहायता दी जानी है। इससे कुल मिलाकर लगभग 50 हजार लोग लाभान्वित होंगे। अभी तक इसके लिए 15 करोड़ रूपए राशि निर्गत की जा चुकी है।
उत्तराखण्ड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय नियमावली के अंतर्गत पंजीकृत टूर आपरेटर एवं एडवेंचर टूर ऑपरेटर को 10 हजार रुपए की दर से एकमुश्त राशि दी जानी है। इसके तहत कुल 655 लोग लाभान्वित होने हैं। इसके लिए 65 लाख की धनराशि निर्गत भी की जा चुकी है। 630 पंजीकृत रिवर गाइड्स को 10-10 हजार रुपये की एकमुश्त राशि के लिए 63 लाख की धनराशि निर्गत की जा चुकी है। टिहरी झील के अंतर्गत पंजीकृत 93 बोट संचालकों को 10-10 हजार रुपये की एकमुश्त राशि के लिए 9 लाख 30 हजार रुपए की राशि निर्गत की जा चुकी है। टिहरी झील के अंतर्गत ही 98 बोट संचालकों को वर्ष 2021-22 में नवीनीकरण शुल्क में छूट के लिए 58 लाख रुपए की राशि निर्गत की जा चुकी है।
इसी प्रकार पर्यटन विभाग में पंजीकृत एवं लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट प्रदान करने के लिए 06 लाख रूपए और पंजीकृत राफ्टिंग एवं एयरोस्पोर्ट्स सेवा प्रदाताओं को लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट प्रदान करने के लिए 65 लाख रूपए की राशि निर्गत की जा चुकी है। इस प्रकार पर्यटन के अंतर्गत कुल 17 करोड़ 66 लाख रूपए की राशि अभी तक निर्गत की जा चुकी है जबकि लगभग 6 करोड़ 20 लाख रूपए डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को उपलब्घ कराई जा चुकी है। जैसे-जैसे पर्यटन विभाग द्वारा तैयार किए गए पोर्टल पर पंजीकरण किया जा रहा है, डीबीटी द्वारा राशि संबंधित लाभार्थी को ट्रांसफर की जा रही है।
कोविड के दृष्टिगत संस्कृति विभाग में पंजीकृत सांस्कृतिक दलों के लोक कलाकारों को भी प्रति कलाकार 2-2 हजार रुपए की राशि 6 माह तक दी जानी है। अगस्त माह के लिए डीबीटी के माध्यम से 57 लोक कलाकारों को डीबीटी के माध्यम से राशि उपलब्ध करा दी गई है।
नैनीताल जनपद के अंतर्गत नगर पालिका परिषद नैनीताल में पंजीकृत कुल 549 बोट संचालकों को 10-10 हजार रुपए प्रति व्यक्ति की दर से आर्थिक सहायता दी जा रही है। इनमें से 415 लाभार्थियों को 41 लाख 50 हजार रुपए की राशि डीबीटी द्वारा दी जा चुकी है। शेष लाभार्थियों के खाते में धनराशि जल्द ही ट्रांसफर की जाएगी।
कोविड में किए जा किए जा रहे कार्यों के लिए पटवारी/लेखपाल/राजस्व निरीक्षकों और नायब तहसीलदारों को 10-10 हजार रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि का भी शासनादेश निर्गत किया जा चुका है। इसके लिए 1 करोड़ 37 लाख 20 हजार रूपए धनराशि की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है।
अवशेष घोषणाओं हेतु धनराशि निर्गत किये जाने की कार्यवाही सम्बन्धित विभागों के स्तर पर गतिमान है।

वाल्मीकि नगर में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित, विस अध्यक्ष ने किया संवाद

ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अंबेडकर नगर बाल्मीकि बस्ती में जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने क्षेत्रवासियों की जन समस्याओं को सुना। इस अवसर पर विस अध्यक्ष ने बाल्मिकी बस्ती की आंतरिक सड़क मार्गों के निर्माण, बाल्मीकि मंदिर के हॉल में शौचालय निर्माण, एवं अंबेडकर प्रवेश द्वार बनाए जाने के लिए अपनी विधायक निधि से 8 लाख रुपए देने की घोषणा की।
कार्यक्रम में पहुंचते ही विधानसभा अध्यक्ष ने उपस्थित बुजुर्गों का माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं क्षेत्र वासियों द्वारा विधानसभा अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया गया।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति के लिए कई जन उपयोगी योजनाएं संचालित हो रही है एवं जिसका लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि क्षेत्र के विकास के साथ लोगों की सेवा करना ही उनकी पहली प्राथमिकता है विधानसभा क्षेत्र की सभी जर्जर एवं कच्ची सड़कों का कायाकल्प किया जा रहा है। क्षेत्र का सर्वांगीण विकास के उनका एकमात्र लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि कोई भी गांव एवं क्षेत्र विकास की रोशनी से अछूता नहीं रहेगा।
कहा कि कुछ लोग राजनीतिक द्वेष के कारण जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं उनसे सचेत रहने की आवश्यकता है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने क्षेत्रवासियों की समस्याओं को भी सुना एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके पर ही वार्ता कर समाधान भी किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने क्षेत्रवासियों को मास्क व सैनिटाइजर वितरित करते हुए कोरोना संक्रमण से सचेत रहने का आह्वान भी किया।
इस अवसर पर ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, गंगा शरण, पार्षद मीनाक्षी बिडला, सेवाराम बिडला, रविंद्र बिडला, श्याम सेवा, मंडल महामंत्री सुमित पवार, युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष नितिन सक्सेना, जयंत शर्मा, जितेंद्र भारती, राकेश कुमार, बाल्मीकि समाज के अध्यक्ष जगावर सिंह, राधेश्याम, राकेश चावरिया, सुशील कुमार, हिमांशु मुल्तानी, ममता देवी, सोनम देवी, लता देवी, राजीव जाटव, चंद्रभान जाटव, अनुसूचित मोर्चा के जिला मंत्री जितेंद्र भारती आदि उपस्थित थे।