जलवायु परिवर्तन संबंधी कार्यों को मुख्यधारा में लाने हेतु क्लाईमेंट बजटिंग प्रारंभः तीरथ सिंह रावत

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने जीएमएस रोड स्थित भागीरथीपुरम आवास पर पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जामुन का पेड़ लगाया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर घोषणा की है कि राज्य में स्थित समस्त गांवों एवं गांवों के आस-पास के क्षेत्र में स्थित तालाबों-जल निकायों, जो राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं, उन सब का अगले 01 वर्ष में पुनर्जीवन किया जायेगा तथा वित्तीय वर्ष 2022-23 में जलवायु परिवर्ततन सम्बन्धी कार्यों को मुख्यधारा में लाने हेतु राज्य में क्लाईमेंट बजटिंग प्रारम्भ किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति एक-एक पौधारोपण कर पर्यावरण के संरक्षण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। पर्यावरण की सुरक्षा आम आदमी के जीवन से जुड़ा विषय है। पर्यावरण का संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली है। इकोसिस्टम रेस्टोरेशन के तहत पेड़ लगाकर एवं पर्यावरण की रक्षा कर हमें प्रदूषण के बढ़ते स्तर को कम करने और इकोसिस्टम पर बढ़ते दबाव को कम करने की दिशा में विशेष ध्यान देना होगा।

स्पीकर के प्रयासों से प्रस्तावित टोल प्लाजा का निर्णय वापस


स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हरिद्वार-देहरादून राजमार्ग के नेपाली फॉर्म पर कोई भी टोल प्लाजा नहीं लगाया जाएगा, इस निर्णय के लिए स्पीकर ने मुख्यमंत्री एवं सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने टोल प्लाजा के विरोध में अनशन पर बैठे सभी राजनैतिक, सामाजिक संगठनों एवं प्रधान संगठन से धरने को समाप्त करने का आह्वान किया है।

स्पीकर ने कहा कि नेपाली फार्म तिराहे पर टोल प्लाजा लगाए जाने का मामला संज्ञान में आते ही उन्होंने शुरू से ही इस पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई थी। जिसके लिए उन्होंने लगातार मुख्यमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव व एनएचएआई के अधिकारियों के साथ वार्ता कर शीघ्र से शीघ्र इस मामले का समाधान करने की बात की थी।
इस अवसर पर डोईवाल के ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, जिला प्रधान संगठन के अध्यक्ष सोबन सिंह केंतुरा, खैरी कला प्रधान चमन पोखरियाल, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, जिला पंचायत सदस्य रीना रांगड़, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी, भाजपा नेता रविंद्र राणा, संयुक्त यातायात रोटेशन के अध्यक्ष मनोज ध्यानी, सोशल मीडिया प्रभारी राजेश जुगलान, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष संमा पवार, किसान मोर्चा महामंत्री हरदीप सिंह, समाज सेवी रमन रांगड, दिनेश पयाल, राज्य आंदोलनकारी चंद्रकांता बेलवाल, अरुण बडोनी आदि उपस्थित थे।

वहीं, प्रधान संगठन समिति के अध्यक्ष शांति प्रसाद थपलियाल, ग्राम प्रधान गोहरीमाफी रोहित नोटियाल, ग्राम प्रधान शंकर धने एवं ग्राम प्रधान सागर गिरी ने एक स्वर में कहा कि जब तक टोल प्लाजा के निरस्तीकरण का लिखित आदेश उनको संबंधित विभाग के अधिकारी धरना स्थल पर आकर नही दे देते उनका धरना यथावत जारी रहेगा। समाजसेवी डॉ राजे नेगी ने बताया कि धरने के 11 वें दिन राज्य एवं केंद्र सरकार की बुद्धि सुद्धि हेतु हवन यज्ञ किया गया। मौके ग्राम प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा, गीतांजलि जखमोला, विनोद राणा, शकंर दयाल धने, अनिल कुमार, नितेश चमोली, श्रीकांत रतूड़ी, आकाश सरियाल, मनोज शर्मा, धर्मेंद्र गवाड़ी, शैलेन्द्र रांगड़, विशाल मणि, शीशपाल पोखरियाल, अनिता राणा, शमां पंवार, अंकित तिवारी, हर्षमणि लसियाल, बलविंदर सिंह, आम आदमी पार्टी के संगठन सचिव दिनेश कुलियाल, आप मीडिया प्रभारी गणेश बिजल्वाण आदि मौजूद रहे।

घर से नाबालिग लापता, अपहरण के आरोप में युवक गिरफ्तार

कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र में एक नाबालिग युवती के अपहरण के आरोप में पुलिस ने कुम्हारबाड़ा के युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पोक्सो अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है।

कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि बीते एक जून को स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी घर से लापता है, उन्होंने कुम्हारबाड़ा के युवक पर अपहरण का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत छानबीन में लग गई। कोतवाल ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर नाबालिग को आरोपी के साथ बैराज स्थित आस्था पथ पर देखा गया। मौके पर पुलिस टीम जाकर नाबालिग को बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया, जबकि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कोतवाल ने आरोपी की पहचान 21 वर्षीय विश्वजीत उर्फ विशू पुत्र सुभाष निवासी कुम्हारबाड़ा ऋषिकेश के रूप में कराई है।

राजकीय मेला चिकित्सालय तथा दूधाधारी बाबा बर्फानी (कोविड चिकित्सालयों) का सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राजकीय मेला चिकित्सालय तथा दूधाधारी बाबा बर्फानी कोविड हॉस्पिटलों का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने करीब 970.74 लाख रूपये लागत की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण भी किया।

कोविड अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पीपीई किट पहनकर कोविड मरीजों से मिले तथा उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया तथा सन्तोष व्यक्त किया। उन्होंने पूरे मेडिकल स्टाफ के कार्य करने की शैली की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार कोविड की रोकथाम के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और महामारी के खिलाफ लड़ाई में जनमानस के बचाव के लिए संकल्पित है। उन्होंने अन्य लोगों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि कोविड के खिलाफ लड़ाई को मिलकर जीतना होगा। सभी को गाइडलाइन का पूरा पालन करना होगा और टीकाकरण पर भी फोकस करना होगा।

कोविड अस्पतालों का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 970.74 लाख रूपये लागत की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण भी किया। इसमें ग्रामीण निर्माण विभाग प्रखण्ड हरिद्वार द्वारा ई0वी0एम0 और वी0वी0पैट गोदाम का निर्माण (लागत रूपये 394.56 लाख), जिला योजना के अंतर्गत विकासखण्ड रूड़की में कार्यालय भवन का निर्माण कार्य (लागत रूपये 90.14 लाख), ग्रामीण सड़के एवं ड्रेनेज विभाग के अन्तर्गत ग्राम नागल से अबुलहसनपुर तक सड़क निर्माण कार्य (रूपये 328.63 लाख), रमसा योजना के अन्तर्गत राजकीय इण्टर कॉलेज सिकन्दरपुर भैंसवाल में 03 कक्षा कक्ष, 01 बालक एवं 02 बालिका शौचालय का निर्माण (लागत रूपये 69.39 लाख), रमसा योजना के अंतर्गत राजकीय इण्टर कॉलेज शहीद एम0एस0 गैण्डीखाता में 02 कक्षा कक्ष, बालक शौचालय एवं 02 बालिका शौचालय का निर्माण (लागत रूपये 50.76 लाख) तथा रमसा योजना के अन्तर्गत राजकीय इण्टर कॉलेज सलेमपुर में 02 कक्षा कक्ष का निर्माण (लागत रूपये 37.26 लाख) योजनाओं का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आई0टी0सी0 की ग्रीन टैम्पिल योजना का भी शुभारम्भ किया।

लोकार्पण समारोह के पश्चात तीरथ सिंह रावत ने मेला नियंत्रण भवन के सभागार में एक समीक्षा बैठक ली, जिसमें जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने मुख्यमंत्री को हरिद्वार जनपद में कोविड-19 तथा आपदा के क्षेत्र में क्या-क्या कार्य किये जा रहे हैं। के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर क्षेत्रीय जन-प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 तथा आपदा के क्षेत्र में हरिद्वार जनपद द्वारा किये जा रहे कार्यों पर सन्तोष व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिक से अधिक टेस्टिंग करने, वैक्सीनेशन के सम्बन्ध में अगर कहीं कोई भ्रम की स्थिति है तो, जागरूकता अभियान चलाकर, उसे दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर की बात कही जा रही है, जिसके लिये हमारी पूरी तैयारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि डेंगू के बचाव के लिये सभी उपाय अभी से करने प्रारम्भ कर दें ताकि डेंगू को जड़ से खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कहीं कोई कमी नहीं है।

तीरथ सिंह रावत ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ आदि आपदाओं के लिये अभी से तैयारी करना प्रारम्भ कर दें। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा मदन कौशिक, विधायक खटीमा पुष्कर धामी, विधायक ज्वालापुर सुरेश राठौर, रानीपुर विधायक आदेश चैहान, विधायक रूड़की प्रदीप बत्रा, विधायक खानपुर कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, विधायक झबरेड़ा देशराज कर्णवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा जयपाल सिंह चैहान, अमीलाल वाल्मीकि, अम्बरीश गर्ग, जिलाधिकारी हरिद्वार सी. रविशंकर, एसएसपी हरिद्वार सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस, सीडीओ हरिद्वार सौरभ गहरवाल, सीएमओ हरिद्वार एसके झा आदि उपस्थित रहे।

राधास्वामी सत्संग ब्यास रूद्रपुर में बने वैक्सीनेशन सेंटर का सीएम तीरथ सिंह रावत ने लिया जायजा

रूद्रपुर में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ईएसआईसी अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कोरोना सहायता समूह के संरक्षक जेबी सिंह ने मुख्यमंत्री को समूह द्वारा किये गये कार्यों के बारे में विस्तृत रूप से अवगत कराया। ईएसआईसी अस्पताल में मुख्यमंत्री ने डॉक्टर, नर्स, कोरोना सहायता समूह के सदस्यों से वार्ता कर उनके द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की।

उन्होने ईएसआईसी अस्पताल से स्वस्थ्य हुए मरीजों को डिस्चार्ज पत्र सौपकर उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन पं0 राम सुमेर शुक्ल मेडिकल कॉलेज पहुंचकर मंत्रोच्चारण के साथ लगभग 31 करोड़ के विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने चिकित्सालय परिसर में स्थापित क्रायोजेनिक टैंक ऑक्सीजन गैस आपूर्ति का फीता काटकर लोकार्पण किया। निर्माणाधीन पं0 राम सुमेर शुक्ल मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री एवं सांसद अजय भट्ट व विधायकगणों के साथ पीपीई किट पहनकर कोविड वार्ड एवं आईसीयू वार्ड में जाकर भर्ती कोरोना से संक्रमित सभी मरीजों से वार्ता की और उनके स्वास्थ्य का हाल चाल जाना। मुख्यमंत्री ने चिकित्सालय में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं भोजन आदि व्यवस्थाओं की विस्तृत रूप से जानकारी लेते हुए कहा कि इस महामारी के दौर में सभी चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ समेत जिला प्रशासन, स्वंय सेवी संस्था व जनप्रतिनिधियो एवं औद्योगिक संस्थाओं ने मानवता का परिचय देते हुये रात-दिन कार्य कर अपना अमूल्य सहयोग दिया एवं यह अपने आप में एक सराहनीय कार्य हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी वह इसी प्रकार आपस मे टीम भावना से कार्य करने की आवश्यकता है ताकि जनपद ही नहीं प्रदेश को भी कोरोना मुक्त बनाया जा सकें।

इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने राधास्वामी सत्संग ब्यास रूद्रपुर में बने वैक्सीनेशन सेंटर का जायजा लिया। उन्होने वहां पर वैक्सीनेशन के लिए आये हुए लोगों से हाल चाल जाना व कहा कि वैक्सीन लगाने के बाद और लोगो को भी वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने सभी वैक्सीनेशन व पंजीकरण काउंटर पर जाकर वैक्सीनेशन की स्थिति जानी व सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वैक्सीन के प्रति अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें। राधास्वामी सत्संग ब्यास में व्यवस्थाओं को देखकर उन्होने वहां उपस्थित सभी सेवादारो, स्वास्थ्य कर्मियों की प्रशंसा की व किचन की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, सांसद अजय भट्ट, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, सौरभ बहुगुणा, प्रेम सिंह राणा, पुष्कर सिंह धामी, आदेश चैहान, कुमाऊं आयुक्त अरविन्द सिंह हयांकि, डीआईजी कुमाऊ अजय रौतेला, मेयर रूद्रपुर रामपाल, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, नोडल अधिकारी हॉस्पिटल मैनेमेंट बंशीधर तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 डीएस पंचपाल, अपर जिलाधिकारी उत्तम सिंह चैहान, जगदीश चन्द्र काण्डपाल, राधास्वामी सतसंग ब्यास के सचिव राजीव सेतिया आदि उपस्थित थे।

रूद्रपुर में सीएम ने दिए निर्देश, ग्राम सभाओं में मेडिकल टीम जाकर करे जांच


रूद्रपुर में एक दिवसीय भ्रमण पर पंहुचे प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एपीजे अब्दुल कलाम सभागार कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम, उपचार एवं उससे बचाव आदि हेतु किए जा रहे कार्यों के साथ ही आगामी मानसून काल के मद्देनजर पूर्व तैयारी तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों की विस्तृत रूप से जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु अधिक से अधिक सैम्पलिंग बढ़ाई जाए। इस हेतु सभी ग्राम सभाओं में मेडिकल टीम जाकर जांच करे। जांच के दौरान लक्षण वाले प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें एवं ग्राम स्तर पर निगरानी टीम को और अधिक एक्टिव रखते हुए संक्रमण की रोकथाम हेतु कार्य करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के साथ ही आगामी वर्षा के दौरान जल जनित रोग, डेंगू की रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निकाय व पंचायती विभाग सेनेटाइजेसन का कार्य लगातार जारी रखें, साथ ही जनता को इसके प्रति जागरूक भी करें। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों में भी में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में कोरोना से संबंधित आवश्यक दवा की किट का भी वितरण शीघ्रता से कराया जाये।

मुख्यमंत्री ने सभी विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से कहा कि गांव में जाकर लगातार दवाई एवं अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी लेते रहें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु कड़ाई से कर्फ्यू का अनुपालन कराना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि ब्लैक फंगस की रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार ने इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था कर ली है एवं कोविड-19 की तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। उन्होने कहा कि आवश्यकतानुसार अस्पतालों के साथ ही होटल, धर्मशाला की भी व्यव्स्था करना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कोविड कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया, कन्ट्रोल रूम की व्यस्थाओं की सराहना करते हुए होम आईशोलेशन में रह रहे मरीजों से विडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली एवं जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की। उन्होने कहा कि कोविड संक्रमण में जो बच्चे अनाथ हो गये है ऐसे बच्चों को 3000 रुपए प्रतिमाह दिए जायेंगे। उन्होने कहा कि ऐसे अनाथध्असहाय बच्चे जब तक बालिग न हो तब तक जिलाधिकारियों की देखरेख में रहेंगें ताकि उनकी सम्पत्ति को कोई भी नुकसान न पहुंचा सके। उन्होने कहा कि कोरोना संक्रमण में बजट की कोई कमी नही है जिसके लिए जिलाधिकारी को भी अधिकार दिये गये है कि वह अपने फण्ड से भी इस महामारी में खर्च कर सकते है।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आगामी मानसून काल के मद्देनजर सम्बन्धित अधिकारियों से आगामी मानसून के लिए तैयारियों की जानकारी ली। उन्होने निर्देश दिए कि सभी विभाग किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु पूर्व तैयारी करते हुए अलर्ट रहें तथा किसी भी प्रकार की आपदा की घटना होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किए जाये, सभी तहसील व थाना स्तर पर आवश्यक उपकरण राहत पैकेट आदि की भी व्यवस्था के साथ ही राहत कैम्प चिह्नित कर उनमें आवश्यक व्यवस्था पूर्व से रखी जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सहयोग से कार्य करें। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पेयजल, ऊर्जा विभाग, लोक निर्माण विभाग,सिंचाई समेत विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूर्ण करें। अधिकारी मुख्यालय में न बैठकर फील्ड में जाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं, कार्य धरातल पर दिखने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि एक दूसरे के पूरक हैं वह मिलकर कार्य कर जिले को विकास के क्षेत्र में आगे ले जाएं। वह एक टीम भावना के साथ कार्य करें।

बैठक में सांसद अजय भट्ट, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, हरभजन सिंह चीमा, प्रेम सिंह राणा एवं पुष्कर सिंह धामी ने जिले के विकास के संबंध में अपनी बात रखी। उन्होने कहा कि जिनका राशन कार्ड अभी तक ऑनलाइन नही हुआ है उन लोगों को भी राशन देना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार का मकसद है कि प्रदेश में कोई भी भुखा न रहे।
बैठक में जिलाधिकारी रंजना राजगुरू व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर ने प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिले में कोविड संक्रमण एवं डेंगू की रोकथाम हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त वर्तमान में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के एवं आगामी मानसून काल के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु की गई पूर्व तैयारी के साथ ही जिले में संचालित विकास कार्यों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, सांसद अजय भट्ट, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, सौरभ बहुगुणा, प्रेम सिंह राणा, पुष्कर सिंह धामी, आदेश चैहान, कुमाऊं आयुक्त अरविन्द सिंह हयांकि, डीआईजी कुमाऊ अजय रौतेला, मेयर रूद्रपुर रामपाल, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, नोडल अधिकारी हॉस्पिटल मैनेमेंट बंशीधर तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 डीएस पंचपाल, अपर जिलाधिकारी उत्तम सिंह चैहान, जगदीश चन्द्र काण्डपाल आदि उपस्थित थे।

ऋषिकेशः एआरटीओ कार्यालय पर ढोल बजाकर सरकार का खिलाफ परिवहन व्यवसाईयों का प्रदर्शन

परिवहन व्यवसाईयों ने अपनी अनदेखी का आरोप सरकार पर लगाते हुए सात जून को प्रदेशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया हैं। प्रदेशभर में सात जून को सभी व्यवसाई अपने-अपने क्षेत्र के एआरटीओ दफ्तर में ढोल और घंटे बजाकर सरकार विरोधी प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी सरकार नहीं मानी तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

उत्तराखंड परिवहन महासंघ की बैठक में प्रदेशभर से परिवहन संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020-21 में हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के साथ अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। सर्वसम्मति महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय को समिति बनाने के लिए अधिकृत किया गया। निर्णय लिया कि सरकार को विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा गया था। दुर्भाग्य है कि सरकार द्वारा वाहन स्वामी व परिवहन कंपनियों के प्रति कोई भी सहानुभूति पूर्वक निर्णय नहीं लिया। परिवहन कारोबारी आहत है।

एक स्वर में परिवहन कंपनियों और व्यसायियों के हित में सरकार से निर्णायक लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया। गढ़वाल टैक्सी यूनियन अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत ने कहा कि परिवहन महासंघ से जुड़े समस्त परिवहन कंपनियां सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन करेगी। मौके पर यातायात पर्यटन विकास संघ के उपाध्यक्ष नवीन रमोला, जीएमओ संचालक बलवीर सिंह रौतेला, रूपकुंड पर्यटन विकास संघ अध्यक्ष भूपाल नेगी, ऑटो यूनियन अध्यक्ष सुनील चैधरी, गढ़वाल मंडल संचालक विनोद भट्ट, जीप कमांडर यूनियन अध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी, करण पंवार, प्यार सिंह गुनसोला, योगेश उनियाल, दाताराम रतूड़ी, हरीश नौटियाल हेमंत डंग, हरिद्वार से चंद्रकांत शर्मा, गिरीश भाटिया, सुनील जायसवाल अध्यक्ष पंचपुरी टेंपो यूनियन, बैचेन गुप्ता, अमित पाल, राजेंद्र लांबा, भोला दत्त जोशी, मदन कोठारी, बृजभानु प्रकाश गिरी आदि मौजूद रहे।

विधानसभा अध्यक्ष के प्रयासों से आईडीपीएल का आक्सीजन प्लांट हुआ शुरू


ऋषिकेश में वर्षों से बंद पड़े आईडीपीएल के आक्सीजन प्लांट को आज से गति मिल गई। आज से आक्सीजन का उत्पादन होना आरंभ हो गया है। इसमें विधानसभा अध्यक्ष व स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल का बहुत बड़ा हाथ है। उन्हीं के अथक प्रयासों से यह सभी संभव हो सका। उनकी पहल का परिणाम आज नगर के लोगों को मिल गया है। जिसके लिए आज वीर भद्र मंडल के जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों द्वारा विधानसभा अध्यक्ष का विशेष आभार व्यक्त किया गया।

अवगत करा दें कि आईडीपीएल स्थित ऑक्सीजन प्लांट में ऑक्सीजन उत्पादन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, विधानसभा अध्यक्ष द्वारा ऑक्सीजन प्लांट को शुरू करने के लिए भरसक प्रयास किए गये थे।इस संबंध में उनके द्वारा लगातार मुख्यमंत्री एवं अन्य संबंधित नेताओं से वार्ता भी की गई थी। वहीं कई बार विधानसभा अध्यक्ष ने ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण कर सेना के इंजीनियरों का उत्साहवर्धन भी किया गया था।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने सेना के इंजीनियरों का आभार व्यक्त किया है, उन्होंने कहा कि सेना के इंजीनियरों की टीम द्वारा दिन रात मेहनत कर वर्षों से बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को शुरू किया गया है, जिसे की प्रारंभ करना आईडीपीएल प्रशासन द्वारा असम्भव बताया जा रहा था। कहा कि सेना के इंजीनियरों ने अपने जज्बे एवं दृढ़ संकल्प से इस मुश्किल काम को संभव किया है। उन्होंने आईडीपीएल के कर्मचारियों के सहयोग की भी सराहना की है। कहा कि आईडीपीएल ऑक्सीजन प्लांट को शुरू करने का श्रेय सेना के इंजीनियरों एवं आईडीपीएल के प्रशासन को जाता है।

विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि कोरोना की पहली लहर से लेकर अभी तक उन्होंने आईडीपीएल फैक्ट्री में जीवन रक्षक दवाओं के उत्पादन एवं ऑक्सीजन प्लांट को शुरू कराने का अपना एक मकसद बना दिया था जिसके लिए वह दिन रात गम्भीर रूप से प्रयास कर रहे थे। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि ऑक्सीजन प्लांट के शुरू होने से आज उन्हें सफलता हासिल हुई है।विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना काल में ऑक्सीजन प्लांट में ऑक्सीजन के उत्पादन प्रारंभ होने से राज्य में ऑक्सीजन की किल्लत पूर्ण होगी। विधानसभा अध्यक्ष ने इस सम्बंध में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का भी आभार व्यक्त किया है। इस दौरान आईडीपीएल के जीएम से दूरभाष पर वार्ता कर जानकारी ली एवं उनका भी आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर वीरभद्र मंडल के मंडल अध्यक्ष अरविंद चैधरी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कोरोना काल में जरूरतमंद लोगों की सेवा में तत्पर है वही उनके द्वारा आईडीपीएल में ऑक्सीजन प्लांट को शुरू करने को लेकर लगातार प्रयास किए गए जिसका परिणाम है कि आज ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो गया है।

इस अवसर पर नगर निगम पार्षद सुंदरी कंडवाल, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष रजनी बिष्ट, पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश चंद शर्मा, महिला मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष निर्मला उनियाल, सोशल मीडिया प्रभारी राहुल कुकरेती, गीता मित्तल, ओबीसी मंडल महामंत्री माया घले, जगदीश भंडारी, पुनीता भंडारी, होम राज गुप्ता, विवेक चतुर्वेदी, रविंद्र कश्यप सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

आरटीपीसीआर रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया, जांच शुरू


फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट की सूचना पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने ढालवाला चेकपोस्ट पर छापेमारी की । इस मामले में संलिप्त एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है।

घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार दोपहर को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने ढालवाला स्थित स्वास्थ्य विभाग की चेकपोस्ट में पहुंचे। यहां पर छापामारी की कार्रवाई करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और एंटीजन रैपिड टेस्ट की रिपोर्टों का गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर मौजूद हरियाणा के चार युवकों ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि यहां चेकपोस्ट पर घंटेभर में ही उन्हें आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाकर दी गई है। जिसके बाद कैबिनेट मंत्री का पारा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना स्वास्थ्य और पुलिस प्रशासन के आलाधिकारियों को दी। इसके साथ ही उक्त प्रकरण के जांच के निर्देश दिए। जिसके बाद आनन- फानन में मौके से पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

इस दौरान पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी, मंडी समिति अध्यक्ष विनोद कुकरेती, मुनिकीरेती थाना निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सदानंद पोखरियाल, चैकी प्रभारी आशीष कुमार मौजूद थे।

फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाने वालो की शिकायत मिल रही थी। जोकि गंभीर मामला है। जिसके बाद शुक्रवार को ढालवाला चेकपोस्ट पर छामामारी की कार्रवाई गई। जहां पर फर्जीवाड़ा का मामला पकड़ में आया। मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए।
सुबोध उनियाल, कैबिनेट मंत्री

सीएम ने दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को 90 लाख रूपए की आर्थिक सहायता को दी स्वीकृती

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पत्रकार हित मे बड़ा निर्णय लेते हुए 18 दिवंगत पत्रकारगणों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। इनमे से कुछ पत्रकारों की मृत्यु कोविड संक्रमण से हुई है। मुख्यमंत्री रावत ने यह निर्णय पत्रकार कल्याण कोष के अन्तर्गत आपदाग्रस्त पत्रकारों एवं उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता दिये जाने हेतु गठित समिति की संस्तुति पर लिया है। मुख्यमंत्री इस समिति के अध्यक्ष हैं। पत्रकार कल्याण कोष के गठन के उपरांत यह एक मुश्त सबसे बड़ी सहायता राशि 90 लाख रुपए है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकार हितों के प्रति सदैव सजग रही है। राज्य सरकार कोविड काल मे दिवंगत हुए पत्रकारगणों के परिजनों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पत्रकार कल्याण कोष से 18 दिवंगत पत्रकारगणों के आश्रितों को पांच- पांच लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। महानिदेशक सूचना को निर्देश दिए गए है कि जिन मामलों में आवेदन प्राप्त नहीं है या अभिलेख पूर्ण नही है, उनको भी आर्थिक सहायता दिए जाने हेतु सभी औपचारिकताएँ शीघ्र पूरी कर ली जाय।

महानिदेशक सूचना रणबीर सिंह चैहान ने बताया कि पत्रकार कल्याण कोष हेतु गठित समिति की बैठक विगत 01 जून 2021 को आहूत की गई थी, जिस पर आज मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। महानिदेशक ने बताया कि समिति के समक्ष राज्यभर से 18 प्रस्ताव आये थे, जिन्हें आर्थिक सहायता दिये जाने की संस्तुति समिति द्वारा की गई है। समिति के सम्मुख 08 प्रस्ताव ऐसे भी आये थे, जिनके अभिलेख पूर्ण नही पाये गये। इसके लिए सभी जिला सूचना अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि अपूर्ण आवेदन पत्रों को पूर्ण करते हुए 15 दिनों में मुख्यालय को प्रेषित करे, ताकि अगली बैठक में आर्थिक सहायता दिये जाने पर विचार किया जा सके।

महानिदेशक सूचना ने बताया कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर पत्रकारों के हित में कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इस बैठक में गैर सरकारी सदस्यगण भी उपस्थित थे, जिनकी सहमति से आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

बैठक में गैर सरकारी सदस्य के रूप में पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधि बीना उपाध्याय, योगेश भट्ट, त्रिलोक चन्द्र भट्ट उपस्थित थे, जबकि रमेश पहाड़ी द्वारा वर्चुअल-दूरभाष के माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया गया। इस अवसर पर अपर निदेशक डॉ. अनिल चन्दोला, उप निदेशक नितिन उपाध्याय आदि उपस्थित थे।