केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार से नवाजे गए लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नरेन्द्र सिंह नेगी को केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार प्रदान किया। सी.पी. भट्ट पर्यावरण एवं विकास केन्द्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नरेन्द्र सिंह नेगी को गायन के माध्यम से पर्यावरण एवं वन संरक्षण के प्रति लोक चेतना विकसित करने के लिए यह पुरस्कार दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र सिंह नेगी अपने गीतों के माध्यम से उत्तराखण्ड की ऐतिहासिकता, पौराणिकता, पर्यावरण संरक्षण को लेकर उत्तराखण्ड को विशेष पहचान दिलाई है। यह सबके लिए गर्व की बात है कि उन्हें केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार दिया जा रहा है। अपने गीतों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की उन्होंने अलख जगाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यावरण चेतना के प्रति लोगों में जागरूकता है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें और प्रयास करने होंगे। जल संरक्षण की दिशा में भी अनेक प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधताओं वाला प्रदेश है। जैव विविधता की वजह से उत्तराखण्ड की एक अलग पहचान है।

पर्यावरण संरक्षण के केदार सिंह रावत, चण्डी प्रसाद भट्ट और राज्य के अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि अपने गीतों के माध्यम से मैंने पर्यावरण चेतना से जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। गीतों के माध्यम से उत्तराखण्ड की संस्कृति, लोक पंरपराओं एवं ऐतिहासिकता को उजागर करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता के साथ इस दिशा में और प्रयास होने चाहिए।

इस अवसर पर बी.डी. सिंह, ओम प्रकाश भट्ट, गणेश खुगशाल, रमेश थपलियाल आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत किया विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत आँंचल बद्री गाय घी, पहाड़ी घी, आर्गेनिक घी, पनीर, डेरी ग्रोथ सेंटर एवं दुग्ध उत्पादक सेवा केन्द्रों का ई-लोकार्पण किया। उन्होंने कुपोषित बच्चों को दुग्ध उत्पादों से निर्मित पौष्टिक आहार का वितरण किया।

मुख्यमंत्री कहा कि दुग्ध सहकारी समितियों की मजबूती के लिए और प्रयास करने होंगे। दुग्ध और उससे बनने वाले उत्पादों की ब्रान्डिंग, पैकेजिंग और उनके लिए बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाय। स्थानीय स्तर पर दुग्ध एवं उससे सबंधित उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही, लोगों की आय में वृद्धि के लिए क्या प्रयास किये जा सकते हैं, इस ओर ध्यान दिया जाय। दुग्ध और उससे संबंधित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन दुग्ध उत्पादों का लोकार्पण किया गया, ये उत्पाद उत्तराखण्ड की विशेष पहचान है। इन उत्पादों का व्यापक स्तर पर प्रचार भी किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल का जो आह्वाहन किया है, इस दिशा में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जाय। आज देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आत्मनिर्भर बनने के साथ ही हमें अन्य लोगों को भी अपने साथ स्वरोजगार से जोड़ना होगा। प्रधानमंत्री ने कोविड काल में आत्मनिर्भर भारत हेतु 20 लाख करोड़ रूपये का पैकेज दिया। उद्यमिता के विकास, कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। यह सुनिश्चित किया जाय कि आम जन तक इन योजनाओं का पूरा लाभ मिले। सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र के साथ कार्य किये जाय। डिजिटल इंडिया की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ा है, उद्यमिता एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल माध्यमों के प्रयोग पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

डेरी विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि दुग्ध उत्पादन स्वरोजगार का बड़ा माध्यम है। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घी में अनेक औषधीय एवं आध्यात्मिक गुण हैं। उत्तराखण्ड के बद्री गाय के घी, पहाड़ी एवं आर्गेनिक घी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। दुग्ध उत्पादन और उससे निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर देहरादून दुग्ध संघ के अध्यक्ष विजय रमोला, निदेशक डेरी विकास जीवन सिंह नगन्याल एवं विभिन्न जनपदों के दुग्ध संघ के अध्यक्ष थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, रचनात्मक और सकारात्मक पत्रकारिता समय की जरूरत

देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ‘विचार एक नई सोच’ मासिक पत्रिका का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पत्रिका की टीम को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का संचार तंत्र सामाजिक मूल्यों की आवाज होना चाहिए ताकि वह समाज के बीच लोकप्रियता बनाये रखे। उन्होंने कहा कि पत्रिका ने राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को स्थान दिया है, जो पत्रिका व पत्रिकारिता के क्षेत्र में सुंदर आगाज है।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारी सरकार चाहती है कि सरकार की सोच और योजनाएँ पंचायत स्तर एवं ग्राम स्तर तक पहुँचे ताकि समाज के अंतिम आदमी तक योजनाओं का लाभ पहुँच सके। उन्होंने उम्मीद जतायी कि इस पत्रिका के माध्यम से उत्तराखंड के बाहर और भीतर होने वाली गतिविधियों की जानकारी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाचारों के प्रकाशन में नकारात्मकता की बजाए सकारात्मकता को महत्व देना चाहिए। तभी समाज और देश का कल्याण हो सकेगा।

उन्होंने विचार एक नई सोच के प्रधान संपादक राकेश बिजल्वाण को शुभकामनाएँ दी और उम्मीद जाहिर की इस पत्रिका के माध्यम से उत्तराखंड की पत्रकारिता को एक नया आयाम मिलेगा। यह पत्रिका उत्तराखंड की समस्याओं को गहराई से अध्ययन करने और उनके समाधान का रास्ता दिखाने का भी काम करेगी।

इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा हैं कि पत्रकारों द्वारा उकेरे गए शब्द लोकप्रिय व सामाजिक मूल्यों की धरोहर से होने चाहिए जिसका बिम्ब आईने की भांति हो। उन्होंने पत्रिका के प्रकाशन की शुभकामनाएं दीं।

काबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वच्छ पत्रिकारिता ही समाज का आईना है इसे बरकरार रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विचार एक नई सोच पत्रिका के प्रकाशन का ध्येय भी समाज सेवा व इसे ज्ञान का एक माध्यम बनाना है, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, के साथ ही अन्य जनहित से जुड़ी योजनाओं का अधिक प्रसार हो सके।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से आम आदमी और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सके इसके लिए ईमानदारी से प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पत्रिका मीडिया के क्षेत्र में एक नई रचनात्मक दिशा तय करते हुए सजग प्रहरी की भूमिका अदा करेगा।

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत बोले मीडिया अब और अधिक सजगता के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है। अब गड़बड़ करने वाला बच नहीं सकता। उन्होंने कहा कि मनगढंत खबरों का प्रकाशन चिंता का विषय है। इससे बचना चाहिए। उन्होंने संपादक राकेश बिजल्वाण द्वारा विचार एक नई सोच प्रकाशन शुरू किए जाने के प्रयास की सराहना की।

विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ चैहान ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र को जीवित रखने में समाचार पत्र, पत्रिकाओं की अहम भूमिका है। मुझे उमीद है कि पत्रिका इस दिशा में निर्भीकता से अपने दायित्व का निर्वहन करेगा।

सूचना महानिदेशक रणवीर चैहान ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिन लक्ष्यों को लेकर इस पत्रिका का प्रकाशन शुरु किया गया, मुझे विश्वास है कि पत्र से जुड़े लोग इस लक्ष्य को पूरा करेंगे। इस मौके पर पत्रिका के संपादक राकेश बिजल्वाण, संरक्षक मनोज इष्टवाल, सलाहकार संपादक अरुण चमोली, अवधेश नौटियाल सहित पत्रकार व गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कोविड की जांच रिपोर्ट को अनिवार्य न करने पर पुनर्विचार करें सरकार

कोविड19 से सरकार की गाइडलाइन अब पर्यटकों के साथ लीज पर होटल चलाने वाले संचालकों के लिए मुसीबत बन गई है। दरअसल कोविड की जांच रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिए जाने के कारण पर्यटक या तो अपनी बुकिंग को निरस्त कर रहे है, या फिर उन्हें बाॅर्डर पर रोक दिया जा रहा है। ऐसे में लीज पर होटल चला रहे संचालकों के समक्ष रोजगार का संकट पैदा हो गया है। यह बात आज लीज पर होटल चला रहे संचालकों ने प्रेसवार्ता ने की।

प्रेसवार्ता कर मंयक शर्मा ने कहा कि कोविड-19 के बढ़ रहे कहर की वजह से सरकार लगातार उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले पर्यटकों के लिए प्रतिबंध लगा रही है। जिसकी वजह से उत्तराखंड का पर्यटन व्यवसाय पूरी तरीके से चैपट होता नजर आ रहा है। ऐसे में बेरोजगारी की लंबी कतार में खड़े हो रहे होटल संचालकों ने सरकार से पर्यटकों के उत्तराखंड आगमन को लेकर लगाए गए प्रतिबंध और सरकारी सुविधाओं में फिक्स चार्ज हटाने की मांग की है।

होटल मालिकों से लीज में राहत देने की बात भी कही है। बता दें कि इस संबंध में लीज होटल ऑनर्स एवं होटल कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता की। जिसमें उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर सरकार को आंदोलन का रास्ता चुनने की चेतावनी भी दी है। होटल संचालकों का साफ कहना है कि या तो सरकार पूर्ण रूप से लॉकडाउन लगा दे या फिर सारे प्रतिबंध हटा दें।
प्रेसवार्ता के दौरान अंकित, विकास, विद्यादत्त, अनूप, उत्तम सिंह कुंवर, तपन भंडारी आदि उपस्थित रहे।

चारों धामों की कृपा से सत्ता परिवर्तन हुआ, देवस्थानम बोर्ड को पुनर्विचार का हुआ निर्णय

देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार और 51 मंदिरों को इसकी सीमा से हटाए जाने को लेकर आज चारधाम तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत समिति ने हर्ष जताया। इस बावत एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इसमें तीरथ सिंह रावत सरकार के फैसले का स्वागत किया गया। वहीं, पूर्व सीएम पर जमकर भड़ास निकाली गई।

हरिद्वार रोड स्थित भगवान भवन आश्रम में प्रेसवार्ता के दौरान समिति के मंत्री हरीश डिमरी ने कहा कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत सत्ता के मद में चूर हो गए थे। उन्होंने हिटलरशाही की भांति विधानसभा में एक काले कानून को पास कराया। उन्होंने तीर्थपुरोहितों से इस संबंध में बात करनी उचित नहीं समझी। फिर चारों धामों की कृपा हुई। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हुआ और तीरथ सिंह रावत मुख्यमंत्री बने। उन्होंने बनते साथ ही देवस्थानम बोर्ड को हटाने के संकेत दिए और अपने जन्मदिन पर उन्होंने हरिद्वार में संतों के बीच यह बात रखी। इसका तीर्थपुरोहित समाज आभार प्रकट करता है।

समिति अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत को तीर्थपुरोहितों पर काला कानून थोपने की भगवान से सजा मिली है। उन्होंने कहा कि तीर्थपुरोहितों का उन्हें श्राप मिला है। तीरथ सिंह रावत का उन्होंने आभार जताया और सरकार से मांग की। यात्रा शुरू होेने से पूर्व तीर्थपुरोहितों को धामों की ओर रवाना कर दिया जाए। इसके लिए कोविड के नियमों का ध्यान रखते हुए समय पर उन्हें धामों में जाने दिया जाए।

इस मौके पर तीर्थ पुरोहितों ने एक-दूसरे को मिष्ठान खिलाकर हर्ष प्रकट किया। वार्ता के दोरान समिति संरक्षक विनोद डिमरी, कोषाध्यक्ष लक्ष्मीकांत जुगलान, बृज नारायण ध्यानी उर्फ गुड्डू, अधिवक्ता रमा बल्लभ भट्ट, श्रीनिवास पोस्ती, पंडित रवि शास़्त्री आदि उपस्थित रहे।

देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार किया जाएगाः सीएम

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सप्तसरोवर, हरिद्वार में विश्व हिंदू परिषद के केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल उपवेशन में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ की आस्था से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। कुंभ क्षेत्र में शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। संतों की मांग पर उन्होंने कहा कि मुनीकीरेती व ढ़ालवाला के शराब के ठेके बंद किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड में शामिल किए गए 51 मंदिरों पर पुनर्विचार किया जायेगा। जल्द ही तीर्थ पुरोहितों की बैठक बुलाई जायेगी। सबके हक-हकूकों का पूरा ध्यान रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि चार धामों के बारे में शंकराचार्यों द्वारा प्राचीन काल से जो व्यवस्था की गई है उसका पूरी तरह पालन किया जाएगा, उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं होगी।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार में होने वाले अगले कुंभ के लिए 2010 एवं 2021 कुंभ के अनुसार चिन्हित भूमि के अनुरूप अखाड़ों, शंकराचार्यों, महामंडलेश्वर और संत समाज के लिए अभी से भूमि चिन्हित की जाएगी। इसके लिए डिजिटल प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शपथ लेने के बाद मैंने सबसे पहले हरिद्वार कुंभ की बैठक ली। शिवरात्रि के स्नान पर्व पर हरिद्वार कुंभ में संतो का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।

’लोक संस्कृति के उत्थान के लिए नगर निगम कटिबद्धः मेयर

ऋषिकेश का गंगा का तट आज गढ संस्कृति के ऐतिहासिक कार्यक्रमों का गवाह बना। एक से एक दिलकश उत्तराखंडी प्रस्तुतियों से कलाकारों ने हर किसी का मन मोह लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही मेयर अनिता ममगाई ने कहा गढ़वाल की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम सदैव प्रयासरत रहेगा। महा गंगा आरती के बाद महाकुंभ के मौके पर त्रिवेणी घाट पर हिमालय निनाद कार्यशाला के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तूतियों के साथ उत्तराखंडी वाद्य यंत्रों की लाजवाब प्रस्तूतियां दी गई। गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी की गरिमामयी मोजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही मेयर ने कहा अपनी संस्कृति को बचाने और इसे आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।

उन्होंने प्रवासियों से गांव में जाकर अपने पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ाने की अपील भी की। इससे पूर्व गंगा स्तूति के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में उत्तराखंडी पोशाकों ने कलाकारों ने अपनी अविरल प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में मोजूद हर किसी का मन मोह लिया। इस अवसर पर कल्याण सिंह रावत, महंत लोकेश दास, कृष्ण आचार्य, शंकर तिलक, सुरेंद्र मोघा, संजीव चैहान, दिव्या बेलवाल, पंकज शर्मा, रामरतन रतूड़ी, कमलेश जैन, कमला गुनसोला, ज्योति सजवाण, डॉ सर्वेश उनियाल, गणेश कुकशाल, विजेंद्र मोघा, विजय बडोनी, बंशीधर पोखरियाल, सुनील थपलियाल आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने एसएमजेएनपीजी कालेज में शौर्य दीवार पर पुष्प अर्पित कर किया जवानों को नमन

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एसएमजेएनपीजी कालेज में शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर जवानों को नमन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कालेज में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से और बारह हजार वर्गफीट में नवनिर्मित भवन एच ब्लॉक (स्मार्ट क्लास रूम) का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि संत पूरे समाज को दिशा देने का काम करते हैं। महाकुंभ में अखाड़ा परिषद् की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आगामी स्नान पर्वों पर भी हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड से प्रभावित होने के दौरान भी मैं कुंभ के कार्यों की समीक्षा वर्चुअल रूप से लेता रहा। कोविड संक्रमण से स्वस्थ होते ही 06 अप्रैल को गंगा सभा और अखाड़ा परिषद की ओर सै आयोजित गंगा पूजन करके महाकुंभ का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखाड़ों और साधु संतों की मांग पर आगामी कुंभ के लिए जमीन चिह्नित की जाएगी।

निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि साधु संतों के लिए कुंभ से बड़ा कोई धार्मिक आयोजन नहीं होता। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को शाही स्नान के दिन गंगा तट पर आने और हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा के लिए साधुवाद दिया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने धन्यवाद ज्ञापित कर उनके दीर्घायु और यशस्वी जीवन का आशीर्वाद दिया।

महंत रविंद्र पुरी महाराज, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, कालेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष महंत लखन गिरि, निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद, आनंद पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर पुष्प गुच्छ, रूद्राक्ष की माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। संतों ने उनके सुखमय जीवन एवं दीर्घायु की कामना की।

इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चैहान, सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश जमदग्नि, मेलाधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी सी रविशंकर, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल, पूर्व महापौर मनोज गर्ग, कालेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा, मुख्य छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. संजय माहेश्वरी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. सरस्वती पाठक आदि मौजूद थे।

पुलिस सर्विलांस के कंट्रोल सेंटर को अल्प समय में बनाना सराहनीयः सीएम

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मेला नियंत्रण भवन (सी0सी0आर0) में आपदा राहत दल, 40वीं वाहिनी पी0ए0सी0 के आदर्श बैरक, कुम्भ मेला-2021 के अन्तर्गत निर्मित पुलिस सर्विलांस सिस्टम के कमाण्ड कण्ट्रोल सेण्टर का लोकार्पण किया।

मेला नियंत्रण भवन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सर्विलांस सिस्टम के कमाण्ड कण्ट्रोल सेण्टर को अल्प समय में ही जो आधुनिक रूप दिया है, वह सराहनीय है। इसके लिये उन्होंने सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कण्ट्रोल रूम समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसका डिजीटलीकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप किया गया है। पुलिस स्मार्ट, आधुनिक तथा संवेदनशील होनी चाहिये।

मुख्यमंत्री ने आपदा राहत दल, 40वीं वाहिनी पी0ए0सी0 के 70 बेड वाले आदर्श बैरक में दी गयी सुविधाओं और व्यवस्थाओं, साफ-सफाई आदि की प्रशंसा करते हुये कहा कि अच्छा वातावरण व अच्छी सुविधायें मिलने से जवानों का मनोबल भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पुलिस के आधुनिकीकरण पर कोई कोर-कसर नहीं रखी जायेगी। हम सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाते हुये महाकुम्भ को सफल बनायेंगे। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे प्रयास करने हैं कि उत्तराखण्ड की पुलिस का नाम देश में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में गर्व के साथ लिया जायेगा, क्योंकि महाकुम्भ में पूरे विश्व से श्रद्धालु आते हैं। उन्होंने कोविड के नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि हमने उत्तराखण्ड पुलिस को स्मार्ट बनाया है। यह कण्ट्रोल रूम इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम महाकुम्भ में ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं कि स्थानीय लोगों को कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़े।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने देवभूमि रक्षक पत्रिका, दो प्रमुख गीतों-’’ये व्योम कुम्भ, धर्म ध्वजा का एवं गायक कैलाश खेर द्वारा गाया गया ’’ये धर्म कुम्भ, ये कर्म कुम्भ …. ये मानवता का कुम्भ तथा कौन सा स्नान घाट आपके नजदीक है आदि की जानकारी देने वाले एप का विमोचन किया। मेलाधिकारी दीपक रावत ने इस एप के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सी0 रविशंकर, पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला जनमेजय खण्डूरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस, सहित मेला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित थे।

कुंभ में अखाड़ों, महामंडलेश्वर, संत समाज के लिए अगले कुंभ में अभी से होगी भूमि चिन्हित

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सप्तसरोवर, हरिद्वार में विश्व हिंदू परिषद के केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल उपवेशन में प्रतिभाग किया। उन्होंने साधु संतो का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ उपासना का केंद्र एवं भावना का विषय है। हरिद्वार कुंभ दिव्य, भव्य और सुंदर हो इसके लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए गए हैं। कुंभ में आने वाले संत समाज, अखाड़ों एवं श्रद्धालुओं के भव्य स्वागत के लिए स्नान पर्वों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुंभ में कोविड गाइडलाइन का भी पूरा पालन हो।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार में होने वाले अगले कुंभ के लिए 2010 एवं 2021 कुंभ के अनुसार चिन्हित भूमि के अनुरूप अखाड़ों, शंकराचार्यों, महामंडलेश्वर और संत समाज के लिए अभी से भूमि चिन्हित की जाएगी। इसके लिए डिजिटल प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शपथ लेने के बाद मैंने सबसे पहले हरिद्वार कुंभ की बैठक ली। शिवरात्रि के स्नान पर्व पर हरिद्वार कुंभ में संतो का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।