वाध्य यंत्रों की कार्यशाला आयोजित करेगा नगर निगम प्रशासनः मेयर

नगर निगम ने पर्वतीय अंचल की लोक संस्कृति के प्रतीक ढोल, दमाऊं व हुड़के की कर्णप्रिय धुनों को संजोने के लिए नायाब पहल की है। केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय, उमंग संस्था के प्रयास और नमामि गंगे के सहयोग से नगर निगम आगामी 3 अप्रैल से हिमालयी निनाद को संयोजित करने के लिए सात दिवसीय कार्यशाला का आयोजन करेगा। उक्त गढ़वाल मंडल विकास निगम के अतिथि गृह में मेयर अनिता ममगाई ने दी।

बताया कि कार्यशाला में हिमालय लोक वाद्यों के वादकों द्वारा अपने वाद्य यंत्रों के साथ-साथ अन्य वाद्य यंत्रों का पारस्परिक वादन तथा जुगलबंदी कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया जाएगा। इस कार्यशाला में लोक वाद्य में बजाए जाने वाली तालों और चालो का आपसी सामंजस्य के साथ चरणबद्ध तरीके से प्रस्तुति कलाकारों को समयबद्व होकर अपने प्रस्तुतीकरण का अभ्यास कराया जाएगा। जिसकी प्रस्तुति का वृहद कार्यक्रम नगर की हद्वय स्थली त्रिवेणी घाट में भी आयोजित किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के वाध्य यंत्र विलुप्ति की कगार पर है, जबकि विभिन्न पर्व, मेलों व संस्कारों में गाए जाने वाले लोक गीतों को बेहद खास बनाने में पहाड़ के वाद्य यंत्रों का विशेष स्थान है। एक दौर में परंपरागत वाद्य यंत्रों का वादन बहुतायत से होता था, लेकिन आधुनिकता की चकाचैंध से यहां के परंपरागत वाद्य यंत्रों की धुनें अब कभी कभार ही सुनाई देती हैं। बताया कि पहाड़ की इस परंपरा एवं संस्कृति को बचाने की आवश्यकता है। इन वाद्य यंत्रों के वादन के संव‌र्द्धन को कारगर नीति तैयार कराने के लिए भी कोशिश की जानी चाहिए। कार्यशाला के माध्यम से पूर्वजों की इस धरोहर को आगे बढ़ाने के लिए इसमें रूचि रखने वाले युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए के लिए यह अभिनव कार्यशाला आयोजित की जा रही है। बताया कि गंगा स्तुति के साथ गंगा घाट पर विविध कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें तमाम कलाकार उत्तराखंडी वेशभूषा में अपनी प्रस्तुति देंगे।

इस अवसर पर गणेश कुकशल(संचालक), डॉ प्रभाकर बडोनी (उमंग प्रकोष्ठ केंद्रीय गढ़वाल विश्व विद्यालय) संदीप उनियाल(नमामि गंगे, व्यवस्था अधिकारी), रामचरण जुयाल (वाह्य यन्त्र कलाकार), पार्षद कमलेश जैन, राधा रमोला, वंशीधर पोखरियाल आदि मौजूद रहे।

चेक बाउंस में आरोपी पर दोष सिद्ध, एक साल का कारावास

एक बाउंस के एक आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश राजेंद्र कुमार की अदालत ने एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच लाख 55 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित भी किया है।

वादी के अधिवक्ता लाल सिंह मटेला ने बताया कि 14बीघा निवासी सुनील कुलाश्री पुत्र गीताराम की लाल तप्पड़ माजरी ग्रांट निवासी राजीव महरालू पुत्र काडूराम से पुरानी दोस्ती थी। इसी का फायदा उठाते हुए राजीव महरालू ने सुनील से वर्ष 2015 में 10 लाख रूपये उधार मांगे तथा 2016 तक लौटाने की बात कहीं। वादी सुनील ने ढाई लाख, डेढ़ लाख और फिर छह लाख रूपये (कुल दस लाख रूपये) तीन किस्तों में दिए। मगर, आरोपी राजीव महरालू ने वर्ष 2016 तक उसे वापस नहीं किए। जब वादी की ओर से बार-बार आरोपी को रूपये देने के लिए कहा गया तो आरोपी ने 29 मार्च 2017 को 10 लाख रूपये का चेक दिया। जिसे वादी ने 30 मार्च 2017 को बैंक में लगाया। यह चेक 19 अप्रैल को बाउंस हो गया।

इसके बाद वादी के अधिवक्ता लाल सिंह मटेला ने न्यायालय में चेक बाउंस का मुकदमा दायर किया। वाद ट्रायल के दौरान आरोपी की ओर से वादी को चार लाख 50 हजार रूपये लौटाए गए। शेष पांच लाख 50 हजार रूपये न लौटाने पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया है।

न्यायधीश राजेंद्र कुमार ने आरोपी राजीव महरालू को एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच लाख 50 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न चुका पाने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।

प्रत्याशी सूरज गुल्हाटी व राजीव मोहन ने खुद को किया चुनाव से अलग

प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल से ऋषिकेश व्यापार महासंघ का कोई लेना देना नहीं है, ऋषिकेश का अपना खुद का महासंघ है, लिहाजा प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नियम महासंघ में लागू नहीं होंगे। इसके अलावा 10 अप्रैल को होने जा रहे चुनाव का ऋषिकेश व्यापार महासंघ से कोई नाता नहीं है। यह बात आज प्रेसवार्ता में व्यापारी राजीव मोहन अग्रवाल ने कहीं।

नगर उद्योग ऋषिकेश व्यापार महासंघ को जिस व्यापारियों की एकता के उद्देश्य से बनाया गया था। लाख कोशिशों के बाद आज वह पुनः बिखर गया। प्रत्याशी के तौर पर अध्यक्ष पद पर सूरज गुल्हाटी व महामंत्री पद पर राजीव मोहन अग्रवाल ने आज प्रेसवार्ता की। इसमें ऋषिकेश व्यापार महासंघ को प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल से अलग बताया गया। प्रेसवार्ता में साफ तौर पर कहा गया कि मुख्य चुनाव अधिकारी नरेश अग्रवाल को महासंघ की 11 सदस्यीय कोर कमेटी में से छह सदस्यों ने हटाने का फैसला किया है। साथ ही महासंघ से उनकी सदस्यता को भी खत्म कर दिया गया है।

प्रेसवार्ता में जयेंद्र रमोला ने बताया कि महासंघ का अब सर्वसहमति से मुख्य चुनाव अधिकारी राजेंद्र सेठी को बनाया गया है। कोर कमेटी के छह सदस्यों ने इस पर अपनी हामी भरी है।
वहीं, राजेंद्र सेठी ने कहा कि जल्द ही महासंघ के चुनाव आयोजित होंगे। इसकी सूचना अलग से दी जाएगी। प्रेसवार्ता में दीपक जाटव, विनोद शर्मा, अजय गर्ग, यशपाल पंवार, ललित मोहन सक्सेना आदि उपस्थित रहे।

सभासद विनोद सकलानी ने बोर्ड बैठक में रखी आवारा पशुओं की समस्या

नगर पालिका परिषद मुनीकीरेती-ढालवाला की आज बोर्ड बैठक संपन्न हुई। दिलचस्प बात यह है कि बोर्ड बैठक में सभासद विनोद सकलानी ने नगर निगम ऋषिकेश के आवारा पशुओं का मुद्दा उठाया।

उन्होंने सदन के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि ऋषिकेश नगर निगम में आवारा पशुओं की लड़ाई की भेंट एक 9 साल का मासूम चढ़ गया। इस घटना से नगरपालिका मुनी की रेती को भी सबक लेना चाहिए। बताया कि मुनी की रेती क्षेत्र में भी इन दिनों आवारा पशुओं की संख्या बढ़ रही है उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में घटी घटना से हमें सबक लेना होगा, जिससे पालिका क्षेत्र में ऐसी घटना ना घटे।

इसके अलावा सभासद ने ढालवाला क्षेत्र में खेल मैदान न होने का भी मुद्दा रखा। साथ ही सीवर ट्रीटमेंट प्लान से निकलने वाली दुर्गन्ध व ढालवाला में एक भी सार्वजनिक शौचालय न होने की बात कही। सभासद की बात को सदन में सभी ने उचित ठहराते हुए इस पर सकारात्मक विचार करने की बात कही।

मुनिकीरेती पालिका की संपन्न हुई बोर्ड बैठक, वर्ष 21-22 का बजट हुआ प्रस्तुत

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला में रोशन रतूड़ी अध्यक्ष की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक आयोजित की गयी। जिसमेें वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट प्रस्तुत किया गया। जिसमें रूपये 21,70,30,834 के अनुमानित आय एवं रूपये 20,71,10,000 का अनुमानित व्यय प्रस्तावित किया गया। इसके साथ ही 15वें वित आयोग के अंतर्गत प्राप्त अनुदानों का उपयोग शासन के आदेशों पर किये जाने की सहमति प्रदान की गयी। इस दौरान निकाय की संपत्तियों जिन पर पूर्व में त्रुटिपूर्ण कर निर्धारण किया गया है पर संसोधन करने हेतु सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ वित्तीय वर्ष 2017-18 पार्किंग प्रथम, तृतीय, चतुर्थ व तहबाजारी की अवशेष पैनाल्टी की धनराशि को माफ न करने, पर सहमति बनी।

इसके अलावा बैठक में निकाय के अंतर्गत आने वाली दुकानों के नामांतरण शुल्क में वृद्धि करने पर सामूहिक सहमति बनी। जिसमें भूतल पर निर्मित दुकानों का नामांतरण शुल्क रूपये 1,00,000 तथा प्रथम तल पर निर्मित दुकान का नामांतरण शुल्क रूपये 70,000 निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। कुट्टी माता पार्किंग के समीप निकाय द्वारा दुकानों का निर्माण करवाने पर सर्वसम्मति से सहमति प्रदान की गयी। जानकी सेतु पुल पर नगर पालिका मुनिकीरेती-ढालवाला की ओर से लाइटें लगाने का प्रस्ताव बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया। दिलमणी सकलानी, निवासी ढालवाला की ओर से वार्ड 09 का नाम सकलानी विहार किये जाने हेतु प्रार्थना पत्र दिया गया था। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वार्ड 09 का नाम सकलानी विहार किया जाना संभव नहीं है।

भद्रकाली से चंद्रा पैलेस तक सड़क के दोनों ओर लाईटें लगाने एवं 31 मार्च 2021 तक भवनकर तक जमा न करने वाले भवनकर दाता यदि 30 जून 2021 तक भवनकर जमा करता है तो 01 जुलाई 2021 से भवनकर पर 10 प्रतिशत पैनाल्टी लगाकर वसूली किये जाने पर सभी ने अपनी सहमति प्रदान की। पालिका द्वारा आमंत्रित पार्किंग तहबाजारी आदि की निविदाओं पर चर्चा कर सहमति व्यक्त की गई। स्वामी नारायण आश्रम द्वारा लाइटिंग गेटों पर सदन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित आश्रम को सामूहिक रूप से साधूवाद दिया गया।

उक्त बैठक में सभासद मीनू, सुभाष चैहान, धर्म सिंह, गजेन्द्र सिंह सजवाण, वीरेन्द्र सिंह चैहान, सुषमा नेगी, बबीता रमोला, मनोज विष्ट, विनोद सकलानी, वन्दना थलवाल सभासद व नामित सभासद किशोर राणा व सोविता भंडारी उपस्थित थे। बैठक का संचालन बद्री प्रसाद भट्ट अधिषासी अधिकारी द्वारा किया गया।

निगम की वित्तीय सेहत सुधारने के लिए मेयर ने की वित्त सचिव से मुलाकात

नगर निगम ऋषिकेश की वित्तीय हालात को संवारने को लेकर आज मेयर अनिता ममगाईं ने वित्त सचिव अमित नेगी से भेंट की। इसके बाद मेयर शहरी विकास सचिव शैलेश बगोली से भी मिली और वित्तीय संकट की जानकारी दी। बताया कि नगर निगम को केंद्र और राज्य सरकार की मदद न मिले तो यह एक दिन भी अपने बुनियादी कार्यों को अंजाम नहीं दे पाएगा। वेतन तक के लाले पड़ जाएंगे।

उन्होंने राज्य वित्त आयोग से बेहद कम पैसा अवमुक्त होने की जानकारी देते हुए वित्त सचिव को अवगत कराया कि नगर पालिका से नगर निगम में अपग्रेड होने के बावजूद अभी तक निगम को राज्य वित्त आयोग से बहुत कम पैसा रिलीज किया जा रहा है जिसकी वजह से अधिकांश धनराशि निगम कर्मचारियों की सैलरी में ही खर्च हो जा रही है और इस वजह से निगम के निर्माण कार्य भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।

मेयर ने बताया कि कुम्भ बजट के मामले में भी निगम को सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है। बताया कि वित्त सचिव और शहरी विकास सचिव से हुई भेंटवार्ता बेहद सफल रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि नये वित्त सत्र अप्रैल-मई में नगर निगम को पैसा अवमुक्त करा दिया जायेगा। इसके बाद निश्चित ही निगम के रूके हुए निर्माण कार्यों को गति मिल जाएगी।

पिथौरागढ़ के दो शहीद आश्रितों का सरकारी सेवा में हुआ समायोजन

उत्तराखंड में शहीदों के आश्रितों के लिए सरकारी नौकरी में समायोजन योजना के तहत प्रदेश सरकार ने पिथोरागढ़ जनपद में दो आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन कर दिया है। जिला प्रशासन ने इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया। लाभार्थियों में एक शहीद की धर्मपत्नी व दूसरी बहन हैं।

प्रदेश में शहीदों की विधवाओं व आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन करने की योजना है। इसके तहत प्रदेश सरकार ने पिथोरागढ़ जनपद में दो महिलाओं को नौकरी पर समायोजित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें पिथोरागढ़ तहसील के मूनाकोट गांव निवासी शहीद लॉसनायक गोविंद प्रकाश चंद्र की धर्मपत्नी सुनीता चंद तथा गंगोलीहाट तहसील के ग्राम बड़ेना निवासी शहीद सिपाही राजेंद्र सिंह की सिंह बहन खीमा का समायोजन किया गया है। शासन स्तर से इसके लिए संबधित जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हैं। पिथोरागढ़ प्रशासन के मुताबिक शासन के निर्देशों के मुताबिक उक्त महिलाओं को राजस्व विभाग में समायोजन किया गया है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि देश रक्षा में अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीदों के बलिदान को भी नहीं भुलाया जा सकता। शहीदों की विधवाओं व आश्रितों की मदद के लिए हर संभव प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं। पिथोरागढ़ में दोनों शहीदों के आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। शहीद परिवारों की सेवा के लिए हमारी सरकार कृत संकल्पित है।

शहीदों के आश्रितों को सेवायोजित करने के लिए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का आभार जताया। कहा कि देश रक्षा में प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों का पूरा देश ऋणी रहेगा। बलिदान के इस ऋण को कभी नहीं चुकाया जा सकेगा। हमारी सरकार ने आश्रितों को सेवायोजित करने की जो योजना संचालित की है उसकी जितनी प्रशंसा की जाए वह कम ही होगी।

भूमिगत केबलिंग परियोजना का कुंभ क्षेत्र में हुआ लोकार्पण

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत एवं केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह ने वर्चुअल माध्यम से हरिद्वार के कुम्भ क्षेत्र में भूमिगत केबलिंग परियोजना का लोकार्पण किया।

उन्होंने कहा कि इसी तारतम्य में भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की आईपीडीएस योजना के अंतर्गत हरिद्वार के कुंभ क्षेत्र में आज भूमिगत केबलिंग परियोजना का लोकार्पण किया गया है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह का आभार जताया।

मुख्यमंत्री एकीकृत विद्युत विकास योजना के अंतर्गत हरिद्वार की विद्युत लाइनों को केबल के माध्यम से भूमिगत किए जाने के लिए भारत सरकार ने 388.49 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने पर केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उत्तराखंड पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड एवं भूमिगत केबलिंग का कार्य सफलतापूर्वक एवं समय पर पूर्ण कराने पर सराहना भी की। कहा कि इस परियोजना का क्रियान्वयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन के अनुरूप किया गया है और इस प्रक्रिया में स्थानीय व्यक्तियों के हितों को सर्वोपरि रखा गया है। इस भूमिगत केबलिंग परियोजना के लोकार्पण से कुंभ क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति में कोई भी व्यवधान उत्पन्न नहीं होगा और हरिद्वार के उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हो सकेगी। इससे बारिश और आंधी-तूफान से जर्जर तारों के टूटने और इससे होने वाली संभावित दुर्घटनाएं भी टल जाएंगी। विद्युत लाइनों के अंडरग्राउंड होने से जहां रखरखाव के खर्च में कमी आएगी वहीं आवासीय व वाणिज्यिक क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के लिए खुला स्थान उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही सड़कों का चैड़ीकरण भी आसानी से हो सकेगा, जिससे वाहनों का दबाव भी कम होगा।

केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आर.के. सिंह ने कहा कि आज हरिद्वार के कुम्भ क्षेत्र में भूमिगत केबलिंग परियोजना का लोकार्पण किया गया है यह कुंभ क्षेत्र के लिए ही नहीं बल्कि सभी नागरिकों के लिए खुशी का दिन है। हरिद्वार लोंगों की आस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। हरिद्वार के विकास में हमें भी योगदान देने का मौका मिला, यह हमारा शौभाग्य है। उन्होंने कहा कि अंडरग्राउण्ड केबलिंग से बिजली की गुणवत्ता में बहुत सुधार आता है। अन्डरग्राउण्ड केबलिंग से विद्युत हानि में भी काफी कमी आयेगी। उन्होंने इस प्रोजक्ट को जल्द पूर्ण करवाने के लिए सचिव ऊर्जा राधिका झा एवं यूपीसीएल के अधिकारियों को बधाई दी। आर.के. सिंह ने कहा हरिद्वार में अंडरग्राउण्ड केबलिंग को और विस्तार देने के प्रयास किये जायेंगे। अंडरग्राउण्ड केबलिंग की व्यवस्था से जुड़ने वाला बनारस के बाद हरिद्वार दूसरा राज्य है।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने भारत सरकार द्वारा बनारस के बाद हरिद्वार शहर को भूमिगत कैबलिंग के लिए चयनित करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरिद्वार में कुम्भ मेले के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण पर्वों में भी भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। भूमिगत केबल होने से यहां की आम जनता के साथ ही श्रद्धालुओं को भी काफी सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि भूमिगत कैबलिंग से बिजली चोरी में भी कमी आयेगी। मुख्य सचिव ने हरिद्वार शहर में भूमिगत केबल के कार्य को समय से पूर्व पूर्ण किए जाने को एक उपलब्धि बताते हुए केन्द्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री से उत्तराखण्ड के अन्य पर्यटक स्थलों में भी भूमिगत केबल किए जाने का अनुरोध किया।

कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट साथ होने पर ही मिलेगी उत्तराखंड में एंट्री

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश दिए की कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आरटी पीसीआर टेस्ट एवं वैक्सीनेशन में तेजी लाई जाए। हरिद्वार कुंभ स्नानों के दृष्टिगत हरिद्वार में वैक्सीनेशन और आरटी पीसीआर टेस्ट के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राज्य में जिन स्थानों पर कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, उन स्थानों पर कंटेनमेंट एवं माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं एवं टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जाय।

जिन राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे राज्यों के जिन स्थानों पर अधिक मामले मिल रहे हैं, जो भी लोग उत्तराखंड आ रहे हैं, उनको कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट लाने पर ही प्रवेश दिया जाए। इसके लिए शीघ्र गाइडलाइन जारी की जाए।

बैठक में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव अमित नेगी, शैलेश बगोली, एसए मुरुगेशन आदि उपस्थित थे।

एसपीएस चिकित्सालय ऋषिकेश में खराब व्यवस्थाओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री तीरथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए की व्यवस्थाओं को जल्द सुधारा जाए एवं कार्य के प्रति लापरवाही दिखाने वालों पर सख्त कारवाई की जाय। हरिद्वार कुंभ एवं आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाय। कुंभ स्नान के दृष्टिगत पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाय।

पूर्णागिरी मेला हुआ शुरू, कोविड नियमों का करना होगा पालन

टनकपुर (चंपावत)। उत्तराखंड के चंपावत में विश्व प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला आज से शुरू हो गया है। मां पूर्णागिरि धाम में हर साल होली के अगले दिन से तीन माह का मेला लगता है, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मेला अवधि 30 दिन तय की है। 30 मार्च से शुरू हो रहा मेला 30 अप्रैल तक चलेगा। मेले में कोरोना से बचाव के लिए श्रद्धालुओं को सरकार की गाइडलाइन का पालन करना होगा।

10 हजार श्रद्धालु ही एक दिन में कर सकेंगे दर्शन, पंजीकरण भी अनिवार्य

मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि ककरालीगेट से मुख्य मंदिर तक पथ प्रकाश, अस्थायी शौचालय, यात्रि विश्राम शेड आदि व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। जगह-जगह श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग से जांच की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा नोडल अधिकारी सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि कुंभ मेले के कारण फिलहाल जिले का ही फोर्स मेले की सुरक्षा व्यवस्था संभालेगा। कुंभ मेले की ड्यूटी में गई फोर्स भी वापस मंगा ली गई है।

रोडवेज चलाएगा दस बसें
पूर्णागिरि मेले में इस बार भी रोडवेज टनकपुर से पूर्णागिरि के लिए दस बसें चलाएगा। एआरएम संचालन केएस राणा ने बाताया कि पूर्णागिरि मार्ग पर चलाने को दस बसों की व्यवस्था की गई है। बसों का संचालन रोडवेज बस स्टेशन से किया जाएगा।

नहीं चलेगी मेला स्पेशल ट्रेन
पूर्णागिरि मेले के लिए फिलहाल मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन नहीं होगा। अलबत्ता एक अप्रैल से त्रिवेणी एक्सप्रेस का संचालन शुरू हो जाएगा। यात्रियों को रूटीन ट्रेनों, रोडवेज की बसों या फिर निजी वाहनों से ही दर्शन के लिए आना होगा।