सीएम धामी ने राज्य में माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय उद्यान सर्किट हाउस गढ़ीकैंट में उत्तराखंड माल्टा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में माल्टा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली में भी राज्य की ओर से माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने अपनी धर्मपत्नी गीता पुष्कर धामी के साथ विभिन्न जनपदों के माल्टा एवं नींबू प्रजाति के फलों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर माल्टा एवं नींबू की खटाई सहित नींबू प्रजाति के फलों से बने विभिन्न उत्पादों का स्वाद भी लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माल्टा उत्तराखंड की पहचान एवं परंपरा से जुड़ा है। राज्य की आर्थिकी व समृद्धि को सशक्त करने में बागवानी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इन्हीं संभावनाओं को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने एप्पल मिशन व कीवी मिशन जैसी कई उल्लेखनीय शुरूआत की है। इसी तर्ज पर राज्य में माल्टा के उत्पादन को बढावा देने के लिए माल्टा मिशन की शुरूआत की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के माल्टा की ब्रांडिंग व इसे बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार के द्वारा अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य के हर जनपद में माल्टा महोत्सव का आयोजन इन्हीं प्रयासों की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य के माल्टा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए दिल्ली में भी राज्य की ओर से माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। खेती व बागवानी के क्षेत्र में समुचित प्रोत्साहन, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाई जा रही है। यह पहल पलायन रोकने और युवाओं को अपने गांव के पास ही रोजगार देने में गेम चेंजर साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय विशिष्टताओं के अनुरूप उपयुक्त खेती और बागवानी को प्रोत्साहित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में माल्टा, सेब, नाशपाती, कीवी, अखरोट, आड़ू और नींबू वर्गीय फलों के बागान स्थापित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। फसल आधारित क्लस्टर विकसित कर उत्पादन और विपणन को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में माल्टा व गलगल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। सरकार द्वारा बागान लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान, सूक्ष्म सिंचाई पर 70 से 80 प्रतिशत अनुदान तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। सेलाकुई में सुगंधित पौधों के लिए स्थापित केंद्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महक क्रांति की शुरूआत कर राज्य में सुगंधित पौधों की खेती को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण पहल की गई है।

मुख्यमंत्री ने माल्टा महोत्सव में प्रतिभाग करने आए पौड़ी गढ़वाल के माल्टा उत्पादक हरीश के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने 53 प्रजातियों के लगभग एक हजार पौधे रोपित किए हैं तथा इस बार भी 200 पौधे रोपित करने की तैयारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अन्य किसानों को इनसे प्र्रेरणा लेकर बागवानी के क्षेत्र में विद्यमान संभावनाओं को साकार करने में सरकार के प्रयासों को सफल बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि माल्टा जैसे स्थानीय फलों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन को बढ़ावा देने से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के महोत्सव किसानों को नए बाजारों से जोड़ने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले पाँच वर्षों में उत्तराखंड औद्यानिकी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि माल्टा जैसे स्थानीय फलों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन को प्रोत्साहित कर इसका सीधा लाभ प्रदेश के किसान भाइयों तक पहुँचाया जाए और यह महोत्सव इन्हीं प्रयासों का सशक्त प्रमाण है।

कार्यक्रम में सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी कैलाश पंत, प्रताप सिंह पंवार तथा सचिव कृषि डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं विभिन्न जनपदों से आए किसान भी उपस्थित रहे।

अंकिता मामले में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करने वालों को सरकार देगी सुरक्षा, सभी जांच के लिए तैयार : सुबोध उनियाल

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अंकिता प्रकरण विवाद पर स्पष्ट किया कि आरोप लगाने वाले या अन्य व्यक्ति, विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करें, सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट, एसआईटी जांच को सही मानते हुए, सीबीआई जांच से इनकार कर चुकी है। लिहाजा सिर्फ अपुष्ट आरोप के आधार पर कार्रवाई हुई तो सजायाफ्ता दोषियों को कानूनी फायदा पहुंच सकता है।

पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए, उनियाल ने कहा, बेटी के साथ हुई इस घटना से समूची देवभूमि दुखी थी। मामले को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए, धामी सरकार ने तत्काल महिला डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी फोरेंसिक और व्यवहारिक सबूतों को एकत्र किया गया और न्यायालय में मजबूती से पैरवी की गई। पीड़ित परिवार की सहमति से की गई इस तरह कार्रवाई की गई कि आरोपियों को जमानत तक नहीं लेने दी गई। इस सबके आधार पर दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई है।

जहां तक सवाल है, सीबीआई जांच का तो, सरकार किसी भी जांच से गुरेज नहीं है, लेकिन विश्वसनीय साक्ष्य सामने तो आएं। उन्होंने आग्रह किया कि सोशल मीडिया में आरोप लगाने वाले व्यक्तियों से भी में विशेष अनुरोध है कि वे सामने आकर, साक्ष्य प्रस्तुत करें। सरकार उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी, और उनके ही नहीं किसी अन्य पक्ष के पास भी कोई पुख्ता साक्ष्य हैं तो जांच एजेंसी को सौंपे। यदि उनमें थोड़ी सी भी सच्चाई पाई गई तो उसमें बड़ी से बड़ी जांच के लिए सरकार तैयार है।

पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, प्रकरण की विवेचना के बाद जब एक पक्ष सीबीआई जांच की संस्तुति के लिए न्यायालय पहुंचा था। तो ट्रायल कोर्ट, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने भी एसआईटी द्वारा की गई कार्यवाही को सही और सक्षम मानते हुए किसी अन्य जांच से इनकार कर दिया था। तीनो न्यायालयो ने माना कि किसी भी वीआईपी को बचाने का कोई प्रयास नही किया गया है और विवेचना में कोई वीआईपी होना पाया भी नहीं गया। उपरोक्त केस की पैरवी ट्रायल कोर्ट में मृतिका के परिजनों की इच्छानुसार नियुक्त विशेष अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई थी व उनके द्वारा वीआईपी व विवेचना के सम्बन्ध में कोई आपत्ति नही की गई थी।

इसी तरह क्राइम सीन पर बुल्डोजर चलाने के आरोप पर स्पष्ट किया कि कोर्ट ने भी माना, मृतका के कमरे की तोड़ फोड़ से पूर्व ही एफएसएल टीम द्वारा सभी साक्ष्य इकट्ठा कर लिये थे। लिहाजा कहीं कहीं एक खास नजरिया स्थापित करने की दृष्टि से भी यह दुष्प्रचारित किया जा रहा है। वहीं विवेचना के दौरान कई बार आम जन से अपील की गई थी कि किसी के पास इस प्रकरण के सम्बन्ध में साक्ष्य हों तो उपलब्ध करायें और किसी के भी द्वारा कोई साक्ष्य नहीं दिये गये थे।

उन्होंने वर्तमान में सीबीआई जांच की मांग को लेकर उन्होंने पुनः स्पष्ट किया कि पुख्ता सबूत सामने आने पर सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार है। लेकिन उससे पहले इस तरह का निर्णय, सजायाफ्ताओं को फायदा पहुंचा सकता है। क्योंकि आरोप लगाने वाले सोशल मीडिया ऑडियो वीडियो में दुखद मौत के कारण को लेकर दोहरी बयानबाजी की गई है, उसकी न्यायालय में प्रस्तुति, अभियुक्तों की जमानत का रास्ता भी खोल सकती है। लिहाजा कहीं न कहीं अन्य पक्षों द्वारा जा रही इस तरह की कोशिशें दोषियों को लाभ पहुंचाने की साजिश का हिस्सा भी हो सकता है।वर्तमान में वायरल रिकार्डिंग में कोई समय और तिथि स्पष्ट नहीं है।
इसमें व्यक्ति द्वारा अंकिता की सुसाइड की बात कहना अभियुक्त को फायदा पंहुचाने की नीयत से कहा गया, ऐसा प्रतीत होता है। क्योकि अपराधी पूर्व में हत्या के आरोप मे सजा पा चुके हैं। मामला अभी अपील पर है, इस प्रकार के तथ्य लाना अभियुक्तों को फायदा पंहुचा सकता है।

जो फिलहाल रिकार्डिंग सामने आई है उसके किसी सुनियोजित तरीके से किए जाने की आशंका है और इसको जानबूझकर लीक करने की योजना मालूम पड़ती है। रिकार्डिंग में बिना किसी साक्ष्य के एक-दो लोगों का नाम बार-बार लिया जाना उन्हे व्यक्तिगत क्षति पंहुचाने का आशय प्रतीत होता है।

लिहाजा सरकार का मानना है कि यह बहुत ही संवेदनशील मामला है। इसलिए जब तक आरोप लगाने वाले व्यक्ति, कोई विश्वसनीय सबूत प्रस्तुत नहीं करते हैं तब तक जल्दबाजी में कुछ भी निर्णय करना, पूरी कानूनी प्रक्रिया को कमजोर कर सकता है।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन भी मौजूद रही।

प्रशासन को ग्रामीणों के द्वार पर भेजकर जन-समस्याओं के निस्तारण एवं सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने की मुहिम की मौके पर जाकर की पड़ताल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के क्रियान्वयन की जमीनी पड़ताल के लिए आज देहरादून जिले के अंतर्गत रायपुर ब्लॉक के खैरीमान सिंह में आयोजित न्याय पंचायत स्तरीय शिविर का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘प्रशासन गांव की ओर’ कार्यक्रम के तहत आयोजित बहुद्देश्यीय शिविर में जन-समस्याओं के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली और अभियान के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया और सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित करने के लिए मौके पर की गई व्यवस्थाओं को परखा। इस अवसर पर 102 दिव्यांगों एवं वृद्धजनों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन-समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना है, इसलिए इस अभियान को पूरी संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रभावशीलता के साथ संचालित किया जाना जरूरी है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा, ब्लॉक प्रमुख सरोजिनी जवाड़ी, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान एवं अन्य जनप्रतिनिधियों सहित मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम हरि गिरि, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

ऑडियो साक्ष्य आधार पर डीएम ने की पटवारी के निलम्बन की कार्रवाई, तहसीलदार को सौंपी प्रकरण की विस्तृत जांच

लाखामण्डल क्षेत्र में अवैध वसूली की शिकायत पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें तहसील कालसी स्थित रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में संबद्ध किया गया है।
लाखामण्डल, चकराता, देहरादून निवासियों द्वारा जिलाधिकारी को शपथ पत्र के साथ के साथ अपने संयुक्त शिकायती पत्र में ऑडियो साक्ष्य (पेनड्राइव) भी संलग्न किया गया था।  जिसमें आरोप लगाया गया कि जयलाल शर्मा द्वारा क्षेत्र में तैनाती के बाद छोटे से बड़े दस्तावेज तैयार करने, फर्जी विक्रय पत्र, दाखिल-खारिज आदि कार्यों के नाम पर किसानों, काश्तकारों तथा अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के गरीब लोगों से खुलेआम नकद एवं ऑनलाइन माध्यम से अवैध धनराशि वसूली जा रही थी।
जिलाधिकारी द्वारा प्रकरण की कराई गई प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर प्रकृति के पाए गए, जिसके दृष्टिगत निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच आवश्यक मानी गई। उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 के उल्लंघन के प्रथम दृष्टया आधार पर जिलाधिकारी द्वारा जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के आदेश दिए गए।
निलंबन अवधि में संबंधित कर्मचारी को वित्तीय नियम संग्रह, खण्ड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम-53 के अंतर्गत अर्द्ध औसत वेतन के समतुल्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इसके साथ ही नियमानुसार महंगाई भत्ता भी अनुमन्य होगा, बशर्ते संबंधित कर्मचारी द्वारा यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया जाए कि वह इस अवधि में किसी अन्य सेवा, व्यवसाय अथवा व्यापार में संलग्न नहीं है। प्रकरण की विस्तृत जांच हेतु तहसीलदार विकासनगर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि एक माह के भीतर जांच पूर्ण कर अपनी आख्या जिलाधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।  जिलाधिकारी के अनुमोदन उपरांत उप जिलाधिकारी मुख्यालय द्वारा निलंबन आदेश विधिवत जारी कर दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार एवं अवैध वसूली के मामलों में शून्य सहिष्णुता नीति अपनाई जा रही है तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री आवास परिसर के उद्यान में 17 प्रजातियों के चार हजार ट्यूलिप उगाने की मुहिम का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर के उद्यान में 17 प्रजातियों के ट्यूलिप उगाने की मुहिम का शुभारंभ करते हुए सपरिवार ट्यूलिप के बल्ब रोपे। मुख्यमंत्री आवास परिसर के उद्यान में इस बार ट्यूलिप के चार हजार बल्ब रोपे जा रहे हैं। जिनमें लेक पर्पल तथा बाईकलर प्रजाति के खास रंगत वाले ट्यूलिप भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग को ट्यूलिप के व्यवसायिक उत्पादन की कार्ययोजना बनाने के निर्देश देते हुए पुष्प उत्पादन एवं बागवानी के क्षेत्र में नवाचार पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्यूलिप उत्पादन के बारे में उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित से विस्तार से जानकारी लेने के साथ ही परिसर में मशरूम उत्पादन, मौनपालन सहित बागवानी से जुड़े विभिन्न कार्यों की जानकारी भी ली।

राजा जगत देव का जीवन त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का अमूल्य उदाहरण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उधमसिंह नगर के गदरपुर क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत रोशनपुर डलबाबा में बुक्सा जनजाति समाज के राजा जगतदेव की प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राजा जगत देव जी का जीवन त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का अमूल्य उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल एक प्रतिमा के अनावरण का नहीं, बल्कि बुक्सा जनजाति की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और बलिदान की स्मृति को नमन करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि राजा जगत देव जी ने कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। यह केवल वीरता की नहीं, बल्कि स्वाभिमान और आस्था की अदम्य शक्ति की प्रतीक गाथा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, कोटद्वार सहित अनेक क्षेत्रों में बसे बुक्सा समाज के लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान को जीवंत रखे हुए हैं। राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के सांस्कृतिक संरक्षण, इतिहास के दस्तावेजीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा जगत देव जी की गौरवगाथा को शोध कार्य भी होने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनसे प्रेरणा ले सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से संबंधित तीन घोषणाएँ भी कीं—ग्राम सभा रोशनपुर स्थित श्री डलबाबा मंदिर परिसर में चाहरदीवारी, टीनशेड, फर्श और शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। ग्राम बलरामनगर से खेमपुर तक 3 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्राम सीतापुर से एएनके इंटर कॉलेज तक 4 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा।

इस अवसर ब्लॉक प्रमुख ज्योति ग्रोवर, नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश चुघ, दर्जामंत्री मंजीत सिंह राजू, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर नितिन भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के हितों के लिए हर संभव सहयोग का दिया आश्वासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में उत्तरांचल प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष अजय राणा के नेतृत्व में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा लोकतंत्र में मीडिया का महत्व सर्वविदित है। मीडिया से जुड़े प्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से राज्य विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।

इस अवसर पर प्रेस क्लब के निवर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी ने कहा कि पूर्व में भी प्रेस क्लब को मुख्यमंत्री व सरकार का सहयोग मिलता रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी इसी प्रकार का सहयोग मिलता रहेगा। नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय राणा और महामंत्री योगेश सेमवाल ने प्रेस क्लब भवन निर्माण के प्रस्ताव के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सोबन सिंह गुसाईं, संयुक्त मंत्री शिवेश शर्मा, मीना नेगी, संप्रेक्षक विजय जोशी, कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन लखेड़ा, रश्मि खत्री, सुलोचना पयाल, वीरेंद्र डंगवाल, मनोज जयाडा, हरीश थपलियाल, मनवर सिंह रावत उपस्थित रहे।

सिंचाई विभाग को विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता वाली नियोजन की इंजीनियर्स समिति को सक्रिय किए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने समिति द्वारा विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की। मुख्य सचिव ने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता और भौतिक प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए।

मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन विभाग को स्वीकृत प्रस्तावों को दिए जाने वाले फंड्स एवं कार्य की भौतिक प्रगति की समीक्षा भी किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों से एमसीआर का फॉर्मेट पर भौतिक प्रगति रिपोर्ट ली जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग को विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता वाली नियोजन की इंजीनियर्स समिति को सक्रिय किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव भेजे जाने से पहले इस समिति द्वारा तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का परीक्षण करने के बाद ही प्रस्ताव भेजें जायें।

मुख्य सचिव ने सचिव आपदा को राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में ईएनसी पीडब्ल्यूडी को भी स्थाई सदस्य शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए नॉर्म्स बनाये जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल की स्थिति और प्रकृति के अनुरूप प्रत्येक कार्य की अलग अलग आवश्यकता हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य की स्थिति एवं प्रकृति के अनुरूप कार्य किया जाना चाहिए, जहाँ संभव हो वहाँ वेजिटेटिव प्रोटेक्शन वर्क को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने विभागाध्यक्ष सिंचाई को देहरादून के अंतर्गत विभिन्न कैनाल सिस्टम को दुरुस्त करते हुए नहरों के सुधारीकरण एवं मजबूतीकरण कार्यों का प्रस्ताव तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. वी. षणमुगम, विनोद कुमार सुमन, आनन्द स्वरूप, अपर सचिव रंजना राजगुरु एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नववर्ष पर मुख्यमंत्री धामी ने रोडवेज की 100 नई बसों को दिखाई हरी झंडी

नववर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में 100 नई बसें शामिल की गई है। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से पसे फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 10 ए.सी. एवं 2 स्लीपर अनुबंधित बसों को भी जनता को समर्पित किया। साथ ही उन्होंने परिवहन निगम की स्मारिका “अनवरत” एवं सड़क सुरक्षा पर आधारित कैलेंडर का विमोचन किया तथा कठिन परिस्थितियों में कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मठ कर्मचारियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये नई बसें राज्य के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को सशक्त बनाएंगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा सुविधा मिलेगी तथा राज्य की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि दुर्गम और पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में एक सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था नागरिक सुविधा के साथ-साथ आर्थिक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परिवहन निगम को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अब तक 13 से अधिक नए बस अड्डों और कार्यशालाओं का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 14 अन्य स्थानों पर कार्य प्रगति पर है, जिनमें 4 आईएसबीटी भी शामिल हैं। शीघ्र ही निगम के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को भी सम्मिलित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि निगम की बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, ई-टिकटिंग, फ्लीट मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध मेंटेनेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुदृढ़ होगी। सरकार ने निगम कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए डीए वृद्धि, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन एवं नई भर्तियों के माध्यम से मैनपावर की कमी को दूर करने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परिवहन निगम को “सेवा का माध्यम” मानते हुए इसे आधुनिक, आत्मनिर्भर और जनोन्मुखी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पारदर्शी नीतियों और जवाबदेही के बल पर उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, एमडी परिवहन निगम एवं अपर सचिव रीना जोशी तथा परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार पूर्व सैनिक सम्मान, पुनर्वास एवं कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील एवं सक्रिय: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नव वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित पूर्व सैनिक मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैनिकों और पूर्व सैनिकों की वीर भूमि है और राज्य सरकार उनके सम्मान, पुनर्वास एवं कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील एवं सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सैनिक पुत्र होने की वजह से उन्होंने सेना के अनुशासन, त्याग और देशभक्ति को करीब से देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सैनिकों से संबंधित हर कार्यक्रम में जाने का प्रयास करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर महत्वपूर्ण अवसर पर सैनिकों के बीच जरूर जाते हैं। सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लिए प्रधानमंत्री ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, सीमावर्ती क्षेत्रों के तीव्र विकास, सैनिकों के लिए आधुनिक उपकरणों, आवास एवं कल्याण सुविधाओं में लगातार वृद्धि की गई है, जिससे सक्रिय सैनिकों के साथ-साथ पूर्व सैनिक समुदाय का मनोबल और गौरव भी और अधिक बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में शहीद आश्रितों, पूर्व सैनिकों और सेवा निवृत्त सैन्य कर्मियों के लिए विविध कल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सैनिक और पूर्व सैनिक देश की शान हैं, जिनके त्याग, बलिदान और अनुशासन के कारण आज भारत सुरक्षित और सशक्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। राज्य सरकार द्वारा सैनिकों को मिलने वाली पुरस्कार एवं सम्मान राशि में कई गुना वृद्धि की गई है, जिससे शहीदों और वीर सैनिकों के सम्मान को और अधिक गरिमा मिली है। उन्होंने कहा कि सीमा पर देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले जवानों के परिजनों को सरकारी नौकरी प्रदान करने का संवेदनशील और ऐतिहासिक निर्णय धामी सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि अब तक 28 शहीद सैनिकों के परिजनों को सरकारी सेवा में रोजगार प्रदान किया जा चुका है, जो सरकार की सैनिक परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस अवसर सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह, ब्रिगेडियर केजी बहल, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल, ले.जनरल अश्वनी कुमार, मेजर जनरल ओपी राणा, ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, मेजर जनरल देवेश अग्निहोत्री, मेजर जनरल ओपी सोनी, मेजर जनरल आनंद रावत सहित पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।