घाट रोड़ की धंसी सड़क को तुरंत दुरुस्त करें निर्माण अधिकारी

सिंधी धर्मशाला के सामने घाट रोड की सड़क धंसने पर व्यापारी नेता पवन शर्मा ने मेयर अनिता ममगाईं को फोन पर सूचना दी। व्यापारी नेता की बात का संज्ञान लेकर मेयर अनिता ममगाईं मौके पर पहुंची और अधिकारियों को मौके पर बुलवाकर दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए।

दरअसल, कुंभ के आगाी शाही स्नान के चलते आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने वाली है। ऐसे में घाट रोड जो शहर का व्यस्तम और त्रिवेणी घाट को जाने वाला मुख्य मार्ग है, की सड़क का धंसना चिंताजनक है। आज व्यापारी नेता पवन शर्मा ने मेयर अनिता ममगाईं को फोन पर सूचना दी। मेयर ने भी देर नहीं की और मौके पर पहुंच बेहद बारीकी से सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और जल्द सड़क को दुरुस्त करने के लिए दिशा निर्देश दिए।

वहीं, मेयर अनिता की त्वरित कारवाई पर घाट रोड़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष पवन शर्मा व अन्य व्यापारियों द्वारा उनका आभार जताया गया। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त एलम दास, सहायक अभियंता आनंद मिश्रवान, सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल, सफाई निरीक्षक अभिषेक मल्होत्रा, पंकज शर्मा, हैप्पी सेमवाल, राकेश पाल, मोतीराम टुटेजा, संजय व्यास, प्रतीक पुंडीर, हरिशंकर मदान, राजू शर्मा, सतवीर पाल, मदन लाल जाटव, दीपक चैरसिया, शिवम टुटेजा, प्रवीण सिंह, रामकुमार गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, हर्षित गुप्ता, त्रिलोक कक्कड़, मोतीराम टुटेजा, हरिशंकर मदान, रवि चैरसिया, राहुल पाल आदि मौजूद रहे।

छह दिन से लापता नाबालिग को पुलिस ने ढूंढ़ निकाला

कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र में लापता हुए 10 वर्षीय बालक को पुलिस ने भरत विहार स्थित काली कमली के बगीचे से बरामद किया है, लापता युवक 28 जनवरी से गायब था।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि हसमुद्दीन पुत्र इस्लाम निवासी ब्रह्मवाला, लोहिया नगर देहरादून ने बताया कि उनका 10 वर्षीय नाबालिग बेटा बीती 28 जनवरी की दोपहर तीन बजे से गायब है। जिसकी काफी तलाश की गई, मगर कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। पुलिस ने टीम तैनात की और टीम को आज सफलता मिल गई है। कोतवाल रितेश ने बताया कि लापता बालक भरत विहार स्थित काली कमली के बगीचे से सकुशल बरामद किया गया है, तथा परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सा विज्ञान केन्द्र के आईसीयू का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में आपातकालीन चिकित्सा सेवा 108 के बेड़े में 132 नई एम्बुलेंस का फ्लैग ऑफ किया। इन आपातकालीन एम्बुलेंसस का क्रय विश्व बैंक सहायतित उत्तराखंड डिजास्टर रिकवरी परियोजना के माध्यम से किया गया है। उन्होंने गांधी शताब्दी अस्पताल में 10 बेड की आईसीयू यूनिट का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कोरोना वॉरियर्स को प्रमाणपत्र और कोविड वार्ड में मरीजों की सेवा करने वाले सभी डॉक्टरों एवं अन्य कार्मिकों को 11-11 हजार रूपए की धनराशि सम्मान स्वरूप देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में रहा है। आपातकालीन सेवा में 132 नई एम्बुलेंस के सम्मिलित होने से मरीजों को स्वास्थ्य सेवा का त्वरित लाभ मिल सकेगा। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यह सेवा मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होंगी। ये एम्बुलेंस एडवांस व बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम से युक्त हैं। पिछले चार साल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कुल 271 एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से अभी तक लगभग 02 लाख 32 हजार लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इस योजना से 4200 से अधिक नेत्र रोगी अपना ईलाज करा चुके हैं। राज्य में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर करने के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। 10 माह पूर्व जहां राज्य में कुल 216 आईसीयू बेड व 116 वेन्टीलेटर्स थे, अब बढ़कर 863 आईसीयू बेड व 695 वेन्टीलेटर्स हो गए हैं। जल्द ही तीन मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर, हरिद्वार एवं पिथौरागढ़ तैयार हो जायेंगे। पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अनेक प्रयास किये गये हैं।

इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, सचिव आपदा प्रबंधन एस. ए. मुरूगेशन, प्रभारी सचिव डॉ. पंकज पाण्डेय, अपर सचिव युगल किशोर पंत, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती, सीएमओ देहरादून डॉ. अनूप डिमरी आदि उपस्थित थे।

सत्ताधीन पार्टी और विपक्ष ने दी केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया, अधिक पढ़ें…

केंद्रीय बजट 2021-22 स्वास्थ्य और कल्याण, किसानों के कल्याण, अकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास, मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना, नवाचार और अनुसंधान और विकास पर आधारित है। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होगा, बल्कि इससे किसानों, बेरोजगार युवाओं और आम आदमी का आर्थिक विकास भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि इस बजट से समग्र विकास सुनिश्चित होगा, जिससे जन साधारण का विश्वास और भी बढ़ेगा। लघु और मध्यम उद्योग, स्टार्ट अप, व्यापार, इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में सुधार से अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, वहीं छोटे करदाताओं को लाभ मिलेगा। एक देश एक राशन’ योजना, 75 साल से ऊपर के नागरिक को पूर्णरूप से टैक्स में छूट, उज्जवला स्कीम का विस्तार, देश में 15000 आदर्श स्कूल बनाए जाने, 100 सैनिक स्कूल, आदिवासी क्षेत्र में 758 एकलव्य स्कूल, प्रवासी श्रमिकों हेतु खाद्य सुरक्षा योजना, श्रमिकों की न्यूनतम वेतन योजना, मंडियों को इंटरनेट से जोड़ना, एमएसपी को जारी रखना सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधान रखे गए हैं।
प्रेमचंद अग्रवाल, स्पीकर व स्थानीय विधायक

देश का आम बजट में कोरोना के वार से उबर रही अर्थव्यवस्था के बीच सरकार ने इस बजट में इकॉनामी को पुश करने पर जोर रखा है। इस बार हेल्थ सेक्टर और इंफ्रा पर खासा जोर दिया गया है। समाज के विभिन्न वर्गों की जरूरतों के हिसाब से यह बजट संवेदनशील है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से एक रूपरेखा प्रस्तुत की है। भविष्य को देखकर बजट तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में विकास का विश्वास का खूबसूरत समावेश है। कोरोना की विषम परिस्थितियों के बीच आज आया बजट भारत के आत्मविश्वास को उजागर करने वाला है।
अनिता ममगाईं, मेयर नगर निगम ऋषिकेश।

केंद्रीय बजट से बिल्कुल स्पष्ठ है कि कोविड काल के चलते देश की आर्थिक स्तिथि चिंताजनक है और सरकार के पास कोई ठोस दिशा नही है।आम बजट महंगाई बढ़ाने वाला है और इसमें बेरोजगारों, लघु उद्योगो एवं किसानों की स्तिथि में सुधार के लिए कोई भी ब्लू प्रिंट नही है। मध्यम वर्ग की पूर्णतया उपेक्षा की गई है।
राजे नेगी, नेता आम आदमी पार्टी

पूरी दुनिया के साथ-साथ हिंदुस्‍तान भी कोरोना महामारी की चपेट में आने की वजह से आर्थिक बदहाली में फंस गया है। इसलिए जब बजट पेश होने की तारीख आई तो हमें भी उम्‍मीद थी कि असाधारण स्थिति में बजट में असाधारण दिशा सामने रखकर इससे निकलने की कोशिश होगी। कोई असाधारण कदम उठाया जाएगा लेकिन मुझे हताश होना पड़ा। स्थिति तो असाधारण है लेकिन बजट बेहद साधारण है। ये साधारण बजट के साथ-साथ बहुत सारे बोझ हमारे ऊपर डाले गए हैं जो नहीं डाले जाने चाहिए थे। सरकार आज जिस रास्‍ते पर जा रही है, वह सीधा निजीकरण की ओर ले जा रहा है। स्थिति असाधारण, सरकार चाहती है निजीकरण… यही आज के बजट की कैच लाइन है।
विवेक तिवारी, नेता कांग्रेस ऋषिकेश

पांच पुलिस मुख्यालयों के उच्चीकरण किए जाने पर सीएम त्रिवेंद्र ने दी सहमति

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित पुलिस वार्षिक सम्मेलन में प्रतिभाग किया। बैठक के दौरान पुलिस उपमहानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल ने पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यां एवं भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गैरसैंण में इंडियन रिजर्व बटालियन की तीसरी यूनिट खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग को मजबूती प्रदान करने के लिए इसका मॉर्डनाईजेशन अति आवश्यक है। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 05 पुलिस लाईनों के उच्चीकरण किए जाने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एंटी ड्रग पॉलिसी लाए जाने की आवश्यकता है। ड्रग्स में अंकुश लगाते हुए जो क्षेत्र अभी इससे अछूते हैं, उन क्षेत्रों में इसे फैलने से रोकना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए जनजागरूकता आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र पुलिस कैडेट के लिए भी वर्दी की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने पैट्रॉलिंग बढ़ाने हेतु वाहनों की संख्या बढ़ाए जाने पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा, दुर्घटना एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस विभाग को हैली सर्विस भी उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य की पुलिस को अपग्रेड करने हेतु हर सम्भव प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बैठक के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की बैठकें समय-समय पर आयोजित की जानी चाहिए। इससे पुलिस विभाग की चुनौतियों और समस्याओं को समझे जाने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि अभी सबसे बड़ी चुनौती कुम्भ-2021 है। इसकी सफलता के लिए हमारा सिस्टम पूरी तरह से तैयार है। पुलिस विभाग के मॉर्डनाईजेशन के लिए हर सम्भव प्रयास किए जाएंगे। सीमिति संसाधनों के बावजूद कोविड-19 जैसी परिस्थितियों में पुलिस विभाग एवं अन्य फ्रंटलाईन वर्कर ने अतिमहत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी है।

सचिव गृह नितेश झा ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने पिछले 20 वर्षों में विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए एक अच्छा मुकाम हासिल किया है। पुलिस विभाग में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से बहुत सी नियमावलियां बनायी गयी हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध को रोकना चुनौतीपूर्ण कार्य है, इसके लिए पुलिस सिस्टम को मॉर्डनाईज किया जा रहा है। आधुनिक उपकरणों की सहायता ली जा रही है।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में अनेक पहल की गयी हैं। समाज सुधार के क्षेत्र में ऑपरेशन मुक्ति जैसे प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके परिणाम स्वरूप 717 भीख मांगने वाले बच्चों को विद्यालय में एडमिशन दिलाया गया है एवं उनकी निगरानी भी की जा रही है। भीख मांगने वाले बच्चों के माता-पिता को जागरूक करने हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। क्राईम और क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम के क्रियान्वयन में उत्तराखण्ड का देश में 5वाँ और पर्वतीय राज्यों में प्रथम स्थान है।

पुलिस उपमहानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि ऑपरेशन स्माईल के तहत पिछले 05 साल में 2300 बिछड़े हुए बच्चों को उनके परिवारजनों से मिलाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश, सी.पी.यू. के गठन के लिए वर्ष 2017 में एवं ई-सुरक्षा चक्र के लिए वर्ष 2018 में पुरस्कार प्राप्त कर चुका है, इसके साथ ही विगत 03 वर्षों में प्रदेश के 03 थानों ने देश के टॉप-10 थानों में अपना स्थान बनाया है।

इस अवसर पर सचिव राधिका झा, सौजन्या एवं निदेशक सतर्कता वी.विनय कुमार सहित पुलिस विभाग के अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

देशवासियों की आकांक्षाओं का बजट आज हुआ प्रस्तुतः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केंद्रीय बजट 2021-22 पर बोलते हुए कहा है कि विपरीत परिस्थितियों में बहुत ही समावेशी बजट प्रस्तुत किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में प्रधानमंत्री जी की मजबूत इच्छाशक्ति दिखाई देती है। मुख्यतः 6 स्तम्भों पर आधारित इस बजट में आधारभूत संरचना के विकास, रोजगार सृजन के साथ ही गांवों और किसानों का ख्याल रखा गया है। इस बजट को सभी देशवासियों की आकांक्षाओं का बजट कह सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट से स्वस्थ और सुरक्षित भारत की परिकल्पना पूर्ण होगी। हेल्थ केयर में 137 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह बजट आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेगा। विभिन्न चरणों में आत्मनिर्भर भारत पैकेज कुल मिलाकर 27.1 लाख करोड़ रूपए रहा है जो कि जीडीपी का 13 प्रतिशत है। वर्तमान बजट में इसे और आगे बढ़ाया गया है। पीएम आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना लांच की जाएगी जिसके तहत 6 सालों में 64180 करोड़ रूपए खर्च कर स्वास्थ्यगत ढांचे को और मजबूत किया जाएगा। इसी प्रकार पोषण अभियान को भी आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के लिए भी जलजीवन मिशन लांच किया जाएगा। इसमें 2 लाख 87 हजार करोड़ रूपए से पांच वर्षों में 2 करोड़ 86 लाख घरों को पानी का कनेक्शन दिया जाएगा। शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 शुरू किया जाएगा जिसके तहत पांच वर्षों में 1 लाख 41 हजार 678 करोड़ रूपए का प्राविधान रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में भी अनेक प्राविधान किए गए हैं। रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड को 30 हजार करोड़ से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रूपए किया गया है। 1 हजार और मंडियों को ई-नाम से जोड़ा जाएगा। माइक्रो इरिगेशन फंड को भी दोगुना किया जाएगा। स्वामित्व योजना को पूरे भारत में लागू करने की बात कही गई है। 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे। मेगा इन्वेस्टमेंट टेक्सटाईल पार्क से बड़ी मात्रा में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। किफायती आवास योजना को भी एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है।

सीएम त्रिवेंद्र ने केदारखंड झांकी के कलाकारों को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ, दिल्ली में उत्तराखण्ड की झांकी में प्रतिभाग करने वाले कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। राजपथ पर उत्तराखण्ड राज्य की ओर से ‘‘केदारखण्ड’’ की झांकी प्रस्तुत की गई। उत्तराखण्ड की झांकी को देश में तीसरे स्थान के लिए पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झांकी के सभी 12 कलाकारों को 25-25 हजार रूपये पारितोषिक दिये जायेंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड की झांकी को देश में तीसरा स्थान प्राप्त होने पर सभी कलाकारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड की झांकी को तीसरा स्थान मिला यह राज्य के लिए गर्व की बात है। राज्य बनने के बाद उत्तराखण्ड की झांकी को पहली बार शीर्ष तीन झांकियों में स्थान मिला। उत्तराखण्ड की थीम झांकी में स्पष्ट दिख रही थी। उन्होंने झांकी बनाने वाले कलाकारों को भी इसके लिए बधाई दी।

सचिव सूचना दिलीप जावलकर ने कहा कि उत्तराखण्ड की झांकी ‘‘केदारखण्ड’’ में टीम लीड-उप निदेशक सूचना केएस चैहान के नेतृत्व में 12 कलाकारों ने प्रतिभाग किया। झांकी का थीम सांग ‘‘जय जय केदारा’’ था। कलाकारों ने राज्य का गौरव बढ़ाया है।

टीम लीडर-उप निदेशक सूचना केएस चैहान ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य बनने के बाद 12 बार उत्तराखण्ड की झांकी गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ में प्रदर्शित की गई। पिछले चार सालों से प्रतिवर्ष उत्तराखण्ड की झांकी प्रदर्शित की गई।

मुख्यमंत्री ने जिन कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया उनमें उप निदेशक सूचना केएस चैहान, मोहन चन्द्र पाण्डेय, विशाल कुमार, दीपक सिंह, देवेश पंत, वरूण कुमार, रेनु, नीरू बोरा, दिव्या, नीलम, अंकिता नेगी शामिल हैं।

ऋषिकेशः सप्ताह में दो दिन कैंप लगाकर जनता की समस्याओं को जानेंगे एसपी देहात

अब सप्ताह में दो दिन एसपी देहात ऋषिकेश कोतवाली में जनता की समस्या को सुनेंगे। आज कोतवाली में एसपी देहात से जनप्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों ने मुकालात की। इसके बाद एसपी देहात स्वतंत्र कुमार सिंह ने गंगा घाटों का निरीक्षण किया।

डीजीपी अशोक कुमार के निर्देश पर ऋषिकेश कोतवाली में सप्ताह में दो दिन बुधवार और बृहस्पतिवार को एसपी देहात बैठेंगे। आज एसपी देहात स्वतंत्र कुमार ने स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों, पुलिस कर्मियों की बैठक ली। इसके बाद घाटों का निरीक्षण किया।

स्कूटी चोरी के दो आरोपी 24 घंटे के भीतर अरेस्ट

बीती 30 जनवरी को डोईवाला राजीवनगर निवासी विनय पुत्र सुरेश सिंह श्रीभरत मंदिर इंटर काॅलेज परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा के बाद केंद्र से बाहर आए तो स्कूटी गायब मिली। मामले में उन्होंने कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर दी। पुलिस ने तत्काल अज्ञात पर चोरी का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर रानीपोखरी रोड स्थित फ्लाईओवर के पास चेकिंग के दौरान आरोपियों को चोरी की हुई स्कूटी के साथ अरेस्ट कर लिया।

कोतवाल रितेश शाह ने आरोपियों की पहचान नीरज पोखरियाल निवासी मनसा देवी गुमानीवाला ऋषिकेश और तुषार अग्रवाल निवासी गली नंबर 10 अमित ग्राम गुमानीवाला ऋषिकेश के रूप में कराई।

कोर्ट ने मारपीट, लज्जा भंग जैसे गंभीर धाराओं के आरोपियों को किया दोषमुक्त, पढ़ें जजमेंट के अंश…

वर्ष 2014 में सर्वहारा नगर में घर में घुसकर मारपीट, महिलाओं की लज्जाभंग, जान से मारने की धमकी, निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित अन्य धाराओं के आरोपियों को न्यायालय ने दोषमुक्त किया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनमोहन सिंह की अदालत में चले वाद में वादी पक्ष के गवाहों का विरोधाभास होना, आरोपियों के अधिवक्ता शुभम राठी की मजबूत पैरवी के चलते आरोपियों को संदेह का लाभ मिला।

अधिवक्ता शुभम राठी ने बताया कि, 11 सितंबर 2014 को सर्वहारा नगर ऋषिकेश निवासी महिला सुषमा ने आईडीपीएल चैकी में तहरीर देकर बताया था कि उनके घर करीब 100 लोगों ने घुसकर मारपीट, गालीगलौच, जान से मारने की धमकी, महिलाओं की लज्जाभंग, निजी संपत्ति पर नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों थम्मन सैनी, रामबदन, कुलदीप शर्मा, जयपाल और सुरेश वर्मा पर पांच धाराओं (147,148, 452, 323, 354, 427, 504, 506) में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया था। इसके बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन था। वाद विचारण के दौरान एक आरोपी जयपाल की मृत्यु हो गई।

मामले में वादी पक्ष के न्यायालय में पांच गवाह प्रस्तुत हुए। यह सभी एक ही परिवार के आपस में रिश्तेदार थे। न्यायालय के समक्ष सभी गवाहों ने विरोधाभास बयान दिए। साथ ही ऐसे तथ्य गवाहों की ओर से दिए गए, जिनकी सत्यता और विश्वसनीयता पर न्यायालय ने संदेह जताया।

अधिवक्ता शुभम राठी ने बताया कि न्यायालय के समक्ष वादी पक्ष के सभी गवाहों ने जो मारपीट के दौरान चोट लगना बताया था, उनकी पुष्टि चिकित्सीय परीक्षण में सहीं नहीं पाई गई। इसी तरह घटनाक्रम को लेकर पुलिस के आने के समय को सभी गवाहों ने अलग-अलग बताया। यहीं नहीं गवाहों ने घटनाक्रम को लेकर पुलिस को दी तहरीर में करीब 100 लोगों की मौजूदगी होना बताया, जबकि न्यायालय के समक्ष एक ही परिवार के सिर्फ पांच लोग ही गवाह के रूप में प्रस्तुत हुए।

मामले में अधिवक्ता शुभम राठी की मजबूत पैरवी की बदौलत न्यायाधीश मनमोहन सिंह ने वादी पक्ष की ओर से तमाम कमियां व खामियां पाई, जिसके कारण मामला संदिग्ध होना पाया। इन सभी तथ्यों को आधार बनाकर न्यायालय ने आरोपियों थम्मन सैनी, कुलदीप शर्मा, राम बदन और सुरेश वर्मा को आरोपों से दोषमुक्त किया है।