हवन में आहूति देकर की गीताभवन प्रबंधन की सदबुद्धि की कामना

गीता भवन स्वर्गाश्रम से संचालित आयुर्वेद औषधि निर्माण शाला के सिडकुल हरिद्वार स्थानांतरण के विरोध स्वरूप धरने का आयोजन तीसरे दिन भी लगातार जारी रहा। गीता भवन गेट नंबर एक पर सभी जनप्रतिनिधियों व स्थानीय नागरिकों ने गीता भवन प्रबंधन की एक सुर में आलोचना की। आज सभी लोगों ने गीता भवन ट्रस्ट प्रबंधन की बुद्धि शुद्धि हेतु यज्ञ का आयोजन किया।

संघर्ष समिति के संयोजक आशुतोष शर्मा ने कहा कोविड-19 के दौर में अल्प वेतनभोगी कर्मचारियों को गीता भवन प्रबंधन द्वारा इस तरह बीच मझधार में छोड़ कर जाना बहुत ही निंदनीय है। प्रबंधन तंत्र को वार्ता से ना भागकर इनकी समस्याओं के समाधान हेतु निकालने चाहिए और आयुर्वेद औषधि निर्माणसाला का संचालन यथास्थान गीता भवन से ही होना चाहिए।

मौके पर स्वर्गाश्रम जौंक चेयरमैन माधव अग्रवाल, सुभाष शर्मा, वीरेंद्र, विजेंद्र कंडारी, वीरेंद्र रावत, संदीप कुमार, आदेश तोमर, अंकित गुप्ता, चेतन चैहान, नवीन राणा, जितेंद्र धाकड़, प्रमोद चैहान, कृष्ण कुमार, पिंकी शर्मा आदि उपस्थित थे।

गढ़वाल कमिश्नर के दफ्तर में निरीक्षण करने पहुंचे सीएम, ड्यूटी पर नदारद मिले कर्मचारी…

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्य सचिव ओमप्रकाश के साथ सर्वे चैक स्थित गढ़वाल कमिश्नर कैम्प कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में तैनात 11 कार्मिकों में से मौके पर केवल चार कार्मिक ही उपस्थित मिले। उपस्थिति पंजिका के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने गढ़वाल कमिश्नर रविनाथ रमन को निर्देश दिये कि जिन कार्मिकों के उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं है, उनका तत्काल वेतन रोका जाय।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने लगभग एक घण्टे तक कमिश्नर कार्यालय की विभिन्न पत्रावलियों का अवलोकन किया। पत्र प्राप्ति रजिस्टर मांगे जाने पर कार्यालय में उपस्थित कार्मिकों ने जानकारी दी कि पत्र प्राप्त होने के बाद अंकन के लिए पौड़ी स्थित कमिश्नर कार्यालय में जाता है। यह पूछे जाने पर कि किसके आदेश पर यह व्यवस्था की गई है। कार्यालय के कार्मिकों ने जानकारी दी कि 2019 में तत्कालीन वैयक्तिक सहायक द्वारा इसके लिए मौखिक आदेश दिये गये थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कमिश्नर गढ़वाल को निर्देश दिये कि यह कार्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।

सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स की मांग पूरी, सीएम ने दी सहमति

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन उत्तराखंड की मांग पर एक जनवरी, 2016 से 31 अक्टूबर, 2018 तक के पुनरीक्षित पेंशन के एरियर का भुगतान एक मुश्त किए जाने पर सहमति दे दी है। राजकीय सेवा से रिटायर हुए इन पेंशनर्स-पारिवारिक पेंशनरों का सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू होने पर एरियर का भुगतान कई सालों से लटका हुआ था।
त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए राशि मंजूरः चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों पर राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार चालू वित्त वर्ष की दसवीं मासिक किस्त के रूप में जनवरी, 21 के लिए कुल 31 करोड़ 10 लाख 51 हजार की राशि पंचायती राज संस्थाओं (जिला पंचायतों को कुल 14 करोड़ 21 लाख 61 हजार, क्षेत्र पंचायतों के लिए 7 करोड़ 23 लाख 78 हजार, तथा ग्राम पंचायतों के लिए 9 करोड़ 65 लाख 12 हजार) को आवंटित करने के लिए निदेशक पंचायती राज के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति दे दी है।

मनरेगा जाब कार्ड धारकों को केंद्र सरकार से अभी गारंटीड 100 दिन का रोजगार दिया जाता है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोविड के दृष्टिगत राज्य स्तर से अतिरिक्त 50 दिन (अधिकतम) का रोजगार दिए जाने के लिए 83.75 करोड़ की स्वीकृति दी है। केंद्र सरकार द्वारा जाब कार्ड धारक प्रति परिवार 100 दिन का रोजगार दिए जाने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। इस साल अभी तक 18 हजार परिवार 100 दिन का रोजगार पूरा कर चुके हैं। यदि इन्हें 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराया जाता है तो कुल अतिरिक्त खर्च 18.09 करोड़ का खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

आपदा प्रबंधन के तहत विभिन्न विभागों को मिली 52.21 करोड़ की राशि
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन के प्रस्ताव पर महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण को 30 करोड़, पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय को करीब 14.50 करोड़, प्रमुख अभियंता लोनिवि को 4.72 करोड़, महानिदेशक सूचना को 3 करोड़ की धनराशि आपदा प्रबंधन के तहत उनके निवर्तन पर रखने की मंजूरी दे दी है। साथ ही राज्य आपदा मोचन निधि मद में 3.75 करोड़ की धनराशि रखे जाने के प्रस्ताव पर भी सहमति दी है। यह राज्यांश के रूप में वहन की जाने वाली अवशेष धनराशि है।

राजकीय इंटर कालेज दूधली में बहुउद्देशीय हाल बनेगाः मुख्यमंत्री ने डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के तहत घोषणा के अनुसार राजकीय इंटर कालेज दुधली में बहुउद्देशीय हाल के निर्माण के लिए 3.11 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इसमें से पहली किस्त के रूप में 40 फीसदी राशि 1.24 करोड़ जारी करने पर सहमति दे दी है। साथ ही कार्य को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विलंब या अन्य किसी भी दशा में कार्य का आगणन पुनरीक्षित नहीं किया जाएगा।

हरिद्वार के ग्राम कांगड़ी से श्यामपुर-सजनपुर पीली एनएच की चैड़ाई बढ़ेगीः हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के तहत एनएच-74 के किमी 06 से ग्राम कांगड़ी से श्यामपुर-सजनपुर पीली होते हुए किमी 12 तक डेढ़ लेन चैड़ाई में सड़क व बाक्स कलवर्ट का निर्माण कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री ने 5.54 करोड़ की स्वीकृति दी है।

सेवायोजित पूर्व सैनिकों को आयु सीमा में छूटः राज्यधीन सेवाओं में सेवायोजित पूर्व सैनिकों को समूह ग के उच्च पदों पर भर्ती के लिए आवेदन में केंद्र सरकार के नियमों के तहत आयु सीमा में छूट दिए जाने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सहमति दे दी है। इसके तहत पूर्व सैनिकों द्वारा सशस्त्र सेना में दी गई सेवा अवधि को उनकी वर्तमान वास्तविक आयु सीमा से घटाकर गणना की जाएगी। यदि पूर्व सैनिक इच्छुक नियुक्ति के लिए उच्च आयु सीमा की शर्त को पूरा करता है तो उन्हें उच्चतम आयु सीमा में वर्ष की छूट अनुमन्य होगी।

मोटर मार्ग की मंजूरीः विधानसभा क्षेत्र चकराता के चकराता त्यूनी मोटर मार्ग से सुई कचाणु मोटर मार्ग के निर्माण कार्य के लिए मुख्यमंत्री ने 226.87 लाख की प्रशासकीय, वित्तीय और व्यय की स्वीकृति दी है। चकराता विधानसभा क्षेत्र में इस कार्य को मिलाकर कुल 36.36 करोड़ की योजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है।

खनिज अन्वेषण कार्य होगाः देहरादून जिला की तहसील त्यूनी के क्वानी में बेसमेंटल तथा तहसील देहरादून के ग्राम दुरमाला, माल देवता क्षेत्र के अंतर्गत चिह्नित क्षेत्र में खनिज अन्वेषण कार्य किया जाएगा। इसके लिए मिनरल एक्सप्लोरेशन कार्पोरेशन लिमिटेड नागपुर से समझौता किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय खोज न्यास के व्यय पर अनुबंध कराए जाने तथा खनिज अन्वेषण के कार्य के लिए द्विपक्षीय समझौता कराने के लिए निदेशक भूतत्व व खनिकर्म ईकाई उद्योग निदेशालय को नामित किए जाने पर मुख्यमंत्री ने सहमति दे दी है।

स्कूल नाम परिवर्तितः टिहरी जिले के विकासखंड जाखणीधार के राजकीय इंटर कालेज कनैलधार का नाम प्रमुख समाजसेवी स्वर्गीय रघुनाथ सिंह राणा के नाम पर रखे जाने के लिए मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। टिहरी विधायक डा. धन सिंह नेगी के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की थी।

वाण इंटर कालेज में चार कक्ष बनेंगेः मुख्यमंत्री ने चमोली जिले के राजकीय इंटर कालेज वाण में चार अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण की स्वीकृति दी है।

छह मोटरसाइकिल को ऋषिकेश से चुराकर बडौत में बेचने की थी तैयारी, गिरफ्तार

ऋषिकेश की पुलिस ने एक बाइक चोर को उस समय अरेस्ट कर लिया, जब वह ऋषिकेश क्षेत्र में अलग-अलग जगहों से चोरी की हुई छह मोटरसाइकिल को बडौत बेचने की तैयारी में था। पुलिस ने एक आरोपी सहित छह मोटरसाइकिल खांड गांव के जंगल से बरामद कर ली है। हालांकि अभी एक अन्य आरोपी मामले में फरार है, मगर पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे भी अरेस्ट किया जाएगा।

कोतवाल रितेश शाह के अनुसार, विगत एक सप्ताह से ऋषिकेश में बाइक चोरी होने की लगातार सूचना मिल रही थी। इस संदर्भ में सादा व वर्दी में चार पुलिस टीमें गठित की गई। घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई तो मालूम हुआ कि चोरी के ही मामले में थाना रायवाला से जेल की हवा खा चुके निक्कू नामक युवक अपने एक साथी के साथ बाइकें चोरी कर रहा है।

पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और मुखबिर की ही सूचना पर चेकिंग के दौरान मंशा देवी फाटक पर पुलिस ने आरोपी निक्कू उर्फ नीतिश तोमर निवासी आजाद नगर थाना दौघट बडौत, हाल निवासी भट्टोवाला श्यामपुर ऋषिकेश को अरेस्ट कर लियां, जबकि अन्य आरोपी रोहित निवासी लौढा बडौत यूपी फरार है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि चोरी की हुई छह बाइकें खांड गांव के जंगल से बरामद कर ली गईं है। पूछताछ में आरोपी इन्हें बडौत बेचने की फिराक में थे।

आत्मनिर्भर व डिजिटल लेनदेन के लिए फेरी व्यवसाइयों को किया जागरुक

अवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय भारत के निर्देश पर नगर पालिका परिषद मुनिकीरेतीे-ढालवाला के फेरी व्यवसाइयों को पीएम स्वनिधि योजना (मैं भी डिजिटल) के तहत आत्मनिर्भर बनाने और डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरुक किया गया।

पालिका सभागार में आयोजित पीएम स्वनिधि योजना के तहत लगाए गए प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने बताया कि आधुनिक युग में डिजिटल लेनदेन की जानकारी होने के बाद धोखाधड़ी जैसे मामलों से बचा जा सकता है। कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत पालिका फेरी व्यवसाइयों का पूर्ण सहयोग करने में लगी है। ईओ बद्री प्रसाद भट्ट ने बताया कि पालिका क्षेत्र के अधिकांश फेरी व्यवसाइयों को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ मिल चुका है।

कहा कि कोरोना में लगे लाॅकडाउन के कारण फेरी व्यवाइयों की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो चुकी है। इससे उबारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत फेरी व्यवसाइयों को 10 हजार रुपए का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। बताया कि पालिका क्षेत्र में 184 फेरी व्यवसाई हैं। इनमें 80 प्रतिशत से अधिक को ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरुक करने के लिए प्रत्येक फेरी व्यवसाई को बैंक, पेटीएम, गूगल पे और भीम पे आदि की ओर से बारकोड उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि डिजिटल लेनदेन के लिए मोबाइल का बैंक में लिंक होना अति आवश्यक है। इससे फेरी व्यवसाई के खाते में लेनदेन होने पर मोबाइल पर मैसेज की सुविधा मिल सकेगी। बताया कि इस योजना के तहत फेरी व्यवसाइयों को डिजिटल लेनदेन पर 100 रुपए मासिक कैशबेक भी प्राप्त होता है। इसके बाद विभिन्न बैंको से आए प्रतिनिधियों ने फेरी व्यवसाइयों को बारकोड बांटे और मोबाइल पर डिजिटल लेनदेन करने की जानकारी दी।

मौके पर आईओबी बैंेक के शाखा प्रबंधक अजिताभ, यूनियन बैंक से शशांक बिजल्वाण, एसबीआई स्वर्गाश्रम से ज्योति, पीएनबी से मनोज राणा, बैंक आॅफ इंडिया से अमित ध्यानी, सिटी मिशन मैनेजर अरविंद जोशी, नीलम उनियाल, अनिता नेगी, स्वास्थ्य लिपिक दीपक कुमार, कर अधीक्षक अनुराधा गोयल और फेरी व्यवसाई उपस्थित थे।

उत्तराखंडः दवा खरीद घोटाले और फर्जी गूल निर्माण में होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों में औषधि खरीद घोटाले और भीमताल में करीब 15-16 साल पहले हुए फर्जी गूल निर्माण मामले में कार्मिक और सतर्कता विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

दोषी कार्मिकों से वसूली के निर्देशः स्वास्थ्य उपकेंद्रों में औषधि खरीद के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी गई धनराशि के सापेक्ष क्रय की की गई दवाईयों की किट-ए, किट-बी और आशा किट का संपूर्ण उपयोग नहीं हो पाया। इसकी वजह से दवाईयां रुड़की ड्रग वेयर हाउस में कालातीत हो गई। मुख्यमंत्री ने कार्मिक और सतर्कता विभाग के प्रस्ताव पर इस मामले की विभागीय जांच किए जाने और दोषी कर्मचारियों से नियमानुसार धनराशि की वसूली किए जाने की संस्तुति दी है।

गूलों के निर्माण में फर्जीवाड़ाः लघु सिंचाई विभाग में वर्ष 2002-03 से 2006-07 के बीच राज्य में गूलों के निर्माण के लिए शासन से आवंटित बजट में फर्जीवाड़ा किया गया। बिना गूल बनाए धनराशि हड़पने और धरातल पर कोई कार्य नहीं होने से संबंधी मामले की जांच जस्टिस बीसी कांडपाल एकल जांच आयोग द्वारा की गई थी। इस मामले में आयोग द्वारा संबंधित अधीक्षण अभियंता, लघु सिंचाई की निरीक्षण रिपोर्ट व सतर्कता अधिष्ठान से उपलब्ध कराई गई जांच आख्या व संस्तुतियां के क्रम में नैनीताल के भीमताल ब्लाक में तत्समय कार्यरत कमलेश भट्ट तत्कालीन अवर अभियंता (सेवानिवृत 30 जून, 2017), सुरेश चंद्रा तत्कालीन सहायक अभियंता ( अधिशासी अभियंता- सेवानिवृत्त 30 जून, 2020 ) तथा परमजीत सिंह बग्गा, तत्कालीन अधिशासी अभियंता (सेवानिवृत्त) के खिलाफ कार्मिक व सतर्कता विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्रवाई किए जाने की मंजूरी दे दी है।

सीएम त्रिवेंद्र ने दिए मनरेगा के कार्यों की जिला स्तर पर 15 दिन में समीक्षा के निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड आजीविका एप्प लॉच किया। उन्होंने कहा कि राज्य में जल्द ही मनरेगा के कार्यदिवसों की अवधि बढ़ाई जायेगी। मनरेगा के कार्यदिवस 100 दिन से बढ़ाकर 150 दिन किये जायेंगे। जिसके लिए धनराशि की व्यवस्था राज्य फंड से की जायेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि मनरेगा के तहत कुछ जनपदों में अच्छा कार्य हुआ है। कार्य प्रकृति में सुधार के लिए सभी जिले एक-दूसरे से अपने अनुभवों को साझा करें। जिलाधिकारियों द्वारा मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों की 15 दिनों में जिला स्तर पर समीक्षा की जाय। कोविड काल के दौरान की कार्य की भरपाई करने के लिए और मेहनत की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री बोले, जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जाए। जिन नदियों के पुनर्जनन के लिए कार्य किये जा रहे हैं, उनकी जीआईएस मैपिंग हो। पिथौरागढ़ जनपद में फिशरीज के क्षेत्र में अच्छा कार्य हो रहा है। इस क्षेत्र में लोगों को कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एवं कार्यप्रणाली की जानकारी के लिए भ्रमण कराया जाय। पोषण वाटिका के तहत जनपद पौड़ी में अच्छा कार्य किया जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा अच्छी योजना बनाई गई है। इस तरह के प्रयोग अन्य जिलों में भी किये जाएं। मनरेगा के तहत जनपदों में रोजगार दिवसों के औसत को और अधिक बढ़ाया जाय। जल संरक्षण एवं संवर्द्धन, कृषि विकास, पोषण अभियान, कलस्टर आधारित क्रियान्वयन रणनीति, सतत आजीविका संसाधन विकास एवं विपणन सुविधा विकास के क्षेत्र में मनरेगा के तहत विशेष प्रयास किये जाय।

बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य योजना एवं जिला योजना में विभागों द्वारा जो ऐसे कार्य प्रस्तावित किये जाते हैं, जो मनरेगा के तहत आसानी से किये जा सकते हैं। ऐसे कार्यों को मनरेगा से करने में प्राथमिकता दी जाय, ताकि राज्य एवं जिला योजना की धराशि का किसी अन्य मद में सदुपयोग किया जा सके। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में मनरेगा के तहत कुल 12.19 लाख जॉब कार्ड बने हैं। जिसमें से 67.19 प्रतिशत सक्रिय जॉब कार्ड धारक है। राज्य में 58.69 प्रतिशत सक्रिय श्रमिक हैं। जॉब कार्ड धारकों में 53.65 प्रतिशत महिलाएं है। राज्य में पिछले एक साल में 02 लाख 66 हजार जॉब कार्ड धारकां की संख्या बढ़ी है। मनरेगा के तहत ससमय भुगतान एवं जॉब कार्ड सत्यापन में उत्तराखण्ड पर राष्ट्रीय स्तर पर दूसरी रैंकिंग है। मनरेगा के तहत न्यूनतम अकुशल मजदूरी प्रतिदिन 201 रूपये है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए अनुमोदित बजट में से 80 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। एनआरएलएम स्वयं सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे नर्सरी कार्यों से 10.13 लाख रूपये की आय अर्जित की गई। इसके तहत 94 स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं।

बैठक में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के अध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, अपर सचिव वंदना, उदयराज, राज्य नोडल अधिकारी मनरेगा मोहम्मद असलम एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

लोकपरंपरा व संस्कृति के रंगों से सराबोर हुई कुंभनगरी

हरिद्वारः कुंभ 2021 के लिए तैयार हो रही धर्म नगरी इस बार लोक परंपराओं व संस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठी है। यहां दीवारों पर उकेरा गया धार्मिक आस्था, लोक परंपराओं व पौराणिक सांस्कृति का वैभव भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगा। सरकार की ओर से धर्मनगरी को सजाने-संवारने के साथ ही स्वच्छ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि “राज्य सरकार दिव्य और भव्य कुम्भ के लिए प्रतिबद्ध है। प्रयास किए जा रहे हैं कि कुंभ में यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालु उत्तराखण्ड की लोक व सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू हों।“

प्रदेश में देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार गम्भीरता से प्रयास कर रही है। हरिद्वार कुंभ-2021 को भी इसके लिए मुफीद मौका माना जा रहा है। इसके लिए चित्रकला को जरिया बनाया गया है। कुंभ क्षेत्र में सरकारी भवनों समेत पुल, घाट आदि की दीवारों को धार्मिक मान्यताओं के पौराणिक चित्रों व संस्कृति के रंग बिखेरते चित्रों से सजाया गया है। इसके पीछे भी मंशा यही है कि देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं के मन में आस्था भाव का तो जागृत हो ही वह यहां की परंपरा, संस्कृति और पौराणिक विरासत से भी रूबरू हो सकें। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के ‘पेंट माई सिटी’ कैम्पेन से धर्म नगरी की फिजा ही बदल दी गई है। यहां दीवारों व खाली स्थानों पर देवभूमि की परंपराओं और संस्कृति के बखरे पड़ें रंग देखने लायक है। कहीं देवी-देवताओं, धार्मिक परम्पराओं के तो कहीं लोक संस्कृति के चित्र सजीवता लिए हुए हैं। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र को चित्रकला से सजाने में विभिन्न संस्थाओं का सहयोग रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप मेक माय सिटी कैंपेन से धर्म नगरी में परंपराओं और संस्कृति के रंग भी देखने को मिलेंगे। कुंभ तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस बार का कुंभ दिव्य और भव्य होगा।

राज्य में पिछले पौने चार साल में सड़कों के निर्माण को दिए गए 630 करोड़ रूपएः त्रिवेंद्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने लालतप्पड़, डोईवाला में डोईवाला विधानसभा की लगभग 70 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इसमें लगभग 35 करोड़ रूपये के लोकार्पण एवं 35 करोड़ रूपये के शिलान्यास शामिल हैं। जिन महत्वपूर्ण योजनाओं का लोकार्पण किया गया उनमें 2.73 करोड़ की लागत के चांडी प्लानटेशन गुरूद्वारा मोटर मार्ग, रानीपोखरी एवं अठूरवाला क्लस्टर में विभिन्न ग्राम सभाओं के लिए लगभग 18 करोड़ की लागत के आन्तरिक ग्राम सड़क सयोजकता के कार्य शामिल हैं। जिन महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें 1.38 करोड़ की अनुमानित लागत के ग्रामीण हाट बाजार रानीपोखरी का पुनरोधार, 1.61 करोड़ की लागत के रानीपोखरी में बहुउदेशीय विकास केन्द्र एवं विपणन आउटलेट का निर्माण कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने बुनियादी सुविधाओं सड़क, बिजली, पानी एवं स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया है। राज्य सरकार का प्रयास है कि ईमानदारी और पारदर्शिता से कार्य हो, समाज और प्रदेश के हित के लिए कड़े निर्णय भी लिये गये हैं। जन समस्याओं के समाधान के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य बनने के बाद सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए कभी 200 करोड़ से अधिक धनराशि कभी नहीं दी गई, पिछले पौने चार साल में 630 करोड़ की धनराशि दी गई। कोविड काल की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी सुनियोजित आर्थिक प्रबंधन से विकास के कार्यों को प्रभावित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि 125 पुलों के निर्माण के लिए 350 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है। सड़के एवं पुल विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। अच्छी सड़कें आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं बनाई गई। पानी के लिए दीर्घकालिक योजनाएं बनाई गई। सूर्याधार झील बनकर तैयार है, दीर्घकाल तक यह पेयजल एवं सिंचाई के लिए आपूर्ति करेगा और करोड़ों रूपये की बिजली की बचत होगी। सौंग बांध का शिलान्यास जल्द किया जायेगा। इसके बनने से देहरादून को दीर्घ अवधि तक ग्रेविटी वाटर उपलब्ध होगा। इससे 100 करोड़ से अधिक वार्षिक बिजली का खर्चा बचेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड के बावजूद भी राज्य सरकार ने शत प्रतिशत बजट विभागों को रिलीज कर दिया है। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि 2017 में राज्य में 1024 डॉक्टर थे, आज राज्य में 2400 डॉक्टर हैं। 720 डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। आज सभी जिला अस्पतालों में आईसीयू की सुविधा उपलब्ध है। जल्द ही लगभग 2500 नर्सों की भर्ती की जायेगी। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत प्रदेश के सभी परिवारों को 05 लाख रूपये तक का सुरक्षा कवच दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन पर राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पर्यटन से संबंधित गतिविधियां आने वाले समय में राज्य की आय का प्रमुख जरिया बनेगा। डोबरा चांटी पुल आवागमन के साधन के साथ ही आज आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बना है। ऋषिकेश में एक ट्रांसपेरेंट हनुमान सेतु बनाया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाये गये। एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया गया। 500 स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू की गई हैं। राज्य में महिलाओं के सिर से घास की गठरी हटे, इसके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों के अन्दर इसका समाधान किया जायेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि डोईवाला विधानसभा में इन चार सालों में केवल सडकों एवं पुलों के ही 100 करोड़ रूपये से अधिक के कार्य हुए। भानियावाला से ऋषिकेश डबल लेन के कार्य के लिए जल्द स्वीकृति करवाई जायेगी। डोईवाला से बुल्लावाला, आशारोड़ी होते हुए सद्धोवाला तक डबल लेन सडक बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। 06 करोड़ रूपये की लागत से लच्छीवाला में पार्क का डेवलपमेंट किया जा रहा है। इस पार्क का कार्य एक माह में पूर्ण हो जायेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने माजरीग्रान्ट के शेरगढ़ में स्थित भगत रविदास गुरूद्वारा में माथा में भी टेका। इस अवसर पर मेयर ऋषिकेश अनिता मंमगई, वन पंचायत सलाहकार परिषद् के उपाध्यक्ष करन बोहरा, गढ़वाल मंडल विकास निगम के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंघल, राजपाल सिंह, खेमपाल सिंह, माजरीग्रान्ट के मण्डल अध्यक्ष राजकुमार, गुरूद्वारा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष सरदार गुरदीप सिंह, जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

गीता भवन से औषधि निर्माणशाला को सिडकुल स्थानांतरण बहुत ही दुखद, दिया धरना

गीता भवन आयुर्वेद संस्थान से संचालित औषधि निर्माणशाला के सिडकुल हरिद्वार स्थानांतरण व कर्मचारियों के वेतन न देने के विरोध में गीता भवन गेट नंबर 1 के बाहर सर्वदलीय संघर्ष समिति द्वारा धरने का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों के साथ प्रबुद्धजनो ने इन कर्मचारियों को समर्थन दिया।

गीता भवन कर्मचारियों के संरक्षक आशुतोष शर्मा ने कहा कि एक तरफ हमारी केंद्र व राज्य को लोकप्रिय सरकार जहां कोविड-19 को प्रतिकूल समय में आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत लोगों को राहत प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए इन्वेस्टर सम्मिट के माध्यम से माध्यम से लघु उद्योग व सूक्ष्म उद्योगों को स्थापना हेतु प्रसारत है वही गीता भवन प्रबंधक द्वारा इस औषधि निर्माणशाला को सिडकुल स्थानांतरण बहुत ही दुखद है, जबकि पूर्व में इस संस्थान को स्वर्गाश्रम से हटाने के सभी आदेश मुख्यमंत्री ने दूर किए थे।

नगर पंचायत अध्यक्ष माधव अग्रवाल ने कहा की अधिकांश कर्मचारी विगत तीन दशक से इस संस्थान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं जो की अल्प वेतनभोगी होने के साथ बमुश्किल अपनी आजीविका चला रहे हैं और इनके परिवार का भरण पोषण वमुश्किल हो पा रहा है ऐसे में फैक्ट्री का सिडकुल स्थान तरण बहुत ही कष्ट कारक है जिसकी नगर पंचायत स्वर्गाश्रम सभी स्तरों पर विरोध करेगा।
इस अवसर पर जिला महामंत्री कांग्रेस कमेटी सुभाष शर्मा, आदेश तोमर, सभासद नवीन राणा, सभासद जितेंद्र धाकड,़ सभासद पिंकी शर्मा, सभासद सरोज देवी, अनीश, कृष्ण, अंकित गुप्ता, संदीप कुमार, संतोष सिंह, पौड़ी जिला अध्यक्ष इंटक चेतन चैहान, सफाई मजदूर जिला प्रदेश उपाध्यक शिवचरण, विवेक तिवारी, गीता भवन कर्मचारी यूनियन मंत्री घनश्याम तिवारी आदि उपस्थित रहे।