सेना दिवस के उपलक्ष्य में एम्स परिसर में गूंजे देशभक्ति गीत

सेना दिवस के उपलक्ष्य में आर्टी ब्रिगेड रायवाला के तत्वावधान में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में आर्मी बैंड का शानदार प्रदर्शन किया गया। एम्स परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पाईप बैंड पर विभिन्न देशभक्ति गीतों की धुनों की प्रस्तुति से सेना के जवानों ने मौजूद लोगों में जोश और उत्साह भर दिया।

भारतीय सेना के शौर्य व गौरव के रूप में हरवर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। दिवस के उपलक्ष्य में रायवाला छावनी के स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर आकाश बजाज की देखरेख में ’6 माउन्टेन आर्टी ब्रिगेड’ की पाईप बैंड टीम ने बुधवार को ऋषिकेश एम्स परिसर में वि​भिन्न देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। बैंड मास्टर जेसीओ के नेतृत्व में 12 सदस्यीय बैंड टीम ने बैंड डिस्प्ले का प्रदर्शन करते हुए ’सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा हमारा….’ आदि देशभक्ति गीतों के माध्यम से लोगों में जोश भर दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने सेना के बैंड की श्रंखलाबद्ध शानदार प्रस्तुतियों की सराहना की।

निदेशक एम्स प्रो. रविकांत ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और अस्पताल में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों में देशभक्ति की भावना जागृत करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से वीर शहीदों का सम्मान, सेना के अनुशासन, एकता और शौर्य का प्रदर्शन होता है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने कार्यक्रम के दौरान मौजूद सेना के अधिकारियों व बैंड टीम द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की सराहना की। साथ ही एम्स निदेशक इस मौके पर देश रक्षा व आवाम की सुरक्षा में सीमाओं पर तैनात भारतीय सेना के बहुमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में मौजूद लेफ्टिनेंट कर्नल विजय कुमार ने बताया कि इसी दिवस पर लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. करियप्पा ने भारतीय सेना के पहले ’कमाण्डर इन चीफ’ का कार्यभार संभाला था। तभी से इस दिन को सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम के दौरान मेजर चंद्रप्रकाश, सूबेदार भादर सिंह, डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. लतिका मोहन, डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रो. यूबी मिश्रा, वित्तीय सलाहकार कमांडेंट पीके मिश्रा, प्रो. संजीव कुमार मित्तल, रजिस्ट्रार राजीव चैधरी, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल सहित संस्थान के फैकल्टी मेंबर्स मौजूद थे।

स्वामी विवेकानंद जयंती पर मुख्यमंत्री आवास में कवि सम्मेलन का आयोजन

  स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर जनता दर्शन हॉल, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित ‘राष्ट्रभक्ति कवि सम्मेलन’ में कवि डा. कुमार विश्वास,  कविता तिवारी, राजीव राज, रमेश मुस्कान और तेजनारायण शर्मा ‘बेचैन’ ने अपनी कविताओं से समां बांध दिया। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सीमित संख्या में आमंत्रित किए गए लोगों के बीच राष्ट्र, संस्कृति, सेना की वीरता, मातृ शक्ति सहित विभिन्न विषयों पर काव्य प्रस्तुतियां की गईं। डा. कुमार विश्वास ने अपने अंदाज में कवि सम्मेलन को संचालित कर लोगों को कवि सम्मेलन में सहभागी बनाया। राष्ट्रभक्ति, देश के लिए बलिदान की भावना, भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रस्तुत की गई कविताओं पर सभागार दर्शकों की तालियों से गूंजता रहा। बीच-बीच में कवियों ने व्यंग्य से दर्शकों को हंसाया भी और कविताओं के माध्यम से संदेश भी दिया।
कविताओं की गहराई को समझने की जरूरत
कार्यक्रम में अतिथि कवियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि स्वामी विवकानंद जी हम सभी के आदर्श हैं। उन्होंने पूरी दुनियां में भारतीय दर्शन और आध्यात्मिकता का परचम लहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति उस छाते की तरह है जिसके नीचे सभी दर्शन, विचार, मत, सम्प्रदाय खुली सांस के साथ आश्रय लेते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कवि मुक्त होते हैं, उन्हें मुक्त होना भी चाहिए। जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि। हमारा दायित्व है कि उनकी कविताओं की गहराईयों को समझें। कविताओं के संदेश को समझ कर हम समाज, शासन में सुधार करने की कोशिश भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी काव्य प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि लम्बे समय बाद छोटे स्तर पर इस तरह का आयेजन किया गया है। हमारा देश कोविड से जंग जीतने की ओर है। वैक्सीनेशन भी शुरू किया जा रहा है। आशा है कि हम जल्द ही कोरोना से पूरी तरह से मुक्त होंगे और बड़े स्तर पर इस तरह का आयेजन करेंगे।

ये गंगा का किनारा है
इससे पहले डा. कुमार विश्वास ने ‘है नमन उनको जो इस देह को अमरत्व देकर, इस जगत में शौर्य की जीवित कहानी हो गए…………………………………………..है नमन उनको जिनके सामने बौना हिमालय, जो धरातल पर गिर पड़े, आसमानी हो गए’’ कविता से शहीदों को नमन किया। डा. विश्वास ने गंगा पर भी कविता सुनाई जो उन्होंने उत्तराखण्ड में ही लिखी थी। ‘खिलौने साथ बचपन तक, जवानी बस रवानी तक, सभी अनुभव भरे किस्से बस बुढ़ापे की कहानी तक, जवानी में बस सहारे हैं बस जिंदगी भर के, मगर ये जिंदगी के आखिरी पल का सहारा है, ये गंगा का किनारा है, ये गंगा का किनारा है’’। डा. विश्वास ने अपनी प्रसिद्ध कविता ‘कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता ह’ सहित अन्य कई कई कविताएं भी सुनाईं।
हमारा देश पावन आरती के थाल जैसा है
 कविता तिवारी ने मां शारदा की वंदना करते हुए अपनी ओजस्वी सुर में ‘‘धन द्रव्य सम्पदा तो नहीं मांग रही हूं, जो मांग रही हूं वो सही मांग रही हूं, कविता की पंक्ति पंक्ति राष्ट्र जागरण बने, आशीष आप सब से यही मांग रही हूं।’’  उत्तराखण्ड की दिव्यता और पवित्रता को नमन करते हुए उन्होंने ‘धरा यहां धरती के सम्मुनत भाल जैसा है, यहां की संस्कृति का रूप शुभटक साल जैसा है, कोई उपमा में सारे विश्व को कह दे शिवाला तो, हमारा देश पावन आरती के थाल जैसा है।’’ कविता सुनाई।  
यादें झीनी रे
 राजेश राज ने बचपन पर आधारित  कविता ‘यादें झीनी रे झीनी रे’ का मधुर गायन कर लोगों को बचपन की यादों में लौटा दिया। तेजनारायण शर्मा बेचैन ने कोरोना काल में घटित घटनाओं पर आधारित कविता प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री मदन कौशिक, डा.हरक सिंह रावत, राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, विधायक गणेश जोशी, हरबंस कपूर, सचिव राधिका झा, दिलीप जावलकर, प्रसिद्व गायक  नरेंद्र सिंह नेगी, प्रीतम भर्त्वाण उपस्थित थे।

स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर मुख्यमंत्री ने युवाओं से किया संवाद

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्वामी विवेकानन्द की 158वीं जयंती के अवसर पर आयोजित युवा चेतना दिवस कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। उन्होंने प्रदेश के कई युवाओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जल्द ही राज्य में युवा आयोग अस्तित्व में आ जायेगा। इसके लिए बजट का प्राविधान हो चुका है।

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने एक ध्येय वाक्य दिया ‘‘उठो जागो और तब तक मत रूको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो’’। विवेकानन्द जी भारतीय संस्कृति के संवाहक थे। उन्होंने पूरे विश्व को भारत की संस्कृति से अवगत कराया। भारत की संस्कृति सर्वश्रेष्ठ संस्कृति है, यहां की संस्कृति में सबको साथ लेकर चलने की ताकत है। उन्होंने भारत की शौर्य, वीरगाथाओं और वसुधैव कुटुम्बकम् की संस्कृति से दुनिया को अवगत कराया। दर्शन एवं साधक के रूप में हम विवेकानन्द जी के चरित्र को समझ सकते हैं। शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक सभी तरह की शक्ति हमारे युवाओं में होनी चाहिए, इस पर भी उन्होंने विशेष बल दिया। विवेकानन्द जी ने उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जनपद, बागेश्वर एवं अगस्त्यमुनी के स्मरणों का वर्णन किया है। उत्तराखण्ड से स्वामी विवेकानन्द जी का विशेष लगाव था। विवेकानन्द जी का जीवन दर्शन युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आज प्रदेश के युवाओं के साथ जो संवाद हुआ, इसमें बहुत अच्छे सुझाव मिले। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि युवाओं द्वारा जो भी सुझाव दिये गये हैं, उनका संग्रह किया जाय। ये विचार सरकार के लिए नीतिगत निर्णय लेने में सहयोगी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवा जिस भी क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, कार्य के प्रति समर्पण का भाव हो तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द का मूल उद्देश्य व्यक्तित्व निर्माण था। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रत्येक विकासखण्ड में दो अटल उत्कृष्ट विद्यालय खोले जा रहे हैं। इसका शासनादेश भी जारी हो गया है।

उच्च शिक्षा एवं सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विवेकानन्द का जन्म दिवस प्रदेश में युवा चेतना दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। आज प्रदेश भर में 127 स्थानों पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः 01 लाख, 75 हजार एवं 50 हजार रूपये पुरस्कार स्वरूप दिये जायेंगे। ये पुरस्कार 23 जनवरी को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा सुभाषचन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि आज से 23 जनवरी तक 125 स्थानों पर ब्लड डोनेशन के कार्यक्रम भी मुख्यमंत्री के निर्देशन में किये जा रहे हैं। गरीब बच्चे जो रिसर्च करना चाहते हैं, ऐसे बच्चों को मुख्यमंत्री रिसर्च फैलो पुरस्कार दिया जायेगा। गरीब बच्चों के लिए आईएएस एवं पीसीएस की कोचिंग के लिए 1 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। यह कोचिंग जिन परिवारों की वार्षिक आय 2.5 लाख से कम होगी उनको दी जायेगी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव राधिका झा, वर्चुअल माध्यम से कुमायूं कमिश्नर अरविन्द सिंह ह्यांकी, सभी जिलाधिकारी एवं युवा उपस्थित थे।

20 जनवरी तक कुंभ से संबंधित वित्तीय स्वीकृति आदेश निर्गत किए जाएंः मुख्य सचिव


मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में आज कुम्भ मेले से सम्बन्धित विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया। उन्होंने सख्त निर्देश दिये कि कुम्भ कार्यो से सम्बन्धित वित्तीय स्वीकृति के आदेश 20 जनवरी तक निश्चित रूप से निर्गत कर दिये जाएं। उन्होंने धीमी गति से चल रहे कार्यों में तेजी लाते हुए जनवरी माह तक पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ, जिन कार्यों के जी.ओ. अभी तक जारी नहीं हुए हैं, उन्हें 20 जनवरी तक जारी किए जाने के भी निर्देश मुख्य सचिव ने दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि नगर निगम हरिद्वार में अपर मुख्य नगर आयुक्त सहित लेखपाल एवं कानूनगो आदि की तैनाती शीघ्र सुनिश्चित की जाए। उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में पार्किंग निविदा समिति, भू-आबंटन समिति, आई.सी.टी. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट हेतु समिति सहित विभिन्न नगर निकायों हेतु स्वच्छता निविदा समितियों के गठन को भी अनुमोदन प्रदान किया गया। बैठक के दौरान मिल्क एण्ड डेरी प्रोडक्ट, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट, होमगार्ड, सूचना आदि विभागों हेतु आवश्यक बजट को भी अनुमोदन प्रदान किया गया।

सचिव शहरी विकास शैलेश बगोली ने बताया कि अब तक कुम्भ मेले से सम्बन्धित 749 करोड़ लागत के कुल 166 कार्यों को अब तक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

बैठक के दौरान मेलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि कुम्भ मेला 2021 में कुम्भ मेला की कहानियों का चित्रण, लाईट एण्ड साउण्ड शो, चंडीघाट में आयोजित होने वाले शो और चिर-परिचित आवाज में वॉयस ओवर और बैकग्राउण्ड म्यूजिक आकर्षण का केन्द्र होंगे।

बैठक में महानिदेशक सूचना डॉ0 मेहरबान सिंह बिष्ट द्वारा कुम्भ मेले-2021 में सूचना विभाग द्वारा किये जाने वाले मीडिया सेन्टर की स्थापना, संचालन, अनुरक्षण एवं प्रचार प्रसार से सम्बन्धित कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण दिया गया।

इस अवसर पर सचिव अमित नेगी, नितेश कुमार झा, सौजन्या, प्रभारी सचिव शहरी विकास विनोद कुमार सुमन एवं आई0जी0 कुम्भ मेला संजय गुंज्याल आदि उपस्थित थे।

उच्चतम व एडवांस मेडिकल केयर के लिए एम्स ऋषिकेश को मिला बेस्ट मेडिकल यूनिवर्सिटी अवार्ड

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश को उच्चतम एवं एडवांस मेडिकल केयर, उच्च गुणवत्तायुक्त अनुसंधान के उत्कृष्ट कार्यों के ​लिए बेस्ट मेडिकल यूनिवर्सिटी 2020 अवार्ड से नवाजा गया है। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने संस्थान की ओर से मरीजों को वल्र्ड क्लास स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया।
देहरादून इंटरनेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी फेस्टिवल में एम्स ऋषिकेश को उत्तराखंड साइंस और टेक्नोलॉजी की ओर से बेस्ट मेडिकल यूनिवर्सिटी अवार्ड 2020 प्रदान किया गया। एम्स ऋषिकेश को इस सम्मान से नवाजे जाने पर संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने कहा कि एम्स ऋषिकेश अपनी उत्कृष्ट सेवाओं को 2021 व निकट भविष्य में भी विशेषरूप से समाज कल्याण एवं जन कल्याण के लिए सततरूप से जारी रखते हुए और आगे बढ़ाएगा।

निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार एवं साइंस एंड टेक्नोलॉजी संस्थान की ओर से एम्स संस्थान को दिया गया यह सम्मान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश द्वारा शुरू की गई समस्त सेवाएं उत्तराखंड ही नहीं देश के कई अन्य राज्यों में जन-जन तक पहुंच रही हैं, साथ ही हमारा सतत प्रयास रहेगा कि प्रत्येक जनमानस हमारी सेवाओं से लाभान्वित हो, ऐसे में चाहे वह एडवांस उपचार हो या फिर गांव- गांव एवं घर- घर तक पहुंचने वाला आउटरीच प्रोग्राम हो, एम्स ऋषिकेश मरीजों की उच्चतम गुणवत्ता की केयर के लिए प्रतिबद्ध है।
एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि संस्थान में एक ओर उच्च गुणवत्ता वाले रिसर्च और शोध कार्य किए जा रहे हैं, वहीं मरीजों के हितों का ध्यान रखते हुए उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा भी प्रदान की जा रही है, इसके साथ ही उत्तराखंड की भौगोलिक पस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नित नए प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें एम्स परिसर में हेलीपैड सेवाएं एवं ट्रॉमा सेंटर, डायलिसिस यूनिट एवं कई मल्टी स्पेशलिटी यूनिट्स स्थापित कर दी गई हैं, जिसका सीधा उद्देश्य मरीजों को उच्च सुविधा एवं गुणवत्ता के साथ उपचार का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने इस सम्मान के लिए उत्तराखंड की समस्त जनता, सरकार एवं जनप्रतिनिधि का आभार व्यक्त किया है।

आयोजित अवॉर्ड सेरिमनी में वर्चुअल माध्यम से जुड़े संस्थान के डीन एकेडमिक्स प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने इस पुरस्कार को प्राप्त कर हर्ष व्यक्त किया।
इस अवसर पर संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने कहा कि एम्स ऋषिकेश उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा और शोध के साथ-साथ उच्च तकनीक द्वारा जनता के स्वास्थ्यहित का भी संपूर्ण ध्यान रखता है। उन्होंने बताया कि संस्थान ने वर्ष 2020 में कई ऐसे कार्य किए हैं, जो कि एम्स ऋषिकेश की प्रतिबद्धताओं को साबित करते हैं। उन्होंने आगे बताया कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ने के लिए एम्स ऋषिकेश में अत्याधुनिक मशीन एवं उच्च गुणवत्ता का उपचार आदि उपलब्ध कराया गया है। इस अवसर पर संस्थान के आउटरीच सेल के नोडल ऑफिसर डा. संतोष कुमार आदि मौजूद थे।

एम्स ऋषिकेश में कोविड-19 वैक्सिनेशन की तैयारियां तेज, ड्राइ रन का हुआ आयोजन

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में कोविड19 वैक्सिनेशन की तैयारियों के मद्देनजर आज ड्राइ रन का आयोजन किया गया। इसके लिए संस्थान के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग की ओर से आयुष भवन में भारत सरकार के मानकों के अनुरूप वैक्सिनेशन सेंटर की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। ड्राइ रन में एम्स के 25 चिकित्सकों, सिक्योरिटी व अन्य अधिकारियों, कर्मिचारियों ने प्रतिभाग किया। सेंटर में पहले चरण में कुल 5,632 लोगों का टीकाकरण किया जाएगा।
एम्स निदेशक प्रो. रविकांत की देखरेख में 16 जनवरी से शुरू होने वाली कोविड19 वैक्सिनेशन प्रक्रिया के लिए संस्थान में सभी व्यवस्थाएं चाकचैबंद कर दी गई हैं। मंगलवार को एम्स के आयुष भवन में स्थापित कोविड वैक्सिनेशन सेंटर में ड्राइ रन का आयोजन किया गया। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से नियुक्त अपीडोमोलॉजिस्ट (महामारी विशेषज्ञ) डा. पीयूष आगस्टीन जी ने वैक्सिनेशन व्यवस्था व ड्राइ रन की संपूर्ण प्रक्रिया का निरीक्षण किया व सराहना की।
एम्स की कम्यूनिटी एंड फेमिली मेडिसिन विभागाध्यक्ष व वैक्सिनेशन कमेटी की चेयरपर्सन प्रो. वर्तिका सक्सेना जी ने बताया कि संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी के निर्देशन में भारत सरकार की गाइड लाइन के तहत कोविड 19 वैक्सिनेशन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं, जिसके तहत मंगलवार को ड्राइ रन का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी का कोविन एप में वैरिफिकेशन व वैक्सिनेशन किया जाएगा, इसके बाद प्रत्येक व्यक्ति को 30 मिनट तक आब्जर्वेशन में रखा जाएगा, जिससे किसी भी व्यक्ति को टीकाकरण के बाद किसी प्रकार के साइड इफेक्ट होने की स्थिति में तत्काल आपात आवश्यक उपचार दिया जा सके।

उन्होंने बताया कि ऑब्जर्वेशन के दौरान किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए वैक्सिनेशन सेंटर में ही एईएफआई सेंटर भी स्थापित किया गया है। जिसका संचालन आपात चिकित्सा क्रिटिकल केयर डिपार्टमेंट की देखरेख में किया जाएगा।

बताया गया है कि कोविड वैक्सिनेशन सेंटर में लोगों के लिए दो पतीक्षालय व दो टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। सेंटर में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक औसतन 100 से 200 लोगों के टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। एम्स स्थित वैक्सिनेशन सेंटर में पहले चरण में 5,632 ​चिकित्सकों, नर्सिंग ऑफिसरों, तकनीकि सहायकों व अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों का टीकाकरण किया जाएगा।

इस अवसर पर टीकाकरण समिति के सदस्य सचिव डा. योगेश बहुरुपी, सीएफएम विभाग के डा. महेंद्र सिंह, डा. प्रदीप अग्रवाल, डा. संतोष कुमार,डा. हिदायत, डा. मीनाक्षी आदि मौजूद थे।

स्वामी विवेकानंद के आदर्शों एवं उनके जीवन मूल्यों से सीख लें युवाः मेयर अनिता

स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई। मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की दूरदर्शी सोच ने विश्व में भारत का डंका बजाया है। युवा शक्ति को स्वामी विवेकानंद के जीवन आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए। अपने सम्बोधन में महापौर ने कहा कि आज का दिन युवा शक्ति के लिए अविस्मरणीय है।

यह एक ऐसे व्यक्तित्व को याद करने का समय है जो भारत ही नहीं बल्कि समूचे विश्व के युवाओं के लिय प्रेरणास्रोत रहे।उन्होंने स्वामी जी के जीवन मूल्यों एवं विचारों से सीख लेने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी के अंदर देश भावना से काम करने की ललक होनी चाहिए। नगर निगम महापौर ममगाई ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए भी युवाओं से अपील की। इस दौरान अखिल विद्यार्थी परिषद के विभाग संघठन मंत्री राहुल सारस्वत, गौरांग रघु महाराज, पूर्व राज्यमंत्री संदीप गुप्ता, विश्व हिंदू परिषद के विशाल तायल, नगर मंत्री राहुल बडोनी, विभाग प्रमुख अमित गांधी, विनोद चैहान, जिला प्रमुख अखिल विद्यार्थी परिषद विवेक शर्मा, पार्षद राजेन्द्र प्रेम सिंह बिष्ट, बिजेंद्र मोघा, विजय बडोनी, कमलेश जैन, जिला मंत्री ममता नेगी, प्रमिला त्रिवेदी, हेमलता चैहान, प्रिया ढकाल, रोशनी अग्रवाल, राजीव गुप्ता, राजपाल ठाकुर, अक्षय खैरवाल, सुभाष जायसवाल आदि उपस्थित रहे।

बाहरी व्यक्ति कुंभ मेला में वारदात को न दें अंजाम, पुलिस ने चलाया तलाशी अभियान

कुंभ मेला के तहत ऋषिकेश पुलिस ने नगरक्षेत्र में संदिग्धों की तलाशी व बाहरी लोगों का सत्यापन अभियान चलाया। इस मौके पर त्रिवेणी घाट परिसर पर पुलिस ने टीमें तैनात रही।
कोतवाल रितेश शाह के नेतृत्व में त्रिवेणी घाट परिसर पर सत्यापन, चेकिंग व तलाशी अभियान चलाया गया। अभियान से पूर्व क्षेत्राधिकारी महोदय द्वारा ब्रीफिंग लेकर निम्नलिखित दिशा निर्देश दिए गए।
मौके पर
1- तलाशी लेने से पूर्व सभी अधिकारी एवं कर्मचारी गणों को हैंड ग्लेव्स वितरित किए गए।

2- विनम्रता के साथ बात करते हुए बाहरी एवं संदिग्ध व्यक्तियों का नाम पता नोट करने हेतु बताया गया।

3- त्रिवेणी घाट परिसर में खड़े बाहरी वाहनों को चेक करने हेतु बताया गया।

उपरोक्त चेकिंग अभियान के दौरान क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश, समस्त चैकी प्रभारी व पुलिस सिपाही मौजूद रहे।

लघु व्यापारियों ने लगाया नगर निगम पर उत्पीड़न का आरोप

लघु व्यापार एसोसिएशन की आज रघुनाथ मंदिर में बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय फेरी नीति के तहत लघु व फुटकर व्यापारियों को सरकार उनके हितों को मुहैया करा रही है इस एक्ट के तहत सही तरीके से क्रियान्वयन हेतु व्यापक दिशा-निर्देश भी जारी किए हुए हैं जिसका लाभ इन लोगों को प्राप्त भी हो रहा है।

रामकृपाल गौतम ने कहा कि कोविड-19 के दौर में जहां सारे आर्थिक क्रियाकलाप विरुद्ध थे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रतिकूल रूप से प्रभावित थी। वहीं केंद्र व राज्य की सरकार ने भारत के नागरिकों की खाद्य सामग्री के साथ ही धन से भी मदद की। मगर, नगर निगम ऋषिकेश कोविड-19 के नाम पर ठेली, पटरी वालों का उत्पीड़न कर रहा है जोकि अत्यंत ही शर्मनाक है कहा कि अतिक्रमण भी जबरन मंडी हटाने की कोशिश कर रहा है।

एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सतवीर पाल ने कहा कि पीएम स्व निधि योजना के माध्यम से दस हजार का लोन केंद्र की सरकार द्वारा लघु व्यापारियों को दिया जा रहा है इस योजना का लाभ सभी व्यापारी उठाएं। बैठक में जिला महामंत्री राहुल पाल, नगर अध्यक्ष प्रवीण सिंह, संरक्षक आशुतोष शर्मा, अध्यक्ष व्यापार सभा घाट रोड पवन शर्मा, राजू गुप्ता, अनूप गुप्ता, सोनू गुप्ता, राम बिहारी प्रजापति, अनुपम पोरवाल, उर्मिला देवी, उमा देवी, सीमा पाल, नवीन अरोड़ा, संजय, राजेंद्र पाल, दीपू, छोटेलाल चैरसिया, अभिषेक अरोड़ा आदि उपस्थित थे।

बर्ड फ्लू के बचाव को प्रभावी व्यवस्था बनाएं सभी मुख्यमंत्रीः पीएम नरेंद्र मोदी


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ आयोजित हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्रतिभाग किया। वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में आगामी 16 जनवरी को कोविड-19 से बचाव के लिये देश भर में टीकाकरण अभियान के सफल आयोजन पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टीकाकरण अभियान के प्रथम चरण में एक करोड़ हेल्थ वर्कर्स तथा 02 करोड़ फ्रंट लाइन वर्कर्स को यह वैक्सीन दी जायेगी। केन्द्र सरकार के स्तर पर वैक्सीन क्रय कर राज्यों को निःशुल्क उपलब्ध करायी जायेगी। इसके बाद 50 वर्ष से उपर के लोगों को वैक्सीन उपलब्ध होगी। प्रधानमंत्री ने बर्ड फ्लू के दृष्टिगत भी सभी मुख्य मंत्रियों से इसके बचाव की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने की अपेक्षा की।

प्रधानमंत्री के साथ आयोजित हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने आगामी 16 जनवरी को होने वाले राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के सफल आयोजन हेतु राज्य में की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने इस सम्बन्ध में सभी आवश्यक व्यवस्थायें समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि टीकाकरण हेतु राज्य स्तर पर टास्क फोर्स के गठन, सभी जनपदों में कोल्ड चेन सिस्टम को मजबूती, वैक्सीन भण्डारण एवं वितरण हेतु पर्याप्त स्थान की उपलब्धता के साथ ही इसके लिये आवश्यक मानव संसाधनों की व्यवस्था यथा समय पूर्ण करा ली जाय। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों, नर्सिंग एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बर्ड फ्लू के दृष्टिगत एहतियात बरतने के भी निर्देश दिये। उन्होंने इसकी रोकथाम के लिये प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने हेतु पशुपालन, वन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, प्रभारी सचिव डॉ पंकज कुमार पाण्डेय भी उपस्थित थे।