कर्नल सीएम नौटियाल की पुस्तकों का सीएम ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में कर्नल सी.एम. नौटियाल द्वारा लिखित पुस्तकों ‘सतीत्व का श्राप’ एवं ‘ अनुबंध ’ का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज को सही राह दिखाना लेखकों एवं साहित्यकारों का दायित्व होता है। इन पुस्तकों में कर्नल नौटियाल ने सतीत्व का श्राप पुस्तक में जहां एक ओर समाज में व्याप्त कुरीतियों को सामने लाने का प्रयास किया है वही यह भी सन्देश देने का प्रयास किया है कि समाजिकता के विरूद्व मनुष्य चाहे अपने किये गये अपराधों को कितना भी छिपाने का प्रयास करें, पीड़ित की अन्तर्रात्मा को पहुंची ठेस का प्रतिफल अपराधी को अवश्य मिलता है। ‘अनुबंध’ उपन्वास में भी लेखक ने मानवीय संवेदनाओं एवं सम्बन्धों को अभिव्यक्त करने का प्रयास किया है। वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई आपदा के दंशों का मानवता पर पड़ने वाले प्रभावों को भी इसमें निरूपित किया गया है।

पुस्तक के लेखक कर्नल सी.एम. नौटियाल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए पुस्तकों के बारे में जानकारी दी।

सुविधाओं के अभाव में ऋषिकेश का सरकारी अस्पताल बना सफेद हाथीः ‘आप’

प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ सरकारी अस्पतालों में गरीब व असहाय परिवार के मरीजों के सस्ता व मुफ्त इलाज दिलाने के लाख वायदे करें, लेकिन सरकारी अस्पतालों की तस्वीरे इससे बिल्कुल जुदा हैं। ऋषिकेश का सरकारी अस्पताल वर्षों से सुविधाओं के अभाव में बीमार हॉस्पिटल नजर आ रहा है। स्वास्थ्य के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने प्रदेश सरकार पर प्रहार किया है।नेपाली फार्म क्षेत्र में आम आदमी पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य के मुद्दे पर प्रदेश सरकार द्वारा उदासीनता बरतने को लेकर भाजपा सरकार की कढे शब्दों में निंदा की गई।

बैठक में उत्तराखंड सरकार पर राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की ओर ध्यान न दिए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए श्आपश् के नेता डॉ राजे सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखंड की त्रिवेंद्र रावत सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की ओर ध्यान नहीं दे रही है जिसकी वजह से गरीब एवं मध्यमवर्गीय लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में महंगे उपचार के लिए विवश होना पड़ रहा है। पार्टी के कार्यकर्ताओं की बैठक में सेक्टर प्रभारी हरवेंद्र त्यागी ने कहा कि सरकार की उपेक्षा के चलते गढ़वाल के मुख्य द्वार ऋषिकेश का राजकीय चिकित्सालय सुविधाओं के अभाव में सफेद हाथी बन कर रह गया है। यहां गंभीर रोगियों का उपचार करने के बजाय उन्हें रैफर करके अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर दी जाती है।

पूर्व विधानसभा प्रभारी नवीन मोहन ने कहा कि चार धाम यात्रा के मुख्य द्वार स्थित ऋषिकेश का राजकीय चिकित्सालय वर्षों से चिकित्सकों की किल्लत को झेल रहा है। ऋषिकेश के तमाम ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा पौड़ी एवं टिहरी जनपद के रोगी भी इसी राजकीय चिकित्सालय में सैकड़ों की तादात में उपचार रौजाना पहुंचते हैं लेकिन चिकित्सको की कमी एवं अनिवार्य रूप से कोविड जांच के कारण उन्हें मायूस होकर प्राइवेट हॉस्पिटलों में महंगे उपचार के लिए विवश होना पड़ता है। बैठक में पार्टी कॉर्डिनेटर दिनेश असवाल, अमित विश्नोई, देवराज नेगी, गणेश बिजल्वाण, दिनेश कुलियाल, प्रवीण असवाल, जगदीश कोहली, सुनील कुमार, मयंक भट्ट, मनोज शर्मा डिम्पल, अंकित नैथानी उपस्थित थे।

कुंभ मेला के तहत साधुओं का पुलिस ने किया सत्यापन

ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने कुंभ मेला को देखते हुए त्रिवेणी घाट पर रह रहे साधुओं की हिस्ट्री जानी। अपराध की रोकथाम को लेकर उच्चाधिकारियों से पुलिस को निर्देश मिले थे। इसके तहत आज त्रिवेणी घाट पर पुलिस की एक टीम सभी साधू बाबाओं को घाट परिसर में ही एकतित्र किया, इसके बाद सभी के आधार कार्ड एवं अन्य आईडी जांची गईं। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि सभी 165 साधु बाबाओं की पहचान कर मूल पते पर सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। बताया कि सत्यापन की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी। ताकि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की पहचान की जा सके।

सुरक्षा के तहत लगाई तीसरी आंख का मेयर अनिता ने किया निरीक्षण

शहर के विकास कार्यों के साथ-साथ नगर वासियों की सुरक्षा को लेकर भी निगम प्रशासन संवेदनशील बना हुआ है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए पुलिस प्रशासन को निगम की ओर से अपराध एवं अपराधियों पर लगाम कसने के लिए सहयोग किया जा रहा है। निगम प्रशासन द्वारा विगत कुछ माह में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में तीसरी आंख के जरिए लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिसका आज दोपहर मेयर अनिता ममगाई ने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सीसीटीवी कैमरे का निरीक्षण किया। बताया कि अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ऋषिकेश को उत्तराखंड के सबसे खूबसूरत शहर के रूप में विश करने के लिए जहां अनेकों योजनाएं चलाई जा रही है वहीं शहरवासियों को सुरक्षित रखना भी नियम का कर्तव्य है इसमें पुलिस प्रशासन को हर संभव सहयोग निगम प्रशासन दे रहा है।

कोतवाली पुलिस के आग्रह पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निगम की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में सीसीटीवी लगाए गए हैं जिनके जरिए अपराधियों पर पुलिस निगाह रख रही है। आगामी कुंभ के दौरान निगम की ओर से लगाए गए सीसीटीवी व्यवस्थाओं को नियंत्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने शहरवासियों से भी जनहित के कार्यों में निगम प्रशासन को सहयोग करने की अपील की। इस दौरान पार्षद विजय बडोनी, पार्षद अनिता प्रधान, राजकुमारी जुगलान, प्रिया धक्काल, परीक्षित मेहरा, शीलू अग्रवाल, निर्भय गुप्ता, आईडीपीएल चैकी इंचार्ज चिंतामणि मैठाणी आदि मौजूद रहे।

किसानों के व्यापक हित में है कृषि सुधार कानूनः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में किसान सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। सीएम ने कहा कि कृषि सुधार कानून किसानों के हित में लाये गये कानून है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दुगनी करने का जो भारत सरकार का लक्ष्य प्राप्त करने की ओर यह एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि कृषि सुधार कानून के माध्यम से किसानों को स्वतंत्रता प्रदान की गयी है, अब किसान को जहाँ अच्छा मूल्य मिलेगा, वहाँ अपनी फसल बेचेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञानी स्वामीनाथन कमीटी की रिपोर्ट के आधार पर यह कानून बनाये गये हैं जो किसानों के व्यापक हित में हैं। इसमें किसानों के लिए अनेक विकल्प रखे गये हैं, पहले केवल मण्डी ही खरीदारी करती थी, आज उसके लिए ओपन मार्केट की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि एमएसपी समाप्त करने के सम्बन्ध में किसानों में भ्रम फैलाने का प्रयास हो रहा है जबकि एमएसपी कही भी समाप्त नही की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसानों को बरगलाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना लागू की गई है, जिसमें 6000 रूपये प्रतिवर्ष किसानों को उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इसके साथ ही, एमएसपी पर खरीद को लगातार सुदृघ्ढ़ किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय दुगनी करने के लक्ष्य की ओर राज्य सरकार द्वारा भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं। किसानों को मण्डी के साथ ही कहीं भी उत्पादों को बेचने की आजादी है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को दूर करने हेतु उनसे लगातार वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सरकारी गन्ना मिलों द्वारा गन्ना किसानों को सौ प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। धान मूल्य का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से बिल प्राप्त होने के 24 घण्टे के अन्दर किसानों के खाते में जमा की जा रही है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की बन्द पड़ी इकबालपुर शुगर मिल को 36 करोड़ की गारन्टी देकर खुलवाया है ताकि किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान हो सके। राज्य में खाद्य की सब्सिडी दो साल पहले से ही दी जा रही है। किसानों को 03 लाख तक का ऋण बिना ब्याज का दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक यतीश्वरानन्द, कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, देशराज कर्णवाल, सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा, आदेश चैहान एवं संजय गुप्ता भी उपस्थित थे।

विजय दिवस पर शहीदों को सीएम ने अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क देहरादून में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने कहा कि भारत की महान सेना ने पाकिस्तान के 93000 सैनिकों को आत्मसमर्पण करने को मजबूर कर दिया था। भारत की सुरक्षा और विश्व के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण दिन है। यह हमारे सैनिकों को वीरता का परिणाम है। हमारे जवानों के अद्भुत पराक्रम से इस युद्ध में एक बड़ी विजय भारत को प्राप्त हुई थी। इस युद्ध में देश के शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।

इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक गणेश जोशी, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर के.बी.चन्द एवं पूर्व सैन्य अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।

बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों पर आधारित रिर्पोट का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की बैठक आयोजित हुई। आयोग में सदस्यों की नियुक्ति के पश्चात आयोग की यह पहली बैठक रही जिसमें उपाध्यक्ष सहित सभी नामित सदस्य एवं उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक व आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने एवं पलायन को कम करने हेतु आयोग द्वारा की गई सिफारिशों से सम्बन्धित पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि पलायन आयोग द्वारा पलायन के मूल कारणों से सम्बन्धित दी गई प्राराम्भिक रिपोर्ट से ही स्पष्ट था कि राज्य से पलायन मुख्यतः शिक्षा व स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा एवं रोजगार की कमी रही है। उन्होंन कहा कि आयोग के सुझावो पर राज्य सरकार द्वारा नीतिगत निर्णय लिये जा रहे है। उन्होंने कहा कि आयोग को वर्किंग एजेन्सी के रूप में नहीं अपितु राज्य से पलायन रोकने तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक व आर्थिक विकास के लिये थिंकटेक के रूप में कार्य करना होगा। आयोग के सदस्यों को ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्तरों पर कार्य करने का अनुभव है। उनके अनुभव राज्य के समग्र विकास में उपयोगी होंगे इसका उन्होंने विश्वास जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड-19 से पूर्व ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, सोलर स्वरोजगार योजना तथा ग्रोथ सेन्टरों की स्थापना, एलईडी योजना का कार्य गतिमान रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास एवं स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध करना इसका उद्देश्य था। सीमान्त क्षेत्रों के समग्र विकास के लिये मुख्यमंत्री सीमान्त सुरक्षा निधि की व्यवस्था की गई है। स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की सरकारी खरीद के लिये 5 लाख तक की सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा यूनीफार्म आपूर्ति के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है, पर्वतीय क्षेत्रों में इसे और विस्तार दिये जाने की जरूरत है। इनमें आत्मविश्वास जगाने की भी उन्होंने जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने अच्छी शिक्षा व्यवस्था के लिये भी सदस्यों से सुझाव देने को कहा। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों के कारगर ढ़ंग से उपयोग की दिशा में पहल की गई है। चीड़ से बिजली व पेलेटस बनाये जा रहे है। एलईडी निर्माण में 15 संस्थाये कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वयं का रोजगार खड़ा कर समाज को प्रेरणा देने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करने पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर युवाओं को तकनीकि प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने ग्रोथ सेन्टरों में क्रेडिट कार्ड योजना आरम्भ किये जाने की भी बात कही।
बैठक में उपाध्यक्ष, ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग डॉ0 एस0एस0नेगी ने बताया कि आयोग द्वारा अब तक राज्य के पर्वतीय जनपदों, ईको टूरिज्म, ग्राम्य विकास एवं कोविड-19 के प्रकोप के दौरान राज्य में लौटे प्रवासियों एवं उनके पुनर्वास पर आधारित 11 सिफारिशे प्रस्तुत की जा चुकी है।
बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों पर आधारित रिपोर्ट के सम्बन्ध में डॉ. नेगी ने बताया कि जनगणना वर्ष 2011 के अनुसार जनपद बागेश्वर की जनसंख्या 2,59,898 है, इनमें 1,24,326 पुरूष तथा 1,35,572 महिलाएं है। पिछले 10 वर्षों में 346 ग्राम पंचायतों से कुल 23,388 व्यक्तियों द्वार अस्थायी रूप से पलायन किया गया है। पिछले 10 वर्षों में 195 ग्राम पंचायतों से 5912 व्यक्तियों द्वार पूर्णरूप से स्थायी पलायन किया गया है। आंकड़े दर्शाते है कि जनपद के सभी विकासखण्डों में स्थायी पलायन की तुलना में अस्थायी पलायन अधिक हुआ है। जनपद की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2016-17 के लिए अनन्तिम रूप से 1,00,117 रूपये है।
आयोग द्वारा जनपद हेतु जो सिफारिशें रखी हैं उनमें प्रमुख रूप से पशुधन की गुणवत्ता में सुधार लाने एवं कृत्रिम गर्भाधान केन्द्रों की संख्या बढ़ाना, दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध उत्पादकों की उपज हेतु पनीर, घी आदि बनाने का प्रशिक्षण दिये जाने, दुग्ध समितियों की सक्रियता बढ़ाने एवं दुग्ध प्रसंस्करण केन्द्र खोले जाने। होम स्टे की संख्या बढ़ाये जाने, इकोटूरिज्म गतिविधियों को पर्यटक स्थलों के रूप में विकसित किए जाने, पर्यटन से जुड़े कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाए जाने, क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित किये जाने, मनरेगा में समान अवसर और भागीदारी सुनिश्चित करके महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बनाए रखना, फसलों को बंदरों और जंगली सूअरों जैसे जानवरों से नुकसान से बचाव हेतु वन विभाग की सहायता से बन्दरबाड़ो, सोलर पावर फैन्सिंग का निर्माण कराये जाना, ग्राम पंचायतों में नर्सरियों बनाये जाना तथा औषधीय एवं सुगंधित पौंधों की कृषि को महत्वपूर्ण आजीविका उत्पादन गतिविधियों में विकसित किए जाना, जनपद में जड़ी-बूटी की खेती एवं कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना, जनपद में चाय के क्षेत्रफल को बढ़ावा दिया जाना, जनपद में बागवानी के क्षेत्रों को बढ़ाये जाना शामिल है।
इस अवसर पर आयोग के सदस्यों रामप्रकाश पैन्यूली, सुरेश सुयाल, दिनेश रावत घण्डियाल, अनिल सिंह शाही एवं वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रूद्रप्रयाग से रंजना रावत ने अपने सुझाव रखे।
अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने आयोग की सिफारिशों पर की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी। आयोग के सदस्य सचिव रोशन लाल एवं अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

कृषि कानून देश और किसानों के लिए ऐतिहासिकः विनय गोयल

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने कहा कि नया कृषि कानून देश और देश के किसानों के लिए ऐतिहासिक है। पर कुछ राजनीतिक दल इसे लेकर किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को अगर कानून से एतराज है तो उस पर सरकार बैठकर समाधान करने को तैयार है पर कृषि कानून को किसी भी दशा में वापस नहीं लिया जाएगा।

ऋषिकेश में भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने कहा कि नए कृषि कानून किसानों को पूरे देश में बाजार के विकल्प उपलब्ध कराएंगे। इन कानूनों से किसानों को किसी भी तरह की हानि नहीं हो रही है, बल्कि कोई राजनीतिक दलों द्वारा किसानों को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाए जाने के लिए एमएसपी खत्म नहीं किया जाएगा।

गोयल का कहना है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले, इसके सभी प्रविधान कृषि कानून बिल में बनाए गए हैं। बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी इस बिल से लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि एक बाजार होने से किसानों को अपनी फसल बेचने में ही लाभ मिलेगा। उन्होंने आंदोलन की आड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में लगाए जा रहे नारों की भी निंदा की।

गोयल ने कहा कि उत्तराखंड के अलावा कई अन्य प्रदेशों के किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए बिल का समर्थन किया है। अगर फिर भी किसानों को कोई इस बिल को लेकर आशंका है तो केंद्र सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है।

पत्रकार वार्ता में राज्य मंत्री भगत राम कोठारी, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, मंडल अध्यक्ष दिनेश सती भी उपस्थित थे।

स्मार्ट सिटी की समीक्षा कर सीएम ने दिए ठेकेदारों के साथ टाइम टू टाइम बैठक के निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को सचिवालय में देहरादून स्मार्ट सिटी की समीक्षा की। बैठक के दौरान सी.ई.ओ. स्मार्ट सिटी आशीष श्रीवास्तव ने देहरादून स्मार्ट सिटी पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत कराये जा रहे सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसमें समयबद्धता के साथ ही गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने मॉडर्न दून लाईब्रेरी की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इसे शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों से आम जनता को कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके लिए समय-समय पर ठेकेदारों आदि के साथ भी बैठक आयोजित की जानी चाहिए, ताकि उन्हें आ रही समस्याओं का भी निराकरण किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में वर्षाजल को संरक्षण के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग पर अधिक फोकस किया जाना चाहिए।

सी.ई.ओ. समार्ट सिटी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना की कुल लागत रू0 1407 करोड़ है, जिसमें 100 प्रतिशत निविदाएं आमंत्रित कर ली गयी हैं और इनसे सम्बन्धित कार्यादेश भी जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत स्मार्ट स्कूल का समस्त कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके अन्तर्गत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजपुर रोड, राजकीय इंटर कॉलेज, खुड़बुड़ा एवं राजकीय कन्या जूनियर हाई स्कूल को शामिल किया गया है, जिनमें स्मार्ट क्लासेज, कम्प्यूटर लैब, सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र आदि की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट रोड का कार्य प्रगति पर है। दून एकीकृत कमांड एण्ड कंट्रोल रूम का कार्य मार्च 2021 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली एवं सुशील कुमार आदि उपस्थित थे।

निर्धन लोगों में मेयर अनिता ने बांटी रजाई

खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर लोगों को मेयर अनिता ममगाईं ने रजाई वितरित की। इस दौरान रोटरी क्लब का भी सहयोग लिया गया। मेयर अनिता ने ऐसे निर्धन लोगों की मदद करने के लिए संगठनों से आगे आने की अपील की है।

आज शाम अनिता ममगाई ने आईएसबीटी क्षेत्र में गरीब तबके के लोगों को ठंड से राहत पहुंचाने के लिए रजाईयां बांटी। रोटरी क्लब के सहयोग से चले अभियान के प्रथम चरण में पचास से ज्यादा लोगों को रजाईयां वितरित की गई। मौके पर नगर आयुक्त नरेंद्र क्विरियाल, पार्षद चेतन चैहान, पार्षद कमलेश जैन, पार्षद राजू बिष्ट, पार्षद विजय बडोनी, पार्षद विजेंद्र मोघा, पार्षद अजीत गोलडी, रोटरी क्लब अध्यक्ष नितिन गुप्ता, पवन शर्मा, संजय अग्रवाल, गोविंद अग्रवाल, डॉ हरिओम अग्रवाल, डॉ डीके श्रीवास्तव, नवीन अग्रवाल, संजय बंसल, राकेश फूल, पंकज पावा, गोपाल अग्रवाल, गोपाल डॉ रवि कौशल, डॉ राजेन्द्र गर्ग, मनु कोठारी, सुनील उनियाल, गौरव केन्थुला, नवीन नौटियाल, हेमन्त डंग, नरेंद्र रतूड़ी आदि निगमकर्मी मौजूद रहे।