राहुल की अगुवाई को कांग्रेसी उत्साहित

आखिरकार वह पल आ ही गया है, जिसका कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पिछले काफी अरसे से इंतजार था। राहुल गांधी ने चार दिसम्बर पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भर दिया है। इस दौरान उनके साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने प्रेस कॉन्फ्रेेंस कर बताया कि राहुल गांधी के अलावा किसी और ने नामांकन नहीं भरा है। एक से ज्यादा नामांकन होने पर ही चुनाव होगा। कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के समर्थन में 89 नामांकन भरे गए हैं। राहुल गांधी के समर्थन में कुल 890 प्रस्तावक हैं।
राहुल की अगुवाई में बढ़ेंगे आगे

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राहुल गांधी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमने नॉमिनेशन फाइल कर दिया है, लोगों की सेवा करने की ओर एक और कदम है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने अध्यक्ष पद की भूमिका शानदार तरीके से निभाई है, अब राहुल भी उसी को आगे बढ़ाएंगे। राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस आगे बढ़ेगी।
राहुल के साथ है पार्टी

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सर्वसम्मति से राहुल को अध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव पास हुए हैैं कांग्रेस हमेशा सोच समझकर निर्णय करती हैै। उन्होंने कहा कि ये फैसला हमने चार साल पहले ही कर लिया था, जब जयपुर में उन्हें उपाध्यक्ष चुना गया था। कांग्रेस एकजुट होकर राहुल गांधी के साथ खड़ी है।
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को जवाब देना चाहिए कि क्या उनकी पार्टी में लोकतंत्र है। सोनिया जी ने ही पहले प्रस्ताव पर साइन किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी को गुजरात चुनाव के नतीजों का इंतजार करना चाहिए, पीएम की रैलियों में कुर्सियां खाली हैं। बीजेपी का तो अध्यक्ष भी आरएसएस तय करता है।

नामांकन करने से पहले राहुल ने अपनी मां सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। गुजरात विधानसभा में कांग्रेस की वापसी की राह देख रहे कार्यकर्ताओं में वोटिंग से ठीक पहले नया जोश भर सकता है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राहुल को तिलक भी लगाया।
यह लगभग दो दशक बाद है, जब कांग्रेस पार्टी को उसका नया पार्टी अध्यक्ष बनेगा। मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी 1998 से पार्टी की कमान संभाल रही हैं।
पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकार अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन के अनुसार किसी अन्य ने अभी तक पर्चा दाखिल नहीं किया है। चुनाव मैदान में राहुल गांधी के एकमात्र उम्मीदवार रहने की संभावना है और कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनके चुनाव के लिए सभी रास्ते खुल गए हैं।

गंगा की स्वच्छता का जिम्मा जर्मनी से आयी टीम के हाथों


जर्मनी के प्रतिनिधिमण्डल नेे सचिवालय में डिप्टी मिशन चीफ डॉ.जेस्पर वेक के नेतृत्व में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से तकनीकी और वित्तीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार विमर्श किया। मिशन चीफ के साथ फेडरल मिनिस्ट्री के साउथ एशिया डिवीजन हेड डॉ.रोलफ्राम क्लेन, जर्मन डेवलपमेंट बैंक के सीनियर पॉलिसी ऑफिसर, जीआईजेड(जर्मन एजेंसी फॉर इंटरनेशनल टेक्निकल कोऑपरेशन) के कंट्री डायरेक्टर डॉ.यूरिक रिवेरे, सिल्के पालविज सहित अन्य अधिकारी थे। जीआईजेड उत्तराखण्ड में गंगा नदी की स्वच्छता, चिकित्सा, कौशल विकास में तकनीकी और आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा।

गंगा नदी की स्वच्छता के लिए जर्मनी के मिशन चीफ के समक्ष 920 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। जीआईजेड को बताया गया कि हरिद्वार, ऋषिकेश, तपोवन, मसूरी, देहरादून में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नेटवर्किंग का कार्य किया जायेगा। इन शहरों में 265.47 एमएलडी सीवेज निकलता है। इनके नेटवर्किंग 574.26 किमी में की जानी है। जर्मन मिशन ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार द्वारा बनाये गये डीपीआर का मूल्यांकन जर्मन तकनीकी टीम द्वारा किया जा रहा है। जीआईजेड गंगा नदी की स्वच्छता के लिए 920 करोड़ रूपये दिये जाने पर जल्द निर्णय लेगी। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार का संकल्प है कि गंगा नदी स्वच्छ व निर्मल हो। कोई भी नाला गंगा नदी में नही गिरने दिया जायेगा, इसके लिए गंगा किनारे के कस्बों में कार्य चल रहा है। जर्मनी के सहयोग से इस कार्य में और गति मिलेगी।

पुलिस चार्जशीट में हनीप्रीत ने ही बुलाई हिंसा भड़काने को बैठक

गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के गुनाहों की फेहरिस्त आखिर चार्जशीट के रूप में मंगलवार को पंचकुला कोर्ट में पेश कर दी गई। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में 25 अगस्त को पंचकुला में हुई व्यापक हिंसा के लिए हनीप्रीत को मास्टरमाइंड बताया है। हनीप्रीत के अलावा 15 अन्य गुरमीत राम रहीम के करीबियों व डेरा समर्थकों का नाम चार्जशीट में शामिल किया गया है।
हनीप्रीत पर आरोप है कि पंचकुला अदालत द्वारा गुरमीत राम रहीम को अपनी दो शिष्याओं के साथ दुष्कर्म का दोषी ठहराए जाने के बाद उसने डेरा समर्थकों के साथ मिलकर पंचकुला में व्यापक पैमाने पर हिंसा फैलाई थी।
सूत्रों के मुताबिक करीब 1200 पन्नों की चार्जशीट में हनीप्रीत के अलावा देशद्रोह के मुकदमा झेल रहे 15 दूसरे आरोपियों के कच्चे चिट्ठों का भी जिक्र है। हनीप्रीत के खिलाफ मंगलवार को दाखिल की गई चार्जशीट में कुल 67 गवाह हैं, जिनमें से ज्यादातर पुलिस के लोग हैं। उसके और दूसरे आरोपियों के खिलाफ पंचकुला के सेक्टर 5 पुलिस थाने में 27 और 28 अगस्त को आईपीसी की धाराओं 121, 121ए, 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
हनीप्रीत पर पंचकुला हिंसा की साजिश रचने का आरोप है। उसके अलावा आदित्य इंसा, पवन इंसा, सुखदीप कौर, राकेश कुमार अरोड़ा, सुरेंद्र धीमान इंसा, चमकौर सिंह, दान सिंह, गोविंद राम, प्रदीप गोयल इंसा व खैराती लाल पर भी देशद्रोह और हिंसा फैलाने का आरोप है। डेरा का प्रवक्ता और देशद्रोह का आरोपी डॉक्टर आदित्य इंसा अभी भी फरार है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हनीप्रीत ने अपने पुलिस रिमांड के दौरान कबूल कर लिया था कि पंचकुला हिंसा की प्लानिंग उसके ही कहने पर की गई थी। पुलिस ने उसके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा कर उनको चार्जशीट में जोड़ा है। इस आरोप पत्र के तीन पन्नों में गुरमीत राम रहीम और डेरा सच्चा सौदा के 6 सुरक्षा कर्मियों का जिक्र है।
गौरतलब है कि पंचकुला हिंसा का ब्लूप्रिंट 18 अगस्त को सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में बुलाई गई एक एहम बैठक में तैयार किया गया था। बैठक हनीप्रीत ने ही बुलाई थी, जो डेरे में नंबर दो की हैसियत रखती थी। इस बैठक में मौजूद रही डेरा की चेयरपर्सन विपश्यना इंसा को छोड़कर सभी आरोपियों पर देशद्रोह का आरोप है। 25 अगस्त से पहले हनीप्रीत सहित कई आरोपी पंचकुला के डेरे में पहुंचे थे और उन्होंने कथित तौर पर पूरे पंचकुला की रेकी की थी।
इससे पहले 18 अगस्त को हुई बैठक में दो बातें तय की गई थीं- अगर फैसला गुरमीत सिंह के खिलाफ आया तो हिंसा और अगर पक्ष में तो सत्संग करने का ही प्लान था। हिंसा फैलाने के लिए गुंडों को किराए पर लाया गया था, जिनपर 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। 1.25 करोड़ रुपये तो पंचकुला के डेरा इंचार्ज चमकौर सिंह को ही दिए गए थे।

उत्तराखंड हाईकोर्ट का यह फैसला विश्वभर में छा रहा

अब उत्तराखंड हाईकोर्ट का गंगा प्रदूषण पर दिया गया फैसला फ्रांस के शिक्षण संस्थानों में भी पढ़ने को मिलेगा। जी हां, गंगा प्रदूषण को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायिर की गयी थी। जिस पर हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुये गंगा सहित ग्लेशियर, पेड़ व पौधों को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया था। फ्रांस में गंगा की मान्यता व मौजूदा स्थिति पर भी शोधार्थियों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि फ्रांस के शिक्षण संस्थानों में इस फैसले को कोर्स में शामिल किया गया है।

दरअसल, अधिवक्ता ललित मिगलानी की जनहित याचिका पर वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गंगा के साथ ही ग्लेशियर, पेड़ व पौधों को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया था। पिछले साल दो दिसंबर को खंडपीठ ने 26 बिंदुओं को लेकर फैसला दिया था। गंगा को जीवित व्यक्ति का दर्जा देने संबंधी फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर चुनौती दी थी। इस सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी, जबकि ग्लेशियर व पेड़-पौधों को जीवित व्यक्ति का दर्जा देने वाला आदेश प्रभावी है। अब तक इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं मिली है।

फ्रांस की शोधार्थी डेनियल बेरती ने याचिकाकर्ता व अधिवक्ता ललित मिगलानी से मुलाकात कर फैसले के अहम बिंदुओं बारे में जानकारी ली। उन्होंने इसकी पुष्टि किया कि इस विषय को फ्रांस के नेशनल सेंटर फॉर साइंस रिसर्च व सेंट्रल फॉर हिमालयन स्टडीज फ्रांस में अध्ययन के लिए शामिल कर लिया गया है। डेनियल ने गंगा की धार्मिक व सामाजिक मान्यता को लेकर भी तथ्यात्मक जानकारी जुटाई। अधिवक्ता मिगलानी ने इसको उत्तराखंड हाई कोर्ट के साथ ही देश के लिए बड़ी उपलब्धि करार दिया है। साथ ही कहा कि गंगा की स्वच्छता व निर्मलता को लेकर उनकी मुहिम जारी रहेगी।

गत पेराई सत्र का भुगतान किसानों को देने वाली यह पहली सरकारः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला शूगर मिल के वर्ष 2017-18 के पेराई सत्र का विधिवत पूजाअर्चना के साथ शुभारम्भ किया। उन्होंने किसानों, गन्ना समिति सदस्यों व चीनी मिल के पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि वे गन्ने की उन्नत किस्म एवं अधिकतम चीनी परता वाली प्रजाति को उगाने तथा बीज बदलाव कार्यक्रमों के प्रति विशेष ध्यान दें।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि गत पेराई सत्र के गन्ना मूल्य का लगभग पूर्ण भुगतान किसानों को कर दिया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चीनी मिल द्वारा पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग किया जायेगा। उन्होंने सभी को पेराई सत्र की शुभारम्भ की शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का जो कुछ बकाया अवशेष होगा उसका भुगतान दिसम्बर तक कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली सरकार है जिसके द्वारा नये पेराई सत्र से पूर्व ही किसानों को उनके पुराने देयो का भुगतान कर दिया गया है। इस अवसर पर डोईवाला शूगर मिल के अधिशासी निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि डोईवाला शुगर कम्पनी द्वारा गत पेराई सत्र के आपूर्तित कुल 26.32 लाख कुन्टल गन्ने का 92 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया गया है। वर्तमान पेराई सत्र हेतु चीनी मिल के समस्त सुरक्षित क्षेत्र से लगभग 28 लाख कुन्टल गन्ना उपलब्ध होने का अनुमान है। चीनी मिल का सम्पूर्ण सुरक्षित क्षेत्र में शीघ्र प्रजाति का गन्ना क्षेत्रफल विगत तीन वर्षों में लगभग 43 प्रतिशत से अधिक हो गया है जिसे आगामी वर्षों में 60 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य है। इस वर्ष शरदकालीन गन्ना बुवाई में गन्ना शोध केन्द्रों प्रजनक गन्ना बीज लाकर लगभग 12 हेक्टेयर पौधशालाएं कृषकों के खेतों पर स्थापित करायी गयी, जो विगत वर्ष 3 हेक्टेयर की तुलना में चार गुना है। प्रति हेक्टेयेर गन्ना उत्पादन में वृद्धि करने के उद्देश्य से कृषकों को खेतों की गहरी जुताई हेतु एमवीप्लाऊ एवं टैंªच विधि से गन्ना बुवाई हेतु टैंªचओपनर निःशुल्क उपलब्ध कराये जा रहे है। गन्ने में लगने वाले कीटों की रोकथाम हेतु कीटनाशकों का स्प्रे कराये जाने के लिए दो पावर स्प्रेयर निःशुल्क उपलब्ध कराये जा रहे हैं। चीनी मिल में मृदा परीक्षण लैब स्थापित की गयी है। संतुलित उर्वरक प्रयोग करने से गन्ने में चीनी का प्रतिशत की मात्रा को बढ़ाया जाता है।

जानिए राहुल गांधी की ताजपोशी का दिन

कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी की ताजपोशी का दिन तय हो गया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में इस बाबत एक प्रस्ताव पास कर दिया गया है। बैठक में पार्टी के सांगठनिक चुनावों और राहुल के अध्यक्ष पद पर ताजपोशी को लेकर चर्चा हुई।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नोटिफिकेशन एक दिसंबर को जारी होगा। 11 दिसंबर नाम वापसी का आखिरी दिन होगा। अगर राहुल के अलावा कोई और उम्मीदवार हुआ तो 16 दिसंबर को मतदान होगा। वोटों की गिनती 19 दिसंबर को होगी। ऐसे में माना जा रहा कि राहुल के अध्यक्ष बनने का ऐलान 19 दिसंबर को होगा। हालांकि बैठक में शामिल एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने दावा किया कि राहुल गांधी 11 दिसंबर को ही कांग्रेस अध्यक्ष बन जाएंगे।

कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी ने कहा कि गुजरात में चुनावी प्रचार की सफलता का श्रेय और नोटबंदी और जीएसटी के मुद्दे पर विपक्ष की सफल अगुवाई का श्रेय कांग्रेस उपाध्यक्ष को जाता है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राहुल गांधी ने आगे बढ़कर अगुवाई की है और बहुत ही क्षमतावान नेता हैं। आजाद ने कहा कि ये कुछ ही दिनों की बात है, जब पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। राहुल गांधी आगे बढ़कर पार्टी का नेतृत्व करेंगे।
इस बीच लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वर्किंग कमिटी की बैठक में निर्णय होने की उम्मीद है। हम सब पार्टी अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी के नेतृत्व के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही सभी प्रदेशों के इंचार्ज भी इसमें हिस्सा लेंगे।
गौरतलब है इस चुनावी प्रक्रिया से पहले ही तमाम राज्यों में कांग्रेस के सदस्यों का चयन करने के लिए पोलिंग हो चुकी है। लगभग सभी राज्यों ने कांग्रेस अध्यक्ष के लिए राहुल गांधी का नाम सर्वसम्मति से पारित भी किया है। ऐसे में तमाम राज्यों के इंचार्ज राज्य इकाइयों के प्रस्ताव को भी भी पेश करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की प्रस्तावित तारीख समिति ने कांग्रेस अध्यक्ष को दे दी है। हालांकि समिति इसमें बदलाव कर सकती है।
अगर कांग्रेस अध्यक्ष के लिए सिर्फ राहुल गांधी ही नॉमिनेशन भरते हैं और कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं होता तो इसका मतलब है एक दिसंबर ही को डिक्लेयर कर दिया जाएगा की कि राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य-मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

अयोध्या में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद के समझौते के लिए शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में मसौदा पेश किया है। शिया वक्फ बोर्ड के मसौदे के मुताबिक विवादित जगह पर राम मंदिर बनाई जाए और मस्जिद को लखनऊ में बने, जिसका का नाम मस्जिद-ए-अमन रखा जाए। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के इस मसौदा से मुस्लिम पक्षकार सहमत नहीं हैं।
मुस्लिम पक्षकार ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी होने और निजी फायदे के लिए राममंदिर का राग अलाप रहे हैं। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के इस मसौदा पर रजा पद ने मुस्लिम पक्षकारों से बात की। मुस्लिम पक्षकारों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही आदर्श फैसला होगा। इसके अलावा कोई और बात करना निराधार है।
इस मसौदे को कानूनी मान्यता नहीं-खालिक
अयोध्या मामले में अपीलकर्ता मौलाना महफुजुर्ह रहमान के नामित खालिक अहमद खान ने कहा- ये मसौदे वसीम रिजवी की अपनी राय है, जिसकी कोई कानूनी मान्यता नहीं है। मुस्लिम पक्षकारों की एक राय शुरू से सुप्रीम कोर्ट का फैसला ही इस मसले का हल है।
खालिक ने कहा कि राम मंदिर बनाई जाए हमें कोई हर्ज नहीं है, लेकिन वो अपनी जगह बनाई जाए न की बाबरी मस्जिद की जगह पर, जैसा कि वसीम रिजवी कह रहे हैं कि मस्जिद कहीं और बनेगी तो वह बाबरी मस्जिद का रिप्लेसमेंट नहीं हो सकता है।
अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्षकार हासिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने कहा- वसीम रिजवी के राय से शिया वक्फ बोर्ड और शिया समुदाय ही सहमत नहीं है। वसीम रिजवी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हुए हैं, उससे बचने के लिए राममंदिर की बात कर रहे हैं। इकबाल कहते हैं कि अयोध्या मामले में वसीम रिजवी का कोई सीधा जुड़ाव नहीं है। ऐसे में वसीम रिजवी की बातें कोई अहमियत नहीं रखती है।
इकबाल ने कहा कि वसीम रिजवी बीजेपी का दिल जीतने के लिए सारे जतन कर रहे हैं। उनका कहना है- मामला सुप्रीम कोर्ट में है और कोर्ट के जरिए ही फैसला होगा।

निजी मुफीद के लिए है ये मसौदा
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के मसौदे की कोई अहमियत नहीं है। हाईकोर्ट ने 1947 में फैसला करके साफ कर दिया है कि बाबरी मस्जिद शिया वक्फ बोर्ड का नहीं बल्कि सुन्नी वक्फ बोर्ड का है।
फिरंगी महली का कहना है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में फाइनल दौर में है। वसीम रिजवी अपने निजी फायदे कि लिए मामले में कन्फ्यूजन पैदा कर रहे हैं। वो सुप्रीम कोर्ट में अपील कर्ता भी नहीं है और न ही उससे जुड़ सकते हैं, वो सिर्फ मीडिया में बने रहने के लिए ये सब कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने साफ कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा वो मान्य होगा। इससे दोनों समुदाय के पक्षकारों को माननी चाहिए। सुप्रीमकोर्ट के फैसला के बाद हमेशा के लिए इस मसले का हल हो जाएगा और इस मुद्दे पर हमेंशा के लिए सियासत भी खत्म हो जाएगी।

यहां ऐसे मना बाल दिवस, अधिक पढ़े…..

14 नवंबर यानी बाल दिवस, और बाल दिवस के ध्यान आते ही हमारे जेहन में पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिवस याद आता है। पंडित नेहरू को सभी बच्चे चाचा नेहरू कह कर संबोधित करते थे। कहा जाता है कि नेहरू को बच्चे बहुत ही प्रिय थे। यही वजह है कि आज भी हम सभी नेहरू के जन्मदिवस के दिन अपना समय बच्चों के बीच बिताया करते है।
नेहरू के जन्मदिवस के अवसर पर तीर्थनगरी ऋषिकेश में भी बाल दिवस देखने को मिला। जब लियो क्लब ऋषिकेश डिवाइन के सदस्यों ने यहां स्थित श्रीभरत मंदिर इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले जरूरतमंद व गरीब वर्ग से आने वाले छात्रों को उपहार भेंट किया।

आपको बता दें कि लियो क्लब ऋषिकेश डिवाइन तीर्थनगरी में सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देने के लिये जाना जाता है। लियो क्लब असहाय व जरूरतमंद लोगों की मदद करने में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। इसी कड़ी में लियो क्लब द्वारा इंटर कॉलेज में पिछले वर्ग के बच्चों को स्कूली जूते वितरित किये गये। क्लब के अध्यक्ष रजत भोला ने इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बच्चे कल का भविष्य है। उनका आज अच्छा होगा तभी वह आगे अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। क्लब के सचिव विशाल लूथरा ने बताया कि चाचा नेहरू का बच्चों के प्रति लगाव को देखते हुए उनके जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
क्लब के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर विवेक तिवारी ने कहा कि चाचा नेहरू की भांति उन्हें भी बच्चों से अधिक लगाव है। स्कूली बच्चों के पैरों में जूते न देखकर उन्होंने बाल दिवस के अवसर पर क्लब के सदस्यों से इस पर विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि क्लब द्वारा आगे भी इसी तरह के सामाजिक कार्य किये जाते रहेंगे।

खाने का लालच देकर सगी बहनों से किया बलात्कार

मध्य प्रदेश के खंडवा में खाने का लालच देकर दो सगी बहनों के साथ रेप की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। निशक्त लोगों के लिए बने एक आश्रम में मानसिक रोगी दो नाबालिग सगी बहनों को आश्रम संचालक ने अपनी हवस का शिकार बनाया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

नगर पुलिस अधीक्षक एसएन तिवारी ने बताया कि पीड़ित बहनों की उम्र 13 और 15 साल है। दोनों मानसिक रोगी हैं। आश्रम संचालक पूनमचंद मालवीय (60) ने रविवार की रात को 13 साल की मानसिक रोगी बालिका को आश्रम स्थित अपने कमरे में बुलाया। पहले जब वह नहीं आई तो अच्छा खाने का लालच दिया।

इसके बाद आरोपी ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। देर रात नाबालिग लड़की मौका देखकर आश्रम का पांच फुट का गेट फांदकर भाग निकली। वह सीधे थाने पहुंची, उसकी आपबीती सुनकर पुलिस वाले भी दंग रह गए। इसके बाद पीड़िता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ।

इसी बीच महिला पुलिस उपनिरीक्षक सोनू सितोले ने बताया कि दोनों बहनों के साथ आरोपी द्वारा आश्रम में रेप किया गया है। उनकी व्यथा सुनने के बाद आरोपी संचालक के खिलाफ आईपीसी की की धारा 376 और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों बहनों की मेडिकल जांच करवाई गई, जिसमें रेप की पुष्टि हुई है।

बताते चलें कि भोपाल में एक पुलिसकर्मी दंपति की बेटी के साथ एक नवंबर की रात को गैंगरेप हुआ था। इस मामले में तीन थाना प्रभारी एमपी नगर थाने के प्रभारी संजय सिंह बैस, हबीबगंज थाने के प्रभारी रविंद्र यादव, जीआरपी हबीबगंज के थाना प्रभारी मोहित सक्सेना, दो उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) टेकराम और उइके को निलंबित किया जा चुका है।

इस वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, लेकिन पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। पीड़िता ने कहा था कि कोई भी अपराधी दोबारा ऐसा करने का साहस न करे, इसलिए कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए, उन्हें मार देना चाहिए, चौराहे पर फांसी की सजा दी जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

पीड़िता ने कहा था कि सबसे बुरा रवैया तो पुलिस का रहा, जोकि उन्हें एक थाने से दूसरे थाने भटकाती रही। उसने कहा था, मेरे माता-पिता पुलिस में हैं और हमें इस स्थिति से गुजरना पड़ा, तो आम आदमी किन स्थिति का सामना करता होगा, इसे समझा जा सकता है। अफसोस है कि आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया, लेकिन समय पर केस दर्ज नहीं किया।

नेपाल चीन की डील हुयी खत्म, भारत को मिल सकता है मौका

नेपाल ने चीन को बड़ा झटका देते हुये बुधी गंडाकी नदी पर बनाए जा रहे हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के चीनी कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया है। नेपाल के उपप्रधानमंत्री कमल थापा ने मंगलवार को ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। खबर है कि अब ये कॉन्ट्रैक्ट किसी भारतीय कंपनी को मिल सकता है।

कमल थापा ने ट्वीट किया, कैबिनेट ने गेचोउबा ग्रुप के साथ बुधी गंडाकी नदी पर बनने वाले हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है। हालांकि, जब चीन की ओर से इस पर कोई टिप्पणी करने को कहा गया तो चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस बारे में अभी कोई ठोस जानकारी नहीं है, नेपाल और चीन के संबंध काफी अच्छे हैं।
ये प्रोजेक्ट भारतीय कंपनी एनएचपीसी को मिल सकता है। बता दें कि जब नेपाल सरकार ने चीनी कंपनी के साथ इस प्रोजेक्ट को लेकर डील की थी, उसी के बाद ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के वन बेल्ट वन रोड के समर्थन की बात कही थी।

चीन के सिल्क रूट पर संकट, पाकिस्तान में आतंक का साया-इंडोनेशिया में शुरू ही नहीं हुआ काम

आपको बता दें कि पूर्व की प्रचंड सरकार के द्वारा यह प्रोजेक्ट चीन की गेचोउबा ग्रुप को दिया था। उस दौरान ऐसा आरोप लगाया गया था कि इस प्रोजेक्ट की बोली की प्रक्रिया सही तरीके से नहीं की गई और ऐसे ही चीनी कंपनी को प्रोजेक्ट सौंप दिया गया। यह प्रोजेक्ट नेपाल की राजधानी काठमांडू से 50 किलोमीटर की दूरी पर है। इससे करीब 1200 मेगावाट की बिजली उत्पन्न होने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि नेपाल का बॉर्डर भारत और चीन की सीमा से लगता है। इस लिहाज से भारत और चीन के बीच नेपाल का रोल काफी अहम हो जाता है। हाल ही में डोकलाम विवाद के दौरान नेपाली पीएम शेरबहादुर देउबा ने भारत का दौरा किया था। जिस पर चीन ने भारत को आंखें दिखाई थीं।

चीन की ओर से कहा गया था कि भारत आर्थिक मदद की बदौलत नेपाल को रिझाने और वहां चीन के प्रभाव को कम करने का सपना न देखे। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने लेख में भारत को चेतावनी दी है कि अगर चीन भी ऐसा करने लगा तो भारत को मुंह की खानी पड़ेगी।