आठवें राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव में दिखेगी स्मृति की फिल्म

नैनीताल की स्मृति पांडे द्वारा निर्मित लघु फिल्म को आठवें राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव के लिये चुना गया है। स्मृति पांडे को पिछले वर्ष जल संरक्षण में शोध करने पर पूना में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में उत्तराखंड की सबसे कम उम्र की बाल वैज्ञानिक के रूप में सम्मानित भी किया जा चुका है।

गोहाटी में अगले माह आठवें राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव के लिए सेंट मैरी कांवेंट नैनीताल की कक्षा आठ की छात्रा स्मृति पांडे की लघु फिल्म चयनित हुई है। रचनात्मक शिक्षक मंडल के नवेंदु मठपाल ने बताया कि छात्रा ने पिछले साल ढेला में सुदर्शन जुयाल के निर्देशन में फिल्म मेकिंग की कार्यशाला में भाग लिया था। मठपाल ने बताया कि इन दिनों भी स्मृति ढेला रामनगर में आयोजित जश्न ए बचपन कार्यक्रम में अभिनय की बारीकियां सीख रही है।

भारत सरकार छात्रों व समाज के बीच वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान प्रसार नेटवर्क द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जाता है। महोत्सव के लिए छात्रा द्वारा बनाई गई प्यासे विश्व की पुकार लघु फिल्म चयनित की गई है। फिल्म का प्रदर्शन फरवरी माह में गोहाटी में राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव में किया जाएगा

चार क्रिकेट खिलाड़ी गिरफ्तार, पाकिस्तानी राष्ट्रगान का कर रहे थे सम्मान

जम्मू एवं कश्मीर में पाकिस्तानी राष्ट्रगान बजाने और उसका सम्मान करने के अपराध में चार क्रिकेट खिलाड़ियों को गिरफ्तार किया गया है। पाकिस्तानी राष्ट्रगान बजाए जाने का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।

मामला बांदीपोरा जिले का है, जहां एक स्थानीय क्रिकेट मैच शुरू होने से पहले पाकिस्तान का राष्ट्रगान बजाया गया। इतना ही नहीं गिरफ्तार किए गए चारों खिलाड़ी पाकिस्तानी राष्ट्रगान के सम्मान में सावधान की मुद्रा में खड़े भी रहे।

चारों खिलाड़ियों को पाकिस्तानी राष्ट्रगान का सम्मान करने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया है। वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एरिन गांव में आयोजित मैच के दौरान यह चारों खिलाड़ी पाकिस्तान के राष्ट्रगान पर खड़े हैं।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कश्मीर के चार क्रिकेट खिलाड़ियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कहा कि वे मैच के आयोजकों को ढूंढ रहे हैं, जिन्होंने इस मैच के वीडियो का इंतजाम किया।

बताते चलें कि साल 2016 में भी इसी तरह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों को गांदेरबल जिले में आयोजित एक मैच की शुरुआत से पहले बजे पाकिस्तान राष्ट्रगान पर सलामी देते हुए देखा गया।

तब भी पुलिस ने कुछ खिलाड़ियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन अभिभावकों द्वारा ऐसी गलती न दोहराने का आश्वासन दिए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था।

विरोध के बाद हटा हज दफ्तर से भगवा रंग

यूपी में योगी सरकार हर जगह भगवा रंग को तवज्जो दे रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्कूल और बसों के बाद अब योगी सरकार ने लखनऊ स्थित हज कमिटी दफ्तर की बाउंड्री वॉल को भगवा रंग में रंग दिया था, हालांकि विवाद बढ़ने पर योगी सरकार को अपने कदम पीछे खिंचने पड़े। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे लेकर शनिवार को सफाई पेश की।
हज कमेटी दफ्तर की बाउंड्री वॉल को भगवा रंग से रंगे जाने के बाद सरकार की तरफ से सफाई दी गई। योगी सरकार ने सफाई पेश करते हुए कहा कि पुताई करने में ज्यादा गहरे रंग का इस्तेमाल हुआ इसे ठीक किया जा रहा है।

इसके बाद हज कमिघ्टी दफ्तर की बाउंड्री वॉल को फिर से सफेद रंग से पुताई की गई। आपको बता दें कि शुक्रवार को हज कमिटी दफ्तर की बाउंड्री वाल को भगवा रंग में रंगे जाने पर विवाद बढ़ा था। इससे पहले दीवारें सफेद और हल्की हरे रंग में थीं, लेकिन इसकी दीवारों पर गेरुआ रंग चढ़ा दिया गया था।
इस कदम पर राजनीति शुरू हो गई थी। विपक्षी नेताओं और उलेमाओं ने इस कदम का धुर-विरोध किया था। उनका कहना है कि सरकार इस मामले में भी मजहबी जज्बात कुरेदने में जुटी है। आपको बता दें कि इससे पहले भी उत्तरप्रदेश में काफी जगह इस प्रकार का प्रयोग हो चुका है।
इतना ही नहीं यूपी के पुलिस थाने तक भगवा रंग रंगे जाने लगे हैं। लखनऊ के कोतवाली कैसरबाग में भगवाकरण का काम शुरू हुआ है। बिजनौर और आजमगढ़ जिले के बाद राजधानी लखनऊ में भी थाने का भगवाकरण शुरू हुआ है।

लालू को मिली साढ़े तीन साल की सजा, चारा घोटाला मामला

चारा घोटाला के देवघर कोषागार मामले में दोषी करार दिए गए आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही लालू को 5 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है, जबकि जगदीश शर्मा समेत छह को सात साल की सजा सुनाई गई है और 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
सजा सुनाये जाने के बाद लालू यादव के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया है जिसमें उन्होंने खुद बेगुनाह साबित करने की कोशिश की है, लालू की मानें तो वो सामाजिक न्याय के लिए लड़ रहे हैं, जिसकी सजा उन्हें ये मिल रही है।
रांची की सीबीआई अदालत से लालू यादव समेत सभी 16 दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुनाया गया। लालू रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं, जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
बता दें कि देवघर कोषागार आरसी 64ए/96 से 89 लाख रुपये फर्जी तरीके से निकाले जाने के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव सहित 16 आरोपी दोषी करार हैं। कोर्ट ने उन्हें 23 दिसंबर को दोषी पाया था, जिसके बाद लालू रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद है। 3 जनवरी से मामले के दोषियों की सजा पर सुनवाई चल रही है।
सुनवाई में लालू रहे थे खामोश
शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए हुई सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद पूरी तरह चुप रहे थे। उनके अधिवक्ता चितरंजन प्रसाद ने न्यायाधीश से आग्रह किया कि लालू की उम्र 70 वर्ष हो गई हैं। वह शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं, उन्हें हाईपर टेंशन और डायबिटीज हैं। 21 सालों से केस लड़ रहे हैं। इसलिए इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए लालू प्रसाद को कम से कम सजा दी जाए।
वहीं सीबीआई के अधिवक्ता ने इस पर विरोध जताते हुए कहा कि लालू राजनीति में सक्रिय हैं। रैलियां और भाषण कर रहे हैं, इसलिए नहीं लगता कि बहुत बीमार हैं। जेल में भी मेडिकल की सुविधाएं उपलब्ध हैं। वह मुख्य आरोपी हैं। इसलिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा सजा दी जाए।
बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने 23 दिसंबर को चारा घोटाले के एक मामले में लालू यादव को दोषी ठहराया था। वकीलों के अनुसार, लालू प्रसाद को तीन से सात वर्षो की सजा सुनाई जा सकती है, लेकिन उन्हें तीन वर्ष की सजा सुनाई जाती है तो उन्हें तत्काल जमानत मिल सकती है।

जानिये नये दस रूपये की खूबियां

केन्द्रीय रिजर्व बैंक ने महात्मा गांधी (नई) श्रृंखला में 10 रुपये मूल्य के बैंकनोट जारी कर दिए हैं। दस रूपये का नया नोट चॉकलेटी रंग का है, इसे जल्द ही संचार हेतु शुरू कर दिया जाएगा। 10 रुपये की नई नोट पर रिजर्व बैंक के गवर्नर डॉ. उर्जित आर. पटेल के हस्ताक्षर होंगे।

नई करेंसी के पृष्ठभाग पर सूर्य मंदिर,कोणार्क का चित्र है जो देश की सांस्कृतिक विरासत का चित्रण करता है। नोट का आधार रंग चॉकलेट भूरा है। नोट के अग्र और पृष्ठ दोनों भागों पर अन्य डिजाइन, ज्यामितिक पैटर्न हैं जिन्हें समग्र रंग योजना के साथ संरेखित किया गया है।

रिजर्व बैंक द्वारा पहले की श्रृंखलाओं में जारी 10 रुपये के पुरानी करेंसी भी पूरी तरह से वैध मुद्रा बनी रहेगी।
नई करेंसी की खास बातें इस प्रकार है। करेंसी के आगे हिस्से में मूल्यवर्ग अंक 10 के साथ आर-पार मिलान, देवनागरी में मूल्यवर्ग अंक १०, मध्य में महात्मा गांधी का चित्र, सूक्ष्म अक्षर आरबीआई ‘भारत’, इंडिया और ‘10’, ‘भारत’ और आरबीआई उत्कीर्ण लेखों के साथ विंडोड गैर-धातुयी सुरक्षा धागा, महात्मा गांधी के चित्र के दायीं तरफ गारंटी खंड, वचन खंड सहित गवर्नर के हस्ताक्षर तथा भारतीय रिजर्व बैंक का प्रतीक, दायीं ओर अशोक स्तंभ प्रतीक, महात्मा गांधी का चित्र और इलेक्ट्रोटाइप (10) वॉटरमार्क, संख्या पैनल जिसमें ऊपर बायीं ओर तथा नीचे दायीं ओर छोटे से बढ़ते आकार के अंक।
वहीं करेंसी के पीछे के हिस्से में नोट के बायीं तरफ मुद्रण वर्ष, स्लोगन सहित स्वच्छ भारत लोगो, भाषा पैनल, सूर्य मंदिर, कोणार्क का चित्र, देवनागरी में मूल्यवर्ग अंक १०, बैंकनोट का आकार 63 मिमी और 123 मिमी होगा।

देश को इमरजेंसी से छुड़ाने का श्रेय आरएसएस को जाता है- केटी थॉमस

सुप्रीम कोर्ट से रिटायर्ड न्यायधीश केटी थॉमस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस को भारतीयों की रक्षा का सच्चा हितैषी कहा है। रिटायर्ड न्यायधीश ने आरएसएस को संविधान व सेना के बाद तीसरा सच्चा देश की रक्षा करने वाला बताया है। उन्होंने यह बात केरल के कोट्टायम में आरएसएस के एक ट्रेनिंग कैंप को संबोधित करते हुए कही।

केटी थॉमस ने कहा कि अगर किसी संस्था को इमरजेंसी के बाद देश को स्वतंत्र कराने का श्रेय दिया जा सकता है तो वह है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। कोई पूछता है कि देश के लोग सुरक्षित क्यों हैं तो मैं कहना चाहूंगा कि यहां संविधान है, लोकतंत्र है, सेना है और किस्मत से आरएसएस है। इतना ही नहीं, देश को इमरजेंसी के चंगुल से छुड़ाने का श्रेय भी आरएसएस को जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि इमरजेंसी के खिलाफ संघ का मजबूत और सुसंगठित काम तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तक भी पहुंचा। वह समझ गईं कि इमरजेंसी को लंबे समय तक नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने कहा कि संविधान में पंथनिरपेक्षता को परिभाषित नहीं किया गया है।

साल 2002 में हुए रिटायर
थॉमस 1996 में सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त हुए थे और 2002 में रिटायर हुए। इन दिनों वह कोट्टायम जिले के मुत्ताबलम में रह रहे हैं। 2007 में उन्हें न्यायिक सेवाओं में बेहतरीन कार्य करने के लिए पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था। थॉमस उस समय सुर्खियों में आए जब उनकी अध्यक्षता वाली बेंच ने राजीव गांधी हत्याकांड में दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।

यहां दिन की शुरूआत होगी राष्ट्रगीत से

एक तरफ जहां पूरे देश में वंदे मातरम और राष्ट्रगान को लेकर बहस चल रही है। दूसरी ओर हरियाणा के एक गांव ने ऐसा फैसला किया है, जिससे पूरे गांव की दिन की शुरुआत राष्ट्रगान की आवाज से ही होगी। हरियाणा के फरीदाबाद जिले के जाट बहुल भनकपुर गांव में अब रोज सुबह 8 बजे राष्ट्रगान बजेगा, इसके लिए गांव वालों ने 3 लाख रुपये खर्च कर करीब 20 लाउडस्पीकर लगाए जाएंगे।

गांव में करीब 5000 की आबादी है। ऐसा करने वाला भनकपुर हरियाणा का पहला गांव होगा। गुरुवार को गांव के सरपंच सचिन मदोतिया ने इस बात का ऐलान किया। उनके साथ स्थानीय विधायक और अन्य नेता भी मौजूद रहे।

ऐसा बताया जा रहा है कि गांव का सरपंच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए उनके ही घर में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। उनका कहना है कि उन्हें ये आइडिया जब आया, जिस दौरान उन्होंने तेलंगाना के जम्मीकुंटा के बारे में सुना। वहां पर भी लोग अपने दिन की शुरुआत राष्ट्रगान से ही करते हैं।

भनकपुर गांव इससे पहले भी चर्चा का विषय बना रहा है। इस गांव में कुल 22 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, इसके अलावा गांव को स्वच्छता के अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।

गौरतलब है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर पिछले कुछ समय से बवाल जारी रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही सिनेमा हॉल में भी फिल्म से पहले राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य हो गया है।

अनुकृति की शादी में नजर आयेगी पर्वतीय संस्कृति की झलक

फेमिना मिस इंडिया ग्रैंड इंटरनेशनल अनुकृति गुसाईं जल्द ही परिणय सूत्र में बंधने जा रही है। इतना ही नहीं उन्होंने शादी को भव्य शाही अंदाज से कराने के लिये राजस्थान के उदयपुर पैलेस को चुना है। बता दें कि अनुकृति की शादी वन मंत्री हरक सिंह रावत व पौड़ी की जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत के पुत्र तुषित रावत के साथ तय हुयी है। तुषित दून इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के एमडी भी है।

फेमिना मिस इंडिया ग्रैंड इंटरनेशनल अनुकृति गुसाईं के अनुसार वह चाहती हैं कि शादी शाही अंदाज में तो हो, लेकिन उसमें पहाड़ की संस्कृति एवं परंपराओं का भी ध्यान रखा जाए। इसके लिए राजस्थान के उदयपुर पैलेस में शादी समारोह आयोजित करने की योजना है। हालांकि, शादी के सभी प्रमुख कार्यक्रम उत्तराखंड में ही होंगे। अनुकृति कहती हैं कि शादी में कुमाऊंनी और गढ़वाली परंपराओं का निर्वाह किया जाएगा। इसके अलावा 19 अप्रैल को देहरादून में रिसेप्शन रखा गया है।
अनुकृति बताती हैं कि दोनों परिवार एक-दूसरे को काफी लंबे समय से जानते हैं। दोनों का ही एक-दूसरे के घर आना जाना है। सो, मम्मी-पापा ने ही शादी तय की। जब उन्होंने मुझसे इस बारे में पूछा तो मैंने भी अपनी सहमति जता दी।

अनुकृति ने बताया कि शादी और रिसेप्शन के लिए लहंगे मुंबई में अलग-अलग डिजाइनर तैयार कर रहे हैं। लेकिन, शादी में वह कुमाऊंनी पिछौड़ा और टिहरी की नाथ जरूर पहनेंगी। बता दें कि अनुकृति की मां कुमाऊं और पापा गढ़वाल से ताल्लुक रखते हैं।

अनुकृति ने बताया कि शादी के बाद वह उत्तराखंड की बेटियों को आगे लाने के लिए काम करेंगी। राजनीतिक परिवार की बहू बनने जा रही अनुकृति से जब राजनीति में प्रवेश के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था, अभी इस बारे में कुछ सोचा नहीं है। लेकिन, महिलाओं को लेकर काम करती रहेंगी। उधर, वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि गुसाईं परिवार से हमारे पारिवारिक रिश्ते हैं। दोनों परिवार यही चाहते थे। फिर दोनो बच्चे भी सेटल हैं तो जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने भी इसके लिए सहमति दे दी।

स्वरोजगार बनाने को राज्य सरकार की नयी पहल

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य में एलईडी आधारित बल्ब, ट्यूबलाइट, झालर, स्ट्रीट लाइट, इमरजेंसी लाइट, टॉर्च जैसे उपकरण बनाने के लिए गढ़वाल मंडल में थानो और कुमाऊं के कोटाबाग में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 50-50 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देने का फैसला लिया है। इसके लिये मुख्यमंत्री ने वीएस एनर्जी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार को निर्देश दिए है।

योजना से संबंधित प्रस्तुतीकरण देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षणार्थियों के समूह में 40 महिलाएं और 10 आइटीआई प्रशिक्षणार्थी शामिल होंगे। वीएस एनर्जी प्रशिक्षण देगी। इस प्रोजेक्ट के तहत उत्पाद तैयार करने के लिए पांच दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उत्पादित वस्तुओं की मार्केटिंग भी इसी कंपनी द्वारा की जाएगी। प्रशिक्षण के लिए कंपनी प्रति प्रशिक्षाणार्थी 1200 रुपये की दर से राशि लेगी, जिसे उत्तराखंड कौशल विकास मिशन वहन करेगा।

मुख्यमंत्री ने योजना में महिला स्वयं सहायता समूहों और आईटीआई डिप्लोमाधारियों को शामिल करने के निर्देश दिए। साथ ही पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसके लिए वृहद कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिजली की खपत में कमी लाने को एलईडी की बड़ी उपयोगिता है। इसीलिए सभी सरकारी-अर्धसरकारी दफ्तरों में एलईडी बल्बों का प्रयोग अनिवार्य किया गया है। इसके वितरण को महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के मद्देनजर छोटे शहरों में महिला स्वयं सहायता समूहों एवं न्याय पंचायतों में इन उपकरणों को बनाने के लिए लोगों को प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है। इसके प्रथम चरण में स्वयं सहायता समूहों और द्वितीय चरण में आईटीआई डिप्लोमाधारियों के समूह को प्रशिक्षण देने के उपरांत इन संस्थानों में प्रोडक्शन यूनिट स्थापित की जाएंगी।

केजरीवाल का कद आप में सबसे बड़ा

आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा चुनाव के लिए जिन तीन लोगों के नाम तय किए गए हैं, उससे साफ है कि पार्टी में केजरीवाल का कद सबसे बड़ा है। पार्टी में केजरीवाल का साफ हस्तक्षेप है। 
आम आदमी पार्टी के ये तीन उम्मीदवारों के नाम के ऐलान से और स्पष्ट हो गया है। यही नहीं इससे इस तथ्य पर भी मुहर लगती है कि जिस-जिस ने भी केजरीवाल से असहमति दिखाई और उनके काम करने के तौर तरीकों पर सवाल उठाए आम आदमी पार्टी के संरक्षक ने उसको निपटा दिया। ऐसे लोगों की काफी लंबी लिस्ट है।
आम आदमी पार्टी के मंचीय कवि कुमार विश्वास केजरीवाल से असहमति रखने के ताजा शिकार हैं। विश्वास और केजरीवाल के बीच कई मुद्दों पर अलग-अलग राय देखने को मिली है। चाहे वो मामला कपिल मिश्रा का हो या अमानतुल्लाह खान का।
केजरीवाल के गुट में कुमार विश्वास को राष्ट्रवादी और बीजेपी से हमदर्दी रखने वाले व्यक्ति के तौर देखा जाता है, जबकि केजरीवाल के राजनीति इसके विरोध में है। हाल के दिनों में विश्वास आप में ढांचागत बदलाव की बात करते रहे हैं। जाहिर है पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को ये बर्दाश्त नहीं होता।कुल मिलाकर आम आदमी पार्टी में कुमार का विश्वास सिमटता दिख रहा है। हालांकि उनके पास राजस्थान का प्रभार है।

कभी केजरीवाल के पुराने और मजबूत रणनीतिकार रहे योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण की आम आदमी पार्टी से विदाई बड़ी हृदय विदारक रही। 2015 के विधानसभा चुनावों के बाद योगेंद्र यादव-प्रशांत भूषण और केजरीवाल के बीच जबरदस्त मतभेद उभरकर सामने आए। हालात ये बन गए कि पार्टियों की बैठकों में नेताओं के बीच गाली गलौज और हाथापाई की नौबत आ गई।
योगेंद्र और प्रशांत भूषण पार्टी से अलग हो गए। दोनों नेता आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से थे, लेकिन केजरीवाल ने दोनों को पार्टी से बाहर कर दिया। योगेंद्र और प्रशांत ने स्वराज अभियान नाम से एक दल बनाया और दिल्ली में अपनी लड़ाई लड़ने की ठानी।
योगेंद्र यादव की अगुवाई में स्वराज अभियान ने एमसीडी चुनावों में भी हिस्सा लिया, लेकिन उन्हें आशातीत सफलता नहीं मिली। राज्यसभा के उम्मीदवारों के ऐलान के बाद योगेंद्र और प्रशांत ने ट्वीट कर इसे पार्टी का घोर पतन करार दिया।
कभी दिल्ली में सरकार में मंत्री रहे कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर दो करोड़ घूस लेने का सनसनीखेज आरोप लगाया था। 2017 की गर्मियों में कपिल मिश्रा और केजरीवाल टीम के बीच जबरदस्त जंग चलती रही। कपिल को कुमार विश्वास का समर्थन हासिल था और संघर्ष धीरे-धीरे बढ़ता गया। बाद में कपिल मिश्रा बीजेपी की ओर खिसकते गए और विवाद मंद पड़ता गया, लेकिन पूरे मामले में चुप्पी साधे केजरीवाल कपिल मिश्रा के लिए सियासी तौर पर साइलेंट किलर साबित हुए।
केजरीवाल के खिलाफ सबसे पहले बगावती सुर छेड़ने वाले विनोद कुमार बिन्नी ने आम आदमी पार्टी के सर्वेसर्वा के खिलाफ सबसे आवाज उठाई और चुनावी मैदान में भी उन्हें चुनौती दी।
कभी दिल्ली में केजरीवाल के साथ मिलकर राजनीति करने वाले बिन्नी ने केजरीवाल की पहली सरकार में मंत्री पद न मिलने के बाद बगावती सुर अपना लिए थे।
इसके बाद अगले चुनाव के लिए पार्टी की ओर से टिकट न मिलने पर उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बाद में बिन्नी को पार्टी से निलंबित कर दिया।