क्या है? हनीप्रीत का मोबाइल नंबर, पढ़े

बलात्कारी बाबा राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीति के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया हुआ है। उसके फोन नंबर के आधार पर लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा है, लेकिन इसी बीच हनीप्रीत इंसां का मोबाइल नंबर वॉट्सएप पर वायरल हो रहा है। जिस डाकुमेंट में उसका मोबाइल नंबर लिखा है उसमें उसकी एजुकेशन के बारे में लिखा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि हनीप्रीत सिर्फ 12वीं तक पढ़ी हैं। इस फॉर्म में पिता के नाम के सामने लिखा है संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसां है।
फिलहाल हनीप्रीत का यह नंबर या तो स्विच ऑफ है या तो नेटवर्क से बाहर है। खबरों की मानें तो हनीप्रीत इसी नंबर से डेरा के बाकी लोगों से बात किया करती थी। हनीप्रीत का ट्विटर भी 24 अगस्त के बाद एक्टिव नहीं दिखा। यहां भी आखिरी ट्वीट 24 अगस्त को ही किया गया है। ऐसी खबर है कि इस नंबर की वॉट्सएप डीपी में राम रहीम दिख रहे हैं जो उनकी फिल्म एमएसजी का एक दृश्य है। वहीं हनीप्रीत का वॉट्सएप स्टैटस में ऐट स्कूल दिख रहा है। इसके अलावा टॅª कॉलर में इसकी लोकेशन अभी भी हरियाणा शो हो रही है।

पंचायती राज काम के जरिए काबू किया आतंकवाद

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के बर्कले, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में युवा छात्रों के साथ संवाद किया। कश्मीर मुद्दे पर राहुल ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कश्मीर में आतंकवाद को कम करने के साथ-साथ एंटी इंडिया सोच को भी हमने खत्म किया है, लेकिन बीजेपी ने अपने फायदे के लिए कश्मीर का नुकसान किया। राहुल ने कहा, कश्मीर मुद्दे पर 9 साल मैंने, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पी. चिदंबरम और जयराम रमेश के साथ मिलकर काम किया। कश्मीर में मैंने जब काम शुरू किया था, तब वहां आतंकवाद चरम पर था। इसके बावजूद हमने आतंकी सोच को कम करके शांति का माहौल स्थापित करने का काम किया।
कश्मीर में पंचायती राज काम किया
राहुल ने कहा, 2013 में मैंने मनमोहन सिंह को गले लगाकर कहा कि आप की सबसे बड़ी सफलता कश्मीर में आतंकवाद को कम करना है। इस बात के लिए हमने बड़े-बड़े भाषण नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर के अवाम का दिल जीतने के लिए छोटे स्तर पर लोगों से बात की और उनका विश्वास जीता। कश्मीर में हमने एंटी इंडिया की सोच को खत्म करके पंचायती राज काम किया।
2014 में फिर कश्मीर में हालात बिगड़े
राहुल ने कहा कि अगर कश्मीर में सुरक्षाकर्मी मेरे पास खड़े हैं, तो मतलब कश्मीर में सब कुछ ठीक नहीं है। जबकि 2013 में मेरे साथ सुरक्षाकर्मी नहीं बल्कि कश्मीरी लोग खड़े थे, लेकिन 2014 में फिर ऐसे हालात बने कि कश्मीर में सुरक्षाकर्मियों की जरूरत पड़ गई।

नुक्कड़ नाटकों के जरिए गंगा स्वच्छता को चलेगा अभियान

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में सचिवालय में हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय और उत्तराखण्ड में संचालित नमामि गंगे परियोजना के मध्य उत्तराखण्ड राज्य में गंगा संरक्षण हेतु प्रचारप्रसार और जन जागरूकता के लिए एक एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किया गया। एम.ओ.यू पर अपर सचिव डॉ.राघव लंगर एवं रजिस्ट्रार हेमवती नन्दन बहुगुणा विश्वविद्यालय ने हस्ताक्षर किये। इस एम.ओ.यू. के माध्यम से विश्वविद्यालय गंगा संरक्षण कार्यक्रम हेतु एक सक्रिय क्षेत्रीय सहयोगी की भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा को निर्मल एवं अविरल बनाये रखने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना होगा। जिसमें राज्य सरकार के साथ ही शैक्षिक एवं सामाजिक संस्थाओं को भी आगे आना होगा तथा जन सहयोग भी जरूरी है। नुक्कड़ नाटक, गंगा रथ एवं जागरूकता रेलियों के माध्यम से गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाने के लिए अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि श्रीनगर विश्वविद्यालय के चौरास कैम्पस की लोकेशन नमामि गंगे अभियान के लिए हर प्रकार से उपयुक्त है।

खुलासाः डेंटल कॉलेज के अंदर किडनी का अवैध कारोबार

उत्तरांचल डेन्टल कॉलेज लालतप्पड डोईवाला के अन्दर स्थित गंगोत्री चौरिटेबल हॉस्पिटल में किडनी निकालने का अवैध करोबार किया जा रहा हैं। इस सूचना पर विश्वास कर जानकारी ली गई तो पता चला की 4 व्यक्ति किडनी निकलवाकर हरिद्वार के रास्ते दिल्ली जा रहे है। सूचना पर देहरादून पुलिस व हरिद्वार पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा गाडी न0 यू0ए0 08 टीए 5119 इनोवा को सप्तऋषि चौकी के पास रोक दिया गया। जिसमें दो महिला व दो पुरूष मौजूद मिले और एक अन्य वाहन चालक था। मौजूदा व्यक्ति ने अपना नाम भाव जी भाई पुत्र श्री टापू भाई ठाकुर निवासी प्रजापति कलामू ग्राम सिन्धाली, थाना मोहोदा, जिला खेडा गुजरात, उम्र 48 वर्ष, शेखताज अली पुत्र शेख मुशरफ अली निवासी 62 वासुदेव पुर, कन्चा रोड 128 बेहाजा दक्षिण परगना वैस्ट बंगाल, उम्र 28 वर्ष, सुसामा बेनर्जी पत्नी दिपुल बैनर्जी निवासी हल्दर औबजान पारा शहजादा पुर जोय नगर दक्षिण 24 परगना, उम्र 42 वर्ष , कृष्णा दास पत्नी विश्वजीत दास निवासी पौजावड पोस्ट राम सुन्दरपुर जिला प्रमूव मेहन्दीपुर, प0 बंगाल, उम्र 32 वर्ष व चालक ने अपना नाम दीपक कुमार पुत्र बीरबल सिंह निवासी इब्राहिमपूर, थाना पथरी जिला हरिद्वार, बताया। उक्त लोगो से पूछताछ करने पर भाव जी भाई के द्वारा बताया की एक व्यक्ति जावेद खान पुत्र सरवर खान निवासी ए 2 रूम नव 603 ग्रीन पार्क सोसाइटी, एस0जी0 स्कूल एस0बी0 रोड, सन्ताकुज मुम्बई हमको गंगोत्री चेरिटेबल हस्पिटल लालतप्पड लेकर आया था और हमको एक किडनी के बदले 3 लाख रु0 देने का वादा किया था। पहले हस्पिटल में कृष्णा दास व शेखताज अली की किडनी निकाली गयी। फिर मेरा व सुसामा का नंबर था लेकिन जब जावेद खान के द्वारा पैसे नहीं दिये गये तो मैंने और सुसामा ने किडनी देने से मना कर दिया और हल्ला मचाना शुरू कर दिया। इस पर अस्पताल वालो ने हम चारों को जावेद खान के साथ दिल्ली रवाना कर दिया। रास्ते में पुलिस द्वारा हमे पकड लिया लेकिन आप लोगों के देखते ही जावेद गाडी से उतर कर भाग गया। फरार अभियुक्त जावेद खान को पुलिरा द्वारा पकड लिया गया है। सम्बन्धित घटनाक्रम में प्रकाश में आये डॉ0 अमित रावत फरार है, जिसकी तलाश हेतु पुलिस द्वारा संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। घटना स्थल से ओमान के टिकट मिले है, जिससे प्रतीत होता है कि सम्भवत किडनी की खरीद फरोख्त अन्तराष्ट्रीय स्तर पर भी की जा रही है। पुलिस द्वारा घटना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग व एफ0एस0एल0 की टीमों के साथ मिलकर जांच की जा रही है तथा अस्पताल व अन्य स्टाफ की प्रकरण में संलिप्तता की जांच भी की जा रही है।

दावाः रामरहीम सेक्स के लिये विदेशों से मंगाता था शक्तिवर्धक पेय

रेप केस में 20 साल की जेल की सजा काट रहे राम रहीम के बारे में डॉक्टरों ने सनसनीखेज खुलासा किया है। रोहतक जेल में राम रहीम की जांच करने आए डॉक्टरों की टीम का कहना है कि वह सेक्स एडिक्ट है। इसी वजह से जेल में उसकी स्थिति खराब हो रही है। वह लगातार बेचौन रहता है और उसकी नींद नहीं आती है। उसे इलाज की जरूरत है।
राम रहीम की जांच करने वाले एक डॉक्टर का कहना है, बाबा राम रहीम सेक्स का आदी है। डेरा आश्रम से जेल आने के बाद उसे शारीरिक सुख नहीं मिला है। इसी वजह से वह बेचौन रहता है। उसकी समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। यदि उसके इलाज में देर किया गया, तो उसकी समस्या बड़ी हो सकती है। उसे तुंरत इलाज की सख्त जरूरत है।
डेरा के एक पूर्व सेवादार ने दावा किया था कि राम रहीम सेक्स टॉनिक लेता था। उसके लिए ऑस्ट्रेलिया और कई दूसरे देशों से शक्तिवर्धक पेय मंगाया जाता था। इतना ही नहीं कुछ लोगों ने तो यहां तक दावा किया है कि वह ड्रग्स का सेवन भी करता था। साल 1988 तक उसे शराब का सेवन करते देखा गया है। इसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
बताते चलें कि राम रहीम और उसकी करीबी हनीप्रीत के बीच अवैध संबंध की बात कही जाती रही है। राम रहीम हमेशा हनीप्रीत को अपने साथ रखता था। यहां तक की जेल जाने के बाद भी उसने जेल प्रशासन से मांग की थी कि उसके साथ हनीप्रीत को रखा जाए, लेकिन मना कर दिया गया। इसके बाद उसने हनीप्रीत को जेल में मिलने के लिए फोन कराया था। फिलहाल हनीप्रीत की खोज पुलिस कर रही है।

माउंटेन रेजीमेंट के हवाले होगी उत्तराखंड की सीमाएं

भारतीय सीमाओं में चीन की लगातार घुसपैठ की खबरों के बीच अब सेना भी उत्तराखंड में सैन्य क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत सेना सूबे में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ ही यहां अनमैन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) तैनात करने की तैयारी कर रही है। साथ ही हैवी फायरिंग रेंज बनाने को भूमि भी तलाशी जा रही है। अब सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने राज्य में माउंटेन रेजीमेंट की स्थापना की बात कही है।
दून पहुंचे थल सेनाध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की सरहद, देश की किसी भी अन्य सीमा से कम या ज्यादा संवेदनशील नहीं है। हमारे पास यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त ताकत है कि यहां कोई घुसपैठ न हो। हम राज्य में माउंटेन रेजीमेंट स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं और इसके लिए काम चल रहा है।
माउंटेन रेजीमेंट की खासियत
विशेषज्ञ माउंटेन रेजीमेंट की खासियत शत्रु पर सीधे प्रहार की होती है। इसके जवान अत्याधुनिक हथियारों से लैस होते हैं। इसमें उन्हीं जवानों को लिया जाता है जो लंबे वक्त तक पहाड़ी और बर्फीले इलाकों में रहने के आदी होते हैं। इनको खास तरह की ट्रेनिंग दी जाती है। ये चीते की तरह फुर्तीले और सबसे कम वक्त में सबसे तेज तरीके से किसी भी आपरेशन को अंजाम देने में सक्षम होते हैं।

जानिए, क्यों? आर्मी के 100 अफसर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

नवनियुक्त रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने नई चुनौती आ गयी है। अधिकारियों के प्रमोशन में कथित ‘भेदभाव व अन्याय’ की शिकायत के साथ आर्मी के 100 से भी ज्यादा लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
भेदभाव व नाइंसाफी
आर्मी के अफसरों द्वारा दायर की गयी याचिका में कहा गया है, सेना और केंद्र सरकार के इस कृत्य (प्रमोशन में भेदभाव) से याचिकाकर्ताओं के प्रति अन्याय हुआ है, इससे अफसरों के मनोबल पर असर पड़ता है जिससे देश की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।
सरकार की चिंता
सरकार के लिए चिंता की बात यह है कि याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जब तक प्रमोशन में समानता न लाई जाए तब तक सर्विसेज कोर के अफसरों को कॉम्बैट ऑर्म्स के साथ तैनात न किया जाए।
याचिकाकर्ताओं का सवाल
लेफ्टिनेंट कर्नल पी. के. चौधरी के नेतृत्व में अपने संयुक्त याचिका में अफसरों ने कहा है कि सर्विसेज कोर के अफसरों को ऑपरेशनल क्षेत्र में तैनात किया गया है। कॉम्बैट ऑर्म्स कोर के अफसरों को भी ऐसी ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अपनी वकील नीला गोखले के जरिए पूछा है कि तब कॉम्बैट ऑर्म्स के अफसरों को जिस तरह का प्रमोशन दिया जा रहा है, उससे उन्हें क्यों वंचित किया जा रहा है।
सेना और सरकार का दोहरा मापदंड
याचिका में कहा गया है, सेना और सरकार दोहरा मापदंड अपना रही है। ऑपरेशन एरियाज में तैनाती के वक्त तो सर्विसेज कोर के अफसरों को ऑपरेशनल के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है लेकिन जब बात प्रमोशन की आती है तो उन्हें नॉन-ऑपरेशनल मान लिया जाता है। यह याचियों और दूसरे मिड-लेवल आर्मी अफसरों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की है कि सिग्नल्स जैसे दूसरे कोर के अफसरों को तैनाती के वक्त ऑपरेशनल जैसा माना जा रहा है। ऑपरेशनल एरियाज में तैनाती के बाद वे उन सभी कामों को करते हैं जिन्हें ऑपरेशनल कोर के अफसर करते हैं, ऐसे में उनके साथ भेदभाव क्यों हो रहा है। वो सेना और भारत सरकार को आदेश दे कि कॉम्बैट सर्विसेज भारतीय सेना की अभिन्न और सक्रिय अंग हैं और उन्हें नियमित सेना के समान ही सुविधाएं मिलनी चाहिए, अन्यथा सरकार और सेना आपद स्थिति को छोड़कर ‘सक्रिय इलाकों’ में सर्विसेज कॉर्प्स की तैनाती न किया करें।

मोदी, योगी की पेंटिंग बनाना पड़ा इस महिला को भारी

उत्तर प्रदेश में एक मुस्लिम महिला को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पेंटिंग बनाना काफी महंगा पड़ा। महिला के ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया। अब इस मामले में छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ है।
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि सिकन्दरपुर थाना में मुस्लिम महिला के पिता शमशेर खान ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 147, 323 , 506 और 498 के तहत पति समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने देर रात मुस्लिम महिला का सिकन्दरपुर के सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। चिकिसक ने महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
उल्लेखनीय है कि सिकन्दरपुर थाना क्षेत्र के मटूरी गांव के मोहम्मद शमशेर खान ने अपनी पुत्री नगमा परवीन (24) की शादी इसी थाना क्षेत्र के ही बसारिकपुर गांव के परवेज खान के साथ 26 नवंबर 2016 को की थी। पुलिस अधीक्षक ने दर्ज मुकदमा का हवाला देते हुए बताया कि नगमा के पिता शमशेर खान का आरोप है कि ससुराल में हंसी खुशी रह रही उसकी पुत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पेंटिंग बनाई। उसने अपनी बनाई गयी पेंटिंग पति और ससुराल के अन्य लोगों को दिखायी, जिसके बाद ससुराल के सभी लोग उसपर नाराज हो गए तथा उसे मार-पीटकर घर से निकाल दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि महिला के पिता शमशेर खान की शिकायत पर आज मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस इस मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

जानिए, किस तरह फर्जी आधार कार्ड बनाता था गिरोह

यूपी के कानपुर में फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यूपी एसटीएफ ने गिरोह के सरगना सौरभ सिंह सहित 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह यूआईडीएआई द्वारा निर्धारित बॉयोमेट्रिक मानकों को बाइपास करके फर्जी आधार कार्ड बनाने के काम को तेजी से अंजाम दे रहा था। इनके पास से 18 फर्जी आधार कार्ड के साथ ही इसे बनाने के सभी उपकरण बरामद कर लिए गए है।
जानकारी के मुताबिक, यूपी एसटीएफ को फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। यूआईडीएआई को इसकी पुख्ता सूचना मिलने के बाद इसके डिप्टी डायरेक्टर द्वारा लखनऊ के साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया गया। इससे पहले इससे संबंधित कई केस लखनऊ, देवरिया और कुशीनगर में भी दर्ज कराये जा चुके हैं। एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश के निर्देश के बाद एक टीम इसकी जांच में लगी हुई थी।
कानपुर का है मास्टरमाइंड सौरभ
पुलिस को पता चला कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड सौरभ सिंह कानपुर का रहने वाला है। इसके बाद पुलिस ने कानपुर के बर्रा में दबिश देकर सौरभ सिंह सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि वे आधार कार्ड बनाने के लिये निधार्रित मानकों को बाईपास करते हुए बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से अधिकृत आपरेटर्स के फिंगर प्रिन्ट ले लेते हैं। इसके बाद उसका बटर पेपर पर लेजर प्रिंटर से प्रिंट आउट निकालते हैं।
इस तरह से करते थे फर्जीवाड़ा
इसके बाद फोटो पॉलीमर रेजिन केमिकल डालकर पॉलीमर क्यूरिंग उपकरण में पहले 10 डिग्री फिर 40 डिग्री तापमान पर कृत्रिम फिंगर प्रिन्ट, मूल फिंगर प्रिन्ट के समान तैयार कर लेते हैं। उसी कृत्रिम फिंगर प्रिन्ट का प्रयोग करके आधार कार्ड की वेबसाइट पर लॉगिन करते हैं। फिर आधार कार्ड के इनरोलमेंट की प्रकिया पूरी कर लेते है। तैयार किया गया कृत्रिम फिंगर प्रिन्ट ऑपरेटर के मूल फिंगर प्रिन्ट की तरह ही काम करता है।
पूछताछ में पता चला कि हैकर्स अनधिकृत आपरेटर्स से 5-5 हजार रुपये लेते थे। पूछताछ और जांच में यह तथ्य सामने आया है कि यूआईडीएआई द्वारा निर्धारित इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी पॉलीसी का रजिस्ट्रार, इनरोलमेंट एजेंसी, सुपरवाइजर, वेरीफायर और ऑपरेटर द्वारा नहीं किया गया है। इसकी वजह से हैकर्स फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने में सफल हो जाते हैं। अब पूरे आधार इनरोलमेंट प्रॉसेस की सिक्योरिटी आडिट कराई जाएगी। इसकी जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौरभ सिंह, कानपुर, शुभम सिंह, कानपुर, शोभित सचान, कानपुर, शिवम कुमार, फतेहपुर, मनोज कुमार, फतेहपुर, तुलसीराम, मैनपुरी, कुलदीप सिंह, प्रतापगढ़, चमन गुप्ता, हरदोई, गुड्डू गोंड, आजमगढ़, सतेन्द्र कुमार, कानपुर के रूप में हुयी।

गन्ने की फसल होने के चलते नहीं कर पाए सर्वे

भारत सरकार ने 1998 में रुड़की-देवबंद रेल मार्ग बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इस पर काम वर्ष 2007 में शुरू हुआ। परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। 28 किमी लंबी इस परियोजना के बनने से दिल्ली से देहरादून का सफर 48 किमी कम हो जाएगा। रेलवे ने सर्वे का कार्य पूरा कर लिया था। साथ ही पिलर आदि भी लगा दिए थे। इसके बाद से इस परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
अब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा की सरकारें बनने के बाद इस परियोजना में तेजी आई। वर्ष 2012 में कराए गए सर्वे का जमीनी सच जानने के लिए रेलवे ने हाल ही में इस रेल लाइन का ड्रोन सर्वे कराया, जिसमें कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई।
सर्वे में पाया गया कि वर्ष 2012 में लगाए गए सीमांकन पिलर गायब है और अधिग्रहण की गई भूमि पर किसान खेती कर रहे हैं। रेलवे के दिल्ली डिवीजन के सेक्शन इंजीनियर नीरज गुप्ता ने बताया कि रेल लाइन के लिए अधिग्रहित भूमि पर गन्ने की फसल के कारण सर्वे नहीं हो पा रहा था। ऐसे में ड्रोन के जरिए सर्वे कराया गया। अब इस सर्वे का सत्यापन शुरू कर दिया गया है।