हनीप्रीत नेपाल में ही, पेट्रोल पंप में देखी गयी

रेप आरोपी राम रहीम की मुंह बोली बेटी हनीप्रीत के खिलाफ पंचकूला में केस दर्ज किया गया है। 25 अगस्त को पंचकूला में हुई हिंसा के दौरान दंगे भड़काने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। आईजी लॉ एंड आर्डर एएस चावला ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, सूत्रों द्वारा पता चला है कि हनीप्रीत नेपाल में ही छिपी हुई है। उसे नेपाल के महेंद्र नगर और विराट नगर में देखा गया है।
हरियाणा पुलिस सूत्रों का कहना है कि हनीप्रीत नेपाल के महेंद्र नगर में छिपी हुई है। उसे तीन लोगों के साथ देखा गया है। वह वहां पिछले एक सप्ताह से रुकी हुई है। नेपाल नंबर की गाड़ी में विराट नगर स्थित एक पेट्रोल पर भी देखा गया है उसे अपना हुलिया बदल लिया है, ताकि उसकी पहचान न हो पाए। उसकी खोज के लिए पुलिस की 10 टीम बनाई गई हैं।
इसके साथ ही पुलिस यूपी और बिहार से जुड़े भारत-नेपाल बॉर्डर पर भी पूछताछ कर रही है। पुलिस नेपाल बॉर्डर के रिकॉर्ड रजिस्टर भी खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि हनीप्रीत नेपाल की सीमा में एक मर्सीडीज कार से दाखिल हुई थी। पुलिस को उस गाड़ी की जानकारी किसी भी रजिस्टर से नहीं मिली है। शक है कि वह बॉर्डर पर गाड़ी छोड़कर नेपाल में दाखिल हुई है। हनीप्रीत ने पुलिस और जांच एजेंसियों से बचने के लिए गाड़ी को बॉर्डर पर छोड़ा होगा। पुलिस हनीप्रीत के नेपाल जाने में मदद करने वाले शख्स की भी तलाश कर रही है। हनीप्रीत को नेपाल के पोखरा में देखे जाने की सूचना मिली थी। जब तक पुलिस वहां पहुंचती वह फरार हो चुकी थी। पुलिस टीम पूछताछ के लिए काडमांडू स्थित इमिग्रेशन विभाग के ऑफिस भी गई थी।

तीन जिलों में बाल लिगांनुपात में कमी आने पर सीएम चिंतित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ’बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ‘ साइकिल रैली का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि यह साइकिल यात्रा नहीं है वरन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का एक जन जागरूकता कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 21 जनवरी 2015 हरियाणा से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत की। जिसके सकारात्मक परिणाम आज हमारे सामने है। इस अभियान के बाद हरियाणा में लिंगानुपात में तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने कहा प्रदेश एवं समाज के विकास के लिए महिलाओं को पुरूषों के समान अधिकार मिलना जरूरी है। महिलाओं के विकास के बिना पूर्ण विकसित समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़, हरिद्वार एवं चम्पावत जिलों में बाल लिगांनुपात में कमी आने पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल लिगांनुपात को बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने होंगे। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है जिसके लिये व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर हमें उनके इस सपने को साकार करना होगा। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य के नेतृत्व में रेसकोर्स से हरकी पैड़ी तक 55 किमी की इस जागरूकता अभियान में 120 लोगों द्वारा साइकिल यात्रा की जा रही है, जिसमें 30 महिलाएं भी शामिल है। राज्य मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य से पूर्ण सुरक्षा के साथ साइकिल यात्रा की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस साइकिल यात्रा के माध्यम से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का व्यापक स्तर पर जन संदेश पहुंचाना है। इस जागरूकता साइकिल रैली में अन्तर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी एकता बिष्ट, मिस उत्तराखण्ड नेहा राज एवं एथलीट हरेन्द्र ने भी प्रतिभाग किया।

बाबा व हनीप्रीत बाप बेटी नहीं पति-पत्नी की तरह

रेप केस में 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम की कथित बेटी हनीप्रीत नेपाल में इटहरी के पास स्थित धरान इलाके में देखी गई है। सूत्रों के अनुसार वह तराई में मोरांग जिले से सटे सुनसरी जिले में छुपी हो सकती है।
दरअसल साल 2015 में जब भूकंप के चलते नेपाल में भारी तबाही हुई थी, तब राम रहीम ने यहां के नुआटोल जिले में राहत अभियान चलाया था। इस इलाके में राम रहीम के काफी भक्त भी हैं। ऐसे में नेपाल के आस-पास के इन इलाकों में हनीप्रीत के होने की खबर को बल मिलता है। हनीप्रीत की सहेली साध्वी ने एक निजी चैनल से बातचीत में बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिससे यह साबित होता है कि हनीप्रीत भी राम रहीम के गुनाहों में बराबर की शरीक थी। साध्वी ने बताया है कि बाबा और हनीप्रीत पति-पत्नी की तरह रहते थे।
डेरे में हनीप्रीत की सहेली (साध्वी) ने खुलासा किया कि राम रहीम और हनीप्रीत के बीच गलत रिश्ते थे। साध्वी ने बताया, डेरे में राम रहीम और हनीप्रीत पति-पत्नी की तरह रहते थे। दोनों एक ही कमरे में रहते थे। बाहर जाने पर भी दोनों एक ही कमरे में ठहरते थे। साध्वी ने खुलासा किया कि हनीप्रीत कहने में बाबा की मुंहबोली बेटी थी, मगर देखने में ऐसा नहीं लगता था। उन्होंने कहा कि हनीप्रीत राम रहीम के इशारे पर काम करती थी। डेरे में मौजूद लड़कियों को राम रहीम तक पहुंचाने का काम करती थी। साध्वी ने कहा, बाबा जिस लड़की की ओर इशारे करते थे, हनीप्रीत उसे बाबा तक पहुंचाने में जुट जाती थी।
वहीं पुलिस की गिरफ्त में आए राम रहीम के करीबी प्रदीप ने भी पूछताछ में खुलासा किया था कि हनीप्रीत नेपाल भाग गई है। गौरतलब है कि हनीप्रीत की तलाश के लिए हरियाणा पुलिस ने एक सितंबर को लुक आउट नोटिस जारी किया था। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की करीबी हनीप्रीत 25 अगस्त से फरार है। जिस दिन गुरमीत राम रहीम को रेप का दोषी करार दिया था और पंचकूला में डेरा सच्चा सौदा समर्थकों ने भारी हिंसा और उत्पात मचाया था।

उत्तराखंड ग्रामीण क्षेत्र में शौच से मुक्त होने वाला चौथा राज्यः त्रिवेन्द्र

राज्यपाल डॉ.कृष्ण कान्त पाल एवं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ’स्वच्छता ही सेवा‘ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। स्वच्छता अभियान के व्यापक प्रचारप्रसार एवं जन जागरूकता के लिए राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने गढ़वाल एवं कुमांऊ के लिए एकएक स्वच्छता रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। राज्यपाल ने कहा कि जन और देश हित में 02 अक्टूबर 2014 को सम्पूर्ण भारत में स्वच्छता की शपथ ली गई। उसके बाद समयसमय पर स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ऊर्जा देने की आवश्यकता है। ताकि स्वच्छता मिशन के लक्ष्य में किसी भी प्रकार का भटकाव न आए। राज्यपाल ने कहा कि पिछले तीन सालों में विश्वविद्यालयों ने स्वच्छता अभियान पर अच्छा कार्य किया है। गोविन्द बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय ने स्वच्छता के मामले में देश के सभी विश्वविद्यालयों में से प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि अन्य संस्थाओं, स्कूलों को भी इससे प्रेरित होकर इस अभियान को आगे बढ़ाना होगा। इस स्वच्छता पखवाड़े में 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री के जन्म दिवस के अवसर पर सेवा दिवस, 25 सितम्बर को पं.दीन दयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी के अवसर पर सर्वत्र स्वच्छता दिवस एवं 02 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत दिवस के रूप में मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन एवं नए भारत के लक्ष्य को हम सबको गम्भीरता से लेना होगा। मोहल्लों एवं गांवों से एम्बेस्डर बनकर इस अभियान को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ग्रामीण क्षेत्रों में शौच से मुक्त(ओ.डी.एफ) होने वाला देश का चौथा राज्य है। मार्च 2018 तक राज्य के शहरी क्षेत्र को भी पूर्ण रूप से ओ.डी.एफ करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए सरकार के कार्यक्रमों में सबका योगदान जरूरी है। स्वच्छता मिशन को सफल बनाने के लिए जन सहयोग एवं सहभागिता के साथ ही सबको व्यक्तिगत प्रयास भी करने होंगे। पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि पिछले 03 वर्षों से शीर्ष पदाधिकारियों से लेकर गांव के अन्तिम व्यक्ति तक सभी लोग स्वच्छता अभियान से जुड़े हैं। किसी भी अभियान को सफल बनाने के लिए समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

भगवान विश्वकर्मा के पूजन से मिलता है फल

रावण की सोने की लंका बनाने वाले भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर विधि-विधान से पूजा अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। पूरी तन्मयता के साथ पूजा करने से भगवान विश्वकर्मा खुश होते हैं और अपने भक्तों पर अपना आर्शीवाद हमेशा बनाये रखते है।
शास्त्रों के मुताबिक हिन्दू धर्म में भगवान् विश्वकर्मा को निर्माण, सृजन का देवता माना जाता है। विश्वकर्मा ने ही सृष्टि का निर्माण, रावण की सोने की लंका, पुष्पक विमान का निर्माण, कर्ण का कुण्डल, विष्णु जी का सुदर्शन चक्र, शिव जी का त्रिशूल और यमराज का कालदण्ड जैसी तमाम वस्तुओं का निर्माण किया था। जिससे इन्हें देवताओं के इंजीनियर के रूप में जाना जाता है। विश्वकर्मा जंयती पर निर्माण कार्य में प्रयोग होने वाले सभी औजारों और मशीनों जैसे कंप्यूटर, संयंत्रों, मशीनरी से जुड़े दूसरे उपकरणों व वाहनों की पूजा की जाती है।
भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर उनकी पूजा और यज्ञ करना अनिवार्य माना जाता है। इस पूजा में बैठने से पहले स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करने के बाद एक चौकी पर भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति स्थापित करें। इसके पश्चात अपने दाहिने हाथ में फूल, अक्षत लेकर मंत्र पढ़े और अक्षत को चारों ओर छिड़के दें और फूल को जल में छोड़ दें। इस दौरान इस मंत्र का जाप करें। ऊं आधार शक्तपे नमः और ऊं कूमयि नमः, ऊं अनन्तम नमः, ऊं पृथिव्यै नमः। इसके बाद हाथ रक्षासूत्र मौली या कलावा बांधे। भगवान विश्वकर्मा का ध्यान करने के बाद उनकी विधिवत पूजा करें। पूजा के बाद विविध प्रकार के औजारों और यंत्रों आदि को जल, रोली, अक्षत, फूल और मिठाई से पूजें। तत्पश्चात हवन करें।

दो से ज्यादा बच्चें होने पर जज को कहा टाटा

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दो से ज्यादा बच्चों के पिता पाए जाने पर ग्वालियर जिला सत्र न्यायालय में पदस्थ चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश मनोज कुमार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
आपको बता दें कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए वर्ष 2001 में मध्य प्रदेश सरकार ने कानून बनाया था। इसके तहत वर्ष 2001 के बाद वही व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकता था, जिसके अधिकतम दो बच्चे थे। दो से ज्यादा बच्चे होने पर संबंधित व्यक्ति सरकारी नौकरी का हकदार नहीं था। हाई कोर्ट ने अपर सत्र न्यायाधीश के पद पर वकीलों से सीधी भर्ती के लिए मई 2017 में विज्ञापन निकाला था। ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया गया।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के मनोज कुमार की चतुर्थ अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति मिली थी। उन्हें ग्वालियर के जिला सत्र न्यायालय में पदस्थ किया गया था। जब फॉर्म भरा था तब उन्होंने बच्चों की जानकारी नहीं दी थी। नियुक्ति के बाद मनोज कुमार द्वारा हाई कोर्ट को दी जानकारी में बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। मामले को फुलकोर्ट मीटिंग में रखा गया और दो से अधिक बच्चे होने पर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। इस संबंध में जब मनोज कुमार से संपर्क किया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।
फॉर्म में बच्चों की जानकारी देना अनिवार्य
मप्र हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मो. फहीम अनवर ने बताया, सरकारी नौकरी के फॉर्म में वैवाहिक स्थिति, बच्चों की संख्या पूछी जाती है। अगर विवाहित हैं तो बच्चों की जानकारी देनी होती है। चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश मनोज कुमार दो से ज्यादा बच्चों के पिता हैं। उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का नोटिस दे दिया है।

लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद भी नहीं मिल रहा सुराग

पंचकुला की विशेष सीबीआई कोर्ट में जहां राम रहीम के खिलाफ हत्या के दो मामलों में सुनवाई चल रही है, वहीं हरियाणा पुलिस की टीम बिहार पुलिस के साथ मिलकर नेपाल बॉर्डर के जिलों में हनीप्रीत की तलाश में दबिश दे रही है। इस संबंध में सीमा से लगे सात जिलों में अलर्ट भी जारी किया गया है।
गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत को पुलिस शिद्दत से तलाश कर रही है। जिसके चलते हरियाणा पुलिस की टीम बिहार पुलिस के साथ मिलकर नेपाल की सीमा से लगे इलाकों में छापेमारी कर रही है। यही नहीं नेपाल से लगे बिहार के सात जिलों में पुलिस ने हनीप्रीत को लेकर अलर्ट भी जारी किया है।
इससे पहले हरियाणा पुलिस के हाथ उस वक्त बड़ी कामयाबी लगी, जब पुलिस ने हनीप्रीत के विश्वास पात्र ड्राइवर प्रदीप को राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ इलाके से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के मुताबिक ड्राइवर प्रदीप पिछले कई दिनों से सालासर में छिपा हुआ था।
पुलिस हनीप्रीत तक पहुंचने के लिए डेरा सच्चा सौदा की मैनेजिंग कमेटी की चेयरपर्सन विपासना इंन्सा को जरिया बनाना चाहती है। रोहतक जेल में 20 साल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम का जो भी राजदार रहा है, पुलिस की अब उस पर पैनी नजर है।
गौरतलब है कि विपासना इन्सां और हनीप्रीत इन्सां के बीच छत्तीस का आंकड़ा माना जाता है। एक तरफ जहां हनीप्रीत ने खुद को गुरमीत राम रहीम की असली वारिस होने का ऐलान कर डाला था। वहीं गुरमीत के जेल जाने के बाद से विपासना कहती आ रही है कि हनीप्रीत का डेरा सच्चा सौदा से कोई लेना देना नहीं है। ना ही उसकी कोई हिस्सेदारी है।
साफ है कि डेरे के मालिकाना हक को लेकर विवाद है। खुद विपासना भी नहीं चाहती कि हनीप्रीत का अब डेरे में कोई दखल हो। इसी खींचतान के बीच हनीप्रीत को ढूंढना पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक विपासना के फोन पर 25 अगस्त की रात को हनीप्रीत की एक कॉल आई थी। इसमें हनीप्रीत की लोकेशन राजस्थान के बाड़मेर में थी। हनीप्रीत को सार्वजनिक तौर आखिरी बार रोहतक में देखा गया था। वहां वो डेरे के एक अनुयायी के घर पर ही एक घंटे तक रुकी थी। उसकी कार आखिरी बार हिसार रोड पर जाती देखी गई थी।
उसके बाद से ही हनीप्रीत की कोई भनक तक पुलिस को नहीं लग सकी है। पुलिस पर सरकार का दबाव है कि वो जल्दी से जल्दी देशद्रोह के मामले में वांछित हनीप्रीत और आदित्य इन्सां को पकड़ कर कोर्ट मे पेश करे।

जीरो टॉरलेंस सरकार ने की कारवाई, भ्रष्टाचार के चलते किए वित्तीय अधिकार सीज

शासन ने पालिकाध्यक्ष पौड़ी यशपाल बेनाम पर लगे वित्तीय अनियमितता के सात में से तीन आरोप गढ़वाल मंडलायुक्त की जांच में सही साबित होने पर उनके वित्तीय अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। वहीं पौड़ी के डीएम को अग्रिम आदेशों तक पालिका के वित्तीय अधिकारों का जिम्मा सौंपा गया है।
गौरतलब है कि पौड़ी नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष यशपाल बेनाम पर वर्ष 2013-14 में वित्तीय अनियमितता के सात आरोप लगाते हुए सभासदों ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। पिछली सरकार ने इन शिकायतों की जांच गढ़वाल मंडलायुक्त से कराई थी।
मंडलायुक्त ने दस अक्टूबर, 2015 और चार अगस्त, 2016 को जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। इसके बाद पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम को कारण बताओ नोटिस जारी कर आरोपों पर पक्ष रखने का मौका दिया गया था। उनका पक्ष सामने आने के बाद कुल सात आरोपों में से तीन आरोप सिद्ध पाए गए। मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट में कहा गया कि पालिका के गेस्टहाउस के बारे में पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के सहायक अभियंता ने भवन सुरक्षित नहीं होने का प्रमाणपत्र 12 दिसंबर, 2013 को जारी किया। इस मामले में अध्यक्ष पर बोर्ड से भवन ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव पास कराए बगैर ही यह कार्य किया गया। जांच रिपोर्ट में यह निष्कर्ष दिया गया कि भवन ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव बोर्ड से विधिवत पास नहीं कराया गया। इस मामले में अध्यक्ष के साथ तत्कालीन अधिशासी अधिकारी अब सेवानिवृत्त हो चुके रमेश प्रसाद सेमवाल को भी दोषी माना गया। जांच आख्या में कहा गया कि नगरपालिका अध्यक्ष ने तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक सुंदरलाल मंद्रवाल की ओर से शरदोत्सव के लिए 10 लाख रुपये देने के आश्वासन पर पालिका निधि से उक्त धनराशि खर्च कर दी। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी दरबान सिंह राणा ने विहित प्रक्रिया न अपनाकर बोर्ड फंड से धनराशि आवंटित की। इसमें वित्तीय अनियमितता की गई। उक्त धनराशि की विधायक निधि से प्रतिपूर्ति नहीं हुई। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री की ओर से ग्रीष्मोत्सव के आयोजन को 20 लाख देने के आश्वासन पर उक्त आयोजन किए जाने का उल्लेख किया है। ग्रीष्मोत्सव पर 15 लाख रुपये व्यय किए गए, लेकिन पालिका निधि से आहरित इस धनराशि के बारे में बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को अनुमोदित नहीं कराया गया। जांच में कहा गया कि 15 लाख की धनराशि का समायोजन किस मद से होगा, यह उल्लेख नहीं करना गंभीर अनियमितता है। पालिका ने कूपन छपवाने का बिल प्रस्तुत किया, उसमें 50 पृष्ठ की 100 बुक छापने का उल्लेख है। लेकिन, इन कूपनों से कितनी धनराशि प्राप्त हुई और उसे किन मदों में खर्च किया गया, इसका उल्लेख या व्यय विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया। उक्त आयोजन यशपाल बेनाम परे व्यक्तिगत तौर पर कराया था और इसके लिए जिला प्रशासन या शासन से अनुमति नहीं ली गई थी। मंडलायुक्त एवं पौड़ी जिलाधिकारी की जांच आख्या और पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम के अभिकथन के बाद शासन ने सात में उक्त तीन आरोप सिद्ध पाए। इनके आधार पर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम के वित्तीय अधिकार सीज करने के आदेश शहरी विकास प्रभारी सचिव राधिका झा की ओर से जारी किए गए हैं।

बुलेट ट्रेन से भी तेज है इसकी स्पीड, चंद मिनट में होगी यात्रा

दुनिया के 26,00 शहरों में से भारत के चार शहरों को हाइपरलूप प्रोजेक्ट लिए चुना गया है। जनवरी में कंपनी ने ग्लोबल चैलेंज के तहत दुनिया भर में हाइपरलूप के लिए रूट की पहचान की गई जहां इसका सेटअप किया जा सकता है। इसके लिए पहले 2,600 जगहों को चुना गया जिसके बाद सेमीफाइनल के तौर पर सिर्फ 17 देशों को चुना गया। आखिरकार अब कंपनी ने पांच देशों को फाइनल किया है
क्या है हाईपरलूप?
आने वाले वक्त में ट्रेन के सफर के तरीके और समय में बड़ा बदलाव आ सकता है। ये संभव होगा हाइपरलूप तकनीक से। हाइपरलूप एक ऐसा माध्यम है जिसे लंबी दूरी मिनटों में तय की जा सकती है। अमेरिकी कंपनी टेस्ला और स्पेस एक्स ने मिलकर इसे शुरू किया है।
हाईपरलूप में एक सील की ट्यूब की सीरीज होती है जिसके जरिए किसी भी घर्षण और हवा के रूकावट के बिना लोगों को एक जगह से दूसरी जगह की यात्रा कराई जा सकती है। इसमें ट्रेन जैसे ही लोगों के लिए जगह होगी।
हाइपरलूप वन ने काफी पहले से एक कॉन्टेस्ट आयोजित किया था, जिसमें दुनिया भर के जगहों को हाइपरलूप के लिए चुना जाना था। अब कंपनी ने 10 जगहों को चुना है, जहां दुनिया के पहले हाइपरलूप ट्रैक बनाए जा सकते हैं।
पांच देशों के इन 10 जगहों में भारत भी शामिल है। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, मैक्सिको और कनाडा जैसे देश शामिल है। जहां हाइपरलूप का ट्रैक तैयार किया जा सकता है। गौरतलब है कि 26 आवेदन में सिर्फ 10 जगहों को चुना गया है।
कंपनी ने पहले 2,600 जगहों को चुना जहां हाइपरलूप ट्रैक लगाना संभव हो और आखिरकार 10 को चुना गया है। इस कॉन्टेस्ट में दुनिया भर के वैज्ञानिक, इंजीनियर और इनोवेटर्स ने लूप्स के लिए अपने आवेदन दिए हैं। लूप उस टनल को कहा जाता है जो जिसके जरिए हाइपरलूप वन अपने पॉड्स भेजेगा जिसमें यात्री होंगे। हाइपरलूप की तेजी का अंदाजा इस बात से ही लगा सकते हैं कि यह हवाई जहाज और बुलेट ट्रेन से भी फास्ट हो सकता है। अगर कॉन्सेप्ट असल जिंदगी में आया तो पैंसेंजर ट्यूब में पॉड के सहारे यात्रा कर सकते हैं। इस पॉड में मैग्नेटिक लेविएशन और कम फ्रिक्शन यूज किया जाएगा जिससे इसका मूवमेंट काफी फास्ट होगा।
भारत में अगर यह सेटअप ट्रैक लगाया गया और सफल परीक्षण हुआ तो बंगलुरू से चेन्नई की दूरी सिर्फ 23 मिनट में तय की जा सकेगा। आपको बता दें कि चेन्नई से बंगलुरू 334 किलोमीटर है। मुंबई से चन्नई की दूरी 1102 किलोमीटर है और हाइपरलूप प्रोजेक्ट से यह सिर्फ 63 मिनट में तय की जा सकेगी।

आईपीएस के अच्छे प्रदर्शन न होने से पद से हटाया

मिजोरम में तैनात आईपीएस ऑफिसर लिंगला विजय प्रसाद को केंद्र सरकार ने सेवा से हटा दिया है। गृह मंत्रालय ने एक अधिकारी ने कहा कि सरकार ने उनकी सेवाओं को असन्तोषजनक पाया था। अधिकारी ने कहा, 1997 बैच के पुलिस ऑफिसर और अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश काडर के ऑफिसर की सेवाओं को असंतोषजनक पाए जाने के बाद सेवा से हटा दिया गया है। डीआईजी रैंक के इस ऑफिसर की सेवाओं के 15 साल पूरे होने के बाद परफॉरमेंस की समीक्षा हुई, जिसमें उन्हें अनफिट पाया गया। नियमों के मुताबिक ऑल इंडिया सर्विस ऑफिसर के प्रदर्शन की समीक्षा दो बार होती है। पहला उनकी सेवा के 15 साल पूरे होने पर और दूसरा 25 साल पूरा होने पर। विजय लिंगला प्रसाद को हटाने का आदेश बुधवार को गृहमंत्रालय की ओर से जारी किया गया। इसे कैबिनेट की नियुक्ति कमिटी ने भी मंजूरी दी है। इस कमिटी की अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं।
सर्विल रुल्स के मुताबिक केंद्र सरकार इस तरह के मामलों में एक अधिकारी को सार्वजनिक हित में रिटायर करने को लेकर राज्य सरकार से सलाह मशविरा कर सकती है। हालांकि इसके लिए लिखित में तीन महीने पहले नोटिस दिया जाता है या कई महीनों की सैलरी और भत्ते भी दिए जाते हैं।