उत्तराखंड की नमिता बनी आर्मी अफसर

उत्तराखंड प्रदेश के वित्तमंत्री प्रकाश पंत की बिटिया नमिता पंत ने सेना की जेएजी ब्रांच (जज एडवोकेट जनरल) में आर्मी अफसर बनी है। इससे प्रदेश में खुशी का माहौल बना हुआ है। अक्सर देखा जाता है कि एक नेता की संतान फिर चाहे वह बेटा हो या बेटी। वह अपना कैरियर राजनीति में ही बनाना चाहता है, लेकिन देश की रक्षा करने का संकल्प लेकर नमिता पंत ने सभी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। नमिता के इस हौसले को काफी सराहा जा रहा है।
उत्तराखंड के खड़कोट पिथौरागढ़ निवासी नमिता पंत ने 2012 में एलएलबी के बाद 2016 में एलएलएम किया। इसके बाद इंदौर में एसएसबी क्वालिफाई किया। पूरे देश से सिर्फ चार लड़कियों ने एसएसबी क्वालिफाई किया था। इसमें उत्तराखंड से सिर्फ नमिता का चयन हुआ। इसके बाद एक साल तक नमिता चेन्नई के ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी में बीएमटी (बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग) में प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के उपरांत नमिता को सेना के जेएजी ब्रांच में आर्मी अफसर की उपाधि दी गई है।

श्रीलंका दौरे में गए इस क्रिकेटर की हुयी मौत

भले ही भारतीय क्रिकेट टीम और उसके प्रशंसक इस समय श्रीलंका में मिली 9-0 (3 टेस्ट मैच, 5 वनडे और 1 टी-20) की जीत की खुशी मना रहे हैं, लेकिन इसी दौरान श्रीलंका में एक युवा प्रतिभाशाली भारतीय क्रिकेटर की स्विमिंग पूल में डूबकर मौत हो गई है। यह खिलाड़ी भारतीय अंडर-17 टीम का सदस्य था और उसकी उम्र अभी महज 12 साल थी। समाचार एजेंसी पीटीआइ ने इस क्रिकेटर की पहचान मोनाथ सोना नरेंद्र के रूप में की है। यह क्रिकेटर गुजरात के सूरत का रहने वाला था। जानकारी के मुताबिक वह अपने चार साथियों के साथ पूल में था, लेकिन कुछ देर बाद वह डूबने लगा। श्रीलंकाई अखबार संडे टाइम्स के मुताबिक भारतीय खिलाड़ी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी। फिलहाल पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट का इंतजार है कि मौत की वजह क्या रही। बताया जा रहा है कि मृत खिलाड़ी 19 सदस्यीय भारतीय दल का हिस्सा था। भारतीय टीम श्रीलंका में एक टूर्नामेंट में हिस्सा लेने गई थी। वहां वे एक होटल में रुके हुए थे और कुछ खिलाड़ी पूल में नहा रहे थे। फिलहाल श्रीलंकाई पुलिस इस हादसे की जांच कर रही है।

अब स्थानीय भाषा में भी दर्ज हो सकेगी शिकायत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में समाधान पोर्टल हेतु स्मार्ट आई.वी.आर.(इंटरैक्टिव वॉयस रेस्पॉन्स) सिस्टम के माध्यम से सार्वजनिक शिकायतों को मोबाईल/दूरभाष पर प्राप्त कर उनका निस्तारण किये जाने सम्बन्धी सेवा का शुभारम्भ किया। जन समस्याओं और सुझावों को और अधिक सुगम बनाने के लिए कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नम्बर 1905 पर फोन कर अपनी शिकायत या सुझाव को पंजीकृत करा सकते है। इसके लिए शिकायतकर्ता को अपना नाम, पता, मोबाईल नम्बर एवं शिकायत का विवरण देना होगा। शिकायत एन.आई.सी. के पोर्टल पर दर्ज हो जायेगी। उसके बाद शिकायत, सम्बन्धित विभाग को भेजी जायेगी। जिसका सम्बन्धित विभाग द्वारा 10 दिन के अन्दर फीडबैक दिया जायेगा। आईवीआर सिस्टम के तहत एक साथ 15 लोग शिकायत/सुझाव दर्ज करा सकते हैं। इसमें लोग स्थानीय भाषा में भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जिसके लिए अनुवाद की व्यवस्था भी रहेगी। त्रिवेन्द्र ने कहा कि समाधान पोर्टल पर आई.वी.आर. सिस्टम के होने से जनसमस्याओं के निवारण में तेजी आयेगी। समस्याओं के निवारण के लिए सम्बन्धित विभागों की जिम्मेदारी तय रहेगी। इससे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों की समस्याएं पहुंचेगी तथा सुझाव भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अच्छी बात है कि आई.वी.आर. सिस्टम में स्थानीय बोलियों को भी सम्मिलित किया गया है।

2022 तक गरीबों को एक लाख आवास देने की मिली मंजूरी

2022 तक गरीब व कमजोर वर्गों को एक लाख आवास मुहैया कराने के लक्ष्य पर आगे बढ़ते हुए उत्तराखंड आवास नीति को मंजूरी दी गई है। निजी क्षेत्र की मदद से बनने वाले आवासों को राज्य सरकार प्रति आवास छह लाख रुपये की दर से खरीदेगी, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को प्रति परिवार साढ़े तीन लाख रुपये पर आवास मुहैया कराया जाएगा।
राज्य खाद्य योजना के 11 लाख परिवारों को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर चक्कर काटने से निजात रहेगी। आगामी एक नवंबर से इन परिवारों के बैंक खाते में खाद्यान्न सब्सिडी पहुंचेगी।
इसी तरह अंत्योदय परिवारों को भी चीनी की सब्सिडी उनके खाते में मुहैया कराई जाएगी। उक्त फैसले के साथ ही मंत्रिमंडल ने ऊर्जा के तीन निगमों को सातवां वेतनमान देने पर मुहर लगा दी।
सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि राज्य के तीन नगर निगमों, 22 नगर पालिकाओं और 10 नगर पंचायतों की सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
भविष्य में अन्य निकायों की सीमा में भी इजाफा किया जाएगा। अगले नगर निकाय चुनाव में नए विस्तारित क्षेत्र भी शामिल होंगे। निकायों के विस्तारित क्षेत्रों में जन सुविधाओं के लिए केंद्रीय योजनाओं का अधिक फायदा मिलेगा।
साथ ही नए बनने वाले वार्डों को विकास के लिए अधिक धनराशि उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड आवास नीति के तहत अगले पांच सालों में गरीबों को एक लाख आवास मुहैया कराने की कार्ययोजना को मंजूरी मिल गई है। इस कार्ययोजना को निजी भागीदारी से पूरा किया जाएगा। योजना में भागीदार निजी क्षेत्र को सरकार की ओर से रियायतें दी जाएंगी। राज्यभर में आवासहीन कमजोर वर्गों का चिह्नीकरण सर्वे नगर निकायों के जरिए कराया गया था। इस सर्वे के आधार पर ही निकायवार कमजोर वर्गों के लिए आवासों का निर्माण किया जाएगा। काबीना मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल ने राज्य के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लघु व सीमांत किसानों को एक लाख ऋण मात्र दो फीसद ब्याज दर पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस योजना को दीनदयाल सहकारिता सहभागिता योजना का नाम दिया गया है।

मुंबई धमाके में अबू को उम्रकैद, 24 साल लगे जजमेंट आने में

मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही विशेष टाडा अदालत ने उसके साथी करीमुल्लाह शेख को भी उम्रकैद की सजा देते हुए 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एक अन्य दोषी मुस्तफा दोसा का दिल का दौरा पड़ने से पहले ही मौत हो चुकी है। मुंबई विस्फोट के 24 साल बाद अदालत ने अबू सलेम सहित छह लोगों को दोषी करार दिया था, जबकि एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया था।
12 मार्च 1993 में मुंबई में सीरियल ब्लास्ट हुए थे। जिसमें 257 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस हमले में दोषी पाए गए आरोपियों में पुर्तगाल से 2005 में प्रत्यर्पित कर लाया गया माफिया डॉन अबू सलेम, मुस्तफा दोसा, मोहम्मद ताहिर मर्चेट, करीमुल्लाह खान, रियाज सिद्दीकी और फिरोज अब्दुल राशिद खान शामिल हैं। मुस्तफा को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित कर लाया गया था, जिसकी हाल ही में मौत हो गई है।
एक अन्य प्रमुख आरोपी अब्दुल कयूम को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया था। फिल्म स्टार संजय दत्त के घर हथियार और गोला-बारूद पहुंचाने में कयूम ने सलेम का साथ दिया था। कयूम को 13 फरवरी, 2007 को गिरफ्तार किया गया था। मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक सलेम पर हथियार और गोलाबारूद सहित एके-47 राइफल और हथगोला आपूर्ति का आरोप था, जिसका विस्फोट में इस्तेमाल किया गया था। इसे गुजरात से मुंबई लाया गया था।
बाबरी मस्जिद के बदले किया सीरियल ब्लास्ट
आरोप है कि ये विस्फोट 6 दिसंबर, 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस के बदले के तौर पर किया गया था। विध्वंस के बाद मुंबई में दिसंबर 1992 और जनवरी 1993 में दो चरणों में खूनी सांप्रदायिक दंगे हुए थे। अभियोजनन पक्ष ने कहा था कि दाऊद गिरोह के सदस्यों ने अपने स्थानीय गुंडों टाइगर मेनन, दोसा भाइयों के साथ मिलकर मुंबई में आतंकी कृत्य की साजिश रची थी। इसके लिए दोसा के साथ टाइगर, छोटा शकील ने प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए थे।

2 लाख कंपनियों के बैंक खाते बंद

नोटबंदी के बाद रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की तरफ से जिन दो लाख कंपनियों को बंद किया गया था, उनके बैंक खातों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। जानकारी वित्त मंत्रालय की तरफ से यह जानकारी 5 सितम्बर को दी गई।
वित्त मंत्रालय ने एक अधिकारिक बयान जारी करके कहा कि 2,09,032 कंपनियों को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की तरफ से बंद कर दिया गया था। ऐसी कंपनियों के निदेशकों और अधिकारी अब पूर्व डायरेक्टर और पूर्व अधिकारी बन जाएंगे। इसमें आगे कहा गया है कि जब तक यह मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनक्लैट) से कानून सुलझ नहीं जाता, तब तक इनके बैंक खाते ऑपरेट नहीं होंगे। वित्त मंत्रालय के अधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी यह जानकारी ट्वीट की गई है। वित्त विभाग ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि इन कंपनियों के खातों को प्रतिबंधित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। इस कार्रवाई को सरकार की तरफ से फर्जी कंपनियों (शेल कंपनियां) के खिलाफ उठाए गए अगले कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
अन्य कंपनियों को चेतावनी बयान में अन्य कंपनियों को भी चेताते हुए कहा गया है कि बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने कर्मचारियों से कहें कि ऐसी कंपनियों के साथ व्यवहार करते समय कर्मठता दिखाएं और उन कंपनियों पर नजर रखें, जो फाईनेंशियल स्टेटमेंट और सालाना रिटर्न फाइल करने में गड़बड़ी कर रही हैं।

सुविधायुक्त घर को लोन का लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जहां एक ओर झोपड़ी और कच्चे घरों में रहकर गुजर-बसर करने वाले परिवारों को आवास बनाने के लिये योजना का लाभ मिल सकेगा। वहीं दूसरी ओर सरकार ने इस योजना में कुछ नई सौगाते भी दी है। जिसके तहत जहां लाभार्थी पक्का आवास बना सकेंगे, वहीं शौचालय के लिए भी उन्हें अनुदान भी मिलेगा। साथ ही बिजली और गैस कनेक्शन भी मुफ्त मिल सकेगा। इससे गरीब परिवारों को समस्याओं से निजात मिलेगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ पाने वाले गरीबों को अब एक साथ कई योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। सरकार की ओर से पक्का आवास बनवाने के लिए निर्धारित 1.20 लाख रुपये तीन किस्तों में मिलेंगे। पहली किस्त में 40 हजार, दूसरी में 70 हजार, जबकि अंतिम किस्त 10 हजार की होगी। वहीं, जिला पंचायत राज विभाग से शौचालय के लिए 12 हजार रुपये का अनुदान का लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था में लाभार्थियों को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस का कनेक्शन भी दिया जाएगा। दीनदयाल विद्युतीकरण योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन मिलेगा। यही नहीं, गरीबों के लिए जिला पूर्ति विभाग से संचालित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की पात्र गृहस्थी में भी शामिल किया जाएगा। इससे उन्हें सस्ते दर में अनाज भी मिल सकेगा।
परिवार के सदस्यों को मिलेगा काम
योजना के तहत जहां आवास का लाभ मिलेगा। वहीं, घर के सदस्य जॉबकार्ड बनवा सकेंगे। साथ ही आवास में स्वयं काम भी कर सकेंगे। इसके तहत मनरेगा से 90 मानव दिवस का लाभ मिल सकेगा। इससे आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी।
सुविधायुक्त आवास के लिए लोन का भी लाभ
सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.20 लाख दिए जाएंगे। यदि कोई लाभार्थी आवास को अधिक सुविधायुक्त बनाना चाहेगा और इसके लिए उसे अतिरिक्त धनराशि की जरूरत होगी तो शासन से निर्धारित धनराशि के अलावा बैंक से सस्ते ब्याज दर पर 70 हजार रुपये के लोन की भी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
आपको बतो दें कि इस प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गरीब परिवारों को दिया जाता है। इसमें 2011 की जनगणना के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शामिल किया जाता है। प्राथमिकता पर उन लोगों को लाभ मिलता है, जो आवास विहीन अथवा कच्चे मकान में रहते हैं। साथ ही इससे पहले परिवार के किसी सदस्य को लोहिया, इंदिरा आवास या अन्य किसी आवास योजना का लाभ न मिला हो।

नीति आयोग करेगा कुपोषण मुक्त भारत बनाने को जोर

मानवीय विकास, गरीबी में कमी तथा आर्थिक विकास के लिहाज से पोषण को महत्वपूर्ण करार देते हुए नीति आयोग ने राष्ट्रीय विकास एजेंडा में इसे ऊपर रखने का सुझाव दिया है। आयोग ने इस संबंध में राष्ट्रीय पोषण रणनीति पर एक रिपोर्ट जारी की।
आयोग के अनुसार, कुपोषण की समस्या का समाधान करने तथा पोषण को राष्ट्रीय विकास एजेंडा के ऊपर लाने के लिए नीति आयोग ने पोषण पर राष्ट्रीय रणनीति तैयार की है। इसे व्यापक परामर्श प्रक्रिया के जरिए तैयार किया गया है। इसमें पोषण संबंधी मकसद को हासिल करने के लिए रूपरेखा तैयार की गई है। इस रिपोर्ट में देश में अल्प-पोषण की समस्या के समाधान के लिए एक मसौदे पर जोर दिया गया है। इसके तहत पोषक के चार निर्धारक तत्वों, स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य पदार्थ, पेय जल और साफ-सफाई तथा आय एवं आजीविका में सुधार पर बल दिया गया है। पोषण रणनीति मसौदे में कुपोषण मुक्त भारत पर जोर दिया गया है जो स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत से जुड़ा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि राज्य स्थानीय जरूरतों और चुनौतियों के समाधान के लिए राज्य एवं जिला कार्य योजना तैयार करे।
देश में कुपोषण की समस्या से लड़ने के लिए केन्द्र की पूर्व मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल के दौरान 2007 में मिड डे मील की विस्तृत योजना लॉन्च की गई थी। इस योजना के तहत देशभर में कुपोषण के शिकार बच्चों को सीधे फायदा पहुंचाने हुए उन्हें स्कूल लाने की कवायद की गई। इस योजना से फायदे का दावा नीति आयोग के आंकड़ों के साथ-साथ आर्थिक मामलों के जानकार करते रहे हैं।
अब नीति आयोग का मानना है कि यह मानवीय विकास, गरीबी में कमी तथा आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण योजना है। आयोग ने पोषण में निवेश की वकालत करते हुए ग्लोबल न्यूट्रीशनल रिपोर्ट 2015 के हवाले से कहा कि निम्न और मध्यम आय वाले 40 देशों में पोषण में निवेश का लागत-लाभ अनुपात 16ः1 है।

इंजन तो पहले ही चल दिया, डिब्बे तो आने ही थेः अखिलेश

कहने के लिये जो लखनऊ में मेट्रो की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन वो कहते है ना अगर शुरूआत ही अच्छी न हो तो फिर सबको कहने का मौका मिल जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ नवाब नगरी में। जहां पहले ही दिन मेट्रो की शुरूआत अच्छी नहीं हुई है। 5 सितम्बर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मेट्रो का उद्घाटन किया। जिसके बाद 6 सितम्बर से यह आम लोगों के लिए शुरू कर दी गई, लेकिन पहले ही दिन मेट्रो में खराबी आ गई, जिसपर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस पर तंज कसा है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने मेट्रो खराबी के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। वहीं अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि लखनऊ मेट्रो तो पहले से ही बनकर तैयार थी, भारत सरकार ने सीएमआरएस के जरिए एनओसी देने में इतना लंबा वक्त लिया, फिर भी पहले ही दिन मेट्रो ठप।
20 मिनट तक थक गई मेट्रो
दुर्गापुरी और मवईया के बीच मेट्रो में खराबी आ गई। जहां से पैसेंजर्स को निकाला जा रहा है। बाकी चारों मेट्रो ऑपरेशनल हैं। तकनीकी खराबी के कारण मेट्रो 20 मिनट के लिए आलमबाग में फंस गई। लखनऊ मेट्रो कई वजहों से चर्चा में है। एक वजह सियासी है तो दूसरी देश के सबसे शानदार मेट्रो रेल होना भी एक वजह है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस मेट्रो रेल को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में रखते थे। यही वजह है कि मेट्रो के शिलान्यास से लेकर मेट्रो के बनने तक के हर सफर में वह साथ रहे, लेकिन चुनाव हार गए तो इसका उद्घाटन नहीं कर सके।

नवाबों के शहर में मेट्रो की दस्तक

Metro knock in the city of Nawabs
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लंबी प्रतीक्षा के बाद मेट्रो का संचालन शुरू हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मेट्रो के ट्रांसपोर्ट नगर डिपो में लखनऊ मेट्रो को हरी झंडी दिखाई।
राज्यपाल राम नाईक की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से ने मेट्रोमैन लखनऊ मेट्रो के प्रधान सलाहकार ई. श्रीधरन का विशेष धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने तीन वर्ष के अंदर मेट्रो का निर्माण करने पर एमडी श्री कुमार केशव और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उद्घाटन आधा-अधूरा नहीं किया गया है। यूपी मेट्रो कारपोरेशन के तहत विभिन्न जिलों में मेट्रो चलाई जाएगी। झांसी, वाराणसी, मेरठ और कानपुर में मेट्रो के लिए भी डीपीआर भेजा जा चुका है। जल्द ही प्रदेश के कई जिलों में मेट्रो चलवाने की कोशिश करेंगे।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अब लखनऊ की पहचान नवाबों का शहर के साथ ही मेट्रो का शहर के रूप में भी हो गई। यहां मेट्रो के साथ ही लखनऊ महानगर के विकास के द्वार पर खुल गए हैं। उन्होंने प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए मेट्रोमैन को दी विशेष बधाई।
इससे पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच पर पहुंचे। राज्यपाल के साथ ही केंद्रीय मंत्री राष्ट्रगान के बाद मंच पर विराजमान हुए। कार्यक्रम स्थल पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. सीएम दिनेश शर्मा भी साथ पहुंचे।