पंडित पंत एक कुशल प्रशासक व वक्ता थेःसीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में भारत रत्न पंडित गोविन्द बल्लभ पंत के 130वें जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए पंडित गोविन्द बल्लभ पंत के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किये। त्रिवेन्द्र ने कहा कि 10 सितम्बर 1887 में अल्मोड़ा के खूंट गांव में जन्म लेने वाले पंडित गोविन्द बल्लभ पंत बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। देश की आजादी के बाद उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, भारत के गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर देश का नेतृत्व किया। 1955 में उन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया। उन्होंने काकोरी कांड के क्रांतिकारियों का मुकदमा भी लड़ा। वे एक कुशल प्रशासक के साथ ही ओजस्वी वक्ता भी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को श्री पंत के जीवन आदर्शों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना होगा।

जांच में आया एक और चौका देने वाला सच! शासन व प्रशासन मौन

बलात्कारी बाबा गुरमीत राम रहीम को लेकर रोज चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इसी दौरान राम रहीम और प्रशासन के बीच मिलीभगत की नई मिसाल सामने आई है। खबर मिली है कि राम रहीम अपने सिरसा डेरे में माही सिनेमा हॉल भी चलाता है। इसके दस्तावेजों की जांच से पता चला कि यह थियेटर 10 वर्षों से बिना लाइसेंस के ही चल रहा था। इस दौरान राज्य सरकार ने गुरमीत की सिर्फ पहली फिल्म से मनोरंजन कर वसूला, जबकि इसके बाद की सभी फिल्में टैक्स फ्री चलती रही।
माही थियेटर को लेकर इस खुलासे के बाद जिले के मनोरंजन कर अधिकारियों की भी जबान पर ताला लगा हुआ है। इस बीच कोर्ट कमिश्नर के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की मीटिंग में तय हुआ कि गुरमीत राम रहीम के डेरे की तमाम जमीनों से जुड़ा 30 साल पहले तक का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। राम रहीम पर जितनी रफ्तार से जांच का दायरा बढ़ रहा है, उसी रफ्तार से राम रहीम की मायावी दुनिया में चल रही काली करतूतों पर से पर्दा उठता जा रहा है। सर्च टीम का दस्ता गुफा की मिस्ट्री सुलझा रहा है। बाबा की जिस इमारत में पुलिस की टीम पहुंची, उसमें दो सुरंगों का सच सामने आया है।
पुलिस डेरा मुख्यालय में तलाशी के दूसरे दिन बाबा राम रहीम के कमरे में जांच पड़ताल कर रही थी। चंद मिनट की पड़ताल हुई और बाबा के कमरे का राज खुलने लगा। बाबा के खिलाफ ठोस सबूत जमा करने के लिए पुलिस ने चप्पे चप्पे की तलाशी ली। तभी अचानक एक दरवाजा खुला और सामने एक सुरंग नजर आया। इस सुरंग की शुरुआत बाबा के कमरे से होती थी और साध्वियों का कमरा उस गुफा के आखिरी छोर पर था। आरोप है कि बलात्कारी बाबा गुफाओं के द्वार से साध्वियों के कमरों में जाकर अश्लील लीलाएं रचता था।
ऊपरी गुफा से ही एके 47 के मैगजीन का कवर भी बरामद हुआ है। साथ ही लगातार दूसरे दिन छापेमारी में गुफाओं में मौजूद विस्फोटक का भी पता चला। पुलिस आश्रम को खंगाल रही थी तब विस्फोटकों की बड़ी खेप बरामद हुयी। इसके अलावा सैकड़ों जोड़े जूते, डिजाइनर कपड़े और टोपियां मिली हैं। जांच में सामने आया कि बाबा राम रहीम अपने आश्रम में पटाखों की अवैध फैक्ट्री चला रहा था। उसमें इन विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
डेरे की तलाशी के दौरान सर्च टीम को पांच बच्चे मिले, जिनमें दो नाबालिग हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। वहीं तलाशी में टीम को एक वॉकी-टॉकी सेट भी मिला है। 800 एकड़ में फैले डेरा परिसर को तलाशी अभियान के लिए दस जोनों में बांटा गया है और हर जोन का संचालन एक वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं।

गीता कुमारी बनी जेएनयू की अध्यक्ष, अभाविप दूसरे स्थान पर

देश और दुनिया की अग्रणी यूनिवर्सिटी के तौर पर मशहूर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में लेफ्ट यूनिटी की कैंडिडेट गीता कुमारी ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर ली है। उन्हें कुल 1506 वोट मिले। विद्यार्थी परिषद की नजदीकी उम्मीदवार को 1042 वोट मिले। उनके साथ सेंट्रल पैनल में जीतने वाले अन्य तीन उम्मीदवार भी लेफ्ट से ही हैं।
गौरतलब है कि गीता कुमारी छात्र संगठन एआईएसए का हिस्सा हैं। इस बार एआईएसए, एसएफआई और डीएसएफ साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे थे। यूनाइटेड लेफ्ट ने वाइस प्रेसिडेंट (सिमोन जोया खान), ज्वाइंट सेक्रेटरी (शुभांशु सिंह) और जनरल सेक्रेटरी (डुग्गीराला श्रीकृष्ण) पर भी कब्जा कर लिया है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के छात्र संगठन (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के प्रत्याशियों ने भी अध्यक्ष पद समेत सेंट्रल पैनल के सारे सीटों पर युनाइटेड लेफ्ट को कड़ी टक्कर दी। विद्यार्थी परिषद् की ओर से अध्यक्ष पद की दावेदार निधि त्रिपाठी दूसरी पोजिशन पर रहीं।
गौरतलब है कि इस चुनाव में परिसर के भीतर बहुजन राजनीति की लकीर खींचने वाला छात्र संगठन बीएपीएसए भी बहुत पीछे नहीं रहा। इस संगठन के प्रत्याशियों ने भी युनाइटेड लेफ्ट को कड़ी टक्कर दी। बीएपीएसए को कैंपस के ही युनाइटेड ओबीसी फोरम जैसे संगठनों ने समर्थन दिया था।
एआईएसएफ की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार अपराजिता राजा काफी पीछे रह गईं। वहीं कांग्रेस की छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रत्याशी सबसे पीछे रहे। इस पूरे चुनाव में परिसर में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर दावेदारी करने वाले फारूख आलम को भी अच्छे वोट मिले।

रहस्यमयी तरीके से हुयी रिटायर्ड साइंटिस्ट की मौत

दिल्ली के डेसू कॉलोनी में एक रिटायर्ड साइंटिस्ट की लाश मिलने से सनसनी मच गई। उनका शव घर से सड़ी-गली हालत में मिला। पुलिस का मानना है कि 8 से 10 दिन पहले उनकी मौत हुई है। साइंटिस्ट के भाई-बहन शव के साथ घर में रह रहे थे। उन्होंने किसी को इस बारे में नहीं बताया था।
मृतक साइंटिस्ट का नाम यशवीर सूद (64 साल) था। पूसा इंस्टीट्यूट में न्यूक्लियर साइंस डिपार्टमेंट में वह प्रिंसिपल साइंटिस्ट थे। पुलिस ने बताया कि फील्ड ऑफिसर सोनू को डेसू कॉलोनी के बी-1 क्वॉर्टर से काफी तेज दुर्गंध आई। किसी अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने फौरन पुलिस को इसकी सूचना दी।
दुर्गंध इतनी तेज थी कि पुलिस ने घर में घुसने से पहले खिड़की का कुछ हिस्सा तोड़कर स्प्रे किया और फिर पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हुए। इस दौरान सूद की बहन कमला ने पुलिस के अंदर घुसने का विरोध किया। सूद का शव कमरे में बेड पर पड़ा था। शव पर से खाल गायब हो चुकी थी। शव को शायद कीड़े-मकोड़े ने भी खाया हो।
घर के अंदर बहुत गंदगी थी। ऐसा लग रहा था कि महीनों से घर की सफाई नहीं हुई है। पुलिस ने बताया कि सूद की बड़ी बहन कमला और छोटा भाई हरीश मानसिक रूप से कमजोर हैं। पुलिस सूद के अन्य परिजनों के बारे में पता लगा रही है।
बताते चलें कि सूद 31 मार्च, 2015 को इंस्टीट्यूट से रिटायर हुए थे। इसके बाद तीनों भाई-बहन कुछ समय तक पूसा कैंपस के ई-54 में रहे थे। बाद में उन्हें डेसू कॉलोनी में एक जर्जर से कमरे में शिफ्ट करा दिया गया था। इसी कमरे में यशवीर सूद की लाश मिली।

जानिए डेरे में सर्च टीम को प्लास्टिक नोट के सिवा क्या-क्या मिला?

सिरसा में गुरमीत राम रहीम के डेरे पर पुलिस का तलाशी अभियान जारी है। इस दौरान पुलिस ने डेरे परिसर के अंदर से विस्फोटक जब्त किए हैं। हरियाणा सरकार के जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक सतीश मिश्रा ने बताया कि डेरा परिसर के भीतर एक अवैध पटाखा फैक्ट्री भी चलाई जा रही थी, जिसे सील कर दिया गया है।
डेरे से मिले ये सामान
सर्च टीम को 1200 नए नोट, 7000 पुराने नोट मिले हैं जिनकी कुल कीमत चंद हजार से ज्यादा नहीं होगी। प्लास्टिक की करेंसी मिली है, जिसका इस्तेमाल डेरा के अंदर होने वाली सामानों की खरीद-फरोख्त में होता था। टेलीविजन प्रसारण में इस्तेमाल वाला ओवी बैन मिला है। बिना नंबर वाली काले रंग की लेक्सस लग्जरी कार मिली है। कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क मिले हैं जिनसे कुछ सुराग मिल सकते हैं। भारी मात्रा में बिना लेवल वाली दवाइयां भी मिली हैं। हो सकता है, इनका इस्तेमाल समर्थकों को झांसा देने में होता हो। डेरा सच्चा के दो कमरों को सर्च टीम ने सील कर दिया है। डेरे से 2 नाबालिग समेत 5 लोग मिले।
बडा सवाल है कि ये सर्च अभियान 15 दिन बाद शुरू हुआ है। कुछ चश्मदीद कह रहे हैं बाबा ने ट्रकों में भर-भरकर जुर्म के सबूत डेरा से बाहर भेज दिए हैं। डेरा के भीतर बने प्रिंटिंग प्रेस, गेस्ट हाउस, एमसीजी मार्ट की छानबीन से भी सर्च टीम को कई सबूत मिले हैं।

स्थानीय शिल्प और कला को दिया जायेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से बर्मिंघम इंडस्ट्रियल एक्सपो से लौटे 08 शिल्पियों के दल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने शिल्पियों का स्वागत कर आशा की, कि वे अपने अनुभव से उत्तराखण्ड में और अधिक लोगों को प्रशिक्षित करेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव उद्योग को निर्देशित किया कि जो शिल्पी विदेश का अनुभव लेकर लौटे हैं, उनकी आवश्यकताओं को समझने के लिए एक मीटिंग की जाए और फिर सरकारी स्तर से जो भी मदद हो उनको दी जाए। मुख्यमंत्री ने शिल्पियों से कहा कि आधुनिक समय में गुणवत्ता के साथ-साथ डिजाइन व फैशन का भी बहुत महत्व है। उत्तराखण्ड के उत्पादों को फैशन में लाना होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय शिल्प और कला को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। सरकार न सिर्फ इसके लिए प्रशिक्षण दे रही है बल्कि विपणन केंद्रों के विकास के लिए भी संकल्पित है। प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने बताया कि 04 सितंबर को बर्मिंघम में आयोजित इंडस्ट्रियल एक्सपो में गए भारतीय दल में उत्तराखंड के 08 शिल्पी सम्मिलित थे। उत्तराखंड के शिल्पियों ने नेचुरल फाइबर, ऊन और कॉपर के सामानों का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि एक्सपो में बहुत से व्यापारियों ने उत्तराखण्ड के उत्पादों में रुचि दिखाई। विशेष रुप से नेचुरल फाइबर और ऊन के स्टोल्स और शॉल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कॉपर से निर्मित उत्पादों की प्रशंसा हुई। इस दौरे से उत्तराखण्ड के शिल्पियों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार का अनुभव प्राप्त हुआ और इसके साथ ही उन्हें बाजार की मांग की जानकारी भी मिली। उन्होंने बताया कि यह सभी शिल्पी मास्टर क्राफ्ट मैन है और प्रत्येक शिल्पी 100100 शिल्पियों को प्रशिक्षित करेगा। बर्मिंघम के दल में उत्तरकाशी के चंद्र लाल, नरेश, अल्मोड़ा के बलवंत टम्टा, बागेश्वर के शिव लाल, चमोली के धरमलाल और गुड्डी देवी तथा हरिद्वार के मुकेश और आशु सम्मिलित थे। अपर निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल ने बताया कि उत्तराखंड के शिल्पियों के दल ने बर्मिंघम, यूनाइटेड किंगडम में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय उद्योग मेले में 04 सितंबर को प्रतिभाग किया था। यह दल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट और उत्तराखंड हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट काउंसिल के संयुक्त तत्वाधान में बर्मिंघम में स्थापित भारतीय पवेलियन में सम्मिलित हुआ था।

राज्य में विद्युत कटौती न्यूनतम करने को हो रहा मूल्यांकन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देशों के क्रम में लोगों को बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने तथा विद्युत कटौती न्यूनतम करने के उद्देश्य से राज्य में हर दिन प्रत्येक विद्युत वितरण खण्ड में विद्युत आपूर्ति कितनी बार गई व कितनी देर के लिए गई का मूल्यांकन किया जा रहा है। सचिव ऊर्जा राधिका झा ने बताया कि प्रतिदिन विद्युत आपूर्ति रिपोर्ट का अनुश्रवण किया जा रहा है तथा इसके आधार पर विद्युत आपूर्ति गुणवत्ता के क्रियान्वयन को अधिकारियों की वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट में शामिल किया जायेगा। इससे अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में सुधार लाने के लिये व्यक्तिगत रूप से कार्य करना आवश्यक होगा। सचिव झा ने सभी अधीक्षण अभियन्ताओं एवं अधिशासी अभियन्ताओं को निर्देश दिये है कि दैनिक रूप से विद्युत बाधा का अनुश्रवण किया जाय और विद्युत आपूर्ति में कम से कम कटौती की जाय। उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग द्वारा यह योजना राज्य में प्रथम बार लागू की गई है तथा विभाग द्वारा इस दिशा में विशेष कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है, जिसके फलस्वरूप विगत वर्ष में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में माह अप्रैल से जुलाई(चार माह) में प्रणाली में कुल औसतन विद्युत व्यवधान 268 के सापेक्ष घटकर 241 हो गया है तथा इन विद्युत व्यवधानों की अवधि 12586 मिनट से घटकर 9386 मिनट हो गयी हैं। अतः विगत वर्ष की तुलना में सम्मानित विद्युत उपभोक्ताओं को 3200 मिनट अधिक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हुई है, यद्यपि ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों के सापेक्ष अभी अपेक्षाकृत कम सुधार आया है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यृत आपूर्ति में बाधा की सूचना व्यक्ति विशेष द्वारा(मैनवली) दी जाती है तथा शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट से कम विद्युत बाधित सूचना की गणना नहीं की जाती है। उन्होंने बताया कि सभी विद्युत वितरण खण्डों की रेटिंग इन मानकों के आधार पर करना भी प्रारम्भ किया गया है, इससे कमी वाले क्षेत्रों को लक्षित कर विशेष कार्य योजना बनाने तथा क्रियान्वयन में आसानी होगी एवं आपसी प्रतिस्पर्धा से कर्मी स्वयं भी विद्युत आपूर्ति में सुधार हेतु प्रोत्साहित होंगे।

भारतीय सेना के पास इतना विश्वास कहां से आया?

चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने 8 सितम्बर के अपने संपादकीय में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत पर इस हफ्ते दिए गए उनके युद्ध संबंधी बयान को लेकर जमकर निशाना साधा है। संपादकीय में कहा गया है कि यह बात स्वीकार की जानी चाहिए कि बिपिन रावत के पास बहुत बड़ा मुंह है, वे बीजिंग और नई दिल्ली के बीच आग भड़का सकते हैं। रावत का बयान यह दिखाता है कि भारतीय सेना में कितना अहंकार भरा है। संपादकीय में सवालिया तौर से लिखा गया है कि रावत ने बड़े ही हाईप्रोफाइल तरीके से दो मोर्च पर युद्ध की स्थिति की वकालत की है, लेकिन भारतीय सेना के पास इतना विश्वास कहां से आया?.
आपको बता दें कि एक सेमिनार में बोलते हुए रावत ने नई दिल्ली में चीन से संबंधित बयान दिया था, जहां तक हमारे उत्तरी विरोधी का सवाल है तो ताकत दिखाने का दौर शुरू हो चुका है। धीरे-धीरे भूभाग पर कब्जा करना और हमारी सहने की क्षमता को परखना हमारे लिए चिंता का सबब है। इस प्रकार की परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए जो धीरे-धीरे संघर्ष के रूप में बदल सकती है।
रावत का बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही ब्रिक्स सम्मेलन से इतर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मुलाकात की थी और सीमा पर शांति बनाए रखने पर सहमति जताई थी। इन सबके बीच ग्लोबल टाइम्स ने बहुत ही तीखी प्रतिक्रिया दी है, जो दिखाता है कि आर्मी चीफ के बयान से बीजिंग कितना चिढ़ा हुआ है। ब्रिक्स समिट में मोदी और शी की मुलाकात के तुरंत बाद ही रावत ने सीमा पर चीन की सीनाजोरी की ओर ध्यान दिलाया है। चीनी मीडिया ने डोकलाम विवाद पर समझौते को शी जिनपिंग की कामयाबी के तौर पर पेश किया था। संपादकीय में कहा गया है कि रावत का बयान डोकलाम विवाद समाप्त होने के हफ्ते भर के भीतर ही आया है, जब चीन और भारत के नेताओं ने ब्रिक्स समिट के दौरान मुलाकात की और दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए।
चीनी अखबार ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि भारतीय जनरलों को ताजा स्थिति के बारे में कुछ बेसिक जानकारी रखनी चाहिए। क्या भारत दो मोर्चों पर लड़ाई को झेल सकता है अगर चीन-पाकिस्तान एक साथ मोर्चा खोल दें?
अखबार ने लिखा है कि ऐसा लगता है वहां दो भारत हैं, एक जो ब्रिक्स समूह का हिस्सा है। चीन की तरह और दूसरा चीन के खिलाफ भड़काऊ बयान देते रहता है। क्या हमें पहले भारत को गले लगाकर दूसरे को सबक सिखाना चाहिए। ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि पहले भारत को दूसरे भारत को अनुशासन सिखाना चाहिए और स्वाभिमानी भारतीयों को जनरल रावत जैसे अपने सीनियर अधिकारियों के मुंह का ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि वे उनके शब्द और अहंकार भारतीयों की इमेज के साथ मेल नहीं खाते हैं।

कृषि आय के साथ एलाइड सेक्टर्स में भी फोकस

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने की कार्ययोजना की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनपदों में क्लस्टरवार कृषि को प्रोत्साहित किया जाय। फसलों की उत्पादकता बढ़ानी होगी, इसके लिये उन्नत किस्म के बीजों तक किसानों की पहुंच बनानी होगी। जिलाधिकारी, क्लस्टर्स के अनुसार वहां पैदा होने वाली फसलों का अध्ययन कर, उन्नत बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। सरकार के कई विभाग और विभिन्न परियोजनाएं कृषि तथा एलाइड क्षेत्रों में काम कर रही है, इन सभी को एक समग्र कोआर्डिनेटेड प्रयास करने की जरूरत है। सीएम ने जनपद स्तर पर सभी संबन्धित विभागों की कोर्डिनेशन कमेटी बनाने के निर्देश भी दिये। जिस क्लस्टर में जो फसल या उत्पाद चिन्हित हो उससे जुड़े सेक्टर में लोगों को स्किल डेवलेपमेंट योजना के अन्तर्गत प्रशिक्षित भी किया जाय। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि कृषि आय को दोगुना करने के लक्ष्य हेतु सभी संबन्धित सभी शासनादेशों एवं गाइडलाइन्स का एक संकलन तैयार कर न्याय पंचायत स्तर तक भेजा जाये। उन्होंने हर गांव के लिये एक माइक्रो प्लान और पर्सपेक्टिव प्लान बनाने को भी कहा। प्रमुख सचिव ने कहा कि मनरेगा, आईफैड, ग्राम्या और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कई प्रावधानों के अन्तर्गत जिलाधिकारी, जनपदों में आजीविका संसाधन सृजित कर किसानों की मदद कर सकते है। कृषि सचिव ने कहा कि सभी जिलाधिकारी, अपने जनपदों में क्लस्टरवार मॉडल डी.पी.आर. बनायें। कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी, जो कि कृषि विषय में पोस्ट ग्रेजुएट तक हैं, उनका उपयोग करें। कृषि के साथ एलाइड सेक्टर्स में भी फोकस करें। पुष्प उत्पादन मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन का प्रदेश में बड़ा स्कोप है। उत्तराखण्ड हर वर्ष 125 करोड़ रूपये का शहद निर्यात कर रहा है। इस अवसर पर सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जनपदों से प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी दी।

पुलिस के आ गए अच्छे दिन, अब साइकिल से रखेगी नजर!

अब लैला-मजनुओं की खैर नहीं! जी हां ऋषिकेश क्षेत्राधिकारी मंजूनाथ टीसी ने इन लैला-मझनुओं के साथ असामाजिक तत्वों पर काबू पाने के लिये एक नया रास्ता निकाला है। अब पुलिस गंगा नदी के किनारे स्थित आस्था पथ में दो शिफ्टों में गश्त लगाते नजर आयेगी। इससे एक तरफ आस्था पथ की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से निजात मिलेगी वहीं दूसरी ओर अश्लील हरकत करने वालों पर शिकंजा भी कसा जा सकेगा। इस नए तरह के ऑपरेशन में रूटीन में महिला और पुरुष कांस्टेबल गश्त करेंगे।
आपको बता दें कि आस्था पथ में आए दिन असमाजिक तत्वों द्वारा आस्था पथ की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। जिससे वहां लगी ग्रिल तक गायब हो गयी। आस्था पथ में अभी तक लैला-मझनुओं को दिन-दहाड़े अश्लील हरकत करते हुए भी देखा जा सकता था। इतना ही नहीं यहां शराबियों व नसेड़ियों का अड्डा भी बन चुका था। यहां अक्सर कॉलेज चुनावों के समय छात्रों द्वारा हुड़दंगियां करने की शिकायत पुलिस को लगातार मिल रही थी। आस्थापथ पर सुबह और शाम को घूमने वालों की भीड़ रहती है। लोग अक्सर मनचलों पर नकेल कसने की मांग उठा रहे थे। लोगों ने बताया के अक्सर यहां शाम को शराबी पहुंच जाते हैं। कई बार युवक-युवतियों के जोड़े भी अश्लील हरकतें करते देखे गए हैं। इससे लोगों को दिक्कत होती है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आस्थापथ पर साइकिल से गश्त करने का प्लान तैयार किया।
कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी ने त्रिवेणीघाट स्थित आस्थापथ पर साइकिल गश्त का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। बताया कि साइकिल गश्त में एक महिला और एक पुरुष कांस्टेबल दो पाली में डयूटी करेंगे। पहली पाली सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक रहेगी। सूचना के आदान-प्रदान के लिए गश्त दल को अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। सहायक पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने आस्थापथ पर सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद रखने के लिए साइकिल गश्त का निर्णय लिया है, इस पर अमल करते हुए यह व्यवस्था शुरू की गई है। पुलिस की इस पहल पर क्षेत्रवासियों ने हर्ष जताया।