महिला क्रिकेटर से ऐसा कौन सा गिफ्ट पाकर कोच हुए गदगद

राज्य सरकार द्वारा खेल दिवस पर मानसी जोशी को सम्मानित किये जाने के बाद मानसी ने अपने गुरू को सम्मानित न करने पर नाराजगी जताई थी और वह खुद भी राज्य सरकार की ओर से सम्मान में दिए जाने वाली राशि पर नाखुश थी, लेकिन अपने गुरू के प्रति सच्ची श्रद्धा व सम्मान का भाव रखनी वाली मानसी ने उन्हें सरप्राइज गिफ्ट देने की मन में ठान ली थी।
गुरु की प्रेरणा से अंतरराष्ट्रीय फलक पर पहुंची महिला क्रिकेटर मानसी जोशी ने अपने गुरु को उपहार स्वरूप कार भेंट की है। मानसी का कहना है कि कोच वीरेंद्र रौतेला की मेहनत का फल है कि वह आज इस मुकाम पर पहुंची हैं।
महिला विश्वकप की उपविजेता भारतीय टीम की सदस्य मानसी जोशी पिछले चार साल से क्रिकेट कोच वीरेंद्र सिंह रावत से प्रशिक्षण ले रही है। उनके सिखाए गुर और कठिन परिश्रम से मानसी ने 2016 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया।
सालभर के अंदर ही उन्होंने भारतीय महिला टीम में अपना स्थान पक्का करते हुए विश्वकप के लिए चुनी गई टीम तेज गेंदबाज के रूप में जगह बनाई। मानसी ने अपनी सफलता का श्रेय देते हुए कहा कि आज जो कुछ भी हूं वो रौतेला सर की बदौलत हूं। सेंट जोजफ्स ऐकेडमी में उन्हीं के प्रयासों से प्रैक्टिस शुरू कर सकी। अपने गुरु को सम्मानित करने के लिए उन्होंने गुरू वीरेन्द्र रौतेला को स्विफ्ट डिजायर कार भेंट की। अपनी शिष्य से उपहार पाकर वीरेंद्र रौतेला गदगद हो गए। वीरेंद्र सिंह रौतेला ने कहा कि उन्हें इस तरह के सरप्राइज गिफ्ट की कल्पना नहीं थी। मानसी ने जो सम्मान दिया है उससे कोई भी गुरु फर्क महसूस कर सकता है। कोच का काम खिलाड़ी तैयार करना होता है। बिना लालच के अपने अनुभव और परिश्रम से वह देश के लिए खिलाड़ी तैयार करता है। मुझ गर्व है कि मानसी ने मुझे इस काबिल समझा।

पहला स्थान है भारत का भ्रष्ट देशों में

ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल के हाल में आए सर्वे से यह खुलासा हुआ है कि एशिया के पांच देशों में सबसे ज्यादा भ्रष्ट भारत है। फोर्ब्स ने करप्ट देशों की एक लिस्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि एशिया के पांच सबसे ज्यादा करप्ट देशों की सूची में भारत ने वियतनाम, थाइलैंड, पाकिस्तान और म्यांमार को पछाड़ दिया है।
भारत में 69 फीसदी घूसखोरी पांच सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों में होती है। इनमें स्कूल, हॉस्पिटल, पहचान पत्र बनाने, पुलिस और यूटीलिटी सर्विस प्रमुख हैं। और इन संस्थाओं में आधे से ज्यादा लोगों का काम घूसखोरी की वजह से ही होता है। भारत घूसखोरी और भ्रष्टाचार में वियतनाम के बहुत करीब है। वहीं भारत का पड़ोसी पाकिस्तान घूसखोरी में चौथे नंबर पर है। यहां 40 फीसदी घूसखोरी होती है।

जंगली हाथी के हमले से पालतू हाथी की हुयी मौत

तीन जिलों की सीमा में फैला राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में एक पालतू हाथी की जंगली हाथी के हमले के दौरान मौत हो गई। जिससे क्षेत्र में रोष है। यह पालतू हाथी राजाजी टाइगर रिजर्व का था। बताया जा रहा है कि राजाजी टाइगर रिजर्व में राजा नाम से प्रसिद्ध इस पालतू हाथी पर जंगली हाथी ने हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गयी। घटना से राजाजी प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल राजा 1993 में रेलवे ट्रैक पर पड़ा हुआ मिला था राजा। तभी से पार्क प्रशासन इसका पालन पोषण कर रहा था। राजा पर्यटकों को सफारी भी करा रहा था।

उत्तराखंड राज्य आंदोलन दुनिया के अन्य आंदोलन से अलग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शहीद स्थल झूलाघर, मसूरी में 02 सितम्बर 1994 को मसूरी गोली कांड में शहीद हुए आन्दोलनकारियों स्व0 बेलमती चौहान, स्व0हंसा धनई, स्व0बलबीर सिंह नेगी, स्व0 धनपत सिंह, स्व0 मदन मोहन ममगाई एवं स्व0 राय सिंह बंगारी को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के लिए इन जाबांजों के बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन दुनिया के अन्य आन्दोलनों से अलग रहा है। इस आन्दोलन में मातृशक्ति एवं सैनिक पृष्ठभूमि की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह एक ऐसा आन्दोलन था जो लगातार चलता रहा। आन्दोलन के दौरान इसमें कभी भी ब्रेक नहीं लगा। इस आन्दोलन में प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति की किसी न किसी रूप में भागीदारी रही। प्रेस ने भी समाचार पत्रों के माध्यम से इस आन्दोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी की आबादी 50 हजार है जबकि प्रतिवर्ष यहां 30 लाख पर्यटक आते हैं। पार्किंग की छमता कम है इसके लिए पार्किंग की व्यवस्था की जायेगी। इसके साथ ही मोनो रेल पहुंचाने के लिए योजना बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियो के सपनों को साकार करने के लिए जैसा राज्य वे चाहते थे उसके अनुरूप हमें राज्य के विकास को आगे बढ़ाना होगा। राज्य के विकास के लिए पलायन को रोकना, रोजगार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ना होगा। पलायन को रोकने एवं रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 13 डिस्ट्रिक 13 न्यू डेस्टिनेशन पर राज्य सरकार का विशेष फोकस है। कृषि और उद्योगों के विकास के लिए भी निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि देहरादून में एक संस्कृति ग्राम विकसित किया जा रहा है। जिसमें सम्पूर्ण उत्तराखण्ड की झलक एक साथ दिखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती हमारा आधार है इसके लिए चकबन्दी का कार्य शुरू किया जा रहा है। चकबंदी के लिए एक हजार पटवारियों की भर्ती की जायेगी तथा रिटायर तहसीलदारों की नियुक्ति की जायेगी। स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुगम बनाने के लिए आर्मी से डॉक्टरों की मांग की जा रही है। 71 डाक्टरों ने जिसमें सहमति भी जताई है। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शहीद स्थल मसूरी के निकट हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल की प्रतिमा का अनावरण भी किया।

ईद उल अजहा में नमाज को खुले गुरूद्वारे

जहां एक और धर्म, मजहब के नाम पर रार मची है। वहीं देवभूमि उत्तराखंड में धार्मिक सहिष्णुता की नजीर पेश हुई है। आदि गुरु शंकराचार्य की तपस्थली जोशीमठ में गुरुद्वारे में ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज मुस्लिम भाईयों ने पढ़ी। बारिश और ठंड को देखते हुए गुरुद्वार प्रबंधन ने नमाज पढ़ने के लिए गुरुवारे के द्वार खोल दिए।
जानकारी के अनुसार चमोली जिले के जोशीमठ में रात भर से भारी वर्षा और ठंड हो रही है। ईद के मौके पर मुस्लिम समाज के लोग नमाज पढ़ना चाहते थे। लेकिन भारी बारिश से खुले मैदान में नमाज पढ़ना मुश्किल हो रहा था। लगभग 600 लोग नमाज अता करने के लिए गांधी मैदान की तरफ आ रहे थे। बारिश और ठंड को देखते हुये जोशीमठ के गुरुद्वारे प्रबंधक ने मुस्लिम भाईयों से गुरुद्वारे में नमाज अता करने के लिए आमंत्रित किया। सभी मुस्लिम समाज के लोगों ने यहां गुरुद्वारे में नमाज पढ़ी। यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ी। इस दौरान देश की एकता और तरक्की की दुआ मांगी गई। नमाज के बाद अन्य धर्म के लोगों ने भी ईद की मुबारक दी और एक दूसरे के गले लगे।

बदला लेने का यह कैसा तरीका? अधिक पढ़े

बदले की आग में जल रहे एक इंसान ने हैवान बनकर ऐसी वारदात को अंजाम दे डाला जिसे सुनकर किसी का भी सिर शर्म से झुक जायेगा। तीन साल की खुद की बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले को सबक सिखाने के लिए उसने अपने दो साथियों की मदद से आरोपित की नाबालिग बहन का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी घटना को अंजाम दे डाला। पुलिस मुख्घ्य आरोपी को हिरासत में लेकर उसके साथियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापे मार रही है।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में छह महीने पहले एक युवक ने तीन साल की बच्ची के साथ रेप कर दिया था। तब पुलिस ने पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपित युवक को जेल भेज दिया था। लेकिन तीन साल की बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद से उसका पिता प्रतिशोध की आग में जल रहा था। उसने दुष्कर्म को अंजाम देने वाले युवक को सबक सिखाने के नाम पर खुद एक और कुकर्म की साजिश रच डाली।
वह रेप के आरोपित युवक की नाबालिग बहन पर नजर रखने लगा। 28 अगस्त की शाम शौच के लिए खेत की ओर गई किशोरी को नशीला पदार्थ सुंघा कर बेहोश कर दिया। इसके बाद दो अन्य लोगों की मदद से वह उसे लेकर गोरखपुर चला गया। गोरखपुर में उन तीनों ने मिलकर किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दरिंदो ने 29 अगस्त की भोर में अर्द्धबेहोशी की हालत में किशोरी को गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया। वहां जीआरपी ने किशोरी को उठाया। पूछताछ में किशोरी से उसके गांव का पता चलने पर जीआरपी ने उसे सलेमपुर भिजवा दिया। घर पहुंची किशोरी ने अपने परिवार के सदस्यों को रो-रोकर अपने साथ हुई दरिंदगी की पूरी कहानी बता दी। इसके बाद किशोरी की मां ने थाने पर तहरीर दी और पुलिस ने मुख्घ्य आरोपी को हिरासत में ले लिया। कोतवाल विजय सिंह गौर ने दावा किया कि अन्य आरोपियों को भी जल्द ही पकड़ लिया जायेगा।

खुशखबरी! भारत में जल्दी ही टिल्टिंग ट्रेन दिखेगी

स्विटजरलैंड के सहयोग से भारत में टिल्टिंग ट्रेन चलाने की योजना बन रही है। ये ट्रेन घुमावदार रास्तों में अपने आप ही मोटर बाइक की तरह झुक जाएगी। ट्रेन के अपने आप झुकने से यात्रियों को सहूलियत होगी। इस संबंध में भारत सरकार ने स्विट्जरलैंड सरकार के साथ समझौता किया।
टिल्टिंग ट्रेन अभी सिर्फ दुनिया के 11 देशों में चल रही है। टिल्टिंग ट्रेन अभी इटली, पुर्तगाल, स्लोवेनिया, फिनलैंड, रूस, चेक गणराज्य, ब्रिटेन, स्विटजरलैंड, चीन जर्मनी और रूमानिया में है।
एक अधिकारी ने मीडिया को जानकारी दी कि ट्रेन जब तेज घुमाव या ढाल से गुजरती है कि तो ट्रेन घुमाव के विपरीत दिशा में झुक जाती है। इससे यात्रियों को का बैलेंस बना रहता है, उन्हें झुकना नहीं पड़ता। जैसे कि ट्रेन बाईं ओर मुड़ेगी तो अपने आप ही बाईं ओर कुछ उठ जाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसी ट्रेनें चलाने के बारे में दोनों देशों में समझौता हो चुका है। इस समझौते का लक्ष्य ट्रैक्शन रोलिंग स्टॉक, ईएमयू एवं ट्रेन सेट, ट्रैक्शन प्रणोदन उपकरण, माल और यात्री कारें, टिलटिंग ट्रेन, रेलवे विद्युतीकरण उपकरण आदि क्षेत्रों में सहयोग करना है।
गोवा में विकसित होगी तकनीक
दूसरे समझौते में कोंकण रेलवे कार्पोरेशन लिमिटेड और स्विट्जरलैंड की कंपनी स्विस फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के बीच हुआ तो गोवा में स्घ्थापित सुरंग बनाने वाली तकनीकी संस्थान के विकास में मदद मिलेगी।

आखिर क्यों? राम रहीम ने कोर्ट से कहा मैं नपुंसक हूं

डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख गुरमीत राम रहीम, साध्वी से रेप के मामले में रोहतक जेल में बंद है। उसे सीबीआई की कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद राम रहीम को सिने एंड टीवी ऑर्टिस्ट एसोसिएशन ने भी झटका दिया है। एसोसिएशन ने राम रहीम के वर्क परमिट को रद्द कर दिया है। उसके अपराधी होने की वजह से ऐसा किया गया है।
5 अगस्त को राम रहीम ने कोर्ट में कहा था- मैं नपुंसक हूं… नहीं कर सकता रेप। जज ने लताड़ा!
वहीं इंडियन फिल्म एंड टेलिविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन ने भी कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी सदस्यता खत्म कर दी। एसोसिएशन ने ना सिर्फ राम रहीम बल्कि उनकी मुंहबोली बेटी हनीप्रीत की भी सदस्यता रद्द की है।
गुरमीत रामरहीम ने कोर्ट से मसाज के लिए हनीप्रीत को साथ रहने की अपील की है। इससे पहले ट्विटर इंडिया ने राम रहीम के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर रोक लगा दी है। ब्लू टिक सहित राम रहीम के ट्विटर पर अब तक लगभग 3 मिलियन फॉलोअर्स थे। अकाउंट पर रोक लगने के बाद उनके समर्थक ट्विटर पर कोई जानकारी नहीं पा सकेंगे। इसके अलावा डेरा सच्चा सौदा के 4 और ट्विटर अकाउंट्स को भी ब्लॉक कर दिया गया है।

7वर्ष पूर्व पत्नी के टुकड़े करने वाले पति का क्या हुआ, अधिक पढ़े

देहरादून के चर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में कोर्ट ने हत्यारे पति को उम्रकैद की सजा सुनाई हैं। साथ ही उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साल 2010 में अनुपमा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्यारे पति ने लाश के कई टुकड़े कर उसे फ्रीजर में छिपा दिया था। लगभग 7 साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।
दिल दहला देने वाला यह मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का है। बहुचर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में गुरुवार को जज ने अपना फैसला सुनाते हुए हत्यारे पति राजेश गुलाटी को दोषी करार दिया और शुक्रवार को उसे उम्रकैद की सजा सुना दी। राजेश को आईपीसी की धारा 302, हत्या और 201, सबूत मिटाने के आरोपों के तहत दोषी करार दिया गया।
अदालत में अंतिम तथ्य पेश करने के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि राजेश गुलाटी पर हत्या की धारा नहीं बनती, क्योंकि इस केस में कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं है। जबकि अभियोजन पक्ष ने कहा कि लाश के टुकड़े राजेश के फ्लैट से मिले थे। ऐसे में अपने आप साबित होता है कि आरोपित ने ही हत्या की है।
बताते चलें कि कत्ल की यह सनसनीखेज वारदात कैंट कोतवाली क्षेत्र के प्रकाशनगर में 11 दिसंबर, 2010 को सामने आई थी। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी यहां एक मकान में पत्नी अनुपमा और दो बच्चों के साथ रहता था। अनुपमा 17 अक्टूबर, 2010 को अचानक लापता हो गई थी। बच्चों द्वारा मां के बारे में पूछे जाने पर राजेश उन्हें दो महीने तक टालता रहा। 11 दिसंबर को अनुपमा का भाई राजेश के घर पहुंचा तो उसे घर में घुसने नहीं दिया गया। जिसके बाद उसने पुलिस को इसकी सूचना दी। घर की तलाशी के दौरान पुलिस को राजेश के घर में रखे डीप फ्रीजर से अनुपमा की लाश के टुकड़े मिले। राजेश ने अनुपमा की लाश के 72 टुकड़े किए थे। इन टुकड़ों को वह धीरे-धीरे मसूरी के जंगलों में ठिकाने लगा रहा था। पति-पत्नी के बीच अक्सर होने वाला मामूली झगड़ा कब मारपीट में तब्दील हुआ और कब इसने खूनी बदले की शक्ल अख्तियार कर ली, पता ही नहीं चला। अनुपमा जल्लाद पति के इसी गुस्से का शिकार हुई थी।

जानिए सीएम ने किसको दिलाई शपथ

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में अधिकारियों व कर्मचारियों को हिमालय बचाओ अभियान की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 09 एवं 10 सितम्बर को हिमालय दिवस का आयोजन किया जाएगा और हिमालय के पर्यावरण पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों को लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर पर्यावरण को सन्तुलित करने में हिमालय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हिमालय जल, जीवन और पर्यावरण का मूल आधार है। पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए सभी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि सभी को संकल्प लेना होगा कि हिमालय को किसी प्रकार से नुकसान नहीं पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए हर दिन हिमालय दिवस है। यहाँ का आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक ताना बाना हिमालय पर पूर्ण रूप से आधारित है। हिमालय के संरक्षण और समृद्धि में ही हमारी समृद्धि है। इस अवसर पर मुख्य सचिव एस.रामास्वामी सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।