इंडियन प्रीमियर लीग अब दिखेगा इस चैनल में

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इंडियन प्रीमियर लीग के टेलीविजन और डिजिटल अधिकारों को 16,347 करोड़ रुपये में स्टार इंडिया को बेच दिया है। क्रिकेट की दुनिया की सबसे बड़ी टेलीविजन डील हासिल करने के बाद स्टार इंडिया के पास यह राइट्स 2018 से लेकर 2022 तक रहने वाले हैं। साल 2008 में सोनी पिक्चर्स ने 8200 करोड़ रुपये की बोली के साथ इन राइट्स पर कब्जा कर लिया था।

बुआ ने छोड़ा भतीजे का साथ, फिर क्यों कहा कि अच्छे है संबंध

कॉमेडियन कपिल शर्मा की मुश्किलें दिनों-दिन बढ़ती जा रही हैं। सुनील ग्रोवर और सिद्धू के शो से चले जाने के बाद अब कपिल की बुआ उपासना सिंह भी शो से विदा ले चुकी हैं। उनका जाना कपिल के लिए एक और बड़ा झटका साबित हो रहा है। बता दें कि उपासना ने कपिल का शो छोड़कर कृष्णा अभिषेक का शो जॉइन कर लिया है। खबरों की मानों तो उपासना के शो से जाने का असली कारण अपने कैरेक्टर को बताया है। उन्होंने बताया कि वह अपने किरदार से ऊब गई थी, इसलिए शो छोड़ दिया। उन्हें कुछ नया करने का मौका नहीं मिल रहा था।
उपासना ने बताया कि मेरे किरदार में कुछ नया नहीं था। एक ही डायलॉग मैं बार-बार बोल रही थी। मुझे कुछ नया करने को नहीं मिल रहा था। दरअसल, मैं कुछ नया करना चाह रही थी। कृष्णा के शो पर मुझे कुछ नया करने का मौका मिला तो मैंने कपिल के शो को अलविदा कह दिया। कपिल के साथ दोबारा काम करने के लिए उपासना का कहना है कि कपिल से मेरी कोई लड़ाई नहीं है। अगर कुछ अच्छा लिखा जाएगा और मेरे किरदार में कुछ नया जोड़ा जाएगा, तो मैं जरूर शो का हिस्सा बनूंगी। कपिल के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं।

भारत सरकार की नजर में होगा नैनी झील का संरक्षण

पर्वतीय क्षेत्र नैनीताल यूं तो देश के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिये जाना जाता है। हों भी क्यों ना? आखिर यहां नैनी झील ने सबको अपनी ओर आने पर विवश जो कर रखा है। आप यहां कभी भी आकर नैैनी झील में बोटिंग का लुफ्त उठा सकते है, परंतु इस बार नैैनी झील का जलस्तर घटने से जहां नैैनीताल की जनता के सम्मुख पेयजल की समस्या बनी हुयी है, तो वही पर्यटकों को आकर्षित करने वाली नैनी झील अब कम आकर्षित कर रही है और इसका प्रभाव यह देखने को मिला कि यहां पर्यटकों की संख्या अन्य वर्षों की तुलना में कम आंकी गई। लेकिन अब नैैनी झील के जलस्तर की डोर केद्र सरकार की अमृत योजना से दूर होगी।
भारत सरकार की अमृत योजना से नैनी झील में गिरने वाले क्षतिग्रस्त नालों को दुरुस्त करने, नालों की कवरिंग, पार्किंग आदि के लिए सात करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। झील का स्वामित्व सिंचाई विभाग को सौंपने के बाद लोक निर्माण विभाग ने यह प्रस्ताव भी सिंचाई विभाग को सौंप दिया है। दरअसल, ब्रिटिश शासनकाल में नैनी झील के संरक्षण-संवर्धन के लिए शहर की पहाड़ियों पर 62 नाले बनाए गए थे। इनमें से सात नाले झील के जलागम क्षेत्र सूखाताल में गिरते हैं, जबकि छह बलियानाला में। टूट-फूट व अन्य वजहों से इनमें से तीन नालों का अस्तित्व खत्म हो चुका है। 44 नाले सीधे नैनी झील में गिरते हैं। बारिश में इन्हीं नालों के माध्यम से झील रीचार्ज होती है। अतिक्रमण, कूड़ा-कचरा आदि की वजह से नालों का अस्तित्व खतरे में पड़ा तो हाईकोर्ट को संज्ञान लेना पड़ा। झील में गिरने वाले नालों के किनारे से अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित किया गया। इसके बाद हरकत में आई मशीनरी द्वारा अतिक्रमण की वजह से बंद किए गए नालों को खोला गया। इसी साल गर्मियों में झील का जलस्तर रिकार्ड स्तर पर नीचे चला गया तो पूरी सरकार और शासन तंत्र हिल गया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत खुद झील का निरीक्षण करने व स्थानीय विशेषज्ञों से बात करने नैनीताल पहुंचे तो राज्यपाल ने उच्चस्तरीय बैठक कर कमिश्नर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई।
नालों के ऊपर जाली लगाने का प्रस्ताव
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता एमपीएस कालाकोटी के अनुसार अमृत योजनांतर्गत नालों को कवर करने का भी प्रावधान है, ताकि अतिक्रमण और कूड़ा-करकट से उनको बचाया जा सके। 23 नंबर नाले के दोनों ओर घनी आबादी है। इसलिए नाले के ऊपर जाली लगाने का भी प्रावधान किया गया है। मल्लीताल मस्जिद के पीछे तथा बीडी पांडे अस्पताल के समीप पार्किंग का भी प्रस्ताव है। झील के समीप के खुले नाले पर स्कवर बनाने की योजना है, ताकि अत्यधिक बारिश में पानी सड़क के बजाय सीधे झील में जाए।

राम रहीम ने दी 10 की लिस्ट, जानिए किस-किस का है नाम

डेरा सच्चा सौदा का मुख्या व रेप आरोपी राम रहीम को न्यायालय ने 20 साल जेल की सजा सुनाई है। वह इस समय रोहतक जेल में बंद है, लेकिन सोशल मीडिया और कुछ न्यूज चौनलों द्वारा इस बात का संदेह जताया जा रहा है कि सलाखों के पीछे असली राम रहीम नहीं, बल्कि उसका हमशक्ल है। ऐसी घटना के सुर्खियों में आने से हरियाणा पुलिस इस जांच में जुटी है कि जेल में बंद राम रहीम असली है या हनीप्रीत के साथ फरार हो गया है।
वहीं, जेल में बंद राम रहीम ने जेल प्रशासन को 10 लोगों की लिस्ट सौंपी है, जो उससे मिलने के लिए आएंगे। इस लिस्ट में राम रहीम ने अपनी सबसे करीबी और कथित दत्तक पुत्री हनीप्रीत का नाम सबसे पहले लिखा है। इसके बाद अपनी दोनों बेटी-दामाद, बेटा-बहू और कुछ डेरा सेवादारों का नाम दिया है। उसने हनीप्रीत से बात करने के लिए उसका मोबाइल नंबर भी दिया है।
पुलिस अफसरों के हाथ-पांव फूले
उधर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा के 117 नाम चर्चा घरों की तलाशी और जांच के दौरान कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। गुरमीत राम रहीम सिंह के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय से 33 काफी खतरनाक हथियार बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि इनको देखकर पुलिस अफसरों के भी हाथ-पांव फूल गए।
डेरों की तलाशी का अभियान जारी
खट्टर ने बताया कि डेरा अधिकारियों ने राज्य सरकार को हथियार सौंप दिए हैं। राज्य सरकार के साथ सहयोग भी कर रहे हैं। यदि यह उचित तरीके से चल रहा है तो अच्छा है। इस संबंध में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि किस तरह के हथियार या सामग्री बरामद हुई हैं। फिलहाल डेरों की तलाशी का अभियान जारी है।

अचानक कटी गायें बहकर आयी, लोगों में आक्रोश

बिहार के मुरलीगंज प्रखंड में स्थित पकिलपार नहर में अचानक कटी हुई गायें बहकर आने लगीं। जब एक साथ दो सौ के करीब कटी गायें बहकर आती दिखीं तो लोगों को बड़ी आपदा की आशंका हुई। लोग अपना काम काज छोड़कर नहर की तरफ दौड़े। करीब 200 से अधिक मरी हुई गायें के साथ बहकर आईं उसके बाद लगातार गायों के बहकर आने का सिलसिला जारी है। जानकारी मिली है कि पांच सौ से ज्यादा गायें बहकर आयी हैं। घटना से लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। नहर के किनारे लोगों की काफी भीड़ लग गई है। ग्रामीणों में गौ हत्या को लेकर आक्रोश पनप रहा हैं। मौके पर एसडीओ संजय निराला, एएसपी राजेश कुमार, बीडीओ ललन कुमार चौधरी , थानाध्यक्ष राजेश कुमार दल बल के साथ पहुंच चुके हैं और लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इतनी संख्या में कटी गायों को देखकर लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गाय को निकालने पहुंचे जेसीबी को लोगों ने लौटा दिया है।

क्लीन स्वीप के बाद टीम इंडिया ने कुछ इस तरह मनाया जीत का जश्न

भारतीय टीम ने रविवार को श्रीलंका को पांचवें और आखिरी वनडे मैच में छह विकेट से मात देकर क्लीन स्वीप किया। भारत ने विदेशी जमीन पर दूसरी बार और श्रीलंका के खिलाफ पहली बार क्लीन स्वीप किया है।
यह जीत भारत के लिए वाकई खास थी। इस जीत के बाद का जश्न भी टीम इंडिया ने खास तरीके से मनाया। पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने टीम के सभी खिलाड़ियों को अपने साथ ड्रिंक्स कार में बैठाकर मैदान का चक्कर लगाया। इस दौरान विराट कोहली, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, केदार जाधव, मनीष पांडे, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल समेत कई खिलाड़ी भी धौनी की गाड़ी में सवार हुए। दर्शकों ने भी टीम इंडिया के इस जेस्चर का काफी मजा लिया और उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई। इस गाड़ी के अंदर, ऊपर और पीछे जहां भी जगह मिली, वहीं भारतीय खिलाड़ी बैठ गए और इसे ड्राइव करने की जिम्मेदारी संभाली पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने। उन्होंने इस सीरीज में भी टीम इंडिया को जीत की राह पर चलाया था और सीरीज के बाद भी उन्होंने स्टीयरिंग खुद संभाला। कोहली ने भी इस सीरीज में दो शतक जमाए और अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। भारत को इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के साथ वनडे और टी 20 सीरीज खेलनी है। इस समय टीम की फॉर्म को देखकर लग रहा है कि उसे यह सीरीज जीतने में भी मुश्किल नहीं होनी चाहिए।

अब फर्जी बाबाओं का सामूहिक बहिष्कार होगा, ये बाबा हैं लिस्ट में..

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत को दुष्कर्म मामलों में 20 साल जेल की सजा होने के बाद अब अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 11 बाबाओं को फर्जी मानते हुए उनकी सूची तैयार की है। इस सूची में आसाराम, राधे मां व निर्मल बाबा के भी नाम हैं। बताया जा रहा है कि यह सूची 10 सितंबर को इलाहाबाद के मठ बाघंबरी गद्दी में बुलाई गई बैठक में सार्वजनिक की जाएगी। बैठक में उनके सामूहिक बहिष्कार का भी फैसला किया जाएगा। परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का कहना है कि फर्जी धर्मगुरुओं से सनातन धर्म के स्वरूप को काफी नुकसान पहुंचा है। हम फर्जी धर्मगुरओं की सूची बनाकर उसे केंद्र व सभी राज्य सरकारों, चारों पीठ के शंकराचार्य व 13 अखाड़ा के पीठाधीश्वरों को भेजकर सामूहिक बहिष्कार करेंगे। उन्होंने बताया कि सूची में शामिल शमिल फर्जी बाबाओं को कुंभ, अर्द्वकुंभ और अन्य धार्मिक मेलों में सरकारी सुविधा न मिले, यह पहल भी होगी।
सूची में ये हैं फर्जी बाबा
आसाराम बापू, नारायण साई, इच्छाधारी भीमानंद, राधे मां, बाबा ओमानंद, निर्मल बाबा, रामपाल, गुरमीत राम रहीम, बाबा ओम नमरू शिवाय, स्वामी अच्युतानंद तीर्थ और योगी सत्यम।

उमर ने मोदी को किस जीत की दी बधाई

सत्ता संभालने के तीन साल बाद भी आश्चर्यचकित करने वाले फैसले करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई मुकाबला नहीं है। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मोदी मंत्रिमंडल विस्तार की सराहना करते हुए ट्विटर पर लिखा कि मोदी अपने फैसलों से सबको हैरान करने से नहीं चूकते हैं। उन्होंने लिखा मंत्रिमंडल में बेशक लिंग समानता न हो, लेकिन कैबिनेट संतुलित है। मोदी जी आपको बधाई हो। एक सप्ताह के भीतर उमर अब्दुल्ला ने दूसरी बार प्रधानमंत्री के फैसले की खुलकर सराहना की है। इससे पहले उन्होंने डोकलाम मामले में चीन पर भारत की कूटनीतिक जीत पर भी मोदी को बधाई दी थी। उमर ने मोदी मंत्रिमंडल में स्थान पाने वाले मंत्रियों को बधाई देते हुए निर्मला सीतारमण को पदोन्नत कर रक्षामंत्री बनाने की सराहना करने के साथ उन्हें बधाई देने के लिए ट्वीट भी किया है।
ओलंपिक पदक विजेता राज्यवर्धन सिंह राठौर को खेल मंत्री बनाने की सराहना करते हुए उन्होंने लिखा है कि इससे अच्छी पसंद नहीं हो सकती थी। पीयूष गोयल के रेलमंत्री बनाने की सराहना करते हुए उमर ने उम्मीद जताई है कि अब जम्मू कश्मीर में कटड़ा-बनिहाल रेल लिंक परियोजना पर तेजी से काम हो सकेगा। इसकी बहुत जरूरत है।

तो क्या रेप आरोपी गुरूमीत को मिल जाता पदम पुरस्कार

खबर मिली है कि दो साध्वियों के साथ यौन शोषण करने के मामले में सलाखों की हवा खा रहा गुरमीत राम रहीम पद्म पुरस्कारों के लिए जुगाड़ में लगा था। इसके लिए उसने अपने समर्थकों के जरिए फील्डिंग सजा ली थी। इसका खुलासा एक आरटीआई के जरिए हुआ है।
मेवात (हरियाणा) के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने गृह मंत्रालय से पद्म पुरस्कारों को लेकर एक आरटीआई मांगी थी। इसके जवाब से पता चला है कि गृह मंत्रालय को अब तक 18,768 नाम मिल चुके हैं, जबकि इसके लिए दो सप्ताह का समय बाकी है। केंद्र सरकार से मिली 608 पेज की आरटीआई बताती है कि इस नागरिक सम्मान के लिए इन नामों में से 4206 बार राम रहीम का जिक्र है। यानी इतने लोगों ने चाहा है कि राम रहीम को पद्म अवार्ड मिले।
दिलचस्प बात यह है कि उसे पद्म पुरस्कार के लिए सबसे ज्यादा 4156 सिफारिश सिरसा जिले से भेजी गई है। जहां डेरा सच्घ्चा सौदा का मुख्यालय है। सीधी सी बात है कि ये सभी उसके भक्तगण होंगंे। पद्म पुरस्कारों की घोषणा 26 जनवरी 2018 को होनी है।
आरटीआई कार्यकर्ता राजुद्दीन जंग का कहना है कि पद्म सम्मानों के लिए नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 15 सितंबर है। तब तक इसके लिए सिफारिश करने वालों की संख्घ्या बढ़ जाती। अगर इसे जेल न हुई होती तो अगले साल तक यह यह पुरस्कार ले सकता था। देश-विदेश में उसके करीब पांच करोड़ भक्त हैं। उसके चाहने वाले कई मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और मंत्री रहे हैं। जो उसके यहां दरबार लगाते थे। उनसे भी वह सिफारिश करवाता। लेकिन अब पुरस्कार लेने के उसके अरमानों पर पानी फिर गया है, क्योंकि उसके काले कारनामों का पर्दाफाश हो चुका है।

दून की यह पर्वतारोही करेगी भागीरथी 2 पीक फतह

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में 03 सदस्यीय महिला पर्वतारोहियों के एक दल को भागीरथी 2 पीक के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 03 सदस्यीय महिला पर्वतारोहियों का यह दल देहरादून की पर्वतारोही माधवी शर्मा द्वारा लीड किया जा रहा है। हरियाणा की सविता मलिक और छत्तीसगढ़ की नैना धक्कड़ इस दल की दो अन्य सदस्य है। मुख्यमंत्री ने पर्वतारोही दल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इससे बालिकाओं में साहसिक और कठिन कार्यों को करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज जब हम हिमालय की चिंता कर रहे हैं, हिमालय की पारिस्थितिकी की चिंता कर रहे हैं, ऐसे में बालिकाओं के इस साहसिक अभियान से लोगों को हिमालय से जुड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने विशेष रूप से इस बात की प्रशंसा की कि यह पर्वतारोही दल वापस लौटते समय अपने साथ हिमालय क्षेत्र में अन्य ट्रैकर्स द्वारा छोड़े गए कूड़े कचरे को भी अपने साथ वापस ले आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय की पारिस्थितिकी को स्वस्थ रखने के लिए उसका प्रदूषण मुक्त होना बेहद जरूरी है। उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म के लिए भी ऐसे अभियानों का बहुत महत्व है। उन्होंने पर्वतारोही दल में सम्मिलित सदस्यों के परिजनों को भी बधाई दी। टीम लीडर माधुरी शर्मा ने बताया कि टीम उत्तरकाशी में गौमुख से अपना अभियान प्रारंभ करेगी और भागीरथी2 चोटी पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ 18 सितंबर तक देहरादून लौट आएगी। उन्होंने बताया कि टीम के सभी सदस्यों ने एनआईएम उत्तरकाशी से अपनी ट्रेनिंग प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का एक मकसद यह भी है कि यह लड़कियों को उनके अंदर छिपी प्रतिभा, विश्वास और आत्म बल के प्रति प्रेरित कर सके। इसके साथ साथ ही वह दुनिया को यह भी दिखाना चाहती हैं कि उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म के लिए बहुत स्कोप है। उन्होंने कहा कि वह स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत अपना योगदान देते हुए, लौटते समय अपने साथ वहां अन्य ट्रैकर्स और पर्वतारोहियों द्वारा छोड़े गए कचरे को भी वापस ले आएंगे। मुख्यमंत्री ने पर्वतारोही दल के सदस्यों को स्मृति चिन्ह के रूप में श्री केदारनाथ की अनुकृति भेंट करते हुए उनके सफल अभियान की कामना की।