डीएवी में अभाविप की लगातार 11वीं जीत से भाजपा गदगद

प्रदेश के सबसे बड़े महाविद्यालय दयानंद एंग्लोवैदिक महाविद्यालय देहरादून में ें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 11वीं जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर विद्यार्थी परिषद के शुभम सेमल्टी ने एनएसयूआई के विकास नेगी को 35 वोट से हराया, जबकि नोटा पर 37 वोट पड़े। महासचिव पद पर आर्यन के आकाश गौड़ ने सत्यम संगठन के अरविंद चौहान को 344 वोट से हराया। जीत के बाद एबीवीपी और आर्यन से जुड़े छात्रों ने बारिश के बावूजद विजय जुलूस निकाला।
दरअसल उत्तराखंड के सबसे बड़े पीजी कॉलेज होने के कारण इस कॉलेज कें छात्र संघ चुनाव पर राजनैतिक दलों की नजरें टिकी हुयी होती है। ऐसा माना जाता है कि इस कॉलेज की राजनीति करने वाला छात्र भविष्य में बड़ी राजनीति करता है।
आपको बता दें कि अभाविप हर वर्ष डीएवी कॉलेज में केवल अध्यक्ष पद पर ही अपना उम्मीदवार उतारती है। इसी तरह ऑर्यन व सत्यम ग्रुप भी केवल महासचिव पद पर ही प्रत्याशी उतारते है।
डीएवी कॉलेज छात्र संघ परिणाम
अध्यक्ष
शुभम सेमल्टी एबीवीपी-1346
विकास नेगी एनएसयूआई- 1311
उपाध्यक्ष
हिमांशु नेगी- 1745
शिवानी- 1238
महासचिव
आकाश गौड़- 1263
उपाध्यक्ष
हिमांशु नेगी- 1745
शिवानी- 1238
महासचिव
आकाश गौड़- 1263
अरविंद चौहान-919

उत्तराखंड सरकार के इनाम से क्यों नाखुश हुयी ये महिला क्रिकेटर

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में नाम कमा चुकी मूल रूप से उत्तराखंड की महिला क्रिकेटर एकता बिष्ट और मानसी जोशी उत्तराखंड सरकार के सरप्राइज गिफ्ट से नाखुश हैं। दोनों ही महिला क्रिकेटरों का कहना है कि जिस तरह से सरकार की ओर से बड़ी-बड़ी बातें हो रही थीं, उस हिसाब से यह गिफ्ट कुछ भी नहीं है। दोनों ने अपने प्रशिक्षकों को सम्मानित न करने पर भी ऐतराज जताया।
आईसीसी महिला विश्वकप खेलकर लौटीं अल्मोड़ा की एकता बिष्ट और दून की मानसी जोशी को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दोनों खिलाड़ियों को पांच-पांच लाख रुपये की धनराशि दी गई। पत्रकारों से बातचीत में एकता ने सरकार के इस पुरस्कार पर नाराजगी जताई। वहीं क्रिकेटर मानसी जोशी ने उत्तराखंड सरकार की नौकरी ठुकराई,। एकता ने कहा कि खेलमंत्री ने वादा किया था कि उम्मीद से दोगुना इनाम मिलेगा, लेकिन यह तो उम्मीद से कई गुणा कम है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों की सरकारों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेटरों को अपना घर बनाने के लिए जमीन दी है या उसके एवज में पैसा दिया है। लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं हुआ। सरकार को इन चीजों पर विचार करना चाहिए, जिससे आने वाले युवा खिलाड़ियों को लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह से अन्य खिलाड़ियों के प्रशिक्षकों को इनामी राशि दी गई है, उसी तरह हमारे प्रशिक्षकों को भी पुरस्कृत किया जाना चाहिए था। प्रशिक्षकों को सम्मानित न किए जाने से भी दोनों क्रिकेटर नाराज हैं। वहीं, मानसी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने उन्हें पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर बनाने की बात कही है। लेकिन सरकार के शासनादेश में केवल 30 दिन की छुट्टी का प्रस्ताव है। यहां नौकरी करके वे राष्ट्रीय स्तर पर खेल भी नहीं पाएंगी। इससे उनको कोई लाभ नहीं मिलेगा। उधर, खेल मंत्री अरविंद पांडे का कहना है कि मानसी की मांग पर उन्हें डिप्टी एसपी पद दिया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को नियमावली में संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने भी इसकी संस्तुति की है।

त्रिवेन्द्र ने किया पहली महिला बैैंक का उद्घाटन

डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की पहली महिला शाखा का आज शुभारम्भ हो गया। बुधवार को टी-स्टेट बंजारावाला में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बैंक का उद्घाटन किया। इस शाखा में प्रबंधक सहित चार महिला कर्मचारी होंगे।
इस दौरान सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत, सचिव सहकारिता आर मीनाक्षी सुंदरम, महापौर विनोद चमोली, राज्य सहकारी बैंक लिमिटिड के अध्यक्ष दान सिंग रावत, राज्य सहकारी संघ के अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ केएस राणा आदि मौजूद रहे।

जानिए थाइलैंड की लड़की मसाज पार्लर में क्या कर रही?

देहरादून के पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र में आइएसबीटी के पास स्थित एक होटल में चल रहे मसाज पार्लर में दो विदेशी युवतियों के मौजूद होने की खबर से हड़कंप मच गया। एसएसपी ने तत्काल एलआइयू की टीम को होटल भेज कर जांच कराई तो मामला सही पाया गया। दोनों युवतियां थाईलैंड की रहने वाली हैं। इनमें से एक टूरिस्ट तो दूसरी बिजनेस वीजा पर यहां रह रही है। पुलिस ने बुधवार को दोनों को अन्य कागजातों के साथ थाने बुलाया है।
पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि आइएसबीटी के पास एक होटल के मसाज पार्लर में दो विदेशी युवतियां रखी गई हैं। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि इस सूचना पर एलआइयू की टीम को होटल भेजा गया तो वहां थाईलैंड की दो युवतियां मिलीं।
दोनों के दस्तावेज चेक किए गए तो एक युवती के पास टूरिस्ट और दूसरी के पास बिजनेस वीजा मिला। इसके अलावा वह कोई और दस्तावेज नहीं दिखा सकीं। एसएसपी ने बताया कि जांच की जा रही है कि दोनों यहां स्वयं आई हैं या किसी ने उन्हें यहां लाकर रखा है। फिलहाल संबंधित देश से भी दोनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

बाबा रामदेव ने राम रहीम को लेकर क्या कहा? इधर पढ़े

न्यायालय द्वारा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के फैसले के बाद जब पत्रकारों ने जब बाबा रामदेव से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि, बाबाओं ने राम का नाम बदनाम कर दिया है। इससे हमारी धर्म और संस्कृति की भी बदनामी होती है। कहा कि, जहां देखों हर दो तीन साल में देश में बाबा कांड हो रहा है। इसलिए ऐसे में जरूरत है कि आज जो बाबा शिखर पर हैं, उन्हें अपने आचरण का ध्यान रखना चाहिए। बाबा रामदेव ने अपने लिए कहा कि मैं भी एक संन्यासी हूं। संतों के लिए गेरुआ वस्त्र महज एक कपड़ा नहीं है। इससे लोगों की आस्था जुड़ी होती है। इसलिए देश में जो भी बाबा खुद को सच में बाबा मानते हैं वे अपने आचरण से दुनिया को शिखर पर लाने का प्रयास करें। राम रहीम के लिए बाबा ने कहा कि उन्होंने जो भी किया वह उनको शोभा नहीं देता था। लोगों ने उन पर विश्ववास किया ऐसे में देश की जनता को धोखा देना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं लोगों ने जो पंचकुला में किया वह भी सही नहीं था।

बड़ी खबरः हरक सिंह ने प्रेस वार्ता कर लगाई वन आरक्षी की भर्ती पर रोक

उत्तराखंड में वन विभाग ने फॉरेस्ट गार्ड भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। वन मंत्री हरक सिंह रावत ने बताया कि जबतक नियमावली में संसोधन नहीं हो जाता, तब तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगी रहेगी। दरअसल, राज्य में वन विभाग के 1218 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। इसके लिए पिछली सरकार ने शैक्षणिक योग्यता इंटर साइंस रखी थी और आयु की सीमा भी कम थी। जिसे लेकर राज्य के युवाओं में आक्रोश बना हुआ था।
भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता में बदलाव को लेकर फैसला किया जाएगा। जबतक नियमावली में संसोधन नहीं हो जाता, तबतक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगी रहेगी। वन विभाग के इस फैसले से कहीं न कहीं युवाओं को भी राहत मिल सकती है।

पूर्व की सरकार घोषणा करती थी, हम काम करने वालेः मोदी

राजस्थान के उदयपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी बोले भारत सरकार सदैव बाढ़ पीड़ितों के साथ है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार सिर्फ घोषणाएं करती थी, अमल नहीं, लेकिन मेरी सरकार काम करने में विश्वास करती हैं। पीएम ने यहां 15 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उदयपुर पहुंचकर हाइवे प्रॉजेक्ट्स का जायजा लिया। उनके साथ केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी नजर आए। प्रधानमंत्री राजस्थान ने 15,000 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। पीएम मोदी कुल करीब कुल 873 किमी लंबाई की 11 पूरी हो चुकी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएं राजसमंद, भिलवाड़ा, पाली, नागौर, बारमेर, सिकर, चुरू, जोधपुर और जैसलमेर में हैं। इन 11 परियोजनाओं में कोटा में चम्बल नदी पर बना छह लेन वाला केबल स्टेड ब्रिज भी शामिल है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी कुल करीब 556 किमी की छह राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए भूमिपूजन भी करेंगे।

बच्चों को बेहतर खेल सुविधा मिले, इसके लिये हो रहा है कामः त्रिवेन्द्र

29 अगस्त यानी राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रदेश के मुखिया त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गाँधी पार्क में आयोजित ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री बोले राष्ट्रीय खेल दिवस एक ऐसे खिलाड़ी, मेजर ध्यान चंद कीे याद में मनाया जाता है जिसने देश की आन बान और शान के लिये जी-तोड़ मेहनत की। भारत को हॉकी का सरताज बना दिया। कभी हार न मानना, मुश्किलों में बहाना नहीं बनाना, जुझारूपन, लीडरशिप क्वालिटी जैसी बातें हम मेजर ध्यान चंद के जीवन से सीख सकते हैं। ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ में नौजवानों एवं बड़ी उम्र के लोगों को भाग लेते हुए देख कर बहुत खुशी हो रही है। हम राज्य के विकास के लिये दौड़ें, हम जो भी करें राज्य के लिये करें। हमारे लिये राज्य का विकास ही सर्वोच्च होना चाहिए। आप लोगों के मजबूत इरादे, जोश और खेल भावना को देखकर ही इस रैली को ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेल होने हैं। उसकी तैयारियों के लिये एक महत्वपूर्ण शुरूवात हुयी है। इसके लिये हम आयोजन स्थलों को भी तैयार कर रहे हैं। बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलें, इस पर सरकार गम्भीरता से काम कर रही है। समय-समय पर ऐसे आयोजन होते रहेंगे, ताकि राज्य राष्ट्रीय खेलों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सके। इस वर्ष यह दौड़ उत्तराखण्ड के लिये हो रही है, अगले वर्ष यह दौड़ देश के लिये होगी। इस अवसर पर खेल मंत्री अरविन्द पाण्डे, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, हरबंस कपूर, खजानदास, शूटिंग टेªनर जसपाल राणा सहित बड़ी संख्या में स्कूलकॉलेजों के छाघ्त्रछात्राएं और एनसीसी कैडेट्स उपस्थित थे।

बाढ़ पीड़ितों को त्योहारों से पूर्व दें पैसाः नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए जल्द आर्थिक मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि बकरीद से पहले ही पीड़ितों को आर्थिक मदद दी जाए। नीतीश कुमार ने बताया कि बाढ़ राहत के लिए दी जाने वाली 6 हजार नगद राशि को बकरीद के पहले दिए जाने के लिए अधिकारी काम करें। ताकि बाढ़ पीड़ितों को त्योहार के पहले राशि मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर किसी पीड़ित का खाता नहीं खुला हो तो प्रशासन के लोग उस व्यक्ति के खाते को खुलवाने की व्यवस्था करें। ताकि आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाते में राशि का ट्रांसफर किया जा सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी जिलों के पदाधिकारियों के साथ वीडियो बैठक की। मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत कार्य, पर्व-त्योहारों की तैयारी, विधि व्यवस्था समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे की समीक्षात्मक बैठक की। सीएम ने कहा कि इस बार की बाढ़ अभूतपूर्व है जिसे हवाई सर्वेक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं महसूस किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी पंचायत भवन में कम्यूनिटी रिलिफ सेंटर की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आपदा के समय उसका उपयोग किया जा सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में बनने वाले पंचायत भवन में भी इसका इंतजाम किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बिहार की बाढ़ की रोकथाम को लेकर नेपाल के पीएम से बात हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से सड़कों पर जल निकासी की व्यवस्था को लेकर भी बात हुई है। बता दें कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बिहार में बाढ़ से 19 जिलों की करीब पौने दो करोड़ आबादी प्रभावित हुई है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक 28 अगस्त तक बाढ़ से 514 लोगों की मौत हो चुकी है।

रेप आरोपी अगर पकड़ा न जाता, तो चुनाव लड़ने का था इरादा

रेप का आरोपी गुरमीत राम रहीम सिंह अब 20 साल तक जेल में ही रहेगा। डेरा प्रमुख के तौर पर पिछले कई सालों में राम रहीम ने अपना रसूख इतना बड़ा कर लिया था कि हर राजनीतिक दल उसके आगे अपना सिर झुकाता नजर आता था, लेकिन फिर भी राम रहीम का इतना बड़ा कद उसे सजा दिलवाने से नहीं रोक सका।
सूत्रों के अनुसार, राम रहीम जब यह देखता था कि हर पार्टी चुनाव में जीत के लिए उसके पास ही आती है। यह देखकर वह भी अपने राजनीतिक पार्टी शुरू करने की सोच रहा था। राम रहीम ने अपने डेरे में एक राजनीतिक विंग भी बना रखी थी। जो कि सभी राजनीतिक गतिविधियों पर खबर रखती थी।
राम रहीम हर चुनाव में किसी ना किसी पार्टी को समर्थन का ऐलान करता था। उसके सभी अनुयायी उस पार्टी को वोट देते थे। जिसका फर्क सीधे तौर पर चुनावी नतीजों पर पड़ता था। राम रहीम को यह उम्मीद रहती थी कि अगर सरकार में उसका समर्थन रहेगा। तो उसपर चल रहे सभी केसों में थोड़ी ढील बरती जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा था। शायद इसलिये वह अब खुद की पार्टी उतारने की तैयारी में था।