प्रसिद्ध समाजसेवी स्व. मांगेराम की पुण्यतिथि पर किया पौधरोपण

प्रसिद्ध समाज सेवी स्व. मांगेराम की 20वीं पुण्यतिथि पर राज्यपाल ले. जनरल सरदार गुरमीत सिंह, आचार्य महामंडलेश्वर निरंजनी अखाड़ा कैलाशानंद गिरि महाराज, मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल, एम्स निदेशक प्रो. मीनू सिंह, डोईवाला विधायक बृज भूषण गैरोला, अभिनेता कृष्ण कुमार द्वारा स्व. मांगेराम अग्रवाल के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर संयुक्त रूप से किया गया।
इस मौके पर प्रसिद्ध समाजसेवी स्व. मांगेराम अग्रवाल को स्मरण कर उनकी याद में पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा के लिए बेजुबान जानवरों का उपचार करने पर अनुज कुमार धस्माना, स्वरोजगार कर कई महिलाओं को रोजगार देने के लिए ईशा चौहान कालूड़ा, गिनीज बुक में कम उम्र में चित्रकार के रूप में नाम कमाने पर राजेश चंद्रा, निशुल्क भोजन प्रदान करने पर संस्था जानकी रसोई, रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण करने पर दिव्यांग कौशल्या, प्रत्येक वर्ष निर्धन कन्याओं का निशुल्क विवाह कराने पर अखिलेश अग्रवाल, हरज्ञान चंद सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में हाई स्कूल में विद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने पर तान्या कश्यप, द्वितीय स्थान पर पूनम, इंटर मीडिएट में विद्यालय में प्रथम स्थान पाने पर तनुजा, द्वितीय स्थान पाने अदिति मित्तल, समाज सेवा के लिए भगत सिंह वर्मा, अध्यापन के क्षेत्र के लिए हरिहर लोहानी, उत्तराखंड हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा में राज्य में दूसरा स्थान पाने पर ऋषिकेश के आयुष रावत, 128 बार रक्त देने के लिए योगेश अग्रवाल को राज्यपाल राज्यपाल ले. जनरल सरदार गुरमीत सिंह ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
रविवार को डोईवाला के वेडिंग पॉइंट में स्व. हरज्ञान चंद अग्रवाल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर डोईवाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ कर राज्यपाल ले. जनरल सरदार गुरमीत सिंह ने कहा कि स्व. मांगेराम अग्रवाल दिव्य विभूती राष्ट्रभक्त थे, जो भारत माता की साधना में अनवरत लगे रहे। शिक्षा में भारतीय संस्कृति और संस्कार भी मिलने चाहिए। इस हेतु डोईवाला में मांगेराम ने पिता स्व हरज्ञान चन्द अग्रवाल की स्मृति में आपने विद्यालय के लिए अपनी भूमि दान देकर उसपर कक्षो का निर्माण करवाया। केवल डोईवाला में ही नहीं अपितु भानियावाला, थानों, भोगपुर, बुल्लावाला व दूधली में भी सरस्वती शिशु मंदिरों की स्थापना करवाई। आज यही विद्यालय हाई स्कूल व इंटर कालेज के स्वरूप ले चुके हैं।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि जिन सिद्धान्तों को लेकर मांगेराम ने अपना जीवकोपार्जन किया, उसी सिद्धान्तों को उनके बच्चें आगे बढ़ा रहे है। तीनों ही सुपुत्र सामाजिके कार्याे में सदैव अग्रसर रहते है। उनके पुत्र आज डॉ प्रेमचंद अग्रवाल कैबिनेट मंत्री के रूप में आज प्रदेश हित में कई सराहनीय कदम उठा रहे हैं। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि स्व. मांगे राम जी समरस्ता के प्रत्यक्ष ऐसे उदाहरण हैं जो कहते थे इस धरा पर कोई ऊंच-नहीं सब इंसान बराबर हैं। जाति के आधार पर कोई भेद-भाव या छुआछूत नहीं होनी चाहिए। वो हमेशा होली-दीवाली जैसे पर्व बस्ती में जाकर बस्ती के बन्धुओं के साथ मनाते थे। उन्होंने अपने रहते हुए सभी बच्चों को संघ का परिशिक्षण करवाया। वो हमेशा कहते थे शाखा हमारे जीवन का आधार है। यही जीवन का मूलमंत्र है। राज्यपाल गुरमीत सिंह जी ने कहा कि स्व. मांगेराम जी सच्चे निष्ठावान समर्पित स्वयंसेवक थे। संघ की इच्छा को हो आदेश स्वीकार कर जीवन में धारण किया। वो हर वर्ष संघ वर्ग के लिए एक माह का समय चाहे परिस्थिति अनुकूल हो या प्रतिकूल हो वर्ग की व्यावस्था रहते थे। शाखा है तो सब कुछ सम्भव है शाखा हमारी संस्कारों की निर्माण शाला है। जीवनपर्यन्त वो इसी पथ के अनुगामी रहे।
इस मौके पर आचार्य महामंडलेश्वर निरंजनी अखाड़ा पूज्य कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि स्वर्गीय मांगेराम विद्यालय के लिए जमीन ना देते तो आज निर्धन बच्चे शिक्षा ना ले पाते। कहा कि वास्तव में मांगे राम जी ने एक मंदिर की स्थापना की। ऐसे शिक्षा के मंदिर आज पूरे देश भर में खुलने चाहिए। उन्होंने अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आवाहन किया। साथ ही विद्यालय के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया।
एम्स निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि हरियाणा के छोटे से गांव में स्व. मांगेराम का जन्म हुआ। यहीं से कार्य एवं पढ़ाई की दृष्टि से डोईवाला में आगमन हुआ। बाल्यकाल में ही संघ से जुड़ गए। यहीं से राष्ट्र निर्माण के पथ पर चल पड़े। कहा कि जीवन में साक्षात संघ को उतारने वाले स्व मांगेराम निरन्तर संघ कार्य के लिए डोईवाला के क्षेत्र के गांवों में शाखा लगाने लगे। पूरे क्षेत्र में संघ की पहचान मांगेराम बन गए। चाहे आपातकाल के काल हो, रामजन्म भूमि का आंदोलन हो, गो आंदोलन हो, सभी मे सक्रिय भाग ही नहीं लिया। अपितु समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने आदर्श गांव बनाने के लिए प्रेरित किया कहा कि है कि ऐसा गांव स्थापित करें, जहां जैविक खेती, समरसता, जाती-पाती ना हो। जहां के बच्चे संस्कारित हो, उनमें देश प्रेम का भाव हो, पर्यावरण की समझ रखते हों, ऐसे गांव की आज जरूरत है।
वित्त व संसदीय कार्यमंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 1989 में सम्पूर्ण देश में संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी की जन्मशताब्दी का वर्ष था। संघ योजना के अंतर्गत अनेक सेवा कार्याे को प्रारंभ करने की योजना बनी। डोईवाला में भी ऐसी बस्ती बने जो भूमिहीन हों, वंचित समाज से हों आर्थिक स्तिथि दयनीय हों उनको इस बस्ती में बसाया जाए। स्व० मांगेराम के अथक प्रयास से डा. हेडगेवार के नाम से केशव बस्ती बसाई गई। जिसमें स्कूल, सड़क, खेड़ा, संस्कार केंद्र का निर्माण आपके द्वारा करवाया गया।
इस मौके पर डोईवाला के विधायक बृज भूषण गैरोला ने भी अपने विचार रखे। वहीं, कार्यक्रम से पहले मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने मन की बात कार्यक्रम को सुना।

भाजपा ने शुरु की लोकसभा चुनाव की तैयारी

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने जनसमस्याओं के समाधान के लिए पार्टी पदाधिकारियों को जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य करने के अलावा सक्रियता और जवाबदेही पर भी खरा उतरना होगा।
रविवार को प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक के बाद राष्ट्रीय महामंत्री संगठन ने प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों व जिला प्रभारियों की बैठक ली। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार और जनता के बीच सेतु बन कर काम करना है।
जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं के समाधान के प्रयास करने होंगे। साथ ही जनता की राय और समस्या को सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाना है। हमारा कार्य जनता को सरकार के पास और सरकार को जनता के पास लेकर जाने का है।
बैठक में उन्होंने सभी पदाधिकारियों से महा जनसंपर्क अभियान से मिले फीडबैक की जानकारी ली। कहा, एक सफल कार्यकर्ता के लिए सक्रियता अहम है। सक्रियता से ही जिम्मेदारी मिलती है और जिम्मेदारी का कुशलता से निर्वहन कर आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। इसलिए सभी को दायित्वों के निर्वहन के लिए अधिक सचेत रहने की जरूरत है। प्रत्येक महीने सांसद व विधायकों की गांवों में टिफिन बैठक करने को कहा।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर चलाए गए महा जनसंपर्क अभियान की विस्तार से जानकारी दी । बैठक में प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

अग्रवाल ने प्राधिकरण के रिक्त पदों को भरने के दिए निर्देश

कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन के साथ विभागीय कार्यों के अध्ययन की स्थिति को लेकर बैठक की। इस दौरान डॉ. अग्रवाल ने प्रदेश के अधिकांश प्राधिकरण में अधूरी रिक्तियों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए।
शासकीय आवास में हुई बैठक के दौरान डॉ अग्रवाल को अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने विभाग में चल रहे कार्यों की अध्ययन स्थिति से अवगत कराया। जिस पर डॉ अग्रवाल ने निर्देशित करते हुए कहा कि जनहित के कार्यों को तत्परता से किया जाए। साथ ही डॉ अग्रवाल ने विभागीय कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए भी शीघ्र निर्देश दिए। इसके अलावा डॉ अग्रवाल ने प्रदेश के प्राधिकरणों में अधूरी रिक्तियों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तब तक वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाए। जिस पर आनंद वर्धन ने बताया कि रिक्तियों के लिए अध्याचन भेजा गया है।
वही, हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अंशुल सिंह ने कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान डॉ वालों ने अवैध रूप से बन रहे भवनों को शुरुआती दौर पर ही लगाम लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि विभाग अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना ना करना पड़े।

राज्य सरकार ने 10वीं और 12वीं के 94 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आई.आर.डी.टी. सभागार, सर्वे चौक देहरादून में आयोजित 10वीं एवं 12वीं परीक्षा में उत्तीर्ण मेधावी छात्र-छात्राओं के ‘सम्मान समारोह’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से 94 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी मेधावियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें गर्व का अनुभव हो रहा है, आज वे प्रदेश के उन सर्वश्रेष्ठ बच्चों से मिल रहे हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर यह दिखाया है कि शिखर पर जाने के लिए एक स्पष्ट उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता है। शिक्षा से जीवन की सभी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। शिक्षा में भक्ति जैसी सारगर्भिता होनी चाहिए। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों से कहा कि यह जीवन की प्रारंभिक सीढ़ी है। जीवन की प्रत्येक सीढ़ी पर आपको चुनौतियां मिलेंगी, जिन पर आपको विवेक और बुद्धि के बल पर पार पाना होगा। न तो मेहनत का कोई विकल्प होता है और न ही शॉर्ट कट कभी हमें स्थायी सफलता की ओर ले जाता है। इसलिए हमें विकल्प रहित संकल्प लेकर लगातार मेहनत करनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रश्न पत्र के माध्यम से ही जीवन में हमेशा परीक्षा नहीं आती। कई बार ऐसी चुनौतियां आती हैं, जिनका समाधान अपनी पूरी मेधा लगाकर ही पाया जा सकता है। कार्य करने का अवसर जिस भी क्षेत्र में मिले उस क्षेत्र में लीडर की भूमिका में कार्य करें, उस कार्य के प्रति अपना सर्वश्रेष्ठ दें। चुनौतियों का धैर्यपूर्वक सामना करते हुए अपने पुरुषार्थ के बल पर मंजिल प्राप्त करना ही वास्तविक सफलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश का सामाजिक एवं आर्थिक विकास उस देश में विद्यार्थियों को मिलने वाली शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नए युग की नई चुनौतियों से निपटने के लिए नई शिक्षा नीति को हमारे सम्मुख रखा गया। नई शिक्षा नीति से जहां एक ओर स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे वहीं इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे। स्कूली स्तर पर कौशल विकास से युवा कार्य कुशल बनेंगे। नई शिक्षा नीति के माध्यम से बच्चों को रोजगार परक शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी। इससे शोध एवं अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति को लागू किया है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य में तेजी से प्रयास किये जा रहे हैं। देश की रैंकिंग में हमारे 5 विश्वविद्यालयों के नाम हैं। इस बार एनडीए एवं सीडीएस की परीक्षा में राज्य से सर्वाधिक बच्चे चयनित हुए। राज्य में पहली बार मेधावियों को सम्मान देने का कार्य मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है। राज्य सरकार छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए समर्पित सरकार है। सरकार द्वारा मेधावी बच्चों के लिए चार छात्रवृत्ति योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की प्रवक्ता व एलटी शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्रधानाचार्यों को नामित किया गया है। प्रदेश में अंक सुधार परीक्षा आयोजित की जा रही है।

मंत्री ने सचिव कृषि को किसान भवन में कॉल सेंटर स्थापित करने के भी दिए निर्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 14वीं किस्त जारी की। राजस्थान के सीकर से देशभर के साढ़े 8 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 2000 रुपए की किस्त ट्रांसफर की गई। इसी क्रम में देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भी जुड़े। कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान जिला पंचायत मधु चौहान सचिव कृषि दीपेंद्र चौधरी कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आज पीएम मोदी द्वारा प्रदेश के 708148 (सात लाख साठ हजार एक सौ अडतालीस) किसानों को रुपये (168.94 लाख) एक सौ अडसाठ करोड़ चौरान्वे लाख धनराशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की हैं। मंत्री ने कहा भारत सरकार द्वारा किसानों को वित्तीय सहायता दिये जाने के लिए दिनांक 01 दिसम्बर 2018 से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पी.एम किसान) योजना लागू की गई है। योजना में पात्र किसानों को प्रति वर्ष छह हजार रुपये की धनराशि दो हजार रुपये की तीन समान किस्तों में प्रदान की जा रही है। प्रदेश में योजनान्तर्गत वर्तमान में पंजीकृत सक्रीय किसानों की संख्या नौ लाख अठारह हजार है। अब तक किसान सम्मान निधि योजना के तहत जारी की गई तेरह किश्तों में प्रदेश के किसानों को रुपये दो हजार पैसठ करोड अठासी लाख धनराशि उपलब्ध करायी गयी है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने सचिव कृषि को देहरादून स्थित किसान भवन में कॉल सेंटर स्थापित करने के भी निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी भी समस्या के समाधान या जानकारी मिल सके।
मंत्री ने आगामी किश्तों का लाभ लेने के लिए सभी किसानों को मज्ञल्ब् अभिलेखों से सम्बन्धित कार्य समय पर करा ले। इसके लिए अपने निकटतम कृषि कार्यालय तथा राजस्व कार्यालय से सम्पर्क कर लें। मंत्री ने कहा केन्द्र के तर्ज पर प्रदेश सरकार द्वारा भी राज्य में मुख्यमंत्री प्राकृतिक कृषि योजनाष् प्रारम्भ की जा रही है, जिससे अधिक से अधिक क्षेत्र को प्राकृतिक कृषि के अन्तर्गत आच्छादित किया जा सके। उन्होंने कहा गंगा नदी स्वच्छता कार्यक्रम के तहत प्रदेश सरकार द्वारा ष्नमामि गंगे प्राकृतिक कृषि कोरिडोर योजनाष् प्रारम्भ की जा रही है।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, जिला पंचायत मधु चौहान, सचिव कृषि दीपेंद्र चौधरी, कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री को डा. अग्रवाल ने बताई प्रदेश की योजनाएं

शहरी विकास मंत्री उत्तराखंड सरकार डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी जी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान स्वच्छता रैंकिंग में उत्तराखंड की स्थिति में लगातार सुधार आने पर केंद्रीय मंत्री ने डॉ अग्रवाल को बधाई दी।

नई दिल्ली में हुई मुलाकात में डा. अग्रवाल ने राज्य में शहरी विकास के अंतर्गत चल रही योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही केंद्र सरकार के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड में चल रहे विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि पहली बार स्वच्छ भारत मिशन में उत्तराखंड में 6 पुरस्कार हासिल किए। उन्होंने बताया कि लगातार नगर निकायों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

उन्होंने अवगत कराया कि राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। डॉ अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य में जी-20 के अंतर्गत तीन कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हुए, जिसमें शहरी विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बताया कि जी-20 के तहत नगर का सुनियोजित विकास हुआ। जिसमें सड़क, फ़साड़ योजना, नालियों की स्थिति, गंगा तट को भव्यतापूर्वक बनाने आदि कार्य किये गए।

इस मौके पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी जी से शहरी विकास मंत्री उत्तराखंड सरकार डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अन्य विषयों को लेकर भी विस्तार से वार्ता की।

सीएम ने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या में वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर देश के लिये अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम से हमेशा देश का मान बढ़ाया है। हमें अपने जवानों की वीरता पर गर्व है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में भी देश के लिये बलिदान की परम्परा रही है। कारगिल युद्ध में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुती दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिये वचनबद्ध है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य का लोहा पूरी दुनिया मानती है। भारतीय सेना के वीर जवानों ने कारगिल में विपरीत परिस्थितियों में भी दुश्मन को भागने पर मजबूर किया था। कारगिल युद्ध में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।

कंट्रोल रूम से जनवद वार प्रत्येक दिन की आपदा के नुकसान का आंकलन करेंः गणेश जोशी

प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की गई।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कहा कि किसान हमारा अन्नदाता है और भारी बारिश से किसान को हुए नुकसान की भरपाई करना सरकार की जिम्मेदारी है। मंत्री ने कृषि सचिव तथा कृषि महानिदेशक को 27 जुलाई को प्रभावित क्षेत्र में कैंप करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने निदेशालय स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए गढ़वाल मंडल में उत्तरकाशी के पुरोला तथा कुमाऊं मंडल के नैनीताल के प्रभावित क्षेत्र में राजस्व की टीम के साथ सर्वेक्षण कर रिपोर्ट प्रेषित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने निदेशालय स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम के माध्यम से जनपद वार प्रत्येक दिन की आपदा के नुकसान का आंकलन किया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आपदा के मानकों के पुनरीक्षण करने पर विचार करते हुए भू-राजस्व, सिंचाई, विद्युत बिल को माफ करना एवं राज्य स्तर पर टॉपअप आदि के माध्यम से किसानों को स्पेशल पैकेज के ज़रिए सहायता की जाएगी। उन्होंने कहा हरिद्वार जनपद के आपदा प्रभावित में कुछ जगह पर यह देखा गया कि सिडकुल और शुगर मिल का केमिकल से कृषि को बहुत ज्यादा क्षति हुई है। इस संबंध में मंत्री ने डीएम हरिद्वार को पॉल्यूशन विभाग से जांच कराने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा किसानों को फलसों के बीमा कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, फसल बीमा का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार के भी निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि अब तक प्रदेश में सेब की पेटियों की मांग 5.10 लाख आई हैं, इसके सापेक्ष विभाग द्वारा अबतक 2.20 लाख की आपूर्ति की जा चुकी है।
इस अवसर पर कृषि सचिव दीपेंद्र चौधरी, कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बजट खर्च की धीमी प्रगति पर स्वास्थ्य मंत्री ने लगाई फटकार

सूबे में टीबी मरीजों को मिलने वाला पोषण भत्ता अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजा जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग की रोकथाम के लिये वृहद स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जायेगा। विभाग द्वारा स्वीकृत बजट को समय पर खर्च न करने पर विभागीय मंत्री डा. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई तथा भविष्य में बजट खर्च करने का टारगेट तय करने को कहा।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विधानसभा स्थित सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विगत 14 एवं 15 जुलाई 2023 को आयोजित दो दिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर में लिये गये निर्णयों के क्रियान्वयन को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। डा. रावत ने बताया कि सूबे में चिन्हित टीबी मरीजों को राज्य सरकार द्वारा निःक्षय मित्रों के सहयोग से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को विभाग की ओर से दिये जा रहे रू0 500 के मासिक पोषण भत्ते को अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके खातों में उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिये उन्होंने तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। इसके अलावा उन्होंने आशा कार्यकत्रियों के मानदेय को आशा संजीवनी ऐप के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजने के निर्देश दिये। विभागीय मंत्री डा. रावत ने राष्ट्रीय सिकल सेल एनिमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोगों की रोकथाम के लिये वृहद स्तर पर जनजागरूकता एवं निःशुल्क जांच अभियान चलाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग से अधिकांश लोग पीड़ित हैं और इस वंशानुगत बीमारी से ज्यादातर लोग अंजान हैं। जिसकी वहज से इस रोग के साथ नवजात शिशु जन्म ले लेते हैं। उन्होंने बताया कि सिकल सेल रोग की इस चेन को तोड़ने के लिये जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर निःशुल्क जांच करेंगी।
बैठक में विभागीय मंत्री ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वीकृत बजट की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुये अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यह जनता का विभाग है और समय पर बजट खर्च न होने से आम लोग स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रह जाते हैं। डा. रावत ने निर्माणाधीन कार्यों की धीमी प्रगति पर भी अधिकारियों के जवाब तलब किये, साथ ही उन्होंने दवा, इंफ्रास्ट्रक्चर, इक्यूपमेंट, सैलरी व लाभार्थियों को दिये जाने वाली धनराशि समय पर खर्च न कर पाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि तय समय पर निर्माणाधीन कार्यों को पूरा करने के साथ ही विभिन्न मदों में स्वीकृत बजट को यथाशीघ्र व्यय किया जाय, जिसकी मासिक प्रगति रिपोर्ट उन्हें भी उपलब्ध कराई जाय। डा. रावत ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत लम्बे समय से रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
इस अवसर पर मिशन निदेशक एनएचएम रोहित मीणा, अपर सचिव अमनदीप कौर, गरिमा रौंकली, नमामि बंसल, महानिदेशक स्वास्थ्य डा. विनीता शाह, वित्त नियंत्रक दिपाली भरने निदेशक स्वास्थ्य डा. सुनीता टम्टा सहित डॉ. पंकज सिंह, डा. एम. के. मौर्य, डा. अजय नगरकर व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सेवा का अधिकार आयोग की सीएम धामी ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में सेवा का अधिकार आयोग के स्तर पर संचालित कार्यक्रमों एवं प्रक्रियाओं की आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ ही शासन के उच्चाधिकारियों के साथ गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने आयोग के कार्यकलापों एवं प्राप्त जन शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रियाओं के साथ जन सेवाओं की आम जनता तक पहुंच आसान बनाने पर बल देते हुए कहा कि हमारे राज्य की कतिपय अन्य सेवाओं की भांति सेवा का अधिकार के क्षेत्र में भी देश में मॉडल राज्य के रूप में पहचान बने इस दिशा में प्रयास होने चाहिए। इसके लिए सभी विभागों को समयबद्धता के साथ अपनी सेवाओं को ऑनलाइन किये जाने पर ध्यान देना होगा।
मुख्यमंत्री ने सेवा के अधिकार की सेवाओं के निस्तारण में भी सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण के भाव को आत्मसात कर समस्याओं के त्वरित समाधान पर ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सेवाओं की लोगों को जानकारी हो इसके लिए हमे लोगों को इससे जोड़ना होगा। आम जनता को सभी सेवायें एक जगह पर मिल जाए इसका भी पोर्टल बनाये जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने कहा कि कि समस्याओं के निस्तारण के साथ लोगों को सेवाओं से संतुष्ट किये जाने के भी प्रयास हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने जनपदों में समय-समय पर कैम्पों के आयोजन की व्यवस्था बनाये जाने को कहा तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने सेवा का अधिकार आयोग के बारे में व्यापक प्रचार प्रसार किये जाने पर बल देते हुए कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण,समाधान और संतुष्टि को जनसेवा का मूल मंत्र मानती है। कोई भी निर्णय लेते समय हमें जन सेवा के भाव को केन्द्र में रखना होगा। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी अपनी सेवाओं को त्वरित और संतुष्टि के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़े। जो लाभार्थी हैं विभागीय अधिकारी उनसे सेवा प्राप्त करने में कठिनाईयों एवं सरलता के अनुभवों पर भी वार्ता करें। साथ ही जो काम नहीं हो पा रहा हो उसके संबंध में भी आवेदक को काम नहीं होने का कारण बताये जाने तथा उसका निवारण क्या हो सकता है विभागीय ज़िम्मेदार अधिकारी इसमें आम जन का मार्गदर्शन करें। हमारी आदत होनी चाहिए कि आम आदमी को समस्या के समाधान का रास्ता भी बताया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिक से अधिक सेवाएं जोड़ी जानी चाहिए तथा उन्हें ऑनलाईन किये जाने पर ध्यान दिया जाए। वर्तमान दौर में तकनीक का विकास जिस तेजी से हो रहा है, उसमें सेवाओं का लाभ आम जनमानस को तेजी से मिले, इसके लिए उन्हें जागरूक भी किया जाए। ऑनलाईन प्रक्रियाओं के तहत जो भी सेवाएं दी जा रही हैं, इन सेवाओं का व्यापक स्तर पर आम जन तक प्रसार भी किया जाए। लाभार्थियों के सकारात्मक अनुभवों के छोटे-छोटे वीडियो क्लिप बनाकर उन्हें प्रसारित किया जाए। इससे सेवा लेने वालों की तादात बढ़ेगी।
सेवा का अधिकार आयोग के अध्यक्ष एस. रामास्वामी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आयोग के गठन 2014 से 2021 तक 247 सेवायें अधिसूचित की गई। 2.14 करोड़ आवेदन निस्तारित किये गये तथा 29,152 मामले सुने गये। वर्तमान में 48 विभागों की 855 सेवायें अधिसूचित है। 2021 से मार्च 2023 तक 1.29 करोड़ आवेदनों का निस्तारण तथा 47807 मामलों की सुनवाई की गई।
उन्होंने बताया कि अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से वर्तमान में 400 सेवाएं ऑनलाईन दी जा रही है। जुलाई 2023 में भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड शासन और आयोग द्वारा जन-सामान्य को उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं एवं प्रयासों को सराहा गया है। राज्य सरकार द्वारा अधिनियम में संशोधन कर अपील का एक स्तर कम किया गया, द्वितीय अपील का अधिकार आयोग को दिया गया, शास्ति लगाने की शक्ति आयोग को प्रदान की गई, अपील प्रक्रिया की समयावधि में 15 दिन कम कर व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाया गया। नवाचार के तहत आयोग द्वारा अपणि सरकार पोर्टल के साथ एकीकृत सेवा पोर्टल का सुझाव आयोग द्वारा दिया गया, जिसे शासन द्वारा नवंबर 2021 में क्रियान्वित किया गया। शिकायत एवं सुनवाई हेतु व्यवस्था के तहत आयोग द्वारा व्हाट्सएप्प, टोल फ्री एवं ऑनलाईन माध्यम से शिकायत दर्ज की जाती है और शिकायतकर्ता वाट्सएप्प एवं अन्य ऑनलाईन माध्यम के द्वारा सुनवाई में भाग ले सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आयोग द्वारा ऑनलाइन माध्यम से अधिकारियों/कर्मचारियों को उनके कार्यालय में ही प्रशिक्षण देने का कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष लगभग 30 प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न किये जा चुके है।
आयोग में शिकायत करने की व्यवस्था हेतु व्यक्तिगत एवं डाक के माध्यम से, आयोग की वेबसाइट पर urtsc.uk.gov.in टोल फ्री नंबर पर – 1800-270-9818, ई-मेल के माध्यम से secy-urtsc-uk@gov.in आयोग में वाट्सएप्प के माध्यम से शिकायत भेजने हेतु मोबाईल नंबर- 7617579041, 7617579071 भी शिकायतें दर्ज की जा सकती है।
बैठक में सेवा का अधिकार आयोग के सदस्य अनिल रतूड़ी, बी.एस. मनराल, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली, एस.एन.पाण्डे, सचिन कुर्वे, डॉ बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, पंकज कुमार पाण्डेय, रविनाथ रामन, दिपेन्द्र चौधरी, महानिदेशक शिक्षा एवं सूचना बंशीधर तिवारी, आयोग के सचिव जी.सी.गुणवंत सहित अन्य उच्चाधिकारी मौजूद थे।