चमोली घटना-दो जिम्मेदार अधिकारी निलंबित और कंपनी पर मुकदमा दर्ज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चमोली हादसे के प्रकरण में मुख्य महाप्रबंधक उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा एस०टी०पी० का संचालन एवं रखरखाव करने वाली फर्म के कार्यों के समुचित अनुश्रवण का दायित्व देख रहे हरदेव लाल, अपर सहायक अभियंता को निलंबित किया गया है। इस सम्बन्ध में जारी आदेश में मुख्य महाप्रबंधक द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रथम दृष्ट्या हरदेव लाल अपर सहायक अभियन्ता के द्वारा विभागीय कार्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरते जाने का दोषी पाये जाने के दृष्टिगत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसी प्रकरण में महाप्रबंधक उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि. द्वारा कुन्दन सिंह रावत, प्रभारी अवर अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड गोपेश्वर को भी निलंबित किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राजस्व उप निरीक्षक तहसील चमोली द्वारा सुपरवाइजर ज्वाइंट वेंचर कम्पनी एवं अन्य संबंधित के विरूद्ध नमामि गंगे के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर विद्युत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही बरते जाने के संबंध में एफ. आई. आर. दर्ज कर दी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती चमोली हादसे के बाकी सभी 5 घायलों को भी गुरुवार को एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स में भर्ती किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश में घायलों को मानसिक दबाव से मुक्त करने और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा गया है। इससे उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को पूर्वाह्न में स्वयं चमोली पहुंचकर अत्यंत पीड़ादायक व हृदय को झकझोर देने वाले हादसे में हताहत हुए लोगों के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने हादसे में अपने प्राणों की आहुति देने वाले होमगार्ड्स के जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चमोली हादसे में मृतकों के सभी परिजनों से एक-एक कर मिले। उन्होंने सभी को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है, सरकार द्वारा इनकी हर संभव मदद की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भावुक क्षण को वे अपने शब्दों में बयान नही कर पा रहे हैं। जिन लोगों ने अपने परिजन खोए हैं वे उनकी पीड़ा भली-भांति समझ सकते हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि शोकाकुल परिवारों को इस कष्ट को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हृदय विदारक घटना की गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

परियोजनाओं में विद्युत सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने चमोली की घटना के मद्देनजर सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों एवं सचिवों को समस्त परियोजनाओं, आस्थानों एवं शासकीय कार्यालयों में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था के मानकों का अविलम्ब परीक्षण कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने सभी उच्चाधिकारियों को अपने प्रभाराधीन विभागों के विभागाध्यक्षों को इस बाबत निर्देशित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि विभागाध्यक्ष अपने नियंत्रणाधीन समस्त परियोजनाओं, आस्थाओं एवं शासकीय कार्यालय परिसरों आदि में विद्युत सुरक्षा सम्बन्धी किए गए उपायों का अविलम्ब परीक्षण कराए जाने के साथ ही प्रभारी अधिकारी से सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने का प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों के परीक्षण की कार्रवाई विभाग के मानकों के अनुसार अथवा प्रत्येक 3 माह में किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी, हर संभव मदद का दिलाया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को चमोली पहुंचे। चमोली हादसे में हताहत लोगों के परिजनों से मिलकर मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। पुलिस मैदान गोपेश्वर में मुख्यमंत्री ने चमोली हादसे में हताहत होमगार्ड के तीनों जवानों के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित करते हुए नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बहुत हृदयविदारक घटना है। हम ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि इस घटना में जो हताहत हुए हैं उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। राज्य सरकार की तरफ से मुआवजा, इलाज आदि से संबंधित सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना के कारणों की गहन जांच की जायेगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चमोली में हुए हादसे में मृतकों के परिजनों से एक-एक कर मिले। उन्होंने सभी को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है, सरकार द्वारा इनकी हर संभव मदद की जाएगी।
इस दौरान पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायकगण एवं अधिकारीगण मौजूद रहे।

एसीएस ने दिए जल्द बालश्रम, भिक्षावृति तथा बाल विवाह समाप्त करने हेतु ठोस एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सम्बन्धित विभागों को एनजीओ के साथ मिलकर राज्य से जल्द से जल्द बालश्रम, भिक्षावृति तथा बाल विवाह समाप्त करने हेतु सटीक एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। एसीएस राधा रतूड़ी ने कहा कि बालश्रम व भिक्षावृति से मुक्त हुए बच्चों का संस्थागत पुनर्वास के स्थान पर अपने परिवारों में ही पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाए। बालश्रम व बाल भिक्षावृति को रोकने के लिए सम्बन्धित विभागों व एनजीओं को स्थायी समाधान (सस्टेनबल सोल्यूशन) पर काम करना होगा।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव समाज कल्याण, सचिव विद्यालयी शिक्षा, सचिव श्रम, पुलिस अधिकारियों सहित राज्य में बाल संरक्षण एवं कल्याण के लिए कार्य कर रहे विभिन्न गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रतिनिधियों के साथ राज्य में बालश्रम, भिक्षावृति एवं बाल विवाह को समाप्त करने के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाने के सम्बन्ध में बैठक लेते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश में ऐसे कमजोर परिवारों (वलरेनबल फैमिली) को चिन्हित किया जाना जरूरी हैं जिनकी खराब आर्थिक स्थिति के कारण बच्चें बालश्रम व भिक्षावृति की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे चिन्हित परिवारों को सरकार द्वारा संचालित सभी सामाजिक एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करवाया जाना चाहिए। इसके साथ ही एसीएस ने स्कूलों से ड्रॉप आउट बच्चों, स्कूलों में गैरहाजिर रहने वाले बच्चों, आउट ऑफ स्कूल बच्चों का एक सटीक डाटाबेस भी जल्द ही तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान राज्य में बालश्रम, भिक्षावृति एवं बाल विवाह को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए शासन स्तर पर एक हाई पॉवर कमेटी के गठन पर भी चर्चा की गई। इस कमेटी में बाल संरक्षण के लिए कार्य कर रहे गैर सरकारी संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके साथ ही बैठक में भिक्षावृति में लिप्त आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए स्पेशल स्कूलों व मोबाइल स्कूलों को प्रोत्साहित करने पर भी विचार किया गया।

बैठक में सचिव राधिका झा, डा. रविनाथ रमन, मेजर योगेंद्र यादव, विशेष सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती, अपर सचिव अमनदीप कौर, आनंद स्वरूप, डीआईजी पी रेणुका देवी, बचपन बचाओं आंदोलन से मनीष शर्मा, सुरेश उनियाल तथा विभिन्न एनजीओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

पर्यावरण संरक्षण तथा प्रकृति को महत्व देने की है हमारी परम्पराः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को समर्पित लोक पर्व ‘‘हरेला‘‘ उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक परम्परा का प्रतीक है। पर्यावरण संरक्षण तथा प्रकृति को महत्व देने की हमारी परम्परा रही है। यह पर्व समृद्धि, संस्कृति के महत्व हरियाली तथा पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला सुख-समृद्धि व जागरूकता का भी प्रतीक है। हमारी आने वाली पीढ़ी को शुद्ध वातावरण मिल सके इसके लिए सबको वृक्षारोपण व पर्यावरण संरक्षण के प्रति ध्यान देना होगा। ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से आज दुनिया भर के देश चिंतित हैं। यह पर्व ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ लड़ने का भी संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण के साथ उनके संरक्षण के प्रति भी ध्यान देना होगा। वृक्षारोपण के लिये जन सहभागिता को जरूरी बताते हुए इसमें सभी संस्थाओं सामाजिक संगठनों से भी सहयोग की भी उन्होंने अपेक्षा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड धर्म, अध्यात्म एवं संस्कृति का केन्द्र है। उत्तराखंड जैव विविधताओं वाला राज्य है, यहां का प्राकृतिक सौन्दर्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। पर्यावरण संरक्षण के लिए हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। हम सभी को समर्पित भाव से प्रकृति संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयासों की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद में जल स्रोतों एवं गदेरों के पुनर्जीवन एवं संरक्षण के लिए कार्य किए जाने पर भी बल दिया है। नदियों के संरक्षण एवं नदियों के पुनर्जीवन के प्रयास समय की जरूरत है। विकास एवं पर्यावरण में संतुलन के साथ आने वाली पीढ़ी को शुद्ध पर्यावरण मिले, इसके लिए भी पर्यावरण संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लोक पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान है। राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने के निरंतर प्रयास हो रहे हैं। इसमें हम सबको सामुहिक रूप से जिम्मेदारी निभानी होगी तभी हम अपनी संस्कृति एवं परम्पराओं की जड़ों से जुड पायेंगे।

मुख्यमंत्री आवास से मौखिक निर्देश के लिए अधिकारी नियुक्त

मुख्यमंत्री सचिवालय अथवा आवास कार्यालय से आकस्मिकता एवं अपरिहार्य परिस्थितियों में दूरभाष या मौखिक रूप से दिए जाने वाले निर्देशों हेतु अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। इसके लिए अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री सचिवालय अथवा आवास कार्यालय से किसी भी प्रकार के निर्देश- अनुदेश सामान्यतः लिखित रूप से प्रसारित किए जाते हैं। अपरिहार्य परिस्थितियों में एवं आकस्मिकता की स्थिति में उक्त कार्यालयों से मुख्यमंत्री के किसी भी निर्देश को दूरभाष के माध्यम से या मौखिक रूप से अवगत कराए जाने की आवश्यकता पड़ने पर, इस हेतु अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त जिन अधिकारियों/महानुभावों को प्राधिकृत किये जाने के निर्देश हैं, इनमें सचिव, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड शासन, अपर सचिव, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड शासन, दिवस अधिकारी ( जिस तिथि/दिवस को दिवस अधिकारी के रूप में दायित्वों का निवर्हन किया जा रहा हो। ) तथा मुख्यमंत्री द्वारा प्राधिकृत अन्य सामाजिक व्यक्ति (जिसके सम्बन्ध में पृथक से अवगत कराया जाएगा।)

प्रभारी मंत्रिगणों को मिली जनपदों में प्रवास कर आपदा राहत कार्य की दिशा में काम करने की सीख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त मंत्री गणों से अपने-अपने प्रभार के जनपदों में प्रवास कर राहत एवं बचाव के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त मंत्री गणों से अपने-अपने प्रभार के जनपदों में प्रवास कर राहत एवं बचाव के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की अपेक्षा की है। विदित है कि वर्तमान में राज्य में निरन्तर भारी वर्षा के कारण जगह-जगह आपदा की स्थिति उत्पन्न हुई है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार शासन व प्रशासन के सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी राहत व बचाव कार्यों में तत्परता से लगे हैं। इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री धामी द्वारा आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सभी मंत्रीगणों को अपने-अपने जनपदों में प्रवास कर राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने की अपेक्षा की है।

देश को स्वस्थ बनाने के लिए जुटे देशभर स्वास्थ्य मंत्री

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून के एक होटल में संयुक्तरुप से केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद के 15 वें सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस दो दिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर में देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र-शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं। इस स्वास्थ्य चितंन शिविर में 6 सत्रों को आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर स्वास्थ्य संबंधित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रो. एस.पी.सिंह बघेल, डॉ. भारती प्रवीण पंवार, उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के पॉल, सचिव स्वास्थ्य, भारत सरकार श्री राजेश भूषण, विभिन्न राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री तथा स्वास्थ्य सचिव उपस्थित रहे।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद की यह दूसरी ऐसी बैठक है जिसे चिंतन बैठक का स्वरूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ उपार्जन करने के लिए सामुहिक चिंतन एवं मनन बहुत आवश्यक है। इससे निकलने वाले निष्कर्ष सर्वाेत्तम होते हैं। इस दो दिवसीय बैठक में जो मंथन होगा, उससे जो सुझाव मिलेंगे, वह स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत के भविष्य के लिए बहुत उपयोगी होगा। आजादी के अमृतकाल में इसके लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं कि हमारा हेल्थ सेक्टर का मॉडल पूर्ण रूप से हमारे देश के अनुरूप हो।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 2025 तक देश को क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अपेक्षा की कि इस दो दिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर में सभी राज्यों से अधिक से अधिक सुझाव आयेंगे, जो स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने में मदगार होंगे। इस दो दिन के मंथन में सभी को स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश को और मजबूत बनाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य चिंतन शिविर में प्रतिभाग कर रहे सभी अतिथियों का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व एवं सम्मान की बात है कि इस वर्ष केन्द्र सरकार ने उत्तराखंड को स्वास्थ्य चिंतन शिविर कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य चिंतन शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की नीतियों व कार्यक्रमों के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विशिष्ट दृष्टिकोण विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के प्राचीन ग्रंथ दुनिया को एक परिवार के रूप में देखना सिखाते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमारा दृष्टिकोण ’एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को हर क्षेत्र में व्यापक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। आज चाहे रोड कनेक्टिविटी हो, इंफ्रास्ट्रक्चर हो, रोपवे सेवा हो या फिर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हो। हर क्षेत्र में लाभार्थियों तक सुविधाओं को पहुंचाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के परस्पर समन्वय से कार्यों का सफल सम्पादन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल दिशा निर्देशन में अटल आयुष्मान योजना प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित हुई है। आज प्रदेश में सभी को निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही कैशलेस उपचार देने की दिशा में अटल आयुष्मान योजना प्रभावी सिद्ध साबित हो रही है। आम नागरिकों को घर बैठे स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मोबाईल एप के जरिए ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। ई-संजीवनी सेवाएं दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्र के मरीजों के लिए बड़ी सौगात हैं। हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के माध्यम से आम जनमानस को उनके क्षेत्रों में स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए जन आरोग्य अभियान ’’एक कदम स्वस्थ्य जीवन की ओर’’ का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 तक राज्य को क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए धरातल पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में बीमारियों को रोकने के लिए जन-जागरुकता फैलाने, गरीबों को सस्ता और प्रभावी इलाज देने, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स की क्वान्टिटी और क्वालिटी में बढ़ोतरी करने की दिशा में मिशन मोड पर कार्य कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड में हो रहे इस दो दिवसीय स्वास्थ्य चिंतन शिविर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं इस क्षेत्र में अनेक नये आयाम स्थापित करने की दिशा में चिंतन होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए जो भी आवश्यकता हुई उसके लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का पूरा सहयोग मिला है। चारधाम यात्रा में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी केन्द्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है।

राज्य के विभिन्न शहरों में नवीन टाउनशिप विकसित होगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य के विभिन्न शहरों में नवीन टाउनशिप विकसित किये जाने के सबंध में बैठक ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कोरिडोर बनाने की कार्यवाही शीघ्र शुरू की जाए। इसके क्रियान्वयन के लिए बनाये जाने वाली कम्पनी के लिए भी शीघ्र कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर 2026 तक हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कोरिडोर का सम्पूर्ण कार्य पूर्ण हो यह सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में मैदानी क्षेत्रों में 5 एवं पर्वतीय क्षेत्रों में 3 टाउनशिप विकसित किये जाने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जाएं। गढ़वाल एवं कुमाऊँ क्षेत्र में एक-एक हिल स्टेशन विकसित किये जाने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों को भी शीघ्र अन्तिम रूप दिया जाए।
बैठक में शहरी विकास मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द वर्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन पाण्डेय, वी. षणमुगम, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए बंशीधर तिवारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने प्रभावितों के लिए सभी जरुरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति और आपदा राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये सुनिश्चित कर लिया जाय कि प्रभावितों को रहने खाने एवं अन्य आवश्यक सामग्री की पूर्ण उपलब्धता हो। फूड पैकेट की पर्याप्त उपलब्धता रखी जाए। पेयजल के साथ ही बच्चों को दूध की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए। आवश्यकता पड़ने पर हेलीकॉप्टर से भी खाद्य सामग्री भेजी जाए। जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी जल्द की जाए। जल जनित रोगों से बचाव के लिए भी सभी आवश्यक व्यस्थाएं की जाय। सभी संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर लें। बारिश से पेयजल, विद्युत, सड़क एवं अन्य व्यवस्थाएं जो प्रभावित हुए हैं, उन्हें शीघ्र सुचारू किया जाय।
सभी विभागीय सचिव अपने अपने विभागों से संबंधित व्यवस्थाएं देखें और अपने जिला स्तरीय अधिकारियों के निरंतर संपर्क में रहें। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के साथ ही उनके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग से भी लगातार संपर्क में रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्यों के लिए पर्याप्त बजट है। संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस. एस संधू, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिव आपदा प्रबन्धन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, विनय शंकर पांडेय, विभिन्न विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।