सीएम से मिले स्वीडन के राजदूत कलास मोलिन

सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में भारत में स्वीडन के राजदूत कलास मोलिन ने शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि स्वीडन के किंग कार्ल 16 गुस्ताफ तथा क्वीन सिल्वा आगामी 5 व 6 दिसम्बर को उत्तराखण्ड का भ्रमण करेंगे।

उन्होंने बताया कि स्वीडन के किंग व क्वीन ऋषिकेश में गंगा दर्शन के साथ ही सराय जगजीतपुर हरिद्वार में सीवरेज प्लांट के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके साथ ही उनका कार्बेट नेशनल पार्क के भ्रमण का भी कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि उनके साथ स्विडिस उद्यमियों एवं विभिन्न संस्थानों के 150 प्रतिनिधियों का शिष्टमण्डल भी भारत भ्रमण पर आयेगा। वे भी दिल्ली में प्रधानमंत्री सहित अन्य लोगों से भेंट करेंगे। उन्होंने उत्तराखण्ड में फार्मा आटोमोबाइल, टेलीकोम, सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने स्वीडन के किंग व क्वीन के प्रस्तावित उत्तराखण्ड भ्रमण के दृष्टिगत मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, प्रमुख वन संरक्षक जयराज के साथ ही सम्बन्धित अधिकारियों से इस सम्बन्ध में विचार विमर्श कर सभी आवश्यक व्यवस्थाये सुनिश्चित करने को कहा।

डोर टू डोर कूड़ा उठान में निगम को जल्द उपलब्ध होंगे 10 कूड़ा वाहन

नगर निगम ऋषिकेश में शनिवार को जिलाधिकारी देहरादून सी रविशंकर ने निगम अफसरों सहित विभिन्न विभागोें के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में विभिन्न पार्षदों ने कूड़ा उठान की समस्या उनके समक्ष रखी। इस पर डीएम ने नगर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वींरियाल से वार्ता की। नगर आयुक्त ने बताया कि निगम की ओर से 10 कूड़ा वाहन की खरीद को ऑर्डर दिए गए है। इनके अगले माह मिलने की उम्मीद है। इसके बाद डोरटूडोर कूड़ा उठान की प्रक्रिया पर सुधार देखने को मिलेगा। बैठक में चंद्रभागा नदी क्षेत्र में खुले में शौच करने वालों पर डीएम बिफर पड़े। निगम को उन्होंने कहा कि भारत व राज्य सरकार का इस मामले में स्पष्ट तौर पर निर्देश है। स्वच्छता को लेकर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए। उन्होंने नगर क्षेत्र में संचालित शौचालय की स्थिति जानने के बाद इन पर नियमित साफ सफाई तथा संचालित करने के निर्देश दिए है।

बैठक में यह भी जारी किए गए आदेश
– तीन दिसंबर तक नगर निगम हाथ ठेली आदि संसाधनों की मरम्मत कराएं।
– प्रतिदिन दो से पांच बजे होने वाली सफाई को रात सात बजे के बाद कराई जाए।
– 15 दिसंबर तक मोहल्ला स्वच्छता समिति गठित की जाए।
– कूड़ा वाहन जब नगर से कूड़ा लेकर गुजरे, तो ऊपर से कवर किया जाए।
– प्रत्येक पार्षद अपने-अपने क्षेत्र में स्वच्छता के लिए लोगों को प्रेरित करें।
– स्वच्छता एप के बारे में लोगों को जागरूक करें तथा शिकायतों को निस्तारित भी करें।
– नगर निगम प्रत्येक माह स्वच्छ वार्ड को लेकर प्रतियोगिता करवाए।
– कूड़ा उठान वाहन के ड्राइवर अवकाश पर होने पर वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए।
– ट्रंचिंग ग्राउंड में सप्ताह में एक दिन कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराएं।
– बाजारों से कूड़ा उठान के समय संबंधित क्षेत्र के पार्षद निगम को अवगत कराएं।
– कूड़ा पृथक्कीकरण की प्रक्रिया पार्षद अपने घर से शुरू करें।
– सीएमएस एक हफ्ते में मेडिकल कैंप सफाई कर्मियों के लिए लगवाएं।

स्मार्ट सिटी में देहरादून 10 माह में 99 से 30 वीं रैंकिंग पर पहुंचा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत कुल 575 करोड़ 18 लाख रूपए के कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें दून लाईब्रेरी लागत 12 करोड़ 33 लाख, पलटन बाजार विकास लागत 13 करोड़ 10 लाख, वर्षा जल निकासी लागत 16 करोड़ 27 लाख, परेड़ ग्राउन्ड जीर्णोद्धार लागत 20 करोड़ 85 लाख, सीवरेज लागत 28 करोड़ 41 लाख, पेयजल संवर्धन व वाटर मीटरिंग लागत 32 करोड़ 59 लाख, स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट लागत 56 करोड़ 63 लाख, स्मार्ट रोड लागत 190 करोड़ 54 लाख, इंटीग्रेटेड आफिस काम्प्लैक्स ग्रीन बिल्डिंग लागत 204 करोड़ 46 लाख के काम शामिल हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि तकनीक के बिना स्मार्ट सिटी की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। सरकार, तकनीक के माध्यम से जनसुविधाओं में सुधार करने की कोशिश कर रही है। स्मार्ट दून के लिए पिछले कुछ समय में बहुत तेजी से काम हुआ है। आने वाले समय में बदला हुआ दून दिखेगा। स्मार्ट दून की तरफ आगे बढ़ने में दून वासियों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।

देहरादून में बनेगा इंटीग्रेटेड कन्ट्रोल एंड कमांड सेंटर
मुख्यमंत्री ने देहरादून में इंटीग्रेटेड कन्ट्रोल एंड कमांड सेंटर की घोषणा करते हुए कहा कि इसका नाम ‘सदैव दून’ होगा और 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन जिसे गुड गवर्नेंस दिवस के तौर पर मनाया जाता है, पर इसका शुभारम्भ किया जाएगा।

प्रमुख मार्गो पर होगी अंडरग्राउन्ड केबलिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के प्रमुख मार्गों पर अंडरग्राउन्ड केबलिंग की जाएगी। इसका टेंडर जल्द ही कर दिया जाएगा। सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा का काम शुरू हो चुका है। धीरे-धीरे हम ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रहे हैं। स्मार्ट सिटी के साथ ही स्मार्ट विलेज की सोच भी बनानी होगी। प्रदेश के चयनित राजकीय विद्यालयों में वर्चुअल क्लास की सुविधा प्रारम्भ की गई है।

दून की बनेगी अलग पहचान
देहरादून नगर निगम के मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन में बड़े विस्तार पर काम किया जाना है। शहरवासियों को शुरू में कुछ असुविधा हो सकती हैं। परंतु जब काम पूरा हो जाएगा तो इससे सुविधा होगी। इससे दून की अलग पहचान बनेगी। सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति में देहरादून में काफी प्रगति हुई है।

देहरादून मोस्ट प्रोग्रेसिव स्मार्ट सिटी
देहरादून स्मार्ट सिटी लि. के अध्यक्ष रविनाथ रमन ने बताया कि स्मार्ट सिटी में देहरादून का चयन तीसरे चरण में किया गया था। दिसम्बर 2018 में 100 शहरों में से देहरादून की रैंकिंग 99 थी जो कि केवल 10 माह बाद ही 30 हो गई है। देहरादून को स्मार्ट सिटी में मोस्ट प्राग्रेसिव सिटी में पहला स्थान मिला है। सीईओ आशीष श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए स्मार्ट सिटी में संचालित कार्यों की जानकारी दी।

मातृसदन के परमाध्यक्ष ने की केंद्र सरकार से मांग, कुंभ क्षेत्र को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जाए

केंद्र सरकार कुंभ क्षेत्र को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करें। तभी गंगा और कुंभ क्षेत्र को खनन माफियाओं से बचाया जा सकता है। यह बात मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने प्रेसवार्ता के दौरान कही।

स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से स्पष्ट आदेश हैं कि गंगा और उसकी सहायक नदियों में किसी तरह का खनन नहीं किया जाएगा। लेकिन हरिद्वार से सटे लालढांग क्षेत्र में गंगा की सहायक नदियों में वन विकास निगम की ओर से खनन का काम शुरू करा दिया गया है। इससे साफ है कि गंगा और कुंभ क्षेत्र की प्रदेश सरकार को जरा भी चिंता नहीं है।

स्वामी शिवानंद सरस्वती का कहना है कि वह इस बारे में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजेंगे। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर सरकार ने गंगा और सहायक नदियों में खनन पर रोक नहीं लगाई तो मातृसदन की ओर से अनशन शुरू कर दिया जाएगा।

त्रिवेन्द्र सिंह ने प्रदेश में पारदर्शी सरकार बनाई हैः जेपी नड्डा

भाजपा में अब सिर्फ इन कमिंग ही इन कमिंग है, आउट गोइंग नहीं है यह बूथ कार्यकर्ताओं की ही ताकत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की कूट नीति ही है कि सऊदी अरब और ईरान, अमेरिका और चीन भारत के मित्र हैं। इसी तरह त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी प्रदेश में पारदर्शी सरकार बनाई है। यहां विकास कार्यों में तेजी आई है, 17 लाख परिवारों को आयुष्मान से जोड़ा यही डबल इंजन है। यह बात भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कही।

शुक्रवार को सुभाष रोड स्थित एक बैंक्वेट हाल में बूथ सम्मेलन का शुभारंभ जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने दीप प्रज्जवलित कर किया। नड्डा ने बूथ कार्यकर्ताओं को कहा कि पहाड़ के लोगों की जीवन शैली देवतुल्य होती है इसलिए वे समाज को दृष्टि व दिशा देने में सक्षम होते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भाजपा के 385 सांसद, 400 सहयोगी दल, 1451 विधायक और 15 राज्यों में सरकार है। भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है, महज 54 दिनों के सदस्यता अभियान में सदस्यों की संख्या 11 करोड़ से बढ़कर 17 करोड़ हो गई। उत्तराखंड में भी 11 लाख से बढ़कर 17 लाख सदस्य हो गए। यह सब बूथ कार्यकर्ता की मेहनत से ही संभव हो सका।

नड्डा ने कहा कि राजनीति में दो कार्यकर्ता होते हैं दूरगामी और तात्कालिक। तात्कालिक में छोटे इरादे और छोटे लक्ष्य देखे जाते हैं जबकि दूरगामी में पार्टी और देश की सेवा देखी जाती है, बूथ कार्यकर्ता नजदीक का चश्मा उतारकर दूर का पहन ले। ध्यान रखे कि उनकी उंगली से दबाने से कोई नेता नहीं बल्कि देश की तकदीर और तस्वीर बदलती है।

सीएम बोले, जिलों के प्रभारी सचिव 45 दिन में एक बार जरूर जाएं आदर्श गांव

सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड में सांसद आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा की। सांसद आदर्श ग्राम योजना में चयनित गांवों का आउटकम आधारित थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया जाए। जिलों के प्रभारी सचिव 45 दिन में एक बार आदर्श गांव में जाना सुनिश्चित करें। मुख्य विकास अधिकारी भी इन गांवों में जाकर विकास कार्यों का भौतिक निरीक्षण करें। इसके लिए भ्रमण कैलेण्डर बनाएं। सचिवालय में आदर्श सांसद ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उक्त निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श गांवों के लोगों के जीवन में परिवर्तन दिखना चाहिए। स्थानीय लोगों को लगना चाहिए कि वहां काम हुए हैं। आदर्श गांवों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाए कि पहले क्या स्थिति थी और अब क्या स्थिति है। वहां की खेती, पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रति व्यक्ति आय में क्या गुणात्मक सुधार हुए हैं। आदर्श गांव आत्मनिर्भर होने चाहिए, ग्रामीणों । इन गांवों की मासिक रिपोर्ट संबंधित सांसदों को भेजी जाए। चयनित गांवों को पॉलिथीन मुक्त बनाया जाए। कार्यों की समयावधि निश्चित की जाए।

बैठक में बताया गया कि सांसद आदर्श ग्राम योजना में तीन चरणों में कुल 15 चयनित ग्राम पंचायतों में 762 कार्य लिए गए। इनमें से 565 काम पूर्ण किए जा चुके हैं, 53 प्रगति पर हैं। प्रथम चरण में भगत सिंह कोश्यारी द्वारा चयनित गांव सरपुड़ा (जिला ऊधमसिहनगर) में कुल 70 कार्यों में से 69, मे.ज (से.नि.) भुवन चंद्र खण्डूड़ी द्वारा चयनित देवली भणीग्राम (जिला रूद्रप्रयाग) में 66 कार्यों में 52, डा.रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा चयनित गोरधनपुर (जिला हरिद्वार) में 85 में से 80 कार्य, माला राज्य लक्ष्मी शाह द्वारा चयनित बौन (जिला उत्तरकाशी) में 59 में से 57 कार्य, अजय टम्टा द्वारा चयनित सूपी (जिला बागेश्वर) में 22 में से 21 कार्य, महेन्द्र सिंह माहरा द्वारा चयनित रौलमेल (जिला चम्पावत) में 59 में से 55 कार्य और राजबब्बर द्वारा चयनित लामबगड़ (जिला चमोली) में 17 में से 15 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

दूसरे चरण में प्रदीप टम्टा द्वारा चयनित बाछम (जिला बागेश्वर) में 17 में से 17 कार्य, तरूण विजय द्वारा चयनित तेवा (जिला टिहरी गढ़वाल) में 80 में से 59 कार्य, डा.रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा चयनित जमालपुर कलान (जिला हरिद्वार) में 55 में से 41 कार्य, भगत सिंह कोश्यारी द्वारा चयनित लोहाली (जिला नैनीताल) में 50 में से 08, माला राज्य लक्ष्मी शाह द्वारा चयनित अटकफार्म (जिला देहरादून) में 39 में से 07 और अजय टम्टा द्वारा चयनित जुम्मा (जिला पिथौरागढ़) में 44 में से 41 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। इसी प्रकार तृतीय चरण में अजय टम्टा द्वारा चयनित सल्ली (जिला चम्पावत) में 54 में से 44 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जबकि डा.रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा चयनित खेड़ी सिकोहपुर (जिला हरिद्वार) में 45 कार्य लिए गए हैं।

सांसद आदर्श ग्राम योजना का 11 अक्टूबर 2014 को प्रारम्भ की गई थी। इसका उद्देश्य सांसद द्वारा चयनित ग्राम पंचायत में सभी केंद्र पोषितध्राज्य पोषित योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से आधारभूत अवस्थापना सुविधाओं का विकास, सेवाओं की उपलब्धता और ग्राम पंचायत का सामाजिक, आर्थिक व पर्यावरणीय विकास द्वारा चयनित ग्राम पंचायत में विकास के अंतर की पूर्ति करते हुए आदर्श ग्राम बनाना है।

चीनी मिलों को घाटे से उबारने के लिए ठोस कार्य योजना प्रस्तुत करेंः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में इकबालपुर चीनी मिल के सम्बन्ध में इकबालपुर चीनी मिल मैनेजमेंट बोर्ड एवं अधिकारियों के साथ बैठक की।

मुख्यमंत्री ने इकबालपुर चीनी मिल के संचालन तथा किसानों के बकाया भुगतान के लिये त्वरित रूप से 36 करोड़ रूपये की धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंक को दिये।

उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी और निजी दोनों ही श्रेणियों की चीनी मिलों को घाटे से उबारने के लिये ठोस कार्य योजना प्रस्तुत की जाए। किसानों को समय से उनकी उपज का पूर्ण मूल्य उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के कुप्रबंधन का नुकसान किसान और कर्मचारियों को न उठाना पड़े यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी निजी चीनी मिलों को उत्तराखण्ड के गन्ना किसानों का भुगतान तत्काल करने के निर्देश दिये।

मीटर चोरी होने पर विभागीय अधिकारियों के शब्द हम पर राजनीतिक दबाव, नहीं लगा सकते नया मीटर

ऋषिकेश में एक युवक की दुकान का बिजली मीटर दीपावली से चार दिन पूर्व अज्ञात लोगों ने चोरी कर लिया। युवक की लिखित शिकायत पर न ही पुलिस ने दिलचस्पी दिखाई और न ही बिजली विभाग के अधिकारियों ने नया मीटर लगाने की कवायद तेज की। हालत यह रहे दीपावली में सभी लोगों के घर रोशनी से चमके। मगर, उक्त युवक ने अंधेरे में ही दीपावली मनाई। अब दीपावली के तीन सप्ताह बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी काम करने को राजी नहीं। वह अब यह दलील देकर पिंड छुड़ा रहे है कि उन पर राजनीतिक दबाव है। इसलिए वह मीटर नहीं लगा सकते है।

बीते 22 अक्तूूबर को ललित कुमार जाटव पुत्र स्व. भोपाल सिंह जाटव निवासी पुरानी जाटव बस्ती ऋषिकेश अपनी पुरानी चुुंगी स्थित डेंटिंग पेंटिंग की दुकान बंद करके घर चले गए। 23 अक्तूबर की सुबह दुकान पर काम करने वाले युवक ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि दुकान से बिजली मीटर चोरी हो गया है।

इसकी शिकायत उन्होंने से की तो यहां एसडीओ राजीव कुमार ने कहा कि कोतवाली में जाकर लिखित शिकायत करो और उसकी एक प्रति उपलब्ध कराओ, इसके बाद मीटर लग जाएगा। कोतवाली पुलिस ने पहले जांच करने की बात कहकर तहरीर की रिसीविंग देने से इंकार कर दिया। इसके बाद ललित कुमार एसएसपी देहरादून अरुण मोहन जोशी के यहां से तहरीर की एक प्रति रिसीव करके ले आए। अब बिजली विभाग के एसडीओ राजीव कुमार मीटर लगाने से इंकार कर रहे हैं। हालत ये है कि मीटर न लगाने के लिए विभागीय अधिकारी आए दिन नये-नये दस्तावेज उपलब्ध कराने को कह रहे हैं। पीड़ित एसडीओ राजीव कुमार पर आरोप लगाते हुए बताया कि राजनीतिक दबाव के चलते वह मीटर नहीं लगा रहे है। ऐसी बात एसडीओ ने उन्हें कही है।

मसूरी में पर्यटकों की सुविधा के लिये उपलब्ध होंगे निःशुल्क बैट्री चालित वाहन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को मसूरी में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के सौजन्य से किताबघर एवं शहीद स्थल के सौन्दर्यीकरण हेतु 70 लाख की लागत से आरजीवी डायनेमिक फसाड लाईट का लोकार्पण तथा 108 फिट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करने का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मसूरी के सौंदर्यीकरण तथा पर्यटकों की सुविधा के लिये अनेक घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी स्थित लोनिवि गेस्ट हाउस को आवास विभाग को उपलब्ध कराया जायेगा, जहां पर मल्टी स्टोरी पार्किंग बनायी जायेगी, इसके साथ ही जेपी बैंड पर भी पार्किंग की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि मसूरी के लिये पार्किंग की नीति भी तैयार की जायेगी तथा भवन स्वामियों के हित में वन टाइम सेटेलमेंट योजना लागू की जायेगी। पर्यटकों की सुविधा के लिये बैट्री चलित निःशुल्क वाहनों की व्यवस्था की जायेगी। शीघ्र ही मसूरी के लिये रोपवे का भी कार्य आरम्भ कर दिया जायेगा। माल रोड तथा मेथडिस्ट चर्च पर भी पसाड लाइट की व्यवस्था की जायेगी। यात्रा सीजन में किताबघर चौक तथा आईटीबीपी बैंड पर पर्यटकों के स्वागत के लिये शाम के समय लोक संगीत की धुनों के प्रसारण की व्यवस्था भी की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों की रानी मसूरी पर्यटकों के आकर्षण का भी केन्द्र है। पर्यटकों को सभी आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराना हमारा प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन हमारी आर्थिकी का महत्वपूर्ण साधन है। राज्य में पहले से स्थापित पर्यटन स्थलों पर अब विस्तार की गुंजाइस कम है, इसके लिये टिहरी झील के साथ ही अन्य पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। राज्य में अच्छे होटलों के साथ ही आवागमन के साधनों को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के प्रति हमारा व्यवहार देवभूमि के अनुरूप होना चाहिए, यह हमारी पहचान है। इससे अधिक से अधिक पर्यटक राज्य में आयेंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किताब घर चौक पर महात्मा गांधी तथा शहीद स्थल पर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

देश व समाज में सकारात्मक परिवर्तन युवाओं से ही सम्भवः राजनाथ

राज्य स्थापना दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश वासियों को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड से उनका हमेशा भावनात्मक लगाव रहा है। जब उत्तराखण्ड का निर्माण हुआ था वे ही संयुक्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। बड़ी खुशी की बात है कि उत्तराखण्ड तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य ने राष्ट्रीय स्तर अपनी विशेष पहचान बनाई है। उत्तराखण्ड 20 वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। यह ऐसी अवस्था होती है जब सब कुछ कर गुजरने की ललक होती है, साथ ही जोखिम भी उठाने का भाव होता है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भारत की देवभूमि है। पूरी दुनिया में इसे सम्मान प्राप्त है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि यहां का हर गांव सैन्यधाम है। उत्तराखण्ड की शिक्षण संस्थानों मं देश भर के छात्र-छात्राएं पढ़न आते हैं। इसे देश का विद्याधाम भी कहा जा सकता है। यहां के शिक्षण संस्थान लघु भारत का रूप हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा कि भारत ही एक ऐसा देश है जहां संस्कृति एक-दूसरे को जोड़ती है। सच्चे मायनों में राष्ट्र की संज्ञा, भारत को ही दी जा सकती है क्योंकि यही एक ऐसा देश है जिसने अपनी सांस्कृतिक पहचान सदियों से बनाए रखी है। यहां की विविधता में एकता अद्भुत है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य आंदोलन के शहीदों का स्मरण करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के संतुलित विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न घोषणाएं की।
1. आंगनवाडी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए सप्ताह में 4 दिन दूध, 2 दिन अंडा व केला उपलब्ध होगा।
2. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के समान ही मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास परियोजना लागू होगी।
3. वृद्धावस्था, विकलांगता, विधवा पेंशन में 200 रुपए की वृद्धि की जाएगी, 1 जनवरी 2020 से लागू होगी।
4. उपनल, पीआरडी कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर 500 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा, यह भी 1 जनवरी 2020 से लागू होगा।
5. इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाई जाएगी।
6. सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए सीमांत तहसीलों में मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना लाई जाएगी। इससे पहाड़ों और दूरस्थ क्षेत्रों से पलायन रुक सकेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसका सुझाव सैनिक सम्मेलन में प्राप्त हुआ था।
7. कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल के लिए सेलाकुईं व रुद्रपुर में महिला हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।
9. राज्य में पशुओं का बीमा कराये जाने हेतु बीमा धनराशि की गैप फंडिंग की भरपाई राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
10. ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना बनाई जाएगी।
11. राज्य में दीनदयाल उपाध्याय एकीकृत भूकंप सुरक्षा कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाएगा।
12. प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को सप्ताह में एक दिन फोर्टिफाइट मीठा दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
13. सभी जनपदों में आधुनिक विधि से सर्वेक्षण कर भू बंदोबस्त किया जाएगा। पहले पौड़ी गढ़वाल और अल्मोड़ा जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जाएगा।
14. मिशन इन्द्रधनुष के तहत चिन्हित अति संवेदनशील क्लटरों में स्वास्थ्य से इतर अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराने के लिए सभी जनपदों में सर्व उत्थान सर्व समृद्धि अभियान चलाया जाएगा।
15. लोक कलाकारों के मानदेय को 400 रूपए से बढ़ाकर 600 रूपए और टीम लीडर का मानदेय 500 से बढ़ाकर 700 रूपए किया जाएगा।

कार्यक्रम में सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका और बीस सूत्री कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट 2018-19 का विमोचन किया गया।