करोड़ो की संख्या में श्रद्धालु कुंभ में पहुंचे, इसके लिए करेंगे प्रचार प्रसार

2021 के हरिद्वार महाकुम्भ को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी महाराज एवं महासचिव हरि गिरी महाराज के साथ बैठक की।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 2021 में हरिद्वार में भव्य महाकुंभ का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर 2019 को हरिद्वार में अखाड़ा परिषदों के साथ सकुशल कुंभ कराने के लिए बैठक की जायेगी। आखाड़ा परिषद के सभी संतों के सुझावों को सरकार गम्भीरता से लेगी। भव्य एवं सुन्दर कुंभ कराने के लिए सरकार कृत संकल्प है। करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार कुंभ में आयें, इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जायेगा और इसके साथ ही उनकी सुख-सुविधा का पूरा ध्यान भी रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेले की तैयरियों में संत समाज के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाएगा। कुंभ मेला प्रारम्भ होने से पूर्व हरिद्वार में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जायेंगी। संत समाज का हमें निरंतर सहयोग मिलता रहा है। संत समाज के सुझावों को ध्यान में रखते हुए महाकुम्भ के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाई जायेगी।

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आगामी महाकुंभ एक बड़ी चुनौती है। सकुशल कुंभ कराने के लिए विस्तृत कार्य योजनाएं बनाई जा रही है। संत समाज के आशीर्वाद से सकुशल कुंभ का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कुंभ में स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जायेगा।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी महराज ने कहा कि महाकुभ में सुरक्षा व्यवस्था में अखाड़ा परिषदों द्वारा पूरा सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि कुंभ मेले में होने वाले स्थाई प्रकृति के कार्यों की शुरूआत जल्द ही शुरू हो जाये। अखाड़ा परिषदों के लिए स्थान समय पर चिन्हित कर लिये जाए। उन्होंने अखाड़ों के लिए स्थाई प्रकृति के कार्य करने पर भी बल दिया। महाकुंभ में अखाड़ों के रहने का कलेण्डर बने व उसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी हो। मेले के लिए पार्किंग स्थल, सड़कों के चौड़ीकरण, पुलों के निर्माण, एवं सुचारू आवागमन हेतु अभी से ही सुनियोजित कार्ययोजना बन जाए। सुझाव दिया कि कुंभ मेले के लिए गंगा की स्वच्छता के साथ ही हरिद्वार की सफाई व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा जाए।

राज्य वन्य जीव बोर्ड की 13वीं बैठक में वन संरक्षण और ग्रामीणों की आजीविका पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड राज्य वन्य जीव बोर्ड की 13वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत भी उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने वनों के प्रबन्धन में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित किये जाने पर बल देते हुए कहा कि वनों के संरक्षण के साथ ही ग्रामीणों की आजीविका भी प्रभावित न हो इसके लिये प्रभावी पहल होनी चाहिए।

बैठक में मानव वन्य जीव संघर्ष से ग्रसित गांवों में वालेण्टरी विलेज प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, संरक्षित क्षेत्रों के अन्दर व निकटस्थ गांवों में इको डेवलपमेंट कार्यक्रम को पंचायतों के माध्यम से संचालित कराये जाने, राज्य मे कस्तुरी मृग व राज्य पक्षी मोनाल के संरक्षण, मत्स्य संरक्षण एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एंगलिंग की अनुमति प्रदान करने के साथ ही कार्बेट टाइगर रिजर्व व राजाजी टाइगर रिजर्व में मानव वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिए बाघो व जंगली हाथियों की जनसंख्या प्रबन्धन व धारण क्षमता के आकलन के लिये दीर्घ कालीन शोध व नीति निर्धारण पर सहमति प्रदान की गई।

बैठक में नन्दौर एवं सुरई को क्षेत्रीय जनता की मांग के दृष्टिगत बफर जोन न बनाये जाने का भी निर्णय लिया गया। लालढ़ांग-चिल्लरखाल सड़क के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। अब यह प्रस्ताव नेशनल वाईल्ड लाईफ बोर्ड को भेजा जाएगा। नेशनल पार्क व बफर जोन में वर्षों पूर्व स्थापित स्कूलों आदि में सौर उर्जा एवं शौचालयों के निर्माण के लिए कंजरवेटर को निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया। इसके अतिरिक्त बैठक में विभिन्न सड़को के 16 प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में कंडी मार्ग के सम्बन्ध में इसके सभी पहुलओं पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से व्यापक चर्चा की गई। इस सम्बन्ध में व्यापक विचार विमर्श के पश्चात् शासन द्वारा इस पर व्यवहारिकता के दृष्टिगत नीतिगत निर्णय किए जाने की भी सहमति बनी।

अमित शाह ने दिया केंद्र से हर आवश्यक सहयोग का आश्वासन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को नई दिल्ली में नार्थ ब्लॉक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट कर उन्हें उत्तराखण्ड में अतिवृष्टि से हुई जन-धन हानि की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दैवीय आपदा से इस वर्ष राज्य के विभिन्न स्थानों पर 32 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है। राज्य में प्रारम्भिक अनुमान के अनुसार लगभग 175 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने आपदाग्रस्त स्थानों पर संचालित बचाव व राहत कार्यों के बारे में भी जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदेश में आपदा की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री को केंद्र से हर आवश्यक सहयोग दिए जाने के प्रति आश्वस्त किया।

जिला आपदा कंट्रोल रूम का लगातार निरीक्षण करें सभी डीएमः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में अतिवर्षा की संभावनाओं के दृष्टिगत किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी जाय। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग के भारी वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए विशेष सतर्कता की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को किसी भी प्रकार के आपदा के लिए सतर्क रहने एवं शीघ्र रिस्पाँस करने को कहा है। आपदा प्रभावितों को अनुमन्य सहायता राशि भी शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिये हैं कि जिला आपदा कंट्रोल रूम का भी लगातार निरीक्षण करते रहें। ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को आपदा के दृष्टिगत निरन्तर जनप्रतिनिधियों के सम्पर्क में रहने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों के फोन नम्बर की लिस्ट भी अपडेट रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की घटना होने पर शीघ्र सम्पर्क किया जा सके।

अब टिक टॉक पर वीडियो बना युवाओं को जागरूक करेगी उत्तराखंड पुलिस

युवाओं में तेजी से बढ़ते टिक टॉक के बुखार को देखते हुए अब उत्तराखंड पुलिस भी इससे जुड़ गई है। पुलिस महानिदेशक के अनुसार युवाओं को टिक टॉक के जरिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने टिक टॉक कंपनी से हाथ भी मिलाया है। साथ ही पुलिस ने अकाउंट भी शुरू कर दिया है।

पुलिस वीडियो के जरिये युवाओं को नशे से बचने, यातायात नियमों का पालन करने और अन्य नियम-कायदों की जानकारी देगी। पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि अभी कुछ दिन इसका ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान जागरूकता के वीडियो तैयार कर टिक टॉक के जरिये प्रचारित-प्रसारित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि युवाओं की बात उनके अंदाज में ही पेश की जाएगी, ताकि वह बेहतर तरीके से समझ सकें। अभी तक पुलिस की ओर से पोस्टर, फेसबुक, ट्वीटर आदि के माध्यम से सुझाव भेजे जाते रहे हैं।

उत्तराखंड पुलिस से जुड़ना अच्छा अनुभव
टिक टॉक के डायरेक्ट ऑफ पब्लिक पॉलिसी (भारत) नितिन सलुजा ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस के साथ जुड़ना उनका एक अच्छा अनुभव है। हम टिक टॉक के माध्यम से समाज में बेहतर बदलाव की कोशिश करेंगे।

त्रिवेन्द्र बोले, वर्ष 2019 को रोजगार वर्ष के रूप में मना रही राज्य सरकार

त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देहरादून के परेड ग्राउण्ड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व उनके आश्रितों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने थाना मुनस्यारी को सर्वश्रेष्ठ थाना घोषित होने पर एसओ मुनस्यारी प्रदीप चौहान को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वर्ष 2019 को रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सभी रिक्त सरकारी पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती की जाएगी। इसकी मॉनिटरिंग के लिए कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। जो लोग पहले से संविदा में लगे हैं, उनके लिए अधिमान अंक की व्यवस्था की जाएगी। महिला उद्यमियांे को बढ़ावा देने के लिए ‘‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना’’ शुरू की जा रही है। इससे 20 हजार से अधिक महिलाओं को आजीविका का साधन मिलेगा। ‘‘मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना’’ के तहत टॉपर 25 बच्चों को सभी कोर्सेज में 50 प्रतिशत फीस की स्कॉलरशिप दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि ‘‘देश को जानो योजना’’ के तहत कक्षा 10 के टॉप 25 रैंकर्स को भारत भ्रमण कराया जाएगा। ये सभी बच्चे उत्तराखण्ड बोर्ड के होंगे। इनका एक भ्रमण हवाई जहाज से भी होगा। इससे बच्चों को भारत के विभिन्न प्रान्तों की संस्कृति, इतिहास, रहन सहन, खान-पान आदि के बारे में जानने का मौका मिलेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति आश्रम पद्धति के विद्यार्थियों के भोजन भत्ते को 3000 रूपए प्रति माह से बढाकर 4500 रूपए प्रति माह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2020 तक प्रदेश की समस्त सहकारी समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग किसी भी समाज की अनमोल धरोहर होते हैं। उनका अनुभव व बुद्धिमत्ता परिवार, समाज व देश के लिए बहुत जरूरी होता है। बुजुर्गों की देखभाल हम सभी का परम दायित्व है।

कंगसाली हादसे में मारे गए बच्चों के परिजनों को दो लाख रूपए देंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के कंगसाली गांव में स्कूली बच्चों के वाहन दुर्घटना में मृतक बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रूपए एवं घायलों को 50 हजार रूपए मुआवजा देने का ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में घटित इस घटना का संज्ञान लेने तथा मृतक बच्चों के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया है। विधायक प्रतापनगर विजय सिंह पंवार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।

ज्ञातव्य है कि टिहरी गढ़वाल के कंगसाली गांव में एक स्कूल के मृतक बच्चों के परिजनों को जिला प्रशासन द्वारा प्रति मृतक एक लाख रूपये की धनराशि तथा वाहन दुर्घटना के घायलों को प्रति घायल रूपये दस हजार की धनराशि दी गयी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी घटना स्थल पर जाकर मृतक बच्चों के परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी एवं आर्थिक सहायता के रूप में मृतक बच्चों के परिजनों को एक-एक लाख रूपये एवं घायलों को पचास हजार रूपये के चेक प्रदान किये।

रक्षाबंधन पवित्रता और संकल्प का त्यौहारः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को जाखन स्थित हिमालयन गार्डन में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में प्रतिभाग किया। बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई में रक्षा सूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने सभी को रक्षाबन्धन, ईद एवं स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे देश एवं हमारी संस्कृति में त्योहारों का एक अलग महत्व है। हमारे त्यौहार हमारी संवेदनाओं एवं भावनाओं से जुड़े होते हैं तथा वे हमारे रिश्तों को और भी अधिक मजबूत बनाते हैं। रक्षाबन्धन पवित्रता एवं संकल्प का त्यौहार है। हमारी भावनाओं से जुड़ा त्योहार है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति हमारा प्रयास निरन्तर जारी है। महिलाओं को सशक्त किए बिना हम एक समृद्ध उत्तराखण्ड की कल्पना पूरी नहीं कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए कई मायनों में खास है। इस वर्ष हमने ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी प्रगति की है, चाहे वह चन्द्रयान-2 का प्रक्षेपण हो या अन्तरीक्ष में सेटेलाईट स्थापित करना हो। आज हमारा देश विश्व के अग्रणी देशों में शामिल ही नही हुआ बल्कि आज दुनिया का हमारे प्रति विश्वास व भरोसा बढ़ा है। यह सब हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ढृढ इच्छाशक्ति का ही परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की संसद ने तीन तलाक बिल को पास कर हमारी मुस्लिम बहनों को न्याय दिलाया है। सामाजिक विषमता को समाप्त कर उन्हें अपनी लड़ाई लड़ने के लिए सक्षम बनाया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को समाप्त कर कश्मीर के लोगों को समाज व देश की मुख्य धारा से जोड़ा गया है। अब कश्मीर की बेटियों व गरीबों को उनका वाजिब हक मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के 70 साल बाद वास्तव में अब देश एक हुआ है। अब कश्मीर के लाल चौक पर भारतीय क्षण्डा फहराया जायेगा। एक निशान एक विधान अब वहां लागू होगा। उन्होंने कहा कि अब जम्मू कश्मीर के लोगों से आम देश वासियों की निकटता बढ़ेगी।

मृतक बच्चों की आत्मशांति को किया मौन, घायलों का जाना हाल

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा कंगसाली गांव पहुंचकर मैक्स दुर्घटना में एंजल इन्टरनेशनल स्कूल के मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि दी गयी तथा मृतक बच्चों एवं घायल बच्चों के परिजनों को सांत्वना दी गयी। साथ ही मृतक आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया। वाहन दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को जिला प्रशासन द्वारा प्रति मृतक एक लाख रूपये की धनराशि तथा वाहन दुर्घटना के घायलों को प्रति घायल रूपये दस हजार की धनराशि पूर्व में ही वितरित की जा चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र द्वारा आज और एक लाख रूपये प्रति मृतक के परिजनों एवं पचास हजार रूपये प्रति घायल वितरित किये जाने हेतु चौक के रूप में जिलाधिकारी को उपलब्ध कराये गये हैं।

उन्होंने कहा कि वाहन दुर्घटना दुर्भाग्यपूर्ण है इसका सभी को बहुत दुख है। वाहन दुर्घटना की सूचना मिलते ही सरकार द्वारा अधिकारियों को दूरभाष पर घायलों के त्वरित उपचार की व्यवस्था के निर्देश दिये गये। घायल बच्चें शीघ्र अस्पताल पहुंच सके इस हेतु हैलीकॉप्टर की व्यवस्था की गयी। मृतक एवं घायलों के परिजनों की क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किये जाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। प्रदेश को शीघ्र ही 600 डॉक्टर मिलने की सम्भावना है। उन्होंने कहा कि प्रतापनगर क्षेत्र के लिए राज्य सरकार द्वारा एक ओर एम्बुलेंस बोट की व्यवस्था की जायेगी।

उन्होंने कहा कि टिहरी बांध से सर्वाधिक प्रभावित प्रतापनगर की जनता हुई है इसे ध्यान में रखते हुए डोबरा चांठी पुल निर्माण हेतु सरकार द्वारा एकमुश्त ही रूपये 88 करोड़ दिये गये। विश्वास है कि आगामी माह फरवरी तक डोबरा चांठी पुल जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने दुर्घटना के मृतक एवं घायल बच्चों के परिजनों को आश्वस्त किया कि दुर्घटना की जांच चल रही है। इसमें जो भी दोषी पाया जायेगा उनके विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जायेगी। मृतकों एवं घायलों के परिजनों की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा भारत सरकार से प्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड में एक केन्द्रीय विद्यालय खोलने की मांग की गयी है।

हंस फाउंडेशन के संस्थापक के जन्मदिन पर सीएम ने की शिरकत, बोले फाउंडेशन का प्रयास प्रत्येक रूप में सराहनीय

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को नन्दा की चौकी, प्रेमनगर, देहरादून स्थित एक स्थानीय होटल में हंस फाउंडेशन के संस्थापक भोले महाराज के जन्मोत्सव कार्यक्रम में शिरकत की, उन्होंने हंस फाउंडेशन की ओर से समाज हित के कार्यों के लिए प्रदान की गई एम्बुलेन्स व स्कूल बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हंस फाउण्डेशन की ओर से उत्तराखण्ड के 03 जनपदों के लिए एम्बुलेन्स व विद्यालय रथ योजना के तहत उत्तराखण्ड के 09 स्कूलों के लिए बसें प्रदान की गई।

उत्तरकाशी जनपद के मोरी ब्लॉक के 20 गांवों के 556 परिवारों को हंस ऊर्जा के तहत सोलर लाईट वितरण, ऋषिकेश के गंगा तटों पर प्रथम जल एम्बुलेन्स का अवतरण, प्रदेश की विभिन्न बालिका स्कूलों में छात्रावासों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग व डिस्पोजल मशीनों का शुभारम्भ एवं शिक्षा अभियान के तहत संचालित होने वाले उत्तराखण्ड के स्कूलों में स्कूल यूनिफार्म, पठन-पाठन सामग्री, कम्प्यूटर लैब, साइंस लैब का वितरण किया गया।

भोले महाराज को जन्मदिवस की बधाई व शुभकामना देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हंस फाउंडेशन ने आज देश के सबसे बड़े ट्रस्ट व दाता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में हंस फाउंडेशन का महत्वपूर्ण योगदान है। फाउंडेशन के प्रयास प्रत्येक रूप में सराहनीय है। उनके द्वारा असीम सेवाएं राज्य व राज्य से बाहर दी जा रही है। माता मंगला देवी की ओर से गरीब व वंचित वर्ग की सहायता हेतु विभिन्न सेवा कार्य किए जा रहे है। इन प्रयासों को निश्चित रूप से सराहा जाना चाहिए।