मेयर अनिता के प्रयासों से तीर्थनगरी में बनेंगे हाईटेक शौचालय

मेयर अनिता ममगाईं के प्रयासों की बदौलत जल्द ही ऋषिकेश में हाईटेक शौचालय बनने जा रहे है। यह हाईटेक शौचालय के प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को भी बल मिलेगा। मेयर अनिता ममगाईं के इस प्रयास को नगर के लोगों ने सराहना की है। इसके लिए नगर निगम ऋषिकेश के स्तर से जल्द ही निविदा प्रक्रिया शुरू होने जा रही हैं। मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि अच्छे शौचालय देने का वाला वायदा उन्होंने चुनावी घोषणा पत्र में किया था। योजना को जमीनी धरातल पर लाने के लिए कार्य प्रारंभ हो गया है।

निगम की इस योजना को शहरी विकास निदेशालय ने स्वीकृति दी है। निगम ने निदेशालय को 229 सीट का प्रस्ताव दिया था जिसमें उन्होंने प्रथम चरण में 29 लाख रुपए रिलीज कर दिए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के मद के द्वारा यह धनराशि दी जा रही है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा सभी टॉयलेट का एक सर्वे करवाया गया। उस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर निदेशालय से धनराशि की मांग की गई थी जिसपर निदेशालय की स्वीकृति की मुहर लग चुकी है।

कहा कि भीड़-भाड़ वाले इलाके में शौचालय नहीं होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब इस परेशानियों से लोगों को निजात मिलेगा। शौचालय पूरा हाइटेक बनेगा। इन्होंने बताया कि शौचालय के अंदर साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था रहेगी एवं इनका निर्माण फाइव स्टार होटलों के टॉयलेट की तरह किया जाएगा।

जनता से किए 85 फीसदी वायदे पूरे किए, स्वरोजगार पर फोकसः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा के लिए व्यापक कार्ययोजना पर काम कर रही है। इसमें 4 वानर रेस्क्यू स्ेंटरों की स्थापना, 125 किमी जंगली सूअर रोधी दीवार, 50 किमी सोलर फेंसिंग, 13 किमी हाथी रोधी दीवार, 250 किमी हाथी रोधी खाईयों का निर्माण शामिल है। महिला पौधालयों की स्थापना पर भी काम किया जा रहा है जिसमें कि लगभग 20 हजार महिलाओं को रोजगार सम्भावित है। एक वैश्विक स्तर का साईंस कॉलेज और प्रदेश के 5 हजार स्कूलों में हिमालय इको क्लबों की स्थापना की कार्ययोजना भी बनाई गई है।

रोजगार
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल पर वर्चुअल प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि अपै्रल 2017 से सितम्बर 2020 तक विभिन्न विभागों के अंतर्गत कुल 7 लाख 12 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया गया। इनमें से नियमित रोजगार लगभग 16 हजार, आउटसोर्स-अनुबंधात्मक रोजगार लगभग 1 लाख 15 हजार और स्वयं उद्यमिताध्प्राईवेट निवेश से प्रदानध्निर्माणाधीन परियोजनाओं से रोजगार लगभग 5 लाख 80 हजार है।
उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा की गई भर्तियों की बात की जाए तो इसके माध्यम से वर्ष 2014 से 2017 तक कुल 08 परीक्षाएं आयेजित की गईं जिनमें 801 पदों पर चयन पूर्ण किया गया। जबकि वर्ष 2017 से 2020 तक कुल 59 परीक्षाएं आयोजित की गईं जिनमें 6000 पदों पर चयन पूर्ण किया गया। वर्तमान में उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में 7200 पदों पर अधियाचन-भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। मनरेगा में प्रति वर्ष 6 लाख लोगों को रोजगार दिया जाता है। कोविड के दौरान इसमें अतिरिक्त रोजगार दिया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में 84 हजार अतिरिक्त परिवारों (2 लाख अतिरिक्त श्रमिकों) को रोजगार दिया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में 170 करोड़ रूपए अतिरिक्त व्यय किए गए हैं। आगामी तीन माह में कैम्पा के अंतर्गत 40 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना है। युवाओं और प्रदेश में लौटे प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना प्रारम्भ की गई। एमएसएमई के तहत इसमें ऋण और अनुदान की व्यवस्था की गई है। इसमें लगभग 150 प्रकार के काम शामिल किए गए हैं।

गैरसैंण, उत्तराखण्ड की ग्रीष्मकालीन राजधानी
गैरसैंण को उत्तराखण्ड की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया। इसकी विधिवत अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। अब गैरसैण में राजधानी के अनुरूप आवश्यक सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना बनाई जा रही है। भविष्य की आवश्यकताओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दृष्टि से चारधाम देवस्थानम बोर्ड का गठन किया गया है। इसमें तीर्थ पुरोहित और पण्डा समाज के लोगों के हक हकूक और हितों को सुरक्षित रखा गया है। अटल आयुष्मान योजना में राज्य के सभी परिवारों को 5 लाख रूपए वार्षिक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा देने वाला उत्तराखण्ड, देश का पहला राज्य है। अभी 2 लाख 5 हजार मरीजों को योजना में निशुल्क उपचार मिला है। जिस पर 180 करोड़ रूपए से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। नेशनल पोर्टेबिलिटी की सुविधा देते हुए देशभर के 22 हजार से अधिक अस्पताल इसमें सूचीबद्ध हैं।

कार्यसंस्कृति में सुधार
ई-कैबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम डैश बोर्ड उत्कर्ष, सीएम हेल्पलाईन 1905, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था के चलते कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस सरकार की प्रमुख नीति है। इन्वेस्टर्स समिट के बाद पहले चरण में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। अगले डेढ़ वर्ष में इसे 40 हजार करोड़ तक करने का लक्ष्य रखा गया है।

रिवर्स पलायन पर सुनियोजित प्रयास
पर्वतीय राज्य की अवधारणा से बने उत्तराखण्ड में पहली बार किसी सरकार ने रिवर्स पलायन पर सुनियोजित तरीके से काम शुरू किया है। एमएसएमई के केंद्र में पर्वतीय क्षेत्रों को रखा गया है। सभी न्याय पंचायतों में क्लस्टर आधारित एप्रोच पर ग्रोथ सेंटर बनाए जा रहे हैं। 100 से अधिक ग्रोथ सेंटरों को मंजूरी भी दी जा चुकी है। बहुत से ग्रोथ सेंटर शुरू भी हो चुके हैं। हर गांव में बिजली पहुंचाई गई है। किसानों को तीन लाख रूपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के गन्ना किसानों को अवशेष गन्ना मूल्य का शत प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित किया गया है।

नए पर्यटन केद्रो का विकास
13 डिस्ट्रिक्ट-13 न्यू डेस्टीनेशन से नए पर्यटन केंद्रों का विकास हो रहा है। होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। विभिन्न रोपवे प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। जलसंरक्षण और जलसंवर्धन पर काफी काम किया गया है। प्रदेश की नदियों, झीलों, तालाबों और जलस्त्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए व्यापक जनअभियान शुरू किया गया है।

डबल इंजन का असर
डबल इंजन का असर साफ-साफ देखा जा सकता है। केंद्र सरकार द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रूपए की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई हैं। बहुत सी योजनाओं पर तेजी से काम भी चल रहा है। इनमें ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम सड़क परियोजनाघ्, केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण, भारतमाला परियोजना, जमरानी बहुद्देशीय परियोजना, नमामि गंगे, भारत नेट फेज -2 परियोजना, एयर कनेक्टीवीटी पर किया जा रहा काम मुख्य है। उत्तराखण्ड पहला राज्य है जहां उड़ान योजना में हेली सेवा प्रारम्भ की गई है। श्री बदरीनाथ धाम का भी मास्टर प्लान बनाया गया है।

राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
पिछले लगभग साढ़े तीन वर्षों में उत्तराखण्ड ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। नीति आयोग द्वारा जारी ‘‘भारत नवाचार सूचकांक 2019’’ में पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों की श्रेणी में उत्तराखण्ड सर्वश्रेष्ठ तीन राज्यों में शामिल है। राज्य को 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में बेस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट घोषित किया गया। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड को सात पुरस्कार मिले हैं। ‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ अभियान में ऊधमसिंह नगर जिले को देश के सर्वश्रेष्ठ 10 जिलों में चुना गया। उत्तराखंड को खाद्यान्न उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दूसरी बार कृषि कर्मण प्रशंसा पुरस्कार दिया गया। जैविक इंडिया अवार्ड 2018 के साथ ही मनरेगा में देशभर में सर्वाधिक 16 राष्ट्रीय पुरस्कार राज्य को मिले। मातृत्व मृत्यु दर में सर्वाधिक कमी के लिए उत्तराखण्ड को भारत सरकार से पुरस्कृत किया गया है।

लोक कल्याणकारी सरकार
आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आंगनबाड़ी सहायिका, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगजन पेंशन की राशि को 1000 रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 1200 रूपए प्रतिमाह किया गया। ग्राम प्रहरियों का मानदेय रूपए 2000 हजार प्रतिमाह किया गया। दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया गया। उत्तराखण्ड पहला राज्य है जहां अनाथ बच्चों की चिंता करते हुए उनके लिए सरकारी सेवाओं में आरक्षण की व्यवस्था की गई है। दुर्घटना राहत राशि को मृत्यु पर 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख, गम्भीर घायल होने पर 20 हजार से बढ़ाकर 40 हजार और साधारण घायल होने पर 5 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रूपए किया है। शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी दी जा रही है। विशिष्ट सेवा पदक से अलंकृत सैनिकों को अनुमन्य राशि में कई गुना बढ़ोतरी की है।

कोविड-19 से लड़ाई, हेल्थ सिस्टम को मजबूती
उत्तराखण्ड में सभी के सहयोग से कोविड-19 से लड़ाई लड़ी जा रही है। परिस्थितियों के अनुसार निर्णय ले रहे हैं। सर्विलांस, सेम्पलिंग, टेस्टिंग पर फोकस किया जा रहा है। राज्य में हेल्थ सिस्टम को मजबूत किया गया है। पर्याप्त संख्या में कोविड अस्पताल, आइसोलेशन बेड, आईसीयू बेड, आक्सीजन सपोर्ट बेड और वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। अब राज्य के सभी जनपदों में आई0सी0यू0 स्थापित किए जा चुके हैं। मार्च में राज्य में कोरोना संक्रमण की टेस्टिंग सुविधा नहीं थी। वर्तमान में 5 सरकारी और विभिन्न प्राईवेट लेब में कोविड-19 के सेम्पल की जांच की जा रही है। वर्तमान में 481 आईसीयू बेड, 543 वेंटिलेटर, 1846 आक्सीजन सपोर्ट बेड, 30500 आईसोलेशन बेड उपलब्ध हैं। रुद्रपुर, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में भी मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। पिछले लगभग तीन साल में पर्वतीय क्षेत्रों में डाक्टरों की संख्या में पहले से लगभग ढाई गुना वृद्धि की गई है। टेलीमेडिसीन और टेलीरेडियोलोजी भी लाभदायक साबित हो रही हैं।

स्पीकर से मिला होटल व्यवसाईयों का दल, मानकों के अनुरूप ही विद्युत बिल वसूलने की मांग

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल से उनके कैंप कार्यालय में होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों का एक दल मिला। दल के सदस्यों ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते उनका व्यवसाय बुरी तरीके से प्रभावित हुआ है। ऐसे में परिवार आर्थिक स्थिति से जूझ रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मदन नागपाल ने मांग करते हुए कहा कि विद्युत विभाग बिल में जितना यूनिट खर्च हुआ है उसी के आधार पर बिल भी ले, जबकि फिक्स चार्ज और सर्विस चार्ज को पूर्णता समाप्त किया जाए। मौके पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन एवं होटल का व्यवसाय निश्चित रूप से प्रभावित हुआ है। ऐसे में सरकार भी निश्चित रूप से राहत देने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह को मौके पर बुलाकर सख्त हिदायत दी। कहा कि मानकों के अनुरूप ही विद्युत का भुगतान लिया जाए। सरकार द्वारा जो घोषणा की गई है, उसी के अनुरूप व्यवसायी विद्युत बिलों का भुगतान करेंगे। साथ ही होटल व्यवसायियों को बेवजह परेशान न किया जाए। उन्होंने होटल व्यवसायियों को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है। मौके पर होटल एसोसिएशन ऋषिकेश के अध्यक्ष मदन गोपाल नागपाल, महामंत्री भगवती प्रसाद रतूड़ी, अंशुल अरोड़ा, अमर बेलवाल, राजीव शर्मा, कुशाग्र तनेजा, राकेश गुप्ता, अमित उप्पल, भवानी शंकर व्यास, चरणजीत अरोड़ा, आनंद रावत आदि उपस्थित रहे।

शिवतंत्र डाॅक्यूमेंट्री की शूटिंग को सीएम त्रिवेन्द्र ने दी हरी झंडी, पंचकेदार में से किसी एक पर शूटिंग जल्द

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में फिल्म निर्देशक एवं लेखक करण राजदान ने मुकालात की। उन्होंने कहा सीएम त्रिवेन्द्र से राज्य में बाॅलीवुड फिल्म ‘हिन्दुत्व’ की शूटिंग करने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि फिल्म की 90 प्रतिशत शूटिंग वे उत्तराखण्ड में करना चाहते हैं। इस फिल्म की शूटिंग जनवरी-फरवरी 2021 में होगी। इसके अलावा उन्होंने उत्तराखण्ड में एक डॉक्यूमेंट्री ‘शिवतंत्र’ की शूटिंग करने की इच्छा जताई।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग के लिए सरल फिल्म नीति बनाई गई है। अब एक दिन में भी फिल्म शूटिंग की ऑनलाईन अनुमति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य एवं प्राकृतिक वातावारण फिल्म की शूटिंग के लिए अनुकूल है। इसलिए फिल्मकारों का रूझान उत्तराखण्ड के प्रति बढ़ा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने फिल्म निर्देशक करण राजदान को उत्तराखण्ड में फिल्म की शूटिंग की इच्छा पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्री ‘शिवतंत्र’ पर पंच केदार में से किसी भी स्थान पर शूटिंग की जा सकती है।

कोरोना महामारी से नुकसान में चल रहे पर्यटन कारोबारियों के लिए सरकार की पहल, होटल और होम स्टे पर मिलेगी छूट

कोरोना महामारी से आर्थिक नुकसान पर चल रहे पर्यटन कारोबारियों को अब सरकार राहत देने जा रही है। सरकार ने राज्य में पर्यटन प्रोत्साहन कूपन योजना को अपनी मंजूरी दी है। होटलों और होम स्टे में तीन दिन तक ठहरने की बुकिंग करने पर सरकार की ओर से 25 प्रतिशत या अधिकतम एक हजार रुपये की छूट के लिए कूपन दिया जाएगा। इस कूपन पर होटल और होम स्टे में कमरे के बिल पर छूट मिलेगी।

देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पर्यटक श्रेणी में पंजीकरण करने वाले पर्यटकों को कम से कम तीन दिन ठहरने पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से अधिकतम एक हजार और कम से कम 25 प्रतिशत प्रतिदिन छूट का कूपन जारी किया जाएगा।

बता दें कि छूट का लाभ ऑनलाइन बुकिंग पर ही मिलेगा। कूपन के माध्यम से गढ़वाल मंडल पर्यटन विकास निगम, कुमाऊं मंडल पर्यटन विकास निगम के साथ ही निजी होटल और होम स्टे में कमरे के बिल में छूट दी जाएगी। देहरादून जिले में मसूरी, चकराता, ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र, हरिद्वार जिले में नगर निगम क्षेत्र, पौड़ी जिले में कोटद्वार को छोड़ कर पूरा जिला, नैनीताल जिले में हल्द्वानी ओर काठगोदाम क्षेत्र को छोड़ कर पूरे जिले में योजना लागू होगी। ऊधमसिंह नगर जिले में यह योजना लागू नहीं होगी।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट में गुणवत्ता, गति व पारदर्शिता का रखा जाए विशेष ख्यालः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलाधिकारियों से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन निर्माण के प्रगति के सम्बन्ध में समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के साथ समन्वय बनाकर हर तरह की प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिये कि अवशेष कार्य को जल्द से जल्द टाईमलाईन सहित पूर्ण कर लिया जाए साथ ही कार्यों में गुणवत्ता, गति एवं पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाय। मुख्य सचिव ने आर.वी.एन.एल. के अधिकारियों से कहा कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जायेगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि जल संस्थान जल्द से जल्द पाईप लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण कर लें उसमें आ रही समस्याओं से समय-समय पर शासन को अवगत कराया जाए ताकि समस्याओं का निराकरण हो। रेल लाइन से संबंधित भूमि अधिग्रहण के कार्य के पश्चात् भूमि मुआवजा सम्बन्धी कार्य प्राथमिकता के आधार पर किये जाए। टनल निर्माण एवं अन्य निर्माण से होने वाले मलबा के निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को अवशेष निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने निर्देश दिये कि रेलवे लाइन में बनने वाले टनलों में विशेषकर जो वन क्षेत्र में हो उन टनलों में सेंसरयुक्त गेट लगाये जाएं जिससे जंगली जानवरों के टनल में जाने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सके। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 के 03 स्थानों ब्यासी डायवर्जन, नरकोटा डायवर्जन व सुमेरपुर डायवर्जन के प्रकरणों पर भी चर्चा की गई।

हमारी गौरव परंपराओं को संजोये रहा नगर निगम क्षेत्र

तहसील चैक जल्द ही गौरा देवी चौक के नाम से जाना जायेगा। नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर के चौराहों के कराए जा रहे सौंदर्यीकरण अभियान के तहत गौरा देवी चौक का निर्माण कार्य पूर्ण करने की कवायद अब अपने अंतिम चरण में चल रही है। ऋषिकेश हरिद्वार बाइपास मार्ग स्थित तहसील चौक पर गौरा देवी की बेहद खूबसूरत प्रतिमा लगाए जाने के साथ खूबसूरत लाइटिंग एवं झरनों से निर्माणाधीन स्थल को सुसज्जित किया जा रहा है।
निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंची नगर निगम महापौर अनिता ममगाई ने बताया कि गौरादेवी चौक का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। जल्द ही एक समारोह के माध्यम से इसका लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन शहर के महापुरुषों के नाम पर महत्वपूर्ण स्थलों एवं चौराहों के सौंदर्यीकरण के लिए कटिबद्ध होकर कार्य कर रहा है। चिपको आंदोलन के लिए अपनी एक विशिष्ट पहचान रखने वाली गौरा देवी के नाम पर बेहद खूबसूरत चौक का निर्माण करा कर नगर निगम प्रशासन उन्हें अपनी सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करेगा। साथ ही चौक के जीर्णोद्धार के बाद यहां होने वाले सड़क हादसों पर भी अंकुश लग सकेगा।
इस दौरान एई आनंद मिश्रवाण, जेई उपेंद्र गोयल, पार्षद राकेश मिया, पार्षद विजेंद्र मोघा, पार्षद विजय बडोनी, पार्षद राजेन्द्र प्रेम सिंह बिष्ट, पार्षद विजय लक्ष्मी, परीक्षित मेहरा, रंजन अंथवाल, सुजीत यादव, विजय बिष्ट आदि मोजूद रहे।

कामयाबी, करोड़ो रुपये के खर्च को बचाते हुए निगम ने किया करार

धार्मिक और पर्यटन के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखने वाले ऋषिकेश को एक बड़ी कामयाबी मिली है। नगर निगम क्षेत्र के अन्र्तगत निगम ने प्लास्टिक के कूड़े का निस्तारण करने की जो योजना बनाई है। अगर वह साकार होती है तो स्वच्छता के क्षेत्र में यह कियी क्रांति से कम नही होगा। नगर निगम प्रशासन ने इसका खाका तैयार कर लिया है।
महापौर अनिता ममगाई ने बताया कि शहर में प्लास्टिक कूड़े के निस्तारण के लिए निगम और जीआईजेड कंपनी के बीच करार हुआ है। महापौर ने बताया प्रोजेक्ट को धरातल पर लाने के लिए सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि विदेशी तकनीक पर आधारित इस करोड़ों रुपए की योजना में प्लास्टिक कूड़े के निस्तारण के लिए निगम को एक रुपये का खर्चा भी नहीं करना पड़ेगा। करार करने वाली कंपनी ही लागत वहन करेगी।

महापौर ने बताया कि यह कंपनी जीआईजैड कम्पनी प्लास्टिक से उत्पन्न कूड़े को कम करने के संबंध में सहयोग करेगी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का नाम है ’’अविरल’’ है जो गंगा नदी में या उसके आसपास प्लास्टिक वेस्ट को कम करता है। महापौर की माने तो यह एक मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी एमआरएफ ऋषिकेश में बनाएगी। जिससे प्लास्टिक कूड़ा शहर से कम होगा। इसके लिए निगम द्वारा गठित टीमों के माध्यम से शहरवासियों को प्लास्टिक से होने वाले नुकसान और इसके इस्तेमाल को कम करने के लिए अलग-अलग कार्यक्रमों के द्वारा बताया जाएगा।
सहायक नगर आयुक्त व नोडल अधिकारी विनोद लाल ने बताया कि यह प्रोजेक्ट 2 वर्ष चलेगा। जिसमें गोविंद नगर स्थित टंचिग ग्राउंड पर मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी प्लांट 1500 स्क्वायर मीटर में बनेगा। जिसमें 5 मेट्रिक टन का प्लास्टिक वेस्ट का हर दिन निस्तारण किया जायेगा।

पौड़ी जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही सरकार

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने जनपद पौड़ी में पर्यटन विभाग द्वारा 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना के अन्तर्गत चयनीत योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होने गुमखाल के समीप कीर्तिखाल में कीर्तिखाल से भैरंवगढ़ी रोपवे योजना के साथ ही सतपुली में 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन के अन्तर्गत विभिन्न पर्यटन योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियां से कार्य प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाये जाने के भी निर्देश दिये।
सचिव पर्यटन ने सतपुली में पर्यटन विभाग की 40 शैय्या वाले आवास गृह एवं विवाह समारोह मल्टी परक हाल के निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण कर भवन के डिजाईन एवं सुविधा के बारे में मौके पर जानकारी ली। इसके बाद उन्होने सतपुली में चयनीत पार्किग स्थल एवं सतपुली में नयार नदी के उस पार निर्माणधीन एग्लिंग हट्स कम होमस्टे व नयार नदी में बनने वाले अन्य पर्यटन विकास परक कार्यों की संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। इसके उपरान्त सचिव जावलकर दिवा की डाडा रोपवे योजना के स्थलीय निरीक्षण किया।
सचिव जावलकर ने कहा कि इस क्षेत्र में एडवेंचर टूरिज्म की अपार सम्भावनाएं है। नयार नदी में फिशिंग व एंगलिंग का अच्छा स्कोप है। विगत दिनों में पैराग्लाइडिंग व पैरासिलिंग के जो प्रयास किये गये थे, उसके भी अच्छे परिणाम आये है। कहा कि यहां पर राफ्टिंग, क्याकिंग, पैराग्लाइडिंग, पैरासिलिंग, एंगलिंग आदि की अपार सम्भावनाएं हैं, इसलिए इसे एक अच्छे डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज जीएमवीएन का टीआरएच 40 बैड कैपसिटी का उद्घाटन भी किया जा रहा है, जो थर्टीन डिस्ट्रिक्ट थर्टीन डेस्टिनेशन का पार्ट है। पैरासिलिंग के जो ट्रायल हुए थे, उसकी रिपोर्ट प्राप्त कर उसके लॉचिंग पार्ट डेवलप किया जा रहे है। कुछ रोपवे भी प्रस्तावित है, जिनका अध्ययन कर उन पर भी कार्य किया जाना प्रस्तावित है।
सचिव जावलकर ने कहा कि दीवा का डांडा से हिमालय का बहुत अच्छा दर्शन होता है और यहां पर रोपवे का प्रस्ताव दिया गया था, जिस पर कार्य चल रहा है कि किस तरह से बनाया जाय। कहा कि क्षेत्र का निरीक्षण किया जायेगा और तत्पश्चात टेण्डर प्रक्रिया की कार्यवाही की जायेगी।
इस अवसर पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी/साहसिक खेल अधिकारी पौड़ी खुशाल सिह नेगी, उपजिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

‘‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2020’’ के परिणाम जारी, उत्तराखण्ड के निकायों का शानदार प्रदर्शन

‘‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2020’’ में उत्तराखण्ड राज्य द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर तीन पुरस्कार प्राप्त किए गए। उत्तराखण्ड राज्य द्वारा 100 से कम शहरी निकायों वाले राज्यों की श्रेणी में ‘‘बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट’’ से तीसरा स्थान प्राप्त किया। नगर पंचायत नंदप्रयाग ने देशभर की एक लाख से कम आबादी वाली निकायों में से ‘‘सिटिजन फीडबैक श्रेणी’’ में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। छावनी क्षेत्र अल्मोड़ा द्वारा ‘‘सिटिजन फीडबैक श्रेणी’’ में तीसरे स्थान पर रह कर राज्य को तीसरा पुरस्कार दिलवाया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने ये पुरस्कार प्राप्त किये ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले निकायों को बधाई देते हुए कहा कि निकायों इसी मनोयोग से आगे कार्य करना होगा। स्वच्छता के क्षेत्र में अभी बहुत सुधार की गुंजाईश है। उन्होंने कहा कि राज्य के शहरों एवं निकायों की रैंकिंग में अच्छा सुधार हुआ है। इसमें और बेहतर प्रदर्शन किये जाने पर उन्होंने बल दिया। मुख्यमंत्री कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के स्वच्छ भारत मिशन अभियान को आगे बढ़ाने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। स्वच्छता के बल पर हम अनेक बीमारियों से बचाव सकते हैं।

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार नगरीय क्षेत्रों हेतु अत्यधिक गंभीरता से कार्य कर रही है। नगर निकायों को और भी अधिकार सम्पन्न बनाने एवं उनकी आय अर्जन के नए स्रोतों के विकास हेतु भी राज्य पर लगातार किया गया है। हमने निकायों को कहा कि स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए कार्य किए जाएं। यहां तक कि 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत निकायों को प्रदान किए जाने वाले अनुदान को भी सबसे पहले स्वच्छता कार्यों हेतु उपलब्ध करवाने संबंधी स्पष्ट दिशा – निर्देश जारी किए गए। इसका सीधा असर स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारे प्रदर्शन पर पड़ा है।
नगरीय स्वच्छता की अखिल भारतीय प्रतियोगिता ‘‘स्वच्छ सर्वेक्षण – 2020’’ के बहुप्रतीक्षित नतीजे घोषित किए जा चुके हैं। इस ‘‘स्वच्छ सर्वेक्षण’’ में उत्तराखण्ड राज्य की नगरीय निकायों तथा छावनी परिषदों द्वारा विभिन्न श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन किया गया है। आज ‘‘स्वच्छ सर्वेक्षण – 2020’’ के परिणामों तथा ‘‘स्वच्छ सर्वेक्षण – 2021’’ का टूलकिट जारी करते हुए मा0 केन्द्रीय मंत्री, आवसन और शहरी कार्य मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार), भारत सरकार, श्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पुरस्कार वितरित किए गए। वर्षभर चलने वाली इस राष्ट्रव्यापी प्रक्रिया में देशभर के 4242 नगरों एवं 62 केन्ट बोर्ड द्वारा प्रतिभाग किया गया। गत वर्ष तक ‘‘स्वच्छ सर्वेक्षण’’ के परिणामों को राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली में आयोजित किया जाता रहा है। इस वर्ष कोविड -19 संक्रमण के कारण उत्पन्न परिस्थितियों में इस आयोजन को एन0आई0सी0 के सहयोग से वर्चुअल प्लेटफार्म पर ऑनलाईन आयोजित किया गया।

एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में उत्तराखण्ड का स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में लगातार सुधार हुआ है। वर्ष 2019 के स्वच्छता सर्वेक्षण में देहरादून का स्थान 384, रूड़की का 281, काशीपुर का 304, हल्द्वानी का 350, हरिद्वार का 376 एवं रूद्रपुर का 403वां स्थान था। जबकि 2020 में देहरादून का 124वां, रूड़की का 131वां, काशीपुर का 139, हल्द्वानी का 229, हरिद्वार का 244 एवं रूद्रपुर का 316 स्थान आया है। 50 हजार से अधिक एवं एक लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों में रामनगर का नार्थ जोन के शहरों में 18वां, जसपुर का 56वां एवं पिथौरागढ़ का 58वां स्थान आया है। 25 हजार से 50 हजार से तक की जनसंख्या वाले नगरों की श्रेणी में नार्थ जोन में नैनीताल का 68वां एवं सितारगंज को 106वां स्थान प्राप्त हुआ है। 25 हजार से कम जनसंख्या वाले नगरों की श्रेणी में मुनि की रेती का 12वां, उखीमठ का 41वां, भीमताल का 50वां एवं नरेन्द्रनगर का 58वां स्थान आया है। देश भर के कुल 92 गंगा निकायों में उत्तराखण्ड से गौचर ने तीसरा, जोशीमठ ने चैथा, रूद्रप्रयाग ने पांचवा, श्रीनगर ने छटवां, गोपेश्वर ने आठवां, मुनि कि रेती ने 11 वां, बड़कोट ने 12वां , कर्णप्रयाग ने 13 वां, कीर्तिनगर ने 18वां, देवप्रयाग ने 20 वां, नन्दप्रयाग ने 22वां व टिहरी ने 28 वां स्थान प्राप्त किया।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक द्वारा राज्य की निकायों को बेहतर मार्गदर्शन करने तथा ‘‘स्वच्छ सर्वेक्षण – 2020’’ में उत्कृष्ट कार्य करने वाली राज्य स्तरीय पी0एम0यू0 टीम को भी पुरस्कार प्रदान किया गया। अपर निदेशक शहरी विकास अशोक कुमार पाण्डे, संयुक्त निदेशक कमलेश मेहता, अधीक्षण अभियंता, रवी पाण्डेय, राज्य मिशन प्रबंधक, रवि शंकर बिष्ट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं आई0ई0सी0 विशेषज्ञ, कमल भट्ट, एम0आई0एस0 विशेषज्ञ, राकेश कुमार, कनिष्ठ सहायक, उपेन्द्र सिंह तड़ियाल एवं अनुज गुलाटी को यह पुरस्कार प्रदान किए गए।