आईडीपीएल की भूमि पर बनेगा इंटरनेशनल कन्वेंशनः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला में भाजपा युवा मोर्चा द्वारा आयोजित मिलेनियम वोटर महा अभियान-2018 में मिलेनियम वोटरों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और नए भारत के संकल्प को लेकर कार्य कर रहे हैं। भारत के भविष्य के तय करने में युवा वोटरों को महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। देश और राज्य के समग्र विकास के लिए भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य किया है। एनएच घोटाले में अभी तक 20 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसकी जाँच अभी जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड में पर्यटन का अच्छा भविष्य है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लिए रेल कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। उड़ान योजना के अन्तर्गत 27 हेलीपैड में सस्ती हवाई सेवाएं प्रारम्भ की जायेंगी। उन्होंने कहा कि पॉवर सेक्टर में प्रदेश को पिछले साल 288 करोड़ रूपये का घाटा हुआ था, जो इस वर्ष केवल 88 करोड़ रूपये है। इस वर्ष पावर सेक्टर में 200 करोड़ रूपये का घाटा कम किया गया। परिवहन में एक साल प्रदेश में एक साल में डेढ़ सौ करोड़ की आय बढ़ी। खनन में भी 28 प्रतिशत राजस्व की वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि 2020 तक राज्य के राजस्व को दुगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने आगे कहा कि पलायन को रोकने के लिए सभी 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए इस बार के बजट में प्रावधान किये गये हैं। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में आईडीपीएल की 800 एकड़ भूमि पर इन्टरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बनाने के लिए केन्द्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ जिलों में बाल लिंगानुपात में कमी चिंता का विषय है। इसे संतुलित करने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं।

पशु पक्षियों के संरक्षण के लिये जनता को आगे आना होगाः हरक

तीन दिवसीय वर्ल्ड फेस्टिवल का शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में जैव विविधता की दृष्टि से अपार संभावनाएं है। सरकार हर क्षेत्र में आगे बढ़कर कार्य कर रही है। जिससे उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिल सके।

उत्तराखंड वन विभाग द्वारा थानो वन रेंज में पहली बार आयोजित वर्ल्ड फेस्टिवल का शुभारंभ मुख्यमंत्री व वन मंत्री ने किया। मुख्यमंत्री व वन मंत्री ने वर्ल्ड फेस्टिवल में आयोजित वन विभाग, वन विकास निगम, जिला कारागार, डब्लू डब्लू एफ, सहज योग आदि कई विभागों के अलावा स्थानीय स्तर पर लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया। उन्होंने वर्ल्ड फेस्टिवल में संजय लोधी व अनीति भूषण दत्ता की तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा उत्तराखंड देशी व विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये ईको पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक झरने, बुग्याल, जैव संसाधन आदि है। जो पर्यटन की दृष्टि से आय का स्त्रोत बन सकता है। उन्होंने कहा कि गुजरात की दर्ज पर उत्तराखंड में भी ऑप्टिकल पार्क बनाये जा सकते है।

वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि देश में पाये जाने वाली करीब 1200 प्रजातियों में से अकेले 710 के लगभग प्रजातियां उत्तराखंड में पाई जाती है। वन विभाग व आम लोगों के बीच आपसी तालमेल अच्छा हो सके, इसके लिये पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिये जनता को भी सहयोग करना होगा।

योग के कारण भारत पूरे विश्व में डंका बजा रहाः त्रिवेन्द्र

अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव का विधिवत रूप से शुभारंभ हो गया। तीर्थनगरी ऋषिकेश में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि भारत की भूमि पर ऋषि-मुनियों के अथक प्रयासों से जन्मा योग आज समूचे विश्व में अपनी महत्ता का सिद्ध कर रहा है।

आज पूरा विश्व योग के लिए भारत और खास कर उत्तराखंड की ओर रूख कर रहा है। उनहोंने कहा कि महर्षि पतंजलि योग के परिणेता रहे हैं, उसी योग को कई ऋषि-मुनियों, संतों और योग गुरुओं ने विस्तार देते हुए आज दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह आज विश्व भर मनुष्य का स्वभाव हिंसक हो रहा है, उससे बचने के लिए योग एक बेहतर माध्यम है।

उत्तराखंड पर्यटन विभाग, गढ़वाल मंडल विकास निगम व वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव- 2018 के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को योग जिज्ञासुओं ने फूलों की होली खेली। इसके बाद दूसरे दिन योग की कक्षायें चली। आपकों बता दें कि पूरे विश्व के करीब 90 देशों से लगभग 1500 से अधिक योगाचार्य ऋषिकेश में आयोजित योग महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे है। शनिवार को उपराष्ट्रपति परमार्थ निकेतन में योग जिज्ञासुओं को संबोधित करेंगे।

प्रतिदिन चलने वाली योग की 200 से अधिक कक्षाओं में मुख्य रूप से अष्टांग योग, आयंगर योग, विन्यास योग, कुंडलिनी योग, जीवमुक्ति योग, सिंतोह योग, सोमैटिक योग, हठ योग आदि प्रस्तुत किए जाएंगे।

त्रिवेन्द्र ने खिर्सू को पर्यटन मानचित्र पर उतारने का दिया भरोसा

खिर्सू शरदोत्सव के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्यों के डाक्टरों व नर्सों की कमी को जल्द पूरा करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर सरकार गंभीरता से अध्ययन कर रही है। राज्य के सभी अस्पतालों में अगले दो माह के भीतर डॉक्टरों को नियुक्त कर दिया जायेगा। उन्होंने खिर्सू को पर्यटन मानचित्र पर उतारने वाली बात भी कही।

सोमवार को विकास खंड खिर्सू मुख्यालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खिर्सू शरदोत्सव का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भ्रष्टाचार पर दृढ़ता से कार्य कर रही है। प्रदेश में तबादला व्यवसाय पर पूरी तरह रोक लगा दी है। भ्रष्टाचार में लिप्त 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 14 लोगों को जेल भेज दिया गया है।

रावत ने कहा कि 12 हजार करोड़ से ऑलवेदर रोड, 16 हजार करोड़ से रेल लाइन व 13 हजार करोड़ से प्रदेश की सीमाओं पर भारत माला योजना के तहत सड़कों का निर्माण कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि आईआईटी मुंबई के छात्रों व शिक्षकों ने डिवाइस तैयार की है जिसमें एनसीआरटी का पाठ्यक्रम तैयार है। जिसका शुभारंभ प्रदेश में अनाथ बच्चों की शिक्षा से स्मार्ट क्लास के रूम में किया जाएगा।
जनपद पौड़ी में जीआइसी खिर्सू से इस योजना का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में जल्द ही पिरुल से डीजल व तारपिन का तैल तैयार करने जा रही है। लोगों से सरकार पांच से सात रुपये किलो पिरुल खरीदेगी। जो जंगलों को आग से बचाने, पर्यावरण संरक्षण व लोगों की आय में वृद्धि करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि खिर्सू को पर्यटन मानचित्र में उभारने के लिए विशेषज्ञों से राय-शुमारी कर ठोस पहल की जाएगी।

चौबट्टा में जल्द ही सहकारी बैंक खोला जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि एनआईटी उत्तराखंड का निर्माण सुमाड़ी व जलेथा में 500 करोड़ की लागत से किया जाएगा। किसान कल्याण योजना के तहत जनपद पौड़ी में 25 हजार किसानों को लाभांवित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पहाड़ में शराब आंदोलन के दौरान महिलाओं पर दर्ज मुकदमें वापस लिए जाने का आदेश दे चुके हैं। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के 300 किसानों को पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के चौक भी वितरित किए

गंगा की स्वच्छता का जिम्मा जर्मनी से आयी टीम के हाथों


जर्मनी के प्रतिनिधिमण्डल नेे सचिवालय में डिप्टी मिशन चीफ डॉ.जेस्पर वेक के नेतृत्व में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से तकनीकी और वित्तीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार विमर्श किया। मिशन चीफ के साथ फेडरल मिनिस्ट्री के साउथ एशिया डिवीजन हेड डॉ.रोलफ्राम क्लेन, जर्मन डेवलपमेंट बैंक के सीनियर पॉलिसी ऑफिसर, जीआईजेड(जर्मन एजेंसी फॉर इंटरनेशनल टेक्निकल कोऑपरेशन) के कंट्री डायरेक्टर डॉ.यूरिक रिवेरे, सिल्के पालविज सहित अन्य अधिकारी थे। जीआईजेड उत्तराखण्ड में गंगा नदी की स्वच्छता, चिकित्सा, कौशल विकास में तकनीकी और आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा।

गंगा नदी की स्वच्छता के लिए जर्मनी के मिशन चीफ के समक्ष 920 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। जीआईजेड को बताया गया कि हरिद्वार, ऋषिकेश, तपोवन, मसूरी, देहरादून में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नेटवर्किंग का कार्य किया जायेगा। इन शहरों में 265.47 एमएलडी सीवेज निकलता है। इनके नेटवर्किंग 574.26 किमी में की जानी है। जर्मन मिशन ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार द्वारा बनाये गये डीपीआर का मूल्यांकन जर्मन तकनीकी टीम द्वारा किया जा रहा है। जीआईजेड गंगा नदी की स्वच्छता के लिए 920 करोड़ रूपये दिये जाने पर जल्द निर्णय लेगी। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार का संकल्प है कि गंगा नदी स्वच्छ व निर्मल हो। कोई भी नाला गंगा नदी में नही गिरने दिया जायेगा, इसके लिए गंगा किनारे के कस्बों में कार्य चल रहा है। जर्मनी के सहयोग से इस कार्य में और गति मिलेगी।

अगले माह यात्रियों की संख्या में होगा इजाफा

केदारनाथ यात्रा के लिये आपदा के बाद अच्छी खबर है। बहुत कम समय में चार लाख से अधिक तीर्थ यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन कर दिये हैं। बाबा के दर्शन करने वाले तीर्थ यात्रियों का आकंडा चार लाख पार पहुंच चुका है।
16-17 जून 2013 को केदारनाथ में आई भीषण आपदा के बाद इस बार केदारनाथ आने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। बरसात के मौसम में भी यात्री बाबा के दर्शनों के लिये पहुंचे हैं, जिससे देश-विदेश में यात्रा को लेकर अच्छा संदेश गया है। मई माह में कपाट खुलने के बाद चार माह के समय में चार लाख से अधिक तीर्थ यात्री बाबा के दर्शनों को पहुंचे हैं। आगामी दो महीने में भी केदारघाटी के सभी होटल-लॉलों में एडवांस बुकिंग आ चुकी है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार पांच लाख से अधिक यात्री बाबा के दर्शनों के लिये पहुंचेंगे।
इधर, पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा ने बताया कि यह यात्रा सीजन यात्रा के दृष्टिकोण से बहुत अच्छा गुजर रहा है। आपदा के बाद यात्रा पटरी पर लौट चुकी हैं बहुत कम समय में चार लाख से अधिक तीर्थ यात्री बाबा के दर्शनों के लिये पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी दो माह की यात्रा के लिये भी एडवांस बुकिंग आ चुकी हैं। मौसम भी खुल रहा है। बरसात का सीजन समाप्त होने वाला है। ऐसे में अधिक यात्रियों के आने की उम्मीदे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की दिक्कतें नहीं होने दी जाएंगी। यात्रियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

अगले साल के अंत तक पूरी हो जाएगी चार धाम सड़क परियोजना

केंद्रीय सड़क, परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तराखंड में ‘चार धाम’ सड़क संपर्क परियोजना को सरकार 2018 के अंत तक पूरा कर लेगी। 12 हजार करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जुड़े 10 प्रस्तावों को पर्यावरण मंजूरी भी मिल गई है।
उन्होंने बताया कि पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परियोजना पर काम तेज कर दिया है। जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के एजेंडे में शीर्ष पर है। इस परियोजनाओं से जुड़े अन्य अटके प्रस्तावों को भी जल्द ही मंजूरी प्राप्त हो जाएगी। क्योंकि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय समेत विभिन्न मंत्रालयों के साथ बैठकें जारी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह लोगों को सबसे बड़ा उपहार होगा। क्योंकि आस्था से जुड़ी चार धाम यात्रा लोगों के एजेंडे में शीर्ष पर रहती है। विदेश से भी बड़ी संख्या में लोग चार धाम यात्रा के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि 900 किमी के नए अलाइनमेंट पर राजमार्गो का निर्माण किया जा रहा है और सुरंगों का निर्माण भी तेज गति से हो रहा है। यह मार्ग सभी मौसम में खुले रहेंगे।
मालूम हो कि इसी महीने की शुरुआत में गडकरी ने आधारभूत ढांचे पर एक बैठक की अध्यक्षता की थी। इसमें उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों से मंजूरियों के अभाव में लटके चार धाम यात्रा के 18 प्रस्तावों में तेजी लाने का अनुरोध किया था। चार धाम परियोजना की आधारशिला पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी।

पाक चीफ आर्मी ने कहा जिन्ना का पाकिस्तान बनाएंगे

सीमा पर तनाव के बीच भारत और पाकिस्तान के सीमा रक्षकों ने भारत के 71वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पंजाब के अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर एक दूसरे को मिठाइयां व बधाई दी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों व कर्मियों ने पाकिस्तानी रेंजरों को अटारी संयुक्त जांच चौकी पर व फिरोजपुर जिले के हुसैनावाला सीमा व साथ ही फाजिलिका जिले के सीमा के प्रवेशद्वार पर मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। आपको बता दें कि हाल में द्विपक्षीय तनाव के कारण कई मौकों पर दोनों पक्षों ने मिठाइयां व बधाइयां देना बंद कर दिया था। मिठाइयों का आदान-प्रदान सीमा सुरक्षा बलों के बीच स्वतंत्रता दिवस व दूसरे त्योहारों जैसे ईद व दिवाली पर होता रहता है।

आधी रात को वाघा सीमा पर फहराया 80 फीट का झंडा
पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) ने पाकिस्तान के 70वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वाघा सीमा पर पाक का सबसे बड़ा राष्ट्र ध्वज फहराया। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में बना 120 फीट गुना 80 फीट का ध्वज आधी रात को फहराया गया। इसे 400 फीट की ऊंचाई पर फहराया गया। यह ध्वज दक्षिण एशिया में सबसे ऊंचा और दुनिया में आठवें स्थान पर है। पाक सेना प्रमुख ने कहा, करीब 77 साल पहले लाहौर में पाकिस्तान का संकल्प पारित हुआ था। उन्होंने कहा, कि हम पाकिस्तान को मोहम्मद अली जिन्ना और अल्लामा इकबाल (कवि) का देश बनाएंगे।

खुशखबरीः कैलाश मानसरोवर यात्रा एक बार फिर से शुरु

कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए खुशखबरी है। बादल फटने और रास्ते अवरुद्ध होने के चलते कैलाश मानसरोवर यात्रियों को अपनी यात्रा पूरी न होने की शंका थी। तीन दिनों से रुकी कैलाश मानसरोवर यात्रा एक बार फिर से शुरु हो गई। आज 13वें दल के सदस्यों को गुंजी से धारचूला और पिथौरागढ़ नैनी-सैनी हवाई पट्टी मे सेना के हैलीकाप्टर द्वारा पहुंचाया गया।
जिलाधिकारी पिथौरागढ़ का कहना है कि 13वां दल जो यात्रा पूरी करके लौट गया था उसके यात्रियों को आज गुंजी से धारचूला और 15 यात्रियों को पिथौरागढ़ नैनी-सैनी पहुचाया गया है। 14वां और 15वां दल इस समय कैलाश की परिक्रमा कर रहा है। वही 16वां दल सिर्खा से वापस धारचूला पहुंचाया गया है। जिसे हैलीकाप्टर द्वारा गुंजी ले जाया जायेगा। वही 17वां जत्था आज दिल्ली से यात्रा के लिसे रवाना हुआ है। इन यात्रा दलों को हैलीकाप्टर से पहुंचाया जायेगा।
इस बीच प्रशासन ध्वस्त हुये रास्तो को ठीक करने मे लगा हुआ है। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही पूरी व्यास घाटी के टूटे रास्ते ठीक हो जायेगे।

बारिश ने रोकी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति

केदारनाथ हाईवे पर लगातार हो रहे भूस्खलन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाईवे पर जगह-जगह हो रहे भूस्खलन से केदारनाथ यात्रा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। हाईवे पर आवाजाही बाधित होने से देश-विदेश से बाबा के दर्शनों के लिये यहां पहुंच रहे तीर्थ यात्री समय पर केदारनाथ धाम नहीं पहुंच पा रहे हैं। साथ ही केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ावों में समय पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। जिसका खामियाजा यात्रियों के साथ ही केदारघाटी की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
पहाड़ों में आफत की बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार हो रही बारिश से जहां आम जन जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। वहीं जगह-जगह भूस्खलन होने से जिदंगी पटरी से उतर रही है। केदारनाथ धाम की यात्रा में भी भूस्खलन बाधक बन रहा है। केदारनाथ हाईवे पिछले एक सप्ताह से भूस्खलन के कारण जगह-जगह बंद हो रहा है। केदारनाथ हाईवे बांसबाड़ा और डोलिया देवी में नासूर बन गया है। डोलिया देवी में आये दिन भूस्खलन होने से घंटों तक आवाजाही प्रभावित हो रही है। जिस कारण यात्रियों को कई घंटों तक यहां पर रूकना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि देश-विदेश से बाबा केदार के दर्शनों के लिये पहुंच रहे यात्रियों को बारिश में भीगकर हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है। केदारनाथ हाईवे के बंद होने से यात्रा के मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग, सीतापुर, गौरीकुंड, फाटा आदि स्थानों में समय पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। केदारघाटी की जनता और केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्री केदारनाथ हाईवे पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।