हर्रावाला, रुड़की और लालकुआं रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास, पीएम ने रखीं आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के अंतर्गत देश भर के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। इन रेलवे स्टेशनों की पुनर्विकास की आधारशिला रखे जाने के अवसर पर हर्रावाला रेलवे स्टेशन में राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे।
अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत 24470 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित किए जाने वाले ये 508 रेलवे स्टेशन 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हैं। इन रेलवे स्टेशनों में उत्तराखण्ड के तीन रेलवे स्टेशन हर्रावाला, रुड़की और लालकुआं शामिल हैं, जिनका पुनर्विकास किया जाएगा।
अमृत भारत रेलवे स्टेशनों में यात्रियों की आधुनिक सुविधाओं के साथ साथ विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा। स्टेशन बिल्डिंग के डिजाइन में स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला की झलक दिखाई देगी। इन स्टेशनों में यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के तीन रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रेलवे के क्षेत्र में बहुत तेज गति से कार्य हुए हैं। हम भारतीय रेल के स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहे हैं। भारतीय रेलवे को नए भारत की आकांक्षाओं तथा आत्मनिर्भर भारत की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जहां एक ओर ब्रॉड गेज रेल लाइनों से मानव रहित रेल क्रॉसिंग को ख़त्म करके भारतीय रेलवे को पहले से कही अधिक सुरक्षित बनाया गया है, वहीं दूसरी ओर आज भारतीय रेलवे की रफ्तार भी पहले से कही अधिक बढ़ चुकी है, आत्मनिर्भरता और आधुनिकता के प्रतीक चिन्ह के रूप में वंदे भारत जैसी मेड इन इंडिया ट्रेनें रेल नेटवर्क का हिस्सा बन रही हैं। वर्तमान में देश के अछूते हिस्सों को रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम भी तेजी से चल रहा है। रेल लाइनों के विद्युतिकरण का काम भी पहली बार इतनी तेजी के साथ किया जा रहा है। 2014 तक 1350 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतिकरण हुआ था पर 2014 से अब तक यह आंकड़ा 6,565 किलोमीटर तक पहुंच गया है। 2014 में देश में 1561 किलोमीटर के रेलवे ट्रेक बिछाए गए थे, जो 2023 में 5243 किलोमीटर हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में पहाड़ तक ट्रेन पहुंचाने का सपना सच होने जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन का कार्य तेजी से हो रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास और नए बदलते भारत का प्रतिबिंब है। आज प्रधानमंत्री द्वारा किये गए 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास शिलान्यास ने एक और नया कीर्तिमान बनाया है। आज जिस प्रकार से ना केवल रेलवे बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाया जा रहा है, वो अभूतपूर्व है। आज रेल आधुनिक हो रही हैं, सुविधाओं को विश्वस्तरीय किया जा रहा है, रेलवे स्टेशन मॉडर्न विजन के साथ विकसित किए जा रहे हैं। जिन स्टेशनों के पुनर्विकास की नींव आज रखी गई है उन्हें स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला के आधार पर विकसित किया जाएगा जो अपने आप में एक सुखद अनुभव होगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, बृज भूषण गैरोला, सविता कपूर, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण एवं भारतीय रेलवे के अधिकारी उपस्थित रहे।

बड़ी कार्रवाई, 6.4 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा

जीएसटी चोरी करने वाली फार्मा कंपनियों पर राज्य कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) ने देहरादून, हरिद्वार और रुड़की में नौ फार्मा कंपनियों पर छापा मारा है। इनमें चार कंपनियां फर्जी पाई गईं। प्रारंभिक कार्रवाई में 6.4 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। फार्मा कंपनियों ने अपनी गलती स्वीकारते हुए 30 लाख का टैक्स जमा किया है। विभाग ने कंपनियों के 2.43 करोड़ की आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) रोक दी है। साथ ही बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। राज्य कर आयुक्त एवं अपर सचिव अहमद इकबाल ने बताया कि शनिवार को विभाग की सीआईयू टीम ने जीएसटी चोरी करने वाली फार्मा मेन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग कंपनियों पर छापा मारा।
इस कार्रवाई में देहरादून, हरिद्वार व रुड़की की तीन-तीन कंपनियों के टैक्स संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जीएसटी में पंजीकृत चार कंपनियां सिर्फ कागजों में चल रही हैं। फर्जी कंपनियों के नाम से बिल बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेकर सरकार को राजस्व की चपत लगाई जा रही थी। कंपनियों ने दवाइयों की पैकेजिंग सामग्री और अन्य सामान की सप्लाई दिल्ली, गुजरात व मध्य प्रदेश की कंपनियों से दर्शाई है। दस्तावेजों में माल परिवहन के कोई प्रमाण नहीं मिले। गुजरात में जिस फर्म के नाम से माल आपूर्ति के बिल बनाए जा रहे थे, उसका कोई कारोबार नहीं मिला। जांच में खुलासा हुआ कि फार्मा कंपनियों की ओर से ई-वे बिलों में दिल्ली से पैकेजिंग सामग्री की सप्लाई दिखाई गई। इसमें दिल्ली से ऑटो में 30 लाख की माल परिवहन दिखाया गया।
इतनी बड़ी राशि का माल ऑटो में परिवहन करना संभव नहीं है। इसके अलावा जिस ई-वे बिल में दिल्ली से माल उत्तराखंड के दर्शाया गया उस पर माल दूसरे राज्यों में भेजा गया। राज्य कर विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ है फार्मा कंपनियों ने दिल्ली में जिस कंपनी से मेडिकल का सामान की आपूर्ति दर्शाई है वह स्क्रैब का कारोबार करती है। कबाड़ का काम करने वाली कंपनी दवाइयों के पैकेजिंग व अन्य सामान की सप्लाई कैसे कर सकती है। विभाग इन सभी मामलों की जांच कर रही है।

धामी कहीं सख्त तो कहीं दरियादिली के ले रहे फैसले

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार ऐसे फैसले ले रहे रहे जो राज्य के हित में है और लंबे समय से उनकी दरकार रही है। आज भी मुख्यमंत्री ने कई निर्णय लिये है।

अनुपस्थित चिकित्सकों की हुई सेवा समाप्त
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कार्यस्थल से निरंतर अनुपस्थित रहने वाले आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर हरमीत कौर, डॉ प्रीति सारस्वत, डॉ. सर्वान्स मालवीय की सेवाएं समाप्त किये जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है।

विभिन्न विकास कार्यों हेतु प्रदान की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री घोषणा के क्रम में मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र खटीमा में सैनिक मिलन केंद्र की स्थापना हेतु 162.26 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किस्त के रूप में 97.35 लाख रुपये, जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ में पुलना-1 में पार्किंग के निर्माण किए जाने हेतु 1 करोड़ 12 लाख के सापेक्ष अवशेष धनराशि 66.51 रुपए की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के ग्राम पंचायत सूरौण के छुर्मल में मेला स्थान के सौंदर्यीकरण एवं धर्मशाला के निर्माण हेतु 63 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 37.80 लाख, विधानसभा क्षेत्र चंपावत में घटकु-हिडिम्बा मंदिर को कुमाऊनी शैली में निर्माण कराए जाने हेतु 94.40 लाख लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किस्त के रूप में 56.64 लाख रुपये तथा जनपद चंपावत के विकासखंड बाराकोट के ग्राम पंचायत खोला सुनार में टाइल्स निर्माण कार्य हेतु 23.07 लाख रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।

नगर पालिका परिषद बनी नगर पंचायत बेरीनाग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला पिथौरागढ़ के नगर पंचायत बेरीनाग क्षेत्र को नगर पालिका परिषद बेरीनाग नगरीय क्षेत्र के रूप में गठित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही शासन द्वारा नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम जनपद नैनीताल के वार्डों के परिसीमन के सम्बन्ध में भी कतिपय दिशा निर्देश जारी किये गये हैं।

रक्षाबन्धन के अवसर पर महिलाओं को उपलब्ध रहेगी निःशुल्क बस सेवा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर रक्षाबंधन के अवसर पर आगामी 30 अगस्त को प्रदेश की महिलाओं को प्रदेश के अंदर उत्तराखण्ड परिवहन निगम द्वारा संचालित बसों के किराये में शत प्रतिशत छूट दी जायेगी। इस सम्बन्ध में सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी द्वारा प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड परिवहन निगम को निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को दिये जिला स्वास्थ्य समिति के पुनर्गठन के निर्देश

उत्तराखंड स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत राजकीय चिकित्सालयों में एएनएम के रिक्त 330 पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से शीघ्र तैनाती दी जायेगी। ब्लॉक स्तर पर रोगी कल्याण समिति का गठन किया जायेगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी जबकि जिला स्तर पर गठित जिला स्वास्थ्य समिति को पुनर्गठित किया जायेगा। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिये प्रदेशभर में जनजागरूकता अभियान चलाये जाएंगे। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज शासकीय आवास पर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बताया कि सूबे में स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती के दृष्टिगत विभिन्न राजकीय चिकित्सालयों में लंबे समय से रिक्त एएनएम के 330 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया गतिमान है जिसमें अधिक समय लगने के मध्यनजर इन पदों के सापेक्ष आउटसोर्स के माध्यम से एएनएम की तैनाती की जायेगी। इसके अलावा राजकीय चिकित्सा इकाइयों में चतुर्थ श्रेणी के 2500 पदों को भी आउटसोर्स से भरा जायेगा। जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश में वृहद स्तर पर जनजागरूकता अभियान संचालित किये जायेंगे इसके साथ ही खुशियों की सवारी योजना का प्रचार-प्रसार किया जायेगा ताकि गर्भवती महिलाएं संस्थागत प्रसव के लिये प्रेरित हो सके। इसके लिये सभी जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को अपने अपने जनपद में जनजागरूकता अभियानों के संचालन एवं उनकी मॉनिटरिंग करने के स्पष्ट निर्देश दे दिये हैं। डॉ रावत ने बताया कि आर्थिक रुप से कमजोर मरीजों की सहायता एवं अस्पतालों के बेहतर संचालन के लिये ब्लॉक स्तर पर रोगी कल्याण समिति का गठन किया जायेगा जबकि जिला स्तर पर गठित जिला स्वास्थ्य प्रबंधन समिति का पुनर्गठन कर दोनों समितियों में जनसहभागिता सुनिश्चित की जायेगी। इसके साथ ही समिति में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।

बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह, निदेशक स्वास्थ्य डॉ सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ आशुतोष सयाना, सीएमओ देहरादून डॉ. संजय जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि से लोगों के जीवन में आया बदलाव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में स्वनिधि परिवार के लाभार्थियों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वनिधि के लाभार्थियों एवं स्वनिधि के क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाले बैंकर्स एवं अन्य लोगों को सम्मानित भी किया। स्वनिधि के लाभार्थियों को कुल 9 प्रतिशत ब्याज पर अनुदान केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा दिया जा रहा है। जिसमें केन्द्र सरकार द्वारा 7 प्रतिशत एवं राज्य सरकार द्वारा 2 प्रतिशत का ब्याज पर अनुदान दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत लाभार्थियों को 9 प्रतिशत अनुदान मिलने के बाद जो 3 से 4 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता है, आने वाले समय में यह भी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना ने शहरों और कस्बों में वित्तीय समावेशन और डिजिटल साक्षरता की एक नई लहर चलाई है। जिससे रेहड़ी-पटरी व फेरी वालों के जीवन को गरिमा और स्थायित्व मिला है। स्ट्रीट वेंडर्स के बीच स्वरोजगार, स्वावलंबन, स्वाभिमान और आत्मविश्वास बहाल करने के उद्देश्य से यह योजना लाई गयी। पहले गरीब आदमी बैंक के भीतर जाने की भी नहीं सोच सकता था। लेकिन आज बैंक वाले खुद आपके पास आ रहे हैं और आपको लोन भी दे रहे हैं यही सम्मान है, स्वावलंबन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज गरीब बैंक से लोन भी ले रहे हैं और ईमानदारी से इसे चुका भी रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की समस्त नगरीय निकायों में 1 जुलाई, 2020 से प्रारम्भ पी0एम0स्वनिधि योजना के तहत प्रदेश में 31 हजार से अधिक फेरी व्यवसायियों द्वारा ऑनलाईन पोर्टल में ऋण हेतु आवेदन किया गया। प्रथम चरण में 16 हजार से अधिक प्रति आवेदक को रू0 10 हजार का ऋण, द्वितीय चरण में लगभग 6 हजार प्रति आवेदक को रू0 20 हजार का ऋण एवं तृतीय चरण में लगभग 600 प्रति आवेदक को रू0 50 हजार का ऋण स्वीकृत किया गया है। अभी तक इस योजना के तीनों चरणों में 22 हजार से अधिक फेरी व्यवसायियों को 31 करोड़ रूपये का ऋण वितरित हो चुका है। ‘मैं भी डिजीटल’ अभियान के तहत लगभग 16 हजार फेरी व्यवसायियों को बैंकों के माध्यम से क्यू0आर0 कोड उपलब्ध कराते हुए डिजीटल लेन-देन को बढ़ावा दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘स्वनिधि से समृद्धि’ योजना के अन्तर्गत पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों एवं उनके परिजनों को केन्द्र सरकार की 8 कल्याणकारी योजनाओं वन नेशन वन राशन कार्ड, जननी सुरक्षा, मातृ-वन्दन, सुरक्षा बीमा, जनधन, जीवन-ज्योति बीमा, श्रम-योगी मानधन योजना एवं भवन निर्माण श्रमिकों हेतु पंजीकरण जैसी पीएम योजना से प्रदेश के 11 नगरीय निकायों के लगभग 17 हजार पात्र फेरी व्यवसायियों एवं उनके परिजनों को लाभान्वित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत प्रदेश से बाहर के लगभग 7 हजार लोग लाभान्वित हो रहे हैं, जननी सुरक्षा योजना के तहत गत वर्ष 73 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित कर कुल 9 करोड़ 64 लाख रुपये डीबीटी के माध्यम से उनके खतों में जमा किये गए हैं तथा संबंधित आशाओं को प्रोत्साहन मद में कुल 3 करोड़ 13 लाख रुपये दिए गए। मातृ-वन्दन योजना के तहत प्रदेश के 6 लाख से अधिक माताओं को लाभान्वित किया गया है। पी.एम. श्रम-योगी मानधन योजना के तहत प्रदेश के 39 हजार लोगों को लाभान्वित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन निर्माण श्रमिकों हेतु पंजीकरण के तहत प्रदेश के साढ़े चार लाख (4.50 लाख) से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। पीएम सुरक्षा बीमा योजना के तहत प्रदेश के 30 लाख से अधिक लोगों को आच्छादित किया गया है। पी.एम. जन-धन योजना के तहत प्रदेश में 34 लाख से अधिक जन-धन खाते खोले गये हैं। पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत प्रदेश के 8 लाख से अधिक लोगों को आच्छादित किया गया है।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक अरविन्द पाण्डेय, विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, सुरेश गड़िया, मोहन सिंह मेहरा, प्रमोद नैनवाल, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, निदेशक शहरी विकास नवनीत पाण्डेय एवं पी.एम स्वनिधि के लाभार्थी उपस्थित रहे।

पीएम ने बताया उत्तराखंड की महिलाओं ने पत्र लिखकर धन्यवाद दिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात के 103 वें संस्करण को सुना।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात में कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की कुछ माताओं और बहनों ने जो पत्र उन्हें लिखे हैं, वो भावुक कर देने वाले हैं। उन्होंने अपने बेटे को, अपने भाई को, खूब सारा आशीर्वाद दिया है। उन्होंने लिखा है कि ‘उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी, कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर रहा ‘भोजपत्र’, उनकी आजीविका का साधन, बन सकता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उन्हें यह पत्र चमोली जिले की नीती-माणा घाटी की महिलाओं ने लिखा है। ये वो महिलाएं हैं, जिन्होंने पिछले साल अक्टूबर में उन्हें भोजपत्र पर एक अनूठी कलाकृति भेंट की थी। यह उपहार पाकर वे बहुत अभिभूत हो गये। हमारे यहाँ प्राचीन काल से हमारे शास्त्र और ग्रंथ, इन्हीं भोजपत्रों पर सहेजे जाते रहे हैं। महाभारत भी इसी भोजपत्र पर लिखा गया था। आज, देवभूमि की ये महिलाएं, इस भोजपत्र से, बेहद ही सुंदर-सुंदर कलाकृतियाँ और स्मृति चिन्ह बना रही हैं। माणा गांव की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने उनके इस अभिनव प्रयास की सराहना की थी। उन्होंने देवभूमि आने वाले पर्यटकों से अपील की थी, कि वो, यात्रा के दौरान ज्यादा से ज्यादा स्थानीय उत्पाद खरीदें। इसका बहुत असर हुआ है। आज, भोजपत्र के उत्पादों को यहाँ आने वाले तीर्थयात्री काफी पसंद कर रहे हैं और इसे अच्छे दामों पर खरीद भी रहे हैं। भोजपत्र की यह प्राचीन विरासत, उत्तराखंड की महिलाओं के जीवन में खुशहाली के नए-नए रंग भर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर भी खुशी हुई है कि भोजपत्र से नए-नए उत्पाद बनाने के लिए राज्य सरकार, महिलाओं को प्रशिक्षण भी दे रही है। राज्य सरकार ने भोजपत्र की दुर्लभ प्रजातियों को संरक्षित करने के लिए भी अभियान शुरू किया है। जिन क्षेत्रों को कभी देश का आखिरी छोर माना गया था, उन्हें अब, देश का प्रथम गाँव मानकर विकास हो रहा है। ये प्रयास अपनी परंपरा और संस्कृति को संजोने के साथ आर्थिक तरक्की का भी जरिया बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने के लिए लोगों को प्रेरणा मिलती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केंटिंग की अच्छी व्यवस्थाओं के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण भी दे रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल अक्टूबर में माणा से देशभर के श्रद्धालुओं से अपील की थी कि अपनी धार्मिक यात्रा का 5 प्रतिशत खर्चा स्थानीय उत्पादों पर जरूर करें। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों की आजीविका में तेजी से वृद्धि हो रही है और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है।

अग्रवाल ने प्राधिकरण के रिक्त पदों को भरने के दिए निर्देश

कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन के साथ विभागीय कार्यों के अध्ययन की स्थिति को लेकर बैठक की। इस दौरान डॉ. अग्रवाल ने प्रदेश के अधिकांश प्राधिकरण में अधूरी रिक्तियों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए।
शासकीय आवास में हुई बैठक के दौरान डॉ अग्रवाल को अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने विभाग में चल रहे कार्यों की अध्ययन स्थिति से अवगत कराया। जिस पर डॉ अग्रवाल ने निर्देशित करते हुए कहा कि जनहित के कार्यों को तत्परता से किया जाए। साथ ही डॉ अग्रवाल ने विभागीय कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए भी शीघ्र निर्देश दिए। इसके अलावा डॉ अग्रवाल ने प्रदेश के प्राधिकरणों में अधूरी रिक्तियों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तब तक वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाए। जिस पर आनंद वर्धन ने बताया कि रिक्तियों के लिए अध्याचन भेजा गया है।
वही, हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अंशुल सिंह ने कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान डॉ वालों ने अवैध रूप से बन रहे भवनों को शुरुआती दौर पर ही लगाम लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि विभाग अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना ना करना पड़े।

युवा महोत्सव में अधिक से अधिक युवाओं को प्रतिभाग कराना प्राथमिकता

मुख्य सचिव डॉ.एस.एस. संधु ने सचिवालय में राज्य में युवाओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की जानकारी युवाओं तक पहुँचाने हेतु आयोजित किए जा रहे युवा महोत्सव-2023 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की। कौशल विकास विभाग अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह में युवा महोत्सव आयोजित करने जा रहा है। इस महोत्सव के माध्यम से राज्य सरकार के सभी विभाग अपनी कौशल विकास और रोजगारपरक योजनाओं को युवाओं के समक्ष रखेंगे। इस महोत्सव के दौरान सभी विभाग युवाओं के लिए अपने स्टॉल लगाएंगे, युवाओं के लिए काउंसलिंग सेशन और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेंगे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को युवा महोत्सव गढ़वाल एवं कुमाऊँ दोनों मंडलों में आयोजित किए जाने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने राज्य के युवाओं हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने हेतु प्रत्येक जनपद में इसका लाइव टेलीकास्ट किए जाने के भी निर्देश दिये। इसके लिए शिक्षा विभाग की प्रदेशभर संचालित 500 वर्चुअल कक्षाओं को भी उपयोग में लाया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को उचित एवं पूर्ण जानकारी मिल सके इसके लिये विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगायी जाने वाली प्रदर्शनियों को भी अधिक से अधिक समय तक लगाए जाने के निर्देश भी दिये, ताकि अधिक से अधिक युवा लाभान्वित हो सकें। इसके साथ ही मुख्य सचिव द्वारा प्रदेश के विद्यालयों में संचालित 500 वर्चुअल कक्षाओं को विभिन्न प्रकार की काउंसलिंग, व्याख्यान और जानकारियों को छात्र छात्राओं तक पहुँचाने हेतु नियमित रूप से उपयोग में लाए जाने के भी निर्देश दिये गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि युवाओं को आगे भी राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी मिलती रहे इसके लिए मोबाइल ऐप भी तैयार किया जाए। सभी विभागों द्वारा संचालित ऐसी योजनाओं की जानकारी इस ऐप में उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को अपने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की पूर्ण जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2019 में आयोजित युवा महोत्सव में क़रीब 10 हजार युवाओं ने प्रतिभाग किया। सेक्टोरियल पंडालों में सभी विभागों द्वारा अपने अपने क्षेत्र के अन्तर्गत संचालित कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
इस अवसर पर सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, विनोद कुमार सुमन, विजय कुमार यादव, वी. षणमुगम, विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव अहमद इकबाल एवं योगेन्द्र यादव एवं संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य के विभिन्न शहरों में नवीन टाउनशिप विकसित होगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य के विभिन्न शहरों में नवीन टाउनशिप विकसित किये जाने के सबंध में बैठक ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कोरिडोर बनाने की कार्यवाही शीघ्र शुरू की जाए। इसके क्रियान्वयन के लिए बनाये जाने वाली कम्पनी के लिए भी शीघ्र कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर 2026 तक हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कोरिडोर का सम्पूर्ण कार्य पूर्ण हो यह सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में मैदानी क्षेत्रों में 5 एवं पर्वतीय क्षेत्रों में 3 टाउनशिप विकसित किये जाने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जाएं। गढ़वाल एवं कुमाऊँ क्षेत्र में एक-एक हिल स्टेशन विकसित किये जाने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों को भी शीघ्र अन्तिम रूप दिया जाए।
बैठक में शहरी विकास मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द वर्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन पाण्डेय, वी. षणमुगम, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए बंशीधर तिवारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

हर्बल टूरिज्म पार्क योजना को धरातल पर उतारन के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में प्रदेश में जड़ी-बूटी के विकास के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में जड़ी-बूटी और इस क्षेत्र में रोजगार की सम्भावनाओं को देखते हुए, जड़ी-बूटी उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि वन पंचायतों के लिए शीघ्र ही योजना तैयार की जाए। जड़ी-बूटी की दिशा में जो वन पंचायतें पहले से कार्य कर रही हैं, उन्हें इस योजना में अवश्य शामिल किया जाए। उन्होंने योजना के लिए नियम व शर्तों को सरल बनाए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि किसी भी योजना को सफल बनाने के लिए उसके नियमों को सरल रखा जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर्बल टूरिज्म पार्क योजना भी शीघ्र शुरू की जाए। योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है। जो वन पंचायतें अच्छा कार्य करेंगी, उनको अधिक क्षेत्रफल में कार्य दिया जा सकता है।
मुख्य सचिव ने वन विभाग को लीसा के सम्बन्ध में प्रदेश की नियमावली को भी अपडेट किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि लीसा (रेजिन) के उत्पादन में पुराने जमाने की तकनीक प्रयोग की जा रही है।
इस अवसर पर प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक एवं सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी सहित जड़ी-बूटी शोध संस्थान के अधिकारी भी उपस्थित रहे।