खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के तहत पारंपरिक दीयों और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर सीएम ने दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने गृह क्षेत्र खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के तहत पारंपरिक मिट्टी के दियों और स्थानीय रूप से निर्मित वस्तुओं की खरीदारी की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली के पर्व पर स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पाद निर्माताओं को प्रोत्साहित करें, जिससे न केवल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बल मिलेगा, बल्कि गांवों और कस्बों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दीपावली केवल रोशनी, उत्साह और आनंद का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा “जब हम अपने गाँव-कस्बों में बने दीये या अन्य स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम किसी परिवार की आजीविका, उसकी मेहनत और उसकी उम्मीद को सम्मान देते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की खरीद से स्थानीय शिल्प, कुटीर उद्योग और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी सीधा लाभ मिलता है।


उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के कारीगरों की परंपरा और कौशल अत्यंत समृद्ध है। मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित सजावटी सामग्री, जैविक उत्पाद और पहाड़ी खाद्य पदार्थ न केवल स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय हैं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हर नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि इस दीपावली वह स्वदेशी उत्पादों से ही अपने घरों को रोशन करें, ताकि किसी अन्य परिवार के घर में भी खुशियों के दीप जल सकें। “इस दीपावली हम सब मिलकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करें। हमारी छोटी-छोटी खरीदारी किसी परिवार के जीवन में नई उम्मीद की किरण बन सकती है।”

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को दीपावली, धनतेरस और भैयादूज की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व सबके जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आए।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारीगण, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

चौखुटिया में 30 बेडेड सीएचसी को 50 बेडेड में बदलने की सीएम ने की घोषणा, शासनादेश की कार्यवाही गतिमान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौखुटिया में स्वास्थ्य सेवाओं को जन भावना के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्यवाही करने हेतु स्वास्थ्य सचिव को निर्देशित किया है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 30 बेडेड सी.एच.सी. को 50 बेडेड एस.डी.एच. में बदलने की घोषणा की गई है तथा इसके शासनादेश की कार्यवाही शासन स्तर पर गतिमान है।

सरकार जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उच्च कोटि की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है।

इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने जानकारी दी है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौखुटिया में वर्तमान में 30 बैड का अस्पताल संचालित है तथा चिकित्सालय में प्रतिदिन 150 से 200 की ओ०पी०डी० रहती है इसके साथ ही प्रतिमाह 30 से 35 गर्भवती महिलाओं के प्रसव महिला चिकित्साधिकारी द्वारा कराये जा रहे हैं एवं वर्तमान में चिकित्सालय में 07 चिकित्सक कार्यरत हैं जिसमें 03 महिला एवं 04 पुरुष चिकित्सक हैं जिसमें डेंटल चिकित्सक भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु सप्ताह में 03 दिन विशेषज्ञ चिकित्सकों का दल जिसमें फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं बाल रोग विशेषज्ञ शामिल हैं को जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा एवं उप जिला चिकित्सालय रानीखेत से भेज दिया गया है जो कि निरन्तर अपनी सेवाए सी०एच०सी० चौखुटिया में दे रहे हैं तथा चिकित्सालय में सभी सुविधाएं जैसे एक्स-रे, अल्ट्रासाउन्ड, डेन्टल चियर एवं 108 ऐम्बुलैन्स की सुविधा उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि सरकार के सौजन्य से चन्दन डायग्नोस्टिक द्वारा प्रतिदिन लगभग 70 से 80 डायग्नोस्टिक परीक्षण निःशुल्क प्रदान किये जा रहे हैं।

सीएस ने सीपीपीजीजी और सेतु आयोग के अधिकारियों के साथ की बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में 2047 तक विकसित उत्तराखण्ड राज्य बनाने के लिए सीपीपीजीजी (सेंटर फार पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेंस) और सेतु (स्टेट इंस्टीट्यूट फार एम्पावररिंग एण्ड ट्रांसफार्मिग) से संबंधित अधिकारियों के साथ प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सेतु आयोग के सदस्यों ने प्रेजेन्टेशन के माध्यम से इस संबंध में की गई प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। मुख्य सचिव ने सीपीपीजीजी और सेतु आयोग से संबंधित अधिकारियों को विकसित उत्तराखण्ड बनाये जाने की दिशा में निर्धारित किये गये विभिन्न आयामों के मानक और इंडिकेटर्स तय करने के निर्देश दिये। साथ ही इन बेंचमार्क और इंडीकेटर्स को संबंधित विभागीय सचिवों से साझा करते हुए इस संबंध में प्राप्त होने वाले सुझावों को भी प्लान में शामिल करने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि प्लान में स्थानीय निकायों और पंचायतों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा जनसंख्या के डाटा को भी शामिल करे। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों के फील्ड के अनुभवों और सुझावों को भी इंडीकेटर में शामिल करें तथा निर्धारित टाइमलाइन के अनुरूप कार्याे की प्रगति को पूर्ण करें।

इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नियोजन श्रीधर बाबू अदांकी, निदेशक सेतु आयोग मनोज पंत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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रोड़ सेफ्टी का ऐसा मैकेनिज्म तैयार करें जो तकनीकी युक्त हो, इंप्लीमेंट करने में सरल और व्यावहारिक होः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में राज्य सडक सुरक्षा कोष प्रबंध समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग, पुलिस विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सडक सुरक्षा के उल्लंघन से संबंधित जीरो टॉलरेंस की कार्यवाही अमल में लायी जाए। सडक सुरक्षा के मानकों के उल्लंघन की स्थिति में उसका अधूरा इंप्लीमेंटेशन न हो बल्कि जो भी इन्फोर्समेंट की कार्यवाही की जाती है उसका त्वरित गति से तथा शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। इसके लिए सडक सुरक्षा के मानकों में यदि राज्य की परिधि के अंतर्गत संशोधन भी करना भी पडे तो किया जाए।

उन्होंने निर्देशित किया कि रेड लाईट जम्पिंग करने वालों का कम से कम तीन माह के लिए लाईसेंस निलंबित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरण जिसमें सडक सुरक्षा का उल्लंघन होने पर चालान की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है किंतु संबंधित व्यक्ति द्वारा अभी तक उसके कंपाउंडिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है तो संबंधित वाहन को सीसीटीवी कैमरे से ट्रैक करते हुए अग्रिम कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि ट्रैफिक संचालन को अधिक से अधिक ऑटोमोड और डिजीटल में क्रियान्वित करने के लिए जो भी उपकरण, ट्रैफिक व स्ट्रीट लाईट अथवा अद्यतन तकनीकी उपकरण को शामिल करना हो तो उसका प्रस्ताव प्रस्तुत करें।

उन्होंने इन्फोर्समेंट की कार्यवाही के साथ साथ व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने परिवहन विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि सडक दुर्घटना की आपात स्थिती में त्वरित मेडिकल इमरजेंसी के लिए हेली एंबुलेंस तथा अन्य बेहतर विकल्पों पर विचार करें तथा बारीकी से उसका होमवर्क करते हुए प्रस्ताव तैयार करें।

बैठक में सचिव शैलेश बगोली व बृजेश कुमार संत, पुलिस महानिरीक्षक निलेश आनंद भरणे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

श्रमिकों के सम्मान और कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राज्य के सभी मनरेगा श्रमिकों को शीघ्रता पूर्वक भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत आच्छादित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले तीन महीनों के भीतर कम से कम 5 से 6 लाख श्रमिकों को बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमवीरों के कल्याण के लिए संचालित योजनाएँ तभी प्रभावी सिद्ध होंगी जब अधिकतम श्रमिक इन योजनाओं से सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रम विभाग एवं बोर्ड के अधिकारियों का यह दायित्व है कि वे प्रत्येक श्रमिक तक पहुँच बनाएं और उन्हें सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं एवं सुविधाओं की पूरी जानकारी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र श्रमिक योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी किसी भी योजना में लापरवाही या ढिलाई नहीं की जानी चाहिए। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं की जानकारी पंचायत स्तर तक पहुँचाई जाए और श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को अभियान रूप में चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमवीरों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए संकल्पबद्ध है। श्रमिकों की मेहनत और समर्पण ही राज्य की प्रगति की वास्तविक नींव है, और ऐसे में सरकार का दायित्व है कि उन्हें हर संभव सुरक्षा, सुविधा और सम्मान प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “राज्य का विकास हमारे श्रमिक भाइयों-बहनों के परिश्रम पर आधारित है। उनके कल्याण में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सभी मनरेगा श्रमिकों को कल्याण बोर्ड के अंतर्गत लाना हमारा लक्ष्य ही नहीं, यह सरकार की जिम्मेदारी है।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याणार्थ ऑनलाइन पोर्टल एवं डीबीटी के माध्यम से लगभग 10,000 श्रमिकों एवं उनके परिजनों को कुल ₹11 करोड़ 50 लाख की आर्थिक सहायता राशि हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह केवल धनराशि हस्तांतरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारे परिश्रमी श्रमवीरों के प्रति सम्मान एवं आभार प्रकट करने का एक अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है कि श्रमिकों एवं उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह सहायता, मृत्यु उपरांत सहायता जैसी योजनाओं का सीधा लाभ समयबद्ध और पारदर्शी रूप से प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे श्रमिक भाई-बहन राज्य की विकास यात्रा के सच्चे साथी हैं। उनके परिश्रम, त्याग और निष्ठा से ही उत्तराखण्ड का निर्माण संभव हुआ है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक श्रमिक परिवार को उनकी मेहनत का पूरा सम्मान मिले और उनके बच्चों को एक बेहतर भविष्य प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा संचालित सभी योजनाओं को अब डिजिटल माध्यमों से जोड़ा जा रहा है ताकि पात्र लाभार्थियों तक सहायता शीघ्रता से पहुँच सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर श्रमिकों एवं उनके आश्रितों तक बोर्ड की सभी योजनाओं की जानकारी पहुँचाएँ। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का दायित्व है कि वह श्रमिकों के बीच जाकर उन्हें नई योजनाओं के प्रति जागरूक करें और उन्हें आवेदन एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया में सहयोग दें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रमिकों को भी अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए तथा समय-समय पर बोर्ड द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमवीरों के हर सुख-दुःख में सहभागी है। श्रम और मेहनत का सदैव सम्मान होना चाहिए, क्योंकि मेहनतकश व्यक्ति का भविष्य सदैव उज्जवल होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा – “मेहनत हमारी ताकत है, एकता हमारी पहचान है। राज्य सरकार हमारे परिश्रमी श्रमवीरों के हर सुख-दुःख की सहभागी है। उनका कल्याण ही हमारी सरकार का सर्वाेच्च लक्ष्य है।”

मुख्यमंत्री ने बोर्ड से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे श्रमिकों के उत्थान हेतु हर संभव प्रयास करें और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए समर्पण के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा जनहित एवं राजस्व वृद्धि के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया जा रहा है, जिनमें विशेष रूप से खनन विभाग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के खनन राजस्व में हुई अप्रत्याशित बढ़ोतरी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार की नवीन खनन नीति प्रभावी, पारदर्शी और सशक्त रूप से लागू की गई है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज उत्तराखण्ड में खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और सख्त निगरानी व्यवस्था के कारण कहीं भी लीकेज या अनियमितता की कोई संभावना नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि राज्य की यह नीति और कार्यप्रणाली अब अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के प्रतिनिधि अधिकारी भी उत्तराखण्ड आकर खनन क्षेत्र में लागू क्रियान्वित मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं तथा यहाँ की नीतियों और व्यवस्थाओं को अपने-अपने राज्यों में लागू करने के प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खनन विभाग ने यह सिद्ध कर दिया है कि ईमानदार नीयत, स्पष्ट नीति और कठोर क्रियान्वयन से किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों, विशेषकर श्रम विभाग सहित सभी विभागों को खनन विभाग की कार्य संस्कृति, पारदर्शिता और अनुशासन से सीख लेते हुए अपने कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों में भी ऐसी ही दक्ष, पारदर्शी और परिणामोन्मुख व्यवस्था स्थापित करें जिससे जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर मिल सके और राज्य के राजस्व में सतत वृद्धि सुनिश्चित हो।

बैठक में सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव विनीत कुमार व श्रम विभाग एवं भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मकानों पर नंबर प्लेट लगाने संबंधी वायरल पत्र का सीएम धामी ने लिया संज्ञान, दिए जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकानों पर नंबर प्लेट लगाने के संबंध में जिला पंचायतराज अधिकारी, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी द्वारा जारी आदेशों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के साथ ही मामले की पूरी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी जिले के जिला पंचायतराज अधिकारियों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन आदि कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार करने हेतु मकानों पर नम्बर प्लेट लगाने का कार्य एक बाहरी व्यक्ति को देने से संबंधित पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुए थे।

मुख्यमंत्री ने उक्त प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार के संकल्प के अनुरूप सभी योजनाएँ और कार्यक्रम जनहित, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लागू होने आवश्यक हैं। सभी कार्यों में स्थानीय लोगों के रोजगार और हितों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि रू. 10 करोड़ तक के सरकारी अधिप्राप्तियों में स्थानीय लोगों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दिए जाने हेतु सरकार के द्वारा जारी आदेशों का हर स्तर पर सख्ती से अनुपालन किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने किया हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ

हल्द्वानी शहर के आम नागरिकों के लिए मंगलवार का दिन नई राहत लेकर आया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सिटी बस सेवा का शुभारंभ शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सेवा से नागरिकों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी, प्रदूषण घटेगा और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक नगर में आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, ताकि आम जन को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो सके।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि सिटी बस सेवा को चरणबद्ध तरीके से शहर के प्रमुख मार्गों पर प्रारंभ किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों तथा नौकरीपेशा लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।

इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत (कालाढूंगी), राम सिंह कैड़ा (भीमताल), भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी अनामिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने गंगोत्री धाम के लिये 32 श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार की मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के तहत 32 श्रद्धालुओं के एक दल को हरी झंडी दिखाकर गंगोत्री धाम के लिए रवाना किया।

हल्द्वानी सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुखद एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना का उद्देश्य उन्हें धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्रदान करना और उनके जीवन में आध्यात्मिक शांति एवं आनंद का संचार करना है।

पांच दिवसीय यात्रा पर रवाना हुआ श्रद्धालुओं के इस दल में 19 महिला एवं 13 पुरुष यात्री शामिल हैं। इस दल में सम्मिलित श्रद्धालु गंगोत्री धाम सहित मार्ग के विभिन्न पवित्र धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। इन यात्रियों के आवास, भोजन आदि की व्यवस्था गढ़वाल मंडल विकास नियम के पर्यटक आवास केन्द्रों में की गई है।

इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत (कालाढूंगी) एवं राम सिंह कैड़ा (भीमताल), भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, राज्य सरकार में विभिन्न दायित्वधारी, कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेकर त्वरित निस्तारण करेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हल्द्वानी आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सर्किट हाउस, हल्द्वानी पहुंचने पर आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक (आई.जी.) कुमाऊँ रिद्धिमा अग्रवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री धामी ने इसके उपरांत सर्किट हाउस के सभागार में जनता से सीधे संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याएं, शिकायतें एवं सुझाव सुने। विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी संगठनों, महिला समूहों, युवाओं, किसानों एवं आम नागरिकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जनसमस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं के अनुरूप कार्य कर रही है और सरकार का उद्देश्य जनता की हर समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेकर त्वरित निस्तारण करें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी भेदभाव के पहुँचे, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना ही सरकार की प्राथमिकता है। प्रशासनिक तंत्र को आम नागरिकों की सुविधा के अनुरूप और अधिक संवेदनशील एवं जवाबदेह बनना होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाए, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें आमजन को प्रशासन के पास बार-बार भटकना न पड़े।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुछ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करने हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए। उन्होंने उपस्थित जनता से कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है और शासन जनता के द्वार तक पहुँचाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि “डबल इंजन की सरकार” का संकल्प उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने का है, और इसके लिए प्रत्येक स्तर पर जनसहभागिता आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जनता से सीधा संवाद राज्य सरकार की पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्यप्रणाली का प्रतीक है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, विधायक लालकुआं डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक भीमताल रामसिंह कैड़ा, विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, राज्य सरकार में विभिन्न दायित्वधारी, आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत, आईजी रिद्धिमा अग्रवाल, प्रभारी जिलाधिकारी अनामिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी के आगमन से हल्द्वानी में जनसामान्य में उत्साह का वातावरण रहा। नागरिकों ने मुख्यमंत्री के जनसंपर्क कार्यक्रम को जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

सहकारिता से समृद्धि की राह पर अग्रसर उत्तराखंड, सहकारिता आंदोलन बनेगा ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का प्रेरक सूत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आवास विकास मैदान श्रीनगर में आयोजित नौ दिवसीय सहकारिता मेले में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों/समूहों/संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का निरीक्षण कर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने तथा उन्हें बाजार से जोड़ने के प्रयासों के लिए काश्तकारों एवं स्वयं सहायता समूहों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में सहकारिता आंदोलन ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण का प्रेरक सूत्र बनने के साथ सामाजिकता तथा आंशिक स्वावलंबन का आधार भी है। सहकारिता समाज को जोड़ने और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह मेला सहकारिता की भावना को और प्रगाढ़ करेगा तथा महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों को एक व्यापक मंच उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता भारत की संस्कृति और जीवन पद्धति का प्रतीक है, जिसकी झलक “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना में भी दिखाई देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 को विश्व सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है और सहकारी से समृद्धि के लक्ष्य को साकार करने हेतु केंद्र सरकार ने एक अलग सहकारी मंत्रालय का गठन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाने के तहत अब तक 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है। साथ ही 13 जनपदों की 5511 समितियों में से 3838 समितियों के अभिलेख राष्ट्रीय सहकारी पोर्टल पर अपलोड कर ऑनलाइन किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि गत वर्ष की तुलना में मंडुवा की खरीद में 5.50 रुपये प्रति किलो की वृद्धि कर 48.86 प्रति किलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों हेतु किसानों को पं दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना से तीन तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है। कहा कि आज प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये की सहकारी पूंजी जमा होना जनता के विश्वास का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है और “लखपति दीदी” अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के “इक्कीसवीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा” कथन को राज्य की महिलाएँ अपने गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के माध्यम से साकार कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जनपदों में चल रहे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने हेतु देश का सबसे सख़्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और सौ से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है। हाल ही में हरिद्वार में उजागर नकल प्रकरण पर त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्यवाही की और युवाओं की अपेक्षा के अनुरूप सीबीआई जांच की संस्तुति की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक सख्त भू-कानून लागू कर भूमाफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है, जिससे उत्तराखंड के मूल अस्तित्व और भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीनगर में सीवर लाइन एवं पेयजल आपूर्ति की डीपीआर प्राप्त होते ही तत्काल स्वीकृति दी जाएगी, जिससे नगर में पंद्रह घंटे तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 31 लाख लोग सहकारिता से जुड़े हैं, जिसे 50 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। सहकारिता द्वारा प्रदेशभर के 16 लाख किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण वितरित किया गया है। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में आयोजित सहकारिता मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों ने लगभग 35 लाख का व्यापार किया है तथा इस मेले से श्रीनगर में लगभग 1 करोड़ का व्यापार हुआ है।
मंत्री ने बताया कि कॉपरेटिव इस समय 30 करोड़ रुपये के लाभ में है। लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ा जा रहा है। सहकारिता मंत्री ने बताया कि सरकार के प्रयासों से रोजगार के अवसरों में निरंतर वृद्धि हो रही है। कल 1500 एलटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे, जिससे राज्य में रोजगार का आंकड़ा 26,500 के पार पहुंच जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री व सहकारिता मंत्री ने शक्ति स्वयं सहायता समूह पाबौ को बागवानी के लिए, उड़ान स्वयं सहायता समूह पाबौ को मुर्गीपालन, सवेरा स्वयं सहायता समूह पलिगांव पाबौ को दोना-पत्तल, महादेव स्वयं सहायता समूह पैठाणी को मुर्गीपालन, जयहरीखाल के मालन स्वयं सहायता समूह को बद्री गाय पालन के लिए 5-5 लाख के चेक वितरित किये। इसके अलावा वसुंधरा स्वायत्त सहकारिता पसीणा तथा जय भोलेनाथ स्वायत्त सहकारिता कंडेरी को कृषि विभाग की एसएमएएम योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों के लिए 4-4 लाख के चेक जबकि गुच्छी उत्पादन तकनीक के लिए नवीन पटवाल को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय के बच्चों की उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह सहित सहकारिता से जुड़े लोग एवं अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम से मुलाकात कर बोला बेरोजगार संघ, युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने लिया पारदर्शी निर्णय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड बेरोजगार संघ व तकनीकी डिप्लोमा प्राप्त छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि राज्य सरकार ने युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतों पर गंभीरता से संज्ञान लिया और संबंधित परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा परीक्षा की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम युवाओं में विश्वास और आशा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता के साथ इस मुद्दे पर कार्रवाई की, वह युवाओं के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार योग्यता और पारदर्शिता पर आधारित भर्ती प्रक्रिया के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है कि उत्तराखंड में किसी भी भर्ती परीक्षा में भ्रष्टाचार, नकल या अनुचित साधनों के लिए शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू कर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में सशक्त कदम उठाया है। इस कानून के लागू होने से अब कोई भी व्यक्ति या संगठन परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है कि हर पात्र युवक-युवती को निष्पक्ष अवसर मिले और राज्य के सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और विश्वास का माहौल स्थापित हो। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं की मेहनत, लगन और ईमानदारी ही राज्य के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है, और सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर है।

संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि भविष्य की परीक्षाओं में नकल-रोधी प्रावधानों को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों के सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शी भर्ती ही सुशासन की पहचान है, और राज्य सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।