सीएम धामी ने राज्य में माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय उद्यान सर्किट हाउस गढ़ीकैंट में उत्तराखंड माल्टा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में माल्टा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली में भी राज्य की ओर से माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने अपनी धर्मपत्नी गीता पुष्कर धामी के साथ विभिन्न जनपदों के माल्टा एवं नींबू प्रजाति के फलों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर माल्टा एवं नींबू की खटाई सहित नींबू प्रजाति के फलों से बने विभिन्न उत्पादों का स्वाद भी लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माल्टा उत्तराखंड की पहचान एवं परंपरा से जुड़ा है। राज्य की आर्थिकी व समृद्धि को सशक्त करने में बागवानी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इन्हीं संभावनाओं को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने एप्पल मिशन व कीवी मिशन जैसी कई उल्लेखनीय शुरूआत की है। इसी तर्ज पर राज्य में माल्टा के उत्पादन को बढावा देने के लिए माल्टा मिशन की शुरूआत की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के माल्टा की ब्रांडिंग व इसे बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार के द्वारा अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य के हर जनपद में माल्टा महोत्सव का आयोजन इन्हीं प्रयासों की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य के माल्टा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए दिल्ली में भी राज्य की ओर से माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। खेती व बागवानी के क्षेत्र में समुचित प्रोत्साहन, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाई जा रही है। यह पहल पलायन रोकने और युवाओं को अपने गांव के पास ही रोजगार देने में गेम चेंजर साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय विशिष्टताओं के अनुरूप उपयुक्त खेती और बागवानी को प्रोत्साहित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में माल्टा, सेब, नाशपाती, कीवी, अखरोट, आड़ू और नींबू वर्गीय फलों के बागान स्थापित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। फसल आधारित क्लस्टर विकसित कर उत्पादन और विपणन को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में माल्टा व गलगल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। सरकार द्वारा बागान लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान, सूक्ष्म सिंचाई पर 70 से 80 प्रतिशत अनुदान तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। सेलाकुई में सुगंधित पौधों के लिए स्थापित केंद्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महक क्रांति की शुरूआत कर राज्य में सुगंधित पौधों की खेती को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण पहल की गई है।

मुख्यमंत्री ने माल्टा महोत्सव में प्रतिभाग करने आए पौड़ी गढ़वाल के माल्टा उत्पादक हरीश के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने 53 प्रजातियों के लगभग एक हजार पौधे रोपित किए हैं तथा इस बार भी 200 पौधे रोपित करने की तैयारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अन्य किसानों को इनसे प्र्रेरणा लेकर बागवानी के क्षेत्र में विद्यमान संभावनाओं को साकार करने में सरकार के प्रयासों को सफल बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि माल्टा जैसे स्थानीय फलों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन को बढ़ावा देने से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के महोत्सव किसानों को नए बाजारों से जोड़ने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले पाँच वर्षों में उत्तराखंड औद्यानिकी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि माल्टा जैसे स्थानीय फलों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन को प्रोत्साहित कर इसका सीधा लाभ प्रदेश के किसान भाइयों तक पहुँचाया जाए और यह महोत्सव इन्हीं प्रयासों का सशक्त प्रमाण है।

कार्यक्रम में सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी कैलाश पंत, प्रताप सिंह पंवार तथा सचिव कृषि डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं विभिन्न जनपदों से आए किसान भी उपस्थित रहे।

प्रशासन को ग्रामीणों के द्वार पर भेजकर जन-समस्याओं के निस्तारण एवं सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने की मुहिम की मौके पर जाकर की पड़ताल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के क्रियान्वयन की जमीनी पड़ताल के लिए आज देहरादून जिले के अंतर्गत रायपुर ब्लॉक के खैरीमान सिंह में आयोजित न्याय पंचायत स्तरीय शिविर का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘प्रशासन गांव की ओर’ कार्यक्रम के तहत आयोजित बहुद्देश्यीय शिविर में जन-समस्याओं के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली और अभियान के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया और सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित करने के लिए मौके पर की गई व्यवस्थाओं को परखा। इस अवसर पर 102 दिव्यांगों एवं वृद्धजनों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन-समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना है, इसलिए इस अभियान को पूरी संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रभावशीलता के साथ संचालित किया जाना जरूरी है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा, ब्लॉक प्रमुख सरोजिनी जवाड़ी, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान एवं अन्य जनप्रतिनिधियों सहित मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम हरि गिरि, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री आवास परिसर के उद्यान में 17 प्रजातियों के चार हजार ट्यूलिप उगाने की मुहिम का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर के उद्यान में 17 प्रजातियों के ट्यूलिप उगाने की मुहिम का शुभारंभ करते हुए सपरिवार ट्यूलिप के बल्ब रोपे। मुख्यमंत्री आवास परिसर के उद्यान में इस बार ट्यूलिप के चार हजार बल्ब रोपे जा रहे हैं। जिनमें लेक पर्पल तथा बाईकलर प्रजाति के खास रंगत वाले ट्यूलिप भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग को ट्यूलिप के व्यवसायिक उत्पादन की कार्ययोजना बनाने के निर्देश देते हुए पुष्प उत्पादन एवं बागवानी के क्षेत्र में नवाचार पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्यूलिप उत्पादन के बारे में उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित से विस्तार से जानकारी लेने के साथ ही परिसर में मशरूम उत्पादन, मौनपालन सहित बागवानी से जुड़े विभिन्न कार्यों की जानकारी भी ली।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के हितों के लिए हर संभव सहयोग का दिया आश्वासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में उत्तरांचल प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष अजय राणा के नेतृत्व में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा लोकतंत्र में मीडिया का महत्व सर्वविदित है। मीडिया से जुड़े प्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से राज्य विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।

इस अवसर पर प्रेस क्लब के निवर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी ने कहा कि पूर्व में भी प्रेस क्लब को मुख्यमंत्री व सरकार का सहयोग मिलता रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी इसी प्रकार का सहयोग मिलता रहेगा। नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय राणा और महामंत्री योगेश सेमवाल ने प्रेस क्लब भवन निर्माण के प्रस्ताव के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल कार्यकारिणी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सोबन सिंह गुसाईं, संयुक्त मंत्री शिवेश शर्मा, मीना नेगी, संप्रेक्षक विजय जोशी, कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन लखेड़ा, रश्मि खत्री, सुलोचना पयाल, वीरेंद्र डंगवाल, मनोज जयाडा, हरीश थपलियाल, मनवर सिंह रावत उपस्थित रहे।

सिंचाई विभाग को विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता वाली नियोजन की इंजीनियर्स समिति को सक्रिय किए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने समिति द्वारा विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की। मुख्य सचिव ने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता और भौतिक प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए।

मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन विभाग को स्वीकृत प्रस्तावों को दिए जाने वाले फंड्स एवं कार्य की भौतिक प्रगति की समीक्षा भी किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों से एमसीआर का फॉर्मेट पर भौतिक प्रगति रिपोर्ट ली जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग को विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता वाली नियोजन की इंजीनियर्स समिति को सक्रिय किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव भेजे जाने से पहले इस समिति द्वारा तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का परीक्षण करने के बाद ही प्रस्ताव भेजें जायें।

मुख्य सचिव ने सचिव आपदा को राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में ईएनसी पीडब्ल्यूडी को भी स्थाई सदस्य शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए नॉर्म्स बनाये जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल की स्थिति और प्रकृति के अनुरूप प्रत्येक कार्य की अलग अलग आवश्यकता हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य की स्थिति एवं प्रकृति के अनुरूप कार्य किया जाना चाहिए, जहाँ संभव हो वहाँ वेजिटेटिव प्रोटेक्शन वर्क को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने विभागाध्यक्ष सिंचाई को देहरादून के अंतर्गत विभिन्न कैनाल सिस्टम को दुरुस्त करते हुए नहरों के सुधारीकरण एवं मजबूतीकरण कार्यों का प्रस्ताव तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. वी. षणमुगम, विनोद कुमार सुमन, आनन्द स्वरूप, अपर सचिव रंजना राजगुरु एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नववर्ष पर मुख्यमंत्री धामी ने रोडवेज की 100 नई बसों को दिखाई हरी झंडी

नववर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में 100 नई बसें शामिल की गई है। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से पसे फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 10 ए.सी. एवं 2 स्लीपर अनुबंधित बसों को भी जनता को समर्पित किया। साथ ही उन्होंने परिवहन निगम की स्मारिका “अनवरत” एवं सड़क सुरक्षा पर आधारित कैलेंडर का विमोचन किया तथा कठिन परिस्थितियों में कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मठ कर्मचारियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये नई बसें राज्य के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को सशक्त बनाएंगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा सुविधा मिलेगी तथा राज्य की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि दुर्गम और पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में एक सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था नागरिक सुविधा के साथ-साथ आर्थिक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परिवहन निगम को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अब तक 13 से अधिक नए बस अड्डों और कार्यशालाओं का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 14 अन्य स्थानों पर कार्य प्रगति पर है, जिनमें 4 आईएसबीटी भी शामिल हैं। शीघ्र ही निगम के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को भी सम्मिलित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि निगम की बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, ई-टिकटिंग, फ्लीट मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध मेंटेनेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुदृढ़ होगी। सरकार ने निगम कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए डीए वृद्धि, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन एवं नई भर्तियों के माध्यम से मैनपावर की कमी को दूर करने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परिवहन निगम को “सेवा का माध्यम” मानते हुए इसे आधुनिक, आत्मनिर्भर और जनोन्मुखी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पारदर्शी नीतियों और जवाबदेही के बल पर उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, एमडी परिवहन निगम एवं अपर सचिव रीना जोशी तथा परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार पूर्व सैनिक सम्मान, पुनर्वास एवं कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील एवं सक्रिय: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नव वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित पूर्व सैनिक मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैनिकों और पूर्व सैनिकों की वीर भूमि है और राज्य सरकार उनके सम्मान, पुनर्वास एवं कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील एवं सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सैनिक पुत्र होने की वजह से उन्होंने सेना के अनुशासन, त्याग और देशभक्ति को करीब से देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सैनिकों से संबंधित हर कार्यक्रम में जाने का प्रयास करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर महत्वपूर्ण अवसर पर सैनिकों के बीच जरूर जाते हैं। सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लिए प्रधानमंत्री ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, सीमावर्ती क्षेत्रों के तीव्र विकास, सैनिकों के लिए आधुनिक उपकरणों, आवास एवं कल्याण सुविधाओं में लगातार वृद्धि की गई है, जिससे सक्रिय सैनिकों के साथ-साथ पूर्व सैनिक समुदाय का मनोबल और गौरव भी और अधिक बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में शहीद आश्रितों, पूर्व सैनिकों और सेवा निवृत्त सैन्य कर्मियों के लिए विविध कल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सैनिक और पूर्व सैनिक देश की शान हैं, जिनके त्याग, बलिदान और अनुशासन के कारण आज भारत सुरक्षित और सशक्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। राज्य सरकार द्वारा सैनिकों को मिलने वाली पुरस्कार एवं सम्मान राशि में कई गुना वृद्धि की गई है, जिससे शहीदों और वीर सैनिकों के सम्मान को और अधिक गरिमा मिली है। उन्होंने कहा कि सीमा पर देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले जवानों के परिजनों को सरकारी नौकरी प्रदान करने का संवेदनशील और ऐतिहासिक निर्णय धामी सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि अब तक 28 शहीद सैनिकों के परिजनों को सरकारी सेवा में रोजगार प्रदान किया जा चुका है, जो सरकार की सैनिक परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस अवसर सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह, ब्रिगेडियर केजी बहल, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल, ले.जनरल अश्वनी कुमार, मेजर जनरल ओपी राणा, ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, मेजर जनरल देवेश अग्निहोत्री, मेजर जनरल ओपी सोनी, मेजर जनरल आनंद रावत सहित पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

सीएस की अध्यक्षता में हुई हाउस ऑफ हिमालयाज की 6वीं बोर्ड बैठक आयोजित

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में हाउस ऑफ हिमालयाज की 6वीं बोर्ड बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान अध्यक्ष आनन्द बर्द्धन एवं निदेशक मंडल द्वारा विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति दी गयी। अपर सचिव एवं एमडी झरना कमठान ने हाउस ऑफ हिमालयाज की अब तक की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।

मुख्य सचिव ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज से अधिक से अधिक क्लस्टर लेवल फेडरेशन्स एवं स्वयं सहायता समूहों को जोड़ कर हाउस ऑफ हिमालयाज में शामिल किया जान चाहिए। उन्होंने क्लस्टर लेवल फेडरेशन्स और स्वयं सहायता समूहों को और अधिक मजबूत किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएलएफ एवं स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों का भुगतान को प्राथमिकता पर लेते हुए उनका भुगतान शीघ्र से शीघ्र किया जाए। उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जीआई टैगिंग और जैविक प्रमाणीकरण के महत्त्व पर बल देते हुए उन्होंने जीआई टैगिंग और जैविक प्रमाणीकरण की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, उत्पादों के एमआरपी निर्धारित किए जाने के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने की भी बात कही।

मुख्य सचिव ने हाउस ऑफ हिमालयाज को अपने वेयरहाउस और स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज का वेयरहाउस गढ़वाल एवं कुमाऊं के साथ ही, एक बड़ा वेयरहाउस हब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एवं एनसीआर में भी होना चाहिए। इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

मुख्य सचिव ने रॉ मैटीरियल एवं उत्पादों के लिए सगन्ध पौधा केन्द्र एवं दून सिल्क फेडरेशन के साथ शीघ्र एमओयू किए जाने की बात भी कही। उन्होंने एयरपोर्ट्स एवं मैट्रो स्टेशनों में आउटलेट्स बढ़ाए जाने के साथ ही अलग-अलग राज्यों में बन रहे यूनिटी मॉल्स में हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों के लिए आउटलेट्स स्थापित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आउटलेट्स को उत्पाद बिक्री के लक्ष्य प्रदान किए जाएं। साथ ही अच्छा कर रहे आउटलेट्स को इंसेटिव भी प्रदान किया जाए, ताकि बाकी आउटलेट कर्मी भी प्रेरित हों।

इस अवसर पर पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पाण्डेय, पूर्व निदेशक एलबीएसएनएए राजीव चोपड़ा, सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित है।

एंजेल चकमा के पिता से की फोन पर वार्ता कर सीएम ने जताया दुःख, आर्थिक मदद भी की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात कर, एंजेल की हत्या पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि, इस मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जबकि एक अन्य आरोपी के नेपाल भागने की आशंका है, ईनाम घोषित करते हुए उसे भी गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने तरुण चकमा से कहा कि इस घटना पर वो व्यक्तिगत तौर पर दु:खी हैं। इस स्थिति में परिवार के दु:ख को समझ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार दोषियों को कड़ी सजा दिलाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कभी भी इस तरह का माहौल नहीं रहा है, यहां देश- विदेश के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। इसलिए यह घटना हम सबके लिए भी कष्टपूर्ण है। सरकार ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करेगी। उन्होने कहा कि घटना के बाद त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी उनकी बात हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। परिवार की सहायता के लिए वो त्रिपुरा के मुख्यमंत्री से भी बात करेंगे, साथ ही उत्तराखंड सरकार भी परिवार की हर संभव सहायता करेगी।

उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के पिता तरुण प्रसाद चकमा को तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत करते हुए पहली किश्त के रूप में रूपये 4 लाख 12 हजार 5 सौ की आर्थिक सहायता जारी कर दी गई है। यह धनराशि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 एवं नागरिक अधिकार सरंक्षण अधिनियम-1955 के अन्तर्गत स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता स्वीकृत किए जाने के लिए यह प्रकरण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के माध्यम से जिला समाज कल्याण अधिकारी देहरादून को भेजा गया था। इस प्रकरण पर उपजिलाधिकारी विकासनगर एवं पुलिस उपाधीक्षक विकासनगर देहरादून की संयुक्त जांच रिपोर्ट प्राप्त कर जिलास्तरीय समिति की स्वीकृति की प्रक्रिया को तुरंत संपन्न कराते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 एवं नागरिक अधिकार सरंक्षण अधिनियम-1955 के अंतर्गत उक्त आर्थिक सहायता स्वीकृत करने के साथ ही प्रथम किस्त का चैक एंजेल चकमा की पिता तरुण प्रसाद चकमा को भेज दिया गया है।

किसान दिवस के उद्घाटन पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने उत्तराखंड के लिए की अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं

गौचर (चमोली) में किसानों के कल्याण तथा आर्थिक उत्थान को समर्पित राज्य स्तरीय किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत 88 हजार किसानों को 65 करोड़ 12 लाख रूपये की बीमा राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित किए जाने और घेरबाड़ योजना के लिए प्रदेश को 90 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने की घोषणा की। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने इस अवसर पर पीएमजीएसवाई-4 योजना के अंतर्गत राज्य की 309 बसावटों को जोड़ने के लिए 1228.2 किमी सड़कों के निर्माण के लिए रू. 1706.94 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने का पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

राज्य स्तरीय किसान दिवस के आयोजन में खेती-बागवानी तथा इससे जुड़े क्षेत्रों में राज्य में हो रहे अभूतपूर्व बदलावों के साथ ही किसानों के कल्याण एवं आर्थिक उत्थान की दिशा में किए जा रहे ऐतिहासिक प्रयासों की जीवंत तस्वीर देखने को मिली। इस आयोजन में प्रतिभाग करने के लिए गौचर पहुँचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों के साक्षी बने तथा इस दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना की।
केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों से संवाद कर मेले में विभिन्न विभागों एवं महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को आत्मा योजना के अंतर्गत ‘किसान भूषण पुरस्कार’ से सम्मानित करने के साथ ही रिवर्स पलायन कर कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले किसानों एवं समूहों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार उत्तराखंडवासियों की निरंतर सेवा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के विकास के प्रति समर्पित रहने के साथ ही महिला और किसानों के सशक्तिकरण के लिए विशेष तौर पर प्रयासरत रहते हैं। उन्होंने उत्तराखंड के माल्टा की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के माल्टा को देश – विदेश तक पहुंचाने के लिए कोर कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भले ही खेती की जमीन कम हो रही है, बावजूद इसके कृषि उत्पादन बढ़ रहा है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि खराब पौधां के कारण किसानों की मेहनत बेकार न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने मुक्तेश्वर में 100 करोड़ की लागत से ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित करेगी। इस सेंटर से किसानों को कीवी, सेब, माल्टा सहित नींबू प्रजाति फलों की अच्छी पौध मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर, उत्तराखंड को फल और सब्जी उत्पादन की वैश्विक राजधानी बनाने का संकल्प लेकर कार्य रही हैं। केंद्र सरकार कृषि अधिकारियों- वैज्ञानिकों की टीम के जरिए उत्तराखंड में कृषि के लिए पांच साल का रोडमैप पर बनाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जंगली जानवरों से खेती को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार इस वित्तीय वर्ष में घेरबाड़ योजना में 90 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराएगी।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंटीग्रेटेड खेती पर जोर दे रहे हैं, ताकि छोटे-छोटे खेतों पर अधिक उत्पादन हो सके। इसके लिए हमें फल, सब्जी, पशु पालन, मछली पालन के साथ ही जड़ी बूटी उत्पादन पर जोर देना होगा। केंद्र सरकार नीतिगत बदलाव के जरिए प्रदेश की जरूरत के अनुसार बजट उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में न्यूजीलैंड के साथ मिलकर, उत्तराखंड में कीवी पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के जरिए महिलाओं का लखपति बनाने की दिशा में ठोस पहल की है, इस योजना में भारत सरकार भी सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता, सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण और ब्लॉक स्तर पर किसान दिवस आयोजित कर सुशासन की नई मिशाल पेश की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकसित भारत जी राम जी योजना के जरिए ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान की है।

*कृषि क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि किसान स्वाभिमान और परिश्रम के प्रतीक हैं, जिनकी समृद्धि से ही देश की समृद्धि संभव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती, और डिजिटल कृषि जैसी योजनाओं ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है। राज्य के लगभग 9 लाख किसान इन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार किसानों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। फार्म मशीनरी बैंक योजना में कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। नहरों से सिंचाई पूरी तरह निःशुल्क की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पॉलीहाउस निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने पर 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की गई है। इसके अतिरिक्त, एक हजार करोड़ रुपये की “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग परियोजना” को स्वीकृति दी गई है। राज्य सरकार ने मंडुवा, कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसे फसलों के प्रोत्साहन के लिए नई नीतियां लागू की हैं, जिन पर 1200 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बागवानी और औद्यानिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जापान सहायतित 526 करोड़ रुपये की “उत्तराखंड एकीकृत औद्यानिक विकास परियोजना” संचालित है। बागवानी, मशरूम, शहद, चाय एवं सुगंधित फसलों के उत्पादन में राज्य ने उल्लेखनीय वृद्धि प्राप्त की है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत संकल्प 2047” को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस मौके पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषकों के आर्थिक उत्थान एवं कल्याण के लिए संचालित योजनाओं को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रतिबद्धता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों की समस्याओं के निराकरण, उन्हें जागरूक करने तथा कृषि से संबंधित विषयों पर त्वरित समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के द्वितीय बृहस्पतिवार को किसान दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर सचिव कृषि डॉ. एस.एन.पाण्डेय ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी।

कार्यक्रम में विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा , जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, नगर पालिका अध्यक्ष गौचर संदीप नेगी, उपाध्यक्ष जड़ी बूटी सलाहकार परिषद बलवीर घुनियाल, उपाध्यक्ष-उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय जलागम परिषद रमेश गड़िया, अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद रामचन्द्र गौड़, उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद हरक सिंह नेगी, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, उपाध्यक्ष बद्रीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति ऋषि प्रसाद सती, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, गणेश शाह, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मौजूद थे।