लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर मुनिकीरेती पुलिस ने किया यूपी विधायक पर मुकदमा

मुनिकीरेती पुलिस ने यूपी में महराजगंज की नौतनवा सीट से विधायक और उनके 11 साथियों पर लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।

थानाध्यक्ष राम किशोर सकलानी ने बताया कि बीते तीन मई की रात को ब्यासी पुलिस बैरियर पर चेकिंग के दौरान यूपी की नौतनवा विस से विधायक अमनमणि त्रिपाठी तीन कारों में अपने 11 साथियों के साथ पहुंचे। पुलिस के रोके जाने पर उन्होंने अपर जिलाधिकारी देहरादून की अनुमति दिखाई। इस अनुमति में विधायक के अलावा सिर्फ आठ लोगों की ही अनुमति थी, जबकि तीनों गाड़ियों में 4-4 कुल 12 लोग सवार थे। अनुमति में एक कार में तीन लोगों को सवारी अनुमन्य की गई थी। इसके अलावा इन लोगों ने मास्क भी नहीं पहने थे। इस पर थानाध्यक्ष ने गलत तथ्यों पर अनुमति प्राप्त करना पाते हुए आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

थानाध्यक्ष ने आरोपियों की पहचान विधायक अमनमणि त्रिपाठी, विनय सिकरवाल, मनीष, संजय, रितेश यादव, अजय यादव, ओमप्रकाश यादव, मायाशंकर सभी निवासी गोरखपुर, उमेश चौबे निवासी महाराज गंज, जय प्रकाश तिवारी निवासी पटेल नगर देहरादून, सुधाकर मिश्र निवासी चंद्रेश्वर नगर ऋषिकेश, श्रीप्रकाश निवासी बलिया के रूप में कराई है।

लॉकडाउन के दौरान जेल पहुंचे कैदियों को रखेंगे 14 दिन के लिए क्वारंटीन

लॉकडाउन के दौरान जेल पहुंचे कैदियों को 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा। सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए नए 20 कैदियों को क्वारंटीन बैरक में रखा गया है।

सुद्धोवाला जेल में भी क्वारंटीन और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। फिलवक्त सिर्फ गैर जमानती और संगीन मामलों के आरोपियों को ही जेल भेजा जा रहा है। बाकी मामलों में थानों से ही जमानत दी जा रही है। जेल पहुंचने वाले नए बंदियों के लिए अलग से क्वारंटीन बैरक बनाई गई है।

जहां पर नियमित रूप से मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है, ताकि उनमें कोरोना जैसे लक्षण मिले तो उन्हें हॉस्पिटल भेजा जा सके। सूत्रों के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान जेल में करीब 35 बंदी आए थे, इनमें से अभी 20 बंदी क्वारंटीन हैं। बाकी को क्वारंटीन पूरी होने के बाद दूसरी बैरक में भेजा गया है। लॉकडाउन के चलते बंदियों की मुलाकात पर रोक है। ऐसे में जेल प्रशासन नियमानुसार फोन से परिजनों और वकील से बात करने की सुविधा उपलब्ध करा रहा है।

मामा पर लगा भांजी को जान से मारने की धमकी देने का आरोप, मुकदमा दर्ज

मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में भांजी ने अपने मामा पर जमीन हड़पने के लिए मारपीट, गाली गलौच और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस बावत उन्होंने थाने में तहरीर भी दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामा पर मुकदमा दर्ज किया है।

वरिष्ठ उप निरीक्षक संजीत कुमार ने बताया कि जामरी काटल तपोवन निवासी प्रीति रमोला ने तहरीर दी। तहरीर में उन्होंने अपने मामा पूरण सिंह धमांनदा पर जमीन हड़पने के लिए उनके घर में तोड़फोड़, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। एसएसआई ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामा पर मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, मामले की जांच चौकी प्रभारी तपोवन विनोद कुमार को सौंपी गई है।

राहत शिविर से फरार हुए युवकों पर मुकदमा दर्ज

सोमवार आधी रात को हरिद्वार जिले में स्थित लक्सर के एक बैंकट हॉल में बनाए गए राहत शिविर से दो युवक दीवार फांदकर फरार हो गए। मंगलवार को गिनती के दौरान दो लोग कम मिलने पर हॉल की सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। इसमें दोनों लोग दीवार फांदकर जाते हुए दिखाई दिए। कैंप प्रभारी बीडीओ ने दोनों के खिलाफ लक्सर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। लॉकडाउन के बाद दूसरे प्रदेशों से अपने घरों को जा रहे मजदूरों को लक्सर में रोक दिया था।
लक्सर में बैंकट हाल, सत्संग भवन, स्कूल और कॉलेजों में कई राहत शिविर बनाए गए थे। इन शिविरों में दूसरे प्रदेश के इन लोगों को क्वारंटीन किया गया था। प्रशासन के मुताबिक इन सभी पांचों राहत शिविरों में लगभग दो सौ से अधिक कामगार प्रवासी रह रहे हैं। एक बैंकट हाल में इस समय 51 लोग रुके हुए थे। मंगलवार सुबह जब एक संस्था की ओर से यहां खाना बांटा जा रहा था तो इस दौरान कैंप के बाहर ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मियों ने उन लोगों की गिनती की। इसमें कैंप में केवल 49 लोग मौजूद मिले। जानकारी मिलने पर शिविर के प्रभारी बीडीओ लक्सर चंदन लाल राही शिविर में पहुंचे। इस दौरान जब बैंकट हाल के सीसीटीवी कैमरे की जांच की गई तो दो लोग जाते दिखे।
जांच में उत्तर प्रदेश के संभल निवासी सतिया पुत्र वेद प्रकाश और मुरादाबाद का गुड्डू पुत्र मंतेराम गायब मिले। एसडीएम के आदेश पर बीडीओ चंदन लाल राही ने दोनों लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। कोतवाली के एसएसआई अभिनव शर्मा ने बताया कि दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही उनकी तलाश की जा रही है।

राज्यों के लॉकडाउन उल्लंघन पर केन्द्र का सख्त, कहा-ढील कहीं भारी न पड़ जाये

गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लॉकडाउन संबंधी संशोधित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है। मंत्रालय ने पत्र में कहा है कि कुछ राज्य ऐसे कार्यों की अनुमति दे रहे हैं, जो गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में नहीं दिए गए हैं। मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि लॉकडाउन के उल्लंघन की खबरें मिल रही हैं, जिनसे लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है और कोविड-19 के फैलने का जोखिम उत्पन्न हो सकता है। कोरोना के इलाज से सीधे तौर पर जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों पर हिंसा, परस्पर सुरक्षित दूरी के पूरी तरह से उल्लंघन और शहरी क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही की घटनाएं हुई हैं। केंद्र सरकार ने कोविड-19 की स्थिति के ऑन-स्पॉट आकलन, इसके समाधान के लिए राज्य प्राधिकरणों को आवश्यक निर्देश देने और केंद्र सरकार को उनकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए छह अंतर-मंत्रालय टीमों का गठन किया है। ये टीमें दिशा-निर्देशों के अनुरूप लॉकडाउन के अनुपालन, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, परस्पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने, इलाज की तैयारी, स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा और कामगारों तथा गरीबों के लिए राहत शिविरों की शर्तों पर ध्यान केंद्रित करेंगी।

प्रेमिका से मिलने घर आए प्रेमी की घर वालों ने कर दी जमकर धुनाई

प्रेमिका के घर आए प्रेमी की उसके परिजनों ने जमकर धुनाई कर दी। यह बात प्रेमिका को नागवर गुजरी और उसके गुस्से में जहरीला पदार्थ निगल लिया। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसकी सेहत में सुधार है। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर युवती के बयान लिए।

यह घटना है हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र की। यहां कोतवाली क्षेत्र की युवती का गांव के ही युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है। युवक ने अपने परिजनों को शादी का प्रस्ताव लेकर दो बार युवती के घर पर भी भेजा, मगर उन्होंने इनकार कर दिया। युवक को खबर मिली कि युवती के परिवार वालों ने उसका रिश्ता किसी अन्य जगह कर दिया है। इसी वजह से शुक्रवार को युवक युवती से बात करने उसके घर चला गया, इसी बीच युवती के परिजनों ने पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। इससे नाराज युवती ने शुक्रवार देर शाम जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। तहसीलदार सुनैना राणा ने अस्पताल पहुंचकर युवती के बयान दर्ज किए। फिलहाल युवती की हालत में सुधार है।

विदेशियों ने कहा 1 बजे तक हम स्वतंत्र, तो फिर पुलिस ने क्या किया, पढ़िए पूरी खबर

टिहरी जिले की तपोवन चैकी पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान घूम रहे विदेशी सैलानियों को अनोखे अंदाज में सजा दी। कोरोना संक्रमण से लोग बचे रहें, इसके लिए पुलिस कई बार सख्ती तो कई बार अलग-अलग अंदाज में लोगों को समझा रही है। तपोवन पुलिस ने बेवजह घूम रहे विदेशी सैलानियों से कोरे कागज पर 500 बार लिखवाया कि लॉकडाउन के दौरान उनसे गलती हुई है।
तपोवन चैकी प्रभारी उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि शनिवार को उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ नीम बीच से लेकर साईं घाट तक गश्त की। इस दौरान 10 विदेशी नागरिक गंगा किनारे चहल-कदमी करते हुए दिखाई दिए।
इस दौरान विदेशियों से बेवजह घूमने का कारण पूछा तो बोले एक बजे तक स्वतंत्र घूम सकते हैं। पुलिस ने बताया कि रिलैक्सेशन पीरियड केवल जरूरत का सामान खरीदने के लिए है, गंगा किनारे स्नान करने, ध्यान करने या चहल-कदमी करने के लिए नहीं है। पुलिस ने विदेशी नागरिकों से नियमों का उल्लंघन होने पर कोरे कागज पर 500 बार लिखवाया कि उनसे गलती हो गई।

जमाती सामने आए नही आए तो गंभीर धाराओं में मुकदमा होगा दर्ज

उत्तराखंड में कई जमाती मेडिकल जांच कराने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। इस पर रविवार को मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने चेतावनी जारी की कि छिपे हुए जमातियों के पास सोमवार (आज) को पुलिस के सामने आने का आखिरी मौका है। यदि उसके बाद कोई पकड़ा जाता है तो उस पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
उनके संक्रमण से किसी की जान जाती है तो फिर संबंधित पर हत्या का केस दर्ज होगा। उत्तराखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। 26 कोरोना पॉजिटिव में 19 जमाती हैं। इनमें आठ देहरादून जिले से हैं। हिमाचल प्रदेश के डीजीपी के बाद उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने रविवार को जमातियों को कड़ी चेतावनी जारी की है।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि निजामुद्दीन मरकज और जमात में गए 675 लोगों को क्वारंटीन किया जा चुका है। पुलिस के अनुरोध के बावजूद जमाती खुद को छिपा रहे हैं, जो चिंताजनक है। सरकार और पुलिस हर नागरिक की सुरक्षा के लिए गंभीर है। जमाती सामने आए तो पूरे समाज के लिए बेहतर होगा।
कोरोना वायरस से काफी लोग ठीक हो रहे हैं। इसलिए डरने की कोई बात नहीं हैं। जरूरी होगा तो उनका मेडिकल कराया जाएगा। जमातियों के सामने आने का सोमवार को आखिरी दिन है। सामने आने वालों का पुलिस पूरा साथ देगी। इसके बाद आने वाले जमातियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर चार गुना होगी वसूलीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि कोरोना वायरस को रोकने में प्रशासनिक कार्यवाही का विरोध करने वालों पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत कङी कार्रवाई की जाएगी। क्वारेंटाईन किए गए लोग अगर छुपते हैं या कोई उन्हें छुपाते हैं तो छुपने वाले व छुपाने वाले दोनों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि कुछ लोगों ने सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्हें सख्त हिदायत दी जाती है कि सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने पर चार गुना वसूली की जाएगी।

कुछ छिटपुट जगहों पर लोग अफवाहो के बहकावे में भी आए हैं। प्रदेशवासियों से अनुरोध है अफवाहो में न आएं और केवल सरकारी प्रामाणिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। स्वास्थ्य विभाग समय समय पर गाइडलाइन जारी करता है जिसे मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग कोरोना वायरस से लङाई में जुटे हैं। कुछ लोगों को इनकी तपस्या को बेकार करने नहीं दिया जाएगा।

कोरोना वायरस से निपटने को 85 करोड़ का बजट जारी
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर कोरोना वायरस से निपटने के लिए एसडीआरएफ मद से 85 करोङ रूपए जारी किए गए हैं। इसमें हर जिले को 5-5 करोङ रूपए कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की तैयारियों के लिए जबकि 20 करोङ रूपए चिकित्सा शिक्षा विभाग को कोरोना नोटिफाईड अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था के लिए दिए गए हैं।
वहीं उत्तराखंड परिवहन निगम को भी कर्मचारियों के वेतन व अन्य व्ययों की प्रतिपूर्ति आदि के लिए 20 करोङ रूपए दिये गए हैं।

संकट के समय मदद मांगने गई पुलिस को आश्रम ने लौटाया बैरंग

मंगलवार को चैकी इंचार्ज कैलाश गेट विकेन्द्र कुमार पुलिसकर्मियों के साथ शीशमझाड़ी स्थित स्वामी स्वतंत्रतानंद आश्रम शिव शक्ति ट्रस्ट पहुंचे। यहां तीन घंटे तक पुलिसकर्मी आश्रम के कर्मचारियों को आवाज लगाते रहे। मगर, कोई नहीं पहुंचा। तीन घंटे बाद आश्रम के मैनेजर सतीश शर्मा बाहर आए। चैकी इंचार्ज ने पूछा कि क्या आप लॉकडाउन के चलते पीएसी के जवानों को अपने हॉल में ठहरा सकते हैं। इस पर मैनेजर ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस के ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। चैकी इंचार्ज ने बताया कि आश्रम धर्माथ कार्यों के लिए खोला गया है, यहां प्रतिवर्ष विदेशी नागरिक ठहरते हैं। संकट के समय में आश्रम के इस व्यवहार से नाराज उन्होंने कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने थानाध्यक्ष राम किशोर सकलानी को इसकी सूचना दी है।

रशियन नागरिकों ने बढ़ाई मुश्किल, एबेंसी से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने किया रवाना
रशियन एबेंसी से बिना अनुमति मिले मंगलवार को 52 नागरिक बस संख्या यूपी17एटी-2444 में सवार होकर दिल्ली एयरपोर्ट जा रहे थे। तभी पुलिस को सूचना मिली और कैलाश गेट पर बस को रोका गया। मौके पर एडिशनल एसपी उत्तम सिंह नेगी भी पहुंचे। उन्होंने बस चालक से अनुमति मांगी। मगर, वह रशियन एंबेसी का कोई अनुमति पत्र नहीं दिखा पाया। चालक ने स्थानीय प्रशासन के अनुमति वाला पत्र दिखाया। इसे पुलिस ने नहीं माना। एडिशनल एसपी ने सभी विदेशी नागरिकों को एक स्थानीय होटल में ठहराया। वहीं, दो घंटे के बाद रशियन एबेंसी से अनुमति मिलने के बाद इन्हें रवाना किया गया।