नगर निगम की टीम ने मांस विक्रेताओं को नोटिस जारी किये

स्वास्थ्य अधिकारियों से जांच करवाए बिना मांस बेचने वालों पर नगर निगम का डंडा चला। इस दौरान निगम की टीम ने यहां दो मांस विक्रेताओं का चालान काटकर दस हजार रुपये जुर्माना वसूला है। साथ ही छह लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस भी जारी किया गया है।
नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम इंद्रा नगर स्थित मीट मार्केट पहुंची। इस दौरान सफाई निरीक्षक सचिन रावत ने मांस विक्रेताओं के लाइसेंस और नालियों का निरीक्षण लिया। इसमें अधिकांश के लाइसेंस की वैधता समाप्त पाई गई। इस पर सफाई निरीक्षक ने शीघ्र ही ऑनलाइन लाइसेंस नवीनीकरण कराने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने दो मांस विक्रेताओं का चालान कर दस हजार रुपये का जुर्माना वसूला। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने यहां बिक रहे मांस का परीक्षण किया। इसमें उन्होंने छह मीट विक्रेताओं को बिना मांस की जांच कराए बिक्री करने पर नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि स्लाटर हाउस में मांस कटना चाहिए। साथ ही वहीं डॉक्टरों को मांस का निरीक्षण करवाना चाहिए। उनकी लिखित सहमति के बाद ही मांस को बेचा जा सकता है। इस अवसर पर सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल भी उपस्थित थे।

9411112780 पर फोन कर महिला एवं छात्राएं करा सकती हैं शिकायत दर्ज

उत्तराखंड में असुरक्षित महसूस करने वाली महिलाओं और छात्राओं के लिए पुलिस मुख्यालय ने नई पहल शुरू की है। अपनी शिकायत को लेकर थाने जाने से परहेज करने वाली महिला एवं छात्राओं के लिए पुलिस ने महिला व्हाट्सअप हेल्पलाइन सेवा शुरू की हैं।
पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि महिलाएं और छात्राएं व्हाट्सएप नंबर 9411112780 पर सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। मेसेज आने के बाद संबंधित क्षेत्र में तत्काल पुलिस सहायता मिलेगी। इस नंबर पर किसी भी घटना और समस्या से संबंधित मेसेज, फोटो अथवा पुलिस मुख्यालय में स्थापित महिला सुरक्षा सेल को भेज सकती हैं। महिला सुरक्षा सेल में तैनात पुलिस अधिकारी व्हाट्सएप पर आए संदेश पर संबंधित जनपद की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचेगी। डीजी क्राइम ने बताया कि महिलाएं पीछा करने और छेड़छाड़ करने वाले का फोटो और वीडियो भी सीधे भेज सकेंगी।

शरजील पीएफआई के संपर्क में था, फंडिंग की जांच में जुटी पुलिस

देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू के स्कॉलर शरजील इमाम से पूछताछ में पुलिस को चैंकाने वाली जानकारियां मिल रही हैं। पता चला है कि शरजील पीएफआई के नौ लोगों के संपर्क में था। इनसे उसकी लगातार बातचीत होती थी। ये सभी व्हाट्स ऐप ग्रुप ‘मुस्लिम स्टूडेंट ऑफ जेएनयू’ और ‘मुस्लिम स्टूडेंट ऑफ जामिया’ से जुड़े थे।
वहीं, शरजील के मोबाइल की जांच के बाद पुलिस ने जामिया और अलीगढ़ विश्वविद्यालय के 15 छात्रों की पहचान की है। ये शरजील के संपर्क में थे। पुलिस ने इनको पूछताछ के लिए नोटिस दिया है। शरजील का रिमांड सोमवार को खत्म होने के बाद उसे साकेत कोर्ट के चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के घर पेश किया गया। वहां उसका रिमांड तीन दिन और बढ़ा दिया गया है। हालांकि पुलिस को उसके किसी आतंकी संगठन से जुड़े होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शरजील के लैपटॉप और डेस्कटॉप की जांच के दौरान पता चला है कि शरजील ने जामिया हिंसा से पूर्व उर्दू और अंग्रेजी में कुछ भड़काऊ पोस्टर बनाए थे। इनको उसने विभिन्न व्हाट्स ऐप ग्रुप पर पोस्ट किया था। दूसरी ओर, उसके बैंक खातों की जांच के दौरान किसी बाहरी फंडिंग की अभी जानकारी नहीं मिली है।
पुलिस खातों की डिटेल की जांच कर रही है। पुलिस ने शरजील के मोबाइल का डिलीट डाटा भी बरामद कर लिया है। मोबाइल से मिले कई वीडियो में शरजील भड़काऊ भाषण देता दिखा है। शरजील को भड़काऊ बातें बोलने में महारथ हासिल है। उसने अपनी बातचीत के जरिये पुलिस को भी गुमराह करने की कोशिश की थी।
मोबाइल से मिले वीडियो में शरजील लोगों से सीएए और एनआरसी के खिलाफ लामबंद होने के लिए कह रहा है। जामिया मिल्लिया और शाहीन बाग में प्रदर्शन शुरू होने के बाद वह देश के दूसरे शहरों में भी इसी तरह के प्रदर्शन खड़े करने की कोशिश कर रहा था।

एसएसएससी की ओएमआर शीट में मिली गड़बड़ी, दर्ज हुआ मुकदमा

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की कनिष्ठ सहायक परीक्षा में एक छात्रा की ओएमआर शीट में छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया हैं। पुलिस ने विवेचना वरिष्ठ उप निरीक्षक जितेन्द्र चौहान को सौंपी है। बता दें कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 25 नवंबर 2018 को कनिष्ठ सहायक स्नातक स्तरीय परीक्षा संपन्न कराई थी।

इसमें निर्धारित अभ्यर्थियों की मूल ओएमआर ईमेज और ओएमआर की द्वितीय (कार्यालय) प्रति के मिलान में यह खुलासा हुआ कि अभ्यर्थी अंजू की मूल ओएमआर और द्वितीय प्रति में उत्तर गोलों में अंतर है। जाहिर है मूल ओएमआर सीट में परीक्षा होने के बाद उत्तर गोले जोडे गए हैं। संबधित अभ्यर्थी का परीक्षा परिणाम रोक दिया गया है। यह छेड़छाड़ अभ्यर्थी को पास कराने के उद्देश्य से की गई है।

एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि आयोग की जांच में यह मामला उजागर हुआ है। जांच के आधार पर आयोग के अनुसचिव राजन नैथानी की तहरीर पर धोखाधड़ी और दस्तावेजों में छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना वरिष्ठ उप निरीक्षक जितेंद्र चौहान के सुपुर्द की है। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

एसआईटी जांच में दोषी शिक्षकों पर कठोर कार्रवाई के पक्ष में मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रबंध तंत्र द्वारा निजी स्रोत से शिक्षण कार्य हेतु रखे गए पी.टी.ए. शिक्षकों के मानदेय के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुई। बैठक में पी.टी.ए. शिक्षकों की नियुक्ति में पारदर्शिता, निर्धारित आवश्यक अर्हता एवं योग्यता के साथ ही नियमानुसार सम्यक प्रकियाओं के तहत कार्यवाही किये जाने पर विचार किया गया। इस सम्बन्ध में दिसम्बर, 2016 में जारी शासनादेश के अनुसार कार्यवाही किये जाने पर भी सहमति बनी। बैठक में विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव वित्त अमित नेगी एवं सचिव विद्यालयी शिक्षा आर. मीनाक्षी सुन्दरम के साथ ही अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि शिक्षा के व्यापक हित में योग्यता पर ध्यान दिया जाय, एस.आई.टी की जांच में गलत तरीके से शिक्षक बनने वालो के विरूद्व अविलम्ब योग्य अधिकारियों की समिति गठित कर सुनवाई की कार्यवाही आरंभ की जाय। उन्होंनें कहा कि इस सम्बन्ध में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिये समर्पित कर्तव्यनिष्ठ एवं ईमानदार अधिकारियों को समिति में रखा जाय। उन्होंने कहा कि समय समय पर स्कूलों का निरीक्षण किया जाए। जिन स्कूलों में कम बच्चे है अथवा जिस कैम्पस में कई स्कूल संचालित हो रहे है उनका आपस में विलय कर छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए यदि परिवहन की सुविधा दी जानी हो तो उसकी व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग्य शिक्षक ही शिक्षा का भला कर सकते है तभी छात्रों को अच्छी शिक्षा भी उपलब्ध हो सकती है। हमें हर हाल में शिक्षा की गुणवत्ता बनाये रखनी होगी।
वहीं, मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित विभिन्न अशासकीय प्राप्त विद्यालयों को अनुदान दिये जाने के सम्बन्ध में स्पष्ठ कार्ययोजना के निर्धारण पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में जनवरी 2017 में जारी शासनादेश में निर्धारित मानकों के अनुसार कार्यवाही अमल में लायी जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय कार्यकलापों के क्रियान्वयन में शासन द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उक्त शासनादेश में इस सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश भी स्पष्ट किये गये है। शासनादेश में निर्धारित मानकों में व्यवस्था है कि जूनियर हाईस्कूल स्तर पर प्रति छात्र एक हजार रूपये अथवा अधिकतम एक लाख, हाईस्कूल स्तर पर एक हजार पांच सौ प्रति छात्र अथवा अधिकतम दो लाख एवं इण्टर स्तर पर प्रति छात्र दो हजार रूपये अथवा अधिकतम तीन लाख प्रतिह वर्ष जो कम हो की धनराशि विद्यालयों को टोकन राशि उपलब्ध करायी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की शिक्षा के व्यापक हित में यदि आवश्यकता हो ते इस धनराशि को पुननिर्धारण पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालयों मं अध्यपाक की व्यवस्थाओं एवं फीस निर्धारण आदि की भी कार्ययोजना निर्धारित की जानी चाहिए। हमारा उद्देश्य छात्रों को शिक्षा का बेहतर अनुकूल माहौल उपलब्ध कराना है।

पत्नी को भंडाभोड़ करने को पति ने दलाल से मंगवाई कॉल गर्ल, निकली पत्नी

पत्नी कॉलगर्ल है या नहीं, इस शक को दूर करने के लिए एक पति ने महिला दलाल के जरिए कॉल गर्ल की फोटो व्हाट्सअप पर मंगवाई। महिला दलाल ने कई फोटो भेजे। इसमें एक फोटो उसकी पत्नी की भी निकली। बस फिर क्या था। पति ने उसे व्हाट्सअप पर बुक किया। इसके बाद जो हुआ, वह चर्चाओं में बना हुआ है।

दरअसल काशीपुर में एक ऐसा मामला सामने आया। यहां आईटीआई थाना क्षेत्र की युवती का विवाह कुछ वर्ष पहले दिनेशपुर के युवक के साथ हुआ। पत्नी के सुसराल से ज्यादा मायके रहने पर पति को कुछ समझ नहीं आया। तभी पत्नी की एक सहेली ने पति को फोन पर जानकारी दी कि वह कॉल गर्ल है तथा एक महिला दलाल के जरिए चलती है। सहेली ने ही पति को महिला दलाल का नंबर भी उपलब्ध कराया।

इसके बाद पति ने महिला दलाल से व्हाट्सअप पर संपर्क साधा और सर्विस की मांग की। महिला दलाल ने कई कॉल गर्ल की फोटो भेजी। इसमें एक फोटो पत्नी की भी निकली। पति ने पत्नी की फोटो भेज कर सर्विस मंगवाई। पत्नी भी बताए गए पते पर पहुंची। दोनों का आमना सामना हुआ तो जमकर हाथापाई हुई। साथ ही एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामला एएसपी के पास पहुचंा। एएसपी ने मामले में जांच कराने की बात कही है।

पिता और पुत्र को मारपीट के मामले में कोर्ट ने सुनाई एक-एक साल की सजा

मारपीट के एक मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश आलोक राम त्रिपाठी की अदालत ने आरोपी पिता और पुत्र को दोषी पाते हुए एक-एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1500-1500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोनों को एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

मामला 11 अगस्त 2016 का है। बताया गया कि वादी जीत बंधन फल लेने के लिए बड़ी सब्जी मंडी गए थे। यहां पर सुरेश गुप्ता से किसी बात पर कहासुनी हो गई। इसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे वादी को तारामाता मंदिर मायाकुंड के समीप सुरेश गुप्ता और उसका पुत्र आशीष गुप्ता मिल गए। आरोप था कि दोनों पिता और पुत्र ने वादी के साथ जमकर मारपीट की। इस कारण वादी के मुंह पर चार टांके आए और दो दांत भी टूट गए। वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जांच के बाद चार्जशीट न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल की।

इस मामले में राज्य की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी राकेश चंद ने मजबूत पैरवी की। इसके आधार पर न्यायाधीश आलोक राम त्रिपाठी ने आरोपी सुरेश गुप्ता पुत्र बनारसी तथा आशीष गुप्ता पुत्र सुरेश गुप्ता को दोषी पाया। उन्होंने दोषी पिता और पुत्र को एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1500-1500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

उधार के रूपए वापस मांगना पड़ा भारी, बंधक बनाकर पीटा हुआ दर्ज मुकदमा

थाना लक्ष्मणझूला क्षेत्रांतर्गत दिल्ली निवासी युवक को उधार दिए रुपये वापस मांगना भारी पड़ गया। युवक को न सिर्फ दूसरे पक्ष ने बंधक बनाया बल्कि मारपीट कर जान से मारने की धमकी तक दे डाली। पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर अपनी व्यर्था सुनाई तो पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, चन्द्र नगर, केशवपुरम नई दिल्ली निवासी राजकुमार बेनीवाल पुत्र नत्थू सिंह से शरद चंद मिश्रा नामक युवक ने पिछले वर्ष एक लाख रुपये उधार लिए थे। बार-बार बात टालने पर पीड़ित राजकुमार उसके स्वर्गाश्रम जौंक स्थित कार्यालय पहुंचा और उधार लिए एक लाख रुपये वापस मांगे।

पीड़ित का आरोप है कि शरद चंद मिश्रा ने अपने कार्यालय में उन्हें बंधक बनाया और मारपीट की। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित राजकुमार की तहरीर पर लक्ष्मणझूला पुलिस ने आरोपी शरद चंद मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला राकेन्द्र सिंह कठैत ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

मोबाइल प्रचून शॉप पर संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग, सामान खाक

ऋषिकेश एम्स मार्ग पर मोबाइल वैन में प्रचुन की दुकान में संदिग्ध परिस्थितयों में आग लग गई। इससे दुकान के अंदर रखा ढाई लाख रूपए का सामान जलकर खाक हो गया। पीड़ित पक्ष ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है।

जानकारी के मुताबिक, वैदिक नगर रायवाला निवासी गुड्डू गुप्ता पुत्र वेसन गुप्ता एम्स मार्ग पर पिछले तीन वर्ष से मोबाइल वैन पर कैन्फैक्शनरी की दुकान लगा रहे थे। रोज की तरह बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े आठ बजे गुड्डू गुप्ता अपनी दुकान बंद करके घर चले गए। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पड़ोसी दुकानदार का उन्हें फोन आया। फोन पर उन्हें बताया गया कि उनकी दुकान में आग लगने से सारा सामान जलकर राख हो गया है। साथ ही दुकान का ताला भी टूटा हुआ है। सूचना पाकर गुड्डू घटनास्थल पहुंचे और मामले में आईडीपीएल पुलिस को तहरीर दी।
तहरीर में उन्होंने असामाजिक तत्वों की ओर से उनकी दुकान को आग लगाने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जानबूझ कर उनकी दुकान को निशाना बनाया गया है, जबकि आसपास की किसी भी दुकान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने तहरीर में आग लगने से करीब ढाई लाख रुपये के नुकसान की बात कही है। वहीं, पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

वहीं,
रोडवेज बस रानीपोखरी के भोगपुर स्थित एक खाली प्लॉट पर खड़ी हुई थी। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे रोडवेज बस में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। मौके पर अग्निशमन कर्मचारी पहुंचे और करीब 10 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। थानाध्यक्ष रानीपोखरी राकेश शाह ने बताया कि उक्त रोडवेज बस भोगपुर से देहरादून वाया थानों रूट पर चलती है। बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। इसकी जांच की जा रही है। वहीं, चालक दिनेश रावत पुत्र पूरन सिंह रावत निवासी इठारना, भोगपुर ने बताया कि वह बृहस्पतिवार की रात्रि बस को खाली प्लॉट में खड़ा कर घर चला गया था।

चोरी के वाहन के साथ शातिर हिस्ट्रशीटर गिरफ्तार

रायवाला थानाध्यक्ष हेमंत खंडूरी ने बताया कि बीती छह जनवरी को सत्यपाल सिंह पुत्र दिगंबर सिंह निवासी छिद्दरवाला ने थाना आकर वाहन चोरी के संबंध में तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया था।

थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके आधार पर उक्त वाहन रुड़की होता हुआ छुटमलपुर की ओर जाता दिखाई दिया। पुलिस टीम सहारनपुर पहुंची और छुटमलपुर से चोरी हुआ वाहन और अवैध असलाह के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है।

आरोपी की पहचान रहीश पुत्र असदम कुरैशी निवासी ग्राम गन्देवड़ा थाना फतेहपुर जिला सहारनपुर यूपी के रूप में हुई है। आरोपी ने पूछताछ में पुुलिस को बताया कि वह अपने पिता के साथ देहरादून में कारगी चौक के पास प्याज की पौध बेचता था। दोस्तों के कहने पर उसने छिद्दरवाला गांव से वाहन चोरी किया था।