लॉकडाउन को गंभीर नही दिख रहे लोग, पुलिस कर रही कार्रवाई

कोतवाली पुलिस ने कोरोना वायरस संक्रमण के तहत जारी लॉकडाउन और उत्तराखंड शासन के आदेशों का उल्लंघन करने पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
कोतवाल रितेश शाह ने अपील की है कि नगरवासी लॉकडाउन का उल्लंघन न करें। ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई करने को पुलिस बाध्य होगी। कोतवाल ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले तीन लोगों की पहचान 21 वर्षीय विशाल शर्मा पुत्र बालकिशन शर्मा निवासी बापू ग्राम गली ऋषिकेश, 23 वर्षीय दुर्गेश कुमार पुत्र बृजेश कुमार निवासी बाबा सदानंद मार्ग निकट मॉडर्न स्कूल ऋषिकेश और 22 वर्षीय रमन कुमार पुत्र स्व. राजवीर सिंह निवासी न्यू जाटव बस्ती ऋषिकेश के रूप में कराई है।

हरिद्वार से चली कार ने तीन चेक पोस्ट को झूठ बोलकर किया पार
मंगलवार को एक कार संख्या यूके11ए-4283 हरिद्वार से पौड़ी के लिए चली। कार में तीन लोग सवार थे। इस कार ने हरिद्वार जिले की सीमा को लांघकर, देहरादून जिले के थाना रायवाला, इसके बाद ऋषिकेश बैरियर को पार करके मुनिकीरेती पुलिस की सीमा में प्रवेश किया। इन तीनों जिले के बैरियर पर कार सवार युवकों को पुलिस ने नहीं पकड़ा। इसके बाद कार सवार युवक तपोवन बैरियर पहुंचे। यहां चैकी इंचार्ज विनोद कुमार ने कार चालक से पूछताछ की तो उसने अनुमति होना बताया। इस पर चैकी इंचार्ज ने अनुमति पत्र देखा तो वह फर्जी पाया गया। चैकी इंचार्ज ने मौके पर ही फटकार लगाई और कार को वापस भेज दिया।

कोरोना वायरसः आदेशों का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज

कोतवाली क्षेत्रांतर्गत एक व्यक्ति को कोरोना वायरस को लेकर मजाक बनाना भारी पड़ गया। पुलिस ने व्यक्ति पर उत्तराखंड शासन के आदेशों का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज किया है।
कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि सोमवार को चैकी प्रभारी श्यामपुर ने क्षेत्र में गश्त के दौरान एक व्यक्ति को कोरोना वायरस पर हंसी मजाक करने और आम जनता को घर से बाहर निकालने को उकसाने पर एक व्यक्ति को दोषी पाया है। पुलिस ने उत्तराखंड शासन के आदेशों की अवहेलना पर मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल रितेश शाह ने व्यक्ति की पहचान मनीष कुमार पुत्र राम आसरे वर्मा निवासी गली नंबर 20 अमित ग्राम गुमानीवाला ऋषिकेश के रूप में कराई है।

लॉकडाउन के उल्लंघन करने पर एक गिरफ्तार
कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉकडाउन चल रहा है। रानीपोखरी के थानाध्यक्ष राकेश शाह ने बताया कि मंजीत पुत्र रोशन चन्देल निवासी ग्राम टीएचडीसी कॉलोनी कोटी टिहरी गढवाल हाल निवासी रानीपोखरी नामक व्यक्ति ने लॉक डाउन तोड़ा है। इस कारण उसे गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त व्यक्ति बैकरी में कुछ मजदूरों को एकत्र कर कार्य करवा रहा था। उन्होंने बताया कि बिना अनुमति के वाहन चलाने वाले पांच वाहनों का मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत चालान और दो वाहन सीज किए गए है।

होटल में एक साथ बैठक लाॅकडाउन का किया उल्लंघन, पुलिस ने काटा चालान

मुनिकीरेती पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान होटल में सामाजिक दूरी का उल्लंघन करने पर 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने होटल संचालक का दस हजार और 10 लोगों का 500-500 रुपये का चालान किया है।
थानाध्यक्ष मुनिकीरेती राम किशोर सकलानी ने बताया कि शनिवार की रात्रि सूचना प्राप्त हुई कि तपोवन क्षेत्र के घुंघतानी होटल में कुछ लोग शोर शराबा और हुडदंगबाजी कर रहे है। थानाध्यक्ष ने मौके पर चैकी इंचार्ज विनोद कुमार शर्मा को भेेजा। चैकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे, तो पाया कि रेस्टोरेंट संचालक कपिल 10 युवकों को खाना परोस रहा है। इस दौरान सामाजिक दूरी का ध्यान नहीं रखा गया। मौके पर शोर शराबा करने वाले सभी युवकों को तपोवन चैकी ले जाकर 500-500 रुपये का चालान किया गया। साथ ही होटल संचालक का 83 पुलिस एक्ट में 10 हजार रुपये का चालान किया गया।

कोरोना वायरस से पीड़ित की झूठी वीडियो वायरल करने पर एक गिरफ्तार

कोतवाली ़ऋषिकेश पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक फर्जी वीडियों को ऋषिकेश के नटराज चौक की बताकर वायरल करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने युवक पर संबंधित धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया। यह वीडियो उत्तर प्रदेश के एक मॉक ड्रिल का था। मगर, इस वीडियों को ऋषिकेश निवासी मनोज कुमार पुत्र स्व. सुरेश चंद शर्मा निवासी मकान नंबर 36 तनीषा टावर नेहरू ग्राम इंदिरा नगर हार्ड वाली गली ऋषिकेश ने यह बताकर वायरल किया कि यह नटराज चौक का है और यह युवक ऋषिकेश का है। इस मामले में युवक पर मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

वीडियो की सत्यता की कर लें पड़ताल, नहीं तो ग्रुप एडमिन पर होगा मुकदमा
ऋषिकेश की जनता से पुलिस की अपील है कि कृपया किसी भी वीडियो को जानने से पहले उसकी सच्चाई जांच लें। आपके द्वारा सोशल मीडिया पर डाली जाने वाली वीडियो यदि गलत पाई जाएगी, तो ग्रुप एडमिन व उक्त व्यक्ति के विरुद्ध तत्काल मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई की जाएगी।

अधिक दाम वसूलने पर आढ़ती का थोक लाइसेंस निरस्त किया

कृषि उत्पादन मंडी समिति में तोता राम एंड संस नाम की दुकान पर फुटकर में सब्जी बेची जा रही है। यह जानकारी मिलते ही मंडी समिति के अध्यक्ष विनोद कुकरेती ने आढ़ती का थोक लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
यह जानकारी देते हुए मंडी अध्यक्ष विनोद कुकरेती ने बताया कि तोताराम एंड संस के मालिक के पास केवल थोक में फल और सब्जियां बेचने का लाइसेंस है। मगर लगातार सूचना मिल रही थी कि मालिक रिटेल में महंगे दामों पर फल और सब्जी बेच रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तोताराम एंड संस के मालिक को थोक में बेचने के लिए जारी किया गया लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। बताया यदि और किसी आढ़ती की इस प्रकार की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ भी यही कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कृषि उत्पादन मंडी समिति के अंदर फल और सब्जियों के थोक रेट की लिस्ट भी जारी की है।

निर्भया को आज मिला इंसाफ, फांसी से पहले का पूरा घटनाक्रम पढ़िए

निर्भया के साथ दर्दनाक हादसे को अंजाम देने वाले चार दरिंदों को आज सुबह फांसी पर लटका दिया गया। गुरुवार शाम तक दोषियों को उम्मीद थी कि उनकी फांसी टल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कल देर रात जब दोषियों को पता चला कि उनकी फांसी अब किसी हालत में नहीं टल सकती है, तो अचानक की उनके व्यवहार में बदलाव देखने को मिला। तिहाड़ जेल में बंद चारों दोषी खबर मिलते ही बेचैन हो उठे। सूत्र बतातें है कि वो लोग अपने सेल के अंदर चीखने चिल्लाने लगे। रात भर दोषियों को नींद भी नहीं आई। फांसी का खौफ उनके चेहरे पर साफ नजर आ रहा था।
शुक्रवार तड़के 3ः15 बजे ही चारों दोषियों को उनके सेल से उठाया गया। दैनिक क्रिया के बाद चारों को नहाने के लिए कहा गया। उन चारों के लिए जेल प्रशासन की ओर से चाय मंगाई गई, लेकिन किसी ने भी चाय नहीं पी। इस दौरान विनय ने कपड़े बदलने से इनकार कर दिया और रो-रो कर माफी मांगने लगा। इसके बाद उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया गया। उनकी आखिरी इच्छा पूछी गई। फांसी घर में लाने से पहले चारों को काले कुर्ते-पजामे पहनाए गए। फिर उनके हाथ पीछे की ओर बांध दिए गए। इसके बाद जब उन्हें फांसी घर लाया जाने लगा तो एक दोषी सेल में ही लेट गया और जाने से मना करने लगा।
किसी तरह उसे पकड़ कर फांसी घर तक लाया गया। फांसी कोठी से कुछ दूर पहले ही उनके चेहरे को काले कपड़े से ढंका गया। इसके बाद उनके पैरों को भी बांधा गया ताकि वे ज्यादा छटपटा न पाएं और एक दूसरे से टकराएं नहीं। इसके बाद ठीक साढ़े पांच बजे पवन जल्लाद ने जेल नंबर-3 के सुपरिटेंडेंट के इशारे पर लीवर खींच दिया। इस दौरान जल्लाद की मदद के लिए तीन जेल कर्मचारी भी मौजूद थे। फांसी के करीब आधे घंटे बाद डॉक्टरों ने चारों दोषियों को मृत घोषित कर दिया।

42 के बजाए बस में बैठे थे 148 यात्री, हुई सीज

देहरादून से लखीमपुर जा रही उत्तर प्रदेश नंबर की एक प्राइवेट बस को डग्गामारी करने पर सीज किया गया है। सीज की कार्रवाई परिवहन विभाग व निगम की टीम ने की। बस में 42 सीटर में पास थी, जबकि उसमें 148 यात्री सवार थे।

परिवहन निगम के सहायक महाप्रबंधक पीके भारती ने बताया कि शासन के निर्देशा पर परिवहन निगम व विभाग की ओर से नेपाली फार्म पर संयुक्त अभियान चलाया गया। इस दौरान शाम सात बजे उत्तर प्रदेश नंबर यूपी15डीटी-9920 की एक बस आती दिखाई दी। विभागीय अधिकारियों ने बस को रुकने का इशारा किया तो बस चालक ने बस की स्पीड बढ़ा दी।

इस पर रायवाला पुलिस को सूचना देकर बैरियर लगवाए गए। साथ ही अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस की मदद से बस को रोका गया। बताया कि बस की चेकिंग करने पर उसमें 148 यात्री पाए गए, जबकि बस 42 सीटर है।

बस चालक से कागजात मांगने पर वह उपलब्ध नहीं करा पाया। उन्होंने बताया कि चालक बस का परमिट, लाइसेंस और टैक्स के कागजात भी उपलब्ध नहीं करा पाया। इस बस को सीज कर दिया गया।

फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षाः कोचिंग सेंटर का संचालक गिरफ्तार

फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कराने का झांसा देकर युवकों से ठगी करने वाले गिरोह के सरगना कोचिंग सेंटर संचालक मुकेश सैनी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से एक ब्लूटूथ, ईयर फोन, मोबाइल और अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
पुलिस ब्लूटूथ की बारीकी से जांच कर रही है। साथ ही फरार चल रहे गिरोह के सात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस ने सरगना को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
एसएसपी ने बताया कि गिरोह का सरगना युवाओं को परीक्षा में नकल कराने के लिए ईयर फोन और ईयर पिक डिवाइस का प्रयोग कराता था। ईयर पिक से परीक्षार्थी फोटो खींचकर आरोपी को भेजते थे। इसके बाद उधर से ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से पेपर साल्व करवाया जाता था। ब्लूटूथ के माध्यम से ये लोग मात्र दो घंटे में ही पूरा पेपर सॉल्व करवा देते थे। उन्होंने बताया कि मुकेश के पास जो ब्लूटूथ डिवाइस मिला है, उसकी बारीकी से जांच की जा रही है। उम्मीद है कि ब्लूटूथ से कई अन्य जानकारियां मिलेंगी, जिसके आधार पर आगे की जांच की जाएगी।
एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने प्रेसवार्ता कर बताया कि देहरादून एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस को शिकायत मिल रही थी कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और प्राविधिक शिक्षा परिषद में पेपर लीक कराने के साथ ही ब्लूटूथ के माध्यम से नकल कराई जा रही है। 16 फरवरी को फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए लिखित परीक्षा थी। मंगलौर क्षेत्र स्थित कुआंहेड़ी निवासी आलोक हर्ष पुत्र शिवलोक हर्ष ने पुलिस से शिकायत कर बताया था कि वह गुरुकुल नारसन स्थित ओजस्व कॅरियर इंस्टीट्यूट से परीक्षा की तैयारी कर रहा था। कोचिंग सेंटर के संचालक मुकेश सैनी ने बताया कि था कि वह चार लाख रुपये में परीक्षा का पेपर उपलब्ध करा सकता है। साथ ही पास करवाकर नौकरी भी लगवा देगा।
इसी बीच मुकेश सैनी के दोस्त कपिल से उसकी मुलाकात हुई। कपिल ने भी बताया कि मुकेश ने उससे भी चार लाख रुपये मांगें हैं और वह रुपये दे रहा है। झांसे में आकर उसने मुकेश को एक लाख रुपये दे दिए थे। मुकेश ने बताया था कि परीक्षा से पहले उसे कॉलेज के बाहर ही पेपर उपलब्ध करा दिया जाएगा।
ऐसे संज्ञान में आया मामला
बताया कि कपिल को उसने एक ब्लूटूथ डिवाइस दी है, जो वह उसे उपलब्ध करा देगा और ब्लूटूथ के जरिये पेपर साल्व करवा देगा। परीक्षा वाले दिन आलोक ज्वालापुर स्थित परीक्षा केंद्र के बाहर खड़ा था, लेकिन उसे पेपर और ब्लूटूथ उपलब्ध नहीं करवाया गया था। इस चक्कर में उसकी परीक्षा भी छूट गई थी। एसएसपी ने बताया कि मंगलौर पुलिस ने शिकायत के आधार पर गिरोह के सरगना मुकेश सैनी, निवासी ग्राम हरचंदपुर हाल निवासी गुरुकुल नारसन, कुलदीप राठी, गुरु वचन, हाकम सिंह जसोल निवासी उत्तरकाशी हाल निवासी ज्ञान आईएएस कोचिंग सेंटर, पंकज, अश्वनी, निवासी नारसन कलां, सुधीर, अशोक ग्राम बूढ़पुर जट्ट के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। तभी से आरोपी फरार चल रहे थे। एसएसपी ने बताया कि शुक्रवार को कोचिंग सेंटर पर छापा मारकर गिरोह के सरगना मुकेश सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई है।
एसएसपी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि गिरोह का सरगना मुकेश सैनी प्रदेश स्तरीय और एसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक या फिर ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल कराता था। वह नकल से पास कराने के बाद नौकरी भी लगवाता था। साथ ही युवाओं को नकल का झांसा देकर एडवांस में रकम लेता था। कई ऐसे युवाओं के बारे में जानकारी मिली है, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है।
फॉरेस्ट गार्ड की कमी से जूझ रहा महकमा
वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड केे करीब 3650 पद हैं। इनमें से 1218 पद खाली हैं। इन पदों पर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से जल्द भर्ती होने की उम्मीद वन विभाग को थी। इसी के चलते वन विभाग ने कई-कई साल से फॉरेस्ट गार्ड के पद पर काम कर रहे कई वन कर्मियों को प्रमोट कर वन दरोगा बना दिया। नई भर्ती होने तक इनमें से कइयों को फॉरेस्ट गार्ड की ड्यूटी अब भी निभानी पड़ रही है। कारण यह भी है कि प्रदेश में अब फायर सीजन शुरू हो गया है। विभाग में फॉरेस्ट गार्ड की कमी है। ऐसे में प्रमोट होने वाले कर्मियों को प्रभारी के रूप में काम करना पड़ रहा है।

केबीसी में लॉटरी के नाम पर ठगने वाले गिरोह का दूसरा सदस्य गिरफ्तार

रायवाला पुलिस ने कौन बनेगा करोड़पति में प्रतिभाग कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को बिहार के जमुई जिले से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इसी गिरोह के एक अन्य सदस्य को 15 जुलाई 2019 को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने रायवाला निवासी बीएसएफ के एक हेड कांस्टेबल से 24 लाख 84 हजार की रकम ठगने के बाद गिरोह सुर्खियों में आया था।

थानाध्यक्ष रायवाला हेमंत खंडूरी ने बताया कि कौन बनेगा करोड़पति कांटेस्ट में हिस्सा दिलवाने के लिए लॉटरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला गिरोह बिहार से संचालित हो रहा था। 12 जून 2019 को बीएसएफ हेड कांस्टेबल बलवीर सिंह रावत पुत्र चंदन सिंह निवासी निकट राधास्वामी सत्संग भवन प्रतीत नगर रायवाला को एक फोन कॉल आया। उसमें गिरोह के सदस्यों ने स्वयं को कौन बनेगा करोड़पति कांटेस्ट से जुड़ा बताया।

गिरोह के सदस्य ने हेड कांस्टेबल को एक करोड़ बीस लाख रुपये की लॉटरी लगने की बात कही। इस लालच में हेड कांस्टेबल बलवीर सिंह ने 24 लाख 84 हजार रुपये गंवा दिए। इसके बाद जब फोन कट गया और पीड़ित ने उक्त नंबर को पुनरू कॉल करनी चाही तो फोन स्विच ऑफ आया। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था।

इस मामले में टीम गठित कर गिरोह के शातिर विकास कुमार केसरी पुत्र अर्जुन केसरी निवासी महादेव सिमरिया थाना सिकंदरा जिला जमुई बिहार को गिरफ्तार किया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि उक्त मामले में 15 जुलाई 2019 को गिरोह के एक अन्य सदस्य राहुल पुत्र अनिल प्रसाद निवासी एकसारा थाना वैन जिला नालन्दा बिहार को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य सदस्य आकाश वर्मा फरार चल रहा है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष हेमंत खंडूरी, उप निरीक्षक विक्रम सिंह नेगी, कांस्टेबल प्रवीण सिंधु, विनोद कुमार शामिल रहे।

हैकर्स फेसबुक अकाउंट को हैक कर दोस्तों से मांग रहे आर्थिक मदद

एक चाय विक्रेता की फेसबुक आईडी हैक कर साइबर ठग ने चंदे के नाम पर वसूली शुरू कर दी। साइबर ठगों पैसा ठगने के लिए चायवाले की कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देकर उसके दोस्तों, रिश्तेदारों और फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों को मार्मिक पोस्ट व मैसेज डाल दिए। हैकर्स ने जयपुर स्थित बैंक शाखा का अकाउंट नंबर भी पोस्ट किया गया है।

जानकारी के मुताबिक गोविंद नगर निवासी शीशपाल भंडारी इसी क्षेत्र में चाय की दुकान है। उनके फेसबुक अकाउंट को दो दिन पूर्व हैक कर लिया गया था। इस ठगी का अंदाजा उन्हें तब लगा जब उनकी बुआ के लड़के ने चंडीगढ़ से फोन किया। उन्होंने बताया कि वह ऋषिकेश में अपनी दुकान पर है।

जबकि हैकर्स ने मैसेंजर में उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती होना बताया था। इसके बाद शीशपाल भंडारी ने होशियारी दिखाते हुए तत्काल नया फेसबुक अकाउंट बनाया। साथ ही पुराने अकाउंट को हैक कर लिए जाने की घटना को भी अपलोड किया। शीशपाल ने बताया कि हैकर्स की जालसाजी के चलते उन्हें करीब 15 लोगों के फोन आए। इन सभी लोगों से हैकर ने बैंक अकाउंट नंबर भेजकर 10-10 हजार रुपये की मदद मांगी थी। समय रहते पोस्ट अपलोड होते ही हैकर्स की नापाक उम्मीदों पर पानी फिर गया। फिलहाल पीड़ित शीशपाल भंडारी ने इस मामले में कोई पुलिस शिकायत नहीं दर्ज कराई है।